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	<title>closing &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>विद्वान भगवान महावीर के समस्त कुलों को आगे बढ़ा रहे : नौगामा में आर्यिका श्री सिद्धश्री माताजी के सानिध्य में धार्मिक शिक्षण शिविर का समापन   </title>
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		<pubDate>Mon, 15 Jun 2026 05:51:05 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[नौगामा नगर में आर्यिका श्री सिद्धश्री माताजी ससंघ के पावन सानिध्य में आयोजित धार्मिक शिक्षण शिविर का रविवार को प्रातःकाल भव्य समापन हुआ। समापन समारोह के अवसर पर मंगल प्रवचन देते हुए आर्यिका मां सिद्धश्री माताजी ने कहा कि समाज में ऐसे शिक्षण शिविरों का आयोजन निरंतर होते रहना चाहिए। बांसवाड़ा से पढ़िए, यह खबर&#8230; [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>नौगामा नगर में आर्यिका श्री सिद्धश्री माताजी ससंघ के पावन सानिध्य में आयोजित धार्मिक शिक्षण शिविर का रविवार को प्रातःकाल भव्य समापन हुआ। समापन समारोह के अवसर पर मंगल प्रवचन देते हुए आर्यिका मां सिद्धश्री माताजी ने कहा कि समाज में ऐसे शिक्षण शिविरों का आयोजन निरंतर होते रहना चाहिए। <span style="color: #ff0000">बांसवाड़ा से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>नौगामा(बांसवाड़ा)।</strong> नौगामा नगर में आर्यिका श्री सिद्धश्री माताजी ससंघ के पावन सानिध्य में आयोजित धार्मिक शिक्षण शिविर का रविवार को प्रातःकाल भव्य समापन हुआ। समापन समारोह के अवसर पर मंगल प्रवचन देते हुए आर्यिका सिद्धश्री माताजी ने कहा कि समाज में ऐसे शिक्षण शिविरों का आयोजन निरंतर होते रहना चाहिए। उन्होंने विद्वानों की महत्ता बताते हुए कहा कि एक पुत्र केवल अपने एक कुल का नाम आगे बढ़ाता है, परंतु ये विद्वान भगवान महावीर के समस्त कुलों को आगे बढ़ाने का महान कार्य कर रहे हैं। माताजी ने इस दौरान शिक्षण संस्थान को भी अपना मंगल आशीर्वाद प्रदान किया।</p>
<p><strong>प्राप्त ज्ञान को आचरण में ढालना जरूरी: ब्र. दृष्टि दीदी</strong></p>
<p>माताजी के प्रवचनों के उपरांत नौगामा नगर की गौरव बाल ब्रह्मचारिणी दृष्टि दीदी ने विचार व्यक्त किए। उन्होंने सभी शिविरार्थियों से आह्वान करते हुए कहा कि हमने इस शिविर में जो भी ज्ञान प्राप्त किया है, उसे केवल बुद्धि तक सीमित न रखकर अपने चारित्र (आचरण) में धारण करना चाहिए।</p>
<p><strong>स्वाध्याय से निकलेंगे और भी विद्वान</strong></p>
<p>शिविर में सांगानेर संस्थान से पधारे विद्वान कौशल शास्त्री और सिद्धार्थ शास्त्री ने भी समाज को संबोधित किया। उन्होंने नौगामा की सराहना करते हुए कहा कि यह बहुत ही धार्मिक नगर है। यदि यहाँ का समाज इसी तरह निरंतर स्वाध्याय करता रहा, तो आने वाले समय में नौगामा के गौरव सम्यक भैया और दृष्टि दीदी जैसे अनेक श्रेष्ठ विद्वान इस धरती से निकलेंगे।</p>
<p><strong>परीक्षा परिणाम घोषित, शिविरार्थी हुए पुरस्कृत</strong></p>
<p>इससे पूर्व, 13 जून को आयोजित की गई लिखित परीक्षा का परिणाम आर्यिका माताजी के मुखारविंद से घोषित किया गया। परीक्षा में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले भाग्यशाली शिविरार्थियों को मंच से प्रमाण पत्र और विशेष पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही शिविर में भाग लेने वाले सभी संभागियों को भी सहभागिता प्रमाण पत्र और सांत्वना पुरस्कार भेंट किए गए।</p>
