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	<title>स्वस्ति भूषण माताजी &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>चूलगिरी में आर्यिका स्वस्ति भूषण रचित शांति विधान का आयोजन: उपसर्ग ओ भय विनशाये- जो शांति शरण में आए </title>
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		<pubDate>Mon, 21 Jul 2025 09:45:15 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य श्री देश भूषण जी महाराज की प्रेरणा से प्रसिद्ध अतिशय क्षेत्र चूलगिरि पर रविवार को स्वस्ति धाम प्रणेता गणिनी आर्यिका स्वस्ति भूषण माताजी रचित शांति विधान का भक्ति भाव के साथ आयोजन हुआ। शांति नाथ की प्रतिमा लाकर पांडुक शिला पर विराजित किया गया। अभिषेक और शांतिधारा की गई। जयपुर से पढ़िए, यह खबर&#8230; [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्य श्री देश भूषण जी महाराज की प्रेरणा से प्रसिद्ध अतिशय क्षेत्र चूलगिरि पर रविवार को स्वस्ति धाम प्रणेता गणिनी आर्यिका स्वस्ति भूषण माताजी रचित शांति विधान का भक्ति भाव के साथ आयोजन हुआ। शांति नाथ की प्रतिमा लाकर पांडुक शिला पर विराजित किया गया। अभिषेक और शांतिधारा की गई। <span style="color: #ff0000">जयपुर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>जयपुर।</strong> आचार्य श्री देश भूषण जी महाराज की प्रेरणा से प्रसिद्ध अतिशय क्षेत्र चूलगिरि पर रविवार को गणिनी आर्यिका स्वस्ति धाम प्रणेता स्वस्ति भूषण माताजी रचित शांति विधान का भक्ति भाव के साथ आयोजन हुआ। श्रेष्ठी पदम जैन बिलाला ने बताया कि इससे पूर्व शांति नाथ की प्रतिमा को लाकर श्रेष्ठी सौभागमल पाटनी द्वारा पांडुक शिला पर विराजित किया गया तथा अभिषेक व विश्व शांति हेतु बीजाक्षर युक्त शांतिधारा अशोक,पदम, कमलेश जैन बंथली वाला परिवार द्वारा की गई। विधानाचार्य शिखरचंद किरण जैन द्वारा विधान की भावना को भावार्थ के साथ समझाते हुए कराया गया।</p>
<p>विधान मंडल पर एक-एक अर्घ्य पूजार्थियों द्वारा संगीतमय भक्ति के साथ समर्पित किया गया। विधान में टोंक, निवाई, सोडा, चंदलाई, जनकपुरी, झोटवाड़ा, दुर्गापुरा, महावीर नगर, कीर्ति नगर, प्रताप नगर, ज्योतिनगर आदि कई स्थानों के श्रावकों की सहभागिता रही। विधान के मध्य कलकत्ता से आए गायक संजय पाटनी द्वारा प्रस्तुत भक्ति गीतों पर श्रोता झूम उठे।</p>
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		<title>भीड़ का संबंध सत्य से नहीं आकर्षण से होता है: स्वस्ति भूषण माताजी पुस्तक ट्रेनिंग पॉइंट के अंश  </title>
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		<pubDate>Mon, 09 Jun 2025 12:46:25 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[स्वस्ति भूषण माताजी द्वारा लिखित पुस्तक ट्रनिंग पॉइंट में उन्होंने ऐसे ज्ञान, जीवन-दर्शन और आदर्शों का चित्र सामने रखा है। जो सभी के लिए प्रेरणादायी है। अनुकरणीय भी। रामगंजमंडी से पढ़िए, इस पुस्तक के संकलित अंश, संकलन किया है अभिषेक जैन लुहाड़िया ने&#8230; रामगंजमंडी। स्वस्ति भूषण माताजी द्वारा लिखित पुस्तक ट्रनिंग पॉइंट में उन्होंने ऐसे [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>स्वस्ति भूषण माताजी द्वारा लिखित पुस्तक ट्रनिंग पॉइंट में उन्होंने ऐसे ज्ञान, जीवन-दर्शन और आदर्शों का चित्र सामने रखा है। जो सभी के लिए प्रेरणादायी है। अनुकरणीय भी। <span style="color: #ff0000">रामगंजमंडी से पढ़िए, इस पुस्तक के संकलित अंश, संकलन किया है अभिषेक जैन लुहाड़िया ने&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>रामगंजमंडी।