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	<title>Bundelkhand श्रीफल जैन न्यूज &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>नैनागिरि में होगा पार्श्वनाथ भगवान का महामस्तकाभिषेक : सिद्धक्षेत्र में 31 जुलाई को निर्वाण लाडू महोत्सव, संगोष्ठी, वृक्षारोपण सहित विविध आयोजन </title>
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		<pubDate>Sat, 26 Jul 2025 15:39:38 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ के मोक्ष कल्याणक पर 31 जुलाई को बुंदेलखंड स्थित सिद्धक्षेत्र नैनागिरि में भव्य महामस्तकाभिषेक, निर्वाण लाडू, सिद्धचक्र विधान, संगोष्ठी और वृक्षारोपण जैसे कार्यक्रम आयोजित होंगे। देशभर से श्रद्धालु और विद्वान भाग लेंगे। पढ़िए रत्नेश जैन राही की विस्तृत खबर&#8230; बकस्वाहा। श्री दिगंबर जैन सिद्धक्षेत्र नैनागिरि में 31 जुलाई [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ के मोक्ष कल्याणक पर 31 जुलाई को बुंदेलखंड स्थित सिद्धक्षेत्र नैनागिरि में भव्य महामस्तकाभिषेक, निर्वाण लाडू, सिद्धचक्र विधान, संगोष्ठी और वृक्षारोपण जैसे कार्यक्रम आयोजित होंगे। देशभर से श्रद्धालु और विद्वान भाग लेंगे। <span style="color: #ff0000">पढ़िए रत्नेश जैन राही की विस्तृत खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>बकस्वाहा</strong>। श्री दिगंबर जैन सिद्धक्षेत्र नैनागिरि में 31 जुलाई 2025 को जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ का 2802वां मोक्ष कल्याणक दिवस अत्यंत श्रद्धा और भव्यता के साथ मनाया जाएगा। इस पावन अवसर पर महामस्तकाभिषेक, निर्वाण लाडू अर्पण, सिद्धचक्र महामंडल विधान, विद्वत संगोष्ठी, लाडू सजाओ प्रतियोगिता, इंद्रसभा, वृक्षारोपण और सम्मान समारोह जैसे विविध धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन संपन्न होंगे।</p>
<p><strong>*गजराज की स्वर्ग स्थली के रूप में प्रसिद्ध है*</strong></p>
<p>बुंदेलखंड की पर्वतमाला में स्थित यह तीर्थ समवशरण स्थली, ऋषियों की मोक्ष स्थली और वज्रघोष गजराज की स्वर्ग स्थली के रूप में प्रसिद्ध है। यहाँ 31 जुलाई को सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक हजारों श्रद्धालु महामस्तकाभिषेक और निर्वाण लाडू महोत्सव में भाग लेंगे। इस अवसर पर सिद्धचक्र महामंडल विधान का आयोजन भी किया जा रहा है, जिसकी शुरुआत पहले ही श्रीमती सरला पदम जैन (आरटीओ परिवार, सागर) द्वारा की जा चुकी है और जो 31 जुलाई को विश्वशांति यज्ञ के साथ संपन्न होगा।</p>
<p><strong>*देशभर के विद्वान होंगे शामिल*</strong></p>
<p>इस महोत्सव में देशभर के कई विद्वान भी भाग लेंगे। श्री अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन विद्वत परिषद द्वारा 30 और 31 जुलाई को &#8220;नैनागिरि वैशिष्ट्य और भगवान पार्श्वनाथ&#8221; विषय पर संगोष्ठी आयोजित की जाएगी, जिसमें परिषद के अध्यक्ष डॉ. भागचन्द्र भास्कर (नागपुर), निर्देशक डॉ. सनत कुमार (जयपुर), महामंत्री डॉ. महेंद्र मनुज (इंदौर) और संयोजक पं. उदय चंद्र शास्त्री (सागर) सहित अनेक विद्वानों की सहभागिता होगी।</p>
<p><strong>*निर्वाण लाडू सजाओ प्रतियोगिता मुख्य आकर्षण*</strong></p>
