<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Caution &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<atom:link href="https://www.shreephaljainnews.com/tag/caution/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
	<lastBuildDate>Sun, 26 May 2024 12:40:00 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/09/cropped-shri-32x32.png</url>
	<title>Caution &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>हीटस्ट्रोक से बचने के लिए सतर्क रहें :  अगर शरीर में दिखें तो फिर आपको सावधान रहने की जरूरत है </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/stay_alert_to_avoid_heatstroke/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/stay_alert_to_avoid_heatstroke/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 26 May 2024 12:40:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Caution]]></category>
		<category><![CDATA[Chaturmas]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[discourse]]></category>
		<category><![CDATA[Heat]]></category>
		<category><![CDATA[Heat Wave]]></category>
		<category><![CDATA[Heatstroke]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[religious meeting]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Varanasi]]></category>
		<category><![CDATA[Weather श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[गर्मी]]></category>
		<category><![CDATA[चातुर्मास]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सोसायटी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[धर्मसभा]]></category>
		<category><![CDATA[प्रवचन]]></category>
		<category><![CDATA[मौसम]]></category>
		<category><![CDATA[लू]]></category>
		<category><![CDATA[वाराणासी]]></category>
		<category><![CDATA[सावधानी]]></category>
		<category><![CDATA[हीटस्ट्रोकक]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=61144</guid>

					<description><![CDATA[उत्तर भारत इन दिनों भीषण गर्मी के प्रकोप से जूझ रहा है। सूरज की तपन इस कदर बढ़ गई है कि घर से बाहर निकलना मुहाल हो रहा है। करीब 45 से 47 डिग्री तक बढ़ रहे पारे के बीच लू के थपेड़े शरीर का सारा पानी सुखा दे रहे हैं। हीट स्ट्रोक एक गंभीर [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>उत्तर भारत इन दिनों भीषण गर्मी के प्रकोप से जूझ रहा है। सूरज की तपन इस कदर बढ़ गई है कि घर से बाहर निकलना मुहाल हो रहा है। करीब 45 से 47 डिग्री तक बढ़ रहे पारे के बीच लू के थपेड़े शरीर का सारा पानी सुखा दे रहे हैं। हीट स्ट्रोक एक गंभीर स्थिति है जिसके लिए शीघ्र उपचार की आवश्यकता होती है। हीटस्ट्रोक (लू) से बचाव बता रहे हैं डॉ.राजेश जैन एम.डी.(आयु.)मेडिसिन, आइ.एम.एस.,बी.एच.यू.<span style="color: #ff0000"> (रिपोर्ट सौरभ जैन&#8230;)</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>वाराणसी।</strong> हीटस्ट्रोक, जिसे लू भी कहा जाता है, एक चिकित्सा आपातकालीन स्थिति है जो अत्यधिक गर्म तापमान के कारण होती है। यह तब होता है जब शरीर लंबे समय तक उच्च तापमान में रहने या गर्म और आर्द्र परिस्थितियों में शारीरिक परिश्रम करने के कारण अपने तापमान को नियंत्रित नहीं कर पाता। इस स्थिति में शरीर का मुख्य तापमान सामान्य स्तर से बढ़कर 104°F (40°C) या उससे अधिक हो जाता है। हीटस्ट्रोक गर्मी से संबंधित बीमारी का सबसे गंभीर रूप है और यह मस्तिष्क, हृदय, गुर्दे और अन्य महत्वपूर्ण अंगों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। यदि समय पर इसका इलाज नहीं किया गया, तो यह जानलेवा भी हो सकता है।<br />
