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	<title>5 जून &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>जैन श्वेतांबर मंदिर का होगा जीर्णोद्धार : 5 जून को होगा मूलनायक श्री आदिनाथ भगवान का उत्थापन </title>
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		<pubDate>Thu, 05 Jun 2025 07:04:04 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[5 जून गुरुवार को सुबह 5:30 बजे से स्नात्र पूजन, कुंभ स्थापना, दीपक स्थापना, दस दिक्पाल, अष्टम मंगल पूजन होंगे। मूल गंमारे से सभी प्रतिमाओं का उत्थापन होने के बाद उपाश्रय में विराजमान करवाने का शुभ मुहूर्त सुबह 8 बजकर 4 मिनट रहेगा। रामगंजमंडी से पढ़िए, अभिषेक लुहाड़िया की यह खबर&#8230;    रामगंजमंडी। रामगंजमंडी के [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>5 जून गुरुवार को सुबह 5:30 बजे से स्नात्र पूजन, कुंभ स्थापना, दीपक स्थापना, दस दिक्पाल, अष्टम मंगल पूजन होंगे। मूल गंमारे से सभी प्रतिमाओं का उत्थापन होने के बाद उपाश्रय में विराजमान करवाने का शुभ मुहूर्त सुबह 8 बजकर 4 मिनट रहेगा। <span style="color: #ff0000">रामगंजमंडी से पढ़िए, अभिषेक लुहाड़िया की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>   रामगंजमंडी।</strong> रामगंजमंडी के बाजार नंबर 3 में स्थित श्री आदिनाथ जैन श्वेतांबर मंदिर, जो लगभग 80 वर्ष से ज्यादा पुराना है। इस मंदिर को समाज के लोगों ने बनवाया था जो अब इस दुनिया में नहीं है। समय-समय पर कई आचार्य एवं साधु साध्वी भगवंतों ने एवं कई मंदिर निर्माण करने वाले शिल्पकारों ने कई दोष बताए थे और इन दोषों की वजह से संघ में कटुता आना एवं संघ की तरक्की नहीं होने की बात लिखकर दी थी। राजकुमार पारख वर्तमान में श्रीसंघ अध्यक्ष हैं। वर्ष 2022 में इन्होंने कार्यभार संभाला। उसके बाद सर्वप्रथम उन्होंने मंदिर परिसर का पूरा 15 हजार 292 वर्ग फीट का नगरपालिका से पट्टा बनवाया। चूंकि रामगंजमंडी श्वेतांबर मूर्तिपूजक श्रीसंघ में 50 परिवार हैं और इन परिवारों के दम पर मंदिर का जीर्णोद्धार, सिंहद्वार एवं ट्रस्ट की पेढ़ी जिस पर लगभग डेढ़ करोड़ रुपए का खर्च होने के अनुमान को भापकर श्री संघ के अध्यक्ष राजकुमार पारख ने देवस्थान विभाग राजस्थान सरकार से श्री आदिनाथ जैन श्वेतांबर श्रीसंघ ट्रस्ट का गठन कर स्वीकृति प्राप्त की श्री पारख के ढाई वर्ष के कार्यकाल में विभिन्न कार्य जैसे पूरे मंदिर में टीनशेड, आकर्षक जिन कुशल सूरी दादाबाड़ी वर्तमान समय को देखकर साधु साध्वियों के ठहरने के लिए आधुनिक उपाश्रय एवं नीचे एक प्रवचन हॉल का निर्माण हुआ इन सभी कार्यों में श्री संघ के लोगों का सहयोग रहा।</p>
<p><strong>5 जून को होगा उत्थापन</strong></p>
<p>श्री आदिनाथ जैन श्वेतांबर श्री संघ ट्रस्ट अध्यक्ष राजकुमार पारख ने बताया कि मंदिर के दृष्टि गंभारे के दोष, रंगमंडप एवं श्रृंगार चौकी के दोषों के निवारण के लिए भगवान श्री आदिनाथ, भगवान श्री पार्श्वनाथ, भगवान श्री महावीर स्वामी, श्री गोमुखक्ष एवं चक्रेश्वरी देवी की प्रतिमाओं का उत्थापन विधिकारक पंकज नवलखा झारडा एवं शिल्पीकार विनोद शर्मा भीनमाल पूरे विधि विधान से करवाएंगे। 5 जून गुरुवार को सुबह 5:30 बजे से स्नात्र पूजन, कुंभ स्थापना, दीपक स्थापना, दस दिक्पाल, अष्टम मंगल पूजन होंगे। मूल गंमारे से सभी प्रतिमाओं का उत्थापन होने के बाद उपाश्रय में विराजमान करवाने का शुभ मुहूर्त सुबह 8 बजकर 4 मिनट रहेगा। प्रतिमाओं को विराजमान करने की बोलियां लगेगी। सफेद मार्बल का सुंदर परमात्मा का मंदिर बनने में लगभग 6 से 8 माह का समय लगेगा श्री संघ ट्रस्ट अध्यक्ष राजकुमार पारख, ट्रस्टी सुभाष बाफना, ट्रस्टी विजय कुमार छाजेड़, ट्रस्टी राजेंद्र रांका, ट्रस्टी प्रदीप चतर, ट्रस्टी दिलीप तिल्लानी, ट्रस्टी विकास बाफना, ट्रस्टी राजेश लोढ़ा, ट्रस्टी ज्ञानचंद बम ने बताया कि</p>
