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	<title>Acharya Shri Pragya Sagar Ji &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
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	<title>Acharya Shri Pragya Sagar Ji &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>श्योपुर समाज ने किया आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी को श्रीफल भेंट : आगामी रविवार प्रातः 7 बजे श्योपुर-प्रताप नगर दक्षिण संभाग में गुरुदेव का भव्य मंगल प्रवेश प्रस्तावित </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 17 Jun 2026 16:23:15 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी महाराज के आगामी श्योपुर मंगल आगमन को लेकर श्रद्धालुओं में अपार उत्साह एवं उमंग का वातावरण है। मंगलवार को दुर्गापुरा जैन मंदिर जयपुर में विराजमान गुरुदेव के श्रीचरणों में श्योपुर प्रवास के लिए श्रीफल भेंट कर मंगल आगमन का विनम्र निवेदन किया गया। जयपुर से उदयभान जैन की यह खबर&#8230; [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी महाराज के आगामी श्योपुर मंगल आगमन को लेकर श्रद्धालुओं में अपार उत्साह एवं उमंग का वातावरण है। मंगलवार को दुर्गापुरा जैन मंदिर जयपुर में विराजमान गुरुदेव के श्रीचरणों में श्योपुर प्रवास के लिए श्रीफल भेंट कर मंगल आगमन का विनम्र निवेदन किया गया। <span style="color: #ff0000">जयपुर से उदयभान जैन की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>जयपुर।</strong> आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी महाराज के आगामी श्योपुर मंगल आगमन को लेकर श्रद्धालुओं में अपार उत्साह एवं उमंग का वातावरण है। मंगलवार को दुर्गापुरा जैन मंदिर जयपुर में विराजमान गुरुदेव के श्रीचरणों में श्योपुर प्रवास के लिए श्रीफल भेंट कर मंगल आगमन का विनम्र निवेदन किया गया। लगभग 10 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी का श्योपुर में मंगल प्रवेश होने जा रहा है। जिससे संपूर्ण क्षेत्र में हर्ष और उल्लास का माहौल है। आगामी रविवार प्रातः 7 बजे श्योपुर-प्रताप नगर दक्षिण संभाग में गुरुदेव का भव्य मंगल प्रवेश प्रस्तावित है।</p>
<p><strong>तैयारियां जारी हैं</strong></p>
<p>राजस्थान जैन युवा महासभा दक्षिण संभाग अध्यक्ष चेतन जैन निमोडिया ने बताया कि गुरुदेव के मंगल प्रवेश को ऐतिहासिक एवं भव्य बनाने के लिए समाज के विभिन्न संगठनों एवं कार्यकर्ताओं द्वारा व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।</p>
<p><strong>यह समाजजन मौजूद रहे</strong></p>
<p>इस अवसर पर प्रबंधकारिणी कमेटी के मंत्री नेमीचंद निमोडिया , उपाध्यक्ष मुकेश बनेठा, कोषाध्यक्ष सतीश जैन माधोराजपुरा कार्यकारी सदस्य देवेंद्र बाकलीवाल प्रवीण जैन एवं गोविंद जैन टोरड़ी, युवा मंडल अध्यक्ष निमेष गंगवाल, मंत्री अनीश जैन, महिला मंडल अध्यक्ष रत्नप्रभा पापड़ीवाल सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।</p>
<p><strong>मंगल प्रवेश को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प </strong></p>
<p>कार्यकारिणी संरक्षक अशोक पापड़ीवाल समाज के वरिष्ठजन राजेश हाड़ा, अशोक बाकलीवाल, अशोक छाबड़ा, प्रदीप पांड्या डॉ. हिमांशु जैन, विनोद सेठी पीपला, कैलाश पचेवर, मनोज बाकलीवाल एवं अन्य गणमान्य नागरिकों ने भी गुरुदेव के मंगल प्रवेश को सफल एवं ऐतिहासिक बनाने का संकल्प व्यक्त किया।समाज के सभी पदाधिकारियों एवं श्रद्धालुओं ने अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर पूज्य गुरुदेव के मंगल प्रवेश महोत्सव को भव्य एवं ऐतिहासिक बनाने का आह्वान किया है। गुरुदेव का यह मंगल आगमन क्षेत्र में धर्म प्रभावना, संस्कार जागरण एवं आध्यात्मिक का नया अध्याय स्थापित होगा।</p>
