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	<title>Acharya Nirbhay Sagar &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
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	<title>Acharya Nirbhay Sagar &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>ट्रांस यमुना कॉलोनी में हुआ आचार्य निर्भय सागर ससंघ का मंगल प्रवेश : श्रद्धालुओं ने ढोल-नगाड़ों के साथ किया भव्य स्वागत, आज से नियमित धार्मिक कार्यक्रम प्रारंभ </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 08 Jul 2026 10:23:13 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[वैज्ञानिक संत आचार्य श्री 108 निर्भय सागर जी महाराज ससंघ (10 पिच्छी) छिपीटोला से मंगल विहार कर आगरा की ट्रांस यमुना कॉलोनी स्थित श्री 1008 चंद्रप्रभ दिगंबर जैन मंदिर पहुंचे। श्रद्धालुओं ने उनका भव्य स्वागत किया तथा नियमित धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत हुई। पढ़िए श्रीफल साथी विपलव जैन की यह रिपोर्ट। आगरा। वैज्ञानिक संत आचार्य [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>वैज्ञानिक संत आचार्य श्री 108 निर्भय सागर जी महाराज ससंघ (10 पिच्छी) छिपीटोला से मंगल विहार कर आगरा की ट्रांस यमुना कॉलोनी स्थित श्री 1008 चंद्रप्रभ दिगंबर जैन मंदिर पहुंचे। श्रद्धालुओं ने उनका भव्य स्वागत किया तथा नियमित धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत हुई। <span style="color: #ff0000">पढ़िए श्रीफल साथी विपलव जैन की यह रिपोर्ट।</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>आगरा।</strong> वैज्ञानिक संत आचार्य श्री 108 निर्भय सागर जी महाराज ससंघ (10 पिच्छी) मंगलवार को छिपीटोला से मंगल विहार करते हुए ट्रांस यमुना कॉलोनी स्थित श्री 1008 चंद्रप्रभ दिगंबर जैन मंदिर पहुंचे। मंदिर परिसर में समाजजनों ने ढोल-नगाड़ों, जयघोष एवं गुरु वंदना के साथ आचार्य श्री का भावपूर्ण स्वागत किया। पूरे परिसर में धार्मिक उल्लास और भक्ति का वातावरण बना रहा।</p>
<p><strong>समाजजनों ने किया भावपूर्ण स्वागत</strong></p>
<p>मंगल प्रवेश के अवसर पर श्री दिगंबर जैन समिति, ट्रांस यमुना कॉलोनी के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। सभी ने आचार्य श्री के दर्शन एवं वंदना कर मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया।</p>
<p><strong>अनेक समाजजन रहे उपस्थित</strong></p>
<p>कार्यक्रम में श्री जितेंद्र जैन &#8216;बंटी&#8217;, श्री धर्मेंद्र जैन, श्री राजीव जैन, श्री मोहित जैन, श्री विपलव जैन, श्री वैभव जैन, श्री पंकज जैन, कमल जैन, प्रशांत जैन, संजीव जैन, ऋषभ जैन, ऋतिक जैन, संयम जैन, केतन जैन, सिद्ध शरण, राजेश जैन, प्रीति जैन, तृप्ति जैन, पारुल जैन, खुशबू जैन, पूजा जैन, संगीता जैन, सपना जैन सहित नवदेव चरण चेतना मंच छिपीटोला के सदस्य तथा ब्रह्मचारिणी दीदी लवली एवं दीदी झिलमिल उपस्थित रहीं।</p>
<p><strong>मंगल विहार के बाद हुई जलपान व्यवस्था</strong></p>
<p>आचार्य श्री के मंगल विहार के उपरांत सभी श्रद्धालुओं के लिए जलपान की व्यवस्था की गई। समाजजनों ने सेवा कार्यों में उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।</p>
<p><strong>नियमित धार्मिक कार्यक्रम</strong></p>
<p>समिति द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार प्रतिदिन प्रातः 7:30 बजे अमृतमयी प्रवचन, प्रातः 8:30 बजे आहारचर्या, सायं 6:30 बजे शंका समाधान तथा रात्रि 8:30 बजे वैयावृत्ति का आयोजन किया जाएगा। समिति ने सभी धर्मानुरागी बंधुओं से समय पर पहुंचकर धर्म लाभ लेने की अपील की है।</p>
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		<title>छीपीटोला में होगा उपाध्याय पदारोहण दिवस एवं भव्य जैनेश्वरी दीक्षा महोत्सव : मंदिर समिति ने किया महोत्सव पत्रिका का विमोचन </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 04 Jul 2026 15:44:11 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आगरा के श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर, छीपीटोला में 5 एवं 6 जुलाई को उपाध्याय पदारोहण दिवस एवं जैनेश्वरी दीक्षा महोत्सव आयोजित होगा। पत्रकार वार्ता में कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए महोत्सव पत्रिका का विमोचन किया गया। पढ़िए श्रीफल साथी शुभम जैन की यह रिपोर्ट। आगरा। समाधिस्थ आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज एवं आचार्य श्री [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>आगरा के श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर, छीपीटोला में 5 एवं 6 जुलाई को उपाध्याय पदारोहण दिवस एवं जैनेश्वरी दीक्षा महोत्सव आयोजित होगा। पत्रकार वार्ता में कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए महोत्सव पत्रिका का विमोचन किया गया। <span style="color: #ff0000">पढ़िए श्रीफल साथी शुभम जैन की यह रिपोर्ट।