<p><strong>विद्वानों का बहुमान और आभार प्रदर्शन</strong></p>
<p>समारोह में सांगानेर संस्थान से आए दोनों विद्वान भैयाजी कौशल जी और सिद्धार्थ जी का जैन समाज द्वारा भावभीना सम्मान किया गया। इसके बाद शिविरार्थियों ने मंच पर आकर शिविर के दौरान हुए अपने सुंदर अनुभवों को साझा किया। कार्यक्रम के अंत में सामूहिक जिनवाणी स्तुति की गई, जिसके साथ पूरा आयोजन सानंद संपन्न हुआ। मंच संचालन भरत पंचौरी एवं रमेश चंद्र गांधी ने किया। आभार प्रदर्शन जैन समाज अध्यक्ष विपुल पंचौरी ने किया। विशेष जानकारी जैन समाज प्रवक्ता सुरेश चंद्र गांधी ने दी।</p>
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		<title>नन्हें-मुन्ने बच्चों के मनोहारी नृत्य से मंगलाचरण ने मन मोहा: शिविर समापन पर बांटे पुरस्कार और दिए गए सम्मान पत्र  </title>
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		<pubDate>Wed, 10 Jun 2026 10:22:15 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[अखिल भारतीय जैन युवा फेडरेशन, विश्वासनगर दिल्ली द्वारा आयोजित बाल संस्कार शिविर का समापन बुधवार को हुआ। इस शिविर में 400 से अधिक शिविरार्थियों की सहभागिता रही। शिविर में संपूर्ण विश्वासनगर जैन संस्कारों और बाल ऊर्जा से भरापूरा रहा। समापन समारोह में अनेक गणमान्य अतिथियों, विद्वानों एवं समाजजनों की गरिमामयी उपस्थिति रही। बांसवाड़ा से पढ़िए, [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>अखिल भारतीय जैन युवा फेडरेशन, विश्वासनगर दिल्ली द्वारा आयोजित बाल संस्कार शिविर का समापन बुधवार को हुआ। इस शिविर में 400 से अधिक शिविरार्थियों की सहभागिता रही। शिविर में संपूर्ण विश्वासनगर जैन संस्कारों और बाल ऊर्जा से भरापूरा रहा। समापन समारोह में अनेक गणमान्य अतिथियों, विद्वानों एवं समाजजनों की गरिमामयी उपस्थिति रही। <span style="color: #ff0000">बांसवाड़ा से पढ़िए, सुरेशचंद्र गांधी की यह रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>बांसवाड़ा।</strong> अखिल भारतीय जैन युवा फेडरेशन, विश्वासनगर दिल्ली द्वारा आयोजित बाल संस्कार शिविर का समापन बुधवार को हुआ। इस शिविर में 400 से अधिक शिविरार्थियों की सहभागिता रही। शिविर में संपूर्ण विश्वासनगर जैन संस्कारों और बाल ऊर्जा से भरापूरा रहा। समापन समारोह में अनेक गणमान्य अतिथियों, विद्वानों एवं समाजजनों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का मंगलाचरण नन्हें-मुन्ने बच्चों के मनोहारी नृत्य से हुआ। जिसने सभी का मन मोह लिया। शिविरार्थियों ने स्वार्थ का संसार नामक प्रेरणादायक नाटक का प्रभावशाली मंचन कर उपस्थित जनसमूह को महत्वपूर्ण संदेश दिया। बाहर से पधारे विद्वान पं. अश्विन शास्त्री नानावटी ने प्रेरक उद्बोधन में वर्तमान समय में संस्कार शिविरों की आवश्यकता एवं महत्ता पर प्रकाश डाला तथा बताया कि ऐसे शिविर बच्चों के सर्वांगीण विकास और संस्कार निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।</p>
<p><strong>बच्चों के अनुशासन की सराहना </strong></p>
