<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Cleanliness &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<atom:link href="https://www.shreephaljainnews.com/tag/cleanliness/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
	<lastBuildDate>Wed, 10 Sep 2025 12:50:55 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/09/cropped-shri-32x32.png</url>
	<title>Cleanliness &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>आत्महत्या का सोचना और करना पाप है इससे अल्पायु कर्म का बंध होता है: आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने धर्म आराधना का महत्व समझाया  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/thinking_and_committing_suicide_is_a_sin_it_leads_to_the_bondage_of_short_life_karma/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/thinking_and_committing_suicide_is_a_sin_it_leads_to_the_bondage_of_short_life_karma/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 10 Sep 2025 12:50:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Shri Vardhman Sagar JI]]></category>
		<category><![CDATA[Auspicious Teachings]]></category>
		<category><![CDATA[Cleanliness]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Kindness and Arjav]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[Spirituality Mahaparva]]></category>
		<category><![CDATA[Uttam Forgiveness]]></category>
		<category><![CDATA[अध्यात्म महापर्व]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तम क्षमा]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[मंगल देशना]]></category>
		<category><![CDATA[मार्दव आर्जव]]></category>
		<category><![CDATA[शौचधर्म]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=90418</guid>

					<description><![CDATA[दशलक्षण पर्व में 10 दिनों तक धर्म की आराधना धर्म की पाठशाला अध्यात्म महापर्व में आपने क्या सीखा है? उत्तम क्षमा, मार्दव आर्जव, शौचधर्म से क्रोध, मान, माया और लोभ चार कषाय छोड़कर त्याग तप करने का संदेश उपदेश दिया गया। यह मंगल देशना राजकीय अतिथि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने धर्मसभा में प्रकट [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>दशलक्षण पर्व में 10 दिनों तक धर्म की आराधना धर्म की पाठशाला अध्यात्म महापर्व में आपने क्या सीखा है? उत्तम क्षमा, मार्दव आर्जव, शौचधर्म से क्रोध, मान, माया और लोभ चार कषाय छोड़कर त्याग तप करने का संदेश उपदेश दिया गया। यह मंगल देशना राजकीय अतिथि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने धर्मसभा में प्रकट की। <span style="color: #ff0000">टोंक से राजेश पंचोलिया की पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>टोंक।</strong> दशलक्षण पर्व में 10 दिनों तक धर्म की आराधना धर्म की पाठशाला अध्यात्म महापर्व में आपने क्या सीखा है? उत्तम क्षमा, मार्दव आर्जव, शौचधर्म से क्रोध, मान, माया और लोभ चार कषाय छोड़कर त्याग तप करने का संदेश उपदेश प्रवचन के माध्यम से आप सभी को दिया गया। आजकल हर परिवार में ऐसे अवसर आते हैं कि जब व्यक्ति अत्यधिक दुखी होता है और क्रोध में कुछ बोलता है या करता है। क्रोध के कारण आत्महत्या का बोलना या करना महापाप है। रौद्र ध्यान के कारण आयु कर्म कारण नीचे गति का बंध होता है। यहां तक की तीर्यच गति और नरक गति में भी जाना पड़ता है। यह मंगल देशना राजकीय अतिथि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने धर्मसभा में प्रकट की। राजेश पंचोलिया ने बताया कि आचार्य श्री ने आगे मुनिराज कीर्ति धर मुनि