<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Ayodhya &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<atom:link href="https://www.shreephaljainnews.com/tag/ayodhya/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
	<lastBuildDate>Fri, 03 Apr 2026 09:52:33 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/09/cropped-shri-32x32.png</url>
	<title>Ayodhya &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>अयोध्या में होगा सेवा शिरोमणी सम्मान समारोह 5 अप्रैल को : स्वर्ण जयंती गौरव सम्मान प्राचीन शाखा कामां को </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/the_seva_shiromani_samman_ceremony_will_be_held_in_ayodhya_on_april_5/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/the_seva_shiromani_samman_ceremony_will_be_held_in_ayodhya_on_april_5/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 03 Apr 2026 09:52:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[All India Digambar Jain Youth Council]]></category>
		<category><![CDATA[Ancient Branch Kaman]]></category>
		<category><![CDATA[Award Presentation Ceremony]]></category>
		<category><![CDATA[Ayodhya]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Golden Jubilee Gaurav Samman]]></category>
		<category><![CDATA[Golden Jubilee Year]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[jain samachar]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[Seva Shiromani Samman Ceremony]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन शास्त्री परिषद]]></category>
		<category><![CDATA[अयोध्या]]></category>
		<category><![CDATA[अवार्ड समर्पण समारोह]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[प्राचीन शाखा कामां]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[साधु]]></category>
		<category><![CDATA[सेवा शिरोमणी सम्मान समारोह]]></category>
		<category><![CDATA[स्वर्ण जयंती गौरव सम्मान]]></category>
		<category><![CDATA[स्वर्ण जयंती वर्ष]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=103825</guid>

					<description><![CDATA[अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन युवा परिषद के स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में 5 अप्रैल को अयोध्या की पावन धरा पर भव्य “सेवा शिरोमणी सम्मान” एवं अवार्ड समर्पण समारोह रखा गया है। अयोध्या से पढ़िए, उदयभान जैन की यह खबर&#8230;  अयोध्या। अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन युवा परिषद के स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में 5 [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन युवा परिषद के स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में 5 अप्रैल को अयोध्या की पावन धरा पर भव्य “सेवा शिरोमणी सम्मान” एवं अवार्ड समर्पण समारोह रखा गया है। <span style="color: #ff0000">अयोध्या से पढ़िए, उदयभान जैन की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong> अयोध्या।</strong> अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन युवा परिषद के स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में 5 अप्रैल को अयोध्या की पावन धरा पर भव्य “सेवा शिरोमणी सम्मान” एवं अवार्ड समर्पण समारोह रखा गया है। यह गरिमामय आयोजन परम पूज्य गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी के पावन सानिध्य में प्रज्ञाश्रमणी श्री चंदनामती माताजी की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन तथा पूज्य स्वस्ति श्री रविन्द्र कीर्ति स्वामी जी के निर्देशन में समारोह के सारस्वत अतिथि अनुराग जैन आई ए एस, मुख्य अतिथि कुलाधिपति महावीर यूनिवर्सिटी सुरेश जैन मुरादाबाद, भारत वर्षीय तीर्थ क्षेत्र कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जम्बू प्रसाद जैन गाजियाबाद, विशिष्ट अतिथि सुरेश जैन पूर्व आईएएस भोपाल, जस्टिस विमला जैन भोपाल, हंसमुख गांधी इन्दौर होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जीवनप्रकाश जैन करेंगे। इस अवसर पर युवा परिषद की प्राचीन कामां शाखा का विशेष अभिनंदन स्वर्ण जयंती गौरव सम्मान से किया जाएगा। साथ ही देशभर की उत्कृष्ट एवं श्रेष्ठ शाखाओं को भी आउट स्टैंडिंग शाखा, एक्सीलेंट तथा बेस्ट शाखा से सम्मानित कर उनके उल्लेखनीय कार्यों का गौरवपूर्ण अभिनंदन किया जाएगा।</p>
<p><strong>इनका होगा सम्मान अभिनंदन</strong></p>
<p>युवा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन जयपुर ने जानकारी देते हुए बताया कि समारोह में सेवा शिरोमणी सम्मान से उदयभान जैन (जयपुर), दिलीप जैन (जयपुर), डॉ. अनुपम जैन (इंदौर), बिजेंद्र जैन ( दिल्ली) मनोज जैन (मेरठ), कैलाश जैन (लखनऊ), अनिल जैन (प्रीति विहार, दिल्ली) को सम्मानित किया जाएगा।</p>
<p><strong>स्वस्ति श्री रविन्द्र कीर्ति स्वामी युग पुरुष सम्मान से सम्मानित होंगे</strong></p>
<p>इसके अतिरिक्त इस विशेष अवसर पर कर्मयोगी स्वस्ति श्री रविन्द्र कीर्ति स्वामी जी को युग पुरुष सम्मान से सम्मानित किया जाएगा तथा समाजसेवी जवाहर लाल जैन (सिकन्दराबाद) को कर्मठ व्यक्तित्व पुरस्कार से सम्मान प्रदान किया जाएगा। यह आयोजन न केवल सेवा, समर्पण एवं संगठन की भावना को सशक्त करेगा, बल्कि युवा शक्ति को समाजहित में सक्रिय योगदान हेतु प्रेरित करने का एक महत्वपूर्ण मंच भी सिद्ध होगा। इस कार्यक्रम में विभिन्न प्रांतों से अयोध्या पहुंचेंगे और युवा परिषद् के राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री व राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जैन तथा प्रदेश महामंत्री विमल बज के नेतृत्व में राजस्थान सैंकड़ों सदस्य व पदाधिकारी राजस्थान से पहुंचेंगे।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/the_seva_shiromani_samman_ceremony_will_be_held_in_ayodhya_on_april_5/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी के सानिध्य में आयोजन: भगवान ऋषभदेव जन्मजयंती हर्षोल्लासपूर्वक सम्पन्न </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/lord_rishabhdevs_birth_anniversary_celebrated_with_great_joy/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/lord_rishabhdevs_birth_anniversary_celebrated_with_great_joy/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 20 Mar 2026 08:38:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Ayodhya]]></category>
		<category><![CDATA[birth anniversary]]></category>
		<category><![CDATA[Chaturmas]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[discourse]]></category>
		<category><![CDATA[Ganinipramukh Shri Gyanmati Mataji]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Lord Rishabhdev]]></category>
		<category><![CDATA[Raiganj श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[religious meeting]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[अयोध्या]]></category>
		<category><![CDATA[गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी]]></category>
		<category><![CDATA[चातुर्मास]]></category>
		<category><![CDATA[जन्मजयंती]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सोसायटी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[धर्मसभा]]></category>
		<category><![CDATA[प्रवचन]]></category>
		<category><![CDATA[भगवान ऋषभदेव]]></category>
		<category><![CDATA[रायगंज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=102449</guid>

