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	<title>Digambar monk &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>सीकर में आचार्यश्री वर्धमानसागर जी संघ की हुई भावभीनी अगवानी: आचार्य श्री धर्म सागर जी की समाधि स्थली एवं शिष्या श्री शांति मति की जन्मभूमि पर आचार्य संघ का मंगल पदार्पण  </title>
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		<pubDate>Thu, 23 Jul 2026 08:41:19 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का 58 वां वर्षायोग सीकर में करने के लिए मंगल पर्दापण 23 जुलाई को 36 साधुओं सहित (37पिच्छी ) हुआ। यहां आचार्यश्री वर्धमानसागर जी संघ की भावभीनी अगवानी हुई। सीकर से पढ़िए, डॉ. राजेश पंचोलिया की यह खबर&#8230; सीकर। आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का 58 वां वर्षायोग सीकर में [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का 58 वां वर्षायोग सीकर में करने के लिए मंगल पर्दापण 23 जुलाई को 36 साधुओं सहित (37पिच्छी ) हुआ। यहां आचार्यश्री वर्धमानसागर जी संघ की भावभीनी अगवानी हुई। <span style="color: #ff0000">सीकर से पढ़िए, डॉ. राजेश पंचोलिया की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>सीकर।</strong> आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का 58 वां वर्षायोग सीकर में करने के लिए मंगल पर्दापण 23 जुलाई को 36 साधुओं सहित (37पिच्छी ) हुआ। यहां आचार्यश्री वर्धमानसागर जी संघ की भावभीनी अगवानी हुई। श्री आदिनाथ(3), श्री पदमप्रभ, (1) श्री चंद्रप्रभ(2), श्री शांतिनाथ (2), श्री पार्श्वनाथ(2), श्री महावीर भगवान(1) के जिनालयों से सज्जित आचार्य श्री धर्म सागर जी सहित अन्य की समाधि स्थली, आचार्य श्री वर्धमान सागर से दीक्षित समाधिस्थ आर्यिका श्री शांतिमति जी सहित अन्य की जन्म कर्मभूमि, आचार्य श्री अजित सागर जी सहित अनेकों की दीक्षा स्थली, पूर्वाचार्यों की श्री शिव सागर जी से वर्तमान आचार्य की चरण रज से पवित्र धर्म नगरी सीकर में परंपरा के आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का 58 वां वर्षायोग सीकर में करने के लिए मंगल पर्दापण 23 जुलाई को 36 साधुओं सहित (37पिच्छी ) हुआ।</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-109800" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260723-WA0004-300x141.jpg" alt="" width="300" height="141" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260723-WA0004-300x141.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260723-WA0004-1024x483.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260723-WA0004-768x362.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260723-WA0004-1536x724.jpg 1536w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260723-WA0004-990x467.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260723-WA0004-1320x622.jpg 1320w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260723-WA0004.jpg 1600w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<p><strong>संघ में यह साधुवृंद शामिल </strong></p>
<p>आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के साथ मुनि श्री हितेंद्रसागरजी श्री प्रभवसागरजी ,श्री चिंतनसागरजी श्री दर्शितसागरजी, श्री प्रबुद्ध सागरजी, श्री मुमुक्षुसागरजी, श्री प्रणीतसागरजी, श्री ध्येयसागरजी श्री भुवन सागरजी, श्री गुणोदय सागरजी, आर्यिका श्री शुभमति, श्री चैत्यमति, श्री विलोकमति, श्री दिव्यांशुमति, श्री पूर्णिमामति, श्री मुदितमति, श्री विचक्षणमति, श्री समर्पितमति, श्री निर्मुक्त मति, श्री विनम्रमति, श्री दर्शनामति, श्री देशनामति, श्री महायशमति, श्री देवर्धिमति, श्री प्रणतमति, श्री निर्माेहमति, श्री पद्मयशमति, श्री दिव्ययशमति, श्री प्रेक्षामति, श्री जिनेशमति, ऐलक श्री हर्षसागरजी क्षुल्लक श्री प्राप्तिसागरजी ,क्षु श्री सुभग सागरजी, क्षु श्री सुगुप्त सागर जी क्षु श्री प्रतिज्ञा सागर जी, 37 क्षुल्लिका श्री प्रदीप्त मति जी, आचार्य श्री, 10 मुनिराज, 20 आर्यिका, 1 ऐलक, 4 क्षुल्लक 1 क्षुल्लिका 36 साधु सहित 37 पिच्छी हैं।</p>
<p><strong>राग द्वेष मोह आत्मा पर लगे सबसे बड़े रोग</strong></p>
<p>आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने कहा कि राग, द्वेष, मोह आत्मा पर लगे सबसे बड़े रोग हैं। इस कारण आप दुखी है। समता और साम्य भाव सबसे बड़ा धन है। उन्होंने कहा कि सीकर समाज ने काफी वर्षों तक प्रतीक्षा की। नगर प्रवेश में अनेक चिकित्सालय और विद्यालय देखे। चिकित्सालय में रोगों का इलाज और विद्यालय में लौकिक शिक्षा विद्या का अध्ययन कराया जाता है। सर्व समाज रोगी है। इलाज सभी चाहते हैं। सबसे बड़ा रोग जन्म मरण का है। यह रोग दूर करने के लिए सबसे बड़ा चिकित्सालय आचार्य संघ आपके नगर में आया है। आपकी आत्मा पर कर्म बंध कारणभूत रोग है। आचार्यश्री वर्धमानसागर जी ने कहा कि सबसे बड़े 3 रोग, राग, द्वेष और मोह है। इन्हें दूर करने के लिए ही आचार्य संघ आया है। यह मंगल धाम देशना सीकर नगर में प्रवेश के अवसर पर श्री धर्मसागर सभागृह में आयोजित धर्म सभा में प्रथम दिवस आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने प्रकट की।</p>
<p><strong>समाधि का अर्थ समता रूपी परिणाम होना</strong></p>
