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	<title>Banswara &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<title>Banswara &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>बच्चों को स्कूल बैग व स्टेशनरी वितरित कर शिक्षा सेवा को मिली नई गति : महावीर इंटरनेशनल अरथूना ने किया वृक्षारोपण </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 20 Jul 2026 13:46:35 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[महावीर इंटरनेशनल शाखा अरथूना ने राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय अरथूना रावला में विद्यार्थियों को स्कूल बैग, कॉपी और पेन वितरित किए। साथ ही &#8220;हरित राजस्थान&#8221; अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। पढ़िए श्रीफल साथी अजीत कोठिया की यह रिपोर्ट। बांसवाड़ा (डडूका/अरथूना)। महावीर इंटरनेशनल शाखा अरथूना द्वारा राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय अरथूना [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>महावीर इंटरनेशनल शाखा अरथूना ने राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय अरथूना रावला में विद्यार्थियों को स्कूल बैग, कॉपी और पेन वितरित किए। साथ ही &#8220;हरित राजस्थान&#8221; अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। <span style="color: #ff0000">पढ़िए श्रीफल साथी अजीत कोठिया की यह रिपोर्ट।</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>बांसवाड़ा (डडूका/अरथूना)।</strong> महावीर इंटरनेशनल शाखा अरथूना द्वारा राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय अरथूना रावला में विद्यार्थियों के लिए शिक्षा एवं सेवा से जुड़ा प्रेरणादायी कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को स्कूल बैग, कॉपी एवं पेन वितरित कर शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित किया गया।</p>
<p><strong>शिक्षा सेवा का प्रेरक आयोजन</strong></p>
<p>कार्यक्रम की अध्यक्षता महावीर इंटरनेशनल के इंटरनेशनल डायरेक्टर (नॉलेज शेयरिंग एवं ई-चौपाल) अजीत कोठिया ने की। मुख्य अतिथि सीबीईईओ श्रीमती माया सेमसन रहीं। विशिष्ट अतिथियों में एसीबीईईओ सुरेश पाटीदार, गणेश पाटीदार, आर.पी. हरीश सुथार, केंद्र अध्यक्ष राजमल सोनी, सूरजमल जैन, पंकज पाटीदार, केसरिमल दोसी, मणिलाल पटेल, धनपाल देवड़िया, सुभाष सोनी, दिलीप देवड़िया सहित महावीर इंटरनेशनल के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।</p>
<p><strong>विद्यार्थियों को मिला प्रेरक संदेश</strong></p>
<p>अतिथियों ने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, अनुशासन और शिक्षा के माध्यम से उज्ज्वल भविष्य निर्माण की प्रेरणा दी। महावीर इंटरनेशनल द्वारा संचालित इस सेवा कार्य की सभी अतिथियों एवं शिक्षकों ने सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी पहल बताया।</p>
<p><strong>हरित राजस्थान अभियान के तहत वृक्षारोपण</strong></p>
<p>कार्यक्रम के समापन पर &#8220;हरित राजस्थान&#8221; अभियान के अंतर्गत विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण किया गया। सभी अतिथियों एवं सदस्यों ने अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लेकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।</p>
<p><strong>सभी का रहा सक्रिय सहयोग</strong></p>
<p>आयोजन में हीना कलाल, पीनल पाटीदार, मंजुला डामोर, विशाखा उपाध्याय, कोमल जैन, भगवान गिरी गोस्वामी सहित विद्यालय स्टाफ ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम का संचालन कृष्णलाल पाटीदार ने किया तथा स्थानीय संस्था प्रधान रमेशचंद्र दोसी ने सभी का आभार व्यक्त किया।</p>
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		<title>आचार्य श्री विद्यासागर जी के मुनि दीक्षा दिवस पर डडूका में वृक्षारोपण : पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 19 Jul 2026 10:58:32 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के मुनि दीक्षा दिवस पर डडूका स्थित नसियाजी तीर्थ क्षेत्र में सामूहिक वृक्षारोपण किया गया। समाजजनों, युवा समिति, महिला मंडल एवं पाठशाला के बच्चों ने पौधों की देखभाल का संकल्प लिया। पढ़िए श्रीफल साथी अजीत कोठिया की यह रिपोर्ट। &#160; डडूका (बांसवाड़ा, राजस्थान)। आषाढ़ शुक्ल पंचमी पर इस सदी के [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के मुनि दीक्षा दिवस पर डडूका स्थित नसियाजी तीर्थ क्षेत्र में सामूहिक वृक्षारोपण किया गया। समाजजनों, युवा समिति, महिला मंडल एवं पाठशाला के बच्चों ने पौधों की देखभाल का संकल्प लिया। <span style="color: #ff0000">पढ़िए श्रीफल साथी अजीत कोठिया की यह रिपोर्ट।</span><del></del></strong></p>