					<description><![CDATA[भगवान ऋषभदेव की जन्मजयंती हर्षोल्लासपूर्वक एवं प्रभावना के साथ सम्पन्न की गई। शाश्वत तीर्थ अयोध्या में गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी के सानिध्य में यह भव्य कार्यक्रम आयोजित हुआ। अयोध्या स्थित श्री दिगम्बर जैन मंदिर, रायगंज में प्रातःकाल ऐरावत हाथी पर सौधर्म इन्द्र के रूप में अध्यात्म जैन, अर्पिता जैन एवं सम्यक जैन (लखनऊ) द्वारा भगवान [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>भगवान ऋषभदेव की जन्मजयंती हर्षोल्लासपूर्वक एवं प्रभावना के साथ सम्पन्न की गई। शाश्वत तीर्थ अयोध्या में गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी के सानिध्य में यह भव्य कार्यक्रम आयोजित हुआ। अयोध्या स्थित श्री दिगम्बर जैन मंदिर, रायगंज में प्रातःकाल ऐरावत हाथी पर सौधर्म इन्द्र के रूप में अध्यात्म जैन, अर्पिता जैन एवं सम्यक जैन (लखनऊ) द्वारा भगवान के जन्मकल्याणक को पाण्डुक शिला पर अभिषेक कर मनाया गया। <span style="color: #ff0000">पढ़िए अभिषेक अशोक पाटील की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>अयोध्या।</strong> भगवान ऋषभदेव की जन्मजयंती हर्षोल्लासपूर्वक एवं प्रभावना के साथ सम्पन्न की गई। शाश्वत तीर्थ अयोध्या में गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी के सानिध्य में यह भव्य कार्यक्रम आयोजित हुआ। अयोध्या स्थित श्री दिगम्बर जैन मंदिर, रायगंज में प्रातःकाल ऐरावत हाथी पर सौधर्म इन्द्र के रूप में अध्यात्म जैन, अर्पिता जैन एवं सम्यक जैन (लखनऊ) द्वारा भगवान के जन्मकल्याणक को पाण्डुक शिला पर अभिषेक कर मनाया गया। परम पूज्य गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी ससंघ के सानिध्य एवं आचार्य श्री भद्रबाहू सागर जी महाराज ससंघ के मार्गदर्शन में भगवान ऋषभदेव एवं चक्रवर्ती भरत स्वामी की जन्मजयंती का कार्यक्रम अत्यंत भावनापूर्वक सम्पन्न हुआ।</p>
<p><strong>हुआ भव्य विधान</strong></p>
<p>कार्यक्रम के अंतर्गत प्रातःकाल रायगंज मंदिर स्थित पाण्डुक शिला पर भगवान का पंचामृत अभिषेक एवं भगवान ऋषभदेव विधान सम्पन्न किया गया। इसके पश्चात विशाल रथयात्रा अयोध्या तीर्थ के मुख्य मार्गों से होती हुई भगवान ऋषभदेव की जन्मस्थान टोंक पर पहुँची, जहाँ भगवान का पंचामृत अभिषेक सम्पन्न हुआ। जन्मस्थान पर स्थित भगवान के प्राचीन चरणों का भी अभिषेक किया गया।</p>
<p><strong>निकाली गई रथयात्रा</strong></p>
<p>रथयात्रा में ऐरावत हाथी, अवध प्रांत के विभिन्न जैन मंदिरों से विराजमान भगवंतों की झांकियाँ, रथ-बग्गियाँ, साधुगण, मंगल कलश लिए महिलाएँ एवं पुरुष वर्ग पूजन वेशभूषा में बैंड-बाजों के साथ भगवान के अहिंसामयी सिद्धांतों का शंखनाद करते हुए सम्मिलित हुए। रथयात्रा में भगवान को लेकर बैठने का सौभाग्य श्री सुभाषचंद सुयश जैन (लखनऊ, टिकेटनगर) को प्राप्त हुआ, जबकि सारथी के रूप में श्री विनोद कुमार शकुंतला जैन (उत्तमनगर, दिल्ली) रहे। भगवान भरत को लेकर परमेन्द्र जैन परिवार (टिकेटनगर) ने सहभागिता की। धनकुबेर सिद्धार्थ जैन एवं दीप्ति जैन (लखनऊ) भी रथयात्रा में सम्मिलित हुए।</p>
<p>रथयात्रा रामपथ होते हुए तुलसी उद्यान, स्वर्गद्वार स्थित जन्मस्थान टोंक पहुँची। मार्ग में भगवान के जन्मकल्याणक के उपलक्ष्य में नगरवासियों को लड्डू-मिष्ठान का वितरण किया गया तथा पूजन-अभिषेक सम्पन्न हुआ।</p>
<p><strong>इन्हें मिला सौभाग्य</strong></p>
<p>मध्याह्न में रायगंज दिगम्बर जैन मंदिर में भगवान ऋषभदेव की 31 फुट ऊँची विशाल प्रतिमा का परम्परागत मस्तकाभिषेक अनेक द्रव्यों से किया गया। सर्वप्रथम कलश करने का सौभाग्य सुभाषचंद शुभम जैन (फैजाबाद) को प्राप्त हुआ। द्वितीय कलश डॉ. राधा जैन एवं दिनेश जैन (लखनऊ), तृतीय कलश श्री राजकुमार जैन (पटना) द्वारा सम्पन्न किया गया।</p>
<p><strong> इसके अतिरिक्त विभिन्न द्रव्यों से अभिषेक इस प्रकार सम्पन्न हुआ&#8230;</strong></p>
<p>नारियल जल से नितीश कुमार चौक (लखनऊ), इक्षुरस से श्री पुखराज पाण्डया (गोरखपुर), घी से अभिषेक श्री चन्द्रशेखर कासलीवाल, दूध से अभिषेक श्री नितीश जैन (लखनऊ), दही से अभिषेक प्रदीप कुमार एवं अभिषेक जैन (बहराइच), सर्वोषधि से अभिषेक संजय जैन एवं निधेश जैन (टिकेटनगर), हरिद्रा से अभिषेक अनुज जैन एवं अरिहंत जैन (फैजाबाद), लाल चंदन से अभिषेक भरत जैन एवं वर्धमान जैन (टिकेटनगर), चतुष्कोण कलश से अभिषेक अनुज, सोमिल, नीशू एवं रोमा जैन (लखनऊ), विजय कुमार एवं रश्मि जैन (लखनऊ)। मंगल आरती अनिल शरत बाकलीवाल द्वारा सम्पन्न की गई। केसर से अभिषेक योगेश जैन एवं जितेन्द्र जैन (लल्ला भैया, फतेहपुर महमूदाबाद) द्वारा किया गया। पूर्णकलश का सौभाग्य सुरेशचंद जैन (खंडवा) को प्राप्त हुआ। अंत में शांतिधारा जितेन्द्र जैन एवं वैशाली जैन (लल्ला भैया, फतेहपुर) द्वारा सम्पन्न की गई। इसी क्रम में भगवान भरत स्वामी की 31 फुट ऊँची प्रतिमा का सम्पूर्ण पंचामृत अभिषेक नितीश जैन एवं शालिनी जैन (लखनऊ) द्वारा किया गया। सायंकाल 1008 दीपकों द्वारा आरती सम्पन्न की गई तथा भगवान का पालना झुलाने का सौभाग्य अवध प्रांत से आए सभी भक्तों को प्राप्त हुआ। सम्पूर्ण कार्यक्रम प्रज्ञाश्रमणी आर्यिका श्री चंदनामती के मार्गदर्शन में तथा पीठाधीश स्वस्तिश्री रवीन्द्रकीर्ति स्वामीजी के कुशल नेतृत्व में सम्पन्न हुआ।</p>
<p><strong>ये भी रहे मौजूद</strong></p>
<p>इस अवसर पर श्री अमरचंद जैन, विजय कुमार जैन, डॉ. जीवन प्रकाश जैन, तेजकुमार जैन, अंकुर जैन (बाराबंकी), टिकेटनगर से अतुल जैन, राजन जैन, निधेश जैन, पारस जैन सहित अवध प्रांत, दिल्ली, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, लखनऊ, कानपुर आदि स्थानों से आए अनेक भक्तगण उपस्थित रहे।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/lord_rishabhdevs_birth_anniversary_celebrated_with_great_joy/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>टीएमयू के 120 श्रावक-श्राविकाएं माताजी के दर्शनार्थ अयोध्या रवाना : श्री कल्पद्रुम महामंडल विधान में इन स्टूडेंट्स ने लिया था भाग  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/120_monks_and_nuns_of_tmu_left_for_ayodhya_to_visit_mataji/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/120_monks_and_nuns_of_tmu_left_for_ayodhya_to_visit_mataji/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 07 Mar 2026 03:44:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Ayodhya]]></category>
		<category><![CDATA[Chief Ganini Gyanmati Mataji]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[Faculties]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[jain samachar]]></category>
		<category><![CDATA[jain samaj]]></category>
		<category><![CDATA[Shri Abhinandan Nath Bhagwan]]></category>
		<category><![CDATA[Shri Adinath Bhagwan]]></category>
		<category><![CDATA[Shri Ajitnath Bhagwan]]></category>
		<category><![CDATA[Shri Anantnath Bhagwan]]></category>
		<category><![CDATA[Shri Kalpadrum Mahamandal Vidhan]]></category>
		<category><![CDATA[Shri Sumatinath Bhagwan]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[Tirthankara Mahavir University]]></category>
		<category><![CDATA[TMU]]></category>
		<category><![CDATA[अयोध्या]]></category>
		<category><![CDATA[गणिनी प्रमुख ज्ञानमती माताजी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[टीएमयू]]></category>
		<category><![CDATA[तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[फैकल्टीज़]]></category>
		<category><![CDATA[श्री अजीतनाथ भगवान]]></category>
		<category><![CDATA[श्री अनंतनाथ भगवान]]></category>