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		<title>जैन इन्स्पिरेशनल यूथ अवॉर्ड 5 अप्रैल को: जिनशासन की निःस्वार्थ प्रभावना करने वाले होंगे सम्मानित  </title>
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		<pubDate>Thu, 26 Feb 2026 07:04:03 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य श्री विद्यानंद जी के पट्टशिष्य आचार्य श्री प्रज्ञसागर जी की मंगल प्रेरणा और आशीर्वाद से जैन समाज की युवा पीढ़ी एवं उनके उत्कृष्ट सेवाओं के प्रोत्साहन के लिए श्री भारतवर्षीय दिगंबर जैन महासभा के तत्वावधान में 5 अप्रैल को दोपहर 1बजे जैन इन्स्पिरेशनल यूथ अवॉर्ड समारोह होने जा रहा है। दिल्ली से पढ़िए, अभिषेक [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्य श्री विद्यानंद जी के पट्टशिष्य आचार्य श्री प्रज्ञसागर जी की मंगल प्रेरणा और आशीर्वाद से जैन समाज की युवा पीढ़ी एवं उनके उत्कृष्ट सेवाओं के प्रोत्साहन के लिए श्री भारतवर्षीय दिगंबर जैन महासभा के तत्वावधान में 5 अप्रैल को दोपहर 1बजे जैन इन्स्पिरेशनल यूथ अवॉर्ड समारोह होने जा रहा है। <span style="color: #ff0000">दिल्ली से पढ़िए, अभिषेक अशोक पाटील की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>दिल्ली।</strong> आचार्य श्री विद्यानंद जी के पट्टशिष्य आचार्य श्री प्रज्ञसागर जी की मंगल प्रेरणा और आशीर्वाद से जैन समाज की युवा पीढ़ी एवं उनके उत्कृष्ट सेवाओं के प्रोत्साहन के लिए श्री भारतवर्षीय दिगंबर जैन महासभा के तत्वावधान में 5 अप्रैल को दोपहर 1बजे जैन इन्स्पिरेशनल यूथ अवॉर्ड समारोह होने जा रहा है। कार्यक्रम एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर, संसद मार्ग हनुमान रोड एरिया,कनॉट प्लेस,नई दिल्ली में होगा। यह सम्मान उनका है, जो जिनशासन की निःस्वार्थ प्रभावना कर रहे हैं। इस आधुनिकता के दौर में आध्यात्मिकता प्रवाहित करने वाले, जिनशासन के यश आकाश में नव ऊर्जा के नक्षत्र गढ़ने वाले, निःस्वार्थ एवं सतत धर्म प्रभावकों का सम्मान जैन समाज का एक महत्वपूर्ण कर्तव्य है। जिसे जिया अवॉर्ड के माध्यम से साकार रूप आचार्य श्री प्रज्ञसागर जी महाराज प्रदान कर रहे हैं।</p>
<p><strong>5मार्च तक रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं</strong></p>
<p>जहां जैन समाज की युवा प्रतिभाएं शिक्षा, चिकित्सा, उद्योग, सामाजिक सेवा, स्टार्टअप, कला, खेल और नवाचार जैसे हर क्षेत्र में अपनी मिसाल कायम करने वाले उत्कृष्ट युवाओं को सम्मान मिलेगा। यदि आपने भी किसी क्षेत्र में प्रेरणादायी कार्य किया है तो आप 5मार्च तक अपना परिचय पत्र सराहनीय कार्य के साथ भेजकर रजिस्ट्रेशन अवश्य कराएं। भारत की राजधानी दिल्ली में होने जा रहा जैन समाज का एक ऐसा भव्य अवॉर्ड प्रोग्राम, जिसमें एक साथ सैकड़ों क्रिएटर्स और इनफ्लूएन्सर्स मिलेंगे। जिन्हें स्वयं आचार्य श्री प्रज्ञसागर जी महाराज मार्गदर्शन देंगे और साथ ही सेलिब्रिटी,सोशल मीडिया एक्सपर्ट, अनेक महानुभावों के अनुभवों का भंडार मिलेगा।</p>
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		<title>निर्वाण एवं पावन भूमि की वंदना से पुण्य रूपी अक्षय निधि प्राप्त होती हैं: आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने चाकसू में दी मंगल देशना  </title>
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		<pubDate>Fri, 06 Feb 2026 15:18:45 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का अतिशय क्षेत्र अक्षय निधि आदिश्वर धाम चाकसू से मंगल विहार हुआ। इसके पूर्व चाकसू के प्राचीन जैन मंदिर से आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी ने पुनः आदिश्वरधाम चाकसू में आकर आचार्य श्री वर्धमानसागर की आचार्य भक्ति कर चरण वंदना की। चाकसू से पढ़िए, राजेश पंचोलिया की यह खबर&#8230; चाकसू। [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का अतिशय क्षेत्र अक्षय निधि आदिश्वर धाम चाकसू से मंगल विहार हुआ। इसके पूर्व चाकसू के प्राचीन जैन मंदिर से आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी ने पुनः आदिश्वरधाम चाकसू में आकर आचार्य श्री वर्धमानसागर की आचार्य भक्ति कर चरण वंदना की। <span style="color: #ff0000">चाकसू से पढ़िए, राजेश पंचोलिया की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>चाकसू।