</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>आगरा।</strong> समाधिस्थ आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज एवं आचार्य श्री अभिनंदन सागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद तथा वैज्ञानिक संत आचार्य श्री निर्भयसागर जी महाराज ससंघ के सान्निध्य में 5 एवं 6 जुलाई को श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर, छीपीटोला (रकाबगंज थाने के सामने) में उपाध्याय पदारोहण दिवस एवं भव्य जैनेश्वरी दीक्षा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। आयोजन से पूर्व मंदिर परिसर में पत्रकार वार्ता आयोजित कर महोत्सव पत्रिका एवं पोस्टर का विमोचन किया गया।</p>
<p><strong>ऐतिहासिक आयोजन की दी जानकारी</strong></p>
<p>पत्रकारों को संबोधित करते हुए आचार्य श्री निर्भयसागर जी महाराज ने कहा कि यह महोत्सव आगरा के लिए ऐतिहासिक एवं गौरवपूर्ण अवसर है। महोत्सव के दौरान कोटा के ब्रह्मचारी मोहनलाल भैय्या को जैनेश्वरी दीक्षा प्रदान की जाएगी तथा निर्यापक मुनि श्री शिवदत्तसागर जी महाराज का उपाध्याय पद संस्कार सम्पन्न होगा।</p>
<p><strong>दो दिवसीय कार्यक्रमों की रूपरेखा</strong></p>
<p>श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन उप पंचायत समिति, छीपीटोला के अध्यक्ष मनोज जैन &#8216;बल्लो&#8217; ने बताया कि 5 जुलाई को प्रातः 7 बजे पाठशाला शिक्षक संगोष्ठी, दोपहर 2 बजे गणधर वलय विधान तथा सायं 7 बजे ब्रह्मचारी मोहनलाल भैय्या की विनोली यात्रा एवं गोदभराई का आयोजन होगा।</p>
<p><strong>6 जुलाई को निकलेगी भव्य शोभायात्रा</strong></p>
<p>मंदिर समिति के मंत्री मुरारीलाल जैन एवं मुख्य संयोजक अनिल जैन कांटे वालों ने बताया कि 6 जुलाई को प्रातः 7:30 बजे जैन भवन से भव्य शोभायात्रा प्रारंभ होकर पार्श्वधाम पहुंचेगी। यहां ध्वजारोहण, चित्र अनावरण, दीप प्रज्वलन, उपाध्याय पदारोहण, जैनेश्वरी दीक्षा संस्कार एवं अन्य मांगलिक धार्मिक विधियां संपन्न होंगी।</p>
<p><strong>तैयारियां अंतिम चरण में</strong></p>
<p>आयोजन समिति के अनुसार महोत्सव की सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। विशाल पंडाल सहित श्रद्धालुओं की सुविधाओं की व्यापक व्यवस्था की जा रही है। विभिन्न नगरों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के बसों के माध्यम से आगरा पहुंचने की संभावना है। चातुर्मास की मंगलकामना के साथ विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु आचार्य श्री निर्भयसागर जी महाराज को श्रीफल अर्पित करेंगे।</p>
<p><strong>पत्रकार वार्ता में रहे उपस्थित</strong></p>
<p>पत्रकार वार्ता एवं पत्रिका विमोचन कार्यक्रम में मनोज जैन बल्लो, अनिल जैन कांटे, मुरारीलाल जैन, अक्षय जैन, हेमंत जैन, प्रवीन जैन नेताजी, मोनू जैन, दीपक जैन, आयुष जैन, मीडिया प्रभारी शुभम जैन, राजेश जैन, बिट्टू जैन सहित मंदिर समिति के अनेक पदाधिकारी एवं समाजजन उपस्थित रहे।</p>
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		<title>आचार्यश्री निर्भय सागर जी महाराज के मंगल प्रवचन में उमड़ी श्रद्धालुओं की आस्था : आत्मकल्याण, संयम और सदाचार का दिया संदेश </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 29 Jun 2026 14:13:16 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आगरा के जयपुर हाउस स्थित श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में आचार्यश्री निर्भय सागर जी महाराज के मंगल प्रवचन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने धर्मलाभ प्राप्त किया। आचार्यश्री ने आत्मकल्याण, संयम और सदाचार को जीवन का आधार बताया। पढ़िए श्रीफल साथी की यह रिपोर्ट। आगरा। जयपुर हाउस स्थित श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, टीचर्स [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>आगरा के जयपुर हाउस स्थित श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में आचार्यश्री निर्भय सागर जी महाराज के मंगल प्रवचन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने धर्मलाभ प्राप्त किया। आचार्यश्री ने आत्मकल्याण, संयम और सदाचार को जीवन का आधार बताया। <span style="color: #ff0000">पढ़िए श्रीफल साथी की यह रिपोर्ट।