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	<title>Acharya Shri Gyan Sagar Ji Maharaj &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<title>Acharya Shri Gyan Sagar Ji Maharaj &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>पं.बंगाल में शिक्षण शिविरों का हुआ समापन : 40 सराक जैन प्रतिभाओं का हुआ सम्मान, 3 राज्य, 20 स्थानों में 2 हजार शिविरार्थी हुए शामिल  </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 21 May 2026 14:22:09 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज के 70 वें अवतरण दिवस के अवसर पर आचार्य श्री ज्ञेय सागर जी महाराज, आर्यिका स्वस्ति भूषण माता जी, आर्यिका श्री आर्ष मति माता जी,आर्यिका श्री सुज्ञान मति माता जी की प्रेरणा एवं आशीर्वाद से उड़ीसा, झारखंड,पश्चिम बंगाल के विभिन्न अंचलों में शिक्षण शिविर हुआ। बांकुडा से पढ़िए, मनीष विद्यार्थी [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज के 70 वें अवतरण दिवस के अवसर पर आचार्य श्री ज्ञेय सागर जी महाराज, आर्यिका स्वस्ति भूषण माता जी, आर्यिका श्री आर्ष मति माता जी,आर्यिका श्री सुज्ञान मति माता जी की प्रेरणा एवं आशीर्वाद से उड़ीसा, झारखंड,पश्चिम बंगाल के विभिन्न अंचलों में शिक्षण शिविर हुआ। <span style="color: #ff0000">बांकुडा से पढ़िए, मनीष विद्यार्थी की खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>बांकुडा।</strong> आचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज के70 वें अवतरण दिवस के अवसर पर आचार्य श्री ज्ञेय सागर जी महाराज, आर्यिका स्वस्ति भूषण माता जी, आर्यिका श्री आर्ष मति माता जी,आर्यिका श्री सुज्ञान मति माता जी की प्रेरणा एवं आशीर्वाद से उड़ीसा, झारखंड,पश्चिम बंगाल के विभिन्न अंचलों में शिक्षण शिविर हुआ है। बंगाल प्रांत के पुरुलिया एवं बांकुडा जिले के विभिन्न स्थानों पर आयोजित शिक्षण शिविरों का समापन भव्य कार्यक्रमों के साथ संपन्न हुआ। ब्र.मंजुला दीदी के निर्देशन में ग्रीष्मकालीन ज्ञान संस्कार बाल शिक्षण शिविरों का समापन, विशिष्ट जनों की उपस्थिति में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ संपन्न हुआ। आचार्य ज्ञानसागर जी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन, मंगलाचरण के साथ कार्यक्रम का प्रारंभ हुआ। स्थानीय शिविर सहयोगियों का सम्मान,बच्चों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गई। ज्ञान दर्पण भाग 1,2, पूजन प्रशिक्षण,मेहंदी, ड्राइंग, सिलाई में प्रथम, द्वितीय,तृतीय पुरस्कार दिए गए एवं सभी शिविरार्थीओं को सांत्वना पुरस्कार दिए गए। इसके साथ ही कक्षा 10वीं एवं 12वीं में अच्छे अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र, मेडल, स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया। शिविर विशेषांक अहिंसा करुणा समाचार पत्रिका का विमोचन किया गया। शिक्षण शिविरों अध्यापन कराने हेतु शिविर मुख्य संयोजक मनीष शास्त्री विद्यार्थी सागर. संहसंयोजक पं. जयकुमार दुर्ग, पं. राजकुमार शास्त्री कर्द, पं. शिखर चंद्र जैन भिलाई विदुषी बहन राखी जैन के द्वारा सफलतम आयोजन के लिए सम्मान सराक ट्रस्ट्र द्वारा किया गया।</p>
<p><strong>अग्रिम कार्यक्रम के लिए अभी से तैयारी करनी पड़ेगी</strong></p>
<p>शिक्षण शिविरों के विषय में स्थानीय सराक ट्रस्ट अध्यक्ष गया राम जैन सराक ने कहा कि ऐसे आयोजन से धर्म की प्रभावना होती है और यह हमेशा होते रहने चाहिए, शीतकालीन शिविरों के लिए अभी से हम लोगों का आमंत्रण है, हम सभी आपका सहयोग करेंगे। मंत्री संजय जैन सराक ने कहा हमें आगे के कार्यक्रम के लिए अभी से तैयारी करनी पड़ेगी, तब जाकर हम बहुत अच्छे तरीके से कार्यक्रम कर सकेंगे।शिविर संयोजक मनीष शास्त्री विद्यार्थी ने कहा ऐसे आयोजन में अगर स्थानीय समाज सहयोग करती है, तो कार्यक्रम निश्चित ही सफल होते हैं और आप लोगों का हमें सहयोग मिलेगा तो हम शीतकालीन शिविरों का भव्य आयोजन करेंगे।</p>
<p><strong>ज्ञान संस्कार बाल शिक्षण शिविर</strong></p>
<p>जिससे पूरे सराक क्षेत्र में शिक्षण शिविरों का सफलतम आयोजन हो सकें। स्थानीय 40 सराक प्रतिभाओं का सम्मान भी इस मंच से किया गया। शिक्षण शिविरों की आयोजक भारतवर्षीय दिगंबर जैन सराक ट्रस्ट दिल्ली एवं पश्चिम बंगाल, झारखंड उड़ीसा स्थानीय सराक ट्रस्ट के सहयोग से आयोजित ज्ञान संस्कार बाल शिक्षण शिविरों का सफलतम कार्यक्रम संपन्न हो सका।</p>
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		<title>भुवनेश्वर में ज्ञान संस्कार शिक्षण शिविर हुए आरंभ : जैनत्व संस्कार के साथ हुआ शिक्षण शिविरों में अध्यापन </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 08 May 2026 08:27:00 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[भारतवर्षीय सराक ट्रस्ट, जैनम् फाउंडेशन दिल्ली के तत्वावधान में भुवनेश्वर (उड़ीसा) के विभिन्न स्थानों पर 5 मई से ज्ञान संस्कार शिक्षण शिविर का शुभारंभ हुआ। शिविरों में अध्यापन के लिए वरिष्ठ एवं युवा विद्वानों के साथ कला विशेषज्ञ विदुषी महिलाएं भी अपना योगदान दे रही हैं। भुवनेश्वर से पढ़िए, मनीष विद्यार्थी की खबर&#8230; भुवनेश्वर। आचार्य [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>भारतवर्षीय सराक ट्रस्ट, जैनम् फाउंडेशन दिल्ली के तत्वावधान में भुवनेश्वर (उड़ीसा) के विभिन्न स्थानों पर 5 मई से ज्ञान संस्कार शिक्षण शिविर का शुभारंभ हुआ। शिविरों में अध्यापन के लिए वरिष्ठ एवं युवा विद्वानों के साथ कला विशेषज्ञ विदुषी महिलाएं भी अपना योगदान दे रही हैं। <span style="color: #ff0000">भुवनेश्वर से पढ़िए, मनीष विद्यार्थी की खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p>भुवनेश्वर। आचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज के जन्म दिवस के पावन अवसर पर आचार्य श्री ज्ञेय सागर जी महाराज, गणिनी आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण माताजी , गणिनी आर्यिका श्री आर्ष माताजी माता जी, आर्यिका श्री सुज्ञान मति माताजी के आशीर्वाद से भारतवर्षीय सराक ट्रस्ट, जैनम् फाउंडेशन दिल्ली के तत्वावधान में भुवनेश्वर (उड़ीसा) के विभिन्न स्थानों पर 5 मई से ज्ञान संस्कार शिक्षण शिविर का शुभारंभ हुआ। शिविरों में अध्यापन के लिए वरिष्ठ एवं युवा विद्वानों के साथ कला विशेषज्ञ विदुषी महिलाएं भी अपना योगदान दे रही हैं। शिक्षण शिविरों में ज्ञान दर्पण, भाग 1, 2 पूजन शिविर, मेहंदी, सिलाई, नृत्य आदि की क्लास संचालित हो रही है। शिविरों के आयोजन में सभी ने दान देकर सहयोग किया। शिविर मुख्य संयोजक मनीष विद्यार्थी ने बताया कि आचार्य श्री ज्ञान सागर जी महाराज की प्रेरणा से बंगाल, झारखंड, उड़ीसा क्षेत्र में पाठशाला, होम्योपैथिक अस्पताल, मंदिर,धर्मशाला एवं समाज हित के अनेक कार्य हुए हैं। वर्ष 2000 से अब तक शिक्षण शिविरों के माध्यम से धार्मिक शिक्षा एवं नैतिक शिक्षा का ज्ञान की क्लासों के माध्यम से बच्चों को संस्कार दिए जा रहे हैं। भारतीय संस्कृति में पश्चात संस्कृति का प्रवेश होना हमारा पतन का कारण है। इसी कारण ग्रीष्मकालीन और शीतकालीन संस्कार शिविरों का आयोजन होता आ रहा हैं।</p>
<p>शिविर निर्देशक ब्र. मंजुला दीदी,ब्र. मनीष भैया ने कहा कि आचार्य श्री ज्ञान सागर जी महाराज ने भारतवर्ष में ज्ञान और शाकाहार का संदेश दिया। हमारा भी कर्तव्य है, कि हम उनके आदर्श पर चलें उनके अवतरण दिवस के पावन अवसर पर उनके द्वारा बताए गए मार्ग का अनुशरण कर,लोगों को बताएं। शिविरों में थैला,रजिस्टर,पेन आर्यिका श्री आर्ष मति माताजी की प्रेरणा से ज्ञानार्ष भक्त मंडल परिवार ने दिए और प्रतिवर्ष 1000 की संख्या में संस्था द्वारा सराक शिविरों के लिए दिए जाएंगे। शिक्षण शिविरों में मुख्य रूप से पं. जयकुमार दुर्ग, पं. शिखरचंद जैन भिलाई, पं. राजकुमार जैन कर्द, विदुषी राखी जैन स्थानीय स्तर पर हेमंत जैन सराक, रामजी जैन सराक का सहयोग रहा।</p>
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		<title>विराट व्यक्तित्व एवं कृतित्व के धनी आचार्य श्री ज्ञानसागरजी महाराज : 15 नवंबर को है आचार्य श्री का 5 वां समाधि स्मृति दिवस </title>
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		<pubDate>Fri, 14 Nov 2025 13:57:50 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[पट्टाचार्य ज्ञानसागरजी महाराज के 5 वां समाधि स्मृति दिवस 15 नवंबर को मनाया जाएगा। इस अवसर पर मुरैना से पढ़िए मनोज जैन नायक का यह विशेष आलेख&#8230; मुरैना। चंबल अंचल की पवित्र वसुंधरा संस्कारधानी ज्ञान नगरी मुरैना में 1 मई 1957 को दिगंबर जैसवाल जैन उपरोचियां समाज के बजाज गोत्रीय श्रावक श्रेष्ठी शांतिलाल जैन के [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>पट्टाचार्य ज्ञानसागरजी महाराज के 5 वां समाधि स्मृति दिवस 15 नवंबर को मनाया जाएगा। <span style="color: #ff0000">इस अवसर पर मुरैना से पढ़िए मनोज जैन नायक का यह विशेष आलेख&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मुरैना।</strong> चंबल अंचल की पवित्र वसुंधरा संस्कारधानी ज्ञान नगरी मुरैना में 1 मई 1957 को दिगंबर जैसवाल जैन उपरोचियां समाज के बजाज गोत्रीय श्रावक श्रेष्ठी शांतिलाल जैन के घर माता अशर्फी देवी जैन की कोख से जन्मे बालक उमेश जन्म से ही सहज, सरल और धार्मिक संस्कारों से संस्कारित थे। आप भौतिक चकाचौंध से दूर, धर्म आराधना में लीन रहते थे। जब भी कभी किन्हीं दिगंबर मुनिराजों का मुरैना से निकलना होता था तब आप उनके विहार में सहभागिता प्रदान करने तत्पर रहते थे। घंटों मंदिर में बैठकर जाप देना स्वाध्याय करना, आत्म चिंतन करना आपकी दैनिक दिनचर्या थी। गुरुदेव के परम भक्त अनूप भंडारी ने बताया कि वर्ष 1974 में आप वीरम गांव अजमेर में आचार्य श्री विद्यासागरजी महाराज से 17 वर्ष की उम्र में आजीवन ब्रह्मचर्य व्रत ग्रहण कर आध्यात्मिक पथ पर आगे बढ़े तथा 5 नवंबर 1976 को श्री 1008 दिगंबर जैन सिद्धक्षेत्र सोनागिरजी में आचार्य श्री सुमति सागर जी महाराज से क्षुल्लक दीक्षा ग्रहण कर क्षुल्लकश्री गुणसागर जी नाम प्राप्त किया। आचार्यश्री सुमति सागर जी महाराज से 31 मार्च 1988 चैत्र शुक्ला त्रयोदशी महावीर जयंती के पावन अवसर पर श्री 1008 दिगंबर जैन सिद्धक्षेत्र सोनागिरीजी की पावन भूमि पर मूलनायक श्री 1008 चंद्रप्रभु भगवान के पाद मूल में निग्रंथ दिगंबर जैनेश्वरी दीक्षा ग्रहण कर मुनि श्री ज्ञानसागरजी नाम से सुशोभित हुए ।</p>
<p>30 जनवरी 1989 को गुरुदेव के निर्देशानुसार दिगंबर जैन समाज सरधना मेरठ उत्तर प्रदेश द्वारा आपको उपाध्याय पद पर अलंकृत किया गया। उपाध्याय रत्न श्री ज्ञान सागर जी महाराज ने समाज की मुख्य धारा से अलग-थलग रहने वाले बिहार बंगाल उड़ीसा के सराक बंधुओं को समाज की मुख्य धारा से जोड़ते हुए उन्हें शिक्षित व सशक्त बनाकर संगठित किया और समाज की मुख्य धारा से जोड़ा। इस कारण उन्हें सराकोद्धारक नाम की विशिष्ट पहचान मिली तथा सराक बंधु उन्हें अपना आराध्य मानकर आज भी उनके प्रति पूर्ण समर्पित भाव रखते हुए उनकी आराधना में लीन रहते हैं तथा उन्हें सराको के राम मानते हैं।</p>
<p>आपकी प्रेरणा से अनेकों तीर्थ क्षेत्रों का जीर्णोद्धार व निर्माण कार्य किया गया। जो युगों-युगों तक जैन धर्म की प्रभावना में सहयोगी रहेगा। आपके द्वारा समूचे देश में पद विहार कर अहिंसा का प्रचार-प्रसार हुआ। आपके सानिध्य में अनेको गोष्ठी संगोष्ठी के माध्यम से शिक्षकों, वकीलों, बैंकर्स, सीए, डॉक्टर्स, इन्जीनियर, आईएएस आईपीएस, वैज्ञानिक आदि को समाज सेवा के साथ आध्यात्मिकता से भी जोडा गया। आपकी प्रेरणा से मेधावी छात्रों को प्रतिभा सम्मान के माध्यम से सम्मानित किया गया। पूज्य आचार्यश्री सन्मतिसागर जी महाराज की समाधि के बाद 27 मई 2013 को श्री 1008 दिगंबर जैन त्रिलोकतीर्थ क्षेत्र बड़ागांव (बागपत) उत्तर प्रदेश में आचार्य श्री शांति सागर जी छाणी परंपरा में षष्ठम पट्टाचार्य पद पर प्रतिष्ठित किया गया।</p>