<p>कार्यक्रम में आमंत्रित सभी विद्वानों पंडित अमन खनियांधाना, वंशित कोटा, संयम खेड़ागढ़, मयंक, विवेक, तंदुल, निश्चल एवं विदुषियों में आत्मार्थी स्वाति, आत्मार्थी नमन, इशिका, अंशिका ने शिविरार्थियों को पुरस्कार एवं सम्मान प्रदान किए। शिविर में बच्चों द्वारा प्रदर्शित प्रतिभा, अनुशासन एवं संस्कारों की सभी ने मुक्त कंठ से सराहना की।</p>
<p><strong>शिविर प्रेरणादायक पहल हुआ सिद्ध </strong></p>
<p>शिविर का संयोजन पं. श्रेयांश शास्त्री ने किया। समापन समारोह में 600 साधर्मी बंधुओं की उपस्थिति रही, जिन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन कर कार्यक्रम को भव्यता प्रदान की। यह शिविर बालकों में धार्मिक, सांस्कृतिक एवं नैतिक संस्कारों के संवर्धन की दिशा में एक सफल एवं प्रेरणादायक पहल सिद्ध हुआ। ट्रस्ट के प्रधान अरविंद, कोषांध्यक्ष रुचिर, निर्देशक विवेक शास्त्री की उपस्थिति मे महामंत्री नीरज ने सबका आभार व्यक्त किया।</p>
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		<title>जैन मिलन अरिहंत का तीन दिवसीय योग शिविर: मानसिक शांति, एकाग्रता, ध्यान की दृढ़ता के लिए योग </title>
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		<pubDate>Sun, 22 Jun 2025 13:15:29 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जैन मिलन अरिहंत की ओर से तीन दिवसीय योग शिविर का समापन शनिवार को परेड मंदिर पुस्तक बाजार में किया गया। शिविर में योग्य शिक्षकों ने योगासनों के बारे में विस्तार से जानकारी दी और आसन करवाए। भिंड से पढ़िए, सोनल जैन की यह खबर&#8230; भिंड। जैन मिलन अरिहंत की ओर से तीन दिवसीय योग शिविर का [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>जैन मिलन अरिहंत की ओर से तीन दिवसीय योग शिविर का समापन शनिवार को परेड मंदिर पुस्तक बाजार में किया गया। शिविर में योग्य शिक्षकों ने योगासनों के बारे में विस्तार से जानकारी दी और आसन करवाए। <span style="color: #ff0000">भिंड से पढ़िए, सोनल जैन की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>भिंड।</strong> जैन मिलन अरिहंत की ओर से तीन दिवसीय योग शिविर का समापन शनिवार को परेड मंदिर पुस्तक बाजार में किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में वर्धमान प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान के डॉयरेक्टर डॉ. सुरेश जैन प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम संयोजक एव जैन मिलन अरिहंत के अध्यक्ष अजित जैन सोनू ने बताया कि हमारे भारत देश में योग अनादि कल से ऋषि मुनियों की दिनचर्या का अभिन्न अंग रहा है। योग को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने के लिए हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र संघ से तारीख 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित करवाया है। उनके प्रयास से योग को वैश्विक मान्यता मिली। अब पूरी दुनिया 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाती है। जैन धर्म में भी योग का गहन आध्यात्मिक महत्व बताया गया है। जिसमें  मानसिक शांति, एकाग्रता, ध्यान की दृढ़ता और संयमित जीवन के लिए योग को एक सशक्त माध्यम बताया गया है।</p>
