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	<title>Avichal Sagar Maharaj श्रीफल जैन न्यूज &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>आदिनाथ जैन बड़ा मंदिर में हुई 1008 दीपों से बडे़ बाबा की महाआरती : संकल्प विकल्प की परिणति का त्याग ही आकिंचन- अविचल सागर </title>
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		<pubDate>Tue, 17 Sep 2024 13:22:48 +0000</pubDate>
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<p><strong> पर्युषण पर्व के नवें दिन अभिनंदनोदय तीर्थ में धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए मुनिश्री अविचल सागर महाराज ने कहा संकल्प विकल्प की परिणति का त्याग ही आकिंचन धर्म है। परिग्रही व्यक्ति कभी भी शान्ति का अनुभव नहीं करता यह तो मात्र भ्रम में ही जीता है।दूसरी ओर जो परिग्रह नहीं रखता त्याग प्रवृत्ति रखता वह हमेशा शांति का अनुभव करता है। <span style="color: #ff0000">पढ़िए राजीव सिंघाई की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>ललितपुर।</strong> पर्युषण पर्व के नवें दिन अभिनंदनोदय तीर्थ में धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए मुनिश्री अविचल सागर महाराज ने कहा संकल्प विकल्प की परिणति का त्याग ही आकिंचन धर्म है। परिग्रही व्यक्ति कभी भी शान्ति का अनुभव नहीं करता यह तो मात्र भ्रम में ही जीता है।दूसरी ओर जो परिग्रह नहीं रखता त्याग प्रवृत्ति रखता वह हमेशा शांति का अनुभव करता है। ऐसे लोग स्वयं तो आदर्शपूर्ण जीवन जीते हैं दूसरों को भी आदर्शवान बनने की और दिशा देते हैं। आत्म स्वभाव की प्राप्ति में त्याग को आवश्यक बताते हुए मुनि श्री ने कहा कि ज्ञानीजन विषय राग कार्यों से डरते हैं और अज्ञानीजन राग का आवरण बनते हुए त्याग से डरते हैं।</p>
<p>धर्मसभा का शुभारम्भ आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के सम्मुख गल्ला मण्डी पूर्व अध्यक्ष जय कुमार महोली, मनीष जैन बुढवार, सीए ऋतिक जैन,मनीष जैन बुढवार, कैलाश जैन मालथौन,राजकुमार जैन साढूमल, आनंद जैन बबीना द्वारा किया गया। तत्वार्थ सूत्र का वाचन कु० वर्षा जैन, धैर्या जैन, हितांशी,अभिनव जैन द्वारा एवं अर्घ श्रीमति पुष्पा देवी,सौरभ जैन सेरवास परिवार द्वारा किया गया। धर्मसभा का संचालन महामंत्री आकाश जैन ने किया। सायंकाल जैन बडा मंदिर में भगवान आदिनाथ बडेबाबा के सम्मुख 1008 दीपों से महाआरती एवं आरती सजाओ प्रतियोगिता प्रबंधक आनंद जैन भागनगर,अजित जैन गदयाना के संयोजन में हुई।जिसमें भक्तों ने सम्मिलित होकर पुण्यार्जन किया।</p>
<p>एम्ब्रोसिया कालोनी जैन मंदिर में सायंकाल प्रबंधक वीणा जैन के संयोजन में भौतिकता की चकाचौंध में मंदिर का परिवेश पर नाटिका का मंचन हुआ जिसमें रीना,अंशी डिम्पल,आरती,सुनीता जैन का सराहनीय योगदान रहा। आदिनाथ मंदिर सिविल लाइन में ब्रह्चारणी सीमा दीदी नीता दीदी एवं श्रद्धा दीदी द्वारा दस धर्मो की श्रंखला में प्रवचन हो रहे हैं।इसके उपरान्त 48 दीपों से आरती एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति हुई।जैन अटामंदिर में धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए पंकज जैन शास्त्री ने कहा परिग्रही व्यक्ति कभी भी शान्ति का अनुभव नहीं कर पाता वह तो मात्र भ्रम में ही जीता है दूसरी ओर जो परिग्रह नहीं रखता त्याग प्रवृत्ति रखता हमेशा शान्ति का अनुभव करता है।</p>