श्री सुकौशल और व्याघ्रनी की कथा के माध्यम से बताया कि अभी आर्यिका महा यशमति माता जी द्वारा कीर्तिधर मुनि सुकौशल मुनि की कथा सबने सुनी। कीर्तिधर मुनि ने गृहस्थ अवस्था में पुत्र होते ही उसके मस्तक पर तिलक कर दीक्षा ले ली। उसी पुत्र ने विवाह के बाद मुनि को देखकर गर्भवती पत्नी के पेट पर तिलक कर दीक्षा ले ली। इस कारण गृहस्थ अवस्था की माता रौद्र ध्यान से मरकर व्याधनी बनी और ध्यानस्थ मुनि पुत्र के पैर का भक्षण करने लगी। उसी समय तप और ध्यान से मोक्ष हुआ जीवन अनमोल है हर समय सावधान सभी को रहना चाहिए।</p>
<p><strong>वैराग्य दृढ़ता से होता है</strong></p>
<p>धर्मसभा में टोक जिले और बूंदी जिले के उपस्थित श्रावकों को संबोधित करते हुए आचार्य श्री ने आगे बताया कि आचार्य धर्म सागर जी महाराज जी ने गृहस्थ अवस्था में बूंदी जिले के गंभीरा में जन्म लेकर परिजनों के वियोग कारण काफी संघर्ष किया। धर्म धारण करने से संयोग साधन मिलते हैं। मुनिश्री चंद्रसागर गुरु का सानिध्य पाकर उन्होंने व्रत और क्षुल्लक दीक्षा ली और बाद में आचार्य श्री वीर सागर जी महाराज से मुनि दीक्षा धारण की। वैराग्य दृढ़ता से होता है। पर्वाें से कषाय और विषय कम कर धर्म का श्रवण और धारण कर चिंतन संयम वैराग्य से जीवन सार्थक होता है।</p>
<p><strong>प्रातः णमोकार मंत्र का जाप करें</strong></p>
<p>आचार्य श्री के प्रवचन के पूर्व आर्यिका श्री महायश मति माताजी ने अपने धर्म देशना में बताया कि मुनि कीर्तिधर मुनि सुकौशल की कथा के माध्यम से बताया कि वैराग्य कभी भी हो सकता हैं। साधक का समता धन होता हैं मुनि श्री चिन्मय सागर जी की संलेखना समाधि चल रही है। 6 माह से अन्न का त्याग कर एकांतर उपवास साधना चल रही हैं। रात्रि को शयन के पूर्व सभी को 5 पापों का त्याग करना चाहिए। प्रातः उठकर णमोकार मंत्र का जाप करना चाहिए। प्रवचन के पूर्व आचार्य श्री शांति सागर जी एवं पूर्वाचार्यों के चित्र समक्ष दीप प्रवज्लन बूंदी नगर के भक्तों एवं स्थानीय पदाधिकारियों ने कर आचार्य श्री के चरण प्रक्षालन कर जिनवाणी भेंट की टोंक समाज द्वारा अतिथियों का सम्मान किया गया।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/thinking_and_committing_suicide_is_a_sin_it_leads_to_the_bondage_of_short_life_karma/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पर्युषण पर्व के पूर्व मंदिरजी में प्रतिमाओं का किया परिमार्जन : सामूहिक रूप से मंदिरों में किया स्वच्छता अभियान  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/before_the_paryushan_festival_the_idols_in_the_temple_were_renovated/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/before_the_paryushan_festival_the_idols_in_the_temple_were_renovated/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 27 Aug 2025 11:15:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Cleanliness]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Khandelwal Small Temple]]></category>
		<category><![CDATA[Mahaparva Parvadhiraj Paryushan Festival]]></category>
		<category><![CDATA[Mahavir Jinalaya]]></category>
		<category><![CDATA[Sanawad]]></category>
		<category><![CDATA[Shri Parshvanath Big Temple]]></category>
		<category><![CDATA[Shrimandar Jinalaya]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[Suparshvanathnath Temple]]></category>
		<category><![CDATA[खंडेलवाल छोटा मंदिर]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[महापर्व पर्वाधिराज पर्युषण पर्व]]></category>
		<category><![CDATA[महावीर जिनालय]]></category>
		<category><![CDATA[श्री पार्श्वनाथ बड़ा मंदिरजी]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीमंदर जिनालय]]></category>
