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	<title>Acharya Shri Pulak Sagar Maharaj श्रीफल जैन न्यूज &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>भगवान के जन्म कल्याण महोत्सव में धनपति कुबेर ने की रत्नों की वर्षा : ऋषभ कथा के तीसरे दिन हुए विभिन्न अनुष्ठान </title>
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		<pubDate>Sun, 06 Oct 2024 07:34:24 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[ऋषभदेव नगर में आयोजित 10 दिवसीय भगवान ऋषभ कथा का महोत्सव महा अर्चना विधान के साथ गुरुदेव आचार्य पुलक सागर जी महाराज के सानिध्य में बड़े धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर आज समाज के सदस्यों द्वारा ऋषभ कथा ग्रंथ गुरुदेव को भेंट किया गया। इससे पूर्व, पुलक मंच के सदस्यों ने माता पद्मावती [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>ऋषभदेव नगर में आयोजित 10 दिवसीय भगवान ऋषभ कथा का महोत्सव महा अर्चना विधान के साथ गुरुदेव आचार्य पुलक सागर जी महाराज के सानिध्य में बड़े धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर आज समाज के सदस्यों द्वारा ऋषभ कथा ग्रंथ गुरुदेव को भेंट किया गया। इससे पूर्व, पुलक मंच के सदस्यों ने माता पद्मावती को वस्त्र अर्पित किए और प्रसाद वितरित किया। <span style="color: #ff0000">पढ़िए सचिन गंगावत की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong> खेरवाड़ा।</strong> ऋषभदेव नगर में आयोजित 10 दिवसीय भगवान ऋषभ कथा का महोत्सव महा अर्चना विधान के साथ गुरुदेव आचार्य पुलक सागर जी महाराज के सानिध्य में बड़े धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर आज समाज के सदस्यों द्वारा ऋषभ कथा ग्रंथ गुरुदेव को भेंट किया गया। इससे पूर्व, पुलक मंच के सदस्यों ने माता पद्मावती को वस्त्र अर्पित किए और प्रसाद वितरित किया। विधानाचार्य पंडित सुधीर मार्तंड के निर्देशन में चल रहे विधान के तहत भगवान का जन्म कल्याण महोत्सव मनाया गया। जन्म के समय धनपति कुबेर द्वारा रत्नों की वर्षा की गई।</p>
<p>भगवान के माता-पिता के परिवार द्वारा महा प्रसाद के रूप में लड्डू वितरित किए गए। सौधर्म इंद्र ने तीर्थंकर बालक को सुमेरू पर्वत पर गाजे-बाजे के साथ ले जाकर 1008 कलशों से जन्माभिषेक किया। सांयकाल में गुरुदेव द्वारा कथा वाचन हुआ। आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें भगवान के माता-पिता को भगवान सोपना, सोधर्म इंद्र द्वारा आनंद नृत्य, पालना और बाल क्रीड़ा का प्रदर्शन किया गया। बालक तीर्थंकर ऋषभदेव का जन्म हुआ, और सौधर्म इंद्र एवं शचि इंद्राणी ने पहली बार तीर्थंकर बालक के दर्शन कर पूरे संसार को जगत पूज्य के दर्शन कराने का सुंदर प्रस्तुति दी। समाज के अध्यक्ष एवं महान शिक्षाविद भूपेंद्र कुमार जैन ने बताया कि सौधर्म इंद्र भगवान बालक ऋषभदेव को बग्गी में बैठाकर गाजे-बाजे के साथ पूरे नगर का भ्रमण कर सुमेरू पर्वत के पांडूक शीला पर ले गए, जहां पर जन्माभिषेक किया गया। इस मौके पर भगवान के जन्मोत्सव पर माता-पिता लीला देवी और रमेश चंद्र कोठारी ने प्रजा जन में मिठाइयां वितरित कीं।</p>
<p>इस अवसर पर परसोला अहमदाबाद खेरवाड़ा के भक्त समाज के नगर सेठ राजमल कोठारी, अध्यक्ष भूपेंद्र कुमार जैन, महामंत्री प्रदीप कुमार जैन, उपाध्यक्ष धनपाल भंवरा, धर्म मंत्री मुकेश, निर्माण मंत्री नरेंद्र कुमार, सह मंत्री हेमंत भंवरा, गुरुकुल ट्रस्ट के महामंत्री सुंदर लाल भाणावत, श्रेष्ठी श्री जीवनधर कुमार झमकलाल किकावत, विनोद शाह, पूर्व अध्यक्ष सुरेश कोठारी, पुलक मंच के राकेश वानावत, भानु गणोदिया, सुमेश मधु वानावत, राष्ट्रीय कवि बलवंत बल्लू, मुकेश भाणावत, रमेश पंचोली सहित कई समाजजन उपस्थित रहे। इस अवसर पर भारत गौरव आचार्य पुलक सागर जी के आशीर्वाद से नरेंद्र किकावत के दस उपवास के उपलक्ष्य में गुरुकुल जिनालय में चांदी का कलश भेंट किया गया।</p>