</strong> स्वस्ति भूषण माताजी द्वारा लिखित पुस्तक ट्रनिंग पॉइंट में उन्होंने ऐसे ज्ञान, जीवन-दर्शन और आदर्शों का चित्र सामने रखा है। जो सभी के लिए प्रेरणादायी है। अनुकरणीय भी। इस पुस्तक के अंश के मुताबिक अक्सर लोग भीड़ से बहुत प्रभावित होते हैं। रास्ते में कहीं जा रहे हैं और रास्ते किनारे भीड़ लगी है तो लोग गाड़ी रोककर उतरकर देखते हैं क्या हुआ? लोगों को लगता है कि भीड़ है तो कुछ ना कुछ जरूर होगा, वरना लोग इकट्ठा क्यों होते ? कहा भी है कि भीड़ भीड़ को खींचती है और पैसा पैसे को खींचता है। उन्होंने आगे कहा है कि कहीं भीड़ दिखे और विचार आए बिना रह जाए, उत्तर खींचे बिना रह जाए ऐसा बहुत मुश्किल है। भीड़ कहीं भी हो सकती है। टॉकिज में देखिए, वहां भी भीड़ मिल जाएगी। डॉक्टर के यहां लाइन लगी मिल जाएगी, ज्योतिषी के यहां भी भीड़ मिल जाएगी। स्कूल कॉलेज भीड़ से भरे पड़े हैं। जिस स्कूल में बच्चे ज्यादा हो आपके हिसाब से वह अच्छा स्कूल है। आपस में चर्चा करते हैं कि उसका बच्चा उस स्कूल में पढ़ता है, फ़लाने का बच्चा उसमें पढ़ता है। इसलिए मैं भी अपने बच्चों को वहीं पर पढ़ाऊंगी। खींचती है भीड़, इंसान को उसके रोम रोम को।</p>
<p><strong>भीड़ में प्रभु के दर्शन का आनंद ?</strong></p>
<p>माताजी ने कहा है कि लोग शिखर जी जाते हैं। एक बार एक व्यक्ति शिखर जी से लौटकर आए बोले पिछले बार शिखरजी गया था तब ज्यादा अच्छा नहीं लगा। बिल्कुल भीड़ नहीं थी मात्र 25-50 लोग पहाड़ पर थे। वंदना करने में मजा ही नहीं आया लेकिन, इस बार तो होली पर गया था। कमरा भी नहीं मिला, बरामदे में सोना पड़ा और भीड़ पहाड़ पर इतनी थी कि चलना मुश्किल हो रहा था लेकिन, बहुत अच्छा लगा। आगे उसने बताया कि माताजी चंदाप्रभु भगवान के दर्शन में लाइन लगानी पड़ी। एक घंटे में नंबर आया और पार्श्वनाथ भगवान के दर्शन में तीन घंटे इंतजार करना पड़ा। बाकी टोक पर भी बड़ी मुश्किल हो रही थी। दर्शन करने में लेकिन, आनंद काफी आया और सोचा कि अब हर साल इन्हीं दौरान जाया करूंगा इस समय भीड़ अच्छी होती है।</p>
<p><strong>लोग बिना समझे बिना भावों के वहां भागते हैं</strong></p>
<p>इस व्यक्ति की बात पर चिंतन करें कि इस व्यक्ति को पहली बार में मेहनत नहीं लगी या सरल भाषा में कहे तो भगवान अकेले में मिल गए तो उस व्यक्ति को मजा नहीं आया। वही दर्शन भीड़ में मिले तो मजा आया। म ैंउन व्यक्ति से कि वह शिखर जी के दर्शन करने गया था कहना चाहिए। वरना कहना तो यही पड़ेगा कि उसे भीड़ के दर्शन में मजा आया। यदि शिखरजी के दर्शन करने गया था तो पहली बार में अच्छा लगना था भीड़ जहां जाती हैं, लोग बिना समझे बिना भावों के वहां भागते हैं। भीड़ का ेदेखते ही लोग उदेदश्य भी भूल जाते हैं और भीड़ के पीछे भागते है। शिखरजी जाना बड़ा पुण्य का काम है, पर वहां जाकर करना क्या है यदि ये नहीं पता तो भीड़ से ही प्रभावित रहोगे। जितने लोग शिखर जी जाते हैं वंदना कैसे करनी है। आधे लोगो को भी नहीं आता। चक्कर लगाकर वापस आ जाते हैं। कोई तीर्थ स्थान हो या पर्यटक स्थल, भीड़ तभी होगी जब भीड़ होगी। आज के प्रचार प्रसार ने इस पर और ज्यादा असर डाला है।</p>
<p><strong>जो सुनाया जा रहा है बस अच्छा लगना चाहिए</strong></p>