<hr />
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>डडूका (बांसवाड़ा, राजस्थान)।</strong> आषाढ़ शुक्ल पंचमी पर इस सदी के महान आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के मुनि दीक्षा दिवस के अवसर पर दिगंबर जैन समाज, जैन युवा समिति, महिला मंडल एवं दिगंबर जैन पाठशाला परिवार डडूका के संयुक्त तत्वावधान में नसियाजी तीर्थ क्षेत्र डडूका में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया।</p>
<p><strong>फलदार पौधों का किया रोपण</strong></p>
<p>कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण प्रभारी एवं प्रकृति प्रेमी मितेश आर. शाह, समाज अध्यक्ष राजेश शाह, युवा समिति अध्यक्ष चिराग शाह तथा पलाश शाह के निर्देशन में फलदार पौधों का रोपण किया गया। उपस्थित सभी सदस्यों ने पौधों के संरक्षण एवं नियमित देखभाल का संकल्प लिया।</p>
<p><strong>बच्चों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश</strong></p>
<p>जैन युवा समिति के सदस्य राजेंद्र कोठिया, टीना शाह, अजीत कोठिया, अंकित शाह तथा दिगंबर जैन पाठशाला के बच्चों ने उत्साहपूर्वक वृक्षारोपण में भाग लिया। बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी सुरक्षा का आह्वान किया।</p>
<p><strong>समाज की सामूहिक सहभागिता</strong></p>
<p>कार्यक्रम में समाज के विभिन्न संगठनों एवं सदस्यों की सक्रिय सहभागिता रही। सभी ने आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के तप, त्याग और प्रकृति संरक्षण के प्रेरक संदेशों को आत्मसात करने का संकल्प व्यक्त किया।</p>
<p><strong>पर्यावरण संरक्षण का प्रेरक संदेश</strong></p>
<p>समाज प्रवक्ता राकेश शाह ने बताया कि वृक्षारोपण केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनका संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है। इस प्रकार के आयोजन समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करते हैं।</p>
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		<title>भगवान मुनिसुव्रतनाथ की प्रतिमा नवीन जिनालय में विराजमान होने के बाद उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ : सुखोदय तीर्थ में धर्ममय वातावरण, समाजसेवियों का हुआ सम्मान </title>
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		<pubDate>Tue, 14 Jul 2026 17:07:02 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[नौगामा स्थित निर्माणाधीन सुखोदय तीर्थ के नवीन जिनालय में भगवान मुनिसुव्रतनाथ की प्रतिमा विराजमान होने के बाद दर्शनार्थियों का लगातार आगमन हो रहा है। महाआरती एवं सम्मान समारोह के साथ पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण से सराबोर है। पढ़िए श्रीफल साथी सुरेश चंद्र गांधी की यह रिपोर्ट। नौगामा (बांसवाड़ा, राजस्थान)। सुखोदय तीर्थ नसिया जी के निर्माणाधीन [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>नौगामा स्थित निर्माणाधीन सुखोदय तीर्थ के नवीन जिनालय में भगवान मुनिसुव्रतनाथ की प्रतिमा विराजमान होने के बाद दर्शनार्थियों का लगातार आगमन हो रहा है। महाआरती एवं सम्मान समारोह के साथ पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण से सराबोर है। <span style="color: #ff0000">पढ़िए श्रीफल साथी सुरेश चंद्र गांधी की यह रिपोर्ट।</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>नौगामा (बांसवाड़ा, राजस्थान)।</strong> सुखोदय तीर्थ नसिया जी के निर्माणाधीन नवीन जिनालय में भगवान मुनिसुव्रतनाथ की प्रतिमा विराजमान होने के बाद श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। नौगामा नगर सहित आसपास के क्षेत्रों में धार्मिक उल्लास का वातावरण है और दूर-दूर से श्रद्धालु भगवान के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।</p>
<p><strong>दूर-दूर से पहुंच रहे श्रद्धालु</strong></p>
<p>प्रतिमा प्रतिष्ठापन के बाद प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं यात्रियों का तीर्थ क्षेत्र पर आगमन हो रहा है। पूरा परिसर भगवान के जयघोष और भक्ति भावना से गूंज रहा है, जिससे नौगामा नगर का वातावरण पूरी तरह धर्ममय हो गया है।</p>
<p><strong>समाजसेवी सुनील जैन ने किए दर्शन</strong></p>
<p>हरियाणा के समाजसेवी एवं कुशलगढ़ रोड निर्माण कार्य से जुड़े कॉन्ट्रैक्टर सुनील जैन ने तीर्थ पहुंचकर भगवान मुनिसुव्रतनाथ के दर्शन किए। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि छोटे से गांव में इतने भव्य जैन मंदिरों का निर्माण प्रेरणादायी है और यहां दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होना उनके लिए अत्यंत आनंद का विषय है।</p>