<strong>कारण :</strong><br />
हीटस्ट्रोक तब होता है जब शरीर अत्यधिक गर्मी में अपने तापमान को नियंत्रित नहीं कर पाता। आमतौर पर, शरीर का तापमान 98.6°F (37°C) के आसपास रहता है, जिसे हाइपोथैलेमस नियंत्रित करता है। लेकिन अगर शरीर को इतनी गर्मी मिलती है कि वह उसे बाहर निकालने में असमर्थ हो जाता है, तो आंतरिक तापमान बढ़ जाता है, जिससे हीटस्ट्रोक हो सकता है।</p>
<p><strong>लक्षण :</strong><br />
o उच्च शरीर का तापमान (104°F या 40°C से अधिक)<br />
o सिरदर्द<br />
o उल्टी या मतली<br />
o सूखी या गर्म त्वचा<br />
o लूज मोशन<br />
o चक्कर आना<br />
o मानसिक स्थिति में परिवर्तन या भ्रम<br />
o तेज धड़कन<br />
o श्वसन दर में वृद्धि<br />
o अत्यधिक प्यास<br />
o मांसपेशियों में ऐंठन<br />
o बेहोशी</p>
<p><strong>क्या करें (Do&#8217;s) :</strong><br />
o अधिक से अधिक पानी पिएं ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे।<br />
o ढीले और हल्के कपड़े पहनें।<br />
o घर से कुछ खाकर निकलें ताकि बाहर की चीजें खाने और पानी पीने से बचा जा सके।<br />
o संतरे, तरबूज, खरबूजा, आम का पन्ना, नींबू पानी, और ककड़ी जैसे मौसमी फलों का अधिक सेवन करें।<br />
o नारियल पानी, जूस, और लस्सी का भरपूर सेवन करें।<br />
o प्याज का सेवन करें, यह लू से बचाने में कारगर है।<br />
o सनस्क्रीन का प्रयोग करें।<br />
o बेल का शरबत पिएं, जिसमें विटामिन सी और फाइबर होते हैं, जो शरीर को ठंडा रखते हैं।</p>
<p><strong>क्या न करें (Don&#8217;ts) :</strong><br />
o अधिक तेज धूप में बाहर न निकलें। विशेषकर दोपहर 12 से 4 बजे के बीच।<br />
o अचानक ठंडी या गर्म जगह पर जाने से बचें।<br />
प्राथमिक चिकित्सा :<br />
o हीटस्ट्रोक एक गंभीर स्थिति है और इसके लिए शीघ्र उपचार की आवश्यकता होती है। अगर आपको संदेह है कि किसी को हीटस्ट्रोक हो रहा है, तो निम्नलिखित कदम उठाएं:<br />
o व्यक्ति को ठंडे स्थान पर ले जाएं।<br />
o अतिरिक्त कपड़े हटा दें।<br />
o व्यक्ति को ठंडा करें।<br />
o व्यक्ति के शरीर को ठंडा करने के लिए किसी भी उपलब्ध साधन का उपयोग करें, जैसे ठंडे स्नान या शॉवर, या पानी से त्वचा को स्प्रे करना।<br />
o तरल पदार्थ प्रदान करें।<br />
o चिकित्सीय सावधानी बरतें।<br />
o आपातकालीन सेवाओं को कॉल करें या व्यक्ति को नजदीकी अस्पताल ले जाएं।<br />
बच्चों के लिए सावधानियाँ :<br />
o बच्चों के साथ हमेशा पानी की बोतल रखें।<br />
o धूप में सिर को कवर करें।<br />
o छाता या कैप लगाकर बच्चों को बाहर भेजें।<br />
o हल्का खाना खिलाएं और भूखे न रहने दें।<br />
o फ्रेश फ्रूट्स, जूस, या नींबू पानी पिलाएं।<br />
o समय-समय पर ग्लूकोन डी या ओआरएस पिलाएं।<br />
o धूप में खेलने या स्पोर्ट्स एक्टिविटी से बचाएं।<br />
o खूब पानी पिलाएं और हाइड्रेट रखें।<br />
o हल्के और सूती कपड़े पहनाएं।<br />
o बासी और बाहर का खाना न खिलाएं।<br />
हीटस्ट्रोक से बचने के लिए सतर्क रहना और उचित कदम उठाना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे आप न केवल स्वस्थ रहेंगे, बल्कि गर्मियों में सुरक्षित भी रहेंगे।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/stay_alert_to_avoid_heatstroke/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