</strong> आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का अतिशय क्षेत्र अक्षय निधि आदिश्वर धाम चाकसू से मंगल विहार हुआ। इसके पूर्व चाकसू के प्राचीन जैन मंदिर से आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी ने पुनः आदिश्वरधाम चाकसू में आकर आचार्य श्री वर्धमानसागर की आचार्य भक्ति कर चरण वंदना की। दोनों आचार्य संघ सानिध्य में श्री जी का पंचामृत अभिषेक हुआ। इस अवसर पर आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने संक्षिप्त आशीर्वचन में बताया कि सिद्ध, अतिशय क्षेत्र , तीर्थंकरों की पंचकल्याणक भूमि पावन होती हैं। इनसे क्षेत्र के नाम अनुरूप पुण्य रूपी अक्षय निधि प्राप्त होती हैं। आदिश्वर भगवान ने भोग भूमि के बाद असि मसि कृषि, शिल्प, कला और वाणिज्य का उपदेश जनता प्रजा को बेहतर जीवन यापन के लिए दिया। पुत्रियों के माध्यम से अंक और लिपि का ज्ञान दिया इसलिए पुण्य को अक्षय रखे। प्रातः आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी ने संघ सहित आचार्य वर्धमान सागर जी को पदमपुरा बिहार के लिए मंगल विदाई दी। आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी ने चरण वंदना कर परिक्रमा लगाकर संघ को विदाई दी। प्रज्ञा सागर जी महाराज के चरण वंदना कर संघ के शेष साधुओं ने भक्ति की। ब्रह्मचारी गज्जू भैय्या ,परमीत भद्रावती के अनुसार 6 फरवरी को सुबह चाकसू से आचार्य श्री संघ का मंगल विहार हुआ।</p>
<p>3.4 किमी शीतला माता मंदिर चाकसू में आहार हुआ। दोपहर को 6.3 किमी विहार कर शिवदास पूरा सड़क टोल निकट रात्रि विश्राम हुआ। 7 फरवरी को 3.3 किमी विहार कर आचार्य संघ की आहार चर्या महात्मा गांधी इंजीनियरिंग कॉलेज शिवदासपूरा में होगी। आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का 31 साधुओं सहित अतिशय क्षेत्र पदमपुरा बाडा में 8 फरवरी दोपहर को प्रवेश होगा। पूर्व से विराजित आर्यिका श्री स्वस्ति भूषण माताजी एवं क्षेत्र कमेटी , पंच कल्याणक समिति आचार्य संघ की भव्य आगवानी करेंगे।</p>
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		<title>भक्तामर पाठ के नियमित श्रवण से समस्त व्याधि होती है दूर: आचार्यश्री प्रज्ञासागरजी ने कहा मुझ पत्थर को गुरुवर ने हीरा बना दिया  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/regular_listening_to_the_bhaktamar_stotra_removes_all_diseases/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 01 Jan 2026 16:48:03 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[अंग्रेजी कैलेंडर के नववर्ष की पूर्व संध्या पर आचार्य श्रीप्रज्ञा सागरजी महाराज के सानिध्य में पूरे समाज द्वारा 48-48 दीपकों से भक्तामर स्त्रोत्र पाठ का संगीतमय आयोजन किया गया। आचार्य श्री ने बताया कि भक्तामर पाठ के नियमित श्रवण करने से समस्त आदि व्याधि दूर हो जाते है तथा परिवार में सुख शांति मिलती है। [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>अंग्रेजी कैलेंडर के नववर्ष की पूर्व संध्या पर आचार्य श्रीप्रज्ञा सागरजी महाराज के सानिध्य में पूरे समाज द्वारा 48-48 दीपकों से भक्तामर स्त्रोत्र पाठ का संगीतमय आयोजन किया गया। आचार्य श्री ने बताया कि भक्तामर पाठ के नियमित श्रवण करने से समस्त आदि व्याधि दूर हो जाते है तथा परिवार में सुख शांति मिलती है। <span style="color: #ff0000">केकड़ी से पढ़िए, अभिषेक जैन लुहाड़िया की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>केकड़ी।