<p><strong>समाज ने किया सम्मान</strong></p>
<p>जन समाज नौगामा की ओर से सुनील जैन तथा उनके साथ पधारे रामकुमार एवं संतोष शर्मा का पगड़ी, शॉल एवं दुपट्टा पहनाकर सम्मान किया गया। इस अवसर पर सुनील जैन ने तीर्थ क्षेत्र के विकास में भविष्य में भी सहयोग देने का विश्वास दिलाया। साथ ही कलिंजरा नगर से नौगामा तक सड़क को उनकी मशीनरी से सुगम बनाने के लिए जैन समाज ने उनका आभार व्यक्त किया।</p>
<p><strong>महाआरती में उमड़ी श्रद्धा</strong></p>
<p>संध्या समय भगवान मुनिसुव्रतनाथ की भव्य महाआरती का आयोजन किया गया। प्रथम महाआरती का सौभाग्य गांधी राजेश कुमार शांतिलाल को प्राप्त हुआ। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने महाआरती में भाग लेकर धर्मलाभ अर्जित किया।</p>
<p><strong>समाज ने जताया आभार</strong></p>
<p>जैन समाज अध्यक्ष विपुल पंचोरी ने धनपाल पंचोरी (वर्धमान हॉस्पिटल के प्रोपराइटर), भरत पंचौरी, प्रदीप पिंडारमिया एवं चौधरी नंदन जैन सहित सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। जैन समाज प्रवक्ता सुरेश चंद्र गांधी ने बताया कि तीर्थ क्षेत्र में श्रद्धालुओं का आगमन निरंतर जारी है।</p>
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		<title>भगवान मुनिसुव्रतनाथ की प्रतिमा मूल वेदी पर विराजमान : नौगामा में भव्य शोभायात्रा के साथ श्रद्धा और उल्लास का अद्भुत संगम </title>
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		<pubDate>Sun, 12 Jul 2026 15:05:49 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[राजस्थान के नौगामा स्थित सुखोदय तीर्थ में भगवान मुनिसुव्रतनाथ की प्रतिमा भव्य नगर भ्रमण के बाद विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मूल वेदी पर विराजमान की गई। श्रद्धालुओं ने जयघोष, पुष्पवर्षा और श्रीफल अर्पित कर भक्ति व्यक्त की। पढ़िए श्रीफल साथी सुरेश चंद्र गांधी की यह रिपोर्ट। नौगामा (बांसवाड़ा, राजस्थान)। सुखोदय तीर्थ में भगवान [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>राजस्थान के नौगामा स्थित सुखोदय तीर्थ में भगवान मुनिसुव्रतनाथ की प्रतिमा भव्य नगर भ्रमण के बाद विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मूल वेदी पर विराजमान की गई। श्रद्धालुओं ने जयघोष, पुष्पवर्षा और श्रीफल अर्पित कर भक्ति व्यक्त की। <span style="color: #ff0000">पढ़िए श्रीफल साथी सुरेश चंद्र गांधी की यह रिपोर्ट।</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>नौगामा (बांसवाड़ा, राजस्थान)।</strong> सुखोदय तीर्थ में भगवान मुनिसुव्रतनाथ की प्रतिमा का नगर भ्रमण श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के वातावरण में सम्पन्न हुआ। बैंड-बाजों, धार्मिक भजनों और जयकारों के बीच निकली विशाल शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। पूरे नगर में धर्ममय वातावरण बना रहा।</p>
<p><strong>भव्य शोभायात्रा ने बांधा समां</strong></p>
<p>शोभायात्रा में सौधर्म इंद्र हाथी पर विराजमान रहे। महिलाएं केसरिया परिधान में मंगल कलश लेकर चल रही थीं, जबकि पुरुष श्वेत वस्त्रों में एवं बालिकाएं हाथों में पंचरंगी जैन धर्म ध्वज लिए शोभायात्रा की शोभा बढ़ा रही थीं। श्रद्धालुओं ने मार्गभर भगवान के जयकारे लगाए और पुष्पवर्षा कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।</p>
<p><strong>जगह-जगह हुआ स्वागत</strong></p>
<p>नगरवासियों ने घर-घर तोरणद्वार सजाए, रंगोलियां बनाईं तथा भगवान की प्रतिमा पर श्रीफल अर्पित कर तिलक संस्कार किए। वैष्णव समाज के प्रतिनिधियों ने भी शोभायात्रा का स्वागत करते हुए अपनी श्रद्धा अर्पित की।</p>
<p><strong>मंत्रोच्चार के बीच मूल वेदी पर विराजमान हुई प्रतिमा</strong></p>
<p>शोभायात्रा सुखोदय तीर्थ नसिया जी पहुंची, जहां सुयश प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप भैया एवं विधानाचार्य रमेश चंद्र गांधी के मंत्रोच्चार के बीच क्रेन की सहायता से भगवान मुनिसुव्रतनाथ की प्रतिमा को मूल वेदी पर विधिवत विराजमान किया गया। प्रतिमा विराजमान होते ही पूरा परिसर भगवान के जयघोष से गूंज उठा।</p>
<p><strong>समाजजनों का हुआ सम्मान</strong></p>
<p>इस अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री महेंद्र सिंह मालवीय, मंदिर निर्माण से जुड़े ठेकेदार दिनेश जी, वर्धमान हॉस्पिटल के प्रोपराइटर धनपाल जी, मोतीलाल जी, मूर्ति पुन्यार्जक प्रदीप रतनलाल, कमल वेदी पुन्यार्जक भरत पंचोली तथा यंत्र स्थापना से जुड़े चौधरी नंदन जी, चरण जी एवं रतनलाल-मीठालाल जी सहित अनेक सहयोगियों का श्री समाज द्वारा सम्मान किया गया।</p>
<p><strong>सफल आयोजन पर जताया आभार</strong></p>