		<category><![CDATA[सनावद]]></category>
		<category><![CDATA[साफ-सफाई]]></category>
		<category><![CDATA[सुपार्श्वनाथनाथ मंदिर]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=88690</guid>

					<description><![CDATA[दिगंबर जैन समाज के महापर्व पर्वाधिराज पर्युषण पर्व भादव सुदी पंचमी से प्रारंभ होने जा रहे हैं। जो 10 दिन तक चलेंगे। समाजजनों ने श्री पार्श्वनाथ बड़ा मंदिर जी पहुंचकर धातु की प्रतिमाओं और यंत्रों का बड़ा प्रक्षाल कर मार्जन किया। जिनवाणी की वैयावृत्ति की एवं मंदिरों की साफ-सफाई की। सनावद से पढ़िए, सन्मति जैन [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>दिगंबर जैन समाज के महापर्व पर्वाधिराज पर्युषण पर्व भादव सुदी पंचमी से प्रारंभ होने जा रहे हैं। जो 10 दिन तक चलेंगे। समाजजनों ने श्री पार्श्वनाथ बड़ा मंदिर जी पहुंचकर धातु की प्रतिमाओं और यंत्रों का बड़ा प्रक्षाल कर मार्जन किया। जिनवाणी की वैयावृत्ति की एवं मंदिरों की साफ-सफाई की। <span style="color: #ff0000">सनावद से पढ़िए, सन्मति जैन काका की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>सनावद।</strong> दिगंबर जैन समाज के महापर्व पर्वाधिराज पर्युषण पर्व भादव सुदी पंचमी से प्रारंभ होने जा रहे हैं। जो 10 दिन तक चलेंगे। सन्मति काका ने बताया कि इस अवसर समाज के मनीष चौधरी, आशीष जैन, हर्षित जैन, हेमू जैन, अचिंत्य जैन, संयम जटाले, कमल केके, अक्षय सराफ, सुनील पंचोलिया, प्रवीण जैन, सरल जटाले, मनोज जैन, अभिषेक गोटू, गौतम जैन, हेमा मुंशी, पुष्पा जैन, संध्या पंचोलिया ने श्री पार्श्वनाथ बड़ा मंदिर जी पहुंचकर धातु की प्रतिमाओं और यंत्रों का बड़ा प्रक्षाल कर मार्जन किया। जिनवाणी की वैयावृत्ति की एवं मंदिरों की साफ-सफाई की। इसी के साथ सुपार्श्वनाथनाथ मंदिर, खंडेलवाल छोटा मंदिर, श्रीमंदर जिनालय, महावीर जिनालय में भी सामूहिक प्रक्षालन किया।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/before_the_paryushan_festival_the_idols_in_the_temple_were_renovated/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>स्व को जानने और जगाने का पर्वाधिराज है पर्युषण : तप, संयम और धर्म रक्षा के संकल्प को पूरा करते हैं श्रावक-श्राविकाएं  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/paryushan_is_the_festival_of_knowing_and_awakening_the_self/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/paryushan_is_the_festival_of_knowing_and_awakening_the_self/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 19 Aug 2025 07:34:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Akinchan]]></category>
		<category><![CDATA[Arjav]]></category>
		<category><![CDATA[Celibacy]]></category>
		<category><![CDATA[Cleanliness]]></category>
		<category><![CDATA[Dev Darshan]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[Ekasan]]></category>
		<category><![CDATA[Excellent Forgiveness]]></category>
		<category><![CDATA[Fast]]></category>
		<category><![CDATA[Indian Culture]]></category>
		<category><![CDATA[indore]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[jain samachar]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Kindness]]></category>
		<category><![CDATA[Parvadhiraj]]></category>
		<category><![CDATA[Paryushan]]></category>
		<category><![CDATA[penance]]></category>
		<category><![CDATA[restraint]]></category>
		<category><![CDATA[Sacrifice]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[Truth]]></category>