<p>तीर्थ में निर्मित भव्य प्रवेश द्वार का उद्घाटन भी 30 जुलाई को दोपहर 2 बजे सीता देवी &#8211; विमल चंद्र जैन (कटंगी, पटेरा) के सौजन्य से होगा। वहीं 31 जुलाई को आकर्षक निर्वाण लाडू सजाओ प्रतियोगिता भी श्रद्धालुओं के लिए आयोजन का मुख्य आकर्षण होगी। महोत्सव को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। ट्रस्ट कमेटी के अध्यक्ष सुरेश जैन (IAS), मंत्री राजेश जैन रागी और प्रबंध समिति के अध्यक्ष डॉ. पूर्णचंद्र जैन, मंत्री देवेंद्र लुहारी ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इस पावन अवसर पर अधिकाधिक संख्या में पधारकर पुण्यार्जन करें और जैन धर्म की भक्ति भावना से ओतप्रोत इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाएँ।</p>
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		<title>आचार्य भगवन जन -जन के प्राणी मात्र के भगवान है राम भगवान तो भारत क्या पूरे विश्व के हैं  </title>
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		<pubDate>Mon, 06 May 2024 16:36:44 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[सुप्रसिद्ध सिद्ध क्षेत्र कुंडलपुर में संत शिरोमणि आचार्य गुरुवर विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य पूज्य आचार्य श्री समय सागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद से मुनि श्री निष्काम सागर जी महाराज ने मंगल प्रवचन देते हुए कहा कि हमें बोलना नहीं आता ,उतना ज्ञान भी नहीं, परंतु आचार्य महाराज का आदेश हुआ है [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>सुप्रसिद्ध सिद्ध क्षेत्र कुंडलपुर में संत शिरोमणि आचार्य गुरुवर विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य पूज्य आचार्य श्री समय सागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद से मुनि श्री निष्काम सागर जी महाराज ने मंगल प्रवचन देते हुए कहा कि हमें बोलना नहीं आता ,उतना ज्ञान भी नहीं, परंतु आचार्य महाराज का आदेश हुआ है कि कुछ बोलना है ।हम अपनी बात आपके सामने रखने का प्रयास कर रहे हैं, जो अच्छा लगे ,आचार्य भगवन का समझ लेना और जो त्रुटि लगे ,अल्पज्ञ समझ कर क्षमा कर देना । <span style="color: #ff0000">पढि़ए विशेष रिपोर्ट …</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>कुंडलपुर ।</strong>सुप्रसिद्ध सिद्ध क्षेत्र कुंडलपुर में संत शिरोमणि आचार्य गुरुवर विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य पूज्य आचार्य श्री समय सागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद से मुनि श्री निष्काम सागर जी महाराज ने मंगल प्रवचन देते हुए कहा कि हमें बोलना नहीं आता ,उतना ज्ञान भी नहीं, परंतु आचार्य महाराज का आदेश हुआ है कि कुछ बोलना है ।हम अपनी बात आपके सामने रखने का प्रयास कर रहे हैं, जो अच्छा लगे ,आचार्य भगवन का समझ लेना और जो त्रुटि लगे ,अल्पज्ञ समझ कर क्षमा कर देना ।एक संस्कारी गांव था। एक साधु के आने की जानकारी गांव वालों को लगी। गांव वालों ने सुना,हमारे छोटे से गांव में संत- महात्मा पधार रहे हैं, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा ।गांव के लोगों ने उनकी आगवानी हेतु भव्य से भव्य तैयारियां की।</p>