<p>जैन समाज अध्यक्ष विपुल पंचोली, उपाध्यक्ष संजय गांधी, कोषाध्यक्ष राजेश गांधी, वास्तु शास्त्री श्रीपाल नानावटी एवं आशीष पिंडारमियां ने आयोजन की सफलता पर सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। नवयुग मंडल अध्यक्ष मुकेश गांधी ने सभी कार्यकर्ताओं के सहयोग की सराहना करते हुए आयोजन को ऐतिहासिक बताया।</p>
<p><strong>धर्म और एकता का संदेश</strong></p>
<p>यह आयोजन केवल प्रतिमा प्रतिष्ठा का कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज की एकजुटता, आस्था और धार्मिक संस्कारों का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता ने आयोजन को यादगार बना दिया।</p>
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		<title>भगवान मुनिसुव्रतनाथ की प्रतिमा भव्य शोभायात्रा के साथ विरोदय तीर्थ पहुंची : 12 जुलाई को सुखोदय तीर्थ में मूल वेदी पर होगी प्रतिष्ठा </title>
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		<pubDate>Fri, 10 Jul 2026 15:32:23 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[भगवान मुनिसुव्रतनाथ की प्रतिमा घाटोल से मंगल विहार करते हुए बांसवाड़ा पहुंची, जहां शहरभर में भव्य स्वागत, श्रीफल अर्पण और मंगल गीतों के बीच शोभायात्रा निकाली गई। 12 जुलाई को सुखोदय तीर्थ में प्रतिष्ठा महोत्सव होगा। पढ़िए श्रीफल साथी सुरेश चंद्र गांधी की यह रिपोर्ट। बांसवाड़ा। भगवान मुनिसुव्रतनाथ की प्रतिमा शुक्रवार को घाटोल से मंगल [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>भगवान मुनिसुव्रतनाथ की प्रतिमा घाटोल से मंगल विहार करते हुए बांसवाड़ा पहुंची, जहां शहरभर में भव्य स्वागत, श्रीफल अर्पण और मंगल गीतों के बीच शोभायात्रा निकाली गई। 12 जुलाई को सुखोदय तीर्थ में प्रतिष्ठा महोत्सव होगा। <span style="color: #ff0000">पढ़िए श्रीफल साथी सुरेश चंद्र गांधी की यह रिपोर्ट।</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>बांसवाड़ा।</strong> भगवान मुनिसुव्रतनाथ की प्रतिमा शुक्रवार को घाटोल से मंगल विहार करते हुए बांसवाड़ा नगर पहुंची। नगरवासियों ने विभिन्न स्थानों पर श्रीफल अर्पित कर एवं तिलक संस्कार के साथ भव्य स्वागत किया। शोभायात्रा एसपी चौराहा, कलेक्ट्री चौराहा, कस्टम चौराहा, कमर्शियल कॉलोनी, बाहुबली कॉलोनी और खांदू कॉलोनी होते हुए विरोदय तीर्थ पहुंची।</p>
<p><strong>भक्ति और उत्साह का अनूठा संगम</strong></p>
<p>शोभायात्रा में बैंड-बाजे, डीजे और भगवान के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। केसरिया वस्त्रों में महिलाएं, सफेद परिधान में पुरुष तथा मंगल कलश लिए बालिकाएं शोभायात्रा की शोभा बढ़ा रही थीं। विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने अतिथि सत्कार एवं अल्पाहार की व्यवस्था भी की।</p>
<p><strong>विरोदय तीर्थ में सांस्कृतिक कार्यक्रम</strong></p>
<p>विरोदय तीर्थ में प्रतिमा के रात्रि विश्राम के साथ भजन संध्या एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। 11 जुलाई को प्रतिमा का मंगल विहार बड़ोदिया, कलिंजरा और बागीदौरा के लिए होगा, जहां समाजजन स्वागत की तैयारियों में जुटे हैं।</p>
<p><strong>12 जुलाई को होगा प्रतिष्ठा महोत्सव</strong></p>
<p>12 जुलाई को सुखोदय तीर्थ, नसिया जी में प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप भैया के निर्देशन एवं वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान मुनिसुव्रतनाथ की प्रतिमा मूल वेदी पर विराजमान कराई जाएगी। आयोजन के लिए तीर्थ क्षेत्र को आकर्षक ढंग से सजाया गया है तथा बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भोजन एवं आवास की विशेष व्यवस्था की गई है।</p>
<p><strong>108 फीट ऊंचाई पर रहेगा विशेष आकर्षण</strong></p>
<p>नवयुवक मंडल अध्यक्ष एवं समाज अध्यक्ष विपुल पंचोरी ने बताया कि विशेष क्रेन के माध्यम से भगवान मुनिसुव्रतनाथ की प्रतिमा को 108 फीट ऊंचाई पर 9 मिनट तक स्थिर रखा जाएगा। इस दौरान प्रतिमा चारों दिशाओं की ओर विराजमान होकर विश्व कल्याण एवं सुख-समृद्धि का संदेश देगी। संपूर्ण कार्यक्रम का ड्रोन प्रसारण बड़ी स्क्रीन पर भी दिखाया जाएगा।</p>
<p><strong>धार्मिक उल्लास से सजा नौगामा</strong></p>
<p>नौगामा नगर को तोरण द्वारों, पंचरंगी धर्मध्वजाओं एवं आकर्षक रोशनी से सजाया जा रहा है। मंदिरों में मंगल गीतों का आयोजन हो रहा है तथा अनुमानित 5 से 7 हजार श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं।</p>
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		<title>इष्टोपदेश ग्रंथ से पाप, पुण्य और मोक्ष की विस्तृत व्याख्या : वैज्ञानिक धर्माचार्य कनक नंदी गुरुदेव ने बताए आत्मकल्याण के सूत्र </title>
