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	<title>25 Samavasarana Mahamandal Vidhan &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<title>25 Samavasarana Mahamandal Vidhan &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>विश्व शांति महायज्ञ और भव्य दिग्विजय यात्रा निकाली: 25 समवशरण महामंडल विधान का हुआ भव्य समापन </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 20 Apr 2026 06:05:06 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जयपुर हाउस स्थित श्रीराम पार्क में उपाध्यायश्री विहसंत सागर जी एवं मुनि श्री विश्वसाम्य सागर जी ससंघ के पावन सान्निध्य एवं श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर समिति के तत्वावधान में 25 समवशरण महामंडल विधान का 19 अप्रैल को आध्यात्मिक वातावरण में समापन हुआ। आगरा से पढ़िए, शुभम जैन की यह खबर&#8230; आगरा। जयपुर हाउस स्थित [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>जयपुर हाउस स्थित श्रीराम पार्क में उपाध्यायश्री विहसंत सागर जी एवं मुनि श्री विश्वसाम्य सागर जी ससंघ के पावन सान्निध्य एवं श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर समिति के तत्वावधान में 25 समवशरण महामंडल विधान का 19 अप्रैल को आध्यात्मिक वातावरण में समापन हुआ। <span style="color: #ff0000">आगरा से पढ़िए, शुभम जैन की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>आगरा।</strong> जयपुर हाउस स्थित श्रीराम पार्क में उपाध्यायश्री विहसंत सागर जी एवं मुनि श्री विश्वसाम्य सागर जी ससंघ के पावन सान्निध्य एवं श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर समिति के तत्वावधान में 25 समवशरण महामंडल विधान का 19 अप्रैल को आध्यात्मिक वातावरण में समापन हुआ। छह दिवसीय इस आयोजन ने श्रद्धा, भक्ति और धर्ममय ऊर्जा से पूरे क्षेत्र को सराबोर कर दिया। समापन दिवस की शुरुआत प्रातःकाल जिनबिंबों के अभिषेक और शांतिधारा के साथ हुई। वातावरण मंत्रोच्चारण से गुंजायमान हो उठा, जब विधानाचार्य संदीप जैन शास्त्री एवं अरविंद जैन शास्त्री के निर्देशन में विधिपूर्वक पूजन-अर्चना हुई। 25 समवशरणों में विराजमान चक्रवर्ती परिवारों ने पूर्ण श्रद्धा और विधि-विधान से श्रीजी की आराधना कर धर्म लाभ अर्जित किया। इसके पश्चात विश्व शांति महायज्ञ किया गया।</p>
<p>जिसमें श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से मंत्रोच्चारण करते हुए हवन में आहुतियां अर्पित कीं और समस्त विश्व के कल्याण की मंगलकामना की। यह दृश्य अत्यंत भावविभोर करने वाला था, जहां हर श्रद्धालु आध्यात्मिक भावनाओं में लीन नजर आया। कार्यक्रम के दौरान आयोजक समिति द्वारा विधान को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी कार्यकर्ताओं एवं सहयोगियों का दुपट्टा और माल्यार्पण कर सम्मान किया गया। इस अवसर पर सभी के चेहरों पर संतोष और गर्व की झलक स्पष्ट दिखाई दी। विधान के अंतर्गत अक्षय तृतीया महापर्व भी मनाया गया। उपाध्यायश्री विहसंत सागर जी महाराज ने अपनी मंगल देशना में अक्षय तृतीया के आध्यात्मिक महत्व को सरल एवं प्रेरणादायक शब्दों में प्रस्तुत किया।</p>
<p>उन्होंने बताया कि यह पर्व अनंत पुण्य अर्जन का अवसर प्रदान करता है और सद्कर्मों के लिए प्रेरित करता है। कार्यक्रम स्थल के बाहर श्रद्धालुओं के लिए शुद्ध गन्ना रस का वितरण भी किया गया। जिससे सेवा और श्रद्धा का सुंदर समन्वय देखने को मिला। समापन अवसर पर भव्य दिग्विजय यात्रा निकाली गई।</p>
<p><strong>28 प्रतिमाओं का विधिवत अभिषेक किया </strong></p>