		<category><![CDATA[Upvaasan]]></category>
		<category><![CDATA[Worship]]></category>
		<category><![CDATA[आकिंचन]]></category>
		<category><![CDATA[आर्जव]]></category>
		<category><![CDATA[इंदौर]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तम क्षमा]]></category>
		<category><![CDATA[उपवास]]></category>
		<category><![CDATA[एकासन्न]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[तप]]></category>
		<category><![CDATA[त्याग]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[देवदर्शन]]></category>
		<category><![CDATA[पर्युषण]]></category>
		<category><![CDATA[पर्वाधिराज]]></category>
		<category><![CDATA[पूजन]]></category>
		<category><![CDATA[ब्रह्मचर्य]]></category>
		<category><![CDATA[भारतीय संस्कृति]]></category>
		<category><![CDATA[मार्दव]]></category>
		<category><![CDATA[व्रत]]></category>
		<category><![CDATA[शौच]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[सत्य]]></category>
		<category><![CDATA[संयम]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=87954</guid>

					<description><![CDATA[जैन समाज के पर्वाधिराज पर्युषण को लेकर समाजजनों में धार्मिक उल्लास तो है ही, साथ ही इस उत्साह के साथ इसका इंतजार किया जा रहा है कि अब यह वह समय है जब हम स्व को जान सकें। अंतरआत्मा को जगाकर संयम मार्ग की ओर कदम बढ़ाएं। यह विदित है कि पयुर्षण पर्व श्वेतांबर जैन [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p>जैन समाज के पर्वाधिराज पर्युषण को लेकर समाजजनों में धार्मिक <strong>उल्लास तो है ही, साथ ही इस उत्साह के साथ इसका इंतजार किया जा रहा है कि अब यह वह समय है जब हम स्व को जान सकें। अंतरआत्मा को जगाकर संयम मार्ग की ओर कदम बढ़ाएं। यह विदित है कि पयुर्षण पर्व श्वेतांबर जैन समाज 20 अगस्त से मनाना आरंभ करेंगे तो दिगंबर जैन समाज के पर्युषण 28 अगस्त से शुरू होंगे। श्रीफल जैन न्यूज के साथ हम यह जानने की कोशिश करते हैं कि पर्युषण आखिर है क्या? क्यों मनाया जाता है? और इसका महत्व क्या है? <span style="color: #ff0000">उपसंपादक प्रीतम लखवाल की यह संकलित प्रस्तुति आज पढ़िए&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> भारतीय संस्कृति में पर्वों का बहुत महत्व है। पर्व का नाम सुनते ही परिग्रह, राग, द्वेष, खानपान की ही कल्पना करते हैं अथवा खुश होते हैं, लेकिन दशलक्षण धर्म पर्युषण पर्व आने और बल्कि आने से भी पहले श्रावकों के मन में अति उत्साह रहता है। सबसे बड़ी बात यह उत्साह खाना-पीना छोड़ने के प्रति रहता है और इस दौरान एक कंपीटिशन सा रहता है कि किसका त्याग अधिक है। इन दिनों छोटे से छोटे बच्चे तक व्रत,उपवास, संयम तथा स्वाध्याय करते हैं। सभी प्रातः देवदर्शन, पूजन, व्रत, उपवास, एकासन्न आदि करते हैं। दिल्ली की नीति जैन कहती हैं कि कितने श्रावक दस दिनों तक निर्जल उपवास भी करते हैं तथा अपने कर्मों की निर्जरा करते हैं। दशलक्षण पर्युषण महापर्व पर धर्मात्मा बंधु आत्मा के दस धर्मों की विशेष आराधना करते हैं। उत्तम, क्षमा, मार्दव, आर्जव, सत्य, शौच, संयम, तप, त्याग, आकिंचन और ब्रह्मचर्य आत्मा के स्वाभाविक धर्म है, लेकिन अशुम कर्मों के उदय से इन धर्मों की आराधना भले ही जैन श्रावक ही करते हैं, जो आत्मा के अस्तित्व को स्वीकारते हैं। दस दिनों तक इन दस धर्मों की भावपूर्वक आराधना करने वाला शीध्र ही आत्मा की अनुमति को प्राप्त करता है और मोक्ष की ओर अग्रसर हो सकते हैं। ये दस धर्म आत्मा को शुद्ध बनाते हैं।</p>
<p><strong>इसलिए महत्व है 10 लक्षण पर्व यानि पर्युषण का </strong></p>