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		<pubDate>Fri, 10 Jul 2026 13:35:44 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[अंतरराष्ट्रीय वेबीनार में वैज्ञानिक धर्माचार्य कनक नंदी गुरुदेव ने इष्टोपदेश ग्रंथ के आधार पर पाप, पुण्य और मोक्ष की विस्तृत व्याख्या करते हुए सम्यक दर्शन, व्रत, शुभ भाव और आत्मविशुद्धि को मोक्षमार्ग का आधार बताया। पढ़िए श्रीफल साथी अजीत कोठिया डडूका की यह रिपोर्ट। सागवाड़ा। पुनर्वास कॉलोनी सागवाड़ा से आयोजित अंतरराष्ट्रीय वेबीनार में स्वाध्याय तपस्वी [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>अंतरराष्ट्रीय वेबीनार में वैज्ञानिक धर्माचार्य कनक नंदी गुरुदेव ने इष्टोपदेश ग्रंथ के आधार पर पाप, पुण्य और मोक्ष की विस्तृत व्याख्या करते हुए सम्यक दर्शन, व्रत, शुभ भाव और आत्मविशुद्धि को मोक्षमार्ग का आधार बताया। <span style="color: #ff0000">पढ़िए श्रीफल साथी अजीत कोठिया डडूका की यह रिपोर्ट।</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>सागवाड़ा।</strong> पुनर्वास कॉलोनी सागवाड़ा से आयोजित अंतरराष्ट्रीय वेबीनार में स्वाध्याय तपस्वी वैज्ञानिक धर्माचार्य कनक नंदी गुरुदेव ने इष्टोपदेश ग्रंथ के आधार पर पाप, पुण्य और मोक्ष की गहन व्याख्या प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि परम वीतराग अवस्था की प्राप्ति के लिए जीव को अशुभ भावों का त्याग कर आत्मविशुद्धि की ओर अग्रसर होना आवश्यक है</p>
<p><strong>इष्टोपदेश ग्रंथ से समझाया मोक्षमार्ग</strong></p>
<p>गुरुदेव ने कहा कि सभी धर्मों में पाप, पुण्य और मोक्ष का वर्णन मिलता है। पाप अव्रत से उत्पन्न होता है, जबकि सम्यक दर्शन से युक्त व्रत ही वास्तविक पुण्य का कारण बनता है। मोक्ष वह अवस्था है, जहाँ जीव पुण्य और पाप दोनों से परे होकर मोह का पूर्ण क्षय कर लेता है।</p>
<p><strong>सम्यक दर्शन से प्रारंभ होता है वास्तविक पुण्य</strong></p>
<p>उन्होंने कहा कि अनादि काल से जीव मिथ्यादृष्टि में रहा है। वास्तविक पुण्य का आरंभ सम्यक दर्शन के बाद ही होता है। चाहे जीव मनुष्य हो, पशु, चांडाल अथवा नारकी—सम्यक दृष्टि के बिना व्रत का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता। माया, मिथ्यात्व और निदान से युक्त उपवास को वास्तविक व्रत नहीं माना जा सकता।</p>
<p><strong>उदाहरणों से समझाया शुभ-अशुभ का अंतर</strong></p>
<p>कनक नंदी गुरुदेव ने कहा कि जैसे धूप में खड़े पथिक के लिए छाया राहत का माध्यम बनती है, वैसे ही व्रत और धर्म जीव को संसार के ताप से बचाते हैं। उन्होंने प्रातःकालीन लालिमा का उदाहरण देते हुए बताया कि अशुभ भावों के समाप्त होते ही आत्मा में ज्ञानरूपी सूर्य का उदय होता है।</p>
<p><strong>आसक्ति और फैशन को बताया बाधक</strong></p>
<p>गुरुदेव ने कहा कि फैशन, व्यसन, धन, परिवार और भौतिक वस्तुओं के प्रति अत्यधिक आसक्ति आत्मोन्नति में बाधक है। देव, शास्त्र और गुरु के प्रति श्रद्धा जीव के उत्थान का कारण बनती है, जबकि दूसरों का उपहास और राग-द्वेष आत्मिक पतन का मार्ग प्रशस्त करते हैं।</p>
<p><strong>आत्मविशुद्धि ही धर्म का मूल संदेश</strong></p>
<p>उन्होंने कहा कि धर्म का वास्तविक उद्देश्य आत्मा की विशुद्धि है। जब जीव शुभ भावों का अभ्यास करता है और माया, क्रोध, मान एवं लोभ का त्याग करता है, तभी मोक्षमार्ग प्रशस्त होता है। वेबीनार की जानकारी श्रीमती विजयलक्ष्मी गोदावत, सागवाड़ा ने दी।</p>
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		<title>चतुर्गति में भ्रमण करना ही संसार है : वैज्ञानिक धर्माचार्य कनक नंदी गुरुदेव ने अंतरराष्ट्रीय वेबीनार में किया जैन सिद्धांत का विश्लेषण </title>
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		<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 13:05:50 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[वैज्ञानिक धर्माचार्य कनक नंदी गुरुदेव ने अंतरराष्ट्रीय वेबीनार में जैन दर्शन के अनुसार संसार, कर्म, जन्म-मरण और वैराग्य का गहन विवेचन किया। उन्होंने कहा कि मिथ्यात्व, असंयम और योग ही संसार के मूल कारण हैं। पढ़िए श्रीफल साथी अजीत कोठिया डडूका की यह रिपोर्ट। सागवाड़ा/बांसवाड़ा (राजस्थान)। पुनर्वास कॉलोनी, सागवाड़ा से आयोजित अंतरराष्ट्रीय वेबीनार में सिद्धांत [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>वैज्ञानिक धर्माचार्य कनक नंदी गुरुदेव ने अंतरराष्ट्रीय वेबीनार में जैन दर्शन के अनुसार संसार, कर्म, जन्म-मरण और वैराग्य का गहन विवेचन किया। उन्होंने कहा कि मिथ्यात्व, असंयम और योग ही संसार के मूल कारण हैं। <span style="color: #ff0000">पढ़िए श्रीफल साथी अजीत कोठिया डडूका की यह रिपोर्ट।</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>सागवाड़ा/बांसवाड़ा (राजस्थान)।</strong> पुनर्वास कॉलोनी, सागवाड़ा से आयोजित अंतरराष्ट्रीय वेबीनार में सिद्धांत चक्रवर्ती वैज्ञानिक धर्माचार्य कनक नंदी गुरुदेव ने जैन सिद्धांत के अनुसार संसार के स्वरूप, कर्म सिद्धांत, जन्म-मरण तथा वैराग्य पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संसरण करना ही संसार है और चतुर्गति में भ्रमण करने वाला जीव ही संसारी कहलाता है।</p>