<p>पार्श्वनाथ जैन नयामंदिर में पूर्णमति महिला मण्डल द्वारा खुला प्रश्नमंत्र का आयोजन हुआ जिसमें विजेताओं को सम्मानित किया गया। आदिनाथ मंदिर नईबस्ती में अनुज शास्त्री सांगानेर के सानिध्य में धर्मप्रभावना के साथ शान्तिविधान सम्पन्न हुआ।जिसमें जैन पंचायत के मंत्री कैप्टन राजकुमार जैन, प्रबंधक मोदी शुभेदु जैन,जितेन्द्र जैन, नीलेन्द्र गदयाना,सत्येन्द्र गदयाना,लोकेश जैन,मनोज मेडीकल आदि मौजूद रहे। सायंकाल पाठशाला परिवार द्वारा श्रेष्ठ जोडी प्रतियोगिता एवं बेटी बेटों से कम नहीं नाटिका का मंचन किया गया।</p>
<p>इसके अतिरिक्त नगर के नईबस्ती आदिनाथ मंदिर,चन्द्रप्रभु मंदिर डोंडाघाट, शान्तिनगर मंदिर गांधीनगर,इलाइट जैन मंदिर,सिविल लाइन जैन मंदिर में इन दिनों धर्म की अपूर्व धर्मप्रभावना हो रही है। सायंकाल जैन मंदिरों में बच्चों ने आकर्षक झांकी सजाई गई है जिसको देखने धर्मालुजन पहुंचकर उन्हें उत्साहित कर रहे हैं।</p>
<p><strong> अभिनंदनोदय तीर्थ पर आयोजन</strong></p>
<p>जैन पंचायत के महामंत्री आकाश जैन ने बताया कि अनंतचतुर्दशी के समापन पर 17 सितम्बर को अभिनंदनोदय तीर्थ पर प्रातःकाल 8 बजे मुनिश्री अविचल सागर महाराज के सानिध्य में श्रीजी का अभिषेक,शान्तिधारा,तत्वार्थसूत्र का वाचन के उपरान्त मुनि श्री के प्रवचन होंगे। सायंकाल नगर के जैन मंदिरों में परम्परागत अभिषेक का कार्यक्रम आयोजित किया गया है।</p>
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		<title>जैन मंदिरों में गूजे जयकारे, प्रभावना पूर्वक हो रहे धार्मिक आयोजन : इन्द्रियों पर विजय ही सबसे बड़ी तपस्या &#8211; अविचल सागर महाराज </title>
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		<pubDate>Sun, 15 Sep 2024 09:11:04 +0000</pubDate>
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<p><strong>तपने से जैसे अशुद्ध वस्तु शुद्ध होती है, उसी तरह अपनी आत्मा को तप के माध्यम से जब तपाते हैं तो जीवन में निखार एवं परिणामों में निर्मलता आती है। उक्त विचार मुनि श्री अविचल सागर महाराज ने उत्तम तप दिवस पर देते हुए कहा कि इच्छाओं का निरोध भी तप है किसी तपस्वी की जब छवि देखते हैं वो उसके प्रति श्रद्धा अपने आप होती है। <span style="color: #ff0000">पढ़िए राजीव सिंघाई की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>ललितपुर।