</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>आगरा।</strong> जयपुर हाउस स्थित श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, टीचर्स कॉलोनी में विराजमान आचार्यश्री 108 निर्भय सागर जी महाराज ससंघ के मंगल प्रवचनों का सोमवार को भव्य आयोजन हुआ। प्रातः 8 बजे से 9:30 बजे तक आयोजित धर्मसभा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर धर्मोपदेश का लाभ प्राप्त किया।</p>
<p><strong>आत्मकल्याण का दिया संदेश</strong></p>
<p>अपने प्रेरणादायी प्रवचनों में आचार्यश्री ने कहा कि मनुष्य जीवन का वास्तविक उद्देश्य आत्मकल्याण, संयम और सदाचार का पालन करना है। उन्होंने बताया कि धर्म केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने विचार, व्यवहार और आचरण को पवित्र बनाना ही सच्ची धर्म साधना है।</p>
<p><strong>अहिंसा, क्षमा और त्याग पर दिया बल</strong></p>
<p>आचार्यश्री ने श्रद्धालुओं को अहिंसा, क्षमा, त्याग एवं आत्मचिंतन को जीवन का आधार बनाने की प्रेरणा देते हुए कहा कि इन्हीं गुणों से व्यक्ति का जीवन सुखी, शांत और सार्थक बनता है। उन्होंने सभी से धर्म को व्यवहार में उतारने का आह्वान किया।</p>
<p><strong>भक्तिमय रहा मंदिर परिसर</strong></p>
<p>मंगल प्रवचन के दौरान मंदिर परिसर श्रद्धा और भक्ति से गुंजायमान रहा। श्रद्धालुओं ने आचार्यश्री के श्रीचरणों में विनयपूर्वक श्रद्धा अर्पित कर उनके मंगल आशीर्वचन ग्रहण किए।</p>
<p><strong>समाजजनों की रही सहभागिता</strong></p>
<p>कार्यक्रम में श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर समिति, जयपुर हाउस के पदाधिकारियों के साथ सकल दिगंबर जैन समाज के अनेक वरिष्ठजन, महिला-पुरुष एवं युवा श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।</p>
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		<item>
		<title>आचार्य निर्भय सागर ने समझाया णमोकार मंत्र के प्रथम पद का गूढ़ रहस्य : धर्मसभा में अरिहंत परमेष्ठी के स्वरूप और आत्मकल्याण का दिया संदेश </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 28 Jun 2026 14:32:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
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					<description><![CDATA[आगरा के श्री शान्तिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में आयोजित धर्मसभा में आचार्य श्री 108 निर्भय सागर जी महाराज ने णमोकार मंत्र के प्रथम पद का गूढ़ आध्यात्मिक रहस्य समझाया। मुनि श्री शिवदत्त सागर जी महाराज ने भी धर्मोपदेश दिया। पढ़िए श्रीफल साथी राहुल जैन की यह रिपोर्ट। आगरा। श्री शान्तिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर, सेक्टर-7, आवास [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>आगरा के श्री शान्तिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में आयोजित धर्मसभा में आचार्य श्री 108 निर्भय सागर जी महाराज ने णमोकार मंत्र के प्रथम पद का गूढ़ आध्यात्मिक रहस्य समझाया। मुनि श्री शिवदत्त सागर जी महाराज ने भी धर्मोपदेश दिया। <span style="color: #ff0000">पढ़िए श्रीफल साथी राहुल जैन की यह रिपोर्ट।</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>आगरा।</strong> श्री शान्तिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर, सेक्टर-7, आवास विकास कॉलोनी, सिकंदरा में परम पूज्य वैज्ञानिक संत आचार्य श्री 108 निर्भय सागर जी महाराज एवं मुनि श्री शिवदत्त सागर जी महाराज ससंघ के सान्निध्य में भव्य धर्मसभा आयोजित हुई। कार्यक्रम का मंगलाचरण एक बालिका द्वारा किया गया। इसके पश्चात दीप प्रज्ज्वलन, पाद प्रक्षालन, शास्त्र भेंट सहित विभिन्न मांगलिक कार्यक्रम श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ संपन्न हुए।</p>
<p><strong>णमोकार मंत्र का गूढ़ अर्थ</strong></p>
<p>आचार्य श्री 108 निर्भय सागर जी महाराज ने अपने प्रवचन में णमोकार मंत्र के प्रथम पद के तीन भिन्न उच्चारणों एवं उनके आध्यात्मिक अर्थों की विस्तृत व्याख्या की। उन्होंने बताया कि आचार्य कुन्दकुन्द स्वामी, पुष्पदंत-भूतबली महाराज तथा धरसेन स्वामी की परंपरा में इन शब्दों का विशेष महत्व है।</p>