<p>डॉ. राजेश पंचोलिया और विवेक पाटोदी के अनुसार आचार्य श्री ने आगे बताया कि रोग दूर होने पर आत्मा सूखी होती है। सभी का शरीर पर्याय बदलता है। जिस प्रकार आप आत्मा के भाव परिणाम कर्म करते हैं उसके अनुसार आयु का बंध होता है। अनेक की अल्पायु होती है। बालक, युवा वृद्धावस्था,जन्म मरण का चक्र चलता रहता है। सीकर हमारे दीक्षागुरु आचार्य श्री धर्म सागर जी की समाधि भूमि है। समाधि का अर्थ समता रूपी परिणाम होना। सीकरवासी साक्षी है कि आचार्य श्री धर्म सागर जी के जीवन में कितनी, किस प्रकार की समता थी। समता ही सबसे बड़ा धन है। साम्य भाव रूपी धन है आचार्य धर्म सागर जी में समता साम्यभाव रहा है।</p>
<p><strong>इन्होंने लिया सौभाग्य</strong></p>
<p>संघ में अनेक साधु है सभी ज्ञानवान है ,सभी के उपदेश से ज्ञान का प्रसाद मिलेगा समाज में उत्साह, साहस और भक्ति होना चाहिए साधुओं के उपदेश मार्गदर्शन से अपने मनुष्य जीवन को सार्थक करने का प्रयास करें। समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि आचार्य संघ के मंचासीन होने पर चित्र अनावरण, दीप प्रवज्जलन, मंगलाचरण पश्चात आचार्य श्री के चरण प्रक्षालन का सौभाग्य राजकुमार चंदा देवी भरतिया परिवार सीकर, जिनवाणी भेंट करने का सौभाग्य ऋषभ, बबीता सेठी तथा महाआरती का सौभाग्य पूरणमल, अजीत, आशीष जयपुरिया परिवार सीकर ने प्राप्त किया।</p>
<p><strong> अनेक समाधि स्थली</strong></p>
<p>सीकर में आचार्य श्री धर्मसागर जी,आचार्य श्री विवेकसागर जी ,आर्यिका श्री विद्यामति सहित अनेक साधुओं की पूर्व वर्षों में समाधि हुई है।</p>
<p><strong>  साधुओं जन्म नगरी </strong></p>
<p>सीकर से पूर्व में अनेक भव्य आत्माओं ने संयम वैराग्य दीक्षा धारण कर अपने जीवन को कृतार्थ किया है। जिसमें प्रमुख है आचार्य श्री से दीक्षित शिष्या नगर की भगवानी देवी जिनेंद्र जयपुरिया ने 2 नवंबर 2022 को महावीर जी में आर्यिका दीक्षा ली। इसके पूर्व उन्होंने 4 अगस्त 2022 को महावीर जी में ही क्षुल्लिका दीक्षा भी आचार्य श्री से ली थी। संलेखना समाधि लेकर महावीर जी में 25 दिनों में मात्र तीन बार जल लेकर 25 नवंबर 2022 का ेउनकी उत्कृष्ट समाधि आचार्य श्री के सानिध्य में हुई। नगर की दाखा देवी की पुत्री वरग देवी ने आचार्य श्री धर्म सागर जी से सन 1976 मुजफ्फरनगर में आर्यिका दीक्षा लेकर आर्यिका श्री चेतन मति बनी। इनके अतिरिक्त अनेको ने दीक्षा ली।</p>
<p><strong>आचार्य श्री अजित सागर जी सहित अनेकों की दीक्षा स्थली</strong></p>
<p>आचार्य श्री शिव सागर जी ने संवत 2018 सन 1961 में चातुर्मास कर श्री अजीत सागर जी को मुनि, श्री सुपार्श्व सागर जी को क्षुल्लक श्री बुद्धिमती, श्री जिनमती, श्री राजुल मति,श्री संभव मति ,श्री आदिमती को आर्यिका तथा श्री श्रेयांश मति को क्षुल्लिका का दीक्षा सीकर में दी।</p>
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		<title>भक्ति की शक्ति से संयम धारण कर मनुष्य जीवन को सार्थक करे: आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का धोद नगर में हुआ मंगल प्रवेश, शिक्षा और दीक्षा गुरु की स्थली का दर्शन करेंगे </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/one_should_give_meaning_to_human_life_by_practicing_self_restraint_through_the_power_of_devotion/</link>
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		<pubDate>Tue, 14 Jul 2026 11:13:19 +0000</pubDate>
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<p><strong>तीर्थंकर श्री आदिनाथ से लेकर महावीर स्वामी कुल में जन्म लेने के कारण आप हम सब सौभाग्यशाली हैं क्योंकि मंदिरों से उनकी पूजा अर्चना का हमें सौभाग्य मिलता है। धोद गांव में 52 वर्ष पहले आए थे। अब नगर हो गया है गांव या नगर छोटा नहीं होता है। यह प्रबोधन मंगलवार को धोद नगर प्रवेश पर हुई धर्मसभा में राजकीय अतिथि वात्सल्य वारिधी 108 आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने दिया। <span style="color: #ff0000">धोद से पढ़िए, श्रीफल साथी डॉ.राजेश पंचोलिया की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>धोद</strong>। तीर्थंकर श्री आदिनाथ से लेकर महावीर स्वामी कुल में जन्म लेने के कारण आप हम सब सौभाग्यशाली हैं क्योंकि मंदिरों से उनकी पूजा अर्चना का हमें सौभाग्य मिलता है। धोद गांव में 52 वर्ष पहले आए थे। अब नगर हो गया है गांव या नगर छोटा नहीं होता है। यह प्रबोधन मंगलवार को धोद नगर प्रवेश पर हुई धर्मसभा में राजकीय अतिथि वात्सल्य वारिधी 108 आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने दिया। उन्होंने कहा कि जब मन बड़ा होता है तो नगर भी बड़ा हो जाता है। जन्मभूमि और जन्म देने वाली माता के प्रति प्रेम रखना चाहिए। भले ही जन्मभूमि से आप दूर हो जाए तो भी इसे भूलना नहीं चाहिए। असम मणिपुर के वाद्य और नृत्य दल ने अद्भुत प्रस्तुति दी। राजस्थान और मणिपुर को एक कर दिया यह भक्ति का प्रतिफल है। श्रावक देव शास्त्र और गुरु का भक्त होता है। श्रावक संघ का सानिध्य दीर्घकाल चाहता है। वैसे ही साधु भी दीक्षा गुरु, शिक्षा गुरु के प्रति भक्ति वंदना की भावना रखते हैं। जयपुर से बिहार के बाद हमने भावना प्रकट की कि हम शिक्षा गुरु और दीक्षा गुरु की समाधि स्थल के दर्शन करेंगे।</p>
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<p><strong>साधु भी दीक्षा गुरु, शिक्षा गुरु के प्रति भक्ति वंदना की भावना रखते हैं </strong></p>