<p>योग शरीर के साथ मन और सोच को भी स्वस्थ बनाता है। योग शिविर में हमने योग के महत्व, योग के विभिन्न आसनों और उनसे क्या-क्या लाभ है इसके बारे में हमने जाना। योग प्रशिक्षक पतंजलि विद्यापीठ हरिद्वार से ममता श्रीवास्तव ने योग के विभिन्न आसनों सूर्य नमस्कार, अनुलोम विलोम, कपाल भारती, सूक्ष्म प्राणायाम, सिंह आसन आदि के बारे में जानकारी दी।</p>
<p><strong>जो आसन सहज रूप से कर सकें वही करे</strong></p>
<p>वर्धमान प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान के निदेशक डॉ. सुरेश जैन ने योग के लाभ और हानि के बारे में बताया। साथ ही बताया कि जो आसन हम सहज रूप से कर सकें। वही करना चाहिए। सुबह उठकर हमें फ्रेश होकर खाली पेट ही योग करना चाहिए। योग शिविर में क्षेत्रीय पदाधिकारियों में क्षेत्रीय संगठन मंत्री आभा जैन, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अतिवीर सुनील जैन मेडिकल, क्षेत्रीय संयोजिका राखी जैन, क्षेत्रीय धार्मिक कार्य समिति चेयरमैन स्नेहलता जैन, क्षेत्रीय सद्भावना समिति सहचेयरमैन सरला जैन, तीर्थ बचाओ अभियान समिति सदस्य मीरा जैन, क्षेत्रीय शाखा विस्तार समिति सदस्य स्नेहलता जैन तथा जैन मिलन अरिहंत से सचिव विकास जैन, कोषाध्यक्ष अमन जैन, रोहित जैन, रजत जैन, मनोज जैन,राघव जैन, मंदिर समिति के सचिव महेश पहाड़िया, वार्ड 5 के पार्षद हेमू राहुल जैन, सुरेश जैन उपस्थित रहे।</p>
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		<title>जिसके पास मन नहीं, उससे कुछ भी न कहना: शिक्षण शिविरों का मंगलवार को समापन  </title>
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		<pubDate>Mon, 02 Jun 2025 12:43:06 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर जयपुर के विद्वानों द्वारा नगर के बड़े जैन मंदिर में 25 मई से 3 जून तक ग्रीष्मकालीन संस्कार शिक्षण शिविर जारी हैं। जिसमें लगभग 450 शिविरार्थियों ने भाग लिया। 2 जून को शिविरार्थियों की लिखित परीक्षा हुई। मंगलवार 3 जून को परिणाम घोषित कर प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार दिए जाएंगे। मुरैना [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर जयपुर के विद्वानों द्वारा नगर के बड़े जैन मंदिर में 25 मई से 3 जून तक ग्रीष्मकालीन संस्कार शिक्षण शिविर जारी हैं। जिसमें लगभग 450 शिविरार्थियों ने भाग लिया। 2 जून को शिविरार्थियों की लिखित परीक्षा हुई। मंगलवार 3 जून को परिणाम घोषित कर प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार दिए जाएंगे। <span style="color: #ff0000">मुरैना से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मुरैना।</strong> उपदेश उसे ही दिया जाना चाहिए जो समझने की क्षमता रखता है। जिसमें समझने की क्षमता ही नहीं हैं, उसे उपदेश देने से क्या फायदा। जो भी उपदेश है, वह मन वालों के लिए ही है, जिसके पास मन नहीं है उससे कुछ भी कहना नहीं हैं। उपदेश उसे ही सुनाया जाना चाहिए जो सुनने की योग्यता रखता है। क्या आपने किसी को पत्थर को समझाते देखा है ? आपने पत्थर को पूजते तो देखा होगा, लेकिन पत्थर को समझाते नहीं देखा होगा क्योंकि, पत्थर के पास मन नहीं हैं इसलिए उसे समझाया नहीं जा सकता। यह उद्गार दिगम्बर जैन मुनिराजश्री विलोकसागर महाराज ने बड़े जैन मंदिर में शिक्षण शिविर के दौरान शिवरार्थियों को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।</p>