<p><strong>अरिहंत परमेष्ठी का स्वरूप</strong></p>
<p>आचार्यश्री ने कहा कि &#8216;अरि&#8217; का अर्थ शत्रु है और जिन्होंने अपने आंतरिक शत्रुओं अर्थात ज्ञानावरण, दर्शनावरण, मोहनीय एवं अंतराय जैसे चार घातिया कर्मों का पूर्णतः नाश कर दिया है, वे अरिहंत परमेष्ठी कहलाते हैं। ऐसे परम पूजनीय अरिहंतों को तीनों लोकों के सभी जीव नमस्कार करते हैं तथा वे जन्म-मरण के बंधन से मुक्त होते हैं।</p>
<p><strong>मुनि श्री शिवदत्त सागर का धर्मोपदेश</strong></p>
<p>धर्मसभा में मुनि श्री शिवदत्त सागर जी महाराज ने भी श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए धर्म, संयम एवं आत्मकल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उनके प्रेरक उद्बोधन को श्रद्धालुओं ने अत्यंत श्रद्धा के साथ श्रवण किया।</p>
<p><strong>बच्चों को दिए धर्म के संस्कार</strong></p>
<p>आचार्य श्री निर्भय सागर जी महाराज ने श्री शान्तिनाथ पाठशाला के बच्चों को धर्म, संस्कार एवं नैतिक जीवन के महत्व की जानकारी दी तथा उन्हें बचपन से ही जैन संस्कृति एवं आध्यात्मिक मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।</p>
<p><strong>समाज की रही सक्रिय सहभागिता</strong></p>
<p>इस अवसर पर मंदिर कमेटी के अध्यक्ष अतुल जैन, मंत्री राकेश जैन, कोषाध्यक्ष मगन चंद जैन, विजय जैन निमोरब, महेश चंद जैन, सुशील जैन, सुदीप जैन, अरुण जैन, सतेंद्र जैन, नीरज जैन, मनोज जैन, संजय जैन, जितेश जैन, विपुल जैन, अमित जैन, सिद्धार्थ जैन, मोहित जैन, वैभव जैन, प्रशांत जैन, गौरव जैन, शुभम जैन, अभिषेक जैन, मीडिया प्रभारी राहुल जैन सहित सकल जैन समाज के अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।</p>
<p><strong>धर्मसभा का प्रेरक संदेश</strong></p>
<p>धर्मसभा के माध्यम से श्रद्धालुओं को णमोकार मंत्र की आध्यात्मिक महिमा, आत्मशुद्धि, संयम, सदाचार एवं धर्ममय जीवन का संदेश प्राप्त हुआ। उपस्थित श्रद्धालुओं ने आचार्यश्री के उपदेशों से प्रेरणा लेकर धर्ममार्ग पर चलने का संकल्प व्यक्त किया।</p>
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		<item>
		<title>गिरनार जी पर नेमिनाथ भगवान के निर्वाण दिवस पर एक लाख श्रद्धालुओं को पहुंचाने का लक्ष्य : आचार्य निर्भय सागर ने धर्मयात्रा को दिया मंगल आशीर्वाद </title>
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		<pubDate>Sun, 28 Jun 2026 14:30:27 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आगरा के जयपुर हाउस स्थित श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में श्री नेमि गिरनार धर्म यात्रा प्रभावना रथ का भव्य स्वागत हुआ। आचार्य श्री 108 निर्भय सागर जी महाराज ने यात्रा को मंगल आशीर्वाद प्रदान किया। पढ़िए श्रीफल साथी मनोज कुमार जैन बांकलीवाल की यह रिपोर्ट। आगरा। श्री नेमि गिरनार धर्म यात्रा प्रभावना रथ का [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आगरा के जयपुर हाउस स्थित श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में श्री नेमि गिरनार धर्म यात्रा प्रभावना रथ का भव्य स्वागत हुआ। आचार्य श्री 108 निर्भय सागर जी महाराज ने यात्रा को मंगल आशीर्वाद प्रदान किया। <span style="color: #ff0000">पढ़िए श्रीफल साथी मनोज कुमार जैन बांकलीवाल की यह रिपोर्ट।</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>आगरा।</strong> श्री नेमि गिरनार धर्म यात्रा प्रभावना रथ का शनिवार को जयपुर हाउस स्थित श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में परम पूज्य आचार्य श्री 108 निर्भय सागर जी महाराज ससंघ के मंगल सान्निध्य में भव्य आगमन हुआ। रथ पर विराजित काले पाषाण से निर्मित सवा दो फुट ऊँची भगवान नेमिनाथ की मनोहारी प्रतिमा के दर्शन कर श्रद्धालु भक्ति एवं उत्साह से सराबोर हो गए।</p>
<p><strong>आचार्यश्री ने दिया मंगल आशीर्वाद</strong></p>
<p>पूज्य आचार्य श्री 108 निर्भय सागर जी महाराज ने गिरनार धर्म यात्रा के सफल एवं निर्विघ्न संपन्न होने के लिए मंगल आशीर्वाद प्रदान करते हुए समाज से अधिक से अधिक संख्या में गिरनार जी की वंदना एवं धर्मयात्रा में सहभागिता का आह्वान किया। उन्होंने तीर्थों के संरक्षण और धर्मप्रभावना के लिए जनभागीदारी को आवश्यक बताया।</p>
<p><strong>एक लाख श्रद्धालुओं का रखा लक्ष्य</strong></p>