<p>जैन धर्म मंे 10 लक्षण पर्वका बहुत महत्व है। इस पर्व मैं जिनालयों में धर्म की प्रभावना की जाती है। यह पर्व आध्यात्मिक पर्व है। इस पर्व में उत्तम क्षमा, मार्दव, आर्जव, शौच, सत्य, संयम, तप, त्याग, आकिंचन, ब्रह्मचर्य आदि जीवन मूल्य की आराधना होती है। यह पर्व तीर्थंकरों की पूजा का नहीं या अन्य आराध्य की पूजा का नहीं, बल्कि गुणों की आराधना उपासना का पर्व है। इस पर्व में व्यक्ति शक्ति और सामर्थ्य अनुसार व्रत औैर उपवास करते हैं। यह पर्व जीवन में सुख एवं शांति के लिए मनाया जाता है। इस समय अधिक से अधिक समय धर्म में लगाया जाता है।</p>
<p><strong>यह है जैन धर्म में 10 लक्षण धर्म </strong></p>
<p>उत्तम क्षमा, क्रोध छोड़कर सबको क्षमा कर सकूं तथा सबसे क्षमा मांग सकूं, उत्तम मार्दव, मान नहीं करना घमंड छोड़ना, उत्तम आर्जव, कपट नहीं करना सरलता लाना, उत्तम शौच, लोभ का त्याग करना, उत्तम सत्य, सत्य वचन ही बोलना, उत्तम संयम, इंद्रिय व मन को बश मे करना, उत्तम तप, इच्छाओं को रोकना तथा तप धारण करना, उत्तम त्याग, चार प्रकार का दान आदि देना, उत्तम आकिंचन, ममत्त्व का त्याग करना उत्तम ब्रह्मचर्य, विषय सेवन को छोड़ कर अपनी आत्मा मंे लीन होना। इन दिनों में तत्वार्थ सूत्र के अध्याय का व्याख्यान किया जाता है। तिथि दसवीं के दिन सुगंध दशमी या धूप दशमी के रूप में मनाया जाता है तथा अंतिम दिन अनंत चतुर्दशी के रूप मे मनाया जाता है।</p>
<p><strong>‘पर्वों का राजा’ आत्म-चिंतन, पश्चाताप और क्षमा का पर्व</strong></p>
<p>पर्युषण पर्व जैन धर्म का एक प्रमुख पर्व है, जिसे ‘पर्वों का राजा’ भी कहा जाता है। यह पर्व आत्म-चिंतन, पश्चाताप और क्षमा का समय होता है। यह भाद्रपद मास में मनाया जाता है और जैन धर्मावलंबी इसे बड़े उत्साह और भक्ति के साथ मनाते हैं। श्वेतांबर जैन इसे 8 दिनों तक मनाते हैं, जिसे अष्टान्हिका कहा जाता है और दिगंबर जैन 10 दिनों तक मनाते हैं, जिसे दसलक्षण पर्व कहते हैं। पर्युषण पर्व जैनियों को अपने कर्मों का आत्मनिरीक्षण करने और पिछले किए गए गलतियों के लिए पश्चाताप करने का अवसर प्रदान करता है। इस पर्व में, लोग एक दूसरे से क्षमा मांगते हैं और दूसरों को क्षमा करते हैं। यह ‘क्षमापना’ के रूप में मनाया जाता है, जहां लोग एक दूसरे को ‘खामेमि सव्वे जीवा, सव्वे जीवा खमंतु मे’ (मैं सभी जीवों को क्षमा करता हूं, सभी जीव मुझे क्षमा करें) कहकर क्षमा करते हैं। पर्युषण पर्व अहिंसा (अहिंसा परमो धर्मः) और प्रेम के सिद्धांतों पर जोर देता है। जैन धर्म में अहिंसा का अर्थ है किसी भी जीव को किसी भी प्रकार की हानि न पहुंचाना। यह पर्व जैनियों को अपनी आध्यात्मिक और मानसिक उन्नति पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित करता है। वे उपवास, ध्यान, और धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन करते हैं। पर्युषण पर्व को मोक्ष प्राप्ति (मुक्ति) के मार्ग में एक महत्वपूर्ण कदम है।</p>
<p><strong>पर्युषण पर्व कैसे मनाया जाता है?</strong></p>
<p>जैन धर्मावलंबी पर्युषण पर्व के दौरान उपवास करते हैं और अपनी भौतिक आवश्यकताओं को कम करते हैं। वे धार्मिक ग्रंथों का पाठ करते हैं, मंदिरों में जाते हैं, और धार्मिक प्रवचन सुनते हैं। वे एक दूसरे से क्षमा मांगते हैं और दूसरों को क्षमा करते हैं। वे गरीबों और जरूरतमंदों को दान देते हैं। वे अहिंसक जीवनशैली जीने का संकल्प लेते हैं और दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करते हैं। इन दिनों में तत्वार्थ सूत्र के अध्याय का व्याख्यान किया जाता है। तिथि दसवीं के दिन सुगंध दशमी य धूप दशमी के रूप में मनाया जाता है तथा अंतिम दिन अनंत चतुर्दशी के रूप में मनाया जाता है।