<p>बच्चे वहीं चीज खायेंगे जो टी. वी. पर दिखाई जा रही है। भीड़ का संबंध सत्य से नहीं भीड़ ज्ञानियों की नहीं अज्ञानियों की होती है। भीड़ को ये नहीं पता भीड़ का संबंध आकर्षण है। जहां आकर्षण होगा भीड़ वही खिंच जाएगी। भीड़ को यह नहीं पता कि उसे क्या सुनना है, जो सुनाया जा रहा है बस अच्छा लगना चाहिए। प्रभावक से प्रभावित होता है। जितने नये धर्माे का प्रादुर्भाव हुआ है वह सब वाणी के प्रभाव का ही कारण है।</p>
<p><strong>कहानी के सार ने बताया भीड़ किसको चाहती है</strong></p>
<p>एक बार बृहस्पति और लक्ष्मी में विवाद हो गया कि लोग मुझे चाहते हैं। दोनो का विवाद बढ़ गया। विष्णु जी के पास पहुंचे। उनसे निर्णय करने को कहा। उन दोनों को छह माह का समय दिया और कहा जाओ धरती पर अपनी महत्ता सिद्ध करो। पहले बृहस्पति पहुंचे वे बहुत ज्ञानी थे। अतः उन्होने प्रवचन करना प्रारंभ किया। धीरे-धीरे प्रवचन सुनने वालों की संख्या बढ़ने लगी। लोग बृहस्पति के पीछे-पीछे भागने लगे। वे जहां जाते वहां सभी प्रवचन सुनने पहुंच जाते। अपार जन समूह पीछे-पीछे रहने लगा। वृहस्पति को लगा कि ये भीड़ मेरे पीछे है। 6 महीने में कुछ समय बाकी था अपार भीड़ बृहस्पति का प्रवचन सुन रही थी। पीछे एक बुढ़िया, सोने की कटोरे में भीख मांगने आई। लोगों की नजर तब पड़ी जब उसने कहा कि यह कटोरा उसको दूंगी जो मुझे अपनी श्रद्धा से पानी पिलाएगा। भीड़ में 10-20 लोग उठकर उस अम्मा के पीछे पहुंच गए। पीछे की भीड़ देखकर सामने मंच से अध्यक्ष मंत्री भी पहुंच गए। देखें क्या हुआ। बुढ़िया कह रही थी मेरी झोली में बहुत कटोरे हैं सोने के, मैं मंच से बैठकर बाटूंगी। अध्यक्ष मंत्री उसके हाथ जोड़ने लगे कि चलो अम्मा मंच पर चलो। बुढिया बोली पहले उसे बूढ़े को मंच से हटाओ तब मंच पर जाऊंगी। अध्यक्ष मंत्री पहुंच गए बृहस्पति के पास बाबा जी आपके प्रवचन बहुत सुन लिए है। आज प्रवचन रहने दो आज आप आराम करो। बृहस्पति ने कहा आज प्रवचन क्यों छोड़ूं 6 महीने से कर रहा हूं। बुढ़िया के कारण छोड़ दूं। अध्यक्ष मंत्री बोले महाराज आप हाथ जोड़ने से मान जाओ वरना आपका तकता हम उठाकर कमरे में रख देंगे पीछे से बुढ़िया (लक्ष्मी )के बृहस्पति से आंख मटका के बताया देख लिया भीड़ किसको चाहती है।</p>
<p><strong>अज्ञानी की भीड़ स्वार्थ से जुड़ी है</strong></p>
<p>कहानी का सार यह है कि भीड़ का अपना कोई उद्देश्य नहीं, जहां उसके स्वार्थ की पूर्ति होती है वह वही भागने लगती है। उसे मोक्ष आत्म ज्ञान से कुछ लेना-देना नहीं है। अज्ञानी की भीड़ स्वार्थ से जुड़ी है। सबसे पहले स्वार्थ है धन का आकर्षण, जहां विदेश में जाना स्वीकार है। दूसरा आकर्षक रूप अर्थात जिसका रूप दिल को कहा जाए चाहे मिथ्या दृष्टि ही क्यों ना हो। वही भागेगा फिल्मी कलाकारों के पीछे आज के लोग दीवाने हैं। खाना पीना भूल जाए यदि वह हमको मिल जाए तो। शहर में एक तरफ साधु आया हो, दूसरी तरफ फिल्मी कलाकार आया हो तो साधु के पास दो-चार लोग ही मिलेंगे और कलाकार के पास हजारों की भीड़ मिल जाएगी। उस समय साधु संत बाधा प्रतीत होंगे। भीड़ इंसान तो क्या जानवर के पीछे भी मिल सकती है। एक बार हम बिहार कर रहे थे, एक जगह एक कुत्ते के पीछे से करो व्यक्ति भाग रहे थे। हमने पूछा यह क्या हो रहा है तो उन्होंने बताया कि कल यहां चोरी हुई थी यह विशेष कुत्ता है चोरों का पता लगा रहा है। इसका आशय की कुत्ते भी भीड़ की खट्टी कर सकते हैं। घोड़े की रेस देखने बहुत दुनिया जाती है। और लाखों रुपए का जुआ भी खेला जाता है। चिड़ियाघर में भी भीड़ होती है। लाखों लोग जानवरों को देखने लग जाते हैं। इसका आशय है की भीड़ से धर्म का संबंध नहीं।</p>