<p><strong>संसार का वास्तविक स्वरूप</strong></p>
<p>धर्माचार्य कनक नंदी गुरुदेव ने कहा कि सिद्ध भगवान लोक में विद्यमान हैं, किंतु संसार में नहीं हैं। संसार का संबंध जीव के अपने भावों से है, बाहरी परिस्थितियों से नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मिथ्यात्व, असंयम और योग जीव को संसार में बांधे रखते हैं।</p>
<p><strong>कर्म और जन्म-मरण का संबंध</strong></p>
<p>उन्होंने बताया कि आठ प्रकार के कर्मों से बंधे हुए नारकी, मनुष्य, तिर्यंच और देव आदि जीव संसार में भ्रमण करते हैं। जीव अनादिकाल से जन्म-मरण के चक्र में है और गर्भ से लेकर मृत्यु तक अनेक प्रकार के दुःखों का अनुभव करता है। क्षायोपशमिक ज्ञान तीव्र न होने के कारण जीव अपने पूर्व जन्मों के सुख-दुःख को स्मरण नहीं रख पाता।</p>
<p><strong>वैराग्य का आधार है सम्यक ज्ञान</strong></p>
<p>धर्माचार्य ने कहा कि ज्ञान के बिना वैराग्य संभव नहीं है। जैन धर्म में जन्म-मरण, पाप, दुःख और कर्म का विस्तृत वर्णन इसलिए किया गया है ताकि जीव में वैराग्य उत्पन्न हो। उन्होंने कहा कि तीर्थंकरों और महान संतों को वैराग्य भोग-विलास से नहीं, बल्कि संसार की वास्तविकता को समझने से प्राप्त हुआ।</p>
<p><strong>मुनि सुविज्ञ सागर जी ने किया मंगलाचरण</strong></p>
<p>कार्यक्रम के प्रारंभ में मुनि श्री सुविज्ञ सागर जी गुरुदेव ने आचार्य श्री द्वारा रचित कविता—</p>
<p>&#8220;ना पक्षपात का भाव, ना तोड़-फोड़ का काम।</p>
<p>हे कनक नंदी का भाव, विश्व कल्याण का काम।&#8221;</p>
<p>—के साथ मंगलाचरण किया। कार्यक्रम की जानकारी सागवाड़ा निवासी विजयलक्ष्मी गोदावत ने प्रदान की।</p>
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		<title>भगवान मुनिसुव्रतनाथ की प्रतिमा अगवानी की तैयारियां तेज : दानवीर अशोक पाटनी व पूज्य पवित्रमति माताजी को दिया निमंत्रण, लिया आशीर्वाद </title>
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		<pubDate>Sun, 05 Jul 2026 16:27:58 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[नौगामा स्थित सुखोदय तीर्थ में भगवान मुनिसुव्रतनाथ की प्रतिमा प्रतिष्ठा महोत्सव की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। देशभर में निमंत्रण भेजे जा रहे हैं तथा दानवीर अशोक पाटनी एवं पूज्य पवित्रमति माताजी को भी आमंत्रण देकर आशीर्वाद लिया गया। पढ़िए श्रीफल साथी सुरेश चंद्र गांधी की यह रिपोर्ट। नौगामा (जिला बांसवाड़ा, राजस्थान)। सुखोदय तीर्थ [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>नौगामा स्थित सुखोदय तीर्थ में भगवान मुनिसुव्रतनाथ की प्रतिमा प्रतिष्ठा महोत्सव की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। देशभर में निमंत्रण भेजे जा रहे हैं तथा दानवीर अशोक पाटनी एवं पूज्य पवित्रमति माताजी को भी आमंत्रण देकर आशीर्वाद लिया गया। <span style="color: #ff0000">पढ़िए श्रीफल साथी सुरेश चंद्र गांधी की यह रिपोर्ट।</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>नौगामा (जिला बांसवाड़ा, राजस्थान)।</strong> सुखोदय तीर्थ नसियाजी में नवनिर्मित जिनालय में भगवान मुनिसुव्रतनाथ की काले पाषाण की प्रतिमा के भव्य प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। संपूर्ण नौगामा नगरी को तोरण द्वार, पंचरंगी ध्वज एवं आकर्षक विद्युत सज्जा से सजाया जा रहा है।</p>
<p><strong>प्रतिमा को मिलेगा मुनि श्री सुधा सागर का आशीर्वाद</strong></p>
<p>जैन समाज अध्यक्ष विपुल पंचोली ने बताया कि परम पूज्य मुनि श्री 108 सुधा सागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद से प्रतिमा का तिलक संस्कार संपन्न हुआ है। प्रतिष्ठाचार्य सुयश प्रदीप भैया (अशोकनगर) के मंत्रोच्चार के साथ प्रतिमा प्रतिष्ठा संपन्न होगी। प्रतिमा को पहले मुनि श्री सुधा सागर जी महाराज के वर्तमान मंगल विहार स्थल पर ले जाकर उनका आशीर्वाद प्राप्त कराया जाएगा, इसके बाद प्रतिमा नौगामा पहुंचेगी।</p>
<p><strong>देशभर में भेजे जा रहे निमंत्रण</strong></p>