<p>हितेश रारा मारोठ के अनुसार आचार्य श्री ने आगे बताया कि श्रावक देव शास्त्र और गुरु का भक्त होता है। श्रावक संघ का सानिध्य दीर्घकाल चाहता है वैसे ही साधु भी दीक्षा गुरु, शिक्षा गुरु के प्रति भक्ति वंदना की भावना रखते हैं। जयपुर से विहार के बाद हमने भावना प्रकट की कि हम शिक्षा गुरु और दीक्षा गुरु की समाधि स्थल के दर्शन करेंगे।</p>
<p><strong>वाद्य और नृत्य दलों ने मन मोहक प्रस्तुति दी</strong></p>
<p>इसके पूर्व आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज का 10 मुनिराज 20 आर्यिका माताजी एक ऐलक, चार क्षुल्लक एवं एक क्षुल्लिका सहित 37 पिच्छी का धोद नगर में भव्य मंगल प्रवेश हुआ। समाज के पदाधिकारियों के अनुसार शोभायात्रा में आसाम और मणिपुर के वाद्य और नृत्य दलों ने मन मोहक प्रस्तुति दी। शोभायात्रा का समापन श्री चंद्रप्रभ जिनालय में हुआ।</p>
<p><strong>ध्वजारोहण पाटनी परिवार ने किया</strong></p>
<p>कार्यक्रम स्थल पर ध्वजारोहण मुख्य जजमान पाटनी परिवार कोलकाता ने मंडप उद्घाटन, चित्र अनावरण दीप प्रज्वलन तथा आचार्य श्री के चरण प्रक्षालन का सौभाग्य प्राप्त किया एवं जिनवाणी पुण्यार्जक परिवार ने भेंट की। इस अवसर पर अनेक नगरों से काफी संख्या में भक्त उपस्थित हुए। दोपहर को आचार्य श्री वर्धमान सागर जी की पूजन भक्ति नृत्य से हुई। शाम को श्री जी और आचार्य श्री की आरती के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ</p>
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		<title>इंदौरवासियों इनडोर (अंतर्मन)में वास करो तो हो जाएगा जीवन सफल : प्राकृताचार्य श्री सुनील सागर जी ससंघ के इंदौर की ओर बढ़ रहे चरण  </title>
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		<pubDate>Fri, 10 Jul 2026 13:28:43 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[महान् जैनाचार्य श्री आदि सागर जी अकलिंकर परंपरा के चतुर्थ पट्टाचार्य प्राकृताचार्य श्री सुनील सागर जी ससंघ के चरण इंदौर की और बढ़ते जा रहे हैं। शुक्रवार को प्रातः हातोद ग्राम के निकट इंद्रकुमार सेठी जी के फार्म हाउस में आचार्य श्री का ससंघ मंगल आगमन हुआ। इंदौर से पढ़िए, श्रीफल साथी ओम पाटोदी की [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>महान् जैनाचार्य श्री आदि सागर जी अकलिंकर परंपरा के चतुर्थ पट्टाचार्य प्राकृताचार्य श्री सुनील सागर जी ससंघ के चरण इंदौर की और बढ़ते जा रहे हैं। शुक्रवार को प्रातः हातोद ग्राम के निकट इंद्रकुमार सेठी जी के फार्म हाउस में आचार्य श्री का ससंघ मंगल आगमन हुआ। <span style="color: #ff0000">इंदौर से पढ़िए, श्रीफल साथी ओम पाटोदी की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> महान् जैनाचार्य श्री आदि सागर जी अकलिंकर परंपरा के चतुर्थ पट्टाचार्य प्राकृताचार्य श्री सुनील सागर जी ससंघ के चरण इंदौर की और बढ़ते जा रहे हैं। शुक्रवार को प्रातः हातोद ग्राम के निकट इंद्रकुमार सेठी जी के फार्म हाउस में आचार्य श्री का ससंघ मंगल आगमन हुआ। जहां सेठी परिवार सहित प्रखर वक्ता हुकुमचंद सांवला, कैलाश वेद, कांतिलाल बम, अशोक मेहता, सुशील पंड्या, टीके वेद, प्रदीप बड़जात्या, रितेश पाटनी सहित इंदौर के समाजजन ने आचार्य श्री की भव्य आगवानी की।</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-109204" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260710-WA0041-300x226.jpg" alt="" width="300" height="226" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260710-WA0041-300x225.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260710-WA0041-1024x771.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260710-WA0041-768x578.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260710-WA0041-1536x1156.jpg 1536w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260710-WA0041-74x55.jpg 74w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260710-WA0041-111x83.jpg 111w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260710-WA0041-215x161.jpg 215w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260710-WA0041-990x745.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260710-WA0041-1320x993.jpg 1320w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG-20260710-WA0041.jpg 1600w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<p><strong>आचार्यश्री ने दिया दिव्य संदेश </strong></p>
<p>तीर्थ संरक्षिणी महासभा एवं वर्द्धमानपुर शोध संस्थान के ओम पाटोदी ने बताया कि आचार्य श्री ने अपने सारगर्भित उद्बोधन में कहा कि इंदौरवासियों आप इंदौर में तो बहुत रह लिए। अब समय है इंदौर में रहते हुए इनडोर में निवास करने का इनडोर से तात्पर्य आप अपनी आत्मा के द्वारा मन के अंदर झांको। अपनी अंतरात्मा में निवास करो तो आपकी यह मानव गति सार्थक हो जाएगी।</p>
<p><strong>मनुष्य गति से ही ध्यान होता है, ज्ञान होता है,</strong></p>
<p>आचार्य श्री ने आगे कहा कि गति प्रगति के साथ हो तो गति की सार्थकता है। यदि गति के साथ प्रगति न हों तो उस गति की कोई सार्थकता नहीं। गति का मतलब स्प्रीड़ चाल से है। गति का दूसरा मतलब परिभ्रमण से है। चार गति और चौरासी लाख योनियों में जो हमारा सतत परिभ्रमण चल रहा है। इस परिभ्रमण में प्रगति करते हुए हम निगोद से एक इंद्रिय दो इंद्रिय से लेकर मनुष्य पर्याय को प्राप्त कर लिया। यह अनमोल अवसर प्राप्त कर लिया। यह बहुत अच्छी बात है। इसकी सार्थकता अब इस बात में है कि हम इसके महत्व को पहचाने क्योंकि, मनुष्य गति से ही ध्यान होता है, ज्ञान होता है, तप होता है। यहां तक कि केवल ज्ञान होता है और फिर मोक्ष होता है।</p>