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/paryushan_is_the_festival_of_knowing_and_awakening_the_self/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>भारतीय जैन संघठना ने पर्यावरण दिवस पर किए कार्यक्रम: पौधरोपण के साथ पर्यावरण संरक्षण पर चर्चा </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/indian_jain_association_organized_programs_on_environment_day/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/indian_jain_association_organized_programs_on_environment_day/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 05 Jun 2025 14:12:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Cleanliness]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[Environment Day]]></category>
		<category><![CDATA[Indian Jain Organization]]></category>
		<category><![CDATA[Jabalpur]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[jain samachar]]></category>
		<category><![CDATA[jain samaj]]></category>
		<category><![CDATA[Plantation]]></category>
		<category><![CDATA[Recycling]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[जबलपुर]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[पर्यावरण दिवस]]></category>
		<category><![CDATA[पुनः चक्रीकरण]]></category>
		<category><![CDATA[पौधरोपण]]></category>
		<category><![CDATA[भारतीय जैन संघठना]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[साफ-सफाई]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=82348</guid>

					<description><![CDATA[पर्यावरण दिवस के अवसर पर भारतीय जैन संगठना बीजेएस द्वारा गहन पौधरोपण कार्य, तालाबों की साफ-सफाई एवं संगोष्ठी का आयोजन विभिन्न स्थानों पर किया गया। डीएन जैन बोर्डिंग चैप्टर जबलपुर रीजन द्वारा जबलपुर-पाटन रोड पर सिमरिया गांव में स्थित तालाब में साफ-सफाई का कार्य किया गया। जबलपुर से पढ़िए, राजेश रागी रत्नेश जैन की यह [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>पर्यावरण दिवस के अवसर पर भारतीय जैन संगठना बीजेएस द्वारा गहन पौधरोपण कार्य, तालाबों की साफ-सफाई एवं संगोष्ठी का आयोजन विभिन्न स्थानों पर किया गया। डीएन जैन बोर्डिंग चैप्टर जबलपुर रीजन द्वारा जबलपुर-पाटन रोड पर सिमरिया गांव में स्थित तालाब में साफ-सफाई का कार्य किया गया। <span style="color: #ff0000">जबलपुर से पढ़िए, राजेश रागी रत्नेश जैन की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>जबलपुर।</strong> पर्यावरण दिवस के अवसर पर भारतीय जैन संगठना बीजेएस द्वारा गहन पौधरोपण कार्य, तालाबों की साफ-सफाई एवं संगोष्ठी का आयोजन विभिन्न स्थानों पर किया गया। बीजेएस मध्यप्रदेश ईस्ट के अध्यक्ष डॉ. रजनीत जैन, महामंत्री डॉ.विमल जैन, प्रदेश मंत्री डॉ. यतीश जैन ने बताया कि डीएन जैन बोर्डिंग चैप्टर जबलपुर रीजन द्वारा जबलपुर-पाटन रोड पर सिमरिया गांव में स्थित तालाब में साफ-सफाई का कार्य किया गया। तालाब के संरक्षण के संबंध में विस्तार से ग्रामीणजनों को जानकारी दी गई। औषधीय पौधों के संबंध में लोगों को प्रेरित किया। इसी प्रकार पाटन तहसील के अंतर्गत खमोद गांव में पौधरोपण का कार्य एवं संगोष्ठी का आयोजन किया गया। साथ ही बरौदा हडा गांव में भी पौधरोपण का कार्य किया गया। डॉ.जैन ने बताया कि वर्ष 2025 प्लास्टिक का अंत संबंधी विषय संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा विश्व भर के लिए दिया गया है। प्लास्टिक के दुष्प्रभाव के बारे में विस्तार से बताया गया एवं पुनः चक्रीकरण के साथ-साथ प्लास्टिक का कैसे पुनः उपयोग में किया जा सकता है। इसके बारे में जानकारी दी गई।</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-82350" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250605-WA0035.jpg" alt="" width="1600" height="1200" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250605-WA0035.jpg 1600w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250605-WA0035-300x225.