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		<title>2025 का चातुर्मास उदयपुर में कराने की मंशा : आचार्यश्री पुलकसागर जी महाराज को चातुर्मास के लिए श्रीफल भेंट </title>
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		<pubDate>Sat, 21 Sep 2024 15:11:44 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[ उदयपुर से 2 बसे और निजी वाहन में लगभग 200 भक्तों ने आज ऋषभदेव के गुरुकुल में विराजमान आचार्य श्रीपुलक सागरजी के दर्शन कर महाराज श्री को चातुर्मास के लिए श्रीफल भेंट किया। पढ़िए सचिन गंगावत की रिपोर्ट&#8230; ऋषभदेव। जिनशरनम प्रणेता राजकीय अतिथि आचार्य श्री पुलक सागजी महाराज को उदयपुर के सकल दिगंबर जैन समाज [&#8230;]]]></description>
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<p><strong> उदयपुर से 2 बसे और निजी वाहन में लगभग 200 भक्तों ने आज ऋषभदेव के गुरुकुल में विराजमान आचार्य श्रीपुलक सागरजी के दर्शन कर महाराज श्री को चातुर्मास के लिए श्रीफल भेंट किया। <span style="color: #ff0000">पढ़िए सचिन गंगावत की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>ऋषभदेव।</strong> जिनशरनम प्रणेता राजकीय अतिथि आचार्य श्री पुलक सागजी महाराज को उदयपुर के सकल दिगंबर जैन समाज व सर्वऋतु विलास ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने श्रीफल भेंट कर उदयपुर में चातुर्मास करने की विनती की। ऋषभदेव /उदयपुर के महावीर प्रसाद भानावत ने बताया कि उदयपुर से 2 बसे और निजी वाहन में लगभग 200 भक्तों ने आज ऋषभदेव के गुरुकुल में विराजमान आचार्य श्रीपुलक सागरजी के दर्शन कर महाराज श्री को चातुर्मास के लिए श्रीफल भेंट किया।</p>
<p>सर्वऋत विलाश के प्रबंधक ट्रस्टी शांतिलाल जी भोजन एवम पुलक मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद फनदूओत ने बताया कि जैन संत वर्षाकाल के चार माह एक स्थान पर रहकर चातुर्मास करते हैं। चातुर्मास शुरू होने से पहले कलश स्थापना की जाती है। आचार्य श्री पुलकसागरजी महाराज इन दिनों केसरियाजी में ही विराजित हैं। ऐसे में समाजजनों की मंशा है कि वे 2025 का चातुर्मास उदयपुर में करें, इसी भावना से आज सम्पूर्ण सकल दिगंबर जैन समाज ने उन्हें चातुर्मास के लिए श्रीफल भेंट किया। गुरुदेव ने अपने आशीर्वचन में में समाजजन को आश्वासन दिया।</p>
<p>इसमौके पर श्रीपाल जी धर्मावत,,गेंदालाल जी फांडुओत,शांतिलाल जी मानोत,,बसंत जी कंठालिया,राष्ट्रीय महिला जागृति की अंजना गंगवाल,वंदना लोलावत,उषा भानावत सहित बड़ी संख्या में समाजजन व ट्रस्ट पदाधिकारी मौजूद थे।</p>
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		<title>उत्तम तप धर्म पर दिए प्रवचन : केवल शरीर को तपाना तप नहीं अपितु इच्छा का निरोध करना तप है- आचार्य श्री पुलक सागर  </title>
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		<pubDate>Sun, 15 Sep 2024 04:44:15 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[ पर्युषण पर्व के उपलक्ष में चल रहे शिविर में दिगंबर जैन दशा नरसिंह पूरा समाज के भट्टारक यश कीर्ति गुरुकुल सभागार में आज 7वें दिन राजकीय अतिथि गुरुदेव आचार्य पुलक सागर जी के सानिद्य में उत्तम तप धर्म मनाया गया। इस अवसर पर मुनि श्री के प्रवचन भी हुए। पढ़िए सचिन जैन की विशेष रिपोर्ट&#8230; [&#8230;]]]></description>