<p>विश्व जैन संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय जैन ने बताया कि आगामी 19 जुलाई 2026 को 22वें जैन तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ के निर्वाण दिवस पर गिरनार जी में जीववंदना के लिए इस वर्ष एक लाख श्रद्धालुओं को पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि गत वर्ष लगभग 25 हजार श्रद्धालुओं ने इस ऐतिहासिक आयोजन में भाग लिया था और इस बार उस संख्या को कई गुना बढ़ाने का संकल्प लिया गया है।</p>
<p><strong>समाज से किया सहयोग का आह्वान</strong></p>
<p>संजय जैन ने आगरा सहित देशभर के जैन समाज से अपील की कि अधिक से अधिक श्रद्धालु गिरनार धर्मयात्रा में शामिल हों। उन्होंने कहा कि जो स्वयं यात्रा पर नहीं जा सकते, वे अपनी सामर्थ्य के अनुसार किसी अन्य श्रद्धालु की यात्रा में सहयोग करें, ताकि अधिकाधिक लोगों को भगवान नेमिनाथ की निर्वाण भूमि के दर्शन का पुण्य प्राप्त हो सके।</p>
<p><strong>जयपुर हाउस समाज का रहा उत्साह</strong></p>
<p>जयपुर हाउस जैन समाज द्वारा धर्मयात्रा के प्रति विशेष उत्साह और समर्पण का परिचय दिया गया। विश्व जैन संगठन की ओर से मंदिर प्रबंधक समिति एवं समाजजनों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम में स्थानीय संयोजक अनंत जैन के नेतृत्व में छीपीटोला, सेक्टर क्षेत्र, कमला नगर, ट्रांसयमुना तथा आगरा के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।</p>
<p><strong>तीर्थ संरक्षण का दिया संदेश</strong></p>
<p>कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि तीर्थों की रक्षा और धर्म के प्रति समर्पण केवल विचारों से नहीं, बल्कि सक्रिय सहभागिता और सहयोग से साकार होता है। गिरनार धर्मयात्रा से जुड़ने वाले सभी धर्मप्रेमी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं।</p>
<p><strong>आगे का यात्रा कार्यक्रम</strong></p>
<p>यात्रा कोऑर्डिनेटर अंचल जैन ने बताया कि 29 जून को प्रातः फिरोजाबाद, सायंकाल शिकोहाबाद तथा 30 जून की प्रातः भगवान नेमिनाथ की जन्मस्थली शौरीपुर में दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त करने के बाद धर्मयात्रा अपने अगले पड़ाव की ओर प्रस्थान करेगी। कार्यक्रम के अंत में विश्व जैन संगठन के सम्मानित सदस्य अभिषेक जैन ने सभी का आभार व्यक्त किया।</p>
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		<title>जैनमुनि ने मिर्चवारा के बच्चों को शाकाहार अपनाने का दिया संदेश : बच्चों ने माता-पिता व गुरुओं की सेवा का लिया संकल्प  </title>
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		<pubDate>Sat, 25 Oct 2025 13:48:41 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य निर्भय सागर महाराज के शिष्य मुनिश्री मेघदंत सागर, मुनिश्री गुरुदत्त सागर महाराज का महरौनी चातुर्मास के उपरांत मंगल विहार धर्मनगरी ललितपुर के लिए चल रहा है। उनका प्रातःकाल मंगल प्रवेश ग्राम मिर्चवारा में हुआ। ललितपुर से पढ़िए, यह खबर&#8230; ललितपुर। आचार्य निर्भय सागर महाराज के शिष्य मुनिश्री मेघदंत सागर, मुनिश्री गुरुदत्त सागर महाराज का [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्य निर्भय सागर महाराज के शिष्य मुनिश्री मेघदंत सागर, मुनिश्री गुरुदत्त सागर महाराज का महरौनी चातुर्मास के उपरांत मंगल विहार धर्मनगरी ललितपुर के लिए चल रहा है। उनका प्रातःकाल मंगल प्रवेश ग्राम मिर्चवारा में हुआ। <span style="color: #ff0000">ललितपुर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>ललितपुर।</strong> आचार्य निर्भय सागर महाराज के शिष्य मुनिश्री मेघदंत सागर, मुनिश्री गुरुदत्त सागर महाराज का महरौनी चातुर्मास के उपरांत मंगल विहार धर्मनगरी ललितपुर के लिए चल रहा है। उनका प्रातःकाल मंगल प्रवेश ग्राम मिर्चवारा में हुआ। बताते चलें मिर्चवारा स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में मुनि संघ का प्रवेश हुआ। विद्यालय के मुख्य द्वार पर विद्यालय की शिक्षिकाओं एवं बालिकाओं ने रंगोली बनाकर मुनिसंघ का स्वागत किया। विद्यालय परिवार द्वारा मुनिसंघ की विद्यालय परिसर में अगुवानी की गई।इस दौरान मुनिश्री मेघदंत सागर महाराज ने विद्यालय के बच्चों को शाकाहार अपनाने का संदेश दिया।उन्होंने कहा कि शाकाहारी जीवन शैली अपनाकर हम अपने जीवन को सफल बना सकते हैं।शाकाहार सर्वोत्तम आहार है।मुनिश्री गरुदत्त सागर महाराज ने बच्चों को संदेश देते हुए कहा गुरु और जन्मदाता माता-पिता का सम्मान हमेशा करना चाहिए।</p>