<p>उन्होंने कहा कि जिसके पास मन है, वह लाभ हानि को समझता है। जब भी समझाते हैं, मनुष्य को ही समझाते हैं क्योंकि उसके पास मन है। मनुष्य अच्छे बुरे को समझने की क्षमता रखता है लेकिन, जिसके पास मन नहीं हैं वह अच्छे बुरे का बोध नहीं समझता, जिसे बोध ही नहीं है, उसे समझाने से क्या फायदा क्योंकि, जिसे बोध होगा उसी के अंदर शोध होगा। जिसके अंदर शोध होगा। उसी के अंदर परिवर्तन होगा क्योंकि, वह समझ ही नहीं पा रहा है कि प्रकृति क्या है ? जब तक प्रकृति को नहीं समझोगे तब तक प्रगति नहीं होगी।</p>
<p><strong>3 जून को होगा संस्कार शिक्षण शिविरों का समापन समारोह</strong></p>
<p>दिगंबर जैन संत निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव सुधासागर महाराज के आशीर्वाद से मुनिश्री विलोक सागर एवं मुनिश्री विबोधसागर महाराज के पावन सान्निध्य में श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर जयपुर के विद्वानों द्वारा नगर के बड़े जैन मंदिर में 25 मई से 3 जून तक ग्रीष्मकालीन संस्कार शिक्षण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें लगभग 450 शिविरार्थियों ने उत्साह पूर्वक भाग लिया। 2 जून को सभी शिविरार्थियों की लिखित परीक्षा हुई। मंगलवार 3 जून को प्रातः 8 बजे सभी का परिणाम घोषित किया जाकर प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार दिए जाएंगे। साथ ही सांगानेर जयपुर से आए हुए विद्वानों का सम्मान भी होगा।</p>
<p><strong>मन से ही अच्छा और मन से ही बुरा होता है</strong></p>
<p>मुनिश्री ने कहा कि तुम्हारा अच्छा और बुरा करने वाला कोई और नहीं हैं, तुम्हारा मन ही है। मन ही तुम्हारा अच्छा और बुरा कार्य है । यदि तुम्हारे पास अच्छा मन होगा तो अच्छे विचारों की उत्पत्ति होगी और सर्वत्र तुम्हारा अच्छा ही अच्छा होगा। बुरे मन वाले के मन में गलत विचारों की उत्पत्ति होगी, वह सर्वत्र बुरा ही बुरा देखेगा । उसे चारों ओर अशांति जी नजर आएगी। बुरे मन वाला यदि भगवान के पास भी बैठा है तब भी उसे भगवान नजर नहीं आयेंगें और अच्छे मन वाला सर्वत्र शांति देखता है। यदि वह शैतान के पास भी बैठा है तो उसे भगवान नजर आएंगे। अपने मन के विचारों की धारा को प्रतिपल पढ़ते रहना चाहिए। बुरे विचारों पर अंकुश लगाना चाहिए। बुरे विचारों में परिवर्तन लाना चाहिए। बुरे विचारों की दशा बदलनी चाहिए। धीरे-धीरे नित्य नियम से मन के विचारों को मोड़ने का अभ्यास करना चाहिए। मन में जब अच्छे विचारों की उत्पत्ति होगी तो आपका जीवन सुखमय हो जाएगा और आप कांटों के बीच भी मुस्करातें हुए सुखी रहना सीख जाएंगे।</p>
<p><strong>सदविचारों से जीवन होगा सुखमय</strong></p>
<p>मुनिश्री ने कहा कि मन को सदविचारों में लगाने से परिवार में शांति रहेगी, साथ ही आपका स्वयं का जीवन भी सुखमय हो जाएगा। शांतिपूर्वक सुखमय जीवन निर्वहन करने के लिए आप सभी को छः बातों का विशेष ध्यान रखना होगा। अहंकार का त्याग करना होगा, ममकार को भूलना होगा, आशक्ति शून्य करनी होगी। इसी प्रकार अधिकार शून्य हो जाइए, कर्तव्य भूल जाइए, अलंकार को त्याग दीजिए। इन छः सूत्रों पर पारिवारिक जीवन निर्भर रहता है। आप उम्र के अंतिम पड़ाव से गुजर रहे हैं। इन छः सूत्रों पर अमल करिए, आपका स्वयं का जीवन सुखमय होगा ही आपके परिवार में भी सुख शांति बनी रहेगी।</p>