<p>कार्तिक कृष्ण अमावस्या को भगवान महावीर निर्वाण महोत्सव की पावन बेला में श्री दिगंबर जैन मंदिर नसिया जी वारा राजस्थान में आपका समाधि पूर्वक देवलोक गमन हो गया। भगवान महावीर स्वामी जी के जन्म कल्याणक पर दीक्षा ग्रहण कर भगवान महावीर निर्वाणोत्सव की पावन बेला में देवलोक गमन करना यह दर्शाता है कि आप वर्तमान के वर्धमान थे। आपके द्वारा किए गए कार्यों को सदियों तक याद किया जाता रहेगा। सराकोद्धारक छाणी परंपरा के षष्ट पट्टाचार्य ज्ञानसागरजी महाराज के 5वें समाधि स्मृति दिवस (15 नवंबर) के अवसर पर गुरु चरणों में कोटि-कोटि नमन।</p>
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		<title>श्री नंदीश्वर जिनालय में पूजा भक्ति अर्चना का दौर : प्रतिदिन हो रहा है दस धर्मों का पूजन </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 01 Sep 2025 13:22:35 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जैन धर्मावलंबियों के लिए पर्यूषण पर्वों के दस दिन संयम की आराधना करने के दिन होते हैं। इन दस दिनों में जैन समाज के सभी पुरुष, महिलाएं, युवा एवं बच्चे जिनेंद्र प्रभु की पूजन भक्ति करते हुए संयम के मार्ग पर चलने की साधना का अभ्यास करते हैं। अंबाह रोड पर स्थित श्री महावीर दिगंबर [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>जैन धर्मावलंबियों के लिए पर्यूषण पर्वों के दस दिन संयम की आराधना करने के दिन होते हैं। इन दस दिनों में जैन समाज के सभी पुरुष, महिलाएं, युवा एवं बच्चे जिनेंद्र प्रभु की पूजन भक्ति करते हुए संयम के मार्ग पर चलने की साधना का अभ्यास करते हैं। अंबाह रोड पर स्थित श्री महावीर दिगंबर जैन नसियां जी मंदिर के प्रांगण में श्री नंदीश्वर द्वीप जिनालय अपनी भव्यता के लिए प्रसिद्ध है। <span style="color: #ff0000">मुरैना से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मुरैना।</strong> जैन धर्मावलंबियों के लिए पर्यूषण पर्वों के दस दिन संयम की आराधना करने के दिन होते हैं। इन दस दिनों में जैन समाज के सभी पुरुष, महिलाएं, युवा एवं बच्चे जिनेंद्र प्रभु की पूजन भक्ति करते हुए संयम के मार्ग पर चलने की साधना का अभ्यास करते हैं। अंबाह रोड पर स्थित श्री महावीर दिगंबर जैन नसियां जी मंदिर के प्रांगण में श्री नंदीश्वर द्वीप जिनालय अपनी भव्यता के लिए प्रसिद्ध है। आचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज के आशीर्वाद एवं प्रेरणा से आर्यिका श्री राजमति माताजी की भावना के अनुरूप नंदीश्वर दीप जिनालय का निर्माण कराया गया था। नंदीश्वर द्वीप जैन धर्म का आठवां द्वीप है और यह मानुषोत्तर पर्वत से परे स्थित है। इसलिए मनुष्य यहां नहीं जा सकते हैं। इसमें कुल 52 जिनालय (मंदिर) हैं, जो चार दिशाओं में बने हुए हैं और इन मंदिरों में पद्मासन प्रतिमाएँ विराजमान हैं। इन मंदिरों के आस-पास अंजनगिरि, दधिमुख और रतिकर पर्वत तथा चार बावड़ियां हैं। इस जिनालय में यू तो प्रतिदिन ही पूजा अर्चना होती है, लेकिन पर्यूषण पर्वों में भक्तों की भक्ति देखते ही बनती है।</p>
<p>नियमित पुजारियों द्वारा श्री नंदीश्वर द्वीप जिनालय में स्थापित जिनबिम्बों का मंगलाष्टक एवं अभिषेक पाठ पढ़ते हुए प्रासुक जल से अभिषेक किया गया। तत्पश्चात सभी ने नंदीश्वर द्वीप की तीन तीन प्रदक्षिणा कीं। पीले केशरिया धोती दुपट्टा में सुसुज्जित श्रावकों द्वारा अष्टद्रव्य से पूजन किया गया। श्री नंदीश्वर द्वीप जिनालय में प्रतिदिन अभिषेक पूजन करने वालों में राजकुमार जैन कुथियाना, भागचंद जैन पीपरी पुरा, सतीशचंद जैन, विमल जैन टोस वाले, राजकुमार जैन पलपुरा, रमाकांत जैन खड़ियाहार, पारस जैन खनेता, पंकज जैन नायक आगरा, बलराम जैन खड़ियाहार, सुरेंद्र जैन रतिराम पुरा, पीयूष जैन नायक, पारस जैन चेंटा वाले प्रमुख हैं।</p>
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		<title>नवागढ़ अतिशय क्षेत्र पर मनाया मोक्ष सप्तमी पर्व : अतिशयकारी भगवान अरनाथ स्वामी का अभिषेक एवं शांतिधारा हुई </title>
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		<pubDate>Fri, 01 Aug 2025 08:01:43 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[प्रागैतिहासिक नवागढ़ अतिशय क्षेत्र में श्री पारसनाथ भगवान का निर्वाण महोत्सव संगीतमय विधान के साथ गुरुकुलम के बच्चों के साथ मनाया गया। इस कार्यक्रम में विशेष सानिध्य ब्रह्मचारी श्री जय कुमार निशांत जी का रहा। नवागढ़ से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर&#8230; नवागढ़। प्रागैतिहासिक नवागढ़ अतिशय क्षेत्र में श्री पारसनाथ भगवान का निर्वाण [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>प्रागैतिहासिक नवागढ़ अतिशय क्षेत्र में श्री पारसनाथ भगवान का निर्वाण महोत्सव संगीतमय विधान के साथ गुरुकुलम के बच्चों के साथ मनाया गया। इस कार्यक्रम में विशेष सानिध्य ब्रह्मचारी श्री जय कुमार निशांत जी का रहा। <span style="color: #ff0000">नवागढ़ से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