		<category><![CDATA[श्री अभिनंदन नाथ भगवान]]></category>
		<category><![CDATA[श्री आदिनाथ भगवान]]></category>
		<category><![CDATA[श्री कल्पद्रुम महामंडल विधान]]></category>
		<category><![CDATA[श्री सुमतिनाथ भगवान]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=101259</guid>

					<description><![CDATA[तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के 120 श्रावक-श्राविकाएं और फैकल्टीज़ गणिनी प्रमुख ज्ञानमती माताजी के दर्शनार्थ शुक्रवार सुबह कैंपस से अयोध्या रवाना हुए। ये सभी श्रावक-श्राविकाएं और फैकल्टीज़ श्री कल्पद्रुम महामंडल विधान में शामिल रहे। मुरादाबाद से पढ़िए, प्रो. श्यामसुंदर भाटिया की यह खबर&#8230; मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के 120 श्रावक-श्राविकाएं और फैकल्टीज़ गणिनी प्रमुख ज्ञानमती माताजी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के 120 श्रावक-श्राविकाएं और फैकल्टीज़ गणिनी प्रमुख ज्ञानमती माताजी के दर्शनार्थ शुक्रवार सुबह कैंपस से अयोध्या रवाना हुए। ये सभी श्रावक-श्राविकाएं और फैकल्टीज़ श्री कल्पद्रुम महामंडल विधान में शामिल रहे। <span style="color: #ff0000">मुरादाबाद से पढ़िए, प्रो. श्यामसुंदर भाटिया की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मुरादाबाद।</strong> तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के 120 श्रावक-श्राविकाएं और फैकल्टीज़ गणिनी प्रमुख ज्ञानमती माताजी के दर्शनार्थ शुक्रवार सुबह कैंपस से अयोध्या रवाना हुए। ये सभी श्रावक-श्राविकाएं और फैकल्टीज़ श्री कल्पद्रुम महामंडल विधान में शामिल रहे थे। टीएमयू के कुलाधिपति सुरेश जैन ने संकल्प लिया था कि महामंडल विधान में शामिल होने वाले इन स्टूडेंट्स को माताजी के मंगल आशीर्वाद के लिए अयोध्या भेजेंगे। उल्लेखनीय है कि अयोध्या श्री आदिनाथ भगवान, श्री अजीतनाथ भगवान, श्री अभिनंदन नाथ भगवान, श्री सुमतिनाथ भगवान, श्री अनंतनाथ भगवान की जन्म स्थली भी है। यह दल इन पांचों तीर्थंकरों की जन्मस्थली का दर्शन भी करेगा। साथ ही यह दल सरयू तट पर आरती में भी शामिल होगा। इन श्रावक-श्राविकाओं के अलावा अयोध्या जाने वालों में टिमिट के निदेशक प्रो. विपिन जैन, प्रो. आरके जैन, डॉ. शैफाली जैन, अहिंसा जैन, डॉ. अर्चना जैन आदि भी शामिल हैं। ये 120 स्टूडेंट्स एक दर्जन से अधिक कोर्सेंज़ के हैं।</p>
<p><strong>पांचों तीर्थंकरों की जन्मस्थली के दर्शन करेंगे</strong></p>
<p>टिमिट के निदेशक प्रो. विपिन जैन ने बताया कि अयोध्या पहुंचकर श्रावक-श्राविकाओं के साथ फैकल्टीज़ और स्टाफ का यह दल सर्वप्रथम गणिनी प्रमुख ज्ञानमती माताजी को श्रीफल भेंट करके मंगल आशीर्वाद लेगा। इसके बाद वे पांचों तीर्थंकरों की जन्मस्थली के साथ श्रीराम लला के दर्शन भी करेंगे। ये श्रावक-श्राविकाएं बीसीए, बीटेक, बीबीए, बीलिब, एमबीए, एमबीए कॉर्पोंरेट, बीटेक एआई, बीपीटी, बीएससी फॉरेंसिक साइंस, बीएफए, ऑप्टोमेट्री, बीकॉम, बीबीए आईबी के छात्र हैं। इस दल में चिराग जैन, सर्वज्ञ चौधरी, प्रयास झांझरी, पारस जैन, निकिता जैन, आदित्य जैन, श्रीश जैन, आराध्य जैन, धार्मिक जैन, आरजू जैन, वैभव जैन भी शामिल हैं। यह दल रविवार की रात को टीएमयू कैंपस लौट आएगा।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/120_monks_and_nuns_of_tmu_left_for_ayodhya_to_visit_mataji/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>अयोध्या में समाजबंधुओं ने की भक्तिभाव से की वंदना : शांतिनाथ सेवा संघ की वार्षिक तीर्थ यात्रा  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/in_ayodhya_community_members_offered_prayers_with_devotion/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/in_ayodhya_community_members_offered_prayers_with_devotion/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 25 Jan 2026 07:53:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[annual pilgrimage]]></category>
		<category><![CDATA[Aryika Gyanmati Mataji]]></category>
		<category><![CDATA[Ayodhya]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[jain monk]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Nun]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[shantinath seva sangh]]></category>
		<category><![CDATA[Shashwat Tirth Ayodhya ji]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[अयोध्या]]></category>
		<category><![CDATA[आर्यिका ज्ञानमति माताजी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[वार्षिक तीर्थ यात्रा]]></category>
		<category><![CDATA[शांतिनाथ सेवा संघ]]></category>
		<category><![CDATA[शाश्वत तीर्थ अयोध्याजी]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=98816</guid>

					<description><![CDATA[भगवान आदिनाथ स्वामी सहित पांच तीर्थंकरों की जन्मभूमि शाश्वत तीर्थ अयोध्याजी में 621 यात्रियों के समूह ने तीर्थंकरों की आराधना करते हुए अभिषेक, शांतिधारा, पूजन एवं वंदना की। मुरैना से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर&#8230; मुरैना। भगवान आदिनाथ स्वामी सहित पांच तीर्थंकरों की जन्मभूमि शाश्वत तीर्थ अयोध्याजी में 621 यात्रियों के समूह ने [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>भगवान आदिनाथ स्वामी सहित पांच तीर्थंकरों की जन्मभूमि शाश्वत तीर्थ अयोध्याजी में 621 यात्रियों के समूह ने तीर्थंकरों की आराधना करते हुए अभिषेक, शांतिधारा, पूजन एवं वंदना की। <span style="color: #ff0000">मुरैना से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मुरैना।</strong> भगवान आदिनाथ स्वामी सहित पांच तीर्थंकरों की जन्मभूमि शाश्वत तीर्थ अयोध्याजी में 621 यात्रियों के समूह ने तीर्थंकरों की आराधना करते हुए अभिषेक, शांतिधारा, पूजन एवं वंदना की। तीर्थयात्रा संघ के मुख्य मुख्य संयोजक गोकुलचंद जैन ने बताया कि दिल्ली शकरपुर की सेवा भावी संस्था श्री शांतिनाथ सेवा संघ द्वारा वार्षिक तीर्थयात्रा 2025 के तहत इस वर्ष 23 से 26 जनवरी तक अयोध्या, बनारस की तीर्थयात्रा का आयोजन किया गया है । यात्रा के प्रथम दिवस 621 तीर्थ यात्रियों ने अयोध्याजी पहुंचकर भगवान आदिनाथ, अजितनाथ, अभिनंदन, सुमतिनाथ, अनंतनाथ, स्वामी सहित अन्य सभी जिनालयों की वंदना कर दर्शन किए । अत्यंत ही भक्ति भावना के साथ सभी साधर्मी बंधुओं ने गणिनी आर्यिका ज्ञानमति माताजी के श्रीचरणों में श्रीफल अर्पित करते हुए आशीर्वाद प्राप्त किया।</p>
<p><strong>यात्री श्रावस्ती एवं धर्मनगरी के लिए रवाना होंगे</strong></p>
<p>तीन दिवसीय यात्रा के दौरान सभी यात्रियों के लिए चाय, नाश्ता एवं भोजनादि की व्यवस्था श्रावक श्रेष्ठी पवन जैन, अक्षत जैन, मेघा जैन, दिवीशा, जिनीश, विजयलक्ष्मी जैन नोएडा एवं शाम-रात्रि के फलाहार दूध आदि की व्यवस्था वीरेंद्रकुमार सतेंद्रकुमार जैन कुतुकपुर वाले आगरा के सौजन्य से की गई है। श्री शांतिनाथ सेवा संघ शकरपुर के अध्यक्ष हरिश्चंद जैन, मंत्री दिनेश जैन टीटू, कोषाध्यक्ष अजय जैन अजीया, दीपक जैन, संजय जैन मुरैना सहित सभी कार्यकर्ता एवं पूरी टीम यात्रियों की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखते हुए कड़ी मेहनत कर, उनकी यात्रा को सुगम बनाने के लिए प्रयासरत रहे। यात्रा के द्वितीय दिन आज सभी यात्रीगण 12 बसों द्वारा श्रावस्ती एवं धर्मनगरी के लिए रवाना होंगे । दिन में श्रावस्ती एवं धर्मनगरी में तीर्थ वंदना, पूजन भक्ति के पश्चात सभी लोग बनारस के लिए रवाना होंगे।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/in_ayodhya_community_members_offered_prayers_with_devotion/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>50वें स्वर्ण जयंती स्थापना दिवस पर भव्य समारोह संपन्न: अयोध्या में अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन युवा परिषद का हुआ आयोजन  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/a_grand_ceremony_was_held_to_mark_the_50th_golden_jubilee_foundation_day/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/a_grand_ceremony_was_held_to_mark_the_50th_golden_jubilee_foundation_day/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 04 Jan 2026 14:37:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[50th Golden Jubilee Foundation Day]]></category>