<p>गुरु ही सच्चे मार्गदर्शक होते हैं। हम गुरू के बताये हुए मार्ग पर चलकर जीवन के उच्च शिखर पर पहुंच सकते हैं।इस दौरान मुनिसंघ ने विद्यालय परिवार एवं विद्यालय के छात्र-छात्राओं को मंगल आर्शीर्वाद दिया।इस दौरान प्रधानाध्यापक मनोज जैन,इंचार्ज प्रधानाध्यापक इंद्रपाल सिंह,सहायक अध्यापिका प्रतिभा राठौर,शिक्षामित्र विनीता जैन,रसोइया, ग्रामवासी के अलावा जैन समाज महरौनी के श्रावकगण मौजूद रहे।</p>
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		<title>जैन शिक्षक सामाजिक समूह की शिक्षक संगोष्ठी ललितपुर में संपन्न : आचार्य निर्भय सागर ने कहा – बच्चों को भारतीय संस्कृति की सीख दें शिक्षक </title>
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		<pubDate>Sun, 05 Oct 2025 13:11:48 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[ललितपुर में श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन अटा मंदिर में जैन शिक्षक सामाजिक समूह द्वारा आचार्य निर्भय सागर महाराज के ससंघ सान्निध्य में शिक्षक संगोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें शिक्षकों को भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों की शिक्षा देने की प्रेरणा दी गई। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… ललितपुर। नगर के श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन अटा [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>ललितपुर में श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन अटा मंदिर में जैन शिक्षक सामाजिक समूह द्वारा आचार्य निर्भय सागर महाराज के ससंघ सान्निध्य में शिक्षक संगोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें शिक्षकों को भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों की शिक्षा देने की प्रेरणा दी गई। <span style="color: #ff0000">पढ़िए पूरी रिपोर्ट…</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>ललितपुर।</strong> नगर के श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन अटा मंदिर में चातुर्मासरत वैज्ञानिक संत आचार्य निर्भय सागर महाराज के ससंघ सान्निध्य में जैन शिक्षक सामाजिक समूह द्वारा शिक्षक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम दिगम्बर जैन पंचायत समिति के तत्वावधान में संपन्न हुआ।</p>
<p>संगोष्ठी की शुरुआत आचार्य श्री विद्यासागर, अभिनंदन सागर, विपुल सागर और समाधिस्थ आचार्य ज्ञानसागर महाराज के चित्र अनावरण एवं दीप प्रज्वलन से हुई। मंगलाचरण समूह के अध्यक्ष जितेंद्र जैन ‘राजू’ ने किया। तत्पश्चात आचार्य निर्भय सागर महाराज का पाद प्रक्षालन और पूजन किया गया। समूह की शिक्षिकाओं को आचार्य श्री को शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।</p>
<p>इस अवसर पर जैन शिक्षक सामाजिक समूह ने वर्णी जैन इंटर कॉलेज के वयोवृद्ध सेवानिवृत्त प्रवक्ता पं. सुरेशचंद्र शास्त्री को शाल, श्रीफल और माला पहनाकर सम्मानित किया। साथ ही दिगम्बर जैन पंचायत समिति ने समूह के अन्य शिक्षकों और शिक्षिकाओं को भी सम्मानित किया।</p>
<p><strong>समाज में शिक्षक की भूमिका” विषय पर विचार रखे</strong></p>
<p>आचार्य निर्भय सागर महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज के समय में शिक्षकों का दायित्व है कि वे विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, नैतिकता और संस्कारों की शिक्षा का बीजारोपण करें, जिससे समाज में संस्कारित और मूल्यवान पीढ़ी तैयार हो सके। संगोष्ठी के द्वितीय सत्र में “समाज में शिक्षक की भूमिका” विषय पर शिक्षकों व शिक्षिकाओं ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम में जैन पंचायत समिति अध्यक्ष डॉ. अक्षय टडैया, महामंत्री आकाश जैन, संयोजक सनत जैन, मंत्री कैप्टन राजकुमार जैन सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। समापन पर संयोजक प्रफुल्ल जैन ने सभी का आभार व्यक्त किया।</p>
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		<title>पर्युषण पर्व में आचार्य श्री बोले – इन्द्रियों पर विजय ही सबसे बड़ी तपस्या : तपश्चरण से जीवन में निखार और परिणामों में निर्मलता – आचार्य निर्भय सागर </title>