<p><strong>सांवला ने पुस्तक की भेंट </strong></p>
<p>आचार्य श्री ने कहा कि हमें न किसी से ईर्ष्या न किसी से होड़, मेरी डोर मेरी ओर की युक्ति के साथ अपने भीतर छिपी भगवान आत्मा को पहचाने और सभी अपने अन्तिम लक्ष्य सिद्धत्व को प्राप्त करे इसी मंगल भावना के साथ अपने प्रवचन श्रृंखला को विराम दिया। इस अवसर पर विश्व हिन्दू परिषद के पूर्व अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष हुकुमचंद सांवला ने अपनी पुस्तक जैन गौरव आचार्य श्री को भेंट की एवं अपनी बात रखी।</p>
<p><strong>इन्होंने श्रीफल किया भेंट </strong></p>
<p>चातुर्मास समिति प्रमुख इंद्रकुमार सेठी ने भी अपनी बात रखी। गोमट्टगिरि ट्रस्ट कमेटी के सौरभ पाटोदी, पुलक चेतना मंच के प्रदीप बड़जात्या, महेंद्र निकोदिया, कल्पतरु जिनालय के अर्पित वाणी, ग्रेटर बाबा जिनालय के नरेंद्र वेद आदि मंदिर प्रमुख ने समाज सहित आचार्य श्री को श्रीफल भेंट किया। तीर्थ संरक्षिणी महासभा टीके वेद, प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र सेठी, तल्लीन बड़जात्या, कैलाश लुहाड़िया, राकेश पाटनी, पवन पाटोदी वर्द्धमानपुर शोध संस्थान के ओम पाटोदी, स्वप्निल जैन आदि समाजजनों ने आचार्य श्री का आशीर्वाद प्राप्त किया।</p>
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		<title>आईआईआरएफ की रैंकिंग में लॉ कॉलेज का शानदार प्रदर्शन : कॉलेज ऑफ लॉ एंड लीगल स्टडीज़ ने यूपी में 5वीं रैंक हासिल की </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 16:41:03 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आईआईआरएफ लॉ रैंकिंग 2026 की प्राइवेट कैटेगरी में देश भर में 35वीं रैंक हासिल हुई। टीएमयू कॉलेज ऑफ लॉ एंड लीगल स्टडीज़ ने यूपी में यह रैंक हासिल की। कुलाधिपति श्री सुरेश जैन ने कहा बुलंदियां छुएगा हमारा लॉ कॉलेज। मुरादाबाद से पढ़िए, श्रीफल साथी प्रो.श्यामसुंदर भाटिया की यह खबर&#8230; मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आईआईआरएफ लॉ रैंकिंग 2026 की प्राइवेट कैटेगरी में देश भर में 35वीं रैंक हासिल हुई। टीएमयू कॉलेज ऑफ लॉ एंड लीगल स्टडीज़ ने यूपी में यह रैंक हासिल की। कुलाधिपति श्री सुरेश जैन ने कहा बुलंदियां छुएगा हमारा लॉ कॉलेज। <span style="color: #ff0000">मुरादाबाद से पढ़िए, श्रीफल साथी प्रो.श्यामसुंदर भाटिया की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मुरादाबाद।</strong> तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के कॉलेज ऑफ लॉ एंड लीगल स्टडीज़ ने आईआईआरएफ- इंडियन इंस्टिटयूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क की ओर से जारी की गई 2026 की नवीनतम रैंकिंग में अपने शैक्षणिक प्रदर्शन और बुनियादी ढांचे में सुधार करते हुए शानदार बढ़त हासिल की है। सर्वश्रेष्ठ प्राइवेट यूनिवर्सिटीज की श्रेणी में लॉ कॉलेज ने देश भर में 35वीं, जबकि उत्तर प्रदेश में 5वीं रैंक हासिल की है।</p>
<p><strong>समग्र विकास के प्रति प्रतिबद्धता</strong></p>
<p>आईआईआरएफ रैंकिंग में टीएमयू के लॉ कॉलेज ने शिक्षण गुणवत्ता, रिसर्च, इंडस्ट्री ओरिएंटेशन, प्लेसमेंट, इंफ्रास्ट्रक्चर और ओवरऑल अकादमिक प्रदर्शन सरीखे विभिन्न मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए यह स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि यूनिवर्सिटी की गुणवत्तापूर्ण कानूनी शिक्षा, अनुभवी फैकल्टी, आधुनिक शिक्षण पद्धति और छात्रों के समग्र विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।</p>
<p><strong> अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के प्रयास </strong></p>
<p>कुलाधिपति सुरेश जैन ने इस सफलता का श्रेय फैकल्टी सदस्यों, छात्रों, एल्युमिनाई और स्टेक होल्डर्स के सामूहिक प्रयासों को देते हुए उम्मीद जताई, टीएमयू भविष्य में भी कानूनी शिक्षा के क्षेत्र में स्टूडेंट्स को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा।</p>
<p><strong>कॉलेज बीसीआई से मान्यता प्राप्त </strong></p>
<p>आईआईआरएफ लॉ रैंकिंग की प्राइवेट कैटेगरी में टीएमयू का लॉ कॉलेज भारत के शीर्ष 50 सर्वश्रेष्ठ प्राइवेट लॉ कॉलेजों की सूची में शामिल है। यूपी के निजी यूनिवर्सिटीज़ और लॉ संस्थानों की सूची में भी यह टॉप कॉलेजों में गिना जाता है। लॉ कॉलेज के डीन प्रो. हरबंश दीक्षित कहते हैं, टीएमयू का कॉलेज ऑफ लॉ एंड लीगल स्टडीज बार काउंसिल ऑफ इंडिया- बीसीआई से मान्यता प्राप्त है।</p>
<p><strong>पीएचडी की सुविधा भी है</strong></p>
<p>कॉलेज में स्टूडेंट्स को व्यावहारिक प्रशिक्षण देने के लिए आधुनिक मूट कोर्ट हॉल है, जहां छात्र असली अदालत की तरह बहस और कानूनी दांव-पेंच सीखते हैं। प्राचार्य प्रो. एसके सिंह बताते हैं, समाज के गरीब और जरूरतमंद लोगों को मुफ्त कानूनी सलाह देने और स्टूडेंट्स को जमीनी स्तर पर वकालत सिखाने के लिए एक सक्रिय लीगल एड सेल भी काम करता है। टीएमयू के लॉ कॉलेज में बीएएलएलबी- ऑनर्स, बीबीएएलएलबी- ऑनर्स, एलएलएम के संग-संग पीएचडी की सुविधा भी है।</p>