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250605-WA0035-1024x768.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250605-WA0035-768x576.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250605-WA0035-1536x1152.jpg 1536w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250605-WA0035-74x55.jpg 74w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250605-WA0035-111x83.jpg 111w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250605-WA0035-215x161.jpg 215w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250605-WA0035-990x743.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/IMG-20250605-WA0035-1320x990.jpg 1320w" sizes="(max-width: 1600px) 100vw, 1600px" />कार्यक्रम के दौरान ईको ब्रिक्स प्लास्टिक की खाली बोतलों से कैसे बना सकते हैं। कपड़ों की थैली के उपयोग को व्यवहार में लाने के बारे में चिंतन किया गया। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा ही आने वाले समय में एकमात्र ऊर्जा का स्रोत रहेगा। डॉ. यतीश जैन ने बताया कि प्लास्टिक के कारण बहुत तेजी से भूमि बंजर हो रही है। उसे रोकने के लिए हमें इसका न्यूनतम उपयोग करना चाहिए। इस अवसर पर संस्था के डॉ. यतीश जैन, आनंद,अनिल,निशित, ज्योति जैन, नीलांजना जैन, रचना जैन आदि मौजूद रहे।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/indian_jain_association_organized_programs_on_environment_day/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>इंदौर का इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से हो रहा है विकसितः इंदौर गौरव नवीन गोधा ने बताए समिट के फायदे </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/indores_infrastructure_is_developing_rapidly/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/indores_infrastructure_is_developing_rapidly/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 25 Feb 2025 15:47:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Chief Minister Dr. Mohan Yadav]]></category>
		<category><![CDATA[Cleanliness]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[education]]></category>
		<category><![CDATA[Founder Naveen Godha]]></category>
		<category><![CDATA[Global Investors Summit-2025]]></category>
		<category><![CDATA[health]]></category>
		<category><![CDATA[Indore श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[Industry]]></category>
		<category><![CDATA[Infrastructure]]></category>
		<category><![CDATA[IT]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[jain samachar]]></category>
		<category><![CDATA[jain samaj]]></category>
		<category><![CDATA[Metro Train]]></category>
		<category><![CDATA[Prime Minister Narendra Modi]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[Subhraj Group Indore]]></category>
		<category><![CDATA[आइटी]]></category>
		<category><![CDATA[इंदौर]]></category>
		<category><![CDATA[इंफ्रास्ट्रक्चर]]></category>
		<category><![CDATA[उद्योग]]></category>
		<category><![CDATA[ग्लोबल इन्वेेस्टर्स समिट-2025]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी]]></category>
		<category><![CDATA[मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव]]></category>
		<category><![CDATA[मेट्रो ट्रेन]]></category>
		<category><![CDATA[शिक्षा]]></category>