</strong> अंग्रेजी कैलेंडर के नववर्ष की पूर्व संध्या पर आचार्य श्रीप्रज्ञा सागरजी महाराज के सानिध्य में पूरे समाज द्वारा 48-48 दीपकों से भक्तामर स्त्रोत्र पाठ का संगीतमय आयोजन किया गया। आचार्य श्री ने बताया कि भक्तामर पाठ के नियमित श्रवण करने से समस्त आदि व्याधि दूर हो जाते है तथा परिवार में सुख शांति मिलती है। पाठ के मुख्य पुण्यार्जक महावीर प्रसाद सुनील कुमार अनिल मित्तल, संजय मित्तल परिवार देवगांव वाले, भागचंद ज्ञानचंद जैन कुमार विनय कुमार जैन मशीनरी और भागचंद विनय कुमार धुंधरी परिवार रहे। समाज के अध्यक्ष ज्ञानचंद जैन ज्वैलर्स और मंत्री कैलाश जैन (मावा) वालों ने बताया कि भक्तामर पाठ के बाद आचार्य श्री की महाआरती की गई। महाआरती का सौभाग्य ताराचंद सुनील कुमार चांदसेन परिवार ने प्राप्त किया।</p>
<p><strong>1 जनवरी प्रातःकालीन भव्य जिनाभिषेक किया </strong></p>
<p>अंग्रेजी नववर्ष की सुप्रभात में श्री नेमिनाथ जिनालय में भव्य महामस्तकाभिषेक व शांतिधारा का आयोजन किया गया। मंदिर में विराजित समस्त प्रतिमाओं का सामूहिक अभिषेक व शांतिधारा आचार्य श्री के सानिध्य में किया गया। मुख्य शांतिधारा का पुण्यार्जन मनोज कुमार विनोद कुमार, गोविंद कुमार राजकुमार,टीकम चंद विपिन कुमार,शांतिलाल पारस कुमार,विमल चंद चेतन कुमार व अनिल जैन ने प्राप्त किया।</p>
<p><strong>राजस्थान में राजकीय अतिथि हैं आचार्यश्री प्रज्ञासागर जी </strong></p>
<p>आचार्य पुष्पदंत सागरजी महाराज की जन्मजयंती के शुभ अवसर पर आचार्य श्री प्रज्ञासागरजी महाराज ने कहा कि मुझ जैसे पत्थर को गुरुवर ने हीरा बना दिया। गुरुवर ने भारतवर्ष को आचार्य श्री तरुण सागर, आचार्य श्री पुलक सागर आचार्य श्री प्रसन्न सागर महाराज जैसे राष्ट्र संतों को दीक्षा दी, जो सम्पूर्ण विश्व में जैन धर्म की पताका फहरा रहे हैं। आपको बता दे आचार्य श्री प्रज्ञा सागरजी महाराज को राजस्थान सरकार ने राज्य अतिथि का दर्जा दिया हुआ है।</p>
<p><strong>श्री नेमिनाथ विधान का हुआ आयोजन </strong></p>
<p>आचार्य श्री पुष्पदंत सागर महाराज के अवतरण दिवस के उपलक्ष्य में दोपहर में श्री नेमिनाथ विधान किया गया। विधान में सौधर्म इंद्र भागचंद ज्ञान चंद जैन कुमार विनय कुमार सोनू मोनू परिवार, कुबेर इंद्र शांतिलाल पारस कुमार, विनोद कुमार राकेश कुमार और महायज्ञ नायक इंद्र भागचंद विजय कुमार बने। आचार्य श्री के अवतरण दिवस पर संघस्थ मुनि शांति तीर्थ महाराज, मुनि प्रियतीर्थ महाराज, क्षुल्लक दिव्यतीर्थ महाराज, क्षुल्लिका शांत प्रज्ञा माताजी और अनन्त प्रज्ञा माताजी, भट्टारक अरिहंत कीर्ति स्वामी, ब्रह्मचारी प्रवीण भैया और संस्कार भैया ने विनयांजलि प्रस्तुत की तथा गुरु आचार्य श्री की जीवनी पर प्रकाश डाला। संचालन शास्त्री कपिल भैया ने किया।</p>
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		<title>आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी के सान्निध्य में हो रही पदयात्रा अलौकिक : रामगंजमंडी, भवानीमंडी एवं हाडोती के भक्तों ने कहा-अद्भुत आध्यात्मिक आनंद का पल  </title>
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		<pubDate>Thu, 18 Dec 2025 09:46:03 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य श्री प्रज्ञा सागरजी के सान्निध्य में हाडोती की चंबल नदी के तट पर बसी धर्म प्राण नगरी कोटा से स्वस्तिधाम जहाजपुर के लिए ऐतिहासिक पदयात्रा निकाली जा रही है। यह यात्रा 15 दिसंबर से प्रारंभ हुई है और 20 दिसंबर को स्वस्तिधाम जहाजपुर में इसका समापन होगा। रामगंजमंडी से पढ़िए, यह खबर&#8230; रामगंजमंडी। आचार्य [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्य श्री प्रज्ञा सागरजी के सान्निध्य में हाडोती की चंबल नदी के तट पर बसी धर्म प्राण नगरी कोटा से स्वस्तिधाम जहाजपुर के लिए ऐतिहासिक पदयात्रा निकाली जा रही है। यह यात्रा 15 दिसंबर से प्रारंभ हुई है और 20 दिसंबर को स्वस्तिधाम जहाजपुर में इसका समापन होगा। <span style="color: #ff0000">रामगंजमंडी से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>रामगंजमंडी।