		<category><![CDATA[50वें स्वर्ण जयंती स्थापना दिवस]]></category>
		<category><![CDATA[All India Digambar Jain Youth Council]]></category>
		<category><![CDATA[Ayodhya]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[Ganini Pramukh Shri Gyanmati Mataji]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[अयोध्या]]></category>
		<category><![CDATA[गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=97726</guid>

					<description><![CDATA[अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन युवा परिषद का 50वाँ स्वर्ण जयंती स्थापना दिवस दिव्यशक्ति गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी के पावन सान्निध्य में 1 जनवरी को शाश्वत तीर्थ में मनाया गया। इस अवसर पर जहाँ पूज्य माताजी द्वारा देश के युवाओं के नाम संदेश एवं मंगल आशीर्वाद प्रदान किया गया। अयोध्या से पढ़िए, यह खबर&#8230; अयोध्या। अखिल [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन युवा परिषद का 50वाँ स्वर्ण जयंती स्थापना दिवस दिव्यशक्ति गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी के पावन सान्निध्य में 1 जनवरी को शाश्वत तीर्थ में मनाया गया। इस अवसर पर जहाँ पूज्य माताजी द्वारा देश के युवाओं के नाम संदेश एवं मंगल आशीर्वाद प्रदान किया गया। <span style="color: #ff0000">अयोध्या से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span><del></p>
<hr />
<p></del></strong></p>
<p><strong>अयोध्या।</strong> अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन युवा परिषद का 50वाँ स्वर्ण जयंती स्थापना दिवस दिव्यशक्ति भारतगौरव गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी के पावन सान्निध्य में 1 जनवरी को शाश्वत तीर्थ में मनाया गया। इस अवसर पर जहाँ पूज्य माताजी द्वारा देश के युवाओं के नाम संदेश एवं मंगल आशीर्वाद प्रदान किया गया। वहीं युवा परिषद की मार्गदर्शिका आर्यिका श्री चंदनामती माताजी ने 1 जनवरी 2026 से 1 जनवरी 2027 तक ‘‘युवा परिषद स्वर्ण जयंती वर्ष” की घोषणा करके समस्त युवा परिषद को 1 साल इसे विशिष्ट आयोजनों के साथ मनाने की प्रेरणा प्रदान की।</p>
<p><strong>’राष्ट्रीय स्तर पर दीपप्रज्ज्वलन एवं महामस्तकाभिषेक</strong></p>
<p>अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन युवा परिषद् के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन जयपुर ने अवगत कराया कि समारोह में अयोध्या में विराजमान 31 फुट उत्तुंग भगवान ऋषभदेव प्रतिमा का 1 जनवरी को भव्य दिव्य पंचामृत महामस्तकाभिषेक 50 किलो दूध के साथ अनेक प्रकार की सर्वाेषधियों से संपन्न किया गया एवं शांतिधारा की गयी। जिसका सौभाग्य विशेषरूप से कमल कासलीवाल मुम्बई ने प्राप्त किया। पुनरू इस अवसर पर सामूहिक ऑनलाइन दीप प्रज्ज्वलन के माध्यम से देश की विभिन्न युवा परिषद शाखाओं के पदाधिकारियों और सदस्यों ने भगवान ऋषभदेव जूम चौनल से जुड़कर अपने-अपने स्थानीय जिनमंदिरों, कार्यालय अथवा विभिन्न स्थानों पर एकत्रित होकर दीप प्रज्वलन भी किया।</p>
<p>राष्ट्रीय स्तर पर अयोध्या में माताजी के समक्ष यह दीप प्रज्वलन युवा परिषद के परामर्श प्रमुख कर्मयोगी पीठाधीश स्वस्तिश्री रवींद्रकीर्ति स्वामीजी की गरिमामयी उपस्थिति में राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जीवन प्रकाश जैन के साथ केन्द्रीय संगठन मंत्री निधेश जैन-टिकैतनगर तथा मुम्बई शाखा से विशेष उपस्थित गौरव अध्यक्ष कमल कुमार कासलीवाल, लखनऊ शाखा अध्यक्ष शुभचंद्र जैन सर्राफ, बाराबंकी शाखा महामंत्री तेज कुमार जैन, महमूदाबाद शाखा से योगेश जैन ’पुच्चू’, टिकैतनगर शाखा से प्रिंस जैन, प्रांकुल जैन, प्रांजल जैन, संघ के संघपति श्री अनिल कुमार जैन, प्रीतविहार-दिल्ली तथा लखनऊ से विशिष्ट युवा साथी अध्यात्म-अर्पिता जैन सर्राफ व दिनेश-राधा जैन आदि महानुभावों द्वारा किया गया।</p>
<p><strong>ऑनलाइन दीप प्रज्वलन में यह रहे मौजूद</strong></p>
<p>इस अवसर पर ऑनलाइन दीप प्रज्जवलन करने हेतु केन्द्रीय संरक्षक मदन जैन-दिल्ली, विकास जैन-वैशाली, नितिन भाई शाह-न्यूजर्सी (अमेरिका), राष्ट्रीय मुख्य संयोजक विजय कुमार जैन-जम्बूद्वीप, राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन-जयपुर, उपाध्यक्ष पवन जैन-घुवारा व कमलेश भाई शाह-नार्थ कैरोलिना (अमेरिका), उत्तरप्रदेश अध्यक्ष आदीश जैन सर्राफ-लखनऊ, महामंत्री रितेश जैन-लखनऊ, राजस्थान महामंत्री विमल बज-जयपुर, बुन्देलखण्ड अध्यक्ष अंकित जैन-हीरापुर, खण्डवा जिलाध्यक्ष जितेन्द्र-सपना जैन, तेलंगाना महामंत्री गौरव जैन-हैदराबाद, कोल्हापुर कार्याध्यक्ष अभिषेक जैन पाटिल, निमाड़ प्रान्तीय अध्यक्ष एडवोकेट अंजना जैन-बड़वानी, अकोला संयोजक प्रवीण-सारिका बिलाला, जयपुर हेरिटेज शाखा मंत्री नरेश छाबड़ा, तथा प्रीति पाटनी-संभाजीनगर आदि विभिन्न सामाजिक श्रावक-श्राविकाएं भी दीप प्रज्ज्वलन में उपस्थित रहे।</p>
<p><strong>आशीर्वचन दिए गए</strong></p>
<p>इस अवसर पर पूज्य माताजी ने अपना संदेश देते हुए सभी युवा साथियों को अपनी शक्ति का सदुपयोग समाज और धर्म के विकास में करने की प्रेरणा दी और युवा परिषद के माध्यम से अपने कार्यकलापों को जन-जन तक पहुँचाने का संदेश भी दिया।</p>
<p><strong>आगामी 5 अप्रैल को अयोध्या में भव्य राष्ट्रीय अधिवेशन</strong></p>
<p>इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जीवन प्रकाश जैन ने अपने उद्बोधन में युवा परिषद की समस्त शाखाओं को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपने कार्यकलापों की प्रभावना करने का लक्ष्य रखने की प्रेरणा प्रदान की। आपने स्वर्ण जयंती वर्ष के अन्तर्गत सभी शाखाओं को स्थाई और अस्थाई योजनाओं के माध्यम से स्वर्ण जयंती को चिरस्थाई बनाने का भी आह्वान किया। इसके साथ ही आगामी दिनाँक 5 अप्रैल 2026, रविवार को शाश्वत तीर्थ अयोध्या में गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी के 71वें आर्यिका दीक्षा दिवस एवं युवा परिषद के स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय अधिवेशन एवं अवार्ड समर्पण समारोह आदि आयोजन की भी घोषणा की।</p>
<p><strong>इन्होंने विचार रखे</strong></p>
<p>इसी के साथ अध्यक्ष महोदय द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर युवा परिषद के 50 वें स्थापना दिवस समारोह का आयोजन 11 जनवरी को प्रातः 6 से 8 बजे तक भगवान ऋषभदेव ज़ूम चैनल के माध्यम से पारस टीवी चैनल पर सीधा प्रसारण करके ऑनलाइन मनाने की भी घोषणा की गई। समारोह में राष्ट्रीय महामंत्री श्री उदयभान जैन ने भी समस्त शाखा के पदाधिकारियों को बढ़-चढ़कर स्वर्ण जयंती के अवसर पर अपने अपने क्षेत्रों में धार्मिक व सामाजिक कार्यक्रम आयोजित कर स्वर्ण जयंती वर्ष मनाने हेतु प्रेरित किया। साथ ही कमल कासलीवाल-मुम्बई, शुभचंद्र जैन सर्राफ-लखनऊ, संजयराजा-मुम्बई, निधेश जैन-टिकैतनगर, श्रेयांस जैन-नागपुर आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए।</p>
<p><strong>स्वर्णिम स्थापना दिवस पर अनेक शाखाओं ने किए विविध आयोजन</strong></p>