<p>गांव वालों ने उनकी भव्य आगवानी की। गांव वालों की आगवानी देखकर उन संत के मुंह से निकल पड़ा।बड़े से बड़े गांव और नगरों में भी हमारी ऐसी आगवानी नहीं हुई, जितनी अच्छी आगवानी छोटे से गांव में हमारे लिए लोगों ने की। हाथी ,घोड़ा ,बैलगाड़ी, बैंड- बाजे ,तोरणद्वार ,रंगोली आदि जो तैयारी थी, सब गांव के लोगों ने की। उनकी आगवानी देखकर संत -महात्मा ने मन बनाया। कुछ दिन इस गांव के लोगों को देना चाहिए। रास्ते में मन बना रहे थे। पहुंचने शाम हो गई तो गांव वालों ने अतिथि सत्कार किया। भोजन आदि की व्यवस्था की । रात में गांव के लोग पहुंचे, महात्मा हमें धर्म के बारे में बताइए।</p>
<p><strong> रामलला का मंदिर भव्य बनना चाहिए </strong></p>
<p>महात्मा ने अपनी योग्यता अनुसार गांव के लोगों को उपदेश देना चालू किया और आश्वासन दिया कि हो सकेगा तो कुछ समय आपके यहां व्यतीत कर सकता हूं ।अब गांव के लोगों ने यथायोग भक्ति दिखाना शुरू कर दी। महात्मा का बहुत अच्छे से समय निकलता रहा, निकलता रहा ।उनका मन थोड़ा चंचल हो गया । कब तक यहां बैठा रहूंगा, गांव में कुछ घूमने- फिरने निकल जाऊं। घूमने निकले एक चौराहे से एक गली की ओर जाने के लिए मुड़ें, जैसे अग्रसर हुए ,गांव के लोगों ने कहा महात्मा उस गाली की ओर न जाएं। महात्मा ने कहा क्यों? हमारा निवेदन है कि महाराज आप उस और ना जाये । जो भी व्यक्ति उस गली में जाता है, लौटकर नहीं आता। काल के गाल में समा जाता है।उन्होंने गांव वालों से प्रश्न किया। आप लोग ऐसा क्यों बोल रहे हैं ,गांव वालों से प्रति प्रश्न किया। आखिर ऐसा क्यों बोल रहे हो ,वहां ऐसा क्या है ।वहां रास्ते में बहुत बड़ा कुंआ है ,कुआं के पास वृक्ष है, वृक्ष में सांप की बहुत बड़ी बांबी बनी हुई है ।उसके अंदर बहुत बड़ा नागराज है ।जो वहां आने वालों की जीवन लीला समाप्त कर देता है ।साधु तो साधु ,उन्होंने मन बना लिया, उधर से ही जाएंगे ।लोगों ने काफी प्रयास किया, नहीं माने साधु हठी हो गए ।कौन रोक सकता हैंउन्हें।</p>
<p>इस रास्ते से जाने का मन बना लिया और आगे जाकर देखते हैं, एक बड़ा नाग राहगीर की राह देख रहा है ।साधु के पहुंचते ही नाग ने देखा ,यह तो संत महात्मा है ,और उन्हें उच्चासन पर बिठाया। संत ने देखा, गांव के लोग कुछ और बोल रहे थे । पर नाग का स्वभाव दूसरा निकला ।दोनों ने आपस में चर्चा की।संत ने कहा ,तुम गांव के लोगों को क्यों परेशान करते हो। आसपास के गांव के लोग काफी गरीब हैं ,यह रास्ता गांव वालों का मुख्य रास्ता है।आपके कारण लोगों का आना-जाना नहीं होता। लोगों का व्यापार ठप्प हो गया है। आपको ऐसा करना शोभा नहीं देता। नागराज ने कहा मैंने कभी लोगों को परेशान नहीं किया ।</p>
<p>गांव के लोग मुझे देखकर पत्थर मारते हैं, मेरे शरीर को जीर्ण-शीर्ण कर देते हैं ,तो मुझे काटना पड़ता है। महात्मा ने कहा एक बार फुकार लगा दोगे,तो सब डर कर भाग जाएंगे, काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी। नागराज ने उनकी बात मान ली और बांबी में चले गए ।महात्मा वापस गांव में आए ।लोगों को उनके चेहरे की प्रशंसा देखकर खुशी हुई। गांव वालें महात्मा से पूरा वार्तालाप सुनकर प्रसन्न हुए ।अब नागराज किसी को नहीं कटेगा। सब अपना व्यापार अच्छे से कर सकेंगे ।कुछ समय में संत महात्मा दूसरे गांव चले गए ।