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<p><strong>नवागढ़।</strong> प्रागैतिहासिक नवागढ़ अतिशय क्षेत्र में श्री पारसनाथ भगवान का निर्वाण महोत्सव संगीतमय विधान के साथ गुरुकुलम के बच्चों के साथ मनाया गया। इस कार्यक्रम में विशेष सानिध्य ब्रह्मचारी श्री जय कुमार निशांत जी का रहा। कार्यक्रम का प्रारंभ सातवीं सदी के भोंयरे के साथ भू गर्भ से प्रकटित मनोकामनापूर्ण अतिशयकारी भगवान अरनाथ स्वामी के अभिषेक एवं शांतिधारा के साथ हुआ। इसमें गुरुकुलम के बच्चों ने उत्साह पूर्वक अपनी-अपनी सामर्थ्य के अनुसार श्रद्धा राशि समर्पित करके भगवान अरनाथ जी कि शांतिधारा की एवं दैनिक पूजन के साथ भगवान पारसनाथ स्वामी का विधान हुआ।</p>
<p><strong>सौजन्य एवं पुण्यार्जन इनका रहा</strong></p>
<p>इस अवसर पर राजेंद्र कुमार कुसुम लता जैन सपरिवार ग्वालियर द्वारा निर्वाण लाडू समर्पित किया गया एवं दिनेश कुमार जैन खजांची सपरिवार ग्वालियर वालों द्वारा वात्सल्य भोज का आयोजन किया गया।</p>
<p><strong>निर्वाण महोत्सव की जानकारी दी</strong></p>
<p>कार्यक्रम के समापन पर क्षेत्र महामंत्री वीरचंद्र नैकोरा एवं क्षेत्र निर्देशक ब्रह्मचारी जय निशांत भैयाजी द्वारा तीर्थंकर भगवान् पार्श्वनाथ के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कमठ द्वारा किए गए उपसर्ग एवं पारसनाथ भगवान की सहनशीलता एवं क्षमाशीलता के बारे में बताते हुए गुरुकुलम के सभी छात्रों को पारसनाथ भगवान के निर्माण महोत्सव की विशेष जानकारी दी गई।</p>
<p>आर्यिका स्वस्ति भूषण जी का मिल रहा आशीर्वाद महामंत्री वीरचंद ने नवागढ़ क्षेत्र के इतिहास एवं गुरुकुलम के बारे में जानकारी देते हुए सभी लोगों को आचार्य श्री ज्ञान सागर जी महाराज के द्वारा किए गए पंचकल्याणक उनके आशीर्वाद एवं भारत गौरव गणिनी आर्यिका स्वस्ति भूषण माता जी का विशेष आशीर्वाद नवागढ़ को प्राप्त हो रहा है। अवगत कराते हुए आचार्य श्री ज्ञान सागर जी एवं स्वस्तिभूषण माताजी के प्रति अपना विनम्र भाव निवेदित किया।</p>
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		<title>बडौत समाज के पुण्य का जागरण : चार्तुमास के लिए आर्यिका श्री आर्षमति माता जी का होगा मंगल प्रवेश  </title>
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		<pubDate>Mon, 09 Jun 2025 07:01:47 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जैन धर्मप्रेमी समाज के लिए यह अत्यंत हर्ष और सौभाग्य का विषय है कि आर्यिका श्री आर्षमति माता जी ससंघ का ज्ञानार्ष अमृत वर्षायोग 2025 का दिव्य आयोजन श्री 1008 अजितनाथ दिगंबर जैन प्राचीन मंदिर मंडी बडौत में सानंद होगा। यह पुण्यप्रद क्षण बडौत जैन समाज के लिए न केवल गर्व का विषय है, अपितु [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>जैन धर्मप्रेमी समाज के लिए यह अत्यंत हर्ष और सौभाग्य का विषय है कि आर्यिका श्री आर्षमति माता जी ससंघ का ज्ञानार्ष अमृत वर्षायोग 2025 का दिव्य आयोजन श्री 1008 अजितनाथ दिगंबर जैन प्राचीन मंदिर मंडी बडौत में सानंद होगा। यह पुण्यप्रद क्षण बडौत जैन समाज के लिए न केवल गर्व का विषय है, अपितु संपूर्ण ज्ञानार्ष भक्त परिवार के लिए श्रद्धा और साधना का अमूल्य अवसर भी है। <span style="color: #ff0000">बड़ौत से पढ़िए, अजय जैन की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>बडौत।</strong> जैन धर्मप्रेमी समाज के लिए यह अत्यंत हर्ष और सौभाग्य का विषय है कि आर्यिका श्री आर्षमति माता जी ससंघ का ज्ञानार्ष अमृत वर्षायोग 2025 का दिव्य आयोजन श्री 1008 अजितनाथ दिगंबर जैन प्राचीन मंदिर मंडी बडौत में सानंद होगा। यह पुण्यप्रद क्षण बडौत जैन समाज के लिए न केवल गर्व का विषय है, अपितु संपूर्ण ज्ञानार्ष भक्त परिवार के लिए श्रद्धा और साधना का अमूल्य अवसर भी है। ज्ञात रहे कि गुरु मां श्री आर्षमति माता जी, आचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज की अंतिम दीक्षित शिष्या हैं। वे आज की युवा पीढ़ी के लिए त्याग, तपस्या, समर्पण और वात्सल्य की जीवंत मूर्ति हैं। उनका ससंघ पदार्पण बडौत नगर में होने से नगर की पुण्यभूमि अत्यंत पावन और दिव्य हो उठेगी।</p>
<p><strong>समाजजनों ने की अनुमोदना </strong></p>
<p>इस मंगल अवसर पर अखिल भारतीय ज्ञानार्ष भक्त परिवार एवं ज्ञानार्ष भक्त सेवा समिति (रजि.) ने अनुमोदना करते हुए कहा कि यह आयोजन समाज की अध्यात्मिक चेतना को जागृत करने वाला तथा संयम पथ पर अग्रसर होने का अनुपम माध्यम होगा। गुरु मां का सानिध्य प्राप्त होना पूर्व जन्मों के पुण्य का प्रतिफल है। गौरतलब है कि ज्ञानार्ष अमृत वर्षायोग जैन परंपरा में एक विशेष महत्व रखता है।</p>
<p><strong>श्री अजितनाथ दिगंबर जैन मंदिर को आकर्षक सजाया जाएगा</strong></p>
<p>यह आयोजन तप, स्वाध्याय, प्रवचन, ध्यान, संयम और धर्म आराधना से ओतप्रोत रहता है। ससंघ आर्यिका संघ के साथ गुरु मां के प्रवचनों, चिंतन-सत्रों एवं भक्ति कार्यों से नगर का वातावरण धर्ममय हो उठेगा। इस महाअवसर के लिए श्री अजितनाथ दिगंबर जैन मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया जाएगा और विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला की जाएगी। गणाचार्य परंपरा की प्रतिष्ठा और जैन संस्कृति की दिव्यता को अनुभव कराने वाले इस कार्यक्रम में समाज के सभी वर्गों से सहभागिता की अपील की गई है। अखिल भारतीय ज्ञानार्ष भक्त परिवार की ओर से सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध किया गया है कि वे इस धर्म प्रभावना और पुण्यार्जन के अवसर पर सपरिवार सहभागी बनें और गुरु मां श्री 105 आर्षमति माता जी का आशीर्वाद प्राप्त कर अपने जीवन को सार्थक करें। साथ ही गुरु मां का आशीर्वाद समस्त समाज को संयम, साधना और समरसता की ओर ले जाए। यही कामना है।</p>
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		<title>जीवन को सफल और सुरक्षित बनाने में सहायक हैं संस्कार : खूंटी जिले में शिक्षण शिविरों का समापन </title>