<p>युवा परिषद के 50वें स्वर्ण जयंती स्थापना दिवस पर अनेक शाखाओं ने स्थानीय स्तर पर विविध आयोजन करके इसे मनाया। दिल्ली प्रदेश शाखा द्वारा आवश्यकमंदों को ठंड में गर्म कपड़ों का वितरण, टिकैतनगर शाखा द्वारा 750 भक्तों को सम्मेदशिखरजी तीर्थ यात्रा, इंदौर शाखा द्वारा 550 भक्तों को सम्मेदशिखरजी तीर्थ यात्रा, तथा इसी प्रकार कामां, कोटा, बुन्देलखंड, हेरिटेज-जयपुर, ऋषभदेव-केशरियाजी, हटा जी आदि विभिन्न स्थानों पर भी स्वर्ण जयंती मनायी गई।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/a_grand_ceremony_was_held_to_mark_the_50th_golden_jubilee_foundation_day/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>टीएमयू कुलाधिपति अयोध्या में धर्म ध्वजारोहण के ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने: जीवीसी मनीष जैन और एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर अक्षत जैन ने भी समारोह में दर्ज कराई विशिष्ट उपस्थिति </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/tmu_chancellor_at_ayodhya_dharma_flag_hoisting/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/tmu_chancellor_at_ayodhya_dharma_flag_hoisting/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 25 Nov 2025 14:44:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Akshat Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Ayodhya]]></category>
		<category><![CDATA[Dharma Flag Hoisting]]></category>
		<category><![CDATA[Historic Moment]]></category>
		<category><![CDATA[Manish Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Ram Temple]]></category>
		<category><![CDATA[Rekha Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Sanatan Culture]]></category>
		<category><![CDATA[Suresh Jain]]></category>
		<category><![CDATA[TMU University]]></category>
		<category><![CDATA[अक्षत जैन]]></category>
		<category><![CDATA[अयोध्या]]></category>
		<category><![CDATA[ऐतिहासिक पल]]></category>
		<category><![CDATA[टीएमयू विश्वविद्यालय]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म ध्वजारोहण]]></category>
		<category><![CDATA[मनीष जैन]]></category>
		<category><![CDATA[रेखा जैन]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीराम जन्मभूमि]]></category>
		<category><![CDATA[सनातन संस्कृति]]></category>
		<category><![CDATA[सुरेश जैन]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=95368</guid>

					<description><![CDATA[अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वजारोहण के ऐतिहासिक क्षण में टीएमयू कुलाधिपति श्री सुरेश जैन, जीवीसी श्री मनीष जैन तथा एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर श्री अक्षत जैन साक्षी बने। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित अनेक विशिष्ट हस्तियाँ उपस्थित रहीं। श्रीफल साथी &#8230;&#8230;..   जब धर्म और ध्वज एक साथ शिखर पर पहुँचते हैं, [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वजारोहण के ऐतिहासिक क्षण में टीएमयू कुलाधिपति श्री सुरेश जैन, जीवीसी श्री मनीष जैन तथा एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर श्री अक्षत जैन साक्षी बने। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित अनेक विशिष्ट हस्तियाँ उपस्थित रहीं। <span style="color: #ff0000">श्रीफल साथी &#8230;&#8230;.. </span></strong></p>
<hr />
<p style="text-align: center"><strong><span style="color: #ff0000"> जब धर्म और ध्वज एक साथ शिखर पर पहुँचते हैं, तब इतिहास बनता है।</span></strong></p>
<p>इंदौर । अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वजारोहण का भव्य और दिव्य क्षण तेज रोशनी की तरह चमक उठा। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र–ट्रस्ट के विशेष आमंत्रण पर तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के कुलाधिपति श्री सुरेश जैन ने इस पावन अनुष्ठान में शामिल होकर धर्म ध्वजा फहराने का सौभाग्य पाया। इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी टीएमयू के जीवीसी श्री मनीष जैन और एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर श्री अक्षत जैन भी रहे, जिन्होंने अपनी विशिष्ट उपस्थिति दर्ज कराई।</p>
<p><strong>भगवा ध्वज फहरते ही गूंजे जयकारे</strong></p>
<p>अभिजीत मुहूर्त में जैसे ही प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भगवा धर्म ध्वजा फहराने की प्रक्रिया शुरू की, पूरा परिसर “जय श्रीराम” के नारों से गूंज उठा। धर्म ध्वजा का भगवा रंग, सूर्य चिन्ह और कोविदार वृक्ष — रामराज्य की गौरवमयी कीर्ति का प्रतीक बताया गया।</p>
<p><strong>देश की नामी हस्तियाँ बनीं साक्षी</strong></p>
<p>समारोह में साधु-संतों के साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत, राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ सहित कई गणमान्य हस्तियाँ उपस्थित थीं। धर्म, संस्कृति और राष्ट्रभाव एक ही मंच पर पूर्ण गौरव के साथ दिखाई दिए।</p>
<p><strong> टीएमयू प्रतिनिधि मंडल हुआ भावविभोर</strong></p>
<p>ध्वजारोहण के बाद समारोह में मौजूद अतिथियों, साधु-संतों और आमंत्रित गणमान्य व्यक्तियों ने श्रीरामलला के दर्शन किए और भव्य मंदिर परिसर में अभिभूत होते हुए स्मरणीय क्षणों को सेल्फी और फोटोग्राफी में कैद किया। कुलाधिपति श्री सुरेश जैन ने भावुक होकर कहा — “धर्म ध्वज केवल वस्त्र नहीं, यह सनातन संस्कृति की आत्मा है।” जीवीसी श्री मनीष जैन और एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर श्री अक्षत जैन ने कहा — “यह क्षण हम सभी के लिए गौरवपूर्ण, अद्वितीय और अवर्णनीय है।”</p>
<p><strong> इतिहास में दर्ज पहले भी विशेष योगदान</strong></p>
<p>ध्यान देने योग्य है कि कुलाधिपति श्री सुरेश जैन और जीवीसी श्री मनीष जैन 22 जनवरी 2024 को आयोजित श्रीराम प्राण प्रतिष्ठा समारोह में भी विशेष आमंत्रित अतिथि के रूप में शामिल हो चुके हैं। अयोध्या और प्रभु श्रीराम के प्रति उनकी श्रद्धा और सहभागिता पहले से ही ऐतिहासिक है।</p>
<p style="text-align: center"><span style="color: #ff0000"><strong>ध्वज ऊँचा रहे धर्म का — यही सनातन की शक्ति और भारत की पहचान है।</strong></span></p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/tmu_chancellor_at_ayodhya_dharma_flag_hoisting/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>उत्तम छिमा गहो रे भाई, इह भव जस, पर भव सुखदाई : ज्ञान, ध्यान एवं संयम की आराधना का पर्व पर्यूषण- प्रतिष्ठाचार्य विजयकुमार जैन </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/brother_accept_the_best_of_grace_this_world_will_give_you_glory_and_happiness_in_the_other_world/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/brother_accept_the_best_of_grace_this_world_will_give_you_glory_and_happiness_in_the_other_world/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 27 Aug 2025 08:40:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Ayodhya]]></category>
		<category><![CDATA[Brahmachari]]></category>
		<category><![CDATA[Chief Ganini Shri Gyanmati Mataji Sangh]]></category>
		<category><![CDATA[Dashlakshan Festival]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Pratishthacharya Vijay Kumar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[Softness Section]]></category>
		<category><![CDATA[अयोध्या]]></category>
		<category><![CDATA[गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दशलक्षण पर्व]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[प्रतिष्ठाचार्य विजयकुमार जैन]]></category>