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		<title>जैन महिला संगठन का तीर्थयात्रा संघ रवाना : पावन जैन तीर्थों के दर्शन करने का मिलेगा परम सौभाग्य  </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 12:45:31 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[राष्ट्रीय खंडेलवाल (सरावगी) दिगंबर जैन महिला संगठन के तत्वावधान में लगभग 100 महिलाओं का तीर्थयात्रा संघ आज महावीर बाग, इंदौर से दो बसों द्वारा विभिन्न पावन जैन तीर्थों के दर्शन हेतु रवाना हुआ। इंदौर से पढ़िए, श्रीफल साथी संदीप पहाड़िया की यह खबर&#8230; इंदौर। राष्ट्रीय खंडेलवाल (सरावगी) दिगंबर जैन महिला संगठन के तत्वावधान में लगभग [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>राष्ट्रीय खंडेलवाल (सरावगी) दिगंबर जैन महिला संगठन के तत्वावधान में लगभग 100 महिलाओं का तीर्थयात्रा संघ आज महावीर बाग, इंदौर से दो बसों द्वारा विभिन्न पावन जैन तीर्थों के दर्शन हेतु रवाना हुआ। <span style="color: #ff0000">इंदौर से पढ़िए, श्रीफल साथी संदीप पहाड़िया की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> राष्ट्रीय खंडेलवाल (सरावगी) दिगंबर जैन महिला संगठन के तत्वावधान में लगभग 100 महिलाओं का तीर्थयात्रा संघ आज महावीर बाग, इंदौर से दो बसों द्वारा विभिन्न पावन जैन तीर्थों के दर्शन हेतु रवाना हुआ। यह यात्रा श्री णमोकार तीर्थ, सापुतारा,जिनशरणम् धर्मपुर, श्री रायचंद धाम, महुआ पार्श्वनाथ, मणीलक्ष्मी पावागढ़ तथा अंदेश्वर पार्श्वनाथ सहित अनेक प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन करेगी। यात्रा का मार्गदर्शन संस्थापक संदीप पहाड़िया की ओर से किया जा रहा है। यात्रा के शुभारंभ अवसर पर समाज के अनेक गणमान्यजनों ने धर्मध्वजा दिखाकर बसों को मंगलमय यात्रा के लिए रवाना किया।</p>
<p><strong>यह समाजजन उपस्थित रहे </strong></p>
<p>इस अवसर पर सामाजिक संसद के मनोनीत अध्यक्ष विनय बाकलीवाल सहित कैलाश लुहाड़िया, प्रदीप बड़जात्या, मनोज काला, इंद्र सेठी, देवेंद्र सोगानी, पवन जैन, दीपक पाटनी, नितिन बड़जात्या, प्रदीप कासलीवाल, पंकज अजमेरा, हितेश काला, प्रियांशु बज, शिरीष जैन, नरेश काला, नरेंद्र छाबड़ा, छोटू भैया, वैभव कासलीवाल, विराग युवा मंच के अध्यक्ष पंकज जैन पाटनी, आशीष गंगवाल, संजय वेद, मुकेश गोधा, राकेश गोधा, आलोक जैन, पद्म जैन, यश काला, मल रांवका, संजय सोनी, जितेन्द्र काला, राजेश पाटोदी उपस्थित रहे। सभी ने यात्रियों को मंगलमय एवं सफल तीर्थयात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं।</p>
<p><strong>विधायक उषा ठाकुर ने दी शुभकामना </strong></p>
<p>इस अवसर पर महू क्षेत्र की लोकप्रिय विधायक उषा ठाकुर ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई तथा सभी यात्रियों को सफल, सुरक्षित एवं मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं प्रदान कीं। इस अवसर पर महिला संगठन की परामर्श दाता ऊषा पाटनी, मार्गदर्शक कल्पना बाकलीवाल , प्रभारी शीतल पहाड़िया , अंतिम गंगवाल ने सभी यात्रियों को शुभकामनाएं दी।</p>
<p><strong>इन्होंने अतिथियों का किया सत्कार </strong></p>
<p>यात्रा संघपति प्रभा गंगवाल, महिला संगठन अध्यक्ष ज्योति सेठी, मोनिका अजमेरा, श्वेता काला, दीपाली बज, बबीता लुहाड़िया, नमिता कासलीवाल एवं दीपिका गंगवाल ने उपस्थित सभी अतिथियों का स्वागत किया। मंगलकामनाओं और धार्मिक उत्साह के वातावरण में तीर्थयात्रा संघ अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान किया गया।</p>
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		<title>आचार्य श्री वर्धमानसागर जी का लूंणवा में 27 जून को भव्य मंगल प्रवेश : आचार्य कल्प श्री श्रुत सागर जी की प्रतिमा पूर्ण विधि विधान से होगी विराजित  </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 27 Jun 2026 07:41:44 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[गुरु शिक्षक माता, पिता ,परिजन का टोकना गलत लगता हैं किंतु वह जीवन की भलाई के लिए कहते हैं। विवेक द्वारा आप उनके कहने का गुण दोष समझ सकते हैं। विवेक से पुण्य का अर्जन होता है। यह धर्म देशना आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ने विहार के समय धर्मसभा में प्रकट की। लूंणवा [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>गुरु शिक्षक माता, पिता ,परिजन का टोकना गलत लगता हैं किंतु वह जीवन की भलाई के लिए कहते हैं। विवेक द्वारा आप उनके कहने का गुण दोष समझ सकते हैं। विवेक से पुण्य का अर्जन होता है। यह धर्म देशना आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ने विहार के समय धर्मसभा में प्रकट की। <span style="color: #ff0000">लूंणवा से पढ़िए, डॉ.राजेश पंचोलिया की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>लूंणवा।</strong> जीवन में सर्वसंपन्नता विवेक और विनय गुण से प्राप्त होती है। आपको गुरु शिक्षक माता, पिता,परिजन का टोकना गलत लगता हैं किंतु वह जीवन की भलाई के लिए कहते हैं। विवेक द्वारा आप उनके कहने का गुण दोष समझ सकते हैं। विवेक से पुण्य का अर्जन होता है। यह धर्म देशना आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ने विहार के समय धर्मसभा में प्रकट की। आचार्य श्री ने कहा कि विवेक से हम अतीत और भविष्य को समझ सकते हैं। वर्तमान ठीक करेंगे तो भविष्य भी हमारा ठीक होगा। विवेक से ज्ञान मिलता है। विवेक और ज्ञान एक दूसरे के पूरक है और ज्ञान हमें स्वाध्याय से मिलता है। स्वाध्याय स्वयं निज आत्मा का अध्ययन होता है।</p>
<p><strong>आदिनाथ से लेकर महावीर स्वामी का जीवन हमारे समक्ष </strong></p>