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		<pubDate>Wed, 03 Sep 2025 12:57:02 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[ललितपुर में पर्युषण पर्व के दौरान आचार्य श्री निर्भय सागर महाराज ने धर्मसभा में कहा कि तप आत्मा को निर्मल बनाता है और इन्द्रियों पर विजय ही सबसे बड़ी साधना है। नगर के विभिन्न जैन मंदिरों में पूजा-अर्चना, धार्मिक प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… ललितपुर। तपाने से जैसे अशुद्ध वस्तु [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>ललितपुर में पर्युषण पर्व के दौरान आचार्य श्री निर्भय सागर महाराज ने धर्मसभा में कहा कि तप आत्मा को निर्मल बनाता है और इन्द्रियों पर विजय ही सबसे बड़ी साधना है। नगर के विभिन्न जैन मंदिरों में पूजा-अर्चना, धार्मिक प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। <span style="color: #ff0000">पढ़िए पूरी रिपोर्ट…</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>ललितपुर</strong>। तपाने से जैसे अशुद्ध वस्तु शुद्ध होती है उसी तरह अपनी आत्मा को तप के माध्यम से तपाते हैं तो जीवन में निखार एवं परिणामों में निर्मलता आती है। यह विचार वैज्ञानिक संत आचार्य श्री निर्भय सागर महाराज ने पर्युषण पर्व के अवसर पर व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि इच्छाओं का निरोध भी तप है। ध्यान और स्वाध्याय के द्वारा इन्द्रिय विषयों तथा कषायों का निग्रह करना ही सच्चा तप है। आचार्य श्री ने कहा कि इन्द्रिय विषयों पर विजय पाना ही सबसे बड़ी साधना है।</p>
<p><strong>भक्तों ने प्रभु अभिषेक और शान्तिधारा की</strong></p>
<p>श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन अटा मंदिर में आयोजित धर्मसभा का शुभारम्भ दीपप्रज्जवलन से हुआ। तत्त्वार्थ सूत्र का वाचन हुआ तथा प्रातःकाल आचार्य श्री ने साधना और धर्म से जीवन को जोड़ने की प्रेरणा दी। अभिनंदनोदय तीर्थ में मुनि सुदक्त सागर एवं मुनि पदमदत्त सागर महाराज के सान्निध्य में भक्तों ने प्रभु अभिषेक और शान्तिधारा की।</p>
<p>संध्या कालीन कार्यक्रमों में सुधाकलश महिला मंडल ने आचार्य श्री के जीवन पर आधारित नृत्यनाटिका प्रस्तुत की। वहीं पाठशाला के बच्चों ने उत्साहपूर्वक प्रतियोगिताओं में भाग लिया। पार्श्वनाथ अटा मंदिर में अंताक्षरी प्रतियोगिता भी आयोजित हुई।</p>
<p><strong><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-89586" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/09/IMG-20250903-WA0040.jpg" alt="" width="162" height="227" /></strong></p>
<p><strong>इस जगहों पर हुए आयोजन </strong></p>
<p>नगर के प्रमुख जैन मंदिरों – अभिनंदनोदय तीर्थ, अटा मंदिर, आदिनाथ बड़ा मंदिर, पार्श्वनाथ नया मंदिर, चंद्रप्रभु मंदिर डोडाघाट, शांति नगर मंदिर, गांधीनगर आदि में भक्तों ने प्रातःकालीन अभिषेक, पूजा और वंदना की।इस अवसर पर ब्रह्मचारिणी लवली दीदी ने धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि तप धर्म की महिमा को केवल पूजा या जयकार तक सीमित न रखकर उसे जीवन में अपनाना चाहिए।</p>
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		<title>भगवान पुष्पदंत मोक्ष कल्याणक पर श्रावकों ने अर्पित किया निर्वाण लाडू : जीवन में मन की पवित्रता ही कल्याणकारी है – आचार्य निर्भय सागर </title>
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		<pubDate>Mon, 01 Sep 2025 05:26:32 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[ललितपुर में चल रहे महापर्व पर्युषण के दौरान आचार्य निर्भयसागर महाराज ने शौच धर्म पर प्रवचन देते हुए कहा कि जीवन की सच्ची पवित्रता मन की शुचिता से आती है। भगवान पुष्पदंत के मोक्ष कल्याणक पर भक्तों ने निर्वाण लाडू अर्पित किए और बच्चों ने प्रतियोगिताओं के माध्यम से अपनी प्रतिभा दिखाई। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>ललितपुर में चल रहे महापर्व पर्युषण के दौरान आचार्य निर्भयसागर महाराज ने शौच धर्म पर प्रवचन देते हुए कहा कि जीवन की सच्ची पवित्रता मन की शुचिता से आती है। भगवान पुष्पदंत के मोक्ष कल्याणक पर भक्तों ने निर्वाण लाडू अर्पित किए और बच्चों ने प्रतियोगिताओं के माध्यम से अपनी प्रतिभा दिखाई। <span style="color: #ff0000">पढ़िए पूरी रिपोर्ट…</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>ललितपुर।</strong> प्राणी को नाम का संतोषी नहीं बल्कि आचरण का संतोषी बनना चाहिए। सभी पापों का बाप लोभ है और पापों की माँ तृष्णा है। व्यक्ति को धन, भोजन और नारी के प्रति लोभ नहीं करना चाहिए जबकि दान देने, पठन करने और तप में हमेशा लोभ करना चाहिए। ये विचार आचार्य श्री निर्भयसागर महाराज ने जैन पार्श्वनाथ दिगंबर जैन अटा मंदिर में पर्युषण पर्व के अवसर पर शौच धर्म के संदर्भ में व्यक्त किए। आचार्य श्री ने कहा – पाप की मां लोभ है, पाप का बाप आशा है, पाप की बेटी तृष्णा है और पाप की वहन ईर्ष्या है। यदि आत्मा को परमात्मा बनाना है और घर को उत्तम बनाना है तो इस परिवार से दूरी रखनी होगी।</p>