		<category><![CDATA[ब्रह्मचारी]]></category>
		<category><![CDATA[मृदुता स्कंध]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=88669</guid>

					<description><![CDATA[गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी ससंघ अयोध्या में विराजित हैं। यहां पर धर्म आराधना और भगवान के अभिषेक पूजन आदि विधान की नित्य सेवा हो रही है। गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी के संघस्थ ब्रह्मचारी प्रतिष्ठाचार्य विजयकुमार जैन ने उत्तम क्षमा धर्म के बारे में कहा कि ‘उत्तम छिमा गहो रे भाई, इह भव जस, [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी ससंघ अयोध्या में विराजित हैं। यहां पर धर्म आराधना और भगवान के अभिषेक पूजन आदि विधान की नित्य सेवा हो रही है। गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी के संघस्थ ब्रह्मचारी प्रतिष्ठाचार्य विजयकुमार जैन ने उत्तम क्षमा धर्म के बारे में कहा कि ‘उत्तम छिमा गहो रे भाई, इह भव जस, पर भव सुखदाई। गाली सुनि मन खेद न आनो, गुनको औगुन कहै अयानो।’ <span style="color: #ff0000">अयोध्या से पढ़िए, अभिषेक अशोक पाटील की खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>अयोध्या।</strong> गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी ससंघ अयोध्या में विराजित हैं। यहां पर धर्म आराधना और भगवान के अभिषेक पूजन आदि विधान की नित्य सेवा हो रही है। गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी के संघस्थ ब्रह्मचारी प्रतिष्ठाचार्य विजयकुमार जैन ने उत्तम क्षमा धर्म के बारे में कहा कि ‘उत्तम छिमा गहो रे भाई, इह भव जस, पर भव सुखदाई। गाली सुनि मन खेद न आनो, गुनको औगुन कहै अयानो।’ क्षमा-वीरस्य-भूषणम् अर्थात् क्षमा वीरों का अभूषण है। कायर व्यक्ति क्षमा नहीं कर सकता है। क्षमा धर्म जीवन का श्रृंगार है। उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति क्षमाशील नहीं है तो वह अप्रियता को सदैव प्राप्त होता है। उस व्यक्ति को समाज में कोई भी पसंद नहीं करता है एवं पास में नहीं बिठाता है। सदैव उसका तिरस्कार किया जाता है। इसलिए आचार्यों ने क्षमा को सर्व श्रेष्ठ धर्म बताया है। सबसे क्षमाशील होने की धरती को उपमा दी गई है क्योंकि, धरती को मां की संज्ञा दी है। मां सदैव क्षमा से भरी होती है। पुत्र कितनी भी, कैसी भी दुष्टता करता है लेकिन, मां सदैव क्षमा करती है। जैन दर्शन में क्षमा धर्म को ग्रहण करके अनेक मुनियों ने मोक्ष प्राप्त किया है। जैसे भगवान बाहुबली स्वामी, पांडव कुमार महामुनि, गजकुमार मुनि एवं गांधी जैसे महात्मा ने भी अपने प्राण लेने वाले को भी क्षमादान दिया। सब कुछ अपराध सहन करके, भावों को पूर्ण क्षमा करिए। यह उत्तम क्षमा जगन्माता, इसकी नितप्रति अर्चा करिए।</p>
<p><strong><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-88672" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/08/IMG-20250808-WA0032.jpg" alt="" width="1066" height="1600" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/08/IMG-20250808-WA0032.jpg 1066w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/08/IMG-20250808-WA0032-200x300.jpg 200w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/08/IMG-20250808-WA0032-682x1024.jpg 682w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/08/IMG-20250808-WA0032-768x1153.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/08/IMG-20250808-WA0032-1023x1536.jpg 1023w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/08/IMG-20250808-WA0032-990x1486.jpg 990w" sizes="(max-width: 1066px) 100vw, 1066px" />दशलक्षण पर्व और धर्म यह है सार</strong></p>
<p>क्षमा जिसकी जड़ है, मृदुता स्कंध हैं, आर्जव शाखाएं है, उसको सिंचित करने वाला शौचधर्म जल है, सत्यधर्म पत्ते हैं, संयम, तप और त्याग रूप पुष्प खिल रहे हैं, आकिंचन्य और ब्रह्मचर्य धर्मरूप सुन्दर मंजरियां निकल आई हैं। ऐसा यह धर्म रूप कल्पवृक्ष स्वर्ग और मोक्षरूप फल को देता है। हे धर्मकल्पतरों! मैं तुम्हारी पुनः पुनः उपासना करके तुमसे ज्ञानवती लक्ष्मी से युक्त मुक्तिरूप एक सर्वाेत्कृष्ट फल की ही याचना करता हूं। अंत में आपस में एक-दूसरे से वर्ष भर में हुई गल्तियों के लिए मन-वचन-काय से क्षमा प्रार्थना करके अंतर मन के कालुष एवं बैर भावों का त्याग करें। यही दशलक्षण पर्व का सार है।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/brother_accept_the_best_of_grace_this_world_will_give_you_glory_and_happiness_in_the_other_world/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>दिल्ली लखनऊ टिकैतनगर में मनाया गया रत्नत्रय महोत्सव: अष्टद्रव्य से पूजन, आरती कर लिया आचार्यश्री और माताजी का आशीर्वाद  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/ratnatraya_mahotsav_celebrated_in_delhi_lucknow_tikaitnagar/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/ratnatraya_mahotsav_celebrated_in_delhi_lucknow_tikaitnagar/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 18 Aug 2025 12:37:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA['Kalyan Kalpataru Stotra']]></category>
		<category><![CDATA[’कल्याण कल्पतरु स्तोत्र’]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Shri Shantisagar Ji Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[Ashtadravya]]></category>
		<category><![CDATA[Ayodhya]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[Ganinipramukh Shri Gyanmati Mataji]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Ratnatray Mahotsav]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[अयोध्या]]></category>
		<category><![CDATA[अष्टद्रव्य]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[रत्नत्रय महोत्सव]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=87936</guid>

					<description><![CDATA[अयोध्या में गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी के जन्म दिवस एवं संयम दिवस के अवसर पर 108 दिवसीय रत्नत्रय महोत्सव का आयोजन चल रहा है। शाश्वत तीर्थ अयोध्या में 108 दिवसीय ’रत्नत्रय महोत्सव’ का शुभारंभ श्रावण कृष्ण एकम 11 जुलाई को हुआ। सोमवार को 39 वां दिवस मनाया गया। अयोध्या में दीप प्रज्वलन से कार्यक्रम का [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>अयोध्या में गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी के जन्म दिवस एवं संयम दिवस के अवसर पर 108 दिवसीय रत्नत्रय महोत्सव का आयोजन चल रहा है। शाश्वत तीर्थ अयोध्या में 108 दिवसीय ’रत्नत्रय महोत्सव’ का शुभारंभ श्रावण कृष्ण एकम 11 जुलाई को हुआ। सोमवार को 39 वां दिवस मनाया गया। अयोध्या में दीप प्रज्वलन से कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। दिल्ली, लखनऊ, टिकैत नगर के भक्त परिवार ने अपने घर में माताजी का रत्नत्रय महोत्सव मनाया। <span style="color: #ff0000">अयोध्या से पढ़िए, अभिषेक अशोक पाटील की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>अयोध्या।</strong> गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी ससंघ अयोध्या में विराजमान हैं। गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी की संघस्थ सुरभि दीदी जी ने कहा कि गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी के 92वें जन्म दिवस एवं 74 वें संयम दिवस शरद पूर्णिमा के अवसर पर शाश्वत तीर्थ अयोध्या में 108 दिवसीय रत्नत्रय महोत्सव चल रहा है। उन्होंने कहा कि गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी के अनेक भक्तांे ने अपने मनोगत में कहा कि श्री ज्ञानमती माताजी दीर्घायु हों, माताजी का अधिक से अधिक समय तक हमें धर्म लाभ मिलता रहे। माताजी के सानिध्य में उनकी जन्म शताब्दी मनाने का अवसर मिले, ऐसी भावना व्यक्त की। शाश्वत तीर्थ अयोध्या में 108 दिवसीय ’रत्नत्रय महोत्सव’ का शुभारंभ श्रावण कृष्ण एकम 11 जुलाई को हुआ। सोमवार को 39 वां दिवस मनाया गया। अयोध्या में दीप प्रज्वलन से कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। दिल्ली, लखनऊ, टिकैत नगर के भक्त परिवार ने अपने घर में माताजी का रत्नत्रय महोत्सव मनाया।</p>