</strong> आचार्य श्री प्रज्ञा सागरजी के सान्निध्य में हाडोती की चंबल नदी के तट पर बसी धर्म प्राण नगरी कोटा से स्वस्तिधाम जहाजपुर के लिए ऐतिहासिक पदयात्रा निकाली जा रही है। यह यात्रा 15 दिसंबर से प्रारंभ हुई है और 20 दिसंबर को स्वस्तिधाम जहाजपुर में इसका समापन होगा। पदयात्रा का आलम यह है कि इसमें भक्ति आस्था का समन्वय देखने को मिल रहा है। साथ ही पर्यावरण संरक्षण में भी यह एक पर्याय बनाकर परिलक्षित हो रही है। इस अलौकिक पदयात्रा में कोटा ही नहीं संपूर्ण हाडोती के साथ दूरदराज के भक्त भी सम्मिलित हो रहे हैं। बुधवार को इस पदयात्रा में रामगंजमंडी, भवानी मंडी, छबड़ा के भक्तजन पहुंचे। वे सभी पदयात्रा का वातावरण देख गदगद हो गए। पदयात्रा का रात्रि विश्राम चतरगंज कृषि विश्वविद्यालय में हुआ।</p>
<p><strong>इन समाजजनों ने शामिल होकर लिया धर्मलाभ </strong></p>
<p>जहां रामगंजमंडी से सुलोचना लुहाड़िया, शकुंतला मित्तल, भवानीमंडी से पारस सेठी, किरण सेठी, अजीत सेठी ने पहुंचकर पदयात्रा में सहभागिता की एवं आचार्य श्री संघ का आशीर्वाद लिया। उन्होंने पदयात्रा की तारीफ करते हुए कहा कि मिथुन मित्तल के संयोजन में यह पदयात्रा सही मायने में जिनधर्म प्रभावना पदयात्रा अलौकिक प्रभावना का पर्याय बन गई है। इन्होंने पदयात्रा के प्रबंधन अनुशासन एवं संयोजन की भी जमकर तारीफ़ की और कहा कि हमें साक्षात समवशरण देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि बग्गी, ऊंट गाड़ी, घोड़े आदि पर सवार भक्त भक्ति से परिपूर्ण नजर आ रहे थे।</p>
<p><strong>पदयात्रा में प्रज्ञा की ज्योति अपने आप में दिव्यमान</strong></p>
<p>क्या बच्चे क्या बुजुर्ग क्या युवा हर वर्ग पैदल चलते हुए भी थक नहीं रहे थे। भक्ति मय भजनों में झूमता नजर आ रहा था। उन्होंने सभी से अपील की कि जितने भी दिन पदयात्रा के शेष हैं, एक बार आप सब भी इस दिव्य पदयात्रा में सम्मिलित होकर पुण्य लाभ प्राप्त करें। यह पदयात्रा जैन धर्म की प्रभावना के साथ-साथ अहिंसा शाकाहार मैत्री का संदेश दे रही है। जो इस कलिकाल में अभूतपूर्व उदाहरण है। साथ ही उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से इस पदयात्रा में प्रज्ञा की ज्योति अपने आप में दिव्यमान होकर प्रज्वलित हो रही है।</p>
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		<title>क्षुल्लक श्री पूर्ण तीर्थ जी महाराज का समाधि मरण: तपोभूमि उज्जैन में तपश्चारण कर रहे थे </title>
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		<pubDate>Sat, 12 Jul 2025 14:27:30 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[इंदौर जैन समाज स्कीम नं 78 के गौरव पुरुष रहे कुछ वर्षाे से तपोभूमि उज्जैन में तपश्चारण कर रहे क्षुल्लक श्री पूर्ण तीर्थ जी महाराज शनिवार को अपनी नश्वर देह का त्याग कर परम पद को प्राप्त हो गए। इंदौर से पढ़िए, हरिहरसिंह चौहान की यह खबर&#8230; इंदौर। इंदौर जैन समाज स्कीम नं 78 के [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>इंदौर जैन समाज स्कीम नं 78 के गौरव पुरुष रहे कुछ वर्षाे से तपोभूमि उज्जैन में तपश्चारण कर रहे क्षुल्लक श्री पूर्ण तीर्थ जी महाराज शनिवार को अपनी नश्वर देह का त्याग कर परम पद को प्राप्त हो गए। <span style="color: #ff0000">इंदौर से पढ़िए, हरिहरसिंह चौहान की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> इंदौर जैन समाज स्कीम नं 78 के गौरव पुरुष रहे कुछ वर्षाे से तपोभूमि उज्जैन में तपश्चारण कर रहे क्षुल्लक श्री पूर्ण तीर्थ जी महाराज शनिवार को अपनी नश्वर देह का त्याग कर परम पद को प्राप्त हो गए। उन्होंने कुछ वर्ष पूर्व ही आचार्य श्री प्रज्ञासागर जी से दीक्षा प्राप्त कर क्षुल्लक श्री पूर्ण तीर्थ जी महाराज का नाम प्राप्त किया था।</p>