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<p><strong> पर्युषण पर्व के उपलक्ष में चल रहे शिविर में दिगंबर जैन दशा नरसिंह पूरा समाज के भट्टारक यश कीर्ति गुरुकुल सभागार में आज 7वें दिन राजकीय अतिथि गुरुदेव आचार्य पुलक सागर जी के सानिद्य में उत्तम तप धर्म मनाया गया। इस अवसर पर मुनि श्री के प्रवचन भी हुए। <span style="color: #ff0000">पढ़िए सचिन जैन की विशेष रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>ऋषभदेव।</strong> पर्युषण पर्व के उपलक्ष में चल रहे शिविर में दिगंबर जैन दशा नरसिंह पूरा समाज के भट्टारक यश कीर्ति गुरुकुल सभागार में आज 7वें दिन राजकीय अतिथि गुरुदेव आचार्य पुलक सागर जी के सानिद्य में उत्तम तप धर्म मनाया गया। श्री दिगम्बर जैन समाज के धर्म मंत्री मुकेश गांधी ने बताया कि गुरुकुल प्रांगण में चल रहे दस दिवसीय पाप नाशनम शिविर में शिविरार्थियों ने श्रद्धा पूर्वक संगीतकार उमेश जैन के बनाए भक्तिमय माहौल में पूजा, अर्चना एवं महा शांतिधारा कर परिवार के सुख की कामना की। इस दौरान गुरुदेव ने अपने मंगल प्रवचन में कहा कि तप एक प्रयोगशाला ही जो जीवन को कुंदन बनाता है।</p>
<p>आत्मा परमात्मा तपने के बाद ही बनती है। हमेशा तपस्या आत्मा ही करती है। प्रेम नहीं तो शृद्धा नहीं है। जो लोग कहते हैं कि तपस्या कठिन होती है, मुनि बनना केशलोच करना, पिच्छी धारण करना कठिन ही है, जिसे परमात्मा से प्रेम होता ही उसके लिए सरल है। केवल शरीर को तपाना तप नहीं अपितु इच्छा का निरोध करना तप है। जिस प्रकार से राग-द्वेष-मोह रूप मैल भिन्न हो जाए तथा शुद्ध ज्ञान-दर्शनमय आत्मा भिन्न हो जाए, वह तप है। कर्मों का संवर तथा निर्जरा करने का प्रधान कारण तप है। तप ही आत्मा को कर्म मल रहित करता है।</p>
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		<title>उत्तम धर्म पर हुई भगवान की आराधना : बुरा बोलने से वास्तु दोष होता है- आचार्य पुलक सागर  </title>
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		<pubDate>Fri, 13 Sep 2024 07:54:50 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[पर्युषण पर्व के उपलक्ष में चल रहे शिविर में दिगंबर जैन दशा नरसिंह पूरा समाज के भट्टारक यश कीर्ति गुरुकुल सभागार में आज पांचवे दिन राजकीय अतिथि गुरुदेव आचार्य पुलक सागर जी के सानिध्य में उत्तम सत्य पर्व मनाया गया। श्री दिगम्बर जैन समाज और पुलक मंच सदस्य राकेश कुमार वानावत और हेमंत कुमार अकोत [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>पर्युषण पर्व के उपलक्ष में चल रहे शिविर में दिगंबर जैन दशा नरसिंह पूरा समाज के भट्टारक यश कीर्ति गुरुकुल सभागार में आज पांचवे दिन राजकीय अतिथि गुरुदेव आचार्य पुलक सागर जी के सानिध्य में उत्तम सत्य पर्व मनाया गया। श्री दिगम्बर जैन समाज और पुलक मंच सदस्य राकेश कुमार वानावत और हेमंत कुमार अकोत ने बताया कि गुरुकुल प्रांगण में चल रहे दस दिवसीय पाप नाशनम शिविर में शिविरार्थियों ने श्रद्धा पूर्वक संगीतकार उमेश जैन के भक्तिमय माहौल में पूजा- अर्चना एवं महा शांतिधारा कर परिवार के सुख की कामना की। <span style="color: #ff0000">पढ़िए सचिन गंगावत की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>ऋषभदेव।</strong> पर्युषण पर्व के उपलक्ष में चल रहे शिविर में दिगंबर जैन दशा नरसिंह पूरा समाज के भट्टारक यश कीर्ति गुरुकुल सभागार में आज पांचवे दिन राजकीय अतिथि गुरुदेव आचार्य पुलक सागर जी के सानिध्य में उत्तम सत्य पर्व मनाया गया। श्री दिगम्बर जैन समाज और पुलक मंच सदस्य राकेश कुमार वानावत और हेमंत कुमार अकोत ने बताया कि गुरुकुल प्रांगण में चल रहे दस दिवसीय पाप नाशनम शिविर में शिविरार्थियों ने श्रद्धा पूर्वक संगीतकार उमेश जैन के भक्तिमय माहौल में पूजा- अर्चना एवं महा शांतिधारा कर परिवार के सुख की कामना की।</p>