		<category><![CDATA[संस्थापक नवीन गोधा]]></category>
		<category><![CDATA[सुभराज ग्रुप इंदौर]]></category>
		<category><![CDATA[स्वच्छता]]></category>
		<category><![CDATA[स्वास्थ्य]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=75367</guid>

					<description><![CDATA[इंदौर नगर के गौरव सुभराज ग्रुप इंदौर के संस्थापक नवीन गोधा ने ग्लोबल इन्वेेस्टर्स समिट-2025 के बारे में कहा कि इससे न केवल इंदौर के बल्कि समूचे मप्र के विकास में मदद मिलेगी। इंदौर को इसका विशेष लाभ होगा क्योंकि, यहां का इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से डेवलप हो रहा है। मेट्रो ट्रेन शुरू हो जाने के [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>इंदौर नगर के गौरव सुभराज ग्रुप इंदौर के संस्थापक नवीन गोधा ने ग्लोबल इन्वेेस्टर्स समिट-2025 के बारे में कहा कि इससे न केवल इंदौर के बल्कि समूचे मप्र के विकास में मदद मिलेगी। इंदौर को इसका विशेष लाभ होगा क्योंकि, यहां का इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से डेवलप हो रहा है। मेट्रो ट्रेन शुरू हो जाने के बाद से शहर में यातायात और भी सुगम होगा। नवीन गोधा ने यह बात एक साक्षात्कार में कही हैं। समाजजनों ने उनकी बातों की सराहना करते हुए अनुमोदना की है। <span style="color: #ff0000">पढ़िए इंदौर से यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong> इंदौर।</strong> भोपाल में आयोजित हुए ग्लोबल इन्वेेस्टर्स समिट-2025 में निवेशकों ने जमकर रुचि दिखाई है। इस समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उपस्थित रहकर निवेशकों से मप्र प्रदेश में निवेश के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी प्रदेश की खुशहाली के लिए ग्लोबल इन्वेेस्टर्स समिट-2025 को बहुत अहम कड़ी बताया। इसमें कई देशों के निवेशकों ने मप्र में निवेश के लिए रुचि दिखाई है। मप्र की भौगोलिक और पारिस्थितिकी इस प्रकार की है कि यहां उद्योग लगाने वाले निवेशकों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आएगी। प्रदेश में इस समिट का क्या प्रभाव पड़ेगा इस बारे में दिगंबर जैन समाज के उद्योगपति सुभराज ग्रुप के संस्थापक नवीन गोधा ने एक साक्षात्कार में अपने विचार रखे हैं। इसमें नगर के गौरव सुभराज ग्रुप इंदौर के संस्थापक नवीन गोधा ने ग्लोबल इन्वेेस्टर्स समिट-2025 के बारे में कहा कि इससे न केवल इंदौर के बल्कि समूचे मप्र के विकास में मदद मिलेगी। इंदौर को इसका विशेष लाभ होगा क्योंकि, यहां का इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से डेवलप हो रहा है।</p>
<p>हर <strong>सेगमेंट</strong> में प्रदेश में सबसे आगे है इंदौर</p>
<p>मेट्रो ट्रेन शुरू हो जाने के बाद से शहर में यातायात और भी सुगम होगा। वर्तमान में इंदौर न केवल स्वच्छता में बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, आइटी और उद्योग जगत जैसे हर सेगमेंट में प्रदेश में सबसे आगे है। ऐसे में बाहरी निवेशको के लिए इंदौर में निवेश करना लाभ अर्जित करने का बेहतर अवसर है। यहां हर वो सुविधा है, जो किसी भी उद्योग को लगाने के लिए जरूरी होती है। प्रदेश सरकार भी उद्योगपतियों की हर संभव मदद के लिए सदैव तैयार रहती है। बाहरी कंपनियों के यहां आ जाने से यहां रोजगार में वृद्धि होगी। इससे युवाओं को फायदा होगा। हर तरह की इंडस्ट्रीज और प्रदेश की तरक्की के साथ आर्थिक सुद्ढ़ता के लिए ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट-2025 बेहद फायदे वाली साबित होगी। इसका लाभ हर वर्ग को मिलेगा।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/indores_infrastructure_is_developing_rapidly/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