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		<pubDate>Sat, 24 May 2025 09:50:45 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[भारतवर्षीय सराक ट्रस्ट के तत्वावधान में झारखंड प्रांत के खुटी जिले में चल रहे शिक्षण शिविरों का समापन 24 मई को हुआ। शिविर समापन में जूम चैनल के माध्यम से मुनि श्री नियोग सागर जी महाराज, आर्यिका श्री सुज्ञान मति का मंगल सानिध्य प्राप्त हुआ। पश्चिम बंगाल, झारखंड, उड़ीसा में आयोजित शिक्षण शिविरों में 1000 [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>भारतवर्षीय सराक ट्रस्ट के तत्वावधान में झारखंड प्रांत के खुटी जिले में चल रहे शिक्षण शिविरों का समापन 24 मई को हुआ। शिविर समापन में जूम चैनल के माध्यम से मुनि श्री नियोग सागर जी महाराज, आर्यिका श्री सुज्ञान मति का मंगल सानिध्य प्राप्त हुआ। पश्चिम बंगाल, झारखंड, उड़ीसा में आयोजित शिक्षण शिविरों में 1000 से ज्यादा बच्चों ने भाग लिया। <span style="color: #ff0000">खुटी से पढ़िए, मनीष जैन विद्यार्थी की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>खुटी।</strong> आचार्य श्री ज्ञान सागर जी महाराज के जन्म दिवस के पावन अवसर पर पश्चिम बंगाल, झारखंड, उड़ीसा के सराक क्षेत्र में आचार्य श्री ज्ञेय सागर जी, आर्यिका श्री स्वस्ति भूषण माताजी, आर्यिका श्री आर्ष मति माताजी, आर्यिका श्री सुज्ञान मति माताजी के आशीर्वाद से ब्र. मंजुला दीदी, ब्र. मनीष भैया के निर्देशन में भारतवर्षीय सराक ट्रस्ट के तत्वावधान में झारखंड प्रांत के खुटी जिले में चल रहे शिक्षण शिविरों का समापन 24 मई को हुआ। शिविर समापन में जूम चैनल के माध्यम से मुनि श्री नियोग सागर जी महाराज, आर्यिका श्री सुज्ञान मति का मंगल सानिध्य प्राप्त हुआ। कार्यक्रम का मंगलाचरण अनुज जैन सराक ने किया चित्रावरण, दीप प्रज्वलन उपस्थित विद्वत श्रीपं. राजकुमार शास्त्री कर्द ने किया। सामूहिक मंगरचारण विदुषी सपना जैन, साधिका जैन ने किया।</p>
<p>सभी उपस्थित विद्वानों का सम्मान स्थानीय समाज के वरिष्ठजन द्वारा किया गया। शिविर स्थानों में कसमार, कोरला, डोडमा, खूटी स्थानों पर शिक्षण शिविरों द्वारा धर्म प्रभावना हुई। जिसके सामूहिक समापन समारोह में प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान प्राप्त शिविराथियों को पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। जिन्होंने मेहंदी, सिलाई, पेंटिंग में अपना स्थान प्राप्त किया है। उनका भी सम्मान किया गया। बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं।</p>
<p><strong>ज्ञान प्राप्त करने के अवसर का हमें लाभ लेना चाहिए</strong></p>
<p>अंत में आर्यिका श्री सुज्ञानमती माताजी ने आशीष वचन में कहा कि आचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज की प्रेरणा से आयोजित शिक्षण शिविरों द्वारा संस्कारों का बीजारोपण का कार्य हो रहा है। जो भविष्य में जाकर जैन संस्कृति की प्रभावना करेगा। शिक्षण शिविरों द्वारा कम समय में ज्ञान प्राप्त करने के अवसर का हमें लाभ लेना चाहिए। संस्कार जीवन को सफल एवं सुरक्षित बनाते हैं। मुनि श्री नियोग सागर जी महाराज ने कहा कि अगर हमें ज्ञान प्राप्त करना है तो हमें कुछ सीखना और जानना होगा। इसके लिए कम समय में होने वाले शिक्षण शिविरों में भाग लेकर समय का सदुपयोग कर जीवन में ज्ञानार्जन करें। शिविर मुख्य संयोजक मनीष विद्यार्थी ने कहा कि इस भीषण गर्मी में विद्वानों द्वारा समय निकालकर सराक क्षेत्र आना, वहां शिविर लगाना और अपने अनुकूल परिस्थितियों के न होने पर भी शिविरों का संचालन करना बड़ा कठिन कार्य है। फिर भी यहां आकर बच्चों को धार्मिक शिक्षा देकर जैन धर्म की प्रभावना करना बड़ा ही सराहनीय कार्य है।</p>
<p><strong>मद्य और मांस त्याग का संकल्प लिया </strong></p>
<p>पश्चिम बंगाल, झारखंड,उड़ीसा प्रांत के बच्चों ने आयोजित शिक्षण शिविरों में शामिल होकर एक हजार से ज्यादा बच्चों नाम मद्य त्याग, मांस त्याग का संकल्प लिया। जिसमें खूटी दिगंबर जैन समाज द्वारा विद्वानों की आवास एवं भोजन व्यवस्था की गई। समाज के अध्यक्ष शिखरचंद जैन ने कहा कि मेरा सौभाग्य है की आचार्यश्री ज्ञान सागर जी द्वारा आयोजित शिक्षण शिविरों में विद्वान हमारे क्षेत्र में पधारकर जैन धर्म की प्रभावना कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। शिविर व्यवस्थाओं के लिए अनुज जैन सराक भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पश्चिम बंगाल, झारखंड, उड़ीसा के विभिन्न स्थानों पर धार्मिक शिक्षण शिविर एवं शाकाहार के लिए किया जा रहा कार्य से भारतीय संस्कृति को पुनः जीवंत करने में सफलता मिलेगी।</p>
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		<title>भगवान महावीर स्वामी जन्मकल्याणक पर जन महासम्मेलन: साधु और साध्वियों के सानिध्य में एकत्र होगा जैन समााज  </title>
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		<pubDate>Thu, 24 Apr 2025 07:14:32 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली के लाल मंदिर प्रांगण में भगवान महावीर स्वामी के जन्म कल्याणक त्रयोदशी पर 27 अप्रैल को जैन महासम्मेलन होगा। देशभर से साधु-साध्वियों, विद्वानों, प्रोफेशनल्स और समाजसेवियों आगमन होगा। आयोजन में आर्यिका श्री अंतरामति माताजी का सानिध्य रहेगा। आर्यिका श्री अंतशमति माताजी और आर्यिका श्री सरस्वती माताजी भी प्रेरणादायी वाणी से मार्गदर्शन देगी। नईदिल्ली [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>नई दिल्ली के लाल मंदिर प्रांगण में भगवान महावीर स्वामी के जन्म कल्याणक त्रयोदशी पर 27 अप्रैल को जैन महासम्मेलन होगा। देशभर से साधु-साध्वियों, विद्वानों, प्रोफेशनल्स और समाजसेवियों आगमन होगा। आयोजन में आर्यिका श्री अंतरामति माताजी का सानिध्य रहेगा। आर्यिका श्री अंतशमति माताजी और आर्यिका श्री सरस्वती माताजी भी प्रेरणादायी वाणी से मार्गदर्शन देगी। <span style="color: #ff0000">नईदिल्ली से पढ़िए अजय जैन की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>नईदिल्ली/अंबाह।