<p>रामगंजमंडी श्रीसंघ ट्रस्ट के पास कुल 7लाख रुपए का बैलेंस है और मंदिर जीर्णोद्धार का कार्य बड़ा है। इसलिए सहयोग के लिए जैन श्वेतांबर ट्रस्ट नाकोड़ा जीरावला पार्श्वनाथ ट्रस्ट, सेठ कल्याण जी आनंद जी ट्रस्ट एवं शंखेश्वर पार्श्वनाथ ट्रस्ट के पास आवेदन किए गए हैं। उत्थापन के दिन विधि कारक पूजन की सामग्री ढोल नगाड़े एवं सकल श्री संघ की नवकारसी (नाश्ता) सुबह 8:30 बजे होगी इस पूरे कार्यक्रम के लाभार्थी हुलासमल, सुधीर कुमार, अजीत कुमार, राजकुमार पारख परिवार होगे। मूल गंभारे में उत्थापन के बाद खुदाई का काम होकर शिलान्यास 8 जून को शुभ मुहूर्त में होगा। प्रतिमाओं को उपाश्रय में विराजमान करने के लिए वेदियों का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है।</p>
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		<title>प्रकृति में विकृति नहीं संस्कृति लाएं : विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून को  </title>
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		<pubDate>Wed, 04 Jun 2025 14:28:07 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस है। इस दिन पूरे विश्व में पर्यावरण के रक्षार्थ संकल्प और धारणा के आयोजन होते हैं। पौधों से लेकर हर जीव मात्र की रक्षा की शपथ ली जाती है। इस दिवस विशेष पर कोटा से पढ़िए, पारस जैन पार्श्वमणि की यह खबर&#8230; कोटा। हम विश्व पर्यावरण दिवस गुरुवार को [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस है। इस दिन पूरे विश्व में पर्यावरण के रक्षार्थ संकल्प और धारणा के आयोजन होते हैं। पौधों से लेकर हर जीव मात्र की रक्षा की शपथ ली जाती है। <span style="color: #ff0000">इस दिवस विशेष पर कोटा से पढ़िए, पारस जैन पार्श्वमणि की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>कोटा।</strong> हम विश्व पर्यावरण दिवस गुरुवार को मनाएंगे। इस भरत के भारत में पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन का सबसे बड़ा संदेश यदि दिया है श्री रामचरित्र मानस के अंतर्गत सीता माता ने। वनवास के दौरान सीता मां ने जब लव-कुश से कहा कि जंगल जाओ और लकड़ी लेकर आओ। लव-कुश गीली लड़कियां लेकर आ गए। सीता मां ने कहा कि जब सूखी लकड़ियों से काम चल सकता है तो फिर गीली लकड़ियां क्यों लाए हो। प्रकृति में जितने भी जीव चींटी से लेकर हाथी तक जो तुम्हें दिखाई दे रहे हैं। ये पर्वत, वन, उपवन नदी झरना प्रकृति की हर विरासत आपकी अपनी है। आपका परिवार है। उसको आपने ही परिवार की तरह से मानो। सृष्टि के समस्त जीव को आप अपना मानो।</p>
<p>सच ही कहा सीता माता जी ने कि दृष्टि अपनी बदलो सृष्टि बदल जाएगी। सबको अपना मानो सब आपके हो जाएंगे। खेल मात्र दृष्टि का सोच का चिंतन का है बस। जीवन में सदैव सोच सकारात्मक रखे। सोच के अनुसार ही जीवन बनता है। आज वर्तमान समय में जल जंगल और जमीन का भरपूर दोहन किया जा रहा है। धरती मां का जल स्तर नीचे जाता जा रहा। प्रकृति में विकृति पैदा नहीं करे। प्रकृति के साथ रहे। जब जब मानव ने प्रकृति के साथ खिलवाड़ किया है उसकी विकृति के रूप में अतिवृष्टि, अनावृष्टि, सुनामी, ओलावृष्टि, भूकंप, कोरोना फ्लैग जैसी महामारियों का सामना करना पड़ा।जल है तो कल है पानी को प्रदूषण से बचाना है ।</p>