</strong> तपने से जैसे अशुद्ध वस्तु शुद्ध होती है, उसी तरह अपनी आत्मा को तप के माध्यम से जब तपाते हैं तो जीवन में निखार एवं परिणामों में निर्मलता आती है। उक्त विचार मुनि श्री अविचल सागर महाराज ने उत्तम तप दिवस पर देते हुए कहा कि इच्छाओं का निरोध भी तप है किसी तपस्वी की जब छवि देखते हैं वो उसके प्रति श्रद्धा अपने आप होती है। ध्यान और स्वाध्याय द्वारा इन्द्रिय विषयों तथा कषायों का निग्रह कर उसी के तप होता है। पर्यूषण पर्व पर अभिनंदनोदय तीर्थ में धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए मुनि श्री अविचल सागर महाराज ने बताया कि इन्द्रिय विषयों पर विजय को जीतना ही सच्ची साधना है।</p>
<p>तप के माध्यम से आत्मा निर्मल होती है और शान्ति की अनुभूति होती है। जीवन को व्यवस्थित करने के लिए अपनी मन,वचन,काय की क्रियाओं को संयमित करना आवश्यक है। वर्तमान में मनुष्य इन्द्रियों के वशीभूत होकर न जाने कितने पाप कर अपने आपको अशान्त कर रहा है। इन्द्रियों पर अंकुश लगाकर वह अपने जीवन को आनंदित बना सकता है और आत्मा में शुक्ल ध्यान जग जाए तो कर्मों से मुक्ति भी हो जाएगी। धर्मसमा के प्रारम्भ में आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के चित्र के सम्मुख दीपप्रज्वलन श्रेष्ठीजनों ने किया जबकि तत्वार्थ सूत्र का वाचन श्रेयसी जैन, अभिनय जैन द्वारा किया गया। अर्घ्य समर्पित दिगम्बर जैन पंचायत के अध्यक्ष डॉ. अक्षय टडैया, महामंत्री आकाश जैन, संयोजक सनत जैन खजुरिया, कैप्टन राजकुमार जैन, प्रफुल्ल जैन, पारस जैन के साथ श्रेष्ठीजनों ने किया।</p>
<p>जैन अटामंदिर में पं. पंकज जैन शास्त्री ने धर्मसभा में जैन धर्म में तप की महत्ता को बताते हुए कहा मोक्ष के मार्ग पर चलने के लिए तपश्चरण जरूरी है। धर्मसभा के पूर्व तत्वार्थ सूत्र का वाचन स्मिता जैन लकी व साक्षी सर्राफ द्वारा किया गया। सायंकाल धार्मिक अंताक्षरी प्रतियोगिता का आयोजन हुआ जिसमें विजेता प्रतिभागी पुरस्कृत किए गए। आदिनाथ मंदिर नईबस्ती में पं०अनुज शास्त्री सांगानेर के सानिध्य में धार्मिक भजन संध्या का आयोजन हर्ष म्यूजिक ग्रुप ललितपुर,जूनियर रवीन्द्र जैन, अभिमन्यु तोमर, हर्ष जैन, मुकेश सोनी विक्की आदि ने अपनी रचनाओं के माध्यम से श्रोताओं को भावविभेर किया। जिसका सचांलन जितेन्द्र जैन मंदिर प्रबंधक द्वारा किया गया।इसके अतिरिक्त नगर के आदिनाथ मंदिर सिविल लाइन में ब्रहमचारिणी सीमा दीदी मीना दीदी,पार्श्वनाथ जैन नयामंदिर,बड़ा मंदिर में पं०वैभव शास्त्री,बाहुबलि नगर में सोहित शास्त्री,आदिनाथ मंदिर नईबस्ती में अनुज शास्त्री द्वारा शास्त्र प्रवचन हो रहे हैं।</p>
<p>प्रातःकाल से ही नगर के नईबस्ती आदिनाथ मंदिर,चन्द्रप्रभु मंदिर डोंडाघाट, शान्तिनाथ मंदिर गांधीनगर,इलाइट जैन मंदिर,सिविल लाइन जैन मंदिर, एम्ब्रोसिया कालोनी,ज्ञानोदय तीर्थ, मुनिसुव्रतनाथ मंदिर गौशाला में इन दिनों धर्म की अपूर्व धर्मप्रभावना हो रही है। सायंकाल जैन मंदिरों में आरती के उपरांत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम मची हुई है।</p>
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		<title>सुगंध दशमी पर श्रावकों ने जैन मंदिरों में की धूप विसर्जित :  संयम की आराधना ही जीवन की श्रेष्ठ साधना &#8211; अविचल सागर </title>