<p>वे इसी नाम से विख्यात हुए। शनिवार को मोक्ष मार्ग प्रशस्त करते हुए दोपहर 1 बजे उन्होंने अपनी नश्वर देह को त्याग दिया। सकल जैन समाज आपके चरणों मे कोटि-कोटि नमन करता है। आप स्कीम नंबर 78 में रहते हैं। आप अजीत जैन सेटेलाइट के ताऊजी, राहुल अशोक कुमार जैन, शिरीष दिलीप कुमार जैन और नीलेश दिलीप कुमार जैन के दादाजी थे।</p>
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		<title>आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी के सानिध्य में विमल धाम का भूमि पूजन : गुरु भक्तों ने कमरों के निर्माण की दी स्वीकृति </title>
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		<pubDate>Fri, 13 Jun 2025 17:03:12 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[इंदौर कोटा रोड़ पर यहां से 12 किमी दूर सुसनेर-सोयत के बीच आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी महाराज ससंघ के आशीर्वाद और सानिध्य में विहार धाम का भूमि पूजन किया गया। यहां एक संत निवास, सर्व सुविधा युक्त 20 कमरे, 6 हजार स्क्वायर फीट का टीन शेड और एक चैत्यालय बनेगा। सुसनेर से पढ़िए, अभिषेक [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>इंदौर कोटा रोड़ पर यहां से 12 किमी दूर सुसनेर-सोयत के बीच आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी महाराज ससंघ के आशीर्वाद और सानिध्य में विहार धाम का भूमि पूजन किया गया। यहां एक संत निवास, सर्व सुविधा युक्त 20 कमरे, 6 हजार स्क्वायर फीट का टीन शेड और एक चैत्यालय बनेगा। <span style="color: #ff0000">सुसनेर से पढ़िए, अभिषेक जैन लुहाड़िया की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>सुसनेर।</strong> इंदौर कोटा रोड़ पर यहां से 12 किमी दूर सुसनेर-सोयत के बीच आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी महाराज ससंघ के आशीर्वाद और सानिध्य में विहार धाम का भूमि पूजन किया गया। जो की लगभग 6 बीघा जमीन में बनेगा। इससे एक संत निवास, सर्व सुविधा युक्त 20 कमरे, 6 हजार स्क्वायर फीट का विशाल टीन शेड और एक चैत्यालय बनेगा। चैत्यालय में देवाधिदेव श्री विमलनाथ भगवान की मूर्ति विराजमान होगी और शुक्रवार से ही इस विहार धाम का नाम गुरुदेव ने विमल धाम नाम रखा। सर्वप्रथम शुक्रवार को प्रातः 7:30 बजे विमल धाम में पौधरोपण किया गया। उसके बाद में गुरुदेव ने विमल धाम के संबंध में सभी भक्तों को जानकारी दी। उन्होंने बताया की तपोभूमि की तर्ज पर यहां भी 2लाख 51 हजार में विवाह की सुविधा दी जाएगी।</p>
<p>जिससे समाज के फिजुल खर्च से बचा जा सके। यहीं पर एक छोटा सा चैत्यालय होगा। जिससे दूल्हा-दुल्हन की यहीं पर मंदिर ढुकाई की जा सके। संत निवास और चैत्यालय का भुमि पूजन किया गया। संत निवास के निर्माण का संपूर्ण खर्च गुजरात बड़ौदा के श्रावक मदन भाई रूपेन्द्र भाई हुम्मड़ ने स्वीकृति दी, जो संघपति भी है। साथ ही 11 कमरों के निर्माण की भी गुरु भक्तों ने स्वीकृति प्रदान की।</p>
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		<title>आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी का संघ का मंगल आगमन : रामगंजमंडी में समाज ने की अगवानी की </title>
