<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>acharya pad pratisthapan divas &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<atom:link href="https://www.shreephaljainnews.com/tag/acharya-pad-pratisthapan-divas/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
	<lastBuildDate>Thu, 19 Dec 2024 11:32:26 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/09/cropped-shri-32x32.png</url>
	<title>acharya pad pratisthapan divas &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>पांचवें आचार्य पद प्रतिष्ठापन दिवस पर विशेषः 20 दिसंबर को 108 श्री अतिवीर जी मुनिराज का हुआ था आचार्य पद पर प्रतिष्ठापन </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/on_december_20_108_shri_ati_veer_ji_muniraj_was_installed_as_acharya/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/on_december_20_108_shri_ati_veer_ji_muniraj_was_installed_as_acharya/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 19 Dec 2024 11:32:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[acharya ativeer ji]]></category>
		<category><![CDATA[acharya pad pratisthapan divas]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[Indore श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य पद प्रतिस्थापन दिवस]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य श्री अतिवीर जी महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[इंदौर]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=71237</guid>

					<description><![CDATA[आचार्यश्री 108 अतिवीर जी महाराज का 20 दिसंबर को आचार्य पद पांचवां प्रतिष्ठापन दिवस है। इस पुण्य अवसर पर उन्हें श्रद्धा भाव से याद किया जा रहा है। इस गौरवशाली पल से जैन समाज में हर्षित है। प्रतिष्ठापन दिवस पर अनुमोदना-अनुमोदना की जा रही है। पढ़िए इस अवसर पर दिल्ली के समीर जैन का यह [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>आचार्यश्री 108 अतिवीर जी महाराज का 20 दिसंबर को आचार्य पद पांचवां प्रतिष्ठापन दिवस है। इस पुण्य अवसर पर उन्हें श्रद्धा भाव से याद किया जा रहा है। इस गौरवशाली पल से जैन समाज में हर्षित है। प्रतिष्ठापन दिवस पर अनुमोदना-अनुमोदना की जा रही है। <span style="color: #ff0000">पढ़िए इस अवसर पर दिल्ली के समीर जैन का यह खास आलेख&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>दिल्ली।</strong> प्रशममूर्ति आचार्य श्री 108 शांतिसागर जी महाराज (छाणी) की गौरवशाली परंपरा में पंचम पट्टाधीश गुरुवर आचार्यश्री 108 विद्याभूषण सन्मति सागर जी महाराज की असीम अनुकंपा से सल्लेखनारत आचार्यश्री 108 मेरुभूषण जी महाराज ने अपने परम प्रभावक अनुज-भ्राता एलाचार्य श्री 108 अतिवीर जी महाराज की विशेष योग्यता, दिव्यता, संगठन और संचालन कुशलता एवं गंभीरता को देखते हुए श्रमण परंपरा के वर्तमान में सर्वोच्च पद ‘आचार्य पद‘ पर प्रतिष्ठित करने की घोषणा कर भक्तों को प्रफुल्लित कर दिया है। पूज्य आचार्य श्री ने कहा कि आपके द्वारा अल्प समय में ही अभूतपूर्व ज्ञान-गंगा का प्रवाह निरंतर गतिमान है तथा विभिन्न नगरों में व्यापक धर्म प्रभावना संपन्न हो रही है।</p>
<p><strong>दैदीप्यमान नक्षत्र बनकर उभरेंगे</strong></p>
<p>आचार्यश्री ने कहा कि आपकी छलछलाती मंद-मंद मुस्कान हर बाल-वृद्ध को अपनी ओर सहज ही आकर्षित कर लेती है। लगभग 29 वर्षों की सतत संयम साधना से फलीभूत अथाह ज्ञान भंडार, तप, त्याग, साधना, समाज, उद्धारक मानसिकता, स्व-पर कल्याण की भावना, एकता और संगठन, साधर्मी वात्सल्य, गंभीर चिंतन, धैर्य आदि अनेकों योग्य गुणों को देखते हुए यह कहना अतिश्योक्ति ना होगी कि आप जैन धर्म के वाङ्ग्मय में एक प्रखर प्रकाश पुंज की भांति दैदीप्यमान नक्षत्र बनकर जगमगाएंगे।</p>
<p><strong>जैन समाज को नई दिशा प्रदान करने की सार्थक पहल की</strong></p>
<p>गुरुवर आचार्य श्री 108 विद्याभूषण सन्मति सागर जी महाराज से दीक्षित समस्त शिष्य समुदाय में आप एकमात्र ऐसे शिष्य हैं, जिन्हें उन्होंने स्वयं अपने कर-कमलों द्वारा कोई पद प्रदान किया है। एलाचार्य पद के बाद गुरुवर ने आपको आचार्य पद से भी सुशोभित करना था, लेकिन अचानक ही उनके समाधिमरण हो जाने से यह कार्य अधूरा रह गया। गुरुजी की भावना के अनुरूप गुरु भ्राता ने अधूरा कार्य पूर्ण किया। गहन चिंतक, विचारक, प्रवचनकार और कुशल मार्गदर्शक के रूप में आपने अल्प समय में ही जैन समाज को नई दिशा प्रदान करने की सार्थक पहल की। आप हर उस कार्य को सहजता से कर लेते हैं, जिसके लिए जैन समाज एक सही नेतृत्व का इंतज़ार करता रह जाता है।</p>
<p><strong>उत्कृष्ट कार्य श्रमण और श्रावक के लिए प्रेरक उदाहरण</strong></p>
<p>युवा पीढ़ी को कुशलतापूर्वक सही दिशा में अग्रसर करने में आपके हर कदम पर हज़ारों युवा चलने को तैयार हो जाते हैं। आने वाला कल जिनके हाथों में है, उनको सही दिशा में आगे बढ़ाने की कला के भंडार हैं। स्पष्ट सोच, स्वच्छ कार्यप्रणाली, निश्चित दिशा, हर विचार को यथार्थ में सहजता से अग्रसित कर देती है। आपके द्वारा विभिन्न प्रसंगों पर किए गए उत्कृष्ट कार्य श्रमण और श्रावक के लिए प्रेरक उदाहरण हैं।</p>
<p><strong>पांचवां आचार्य पद प्रतिष्ठापन दिवस है यह</strong></p>
<p>आपकी इन्हीं विलक्षण प्रतिभा और विशेषताओं को देखते हुए छाणी परंपरा के द्वितीय पट्टाधीश आचार्य श्री 108 विजय सागर जी महाराज के समाधि दिवस के प्रसंग पर आपके गुरु भ्राता परम पूज्य सल्लेखनारत आचार्य श्री 108 मेरुभूषण जी महाराज ने 20 दिसम्बर 2020 को एमडी जैन कॉलेज, हरी पर्वत, आगरा (उप्र) में हजारों गुरु भक्तों के समक्ष तथा अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन शास्त्री परिषद् के विद्वानों की अनुमोदना के साथ विधि-विधान पूर्वक आचार्य पद पर प्रतिष्ठित किया। आचार्य श्री 108 अतिवीर जी मुनिराज के श्रीचरणों में पंचम आचार्य पद प्रतिष्ठापन दिवस के पुनीत अवसर पर शत-शत नमन&#8230;</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/on_december_20_108_shri_ati_veer_ji_muniraj_was_installed_as_acharya/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