<p><strong>सेमवार को इनके घर में मना रत्नत्रय महोत्सव </strong></p>
<p>थ्जनराज मंजू जैन, आयुषी, जीनांशी, कैवल्या जैन, सुरभि जैन, योगेश जैन, मयंक हिमानी जैन, सम्यक जैन रेनु जैन, सिविल लाइन दिल्ली, नरेंद्र किरण जैन, धन्नू ममता जैन, बिजेंद्र तृप्ति जैन, अतिशय सुभागंनि जैन, पारस, तन्मय, शुभ जैन ज्ञान ज्योति परिवार निराला नगर, लखनऊ, अरविंद बीना जैन, पारस मोनिका जैन, विमन्यु दृष्टि जैन, श्रेयश, सम्यक जैन, टिकैत नगर में रत्नत्रय महोत्सव मनाया गया। सभी ने अपने घरो में आर्यिका श्री ज्ञानमती माताजी की तस्वीर रखकर उसके सामने सजावट कर अष्टद्रव्य से आचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज और आर्यिका ज्ञानमती माताजी का पूजन किया और सभी भक्तांे ने मिलकर भक्ति भाव से आरती की। गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी और प्रज्ञाश्रमणी श्री चंदनामती माताजी ने सभी भक्तांे को आशिर्वाद प्रदान किया। इस अवसर पर आर्यिका श्री चंदनामती माताजी के मुखारविंद से ’तीर्थंकर देशना’ सत्र के अंतर्गत गणिनी श्री ज्ञानमती माताजी की लेखनी से प्रस्तुत ’कल्याण कल्पतरु स्तोत्र’ जैसी विलक्षण रचना का अध्ययन भी कराया गया।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/ratnatraya_mahotsav_celebrated_in_delhi_lucknow_tikaitnagar/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>भारतीय संस्कृति के विकास में आदिकाल से ही जैन परंपरा का महत्वपूर्ण योगदान: जैन एकेडमी ऑफ स्कॉलर एवं श्री आदिनाथ मेमोरियल ट्रस्ट की ऑन लाइन व्याख्यान माला का निष्कर्ष  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/jain_tradition_has_played_an_important_role_in_the_development_of_indian_culture_since_ancient_times/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/jain_tradition_has_played_an_important_role_in_the_development_of_indian_culture_since_ancient_times/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 18 Aug 2025 11:43:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Ayodhya]]></category>
		<category><![CDATA[Buddhist Literature]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[Ikshwaku Dynasty]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Academy of Scholar]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Online Lecture Series]]></category>
		<category><![CDATA[Shri Adinath Memorial Trust]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[Tirthankara Tradition]]></category>
		<category><![CDATA[अयोध्या]]></category>
		<category><![CDATA[इक्ष्वाकु वंश]]></category>
		<category><![CDATA[ऑन लाइन व्याख्यान माला]]></category>
		<category><![CDATA[जैन एकेडमी ऑफ स्कॉलर]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[तीर्थंकर परंपरा]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[बौद्ध साहित्यिक]]></category>
		<category><![CDATA[श्री आदिनाथ मेमोरियल ट्रस्ट]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=87887</guid>

					<description><![CDATA[जैन एकेडमी ऑफ स्कॉलर एवं श्री आदिनाथ मेमोरियल ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में विगत 12 अगस्त को ‘भारतीय संस्कृति के विकास में जैन धर्म का योगदान’ विषय पर 24 वें मासिक ऑन लाइन व्याख्यान माला हुई। इसमें अयोध्या का इक्ष्वाकु वंश और तीर्थंकर परंपरा की ऐतिहासिकता विषय पर वक्ता शैलेंद्रकुमार जैन, लखनऊ ने अपने विचार [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>जैन एकेडमी ऑफ स्कॉलर एवं श्री आदिनाथ मेमोरियल ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में विगत 12 अगस्त को ‘भारतीय संस्कृति के विकास में जैन धर्म का योगदान’ विषय पर 24 वें मासिक ऑन लाइन व्याख्यान माला हुई। इसमें अयोध्या का इक्ष्वाकु वंश और तीर्थंकर परंपरा की ऐतिहासिकता विषय पर वक्ता शैलेंद्रकुमार जैन, लखनऊ ने अपने विचार व्यक्त किए। <span style="color: #ff0000">पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p>जैन एकेडमी ऑफ स्कॉलर एवं श्री आदिनाथ मेमोरियल ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में विगत 12 अगस्त को ‘भारतीय संस्कृति के विकास में जैन धर्म का योगदान’ विषय पर 24 वें मासिक ऑन लाइन व्याख्यान माला हुई। इसमें अयोध्या का इक्ष्वाकु वंश और तीर्थंकर परंपरा की ऐतिहासिकता विषय पर वक्ता शैलेंद्रकुमार जैन, लखनऊ ने अपने विचार व्यक्त किए। डॉ. नरेंद्र भंडारी के निर्देशन में अध्यक्षता डॉ. यतीश जैन, जबलपुर ने की। संयोजक डॉ. मनीष जैन एवं पूर्वी दवे थीं। इस अवसर पर मुख्य वक्ता शैलेंद्रकुमार जैन ने कहा कि वैदिक, जैन एवं बौद्ध साहित्यिक उल्लेख तथा सिंधु घाटी और ऐतिहासिक काल के पुरावशेषों के आधार पर अयोध्या के इक्ष्वाकु वंश की ऐतिहासिकता और तीर्थंकरों से संबंध को स्थापित करने का सार्थक प्रयास किया है। शैलेंद्र जैन ने बताया कि भारतीय संस्कृति के विकास में आदिकाल से ही जैन परंपरा का महत्वपूर्ण योगदान है। जिसे कुछ विद्वानों ने समय-समय पर अपने लेखन में उल्लेख किया है। भगवान ऋषभदेव ने अयोध्या से ही कर्म युग की शुरुआत की और सभी कलाओं का प्रर्वतन किया। कृषि के प्रमाण भी भारत में इसी क्षेत्र से मिले हैं। जिनसे इतिहासकार ऋषभदेव के काल से जोड़ते हैं। इस वंश में चौबीस में बाइस तीर्थंकर और श्रीराम लक्ष्मण जैसे शलाका पुरुषों का जन्म भी इसी इक्ष्वाकु वंश में हुआ, जो ऋषभदेव से शुरु हुआ। नागर्जुन कोंडा से प्राप्त सिक्के इस वंश की ऐतिहासिकता के प्रणाम हैं।</p>
<p><strong>नंदों द्वारा बनाया स्तूप अब मणि पर्वत कहा जाता है</strong></p>
<p>इसी क्रम में चक्रवर्ती सम्राट भरत का नाम भी उल्लेखनीय है। जिनके नाम से देश का नाम भारत प्रसिद्ध हुआ। इसी प्रकार भारत की प्राचीनतम लिपि ब्र्राह्मी ऋषभदेव की पुत्री ब्राह्मी से प्रसिद्ध हुई। पुरातात्विक प्रमाण भी इनका समर्थन करते हैं। जिनमें हनुमान गढ़ी के पास से प्राप्त 24 सौ वर्ष पुरानी जैन मूर्ति प्राचीनतम मूर्ति है। इसी काल का नंदों द्वारा बनाया स्तूप अब मणि पर्वत कहा जाता है। भगवान ऋषभदेव के जन्म स्थान से मिले मृद भांड के आधार पर 3 हजार वर्ष से भी अधिक प्राचीन है। जिस पर बने विशाल मंदिर को शाहजहां गौरी ने ग्यारहवीं सदी में तोड़ा था। ऐसा फैजाबाद गजेटियर में दर्ज है, जो राम मंदिर तोडे़ जाने से चार सौ वर्ष पहले की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटना थी, वहां से 15 किमी पहले धर्मनाथ भगवान की जन्म स्थली है। इसी प्रकार 100 किमी के आसपास क्षेत्र से भी कई प्राचीन मूर्तियां मिली हैं, जो जैन परंपरागत मान्यताओं की ऐतिहासिक पुष्टि करती हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/jain_tradition_has_played_an_important_role_in_the_development_of_indian_culture_since_ancient_times/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>भगवान ऋषभदेव तीर्थ प्रभावना रथ का हुआ कलाकुंज जैन मंदिर में मंगल आगमन : अयोध्या से प्रवर्तित रथ का आगरा में भव्य स्वागत और शोभायात्रा </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/bhagwan_rishabhdev_tirth_prabhavana_rath_ka_kalakunj_jain_mandir_mein_mangal_aagman/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/bhagwan_rishabhdev_tirth_prabhavana_rath_ka_kalakunj_jain_mandir_mein_mangal_aagman/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 14 Aug 2025 11:32:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[agra]]></category>
