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	<title>Acharyashree Pragya Sagar Ji &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
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	<title>Acharyashree Pragya Sagar Ji &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>जिन धर्म प्रभावना पदयात्रा अहिंसा शाकाहार का जयघोष : पर्यावरण संरक्षण की मुहिम का एक पर्याय बन जागरूकता फैला रही  </title>
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		<pubDate>Tue, 16 Dec 2025 12:52:49 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य श्री प्रज्ञा सागर महाराज संघ सानिध्य में रविवार को कोटा से जहाजपुर की ओर निकली पदयात्रा जीवदया शाकाहार अहिंसा के प्रचार-प्रसार की मुहिम के साथ पर्यावरण संरक्षण की मुहिम का पर्याय बन रही है। कोटा से पढ़िए, अभिषेक जैन लुहाड़िया की यह खबर&#8230; कोटा। आचार्य श्री प्रज्ञा सागर महाराज संघ सानिध्य में रविवार को [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्य श्री प्रज्ञा सागर महाराज संघ सानिध्य में रविवार को कोटा से जहाजपुर की ओर निकली पदयात्रा जीवदया शाकाहार अहिंसा के प्रचार-प्रसार की मुहिम के साथ पर्यावरण संरक्षण की मुहिम का पर्याय बन रही है। <span style="color: #ff0000">कोटा से पढ़िए, अभिषेक जैन लुहाड़िया की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>कोटा।</strong> आचार्य श्री प्रज्ञा सागर महाराज संघ सानिध्य में रविवार को कोटा से जहाजपुर की ओर निकली पदयात्रा जीवदया शाकाहार अहिंसा के प्रचार-प्रसार की मुहिम के साथ पर्यावरण संरक्षण की मुहिम का पर्याय बन रही है। पदयात्रा संयोजक रामगंजमंडी के मिथुन मित्तल ने बताया कि जैसे-जैसे यह पदयात्रा आगे बढ़ रही है, भक्तों का रेला बढ़ता ही जा रहा है। साथ ही गुरुदेव ने जो पर्यावरण संरक्षण की महिमा में पौधरोपण का जो बीड़ा उठाया है, वह भी किया जा रहा है एवं कई स्थानों पर पौधरोपण भी किया जा रहा है। मित्तल ने बताया कि भक्त भक्तिमय भजनों पर झूम रहे हैं और आलम यह है कि भक्त यह कह रहे गुरुदेव का आशीष हमें इतना मिल रहा है कि हमें पैदल चलने की थकान ही नहीं हो रही है।</p>
<p>भक्तों के मन के यही भाव हो रहे हैं, स्वस्तिधाम चलेंगे प्रज्ञासागर जी के संग में मुनिसुव्रत के द्वारे, नर-नारी सब चलो प्रज्ञा सागर जी के संग में, गुरु संग चलकर हम तो भाग्य चमकाएंगे। मंगलवार सुबह पदयात्रा तानसेन से मंगल मंगल विहार करते हुए देवपुरा बूंदी पहुंची। जहां आहारचर्या हुई। मंगलवार दोपहर में मंगल विहार करते हुए यह पदयात्रा नया बाग हेरीटेज रिसोर्ट्स पहुंचेगी। जहां पदयात्रा का रात्रि विश्राम होगा। बुधवार की प्रातः बेला में मंगल प्रभात को मंगल करते हुए नया बाग हेरीटेज रिसोर्ट्स से मंगल विहार करते हुए बंधन रिसोर्ट्स पहुंचेगी, जहां आहारचर्या होगी। यहां से मंगल प्रस्थान करते हुए यह मंगल यात्रा चतरगंज पहुंचेगी। जहां रात्रि विश्राम होगा। 18 दिसंबर की प्रातः बेला में चतरगंज से मंगल विहार करते हुए यह पदयात्रा नान तलाई चौराहा पहुंचेगी। जहां आहारचर्या होने के बाद दोपहर की बेला में मंगल विहार करते हुए भेड़िया गांव पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम होगा। यह पदयात्रा आनंद मंगल की कामना करते हुए विश्व शांति का घोष लिए 19 दिसंबर को जहाजपुर पहुंचेगी। सुबह-सुबह पदयात्रा सरसिया पहुंचेगी। यहां से दोपहर में मंगल विहार करते हुए मंगल की कामना लिए यह पदयात्रा संध्या बेला में भक्ति गीत करते हुए झूमते हुए जहाजपुर में मंगल प्रवेश करेगी।</p>