<p>उन्होंने बताया कि तन की पवित्रता बाहरी होती है, जबकि सच्ची शुचिता मन की होती है। संतोष धारण करने से आत्मा में शुचिता आती है और वही कल्याणकारी है।</p>
<p><strong>पुष्पदंत के मोक्ष कल्याणक पर निर्वाण लाडू समर्पित</strong></p>
<p>इस अवसर पर श्रेष्ठीजनों ने दीप प्रज्ज्वलित कर धर्म सभा का शुभारंभ किया। आचार्य विद्यासागर, आचार्य अभिनंदनसागर और आचार्य विपुलसागर महाराज के चित्रों के समक्ष श्रद्धा भाव से पूजन हुआ। प्रातःकाल सामायिक, प्रतिक्रमण और सम्मेदशिखर तीर्थक्षेत्र की भाव यात्रा की गई। पुण्यार्जक परिवार ने भगवान पुष्पदंत के मोक्ष कल्याणक पर निर्वाण लाडू समर्पित किए।</p>
<p>अभिनंदनोदय तीर्थ में मुनि सुदत्त सागर और मुनि पदमदत्त सागर महाराज के सानिध्य में श्रावकों ने प्रभु अभिषेक और शांतिधारा की। आचार्य श्री ने शौच धर्म को समझाते हुए कहा कि संतोष रूपी जल से आत्मा पवित्र होती है और सच्चा सुख मिलता है।</p>
<p>नगर के विभिन्न जैन मंदिरों – आदिनाथ बड़ा मंदिर, चंद्रप्रभु मंदिर, शांतिनगर मंदिर, गांधीनगर मंदिर, इलाइट जैन मंदिर और सिविल लाइन जैन मंदिर में भक्तों ने पूजन अर्चन कर धर्मलाभ लिया। सायंकाल आरती और प्रवचन के बाद बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिन्हें श्रद्धालुओं ने सराहा।</p>
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		<title>जैन मंदिरों में आरंभ हुई अपूर्व प्रभावना, श्रावक-श्राविकाओं ने किया सामूहिक पूजन : पर्यूषण महापर्व का शुभारम्भ – आचार्य निर्भयसागर के सानिध्य में नगर में धर्मध्यान आराधना </title>
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		<pubDate>Thu, 28 Aug 2025 04:05:41 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[ललितपुर में आचार्य श्री निर्भयसागर महाराज ससंघ के सानिध्य में पर्यूषण महापर्व का शुभारम्भ हुआ। नगर के जैन मंदिरों में श्रावक-श्राविकाओं ने सामूहिक पूजन, ध्यान-साधना और प्रभु अभिषेक में भाग लिया। आचार्य श्री ने क्षमा और संयम को जीवन में उतारने का संदेश दिया। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… ललितपुर। जैन धर्मावलम्बियों के महापर्व पर्यूषण का शुभारम्भ [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>ललितपुर में आचार्य श्री निर्भयसागर महाराज ससंघ के सानिध्य में पर्यूषण महापर्व का शुभारम्भ हुआ। नगर के जैन मंदिरों में श्रावक-श्राविकाओं ने सामूहिक पूजन, ध्यान-साधना और प्रभु अभिषेक में भाग लिया। आचार्य श्री ने क्षमा और संयम को जीवन में उतारने का संदेश दिया। <span style="color: #ff0000">पढ़िए पूरी रिपोर्ट…</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>ललितपुर।</strong> जैन धर्मावलम्बियों के महापर्व पर्यूषण का शुभारम्भ नगर में वैज्ञानिक संत आचार्य श्री निर्भयसागर महाराज के ससंघ सानिध्य में अपूर्व प्रभावना के साथ हुआ।</p>
<p>प्रातःकालीन धर्मसभा में आचार्य श्री ने क्षमा और संयम के महत्व को बताते हुए कहा कि क्रोध को जीतकर ही क्षमा को समझा जा सकता है। क्षमा का अभ्यास आत्मा को शुद्ध करता है और जीवन को धर्ममार्ग पर ले जाता है। नगर के जैन अटामंदिर में प्रातःकाल से ही ध्यान-साधना का प्रशिक्षण दिया गया। इसके उपरांत सामूहिक प्रभु अभिषेक, शान्तिधारा एवं पूजन आयोजित हुआ। तत्वार्थ सूत्र का वाचन और आचार्य श्री के प्रवचन में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने भाग लिया।</p>
<p>आचार्य श्री के सानिध्य में मुनि शिवदत्त सागर, मुनि सुदत्तसागर, मुनि भूदत्त सागर, मुनि पद्मदत्त सागर, मुनि बृषभदत्त सागर, क्षुल्लक चन्द्रसागर तथा क्षुल्लक श्रीदत्त सागर महाराज भी विराजमान हैं। नगर के अभिनंदनौदय तीर्थ, आदिनाथ मंदिर गांधीनगर, चन्द्रप्रभु मंदिर डोढ़ाघाट, शान्तिनगर जैन मंदिर, इलाइट जैन मंदिर, पारसनाथ कालौनी एवं ज्ञानोदय तीर्थ सहित अनेक जैन मंदिरों में पर्यूषण पर्व की आराधना प्रारम्भ हुई। दिगम्बर जैन पंचायत समिति द्वारा व्यवस्थाओं की देखरेख की जा रही है। श्रद्धालु त्याग, संयम और आत्मशुद्धि की साधना में लीन होकर प्रभु आराधना कर रहे हैं।</p>
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