</strong> नई दिल्ली के लाल मंदिर प्रांगण में भगवान महावीर स्वामी के जन्म कल्याणक त्रयोदशी पर 27 अप्रैल को जैन महासम्मेलन होगा। देशभर से साधु-साध्वियों, विद्वानों, प्रोफेशनल्स और समाजसेवियों आगमन होगा। आयोजन में आर्यिका श्री अंतरामति माताजी का सानिध्य रहेगा। आर्यिका श्री अंतशमति माताजी और आर्यिका श्री सरस्वती माताजी भी प्रेरणादायी वाणी से मार्गदर्शन देगी। इस दिन आचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज का दीक्षा दिवस भी श्रद्धा और भक्ति से मनाया जाएगा। कार्यक्रम में अलग-अलग वर्गों के लिए विशेष सम्मेलन होंगे। एडवोकेट सम्मेलन की अध्यक्षता सुशील जैन करेंगे। सीए और सीएस सम्मेलन की अध्यक्षता अजय जैन करेंगे। इंजीनियर सम्मेलन में भूपेंद्र जैन अध्यक्ष होंगे। डॉक्टर सम्मेलन और पेरेंट्स काउंसलिंग का नेतृत्व डॉ. डीसी जैन करेंगे। बैंकर्स सम्मेलन की अध्यक्षता जेके जैन करेंगे। कैरियर काउंसलिंग का संचालन रितेश जैन करेंगे।</p>
<p>मुख्य अतिथि होंगे पीके दशोरा, वाइस चांसलर, मंगलायतन यूनिवर्सिटी, अलीगढ़। कार्यक्रम की संयोजक कविता जैन, मनोज जैन शशि और अंकित जैन हैं। संचालन डॉ. नीरज जैन, ललिता जैन और रितेश जैन करेंगे। समारोह की अध्यक्षता डॉ. डीसी जैन करेंगे। आयोजन अहिंसा प्रभावना, दिल्ली द्वारा किया जा रहा है। निवेदक प्राचीन श्री अग्रवाल दिगंबर जैन पंचायत (रजि.), दिल्ली है। कार्यक्रम सुबह 9.30 बजे से शुरू होगा। जिसका स्थान लाल मंदिर, दिल्ली रहेगा।</p>
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		<title>ज्ञानतीर्थ पर बनेगा जैन संत ज्ञानसागर का जिनालय: चंद्रप्रभु जिनालय एवं ज्ञान गुरु मंदिर की रखी आधारशिला </title>
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		<pubDate>Thu, 06 Mar 2025 15:33:25 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज के भव्य मंदिर निर्माण की आधारशिला श्री ज्ञानतीर्थ क्षेत्र में रखी गई। कार्यक्रम में जैन तीर्थ सम्मेद शिखरजी में ज्ञानसागर गुरु मंदिर बनाने की घोषणा आगरा निवासी मुकेश जैन कोलतार बिटूमैन परिवार ने की। कार्यक्रम में देशभर से गुरु भक्त और जैन श्रावक-श्राविकाएं तथा अतिथि आदि शामिल हुए। पढ़िए मुरैना [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज के भव्य मंदिर निर्माण की आधारशिला श्री ज्ञानतीर्थ क्षेत्र में रखी गई। कार्यक्रम में जैन तीर्थ सम्मेद शिखरजी में ज्ञानसागर गुरु मंदिर बनाने की घोषणा आगरा निवासी मुकेश जैन कोलतार बिटूमैन परिवार ने की। कार्यक्रम में देशभर से गुरु भक्त और जैन श्रावक-श्राविकाएं तथा अतिथि आदि शामिल हुए। <span style="color: #ff0000">पढ़िए मुरैना से मनोज जैन नायक की खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मुरैना।</strong> आचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज के भव्य मंदिर निर्माण की आधारशिला श्री ज्ञानतीर्थ क्षेत्र में रखी गई। ज्ञानतीर्थ परिवार के ट्रस्टी योगेश जैन (खतौली वाले) दिल्ली ने बताया कि जैन तीर्थंकर श्री चंद्रप्रभु भगवान के मोक्ष कल्याणक के पावन अवसर पर एबी रोड हाइवे पर स्थित श्री ज्ञानतीर्थ क्षेत्र पर सप्तम पट्टाचार्य श्री ज्ञेयसागर सागर जी महाराज के आशीर्वाद, आर्यिका स्वस्ति भूषण माताजी, ब्रह्मचारिणी बहन मंजुला दीदी के निर्देशन एवं प्रतिष्ठाचार्य पंडित जयकुमार निशांत टीकमगढ़, नितिन भैयाजी खुरई के आचार्यत्व में श्री 1008 चंद्रप्रभु जिनालय की आधारशिला चंद्रकांता जैन, बृजेश जैन, राजेश जैन, यतीश जैन, मनोज जैन, पंकज जैन मेडिकल वाले परिवार मुरैना एवं ज्ञानसागर गुरु मंदिर की आधार शिला खेकड़ा वाले आनंद जैन, राहुल जैन, रजत जैन सूर्य नगर गाजियाबाद ने रखी। इस अवसर पर जैन तीर्थ सम्मेद शिखरजी में ज्ञानसागर गुरु मंदिर बनाने की घोषणा आगरा निवासी मुकेश जैन कोलतार बिटूमैन परिवार ने की।</p>
<p><strong><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-75984" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250306-WA0044.jpg" alt="" width="1599" height="899" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250306-WA0044.jpg 1599w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250306-WA0044-300x168.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250306-WA0044-1024x576.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250306-WA0044-768x432.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250306-WA0044-1536x864.jpg 1536w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250306-WA0044-990x557.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250306-WA0044-1320x742.jpg 1320w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250306-WA0044-470x264.jpg 470w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250306-WA0044-640x360.jpg 640w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250306-WA0044-215x120.jpg 215w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250306-WA0044-414x232.jpg 414w" sizes="(max-width: 1599px) 100vw, 1599px" />ध्वजारोहण इन्होंने किया</strong></p>
<p>शिलान्यास समारोह में ध्वजारोहण मुकेश जैन बिटूमेन आगरा, चित्र अनावरण एवं दीप प्रज्वलन वकीलचंद जैन खैकड़ा परिवार, सतेंद्र जैन बुढ़ाना वाले, ग्वालियर संयुक्त कलेक्टर संजीव जैन सहित अतिथि श्रावक श्रेष्ठियों द्वारा किया गया। आचार्य श्री ज्ञानसागर जी के चरणों का पाद प्रक्षालन का सौभाग्य जैन मित्र मंडल की ओर से टिकटोली के अध्यक्ष राजेंद्र भंडारी, पूर्व अध्यक्ष महेशचंद बंगाली सहित सभी सदस्यों, पवन बृजेश जैन विवेक बिहार, टीनू जैन दिल्ली को प्राप्त हुआ।</p>