		<category><![CDATA[Ajay_Kumar_Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Avadhpuri_Mandir_Committee भगवान_ऋषभदेव]]></category>
		<category><![CDATA[Ayodhya]]></category>
		<category><![CDATA[Ayodhya_Development]]></category>
		<category><![CDATA[Ayodhya_Mandir]]></category>
		<category><![CDATA[Bharat_Chakravarti]]></category>
		<category><![CDATA[Deepchand_Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Dharmashala_Nirman]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar_Jain_Temple]]></category>
		<category><![CDATA[Five_Tirthankaras]]></category>
		<category><![CDATA[Gyanmati_Mataji]]></category>
		<category><![CDATA[jain]]></category>
		<category><![CDATA[Jain_News]]></category>
		<category><![CDATA[Jain_Samaj]]></category>
		<category><![CDATA[Jainism]]></category>
		<category><![CDATA[Kalakunj_Jain_Mandir]]></category>
		<category><![CDATA[Mahavir_Mandir]]></category>
		<category><![CDATA[Pandit_Akalank_Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Rath_Yatra]]></category>
		<category><![CDATA[Ratnavrishti]]></category>
		<category><![CDATA[Religious_Event]]></category>
		<category><![CDATA[Rishabhdev]]></category>
		<category><![CDATA[Sandeep_Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Shashwat_Janmbhoomi]]></category>
		<category><![CDATA[Showbhayatra]]></category>
		<category><![CDATA[Shrifal_News]]></category>
		<category><![CDATA[Soudharm_Indra]]></category>
		<category><![CDATA[Sureshchand_Deepak_Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Sweety_Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Tirth_Prabhavana_Rath]]></category>
		<category><![CDATA[Uttar_Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[Veer_Charan_Sevak_Mandal]]></category>
		<category><![CDATA[Veer_Seva_Mahila_Mandal]]></category>
		<category><![CDATA[अजय_कुमार_जैन]]></category>
		<category><![CDATA[अयोध्या]]></category>
		<category><![CDATA[अयोध्या_मंदिर]]></category>
		<category><![CDATA[अयोध्या_विकास]]></category>
		<category><![CDATA[अवधपुरी_मंदिर_समिति]]></category>
		<category><![CDATA[आगरा]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर_प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[कलाकुंज_जैन_मंदिर]]></category>
		<category><![CDATA[जैन_न्यूज़]]></category>
		<category><![CDATA[जैन_समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैनधर्म]]></category>
		<category><![CDATA[ज्ञानमती_माताजी]]></category>
		<category><![CDATA[तीर्थ_प्रभावना_रथ]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर]]></category>
		<category><![CDATA[दीपचंद_जैन]]></category>
		<category><![CDATA[धर्मशाला_निर्माण]]></category>
		<category><![CDATA[धार्मिक_आयोजन]]></category>
		<category><![CDATA[पंडित_अकलंक_जैन]]></category>
		<category><![CDATA[पांच_तीर्थंकर]]></category>
		<category><![CDATA[भरत_चक्रवर्ती]]></category>
		<category><![CDATA[महावीर_मंदिर]]></category>
		<category><![CDATA[रत्नवृष्टि]]></category>
		<category><![CDATA[रथ_यात्रा]]></category>
		<category><![CDATA[वीर_चरण_सेवक_मंडल]]></category>
		<category><![CDATA[वीर_सेवा_महिला_मंडल]]></category>
		<category><![CDATA[शाश्वत_जन्मभूमि]]></category>
		<category><![CDATA[शोभायात्रा]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल_न्यूज़]]></category>
		<category><![CDATA[संदीप_जैन]]></category>
		<category><![CDATA[सुरेशचंद_दीपक_जैन]]></category>
		<category><![CDATA[सौधर्म_इन्द्र]]></category>
		<category><![CDATA[स्वीटी_जैन]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=87597</guid>

					<description><![CDATA[अयोध्या से गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमती माता जी की प्रेरणा से प्रवर्तित भगवान ऋषभदेव तीर्थ प्रभावना रथ गुरुवार को आगरा के कलाकुंज जैन मंदिर पहुँचा। अनेक राज्यों में भ्रमण के बाद रथ के आगमन पर भव्य स्वागत और शोभायात्रा निकाली गई। पढ़िए शुभम जैन की ख़ास रिपोर्ट… अयोध्या, जो भगवान ऋषभदेव और पाँच तीर्थंकरों की [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>अयोध्या से गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमती माता जी की प्रेरणा से प्रवर्तित भगवान ऋषभदेव तीर्थ प्रभावना रथ गुरुवार को आगरा के कलाकुंज जैन मंदिर पहुँचा। अनेक राज्यों में भ्रमण के बाद रथ के आगमन पर भव्य स्वागत और शोभायात्रा निकाली गई। <span style="color: #ff0000">पढ़िए शुभम जैन की ख़ास रिपोर्ट…</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>अयोध्या,</strong> जो भगवान ऋषभदेव और पाँच तीर्थंकरों की शाश्वत जन्मभूमि है, से जुलाई माह में गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमती माता जी की प्रेरणा से भगवान ऋषभदेव तीर्थ प्रभावना रथ का प्रवर्तन किया गया। यह रथ राजस्थान, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार, असम, गुजरात, दिल्ली, हरियाणा सहित अनेक राज्यों में भ्रमण करता हुआ वर्तमान में उत्तर प्रदेश पहुँचा है।</p>
<p>गुरुवार को आगरा भ्रमण के अंतर्गत यह रथ मारूति स्टेट स्थित श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर, कलाकुंज पहुँचा। यहाँ समाजजनों ने रथ का भव्य स्वागत किया और नगर में शोभायात्रा निकाली। रथ संचालनकर्ता पंडित अकलंक जैन ने बताया कि इस रथ यात्रा का मुख्य उद्देश्य धर्म की प्राचीनता को जन-जन तक पहुँचाना और अयोध्या में पाँच तीर्थंकरों की जन्मभूमि के विकास कार्य को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि भारत का नाम भगवान ऋषभदेव के पुत्र चक्रवर्ती सम्राट भरत के नाम पर पड़ा और अयोध्या में पाँच भव्य जिन मंदिर तथा विशाल धर्मशाला का निर्माण तीव्र गति से चल रहा है।</p>
<p><strong>इनको मिला सौभाग्य, वातावरण भक्ति और उल्लास से भर गया</strong></p>
<p>इस अवसर पर सौधर्म इन्द्र बनने का सौभाग्य सुरेशचंद दीपक जैन परिवार को, धनकुबेर बनकर रत्नवृष्टि करने का सौभाग्य अजय कुमार जैन परिवार को, भगवान ऋषभदेव की प्रथम आरती का सौभाग्य दीपचंद जैन को और सर्वप्रथम भगवान को झुलाने का सौभाग्य स्वीटी जैन एवं संदीप जैन परिवार को प्राप्त हुआ। कार्यक्रम में मंदिर अध्यक्ष रविन्द्र जैन, मनोज जैन, अजय जैन, मुकेश जैन भगत, आदित्य जैन भगत, संयम जैन भगत, दिव्यांशु जैन, राहुल जैन, शुभम जैन, वीर सेवा महिला मंडल की अध्यक्षा मंजरी जैन, मंत्री स्वीटी जैन, चंचल जैन, वीर चरण सेवक मंडल एवं अवधपुरी मंदिर कमेटी के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। वातावरण भक्ति और उल्लास से भर गया।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/bhagwan_rishabhdev_tirth_prabhavana_rath_ka_kalakunj_jain_mandir_mein_mangal_aagman/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