<p>महात्मा गांधी ने कहा था कि पृथ्वी हर व्यक्ति की आवश्यकता को पूरा कर सकती है परंतु लालच को नहीं। वेदों में कहा गया है कि पृथ्वी हमारी मां है हम उसके बेटे हैं।पर्यावरण संकट मात्र सरकारी योजनाओं से कदापि सम्भव नहीं होगा बल्कि जन जन के सहयोग से हो सम्भव हो पाएगा। आज जितने भी हाई वे है उन सब के आप पास आवासीय कॉलोनियों बनाई जा रही है।पर्यावरण हमें सांस लेने के लिए हवा, पीने के लिए पानी और खाने के लिए भोजन देता है। लेकिन औद्योगीकरण, वनों की कटाई और प्लास्टिक के अत्यधिक उपयोग के कारण पृथ्वी को नुकसान हो रहा है।</p>
<p>प्रदूषण बढ़ रहा है, वन्यजीव गायब हो रहे हैं और जलवायु तेजी से बदल रही है। परी और आवरण से मिलकर पर्यावरण शब्द बना है जिसका अर्थ होता है चारों ओर से घिरा हुआ। यानि आस पास। नदी, तालाब, भूमि, वायु, पौधे, पशु-पक्षी आदि पर्यावरण मिलकर पर्यावरण का निर्माण करते हैं। पर्यावरण मनुष्यों के साथ-साथ धरती के सभी जीवों के जीवन को प्रभावित करता है।यदि हमें पर्यावरण को संरक्षित करना है तो खूब पेड़ लगाए पानी बचाए कचरा न फैलाए । चारों ओर हरियाली हो जीवन की आन बान शान हरियाली है । प्रकृति में विकृति नहीं लाएं प्रकृति में संस्कृति लाएं।</p>
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		<title>पूरे इंदौर की जैन समाज को संजय बनना पड़ेगा : नेमि गिरनार धर्मपदयात्रा को लेकर मंथन  </title>
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		<pubDate>Sun, 01 Jun 2025 11:59:03 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[नेमि गिरनार धर्म पद यात्रा का महानगर इंदौर में 5 जून को नगर आगमन होने जा रहा है। इसके स्वागत और समर्थन के लिए एकजुटता नजर आई। रविवार को इतवारिया बाजार सर, हुकुमचंद मार्ग स्थित शीश महल में सकल जैन समाज की विशेष बैठक रखी गई। इसमें धार्मिक, सामाजिक संस्थाओं सहित अन्य संस्थाओं के पदाधिकारी, [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>नेमि गिरनार धर्म पद यात्रा का महानगर इंदौर में 5 जून को नगर आगमन होने जा रहा है। इसके स्वागत और समर्थन के लिए एकजुटता नजर आई। रविवार को इतवारिया बाजार सर, हुकुमचंद मार्ग स्थित शीश महल में सकल जैन समाज की विशेष बैठक रखी गई। इसमें धार्मिक, सामाजिक संस्थाओं सहित अन्य संस्थाओं के पदाधिकारी, समाजजनों ने भी भाग लेकर अपने विचारों से अवगत करवाया। <span style="color: #ff0000">इंदौर से पढ़िए, श्रीफल जैन न्यूज के उपसंपादक प्रीतम लखवाल की यह खबर</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> नेमि गिरनार धर्म पद यात्रा के महानगर इंदौर में 5 जून को नगर आगमन होने जा रहा है। इसके स्वागत और समर्थन के लिए एकजुटता नजर आई। रविवार को इतवारिया बाजार सर, हुकुमचंद मार्ग स्थित शीश महल में सकल जैन समाज की विशेष बैठक रखी गई। इसमें धार्मिक, सामाजिक संस्थाओं सहित अन्य संस्थाओं के पदाधिकारी, समाजजनों ने भी भाग लेकर अपने विचारों से अवगत करवाया। मीटिंग में बताया गया कि नेमि गिरनार धर्म पदयात्रा के इंदौर पहुंचने पर रीगल चौराहे पर सुबह साढ़े सात बजे भव्य अगवानी की जाएगी और इसमें शामिल पदाधिकारियों और समाजजनों का अभिनंदन किया जाएगा। बैठक में सभी समाज प्रमुखों ने एक स्वर से कहा कि नेमि गिरनार धर्मपदयात्रा के स्वागत के लिए व्यक्तिगत रूप से सभी को अधिक से अधिक लोगों से संपर्क कर इससे जोड़ने का प्रयास किया जाना चाहिए। इस बैठक में यह भी निकलकर सामने आया कि जो चिंगारी इंदौर से निकलती है, वह देश ही नहीं समूचे विश्व में फैल जाती है। यह आह्वान किया गया कि इंदौर में जैन समाज की एकता का ऐसा अद्भुत दृश्य नजर आना चाहिए कि इससे मेरा गिरनार हमारा नेमिनाथ का नारा बुलंद हो।</p>