<p><strong>इन्होंने रखी शिलाएं</strong></p>
<p>शिलान्यास समारोह में शिला रखने का सौभाग्य राजेंद्र जैन भंडारी, एडवोकेट दिनेश जैन, पवन जैन रतिराम पुरा, महेशचंद जैन बंगाली, ऋषभ जैन दिल्ली, राजेंद्र जैन एडवोकेट ग्वालियर, प्रवेश जैन दिल्ली, वकीलचंद जैन गाजियाबाद, सुमति जैन दिल्ली, सुमेदीलाल दिनेशचंद खबरोली, मोतीराम तेजसिंह मुरैना नरेशभूषण जैन दिल्ली, सतीश जैन प्रीति होजरी दिल्ली, प्रेमचंद जैन बंदना साड़ी, राजेश जैन हलुआ को प्राप्त हुआ। कार्यक्रम के प्रारंभ में सभी भक्तों ने आचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज की अष्टद्रव्य से पूजन किया।</p>
<p><strong>निर्वाण लाडू चढ़ाने का लाभ इनको मिला</strong></p>
<p>इस अवसर जैन धर्म के तीर्थंकर भगवान चंद्रप्रभु जी का प्रथम निर्वाण लाड़ू अर्पित करने का सौभाग्य योगेशकुमार मोहित जैन खतौली वाले परिवार को प्राप्त हुआ। इस अवसर पर ब्रह्मचारी नवीन भैयाजी बड़ागांव, ब्रह्मचारिणी बहन प्रियंका दीदी जहाजपुर, वंदना जैन (डिप्टी कलेक्टर ग्वालियर) नेतराम रूपेश जैन, सोनू जैन, राजू जैन धौलपुर, मुरार जैन समाज अध्यक्ष दिनेश जैन (ऐसाह वाले), मंत्री देवेंद्र जैन सहित दिल्ली, बड़ौत, ग्वालियर, अंबाह, बानमौर, धौलपुर, मेरठ, गाजियाबाद के गुरुभक्त उपस्थित थे।</p>
<p><strong>जैन मित्र मंडल का रहा विशेष योगदान</strong></p>
<p>नवीन जिनालय शिलान्यास समारोह में जैन मित्र मंडल मुरैना का विशेष योगदान रहा। मित्र मंडल के मुख्य संयोजक सतेंद्र जैन एवं संयोजक प्रवीण जैन ष्बड़ेष् चौटा वाले के सानिध्य में मित्र मंडल के 60 से अधिक सदस्यों ने स्वल्पाहार, भोजन, परिवहन व्यवस्था सहित अन्य सभी व्यवस्थाओं में अपना सहयोग प्रदान किया। सभी सदस्यों को ज्ञानसागर महाराज के चरणों का पाद प्रक्षालन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। ज्ञानतीर्थ कमेटी ने जैन मित्र मंडल का आभार व्यक्त किया।</p>
<p><strong>1008 यात्रियों का समूह जाएगा सम्मेद शिखर जी</strong></p>
<p>इस पावन अवसर पर जैन मित्र मंडल ने 1008 यात्रियों को इसी वर्ष सम्मेद शिखर जी की यात्रा कराने की घोषणा की । स्वस्तिधाम प्रणेत्री गणिनी आर्यिका स्वस्तिभूषण मति माताजी के आशीर्वाद एवं मार्ग निर्देशन में तीर्थराज सम्मेद शिखर जी की यात्रा निकाली जाएगी। जिसमें 1008 यात्री सम्मिलित होगें। शिखर जी में आचार्य श्री ज्ञेयसागर जी महाराज के सानिध्य में एक शाम गुरुवर के नाम भजन संध्या एवं सामूहिक सम्मेद शिखर जी पर्वत की वंदना की जाएगी।</p>
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		<title>श्री सर्वतोभद्र जिनालय का संपन्न हुआ भूमि शिलान्यास समारोह: मंदिर में पूजा करने से धर्म और पुण्य प्राप्त होता है </title>
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		<pubDate>Sat, 11 May 2024 07:12:14 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[समाधिस्थ आचार्य श्री ज्ञान सागर जी महाराज की प्रेरणा एवं आचार्य श्री विरागसागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद एवं मेडिटेशन गुरु उपाध्याय श्री विहसन्त सागर जी महाराज ससंघ के मंगल सानिध्य में आगरा के बल्केश्वर स्थित गंगेगौरी बाग के निकट न्यू आदर्श नगर में प्रस्तावित भूमि पर आगरा का प्रथम बल्केश्वर ग्रेटर कमलानगर में नवनिर्मित [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>समाधिस्थ आचार्य श्री ज्ञान सागर जी महाराज की प्रेरणा एवं आचार्य श्री विरागसागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद एवं मेडिटेशन गुरु उपाध्याय श्री विहसन्त सागर जी महाराज ससंघ के मंगल सानिध्य में आगरा के बल्केश्वर स्थित गंगेगौरी बाग के निकट न्यू आदर्श नगर में प्रस्तावित भूमि पर आगरा का प्रथम बल्केश्वर ग्रेटर कमलानगर में नवनिर्मित होने जा रहे श्री सर्वतोभद्र जिनालय का भूमि शिलान्यास समारोह अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर 10 मई को बल्केश्वर स्थित गंगेगौरी पार्क में बने विशाल पंडाल पर आयोजित किया गया | <span style="color: #ff0000">पढि़ए शुभम जैन की रिपोर्ट ……</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>आगरा ।</strong>समाधिस्थ आचार्य श्री ज्ञान सागर जी महाराज की प्रेरणा एवं आचार्य श्री विरागसागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद एवं मेडिटेशन गुरु उपाध्याय श्री विहसन्त सागर जी महाराज ससंघ के मंगल सानिध्य में आगरा के बल्केश्वर स्थित गंगेगौरी बाग के निकट न्यू आदर्श नगर में प्रस्तावित भूमि पर आगरा का प्रथम बल्केश्वर ग्रेटर कमलानगर मे नवनिर्मित होने जा रहे श्री सर्वतोभद्र जिनालय का भूमि शिलान्यास समारोह अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर 10 मई को बल्केश्वर स्थित गंगेगौरी पार्क में बने विशाल पंडाल पर आयोजित किया गया| जिसमें प्रहलाद जैन ने विशाल पंडाल का फीता खोलकर समारोह का शुभारंभ किया| शिलान्यास समारोह का ध्वजारोहण अतुल जैन एव अमन जैन परिवार ने किया| ध्वजारोहण के बाद श्री सर्वतोभद्र दिगंबर जैन मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने गणाचार्यश्री विराग सागर जी महाराज के चित्र का अनावरण एवं दीप प्रज्वलित किया| सौभाग्यशाली भक्तों ने उपाध्याय श्री विहसन्तसागर जी महाराज के चरणों का पाद प्रक्षालन किया| पीएनसी परिवार की महिलाओं ने उपाध्यायश्री को शास्त्र भेंट किया| महिलाओं ने भक्ति गीत पर नृत्य कर मंगलाचरण की प्रस्तुति दी|</p>