कुछ समय निकलने के बाद पुनः महात्मा उसी गांव में आए और उसी रास्ते से कुएं के पास पेड़ के नीचे बांबी के बाहर बैठे नागराज की दशा देखकर, उनकी जीर्ण-शीर्ण हालत देखकर पूछा, यह कैसे हुआ ।नागराज ने बताया गांव के लोग, बच्चे यहां से निकलते हैं, तो मुझे डंडे मारते, पत्थर मारते, मैंने ना काटने का नियम आपसे लिया था ।इस कारण हमारी यह दशा हो रही है। महिलाएं तो मेरे साथ बहुत बुरा बर्ताव करती हैं ।महात्मा ने कहा मैंने काटने को नहीं कहा था ।</p>
<p>पर फुकार देने को बोला था ।तुम भूल गए फुकारना और यह तुम्हारी दशा हुई।जब बुंदेलखंड में धर्म के नाम पर कुछ नहीं था। तब एक साधक ने यहां आकर लोगों को संस्कारित कर दिया । पूरे देश में बुंदेलखंड का नाम कर दिया और तो और कुंडलपुर में जो देखने मिल रहा है, वह सब विद्यासागर जी महाराज की महती कृपा है ।अब बड़े बाबा का दर्शन करने दूर-दूर से लोग आ रहे हैं। 2019 में आचार्य भगवन का चातुर्मास नेमावर में चल रहा था राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दूसरे नंबर के महोदय गोपाल कृष्ण को मोहन भागवत ने भेजा था । आचार्य श्री के दर्शन करने जाए और अयोध्या में जो रामलला का मंदिर बन रहा है, उसके बारे में चर्चा करके आए। आचार्य श्री ने उनसे कहा था। राम भगवान तो भारत क्या ,पूरे विश्व के हैं ,उनका मंदिर बड़ा बनना चाहिए। आप कुंडलपुर जाए। वहां का मंदिर देखकर आए और रामलला का जो भव्य मंदिर बना है ।वह बड़े बाबा के मंदिर के अनुरूप निर्माण किया गया। आचार्य भगवन जन जन के प्राणी मात्र के भगवान हैं।</p>
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		<title>जैन समाज में शोक की लहर : नहीं रहे प्रवीण जैन  </title>
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		<pubDate>Mon, 06 May 2024 07:07:32 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जैन समाज के जननायक परम गुरु भक्त समाज सेवी प्रवीण जैन पत्रकार, &#8220;दैनिक विश्वपरिवार&#8221; के संपादक का हार्ट अटैक आने से निधन हो गया। इससे पूरे जैन समाज में शोक की लहर दौड़ गई है। पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट&#8230; बुंदेलखंड। जैन समाज के जननायक परम गुरु भक्त समाज सेवी प्रवीण जैन पत्रकार, &#8220;दैनिक विश्वपरिवार&#8221; के [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>जैन समाज के जननायक परम गुरु भक्त समाज सेवी प्रवीण जैन पत्रकार, &#8220;दैनिक विश्वपरिवार&#8221; के संपादक का हार्ट अटैक आने से निधन हो गया। इससे पूरे जैन समाज में शोक की लहर दौड़ गई है। <span style="color: #ff0000">पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>बुंदेलखंड।</strong> जैन समाज के जननायक परम गुरु भक्त समाज सेवी प्रवीण जैन पत्रकार, &#8220;दैनिक विश्वपरिवार&#8221; के संपादक का हार्ट अटैक आने से निधन हो गया। इससे पूरे जैन समाज में शोक की लहर दौड़ गई है। इंदौर दिगम्बर जैन समाज सामाजिक संसद के अध्यक्ष राजकुमार पाटोदी, मंत्री डॉ जैनेन्द्र जैन, महावीर ट्रस्ट के अध्यक्ष अमित कासलीवाल, फेडरेशन के अध्यक्ष राकेश विनायका, सुशील पांड्या, राजेश जैन दद्दू, हंसमुख गांधी, टीके वेद, मयंक जैन आदि समाज जनों ने कहा कि प्रवीणजैन का जाना जैन जगत के लिए बहुत ही दुखद समाचार है। भगवान उनकी आत्मा को सद्गति, शांति प्रदान करे।</p>