<p>स्वाध्याय से हम वर्तमान भविष्य की तैयारी कर सकते हैं। जन्म मरण से गति पर्याय जो मिलती है वह किए गए कार्यों के अनुसार पुण्य या पाप अनुसार प्राप्त होती है। भगवान आदिनाथ से लेकर महावीर स्वामी तक का जीवन हमारे समक्ष है कि वह कैसे महापुरुष भगवान बने हैं। आचार्य श्री ने बताया कि भगवान महावीर सिंह की पर्याय में होने के बावजूद पुण्य से महावीर स्वामी बने हैं।</p>
<p><strong>आचार्य कल्प श्री श्रुत सागर जी का पूजन होगा</strong></p>
<p>प्रथमाचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज की परंपरा में प्रथम पट्टाधीश आचार्य श्री वीरसागर जी महाराज से दीक्षित आचार्य कल्प श्री श्रुतसागर जी महाराज की प्रतिमा उनकी समाधि स्थली अतिशय क्षेत्र लूणवा जिला नागौर में 27 जून को परंपरा के पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी संघ 37 पिच्छी के सानिध्य में मंत्रोचार विधिपूर्वक विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान सहित विराजित की जाएगी। इस अवसर पर आचार्य संघ के आगमन के पश्चात आचार्य कल्प श्री श्रुत सागर जी महाराज का पूजन होगा।</p>
<p><strong>महिलाओं की कलशयात्रा निकाली जाएगी</strong></p>
<p>महिलाओं की कलशयात्रा के बाद ध्वजारोहण, कलश स्थापना चित्र अनावरण ,दीप प्रज्वलन, आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के चरण प्रक्षालन, पूजन, जिनवाणी भेंट, विभिन्न पुण्यार्जक परिवारों द्वारा धार्मिक क्रिया की जाएगी। आचार्य श्री के प्रवचन के बाद आचार्य कल्प श्री श्रुत सागर जी की प्रतिमा पूर्ण विधि विधान मंत्रोच्चार से पुण्यार्जक द्वारा विराजित होगी।</p>
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		<title>श्रमण विहार और सुरक्षा एवं भूमि आवंटन समिति जैन समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ पहली बैठक: श्रमणों के पैदल विहार के दौरान विश्राम एवं चतुर्मास के समय प्रवचन के लिए भूमि आवंटन करने पर हुआ विचार-विमर्श  </title>
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		<pubDate>Thu, 25 Jun 2026 10:03:46 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[राजस्थान सरकार के संकल्प पत्र हम जैन संतों के चातुर्मास के लिए भूमि आवंटित करेंगे तथा पर्याप्त प्रोटेक्शन प्रदान करेंगे’ के क्रम में निदेशक अल्पसंख्यक मामलात विभाग के निर्देश पर जैन श्रमणों के पैदल विहार एवं आहार, निहार एवं विश्राम तथा चातुर्मास के लिए भूमि आवंटन करवाने के लिए जिला स्तर पर कलेक्टर के निर्देश [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>राजस्थान सरकार के संकल्प पत्र हम जैन संतों के चातुर्मास के लिए भूमि आवंटित करेंगे तथा पर्याप्त प्रोटेक्शन प्रदान करेंगे’ के क्रम में निदेशक अल्पसंख्यक मामलात विभाग के निर्देश पर जैन श्रमणों के पैदल विहार एवं आहार, निहार एवं विश्राम तथा चातुर्मास के लिए भूमि आवंटन करवाने के लिए जिला स्तर पर कलेक्टर के निर्देश पर गठित कमेटी की प्रथम बैठक कलेक्टर सभागार में अतिरिक्त कलेक्टर उम्मेदसिंह रतनू की अध्यक्षता में की गई।</strong></p>
<hr />
<p><strong>बीकानेर।</strong> राजस्थान सरकार के संकल्प पत्र हम जैन संतों के चातुर्मास के लिए भूमि आवंटित करेंगे तथा पर्याप्त प्रोटेक्शन प्रदान करेंगे’ के क्रम में निदेशक अल्पसंख्यक मामलात विभाग के निर्देश एवं कलेक्टर के आदेश पर जैन श्रमणों के पैदल विहार एवं आहार, निहार एवं विश्राम तथा चातुर्मास के लिए भूमि आवंटन करवाने के लिए जिला स्तर पर कमेटी की प्रथम बैठक का आयोजन कलेक्टर सभागार में अतिरिक्त कलेक्टर उम्मेदसिंह रतनू की अध्यक्षता में किया गया। जिसमें अल्पसंख्यक वर्ग के जैन समुदाय के प्रबुद्धजन, विषय विशेषज्ञ, युवा, समाज श्रेष्ठी, जैन जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद,फेडरेशन के प्रतिनिधि, जैन समुदाय स्वयं सेवी, जैन स्व संगठन ने बढ़चढ़ कर भाग लेकर अपने सुझाव श्रमण विहार और सुरक्षा एवं भूमि आवंटन समिति के अध्यक्ष, सदस्य और सचिव के समक्ष रखी।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-108583" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/06/IMG-20260625-WA0010-300x265.jpg" alt="" width="300" height="265" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/06/IMG-20260625-WA0010-300x265.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/06/IMG-20260625-WA0010-1024x904.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/06/IMG-20260625-WA0010-768x678.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/06/IMG-20260625-WA0010-990x874.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/06/IMG-20260625-WA0010.jpg 1088w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<p><strong>श्रमणों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया बनाने का सुझाव </strong></p>
<p>जैन समुदाय के प्रतिनिधियों ने गंगाशहर रोड पर स्थित शिव वैली क्षेत्र एवं जिले में अन्य उपयुक्त स्थान का चयन करने के लिए ब्लॉक एवं स्थानीय स्तर पर लगे राजस्व अधिकारियों का सहयोग की करने के लिए श्रमण विहार और सुरक्षा एवं भूमि आवंटन समिति के अध्यक्ष, सदस्य और सचिव के समक्ष गुहार लगाई। जिस पर उन्होंने आश्वासन प्रदान किया। इस अवसर पर प्रतिनिधियों ने श्रमण विहार पथ का निर्माण करने, पैदल विहार मार्ग पर चिन्हांकन करने, चेतावनी संकेतक बोर्ड, पैदल विहार पथ की मरम्मत,श्रमणों सुरक्षा की दृष्टि से विशेष नोडल अधिकारी नियुक्त करने तथा जिला स्तर पर श्रमणों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया बनाने का सुझाव दिया।</p>