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		<pubDate>Wed, 19 Mar 2025 11:00:35 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य श्री प्रज्ञासागर महाराज का बुधवार की प्रातः बेला में नगर में मंगल आगमन हुआ। उन्होंने संघ सहित मोड़क गांव से रामगंजमंडी विहार किया। मंगल विहार में नगर के कई भक्त सम्मिलित रहे। खैराबाद आगमन पर खैराबाद समाज बंधुओं ने महाराज श्री का पद प्रक्षालन मंगल आरती कर अगवानी की। रामगंजमंडी से पढ़िए अभिषेक जैन [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्य श्री प्रज्ञासागर महाराज का बुधवार की प्रातः बेला में नगर में मंगल आगमन हुआ। उन्होंने संघ सहित मोड़क गांव से रामगंजमंडी विहार किया। मंगल विहार में नगर के कई भक्त सम्मिलित रहे। खैराबाद आगमन पर खैराबाद समाज बंधुओं ने महाराज श्री का पद प्रक्षालन मंगल आरती कर अगवानी की। <span style="color: #ff0000">रामगंजमंडी से पढ़िए अभिषेक जैन लुहाड़िया की खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>रामगंजमंडी।</strong> आचार्य श्री प्रज्ञासागर महाराज का बुधवार की प्रातः बेला में नगर में मंगल आगमन हुआ। आचार्य श्री ने संघ सहित मोड़क गांव से रामगंजमंडी की ओर विहार किया। महाराज श्री के मंगल विहार में नगर के कई भक्त सम्मिलित रहे। विहार के दौरान खैराबाद आगमन पर खैराबाद समाज बंधुओं ने महाराज श्री का पद प्रक्षालन मंगल आरती कर अगवानी की। नगर की सीमा पर पहुंचने पर समाज बंधुओं ने आचार्य श्री की भव्य अगवानी की। उन्हें नगर की सीमा पर स्थित खैराबाद फाटक से ढोल नगाड़ों और बैंडबाजा के साथ नगर में मंगल प्रवेश कराया। जय जयकार करते हुए समाजजन और भक्त काफी हर्षित थे। खैराबाद फाटक से थाना चौराहे होते हुए महाराज श्री संघ श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर पहुंचे। जहां महावीर मंदिर समिति द्वारा महाराज श्री का पद प्रक्षालन मंगल आरती कर अगवानी की।</p>
<p><strong>पाद प्रक्षालन कर अगवानी की</strong></p>
<p>महाराज श्री ने महावीर दिगंबर जैन मंदिर के भी दर्शन किए। जगह-जगह गुरुदेव की मंगल आरती की गई एवं पाद प्रक्षालन कर अगवानी की गई। महाराज श्री को शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर लाया गया। जहां मंदिर के प्रवेश द्वार पर महाराज श्री का पाद प्रक्षालन मंगल आरती कर अगवानी की। इसके बाद आचार्य श्री ने भगवान श्री शांतिनाथ भगवान के दर्शन किए। उनके सानिध्य में भगवान का अभिषेक एवं शांति धारा की गई। इसके बाद धर्मसभा प्रारंभ हुई।</p>
<p>धर्म सभा के प्रारंभ में अनिता जैन ने मंगलाचरण की प्रस्तुति दी। बाहर पधारे हुए धर्म प्रेमी बंधुओं का समाज की ओर से दुपट्टा माला पहनाकर स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर सकल दिगंबर जैन समाज की ओर से संरक्षक अजीत कुमार सेठी, अध्यक्ष दिलीप कुमार विनायका, उपाध्यक्ष चेतन बागड़िया, उपाध्यक्ष कमल जैन, महामंत्री राजकुमार गंगवाल एवं उपस्थित समाज बंधुओं द्वारा आचार्य श्री से कुछ दिन और प्रवास का निवेदन किया गया। धर्म सभा का संचालन महामंत्री राजकुमार गंगवाल ने किया।</p>
<p><strong>सुख तो विनयवान को मिलता है</strong></p>
<p>इस अवसर पर आचार्य श्री ने अपने मंगल प्रवचन में विनय के ऊपर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह विचार करना आवश्यक है कि सुख किसकी झोली में आएगा। सुख का हकदार कौन है। उन्होंने कहा कि सुख उसे नहीं मिलता। जिसके अंदर विनय भाव नहीं है और जो झुक कर नहीं अकड़ कर चलता है। हाथ जोड़कर नहीं बांधकर चलता है, जो जिंदा दिली से नहीं मुट्ठी बांधकर जीता है और जो ऐसा करते हैं उन्हें सुख संपदा की प्राप्ति नहीं होती है। सुख तो विनयवान को ही मिलेगा।</p>
<p><strong>जीवन में विनम्रता होनी चाहिए</strong></p>
<p>वर्तमान परिपेक्ष्य पर चिंता करते हुए आचार्य श्री ने कहा कि आजकल के लोगों को सिखाया जा रहा है कि झुकना नहीं विनय मोक्ष का द्वार है। हम उस संस्कृति में जीने वाले लोग हैं। झुकती है दुनिया झुकाने वाला चाहिए। बड़ों के सामने झुकना हमें बचपन से सिखाया जाता है हम उस संस्कृति के लोग हैं। जहां कदम-कदम पर ढोक लगाना सिखाया जाता है। जीवन में विनम्रता होनी चाहिए। योग्यता विनयवान होने से ज्यादा मिलती है। सेवावान विनयवान सभी को प्रिय होता है। और उससे ही लोग ज्यादा प्यार करते हैं। विनय हमारे भीतर होना चाहिए। विनयवान बनने से ही सुख मिलता है। आचार्य श्री ने कहा कि घर परिवार में सुख कम हो रहा है इसका कारण है कि विनय में कमी आ रही है। प्रारंभ कर दो विनय देना सम्मान देना।</p>