<p>प्रतिष्ठा महोत्सव के लिए संपूर्ण भारतवर्ष में निमंत्रण भेजे जा रहे हैं। इसी क्रम में किशनगढ़ पहुंचकर दानवीर आरके मार्बल के अशोक जी पाटनी को निमंत्रण पत्र भेंट किया गया। साथ ही पूज्य पवित्रमति माताजी को भी पत्रिका भेंट कर उनके मंगल आशीर्वाद प्राप्त किए गए।</p>
<p><strong>प्रशासन को भी किया आमंत्रित</strong></p>
<p>आयोजन समिति द्वारा जिलाधीश, पुलिस अधीक्षक, डीवाईएसपी, तहसीलदार बागीदौरा सहित विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों को भी निमंत्रण पत्र सौंपे गए हैं, ताकि वे इस धार्मिक आयोजन में सहभागिता कर सकें।</p>
<p><strong>भव्य शोभायात्रा होगी आकर्षण का केंद्र</strong></p>
<p>प्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान हाथी पर सौधर्म इंद्र के प्रतीक स्वरूप सवारी के साथ विशाल शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा में महिलाएं केसरिया वस्त्रों में, पुरुष सफेद परिधान में तथा बालिकाएं मंगल कलश धारण कर नगर भ्रमण करेंगी। बैंड-बाजों और धार्मिक उल्लास के साथ यह आयोजन क्षेत्र की विशेष आस्था का केंद्र बनेगा।</p>
<p><strong>समाज में उत्साह का वातावरण</strong></p>
<p>सुखोदय तीर्थ को विशेष रूप से सजाया जा रहा है तथा संपूर्ण जैन समाज आयोजन को ऐतिहासिक बनाने में जुटा हुआ है। समाज प्रवक्ता सुरेश चंद्र गांधी ने बताया कि श्रद्धालुओं में प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर विशेष उत्साह एवं श्रद्धा का वातावरण है।</p>
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		<title>भगवान मुनिसुव्रतनाथ की प्रतिमा की अगवानी की तैयारियां जोरों पर : दानवीर अशोक पाटनी को सौंपा गया आमंत्रण </title>
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		<pubDate>Sat, 04 Jul 2026 12:29:06 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[सुखोदय तीर्थ नसियाजी, नौगामा में भगवान मुनिसुव्रतनाथ की प्रतिमा स्थापना महोत्सव की तैयारियां तेज़ी से चल रही हैं। समाज की ओर से देशभर में आमंत्रण भेजे जा रहे हैं तथा दानवीर अशोक पाटनी को भी औपचारिक निमंत्रण प्रदान किया गया। पढ़िए श्रीफल साथी सुरेश चंद्र गांधी की यह रिपोर्ट। नौगामा (बांसवाड़ा)। सुखोदय तीर्थ नसियाजी के [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>सुखोदय तीर्थ नसियाजी, नौगामा में भगवान मुनिसुव्रतनाथ की प्रतिमा स्थापना महोत्सव की तैयारियां तेज़ी से चल रही हैं। समाज की ओर से देशभर में आमंत्रण भेजे जा रहे हैं तथा दानवीर अशोक पाटनी को भी औपचारिक निमंत्रण प्रदान किया गया। <span style="color: #ff0000">पढ़िए श्रीफल साथी सुरेश चंद्र गांधी की यह रिपोर्ट।</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>नौगामा (बांसवाड़ा)</strong>। सुखोदय तीर्थ नसियाजी के नवनिर्मित जिनालय में भगवान मुनिसुव्रतनाथ की श्यामवर्ण प्रतिमा स्थापना महोत्सव को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। संपूर्ण नौगामा नगर को तोरणद्वार, पंचरंगी ध्वज एवं आकर्षक विद्युत सज्जा से सजाया जा रहा है। जैन समाज में आयोजन को लेकर उत्साह का वातावरण है।</p>
<p><strong>प्रतिमा स्थापना की तैयारियां तेज</strong></p>
<p>समाज प्रवक्ता सुरेश चंद्र गांधी ने बताया कि परम पूज्य मुनि श्री सुधासागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद से प्रतिमा का तिलक संस्कार सम्पन्न होने के बाद प्रतिष्ठाचार्य सुयश प्रदीप भैया (अशोकनगर) के मंत्रोच्चार के साथ प्रतिमा को नव-निर्मित वेदी पर विधि-विधान से विराजमान कराया जाएगा।</p>
<p><strong>दानवीर अशोक पाटनी को दिया निमंत्रण</strong></p>
<p>नौगामा जैन समाज के प्रतिनिधियों ने किशनगढ़ पहुंचकर आरके मार्बल परिवार के दानवीर अशोक जी पाटनी को प्रतिमा स्थापना महोत्सव में सम्मिलित होने का औपचारिक निमंत्रण प्रदान किया। समाज ने आयोजन में उनकी सहभागिता की अपेक्षा व्यक्त की।</p>
<p><strong>प्रशासन को भी भेजे गए आमंत्रण</strong></p>
<p>आयोजन समिति द्वारा जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, डीवाईएसपी, तहसीलदार बागीदौरा सहित विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों को भी महोत्सव में शामिल होने के लिए आमंत्रण पत्र सौंपे गए हैं।</p>
<p><strong>भव्य शोभायात्रा होगी आकर्षण का केंद्र</strong></p>
<p>जैन समाज अध्यक्ष विपुल पंचोली ने बताया कि प्रतिमा के नगर प्रवेश पर हाथी, बैंड-बाजों एवं धार्मिक ध्वजों के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। महिलाएं केसरिया वेशभूषा, पुरुष श्वेत परिधान तथा बालिकाएं मंगल कलश धारण कर शोभायात्रा की शोभा बढ़ाएंगी।</p>
<p><strong>मुनि श्री का मिलेगा मंगल आशीर्वाद</strong></p>