<p><strong>पुलिस चौकी को पुनः सक्रिय करने की मांग की</strong></p>
<p>जैन समुदाय भूमि आवंटन करवाने के लिए प्रयासरत हैं। इस विषय को अधिक समय तक उलझाए रखना उचित नहीं है। यदि सरकार द्वारा बीकानेर जिले में समुदाय के प्रतिनिधियों के सुझाव के आधार पर भूमि आवंटन किया जाता है तो उस भूमि पर आवश्यक भवन का निर्माण करवाने के लिए पूर्णतय तैयार हैं। चातुर्मास काल में गोगागेट स्थित पुलिस चौकी को पुनः सक्रिय करने की मांग की। जिस पर उप पुलिस अधीक्षक किशनसिंह राठौड़ ने पुलिस चौकी को शीघ्र सक्रिय करने का आश्वासन दिया।</p>
<p><strong>उपस्थित जनों का जताया आभार </strong></p>
<p>इस अवसर पर जैन समुदाय के प्रतिनिधियों ने इस अभिनव पहल पर मुख्यमंत्री एवं अल्पसंख्यक मामलात विभाग के कैबिनेट मंत्री भजनलाल शर्मा एवं संपूर्ण राजस्थान सरकार जो श्रमणों के पैदल विहार, निहार, विश्राम एवं चातुर्मास में प्रवचन में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करने वाले विभागों का आभार जताया। श्रमण विहार और सुरक्षा एवं भूमि आवंटन समिति के अध्यक्ष, सदस्य एवं जैन समुदाय के प्रतिनिधियों का आभार प्रकट करते हुए बैठक के समापन की घोषणा जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी (श्रमण विहार और सुरक्षा एवं भूमि आवंटन समिति के सचिव ) राजेशकुमार कालवा ने की।</p>
<p><strong>बैठक में यह भी रहे उपस्थित </strong></p>
<p>इस अवसर पर उप पुलिस अधीक्षक किशनसिंह, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी राजेशकुमार कालवा, भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के कार्यकारी अध्यक्ष मोहन सुराणा, जैन महासभा के अध्यक्ष कन्हैयालाल बोथरा, महामंत्री जतनलाल संचेती, उपाध्यक्ष संजय सांड, पूर्व अध्यक्ष विनोद बाफना, सह सचिव मनीष नाहटा, पूर्व सचिव मेघराज बोथरा, गगन कुमार सेठिया, अरुणा गुलगुलिया, जयचंद लाल सुखानी,डॉ. जे.एस.मेहता, संतोष बांठिया, प्रमोद चोरड़िया, अरूण जैन, विक्रम भुगडी उपस्थित रहे।</p>
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		<title>फुलेरा से आचार्यश्री वर्धमानसागर जी का मंगल विहार : आचार्य श्री धर्म सागर भवन, सड़क का किया लोकार्पण </title>
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		<pubDate>Tue, 23 Jun 2026 09:51:43 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य श्री धर्म सागर जी की मुनि दीक्षा का हीरक जयंती और पंचकल्याणक की हीरक जयंती दो दिवसीय कार्यक्रम संपन्न हुआ। आचार्य श्री धर्म सागर भवन, सड़क का लोकार्पण किया गया। फुलेरा से पढ़िए, डॉ.राजेश पंचोलिया की रिपोर्ट&#8230; फुलेरा। आचार्य श्री धर्म सागर जी की मुनि दीक्षा हीरक जयंती और पंचकल्याणक की हीरक जयंती दो [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्य श्री धर्म सागर जी की मुनि दीक्षा का हीरक जयंती और पंचकल्याणक की हीरक जयंती दो दिवसीय कार्यक्रम संपन्न हुआ। आचार्य श्री धर्म सागर भवन, सड़क का लोकार्पण किया गया। <span style="color: #ff0000">फुलेरा से पढ़िए, डॉ.राजेश पंचोलिया की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>फुलेरा।</strong> आचार्य श्री धर्म सागर जी की मुनि दीक्षा हीरक जयंती और पंचकल्याणक की हीरक जयंती दो दिवसीय कार्यक्रम सानंद संपन्न हुआ। आचार्य श्री धर्म सागर भवन, सड़क का लोकार्पण किया गया। दोपहर बाद आचार्यश्री ने फुलेरा से मंगल विहार किया। राजकीय अतिथि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज 36 साधु सहित फुलेरा में विराजित हैं। आचार्य संघ के सानिध्य में 75 वंे वर्ष में दीक्षागुरु आचार्य श्री धर्मसागर जी महाराज का मुनि दीक्षा की हीरक जयंती तथा पंचकल्याणक हीरक जयंती कार्यक्रम में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान हुए। यह कार्यक्रम 22 और 23 जून को हुए।</p>
<p><strong>मंत्रोच्चार मुनि श्री हितेंद्र सागर जी ने किए</strong></p>
<p>नीलेश बड़जात्या, कमोद छाबड़ा के अनुसार 23 जून को आचार्य श्री धर्मसागर विधान की पूजन पुण्यार्जक परिवारों द्वारा आचार्य संघ के सान्निध्य में अष्ट द्रव्य स्थापना जल, चंदन अक्षत, पुष्प, नैवेद्य, दीप, धूप, फल, द्रव्यों सूखे मेवे, श्रीफल से की गई। पूजन के मंत्रोच्चार मुनि श्री हितेंद्र सागर जी ने किए। आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के सानिध्य में आचार्य श्री धर्म सागर भवन और आचार्य श्री धर्म सागर सड़क का लोकार्पण समाज के पदाधिकारियों ने किया। शाम 5 बजे आचार्य संघ का मंगल विहार हुआ। 24 जून को आचार्य संघ की आहार चर्या दिगंबर जैन मंदिर सांभर लेक में होगी।</p>
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		<title>बिहार के प्राकृत शोध संस्थान पर सरकार से सकारात्मक वार्ता : बिहार सरकार से राज्यपाल ने तलब की रिपोर्ट </title>