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		<pubDate>Sat, 14 Sep 2024 07:20:34 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[संयमी व्यक्ति का जीवन संयत और निर्मल बताते हुए मुनि अविचल सागर महाराज ने कहा जिनको हम मन से निषिद्ध कर देते हैं और मन पर हावी नहीं होने देते संयम की प्रथम सीढ़ी है। इसके लिए जीवन में सतत साधना की जरूरत है। पढ़िए राजीव सिंघाई की रिपोर्ट&#8230; ललितपुर। संयमी व्यक्ति का जीवन संयत [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>संयमी व्यक्ति का जीवन संयत और निर्मल बताते हुए मुनि अविचल सागर महाराज ने कहा जिनको हम मन से निषिद्ध कर देते हैं और मन पर हावी नहीं होने देते संयम की प्रथम सीढ़ी है। इसके लिए जीवन में सतत साधना की जरूरत है। पढ़िए राजीव सिंघाई की रिपोर्ट&#8230;</strong></p>
<hr />
<p><strong>ललितपुर।</strong> संयमी व्यक्ति का जीवन संयत और निर्मल बताते हुए मुनि अविचल सागर महाराज ने कहा जिनको हम मन से निषिद्ध कर देते हैं और मन पर हावी नहीं होने देते संयम की प्रथम सीढ़ी है। इसके लिए जीवन में सतत साधना की जरूरत है। जो वस्तु मन से उतर जाती है उसका हमेशा के लिए निषेध तो हो जाता है। लेकिन जब कोई दूसरा व्यक्ति किसी के लिए निषिद्ध के लिए प्रेरित करता है तो उसके प्रति आकर्षण रहता है। मुनि श्री ने संयम को साधना की उत्कृष्ठ अवस्था बताते हुए कहा संयम की आराधना ही जीवन की श्रेष्ठ साधना है जिसके बंधन में बंधा मनुष्य का जीवन परोपकारी और शान्ति को प्राप्त करता है।</p>
<p>पर्यूषण पर्व पर अभिनंदनोदय तीर्थ में धर्मसभा का शुभारम्भ आचार्य श्री के चित्र के सम्मुख श्रेष्ठी आनंद जैन दैलवारा देवेन्द्र जैन नीलम मोदी द्वारा किया गया। जबकि तत्वार्थ सूत्र का वाचन कु० तनुष्का एवं अनुभा जैन एवं अर्घ समर्पण सुदीप जैन ममता मोहनी परिवार द्वारा किया गया। आदिनाथ मंदिर नईवस्ती में सायंकाल 48 दीपों से भव्य आरती में श्रद्धालुजन भक्ति पूर्वक सम्मलित हो रहे हैं। सायंकाल धर्मसभा में पं. अनुज शास्त्री सांगानेर ने कहा दिगम्बर साधू संत संयम त्याग और तपस्या की साक्षात मूर्ति है उनकी साधना को देखकर हम जीवन में संयम धारण कर अपना जीवन आनंदित बना सकते हैं।</p>
<p>ज्ञान महिला इकाई के संयोजन में आचार्य श्री विद्यसागर महाराज संबंधी प्रश्नमंच का आयोजन हुआ जिसमें विजेता प्रतिभागियों को जैन पंचायत के मंत्री कैप्टन राजकुमार जैन, प्रबंधक जितेन्द्र जैन, सुवेन्दु मोदी, सत्येन्द्र गदयाना प्रफुल्ल जैन ने पुरूष्कृत कर सम्मानित किया। जैन अटामंदिर में पं. पंकज जैन शास्त्री के मार्गदर्शन में भक्ताम्मर आधारित प्रतियोगिता सम्पन्न हुई जिसकी संयोजिना अंशिका जैन गुगरवारा ने की जिसमें प्रमुख रूप से प्रबंधक मनोज जैन बबीना, अजय जैन गंगचारी, सजल जैन दिलीप चौधरी मौजूद रहे। सुगंध दशमी पर आज प्रातः काल से ही नगर के जैन अभिनंदनोदय तीर्थ, पार्श्वनाथ नया मंदिर, जैन अटामंदिर, बडा मंदिर याहुलि नगर, नईवस्ती आदिनाथ मंदिर चन्द्रप्रभु मंदिर डोढाघाट, शान्तिनगर मंदिर गांधीनगर इलाइट जैन मंदिर, सिविल लाइन जैन मंदिर, एम्बोशिया कालौनी पार्श्वनाथ कालौनी मुनिसुव्रतनाथ मंदिर गौशाला में पहुचकर धूप विसर्जित कर पुण्यजन किया।</p>