<p>समाज अध्यक्ष विपुल पंचोली ने बताया कि प्रतिमा को नौगामा लाने से पूर्व परम पूज्य मुनि श्री सुधासागर जी महाराज के वर्तमान विहार स्थल पर ले जाकर उनका मंगल आशीर्वाद प्राप्त कराया जाएगा। इसके पश्चात प्रतिमा का भव्य नगर प्रवेश कराया जाएगा।</p>
<p><strong>धार्मिक उत्साह का वातावरण</strong></p>
<p>प्रतिमा स्थापना महोत्सव को लेकर संपूर्ण वागड़ क्षेत्र के जैन समाज में उत्साह का माहौल है। देशभर से श्रद्धालुओं के आगमन की तैयारियां की जा रही हैं, जिससे यह आयोजन क्षेत्र का ऐतिहासिक धार्मिक उत्सव बनने जा रहा है।</p>
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		<title>मेवाड़-वागड़ की सबसे बड़ी भगवान मुनिसुव्रतनाथ प्रतिमा का 10 जुलाई को होगा भव्य मंगल प्रवेश : ड्रोन से होगी रत्न-पुष्पवर्षा, हाथी करेगा प्रथम श्रीफल अर्पण </title>
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		<pubDate>Fri, 03 Jul 2026 18:55:07 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[निर्माणाधीन सुखोदय तीर्थ नसियाजी, नौगामा में भगवान मुनिसुव्रतनाथ की 21 फीट ऊंची श्यामवर्ण प्रतिमा का 10 से 12 जुलाई तक भव्य मंगल प्रवेश एवं स्थापना महोत्सव आयोजित होगा। आयोजन में ड्रोन से रत्न-पुष्पवर्षा और हाथी द्वारा प्रथम श्रीफल अर्पण प्रमुख आकर्षण रहेंगे। पढ़िए श्रीफल साथी सुरेश चंद्र गांधी की यह रिपोर्ट। नौगामा। वागड़ क्षेत्र के [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>निर्माणाधीन सुखोदय तीर्थ नसियाजी, नौगामा में भगवान मुनिसुव्रतनाथ की 21 फीट ऊंची श्यामवर्ण प्रतिमा का 10 से 12 जुलाई तक भव्य मंगल प्रवेश एवं स्थापना महोत्सव आयोजित होगा। आयोजन में ड्रोन से रत्न-पुष्पवर्षा और हाथी द्वारा प्रथम श्रीफल अर्पण प्रमुख आकर्षण रहेंगे। <span style="color: #ff0000">पढ़िए श्रीफल साथी सुरेश चंद्र गांधी की यह रिपोर्ट।</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>नौगामा।</strong> वागड़ क्षेत्र के जैन समाज के लिए 10 से 12 जुलाई तक ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन होने जा रहा है। निर्माणाधीन सुखोदय तीर्थ नसियाजी में भगवान मुनिसुव्रतनाथ की 21 फीट ऊंची श्यामवर्ण प्रतिमा का भव्य मंगल प्रवेश एवं स्थापना महोत्सव आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के आशीर्वाद, निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद तथा प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप भैया (सुयश, अशोकनगर) के सान्निध्य में सम्पन्न होगा।</p>
<p><strong>बजरंगगढ़ से प्रारंभ होगा मंगल विहार</strong></p>
<p>वास्तुविद श्रीपाल जैन एवं प्रवक्ता सुरेश चंद्र गांधी ने बताया कि भगवान मुनिसुव्रतनाथ की प्रतिमा को पहले बजरंगगढ़ तीर्थ (गुना) ले जाया जाएगा, जहां मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज के समक्ष प्रतिमा का अवलोकन एवं तिलक संस्कार होगा। इसके बाद प्रतिमा का मंगल विहार प्रारंभ किया जाएगा।</p>
<p><strong>10 जुलाई को वागड़ में होगा भव्य प्रवेश</strong></p>
<p>10 जुलाई को प्रातः 7 बजे प्रतिमा का वागड़ क्षेत्र में भव्य प्रवेश होगा। बांसवाड़ा में समाजजन स्वागत करेंगे। शोभायात्रा कलेक्ट्रेट चौराहा, पुराना बस स्टैंड, कस्टम चौराहा, बाहुबली कॉलोनी एवं खांडू कॉलोनी होते हुए वीरोदय तीर्थ पहुंचेगी। कलेक्ट्रेट चौराहे पर जिला प्रशासन द्वारा कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक प्रतिमा की अगवानी करेंगे। रात्रि विश्राम वीरोदय तीर्थ पर होगा, जहां भक्ति संध्या एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।</p>
<p><strong>12 जुलाई को स्थापना महोत्सव</strong></p>
<p>11 जुलाई को प्रतिमा का स्वागत बड़ोदिया, कलिंजरा एवं बागीदौरा में किया जाएगा। 12 जुलाई को प्रातः शोभायात्रा के साथ प्रतिमा सुखोदय तीर्थ नसियाजी पहुंचेगी, जहां दोपहर 12 बजे विधि-विधान के साथ भगवान मुनिसुव्रतनाथ की प्रतिमा की स्थापना की जाएगी।</p>
<p><strong>ड्रोन से होगी रत्न-पुष्पवर्षा</strong></p>
<p>स्थापना महोत्सव के दौरान ड्रोन के माध्यम से प्रतिमा पर रत्न एवं पुष्पवर्षा की जाएगी। आयोजन का विशेष आकर्षण जयपुर से आने वाले हाथी द्वारा भगवान के चरणों में प्रथम श्रीफल अर्पित करना होगा। इसके बाद श्रद्धालु क्रमवार श्रीफल अर्पित करेंगे।</p>
<p><strong>21 फीट ऊंची और 25 टन वजनी प्रतिमा</strong></p>
<p>आयोजकों के अनुसार भगवान मुनिसुव्रतनाथ की कमलासन सहित प्रतिमा 21 फीट ऊंची, 12 फीट चौड़ी एवं लगभग 25 टन वजनी है। प्रतिमा के लिए 11 टन वजनी विशाल कमलासन भी तैयार कराया गया है। पूरे नगर एवं मंदिर परिसर को आकर्षक सजावट से सजाया जाएगा तथा विहार मार्ग पर जगह-जगह श्रद्धालु स्वागत एवं वंदन करेंगे।</p>
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