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		<pubDate>Thu, 18 Jun 2026 14:38:40 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[भारत वर्षीय जैन समाज की ओर से वैशाली स्थित संस्थान को शिक्षा से संस्कृति विभाग में स्थानांतरण पर रोक की मांग की जा रही है। विगत 16 जून को राज्यपाल ने बिहार सरकार से रिपोर्ट तलब की है। इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230; &#160; इंदौर। भारत वर्षीय जैन समाज की ओर से वैशाली स्थित संस्थान [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>भारत वर्षीय जैन समाज की ओर से वैशाली स्थित संस्थान को शिक्षा से संस्कृति विभाग में स्थानांतरण पर रोक की मांग की जा रही है। विगत 16 जून को राज्यपाल ने बिहार सरकार से रिपोर्ट तलब की है। <span style="color: #ff0000">इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> भारत वर्षीय जैन समाज की ओर से वैशाली स्थित संस्थान को शिक्षा से संस्कृति विभाग में स्थानांतरण पर रोक की मांग की जा रही है। विगत 16 जून को राज्यपाल ने बिहार सरकार से रिपोर्ट तलब की है। राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि बिहार सरकार से राज्यपाल ने रिपोर्ट मांगी है। 16 जून को बिहार सरकार के कला-संस्कृति सचिव के साथ बैठक हुई। राष्ट्रीय जिनशासन एकता संघ ने व्यापक ज्ञापन अभियान चलाया था। भगवान महावीर स्वामी की पावन जन्मस्थली वैशाली में स्थित प्राकृत भाषा एवं अहिंसा शोध संस्थान को बिहार सरकार द्वारा शिक्षा विभाग से संस्कृति विभाग में स्थानांतरित करने और शैक्षणिक गतिविधियां बंद करने के निर्णय के विरोध में राष्ट्रीय जिनशासन एकता संघ ने व्यापक अभियान चलाकर विरोध जताया था।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>समाज की एकजुटता से बनी बात </strong></p>
<p>संघ के राकेश जैन गोहिल ने बताया कि यह अभियान मुनि श्री सुधासागर जी महाराज की प्रेरणा और आशीर्वाद और मुनिश्री श्री अभय सागर जी के मार्गदर्शन में चलाया गया। भारत वर्षीय जैन समाज की एकजुटता के परिणाम स्वरूप बिहार के राज्यपाल की ओर से संस्कृति विभाग से इस विषय में रिपोर्ट तलब की गई। 16 जून मंगलवार को कला एवं संस्कृति विभाग के मुख्य सचिव के साथ जैन समाज के प्रतिनिधियों की एक महत्वपूर्ण बैठक की गई। सरकार ने इसमें सकारात्मकता दिखाई है।</p>
<p><strong>सरकार ने जैन समाज की मांगों और भावनाओं को समझा</strong></p>
<p>मानद मंत्री, बिहार राज्य तीर्थ क्षेत्र कमेटी पराग जैन, राष्ट्रीय जिनशासन एकता संघ व अन्य विशिष्ट महानुभावों के प्रयासों से यह बैठक सकारात्मक वातावरण में हुई। बैठक में सरकार ने जैन समाज की मांगों और भावनाओं को गंभीरता से स्वीकार किया तथा विषय पर सकारात्मक दृष्टिकोण दर्शाया। राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ ने कहा कि बैठक की कार्रवाई का विवरण शीघ्र ही समाज के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ, मुनिश्री के मार्गदर्शन में समाज के दायित्ववान और विशिष्ट जनों के साथ सतत संपर्क तथा संवाद बनाए हुए हैं।</p>
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		<title>श्रुत पंचमी पर महरौनी में होगा श्री श्रुत ज्ञानवर्धक विधान : मुनिश्री विकौशल सागर जी के मंगल सानिध्य में जुटेंगे श्रावक-श्राविकाएं </title>
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		<pubDate>Thu, 18 Jun 2026 14:36:44 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[श्रुत पंचमी के पावन एवं पुण्यमयी अवसर पर श्री 1008 अजितनाथ धाम दिगंबर जैन मंदिर में 19 जून को श्री श्रुत ज्ञान वर्धक विधान का भव्य एवं संगीतमय आयोजन किया जाएगा। महरौनी से पढ़िए, यह खबर&#8230; महरौनी (ललितपुर)। श्रुत पंचमी के पावन एवं पुण्यमयी अवसर पर श्री 1008 अजितनाथ धाम दिगंबर जैन मंदिर में 19 [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>श्रुत पंचमी के पावन एवं पुण्यमयी अवसर पर श्री 1008 अजितनाथ धाम दिगंबर जैन मंदिर में 19 जून को श्री श्रुत ज्ञान वर्धक विधान का भव्य एवं संगीतमय आयोजन किया जाएगा। <span style="color: #ff0000">महरौनी से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
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<p><strong>महरौनी (ललितपुर)।</strong> श्रुत पंचमी के पावन एवं पुण्यमयी अवसर पर श्री 1008 अजितनाथ धाम दिगंबर जैन मंदिर में 19 जून को श्री श्रुत ज्ञान वर्धक विधान का भव्य एवं संगीतमय आयोजन किया जाएगा। सकल दिगंबर जैन समाज महरौनी द्वारा आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में समाज के सभी श्रद्धालुओं को सपरिवार सहभागी बनने का आमंत्रण दिया गया है। कार्यक्रम को मुनिश्री विकौशल सागर जी महाराज का मंगल सानिध्य प्राप्त होगा। वहीं संगीतकार सनिल की मधुर प्रस्तुतियों के साथ विधान कराया जाएगा। कार्यक्रम के तहत प्रातः 6.45 बजे मंगलाष्टक, 7 बजे अभिषेक एवं शांतिधारा तथा 7.30 बजे से संगीतमय श्री श्रुत ज्ञान वर्धक विधान प्रारंभ होगा।</p>
<p><strong>मुनिश्री का मंगल आगमन </strong></p>
<p>श्रुत पंचमी के इस विशेष अवसर से पूर्व महरौनी में मुनिश्री विकौशल सागर जी महाराज का मंगल आगमन हुआ। जहां दिगम्बर जैन पंचायत समिति, समाज के वरिष्ठजनों एवं श्रावक-श्राविकाओं ने श्रद्धाभाव के साथ उनकी अगवानी की। श्रद्धालुओं ने विधिवत पाद प्रक्षालन कर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा जिनवाणी के जयघोषों से वातावरण भक्तिमय हो उठा।</p>
<p><strong>धर्मलाभ लेने का आग्रह किया</strong></p>
<p>मुनिश्री ने अपने संक्षिप्त प्रवचन में कहा कि जिनवाणी आत्मा का दर्पण है, जो जीवन को सही दिशा और सच्चा ज्ञान प्रदान करती है। जैन समाज के पदाधिकारियों ने सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ लेने एवं श्रुत ज्ञान की महिमा से अपने जीवन को आलोकित करने का आग्रह किया है।</p>
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