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		<title>जैन मिलन महिला का शिक्षण शिविर का समापन: अतिथियों और सहयोगियों का किया सम्मान  </title>
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		<pubDate>Fri, 23 May 2025 10:26:25 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[भिंड की हाऊसिंग कॉलोनी के पचासा में श्री दिगंबर बड़े जैन मंदिर में 17 मई से चल रहे शिक्षण शिविर का 23 मई को समापन हुआ। पंडित ईशान भैया जी, अनिल भैया, मनीष भैया द्वारा भाग 6 भाग 3 और भाग 1 और शाम की टाइम महिलाओं को छह ढाला पढ़ाया गया। इस पाठशाला में [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>भिंड की हाऊसिंग कॉलोनी के पचासा में श्री दिगंबर बड़े जैन मंदिर में 17 मई से चल रहे शिक्षण शिविर का 23 मई को समापन हुआ। पंडित ईशान भैया जी, अनिल भैया, मनीष भैया द्वारा भाग 6 भाग 3 और भाग 1 और शाम की टाइम महिलाओं को छह ढाला पढ़ाया गया। इस पाठशाला में जैन मिलन महिला का विशेष सहयोग रहा। <span style="color: #ff0000">भिंड से पढ़िए, सोनल जैन की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>भिंड</strong>। नगर के हाऊसिंग कॉलोनी के पचासा में श्री दिगंबर बड़े जैन मंदिर में 17 मई से चल रहे शिक्षण शिविर का 23 मई को समापन हुआ। यह शिविर पाठशाला समिति की चेयरमेन वीरांगना सपना जैन एवं पट्टाचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज के शिष्य राकेश पंडित के सानिध्य में लगाया गया था। पंडित ईशान भैया, अनिल भैया, मनीष भैया द्वारा भाग 6, भाग 3 और भाग 1 और शाम को महिलाओं को छह ढाला पढ़ाया गया। इस पाठशाला में जैन मिलन महिला का विशेष सहयोग रहा। उनके द्वारा तीन दिन स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई और समापन में भी वीरांगना सपना जैन और जैन मिलन महिला द्वारा समापन की व्यवस्था की गई। पुरस्कार वितरण किए गए। लक्ष्मी जैन द्वारा पंडित जी को वस्त्र वितरण किए गए। इस कार्यक्रम में पचासा मंदिर की कमेटी एवं जैन मिलन महिला की महिलाओं का भी सराहनीय योगदान रहा।</p>
<p>इस कार्यक्रम में क्षेत्रीय उपाध्यक्ष वीर सुनील जैन, विमर्श समाचार के संपादक सोनल जैन का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सदस्य वीरांगना लक्ष्मी जैन, सुनीता जैन, सुमन जैन, हेमा जैन, राधा जैन, मनीष जैन, ज्योति जैन, मंजू जैन, लक्ष्मी जैन, सचिन जैन, माया जैन, हीरा जैन, शैलेश जैन, छोटेलाल जैन, महेंद्र कुमार जैन, राजेश जैन, अशोक पंडित उपस्थित रहे।</p>
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		<title>बड़े जैन मंदिर में चल रहे एक्यूप्रेशर फिजियो थेरेपी शिविर समापन:  फिजियोथेरेपिस्ट का किया सम्मान </title>
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		<pubDate>Wed, 21 May 2025 11:43:32 +0000</pubDate>