<p><strong><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-60325" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/05/WhatsApp-Image-2024-05-11-at-12.37.15-PM.jpeg" alt="" width="1280" height="852" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/05/WhatsApp-Image-2024-05-11-at-12.37.15-PM.jpeg 1280w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/05/WhatsApp-Image-2024-05-11-at-12.37.15-PM-300x200.jpeg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/05/WhatsApp-Image-2024-05-11-at-12.37.15-PM-1024x682.jpeg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/05/WhatsApp-Image-2024-05-11-at-12.37.15-PM-768x511.jpeg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/05/WhatsApp-Image-2024-05-11-at-12.37.15-PM-414x276.jpeg 414w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/05/WhatsApp-Image-2024-05-11-at-12.37.15-PM-470x313.jpeg 470w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/05/WhatsApp-Image-2024-05-11-at-12.37.15-PM-640x426.jpeg 640w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/05/WhatsApp-Image-2024-05-11-at-12.37.15-PM-130x86.jpeg 130w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/05/WhatsApp-Image-2024-05-11-at-12.37.15-PM-187x124.jpeg 187w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/05/WhatsApp-Image-2024-05-11-at-12.37.15-PM-990x659.jpeg 990w" sizes="(max-width: 1280px) 100vw, 1280px" />दान करने से अगले भव का होता है निर्माण</strong></p>
<p>समारोह के मध्य में भक्तों को उपाध्यायश्री विहसन्तसागर जी महाराज ने मंगल प्रवचन देते हुए कहा कि नवीन मंदिर बनाने से जीवन में सुख ,शांति की प्राप्त होती है।मंदिर में पूजा करने से धर्म की प्राप्ति होती है और पुण्य प्राप्त होता है। दान करने से अगले भव का निर्माण होता है। इस अवसर पर आयोजन समिति ने सभी अतिथियों को माला,पगड़ी पहनाकर एवं प्रतीक चिन्ह देकर स्वागत सम्मान किया| इस दौरान श्री सर्वतोभद्र दिगंबर जैन मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने उपाध्यायश्री विहसंतसागर जी महाराज ससंघ के समक्ष श्रीफल भेंटकर मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया| इसके बाद विधानाचार्य संदीप जैन शास्त्री मेहगांव वालों के कुशल निर्देशन में मंत्रोच्चारण के साथ नवनिर्मित श्री सर्वतोभद्र जिनालय के भूमि शिलान्यास की मांगलिक क्रियाएं संपन्न हुई ।</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-60324" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/05/WhatsApp-Image-2024-05-11-at-12.37.16-PM.jpeg" alt="" width="1280" height="852" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/05/WhatsApp-Image-2024-05-11-at-12.37.16-PM.jpeg 1280w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/05/WhatsApp-Image-2024-05-11-at-12.37.16-PM-300x200.jpeg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/05/WhatsApp-Image-2024-05-11-at-12.37.16-PM-1024x682.jpeg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/05/WhatsApp-Image-2024-05-11-at-12.37.16-PM-768x511.jpeg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/05/WhatsApp-Image-2024-05-11-at-12.37.16-PM-414x276.jpeg 414w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/05/WhatsApp-Image-2024-05-11-at-12.37.16-PM-470x313.jpeg 470w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/05/WhatsApp-Image-2024-05-11-at-12.37.16-PM-640x426.jpeg 640w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/05/WhatsApp-Image-2024-05-11-at-12.37.16-PM-130x86.jpeg 130w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/05/WhatsApp-Image-2024-05-11-at-12.37.16-PM-187x124.jpeg 187w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/05/WhatsApp-Image-2024-05-11-at-12.37.16-PM-990x659.jpeg 990w" sizes="(max-width: 1280px) 100vw, 1280px" />एनसी जैन इंजीनियर एवं हिमांशु जैन परिवार एवं सभी सौभाग्यशाली भक्तों ने शिला रखकर संपन्न कीं| शिलान्यास समारोह में सभी मुख्य शिला नरेंद्र कुमार जैन परिवार ने प्राप्त की| जिसमें श्रद्धालुओं ने बढ़- चढ़कर दान दिया| इस दौरान,एटा,मैनपुरी फिरोजाबाद,ग्वालियर,सोनागिर,मुरैना,भिंड,इटावा,कुरावली,मेहगांव,बरासो,आगरा के अलावा विभिन्न नगरों के जैन समाज ने उपाध्यायश्री विहसंत सागर जी महाराज ससंघ के समक्ष वर्षायोग 2024 हेतु श्रीफल भेंटकर निवेदन किया| शिलान्यास समारोह का संचालन मनोज जैन बाकलीवाल एव उमेश जैन भिंड वालों द्वारा किया गया| कार्यक्रम के समापन के बाद साय: 5:00 बजे उपाध्याय श्री विहसंतसागर जी महाराज ससंघ का मंगल विहार श्री पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर, कचौड़ा बाजार बेलनगंज के लिए हुआ|</p>
<p>उपाध्यायश्री 108 विहसंतसागर जी महाराज ससंघ का दो दिन का मंगल प्रवास राजा की मंडी, जैन मदिर में रहेगा| इसके बाद 13 और 14 मई को मोती कटरा, जैन मंदिर 15 और 16 मई को छीपीटोला जैन मंदिर में मंगल प्रवास रहेगा|इस अवसर पर कार्यक्रम में आगरा दिगंबर जैन परिषद के अध्यक्ष जगदीशप्रसाद जैन,राकेश जैन पर्देवाले,प्रदीप जैन पीएनसी ,निर्मल मौठ्या,नीरज जैन जिनवाणी चैनल,पंकज जैन,पारस जैन,शिखरचंद जैन सिंघई,राजीव जैन,दिलीप जैन उत्तम उघोग,रजत जैन, सचिन जैन, प्रमोद जैन,अमित जैन चांदी वाले, अनिल कागज,राजेन्द्र जैन,सुरेश पांड्या,सुमेर पांडया,राजू गोधा,संजू गोधा,मीडिया प्रभारी शुभम जैन, समस्त बल्केश्वर एवं ग्रेटर कमला नगर जैन समाज के लोग बड़ी संख्या में सम्मिलित होकर पुण्यार्जन किया।</p>
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