<p><strong>विनम्र श्रद्धांजलि</strong></p>
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		<title>प्रसिद्ध जैन तीर्थ बंधा जी में तीन हजार पूर्णमासी कलश स्थापित: 15,000 से अधिक श्रद्धालु हुए शामिल </title>
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		<pubDate>Sun, 04 Jun 2023 12:30:13 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[बुंदेलखंड के हजारों वर्ष प्राचीन जैन तीर्थ क्षेत्र बंधा जी में आचार्य भगवन विद्यासागर महामुनि राज के शिष्य मुनि श्री 108 विनम्र सागर महाराज पांच मुनि राजों के साथ बंधा जी में विराजमान है। उनके ही सानिध्य में हर माह पूर्णमासी कलश स्थापना का कार्य पिछले 3 माह से चल रहा है। हजारों लोग पूर्णमासी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>बुंदेलखंड के हजारों वर्ष प्राचीन जैन तीर्थ क्षेत्र बंधा जी में आचार्य भगवन विद्यासागर महामुनि राज के शिष्य मुनि श्री 108 विनम्र सागर महाराज पांच मुनि राजों के साथ बंधा जी में विराजमान है। उनके ही सानिध्य में हर माह पूर्णमासी कलश स्थापना का कार्य पिछले 3 माह से चल रहा है। हजारों लोग पूर्णमासी कलश स्थापना कर अपने मन की भावनाओं को पूर्ण कर रहे हैं। <span style="color: #ff0000;">पढ़िए राजीव सिंघाई की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
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<p><strong>बंधाजी।</strong> बुंदेलखंड के हजारों वर्ष प्राचीन जैन तीर्थ क्षेत्र बंधा जी में आचार्य भगवन विद्यासागर महामुनि राज के शिष्य मुनि श्री 108 विनम्र सागर महाराज पांच मुनि राजों के साथ बंधा जी में विराजमान है। उनके ही सानिध्य में हर माह पूर्णमासी कलश स्थापना का कार्य पिछले 3 माह से चल रहा है। हजारों लोग पूर्णमासी कलश स्थापना कर अपने मन की भावनाओं को पूर्ण कर रहे हैं। यह पूर्णमासी कलश रिद्धि सिद्धि से युक्त मनवांछित फल देने वाले हैं।</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-45495" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/06/IMG-20230604-WA0028.jpg" alt="" width="720" height="1280" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/06/IMG-20230604-WA0028.jpg 720w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/06/IMG-20230604-WA0028-169x300.jpg 169w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/06/IMG-20230604-WA0028-576x1024.jpg 576w" sizes="(max-width: 720px) 100vw, 720px" /></p>
<p><strong>12 पूर्णमासी कलश स्थापित </strong></p>
<p>दिल्ली के श्रद्धालु द्वारा 17 पूर्णमासी कलश स्थापित किए गए। अमरीका, कनाडा, इंग्लैंड सहित कई देश के लोगों द्वारा बंधा जी में कलश स्थापित किए। दिल्ली सहित देश के अनेक नगरों के लोगों द्वारा बंधा जी में बनने वाले सहस्त्र कूट जिनालय में प्रतिमा विराजमान करने की स्वीकृति प्रदान की। शनिवार को देश के अनेक हिस्सों से हजारों लोग को बंधा जी पहुंचे। रविवार को सुबह आठ बजे से मुनि श्री विनम्र सागर के मंगल सानिध्य में श्री जी का अभिषेक एवं शांति धारा संपन्न हुई। मुनि श्री के मुखारविंद से अजितनाथ भगवान की शांति धारा संपन्न हुई।