<p><strong>छोटों को प्यार से समझाना</strong></p>
<p>महाराज श्री ने समाज से कहा कि बड़ों का काम होता है, छोटों को आगे बढ़ाना और छोटों का काम होता है बड़ों को सम्मान देना। पहले छोटे बच्चे बड़ों के सामने आवाज भी नहीं कर पाते थे। मैं आप सभी से कहना चाहता हूं कि विनय भाव में कमी मत होने देना। यदि आपको गुस्सा आए तो मौन रह लेना लेकिन, बड़ों की बात नहीं काटूंगा। एकदम से बड़ों की बातों को नहीं काटना चाहिए। मैं छोटों से कहूंगा कि बड़ों की बात को कभी काटना नहीं। बड़ों से कहूंगा कि छोटों को डांटना नहीं उन्हें प्यार से समझाना। आचार्य श्री की मंगल आहारचर्या एवं चरण वंदना का लाभ राजमल पदमकुमार लुहाड़िया परिवार को प्राप्त हुआ</p>
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		<title>आचार्य श्री प्रज्ञा सागरजी का बुधवार को होगा मंगल प्रवेश: रामगंजमंडी में बैंडबाजों के साथ होगी मंगल अगवानी </title>
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		<pubDate>Tue, 18 Mar 2025 15:10:53 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य श्री प्रज्ञा सागर महाराज का संघ सहित रामगंजमंडी में बुधवार को मंगल प्रवेश होगा। आचार्यश्री को बैंडबाजे के साथ श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर लाया जाएगा। यहां उनकी भव्य मंगल अगवानी की जाएगी। यहां भगवान के दर्शन के बाद धर्मसभा होगी। आचार्यश्री संघ सहित मोड़क से विहार कर यहां पहुंचेंगे। रामगंजमंडी से अभिषेक लुहाड़िया [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्य श्री प्रज्ञा सागर महाराज का संघ सहित रामगंजमंडी में बुधवार को मंगल प्रवेश होगा। आचार्यश्री को बैंडबाजे के साथ श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर लाया जाएगा। यहां उनकी भव्य मंगल अगवानी की जाएगी। यहां भगवान के दर्शन के बाद धर्मसभा होगी। आचार्यश्री संघ सहित मोड़क से विहार कर यहां पहुंचेंगे। <span style="color: #ff0000">रामगंजमंडी से अभिषेक लुहाड़िया पढ़िए यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>रामगंजमंडी।</strong> आचार्य श्री प्रज्ञा सागर महाराज का संघ सहित नगर में बुधवार की प्रातः बेला में मंगल प्रवेश होगा। आचार्य श्री का संघ सहित मोड़क से रामगंजमंडी के लिए मंगल विहार करेंगे। नगर की सीमा पर प्रवेश होने पर थाना चौराहा पर आचार्य श्री की समाज बंधु मंगल अगवानी करेंगे। उन्हें बैंडबाजे के साथ श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर लाया जाएगा। जहां आचार्य श्री संघ सहित शांतिनाथ भगवान के दर्शन करेंगे। दर्शन के बाद आचार्य श्री धर्मसभा को संबोधित करेंगे।</p>
<p><strong>समाजजनों ने मोड़क पहुंचकर श्रीफल किए भेंट </strong></p>
<p>इससे पूर्व मंगलवार की संध्या बेला में रामगंजमंडी दिगंबर जैन समाज की ओर से संरक्षक अजीत सेठी, अध्यक्ष दिलीप विनायका, उपाध्यक्ष चेतन बागड़िया, प्रकाश विनायका, रमेश विनायका, सुदेश रावका, नितिन जैन सबदरा, अभिषेक लुहाड़िया आदि ने मोड़क गांव पहुंचकर आचार्य श्री के चरणों में समाज की ओर से श्रीफल भेंटकर नगर आगमन का निवेदन किया। आचार्य श्री ने स्वीकृति प्रदान करते हुए मंगल आशीर्वाद दिया।</p>
<p><strong>मांगलिक भवन का लोकार्पण किया आचार्य श्री ने</strong></p>
<p>इससे पूर्व आचार्य श्री का मंगल प्रवेश नगर में 25 दिसंबर 2024 को हुआ था। मंगलवार की प्रातः बेला में आचार्य श्री का कोटा से मंगल विहार करते हुए मोड़क ग्राम में मंगल आगमन हुआ। मांगलिक भवन का लोकार्पण भी आचार्य श्री के सानिध्य में भक्ति उल्लास के साथ हुआ। मंगलवार की संध्या बेला में मांगलिक भवन में ही आचार्य श्री के सानिध्य में आनंद यात्रा हुई।</p>
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