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<p><strong>जैन समाज मुरैना की सेवाभावी संस्था श्री यंग दिगंबर जैन फाउंडेशन के तत्वावधान में मुनिराज विलोक सागर एवं मुनिश्री विबोधसागर महाराज के आशीर्वाद से एक्यूप्रेशर चिकित्सा शिविर का समापन किया गया। 150 से अधिक रोगियों ने शिविर में उपस्थित होकर एक्यूप्रेशर चिकित्सा पद्धति से उपचार प्राप्त किया।<span style="color: #ff0000"> मुरैना से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मुरैना।</strong> जैन समाज मुरैना की सेवाभावी संस्था श्री यंग दिगंबर जैन फाउंडेशन के तत्वावधान में मुनिराज विलोक सागर एवं मुनिश्री विबोधसागर महाराज के आशीर्वाद से एक्यूप्रेशर चिकित्सा शिविर का समापन किया गया। शिविर के समापन में आचार्य श्री ज्ञानसागर महाराज के चित्र का अनावरण एवं दीप प्रज्वलन समाज के गणमान्य महानुभावों द्वारा किया गया। यंग दिगंबर जैन फाउंडेशन के अध्यक्ष प्राचार्य अनिल जैन ने बताया कि इस शिविर में जोधपुर से एक्यूप्रेशर फिजियो थेरेपी चिकित्सा की टीम आई हुई थी।</p>
<p>जिसमें एक्यूप्रेशर थेरेपिस्ट विशालकुमार, श्रवण चौधरी, मनीष चौधरी ने रोगियों की जांच कर उपचार किया था। सात दिन में लगभग 150 से अधिक रोगियों ने शिविर में उपस्थित होकर एक्यूप्रेशर चिकित्सा पद्धति से उपचार प्राप्त किया। शिविर बड़े जैन मंदिर के ज्ञान सेवा सदन जैन धर्मशाला में 15 मई से 21 मई तक लगाया गया था। शिविर समापन के अवसर पर फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. विशालकुमार, श्रवण चौधरी एवं मनीष चौधरी का सम्मान किया गया।</p>
<p>सभी डॉक्टरों को सम्मान पत्र प्रदान किए गए एवं शॉल उड़ाकर फाउंडेशन परिवार द्वारा उनका बहुमान किया गया। इस अवसर पर फाउंडेशन के महामंत्री रमाशंकर जैन लाला, शिविर संयोजक वीरेंद्र जैन बाबा, प्राचार्य अनिल जैन, एडवोकेट दिनेश जैन बरैया, गैंदालाल जैन, दर्शनलाल जैन, कन्हैयालाल जैन, रमेशचंद जैन, राजकुमार बरैया, सुभाषचंद जैन, अनिल जैन नायक, भगवानदास जैन, मनीष जैन, विजय जैन मुख्य रूप से उपस्थित थे।</p>
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		<title>शांति महायज्ञ में दी आहुतियां : आठ दिवसीय सिद्धचक्र महामंडल विधान का समापन </title>
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		<pubDate>Sat, 02 Dec 2023 09:15:12 +0000</pubDate>
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<p><strong>जैन मंदिर में आर्यिका भरतेश्वरी संसंघ के सान्निध्य में आठ दिवसीय सिद्धचक्र महामंडल विधान का समापन हुआ। विधान प्रतिष्ठाचार्य कमलेश जैन के निर्देशन में हुआ। <span style="color: #ff0000;">पढ़िए यह रिपोर्ट&#8230;.</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>जयपुर।</strong> मानसरोवर एसएफएस स्थित जैन मंदिर में आर्यिका भरतेश्वरी संसंघ के सान्निध्य में आठ दिवसीय सिद्धचक्र महामंडल विधान का समापन हुआ। विधान प्रतिष्ठाचार्य कमलेश जैन के निर्देशन में हुआ। मंत्री सौभागमल जैन ने बताया कि 500 इन्द्र-इन्द्राणियों ने पूजा- अर्चना की। भगवान का अभिषेक, शांतिधारा और अष्टद्रव्यों से पूजा-अर्चना की गई। भक्तों ने विश्व शांति महायज्ञ में आहुतियां अर्पित की।</p>
<p>अंत में शोभायात्रा निकाली गई। इस मौके पर जयपुर, बगरु, सांगानेर, फागी, चाकसू सहित आसपास की जगहों से लोग मौजूद रहे। महावीर अजमेरा, नरेंद्र कुमार, अनिल कुमार जैन, महासभा के प्रतिनिधि राजाबाबू गोधा मौजूद रहे।</p>
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