</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-45496" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/06/IMG-20230604-WA0029.jpg" alt="" width="1280" height="720" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/06/IMG-20230604-WA0029.jpg 1280w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/06/IMG-20230604-WA0029-300x168.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/06/IMG-20230604-WA0029-1024x576.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/06/IMG-20230604-WA0029-768x432.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/06/IMG-20230604-WA0029-990x557.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/06/IMG-20230604-WA0029-470x264.jpg 470w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/06/IMG-20230604-WA0029-640x360.jpg 640w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/06/IMG-20230604-WA0029-215x120.jpg 215w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/06/IMG-20230604-WA0029-414x232.jpg 414w" sizes="(max-width: 1280px) 100vw, 1280px" /></p>
<p><strong>हजारों लोग पूर्णमासी कलश के माध्यम से कर रहे कष्टों का निवारण </strong></p>
<p>मुनि श्री ने अपने प्रवचनों के माध्यम से विशाल धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सन 2018 मे आचार्य भगवन विद्यासागर महाराज के साथ प्रथम बार मेरा बंधा जी की धरा पर आगमन हुआ था। पहली बार अजितनाथ भगवान के दर्शन का मुझे सौभाग्य प्राप्त हुआ था। मुनि श्री ने कहा कि विगत ढाई माह से अजितनाथ भगवान के चरणों में साधना करने का अवसर मिल रहा है। मुनि श्री ने कहा कि बंधा जी में विराजमान अजितनाथ भगवान की प्रतिमा हजारों वर्ष प्राचीन है। आचार्य श्री कहते हैं देश में दो प्रतिमाएं ऐसी हैं जो मुंह बोलती हैं। एक कुंडलपुर के बड़े बाबा की एवं दूसरी बंधा जी में विराजमान अजितनाथ भगवान की। मुनि श्री विनम्र सागर महाराज ने कहा कि बंधा जी में पूर्णमासी कलश के माध्यम से देश दुनिया के हजारों लोग शामिल होकर अपने कष्टों का निवारण कर रहे हैं। अजितनाथ की कृपा से मनवांछित फल पाकर अपने जीवन को सुखी बना रहे हैं।</p>
<p><strong>बड़ी संख्या में लोग बने कलश स्थापना के साक्षी </strong></p>
<p>प्रदीप जैन बम्होरी ने बताया कि मुनि संघ के मंगल सानिध्य में 4 जून दिन रविवार ज्येष्ठ शुक्ला पूर्णिमा के दिन लगभग 3000 कलश स्थापित किए गए। कलश स्थापना का कार्यक्रम सुबह नौ बजे से शुरू हुआ एवं दोपहर तीन से पांच बजे तक कलश स्थापना का कार्यक्रम संपन्न हुआ। रविवार को लगभग 15000 से अधिक लोग कलश स्थापना के साक्षी बने। कलशो की समस्त क्रियाएं एवं कार्यक्रम का संचालन अशोक भैया लिधौरा एवं दीपक भैया टेहरका द्वारा किया गया। कार्यक्रम में कमेटी की ओर से निर्देशक अनोज जैन, राजेंद्र मोदी, कमलेश जैन, बल्ले जैन, महेंद्र जैन डीके जैन ,महेश चौधरी, विमल जैन ,कमलेश चौधरी ,अजित जैन , महेंद्र जैन एवं मुनि सेवा संघ के अनेक नवयुवक शामिल रहे।</p>
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