<p>जहां पदयात्रा का अलौकिक एवं दिव्या भव्य स्वागत होगा एवं गुरुदेव की ऐतिहासिक अगवानी होगी। 20 दिसंबर की प्रातः बेला में स्वस्ति धाम तीर्थ पर विश्व शांति की कामना के लिए आचार्य श्री संघ सानिध्य में भगवान मुनिसुव्रतनाथ का मंगल अभिषेक एवं शांतिधारा की जाएगी एवं विधिवत पदयात्रा का समापन किया जाएगा। मिथुन मित्तल ने बताया कि पदयात्रा के दौरान तय किया कि यात्रा मार्ग में पौधे लगाए जाएंगे। यह यात्रा हरित क्रांति के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगी।</p>
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		<title>आचार्यश्री प्रज्ञासागर जी ने दिया वात्सल्य रात्रि भोजन त्याग का सूत्र : जिनधर्म पदयात्रा रवाना, पहला पड़ाव बड़गांव में </title>
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		<pubDate>Tue, 16 Dec 2025 09:38:55 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य श्री प्रज्ञासागरजी महाराज के सान्निध्य में कोटा से अतिशय क्षेत्र जहाजपुर के लिए जिनधर्म प्रभावना पदयात्रा रविवार को शुरू हुई। जो रिद्धि-सिद्धि नगर से रवाना होकर पहले दिन बड़गांव पहुंची। 19 दिसंबर तक यह पदयात्रा जहाजपुर पहुंचेगी। कोटा से पढ़िए, अभिषेक जैन लुहाड़िया की यह खबर&#8230; कोटा। तपोभूमि प्रणेता आचार्य श्री प्रज्ञासागरजी महाराज के [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्य श्री प्रज्ञासागरजी महाराज के सान्निध्य में कोटा से अतिशय क्षेत्र जहाजपुर के लिए जिनधर्म प्रभावना पदयात्रा रविवार को शुरू हुई। जो रिद्धि-सिद्धि नगर से रवाना होकर पहले दिन बड़गांव पहुंची। 19 दिसंबर तक यह पदयात्रा जहाजपुर पहुंचेगी। <span style="color: #ff0000">कोटा से पढ़िए, अभिषेक जैन लुहाड़िया की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>कोटा।</strong> तपोभूमि प्रणेता आचार्य श्री प्रज्ञासागरजी महाराज के सान्निध्य में कोटा से अतिशय क्षेत्र जहाजपुर के लिए जिनधर्म प्रभावना पदयात्रा रविवार को शुरू हुई। जो रिद्धि-सिद्धि नगर से रवाना होकर पहले दिन बड़गांव पहुंची। पदयात्रा संयोजक मिथुन मित्तल ने बताया कि 19 दिसंबर तक यह पदयात्रा जहाजपुर पहुंचेगी। पदयात्रा के दौरान धर्मध्वज, रथ और वाद्य यंत्रों के साथ शोभायात्रा निकाली गई। मार्ग में श्रावकों ने गुरुदेव का पाद प्रक्षालन, आरती की तथा पुष्पवर्षा कर जयकारे लगाए। पुण्यार्जक परिवार बग्घी पर सवार रहा। आचार्यश्री ने गीतात्मक शैली में कहा- &#8216;मैं जा रहा हूं जाते-जाते क्या दूं, अपने प्यार को आशीर्वाद के रूप में दूं।&#8217; उन्होंने आचार्य वीरसेन के वचनों का उल्लेख करते हुए कहा कि सम्यक दृष्टि का प्रमाण मृत्यु के समय णमोकार मंत्र का स्मरण है। कबीर के दोहे ‘ढाई आखर प्रेम का’ के माध्यम से उन्होंने वात्सल्य और प्रेम को धर्म का मूल बताया। समाज को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि पदाधिकारियों का चयन होना चाहिए चुनाव नहीं</p>
<p><strong>हरित संदेश, पर्यावरण संरक्षण का संकल्प </strong></p>
<p>चेयरमेन यतीश जैन खेड़ावाला ने बताया कि पदयात्रा के दौरान तय किया कि यात्रा मार्ग में पौधे लगाए जाएंगे। यह यात्रा हरित क्रांति के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगी। महामंत्री नवीन दोराया ने बताया कि पदयात्रा में रात्रि भोजन निषेध है।</p>
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		<title>मृत्यु की सच्चाई को जानना ही वैराग्य का प्रथम सोपान: आचार्यश्री प्रज्ञासागर जी का प्रज्ञा अनुपम चातुर्मास का हुआ मंगल कलश स्थापना  </title>