<p><strong>इंदौर का बच्चा-बच्चा नेमि गिरनार धर्मपदयात्रा में शामिल हो</strong></p>
<p>इस अति महत्वपूर्ण बैठक में संचालन करते हुए मयंक जैन ने कहा कि नेमि गिरनार धर्मपद यात्रा जैन समाज के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इसका मुख्य उद्देश्य है कि गिरनार जी पर्वत श्रृंखला की पांचवी टोंक, जो जैन धर्म के 22वें तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ की मोक्ष स्थली है। जैन समाज का हमेशा से ही राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। जैन धर्म के अनुयायियों पर किसी न किसी रूप में प्रहार होते रहे हैं। इस यात्रा के माध्यम से गिरनार जी में चावल और भगवान नेमिनाथ के मोक्ष कल्याणक दिवस पर 2 जुलाई को निर्वाण लाडु चढ़ाएं। नईदिल्ली से गिरनारजी तक 2200 किमी की यह यात्रा विश्व जैन संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय जैन और उनके सहयोगी पदाधिकारियों ने बहुत साहस का कार्य किया है। इसको सफल बनाना है तो इस बात का ध्यान रखना होगा कि इसमें इंदौर का बच्चा-बच्चा, महिलाएं, पुरुष शामिल हों। इसका समर्थन करें। यह भी ध्यान रखें कि गिरनार मेरा है और नेमिनाथ भी मेरा है। बैठक में सामाजिक संसद के नकुल पाटोदी ने कहा कि गिरनार धर्म पदयात्रा के स्वागत में इंदौर का सकल जैन समाज एकत्रित होकर एकता का प्रदर्शन करें।</p>
<p><strong>घर-घर पर्सनल मैसेज भेजे जाएं </strong></p>
<p>इस आयोजन को किस प्रकार सफल करना है इस पर विचार होना चाहिए, क्योंकि जो चिंगारी इंदौर से निकलती है वह पूरे विश्व में फैल जाती है। बैठक में कहा गया कि यह बिडंबना है कि कोर्ट ने हमारे पक्ष में फैसला दिया है। लेकिन उसके बाद भी गिरनारजी में किसी भी आयोजन के लिए शासन से अनुमति लेना पड़ती है। यह यात्रा हमारी है। हम जीते हुए हैं फिर भी संघर्ष करना पड़ रहा है। श्रीफल जैन न्यूज की संपादक रेखा संजय जैन ने कहा कि इस मीटिंग में उपस्थित सभी लोग संकल्प लेकर जाएं कि आप जिस भी मंदिर के ग्रुप या सोशल मीडिया के ग्रुप में जुड़े हुए है उसमें और पर्सनल मैसेज भेजेंगे। ताकि अधिक से अधिक संख्या में लोग उपस्थित हो और हमारी एकता का प्रदर्शन करें। और बताया कि निश्चित ही आप सब को भी ज्ञात है कि तीर्थ क्षेत्रों में हमारी अनुपस्थिति ही तीर्थों के हमसे छिनने का कारण है। जितने भी सोशल ग्रुप है अगर वह ठान ले कि हमें ग्रुप को ले जाना है तीर्थों पर तो यह हमारे लिए एक सकारात्मक प्रयास रहेगा।</p>
<p><strong>इन्होंने भी किया संबोधित </strong></p>
<p>नेमि गिरनार धर्मपदयात्रा को सफल बनाने के लिए हुई मीटिंग में सभी वक्ताओं ने एक स्वर से कहा कि इंदौर की सामाजिक एकता देश के लिए मिसाल बन जाए। इसलिए सभी को अपना कर्तव्य निभाना होगा। बैठक में डीके जैन ने कहा कि तीर्थ क्षेत्र कमेटी के तत्वावधान में 8 हजार लोग गिरनारजी निर्वाण लाडू चढ़ाने जाएंगे। कोशिश ऐसी होनी चाहिए कि 8 हजार नहीं 28 हजार लोग गिरनारजी पहुंचें। इस अवसर पर नवग्रह जिनालय के अध्यक्ष नरेंद्र वेद, कैलाश वेद, संदीप जैन मौर्या, तीर्थ क्षेत्र कमेटी के अध्यक्ष डीके जैन, गौतम जैन, राजीव जैन पार्षद, प्रदीप बड़जात्या, नकुल पाटोदी, पिंकेश टोंग्या, राजेश जैन, रेखा संजय जैन श्रीफल जैन न्यूज, महावीर जैन अग्निबाण, अन्य वरिष्ठ जन आदि ने भी संबोधित किया। बैठक का संचालन नकुल पाटोदी और मयंक जैन ने किया। आभार प्रदर्शन राहुल जैन ने किया।</p>
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