<p><strong>यह आवश्यक नहीं है कि जहां भीड़ है वहां सत्य होगा</strong></p>
<p>अर्थ समझाते हुए माताजी कहती हैं कि यह आवश्यक नहीं है कि जहां भीड़ है वहां सत्य होगा और यह भी आवश्यक नहीं है कि जहां सत्य है वहां भीड़ जरूरी है। सत्य धर्म एकांत में भी पाया जा सकता है। धर्म को भीड़ की नहीं भाव की जरूरत है। भीड़ का धर्म उन्हें करना पड़ता है जिनसे एकांत में धर्म नहीं होता है। एकांत साधना करने वाले भीड़ से भागते हैं फिर भी भीड़ में रहना पड़े तो भीड़ में रहकर एकांतवास का अनुभव करते हैं। लिखने को तो बहुत लिखा जा सकता है पर इसको पढ़कर आगे का चिंतन आप स्वयं करें तो ज्यादा अच्छा है।</p>
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		<title>श्री अरनाथ स्वामी के प्रगटन दिवस पर होगा लाडू समर्पणः 29 मार्च को भगवान का मोक्ष कल्याणक </title>
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		<pubDate>Tue, 25 Mar 2025 09:23:21 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[अतिशय क्षेत्र नवागढ़ में मनोकामना पूर्ण श्री अरनाथ स्वामी के विश्व के एकमात्र अतिशय क्षेत्र में शनिवार को भगवान का मोक्ष कल्याणक है। याद रहें यहां पुरापाषाण काल से प्राचीन शैलचित्र एवं सैकड़ों वर्ष प्राचीन पुरा संपदा संरक्षित हैं।  नवागढ़। प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़ में सातवीं सदी के मंदिर के साथ प्रगटित अतिशयकारी मनोकामना पूर्ण [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>अतिशय क्षेत्र नवागढ़ में मनोकामना पूर्ण श्री अरनाथ स्वामी के विश्व के एकमात्र अतिशय क्षेत्र में शनिवार को भगवान का मोक्ष कल्याणक है। <span style="color: #ff0000">याद रहें यहां पुरापाषाण काल से प्राचीन शैलचित्र एवं सैकड़ों वर्ष प्राचीन पुरा संपदा संरक्षित हैं</span>। </strong></p>
<hr />
<p><strong>नवागढ़।</strong> प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़ में सातवीं सदी के मंदिर के साथ प्रगटित अतिशयकारी मनोकामना पूर्ण श्री अरनाथ स्वामी के विश्व के एकमात्र अतिशय क्षेत्र में 29 मार्च 2025 शनिवार को भगवान का मोक्ष कल्याणक है, इसी दिन भगवान को प्रतिष्ठा पितामह पंडित गुलाब चंद्र पुष्प ने जमीन से 15 फीट नीचे भौंयरे में खोजा था।</p>
<p><strong><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-77484" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250325-WA0034.jpg" alt="" width="864" height="1152" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250325-WA0034.jpg 864w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250325-WA0034-225x300.jpg 225w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250325-WA0034-768x1024.jpg 768w" sizes="(max-width: 864px) 100vw, 864px" />इतिहास का संरक्षण</strong></p>
<p>प्राचीन जैन इतिहास एवं संस्कृति के लिए विख्यात नवागढ़ में निरंतर अनुसंधान एवं खोज जारी है। अभी भी वहां संरक्षित पुरा संपदा का रासायनिक प्रक्रिया द्वारा संरक्षण एवं डॉक्यूमेंटेशन दिल्ली की टीम के द्वारा किया जा रहा है। यहां पुरापाषाण काल से लेकर 8000 वर्ष प्राचीन शैलचित्र एवं सैकड़ों वर्ष प्राचीन पुरा संपदा संरक्षित हैं।</p>