<p>उपाध्याय श्री के सानिध्य में 28 भगवानों की प्रतिमाओं को सुसज्जित रथों में विराजमान कर बैंडबाजों के साथ मंदिर परिसर तक ले जाया गया। श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति के बीच निकली यह यात्रा आस्था और उल्लास का अनुपम दृश्य प्रस्तुत कर रही थी। मंदिर पहुंचकर सभी प्रतिमाओं का विधिवत अभिषेक किया गया। इस प्रकार भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत यह समवशरण महामंडल विधान सफलतापूर्वक हुआ, जिसने श्रद्धालुओं के हृदय में धर्म के प्रति नई चेतना और उत्साह का संचार किया। इस मौके पर राकेश जैन पर्देवाले, दीपक जैन, सुबोध जैन, निर्मल जैन, अशोक जैन, मनोज जैन, अरुण जैन, पंकज जैन, अजय जैन, राहुल जैन, अमित सेठिया, अभिषेक जैन, शुभम जैन, नीतू जैन, इशिता जैन, उषा जैन, नीता जैन, रुचि जैन, शची जैन, वंदना जैन, सरिता जैन, प्रिया जैन जयपुर हाउस जैन समाज के लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे।</p>
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		<title>1008 दीपों के आलोक की आरती से निखरी श्रद्धा : भक्ति से जगमगाया समवशरण विधान का पांचवां दिन </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 19 Apr 2026 18:36:59 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जयपुर हाउस स्थित श्री राम पार्क में चल रहे 25 समवशरण महामंडल विधान का पांचवां दिन शनिवार को भक्ति, संगीत, दीप आराधना और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा। आगरा से पढ़िए, शुभम जैन की यह खबर&#8230; आगरा। जयपुर हाउस स्थित श्री राम पार्क में चल रहे 25 समवशरण महामंडल विधान का पांचवां दिन शनिवार को [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>जयपुर हाउस स्थित श्री राम पार्क में चल रहे 25 समवशरण महामंडल विधान का पांचवां दिन शनिवार को भक्ति, संगीत, दीप आराधना और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा। <span style="color: #ff0000">आगरा से पढ़िए, शुभम जैन की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>आगरा।</strong> जयपुर हाउस स्थित श्री राम पार्क में चल रहे 25 समवशरण महामंडल विधान का पांचवां दिन शनिवार को भक्ति, संगीत, दीप आराधना और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा। उपाध्यायश्री विहसंत सागर जी ससंघ के सान्निध्य एवं श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर समिति, जयपुर हाउस के तत्वावधान में चल रहे इस महोत्सव में श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर दिखाई दिया। प्रातःकाल प्रभु के अभिषेक एवं शांतिधारा के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। श्रद्धालुओं ने गहन भक्तिभाव के साथ विधान की मांगलिक क्रियाओं में सहभागिता कर पुण्य अर्जित किया। विशेष रूप से 25 समवशरणों में विराजमान चक्रवर्ती परिवारों द्वारा विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की गई, जिससे संपूर्ण वातावरण धर्ममय हो उठा। मंत्रोच्चार, घंटानाद और भक्ति की गूंज से पंडाल गुंजायमान रहा। इस अवसर पर बाहर से पधारे अतिथियों का आयोजक समिति द्वारा भव्य स्वागत किया गया, जहां श्रद्धालुओं ने विनम्र भाव से आशीर्वाद प्राप्त किया। चित्र अनावरण एवं दीप प्रज्वलन की भावपूर्ण प्रक्रिया ने उपस्थित जनसमूह को आत्मचिंतन और आत्मशुद्धि का संदेश दिया।</p>
<p><strong>धर्म के गूढ़ तत्वों को सरलता से जाना</strong></p>
<p>उपाध्यायश्री ने अपनी धर्मदेशना में समवशरण की आठ भूमियों का विस्तार से वर्णन कर धर्म के गूढ़ तत्वों को सरलता से समझाया। सायंकालीन सत्र में भक्ति का रंग और अधिक गहरा हो गया। शानू एंड पार्टी द्वारा प्रस्तुत मधुर भजनों ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस से सराबोर कर दिया। इसके बाद चक्रवर्ती परिवार द्वारा 1008 दीपकों से भव्य मंगल आरती का आयोजन किया गया। जो पूरे दिवस का मुख्य आकर्षण रहा। पुण्यार्जक परिवार नरेन्द्र जैन के निवास से आरती प्रस्थान हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर धर्मलाभ अर्जित किया।आयोजन की सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं, अनुशासन और समाजजनों की सक्रिय भागीदारी इस महोत्सव को निरंतर सफलता की ओर अग्रसर कर रही हैं। इस अवसर पर समाज के गणमान्य नागरिकों, महिलाओं, युवाओं एवं बच्चों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।</p>
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