<p>पर्युषण पर्व पर जैन मंदिरों में बच्चों ने आकर्षक झांकियां लगाई जिसको देखने श्रद्धालुओं का दिन भर तांता लगा रहता है। पर्युषण पर्व पर व्यवस्थाओं को जैन पंचायत अध्यक्ष डॉ.अक्षय टडैया, महामंत्री आकाश जैन, सौरभ सीए सनत जैन खजुरिया, प्रतीक इमलया, मीडिया प्रभारी अक्षय अलया मंदिर प्रबंधक मोदी पंकज जैन, अशोक दैलवारा जिनेन्द्र जैन रजपुरा, मनीष जैन, अजित जैन गदयाना आनंद जैन भावनगर आनंद जैन संजय जैन ककडारी, जितेन्द जैन सुवेन्द मोदी विमल जैन पाय आदि का सक्रिय योगदान मिल रहा है।</p>
<p><strong>अनंत चतुर्दशी पर अंडा मांस शराब की दुकानें बंद हेतु महासमिति ने दिया ज्ञापन</strong></p>
<p>दिगम्बर जैन महासमिति ने आज कलेक्टेट में जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी को ज्ञापन देकर महानपर्व प्पर्यूषण के समापन अनंत चतुर्दशी पर 17 सितम्बर को जिले में अण्डा मांस मछली शराब की विक्री निषिद्ध किए जाने हेतु मांग की। जिलाधिकारी ने उक्त संबंध में नगरपालिका एवं पुलिस के माध्यम से ऐसे प्रतिष्ठानों को अनंतचतुर्दशी पर बंद रखने हेतु निर्देश दिए। ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से महेन्द्र जैन मडवैया अध्यक्ष राजकुमार जैन मोदी, व्रजकिशोर जैन एड, महेश अमरा, शादीलाल जैन एड, अरूण जैन एड आदि मौजूद रहे।</p>
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		<title>श्रीफल किया अर्पित : बुंदेलखंड की धर्म नगरी ललितपुर में होगा 2024 का भव्य पावन वर्षायोग  </title>
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		<pubDate>Sat, 13 Jul 2024 08:56:57 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[ललितपुर (राजीव सिंघई मोनू)। आचार्य श्रेष्ठ परम पूज्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज एवं नवाचार्य परम पूज्य श्री 108 समय सागर जी महाराज के परम प्रभावी शिष्य परम पूज्य गुरुवर मुनि श्री अविचल सागर जी महाराज का 2024 का पावन वर्षा योग ललितपुर में होगा। दिगंबर.जैन पंचायत समिति ललितपुर के तत्वाधान में ललितपुर समाज ने [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>ललितपुर (राजीव सिंघई मोनू)।</strong> आचार्य श्रेष्ठ परम पूज्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज एवं नवाचार्य परम पूज्य श्री 108 समय सागर जी महाराज के परम प्रभावी शिष्य परम पूज्य गुरुवर मुनि श्री अविचल सागर जी महाराज का 2024 का पावन वर्षा योग ललितपुर में होगा।</p>
<p>दिगंबर.जैन पंचायत समिति ललितपुर के तत्वाधान में ललितपुर समाज ने श्री फल समर्पित किया। शुक्रवार दोपहर 3.00 बजे पृथ्वीपुर से ललितपुर की ओर मंगल विहार हुआ।</p>
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