<p>आज के राजा भरत चक्रवर्ती एवं महाशांतिधारा करने का सौभाग्य मंजू अशोक गंगवाल परिवार को प्राप्त हुआ। श्री दिगंबर जैन तीर्थ रक्षा कमेटी के उपाध्यक्ष पवन कुमार गंगावत एवं कमेटी के सदस्य पवन कुमार शाह ने बताया कि सांयकाल में बड़े मंदिर जी में ऊपर व नीचे दोनों वेदियों पर सातिया मंडप भरा जाता है। सुबह हुमड़ समाज द्वारा नेमीनाथ मंदिर में पूजा अर्चना करते हैं एवं सकल जैन समाज शांतिनाथ मंदिर में भक्तिभाव से समाजजन पूजा अर्चना करते हैं। सांयकाल में हुमड समाज की तरफ से शास्त्र स्वाध्याय किया जाता है।</p>
<p>पुलक मंच के ख्याति प्राप्त कवि बलवंत बल्लू ने बताया कि गुरुकुल सभागार में चल रहे शिविर में भगवान पार्श्वनाथ पर सुमेश वानावत एवं पुष्पदंत भवरा ने अभिषेक किया। सभी शिविरार्थियों ने भक्तिभाव से पूजा अर्चना की। उसके पश्चात गुरुदेव आचार्य पुलक सागर जी महाराज को जिनवाणी और गुरुदेव पुलक सागर को अर्घ्य चढ़ाया, जिनवाणी और शास्त्र भेंट किया। इसका सौभाग्य भी अशोक गंगवाल परिवार को प्राप्त हुआ।</p>
<p><strong><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-66128" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/09/IMG-20240911-WA0043.jpg" alt="" width="576" height="1280" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/09/IMG-20240911-WA0043.jpg 576w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/09/IMG-20240911-WA0043-135x300.jpg 135w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/09/IMG-20240911-WA0043-461x1024.jpg 461w" sizes="(max-width: 576px) 100vw, 576px" />भावों की साधना करें</strong></p>
<p>इस पर आचार्य श्री पुलक सागर ने कहा कि आज उत्तम सत्य धर्म है। पूजन-आराधना के भाव चार होते हैं. उत्तम क्षमा, मांर्दव, आर्जव , शौच। सभी भाव हैं, ये क्रिया नहीं हैं, परिणाम हैं। ये सभी पवित्र भाव ही सच बोलोगे तो क्षमा, मार्दव, आर्जव और शौचधर्म आएगा। इनके उपायों से भावों को प्राप्त कर लिया जाता है। तो आकिंचन ब्रह्मचर्य जीवन का सार मिलता है। हमने चार भावों की साधना कर ली। उन्हें प्राप्त करने के लिए चार उपाय आज से शुरू होंगे। सत्य को जानने के लिए मौन रहो लोग कहते ही की दिशाओं में वास्तु दोष होता है लेकिन बुरा बोलने से वास्तु दोष होता है। भगवान महावीर ने कहा की सत्य को जानना हो तो मोन रहे यदि किसी को उपवास की अनुमोदना करनी हो तो कहो कि इस साल इन्होंने उपवास किए हैं। अगले साल मैं साधना करूंगा।</p>
<p>भगवान महावीर ने जैसा तप किया वैसा हम भी करेंगे तो ये अनुमोदना होगी। नवयुवक मंडल एवं जैन महिला मंडल की सांस्कृतिक मंत्री पलाश भवरा और नीलम किकवत ने बताया कि शिविर की कक्षाएं ठीक 4 बजे शुरू की गईं। 6,30 बजे भगवान की आरती की गई। सांयकालीन आरती का लाभ भी अशोक गंगवाल परिवार को प्राप्त हुआ। उसके पश्चात पारस से कैसे बने पुलक सागर नाटक का आयोजन किया गया। साथ ही पयुर्षण महापर्व पर जो जो महानुभाव उपवास कर रहे हैं, उनका समस्त समाज जनों द्वारा रात्रि को आरती के बाद गुरुकुल परिसर में अनुमोदना की गई।</p>
<p>इस अवसर पर तरुण क्रांति मंच, आदिनाथ एकता मंच, जैन युवा परिषद, पुलक मंच के सदस्य समाज के वरिष्ठ सदस्य नवयुवक मंडल के साथी दीक्षांत किकावत, अभिषेक दोवडिया, सुदर्शन भवरा, लव भवरा, दीपक भवरा, महिला मंडल की लता भानावत, आभा किकावत, मंच की सीमा किकावत रेवती मेहता और भी सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद थे।</p>
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