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		<pubDate>Tue, 11 Nov 2025 06:10:15 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[रयणसार की 53वीं गाथा के आधार पर रविवार को आयोजित प्रवचन में आचार्य श्री प्रज्ञासागर जी ने कहा कि सम्यक दृष्टि और मिथ्या दृष्टि दोनों को समान 24 घंटे मिलते हैं, किंतु अंतर इस बात में है कि कौन अपने समय का उपयोग कैसे करता है। कोटा से पढ़िए, यह खबर&#8230; कोटा। रयणसार की 53वीं [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>रयणसार की 53वीं गाथा के आधार पर रविवार को आयोजित प्रवचन में आचार्य श्री प्रज्ञासागर जी ने कहा कि सम्यक दृष्टि और मिथ्या दृष्टि दोनों को समान 24 घंटे मिलते हैं, किंतु अंतर इस बात में है कि कौन अपने समय का उपयोग कैसे करता है। <span style="color: #ff0000">कोटा से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>कोटा।</strong> रयणसार की 53वीं गाथा के आधार पर रविवार को आयोजित प्रवचन में आचार्य श्री प्रज्ञासागर जी ने कहा कि सम्यक दृष्टि और मिथ्या दृष्टि दोनों को समान 24 घंटे मिलते हैं, किंतु अंतर इस बात में है कि कौन अपने समय का उपयोग कैसे करता है। सूर्य का उदय और अस्त सबके लिए समान हैं, किंतु सम्यक दृष्टि वाला व्यक्ति संसार में रहते हुए भी आत्मज्ञान और मोक्ष की ओर अग्रसर होता है, जबकि मिथ्या दृष्टि आकांक्षा, कलह और दुर्भावना में समय नष्ट कर देता है। आचार्य श्री ने कहा कि मृत्यु हर क्षण समीप आ रही है। इसे जो देख लेता है वही वैरागी है और जो नहीं देख पाता, वही अनुरागी है। उन्होंने कहा, ‘मनुष्य अनेक बार दूसरों की मृत्यु देखता है, परंतु उससे जीवन की सच्चाई नहीं सीखता। यह निश्चित है कि एक दिन हमारा नंबर भी आएगा। मृत्यु शाश्वत है, और उसका स्मरण ही आत्म जागृति का कारण बनता है।’ इस अवसर पर मंदिर समिति अध्यक्ष पवन ठौला एवं महामंत्री पारस लुंग्या ने बताया कि प्रवचन के पश्चात प्रज्ञा अनुपम चातुर्मास-2025 के आशीर्वाद मंगल कलश की स्थापना महावीर नगर विस्तार योजना स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर में की गई। कलश स्थापना का सौभाग्य रमेशचंद, नवीनकुमार, अनिलकुमार जैन मस्त दौराया परिवार को प्राप्त हुआ। दीप प्रज्वलन एवं शास्त्र भेंट नरेंद्र, मुकेश, प्रदीप खटोड परिवार ने किया।</p>
<p><strong>स्थापना विधि मंत्रोच्चारण, श्रद्धा और पवित्रता के साथ हुई</strong></p>
<p>गुरु आस्था चेयरमेन यतिश जैन खेडावाला ने बताया कि यह स्थापना विधि मंत्रोच्चारण, श्रद्धा और पवित्रता के साथ हुई। जिससे वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ। आचार्य श्री ने कहा कि आशीर्वाद मंगल कलश केवल धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि कल्पवृक्ष की भांति फल देने वाला, आत्मशुद्धि और जीवन उत्थान का प्रतीक है।</p>
<p><strong>आचार्यश्री का मंगल प्रवेश हुआ </strong></p>
<p>11 नवंबर को महावीर विस्तार योजना दिगंबर जैन मंदिर से प्रातः 7.30 बजे मंगल विहार करके आचार्यश्री का आरके पुरम स्थित श्री 1008 मुनिसुव्रतनाथ दिगंबर जैन मंदिर (त्रिकाल चौबीसी) में भव्य मंगल प्रवेश हुआ। आरके पुरम मंदिर समिति के अध्यक्ष अंकित जैन ने बताया कि सिंहद्वार का शिलान्यास 12 नवंबर को मंदिर परिसर में प्रातः 8 बजे आचार्यश्री के कर-कमलों एवं ससंघ सान्निध्य में होगा।</p>
<p><strong>कार्यक्रम में यह रहे उपस्थित </strong></p>
<p>इस अवसर पर मंदिर समिति के अध्यक्ष पवन ठौला, महामंत्री पारस लुंग्या, सकल दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष प्रकाश बज, जेके जैन, विमल वर्धमान, महामंत्री पदम बडला, मनोज जैसवाल, अनिल ठोरा, उपाध्यक्ष मुकेश कोटिया, कोषाध्यक्ष ओमप्रकाश जैन, अनुराग टोंग्या, निर्मल सेठी, मुकेश खटोंड, राहुल ऐरन पारस जैन ष्पार्श्वमणिष् पत्रकार सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे। धर्मसभा के बाद मां जिनवाणी को सिर पर रखकर महावीर नगर विस्तार योजना जैन मंदिर तक लाने का सौभाग्य पारस जैन पार्श्वमणि पत्रकार आरके पुरम को मिला।</p>
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