<p><strong>विशेष शांतिधारा, विधान सहित लाडू समर्पण</strong></p>
<p>ब्रह्मचारी जयकुमार निशांत भैया के निर्देशन में 29 मार्च को भगवान अरनाथ स्वामी का अभिषेक विशेष शांतिधारा एवं विधान के साथ लाडू समर्पित किया जाएगा। जिसमें देश-विदेश के श्रावक एवं श्राविकाओं के साथ क्षेत्रीय समाज का सक्रिय सहयोग प्राप्त हो रहा है। आप भी अपने परिवार की ओर से लाडू समर्पित करने का सौभाग्य प्राप्त कर सकते हैं ।</p>
<p><strong>आगामी सौभाग्य व भेंट समर्पण</strong></p>
<p>40 दिवसीय जाप अनुष्ठान में संलग्न परिवारों को मंत्रित मंगल कलश भी भेंट किए जाएंगे। गणिनी आर्यिका भारत गौरव स्वस्ति भूषण माताजी के मंगल निर्देशन में 18 वें तीर्थंकर अरनाथ स्वामी का 18 मार्च माह तक लगातार विधान संपन्न किया जाएगा। साथ ही मात्र 518 रुपए की राशि में कूपन दिया जाएगा। इसके ड्रा से उन्हें वार्षिक महामस्तकाभिषेक का सौभाग्य 35 ग्राम के रजत कलश के साथ प्रदान किया जाएगा।</p>
<p><strong>सपरिवार आमंत्रण</strong></p>
<p>इस अवसर पर आप भी अपने परिवार सहित उपस्थित होकर अरनाथ स्वामी के अतिशय का साक्षात्कार करें और धर्मलाभ लें।</p>
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		<title>शिक्षण शिविर का हुआ समापन : बच्चों को दिए गए स्मृति चिह्न एवं उपहार </title>
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		<pubDate>Thu, 25 May 2023 12:33:57 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[शुभकामना परिवार राजुल द्वारा आयोजित 8 दिवसीय शिक्षण शिविर का समापन विभिन्न कार्यक्रमों के साथ हुआ। शुभकामना महिला परिवार शाखा राजुल मुरार द्वारा 11 मई 2023 से 25 मई तक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया था। पढ़िए मनोज नायक की रिपोर्ट&#8230; मुरार/ग्वालियर। शुभकामना परिवार राजुल द्वारा आयोजित 8 दिवसीय शिक्षण शिविर का समापन विभिन्न [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>शुभकामना परिवार राजुल द्वारा आयोजित 8 दिवसीय शिक्षण शिविर का समापन विभिन्न कार्यक्रमों के साथ हुआ। शुभकामना महिला परिवार शाखा राजुल मुरार द्वारा 11 मई 2023 से 25 मई तक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया था। <span style="color: #ff0000;">पढ़िए मनोज नायक की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मुरार/ग्वालियर।</strong> शुभकामना परिवार राजुल द्वारा आयोजित 8 दिवसीय शिक्षण शिविर का समापन विभिन्न कार्यक्रमों के साथ हुआ। शुभकामना महिला परिवार शाखा राजुल मुरार द्वारा 11 मई 2023 से 25 मई तक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया था। परम पूज्य गणिनी आर्यिका 105 स्वस्ति भूषण माताजी के आशीर्वाद से आयोजित शिविर में बच्चों को धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों की शिक्षा प्रदान की गई। समापन समारोह में पूज्य 105 विश्वेहश्री माताजी एवं क्षुल्लक महाराज जी का परम सानिध्य प्राप्त हुआ।</p>
<p>सर्वप्रथम संस्था के सभी सदस्यों ने आर्यिका माताजी जी को श्रीफल भेंट किया। भगवान मुनिसुव्रतनाथ जी के चित्र का अनावरण मन्दिर कमेटी के अध्यक्ष महावीरप्रसाद जैन एवं डॉ. कुसुम जैन ने किया। दीप प्रज्वलन दिनेशचंद्र उपेंद्रकुमार विकास कुमार जैन (ऐसा वाले) नायक परिवार द्वारा किया गया।</p>
<p>पूज्य माता जी को पूनम धर्मेंद्र कुमार जैन (नमकीन वाले) के द्वारा शास्त्र भेंट किया गया। माताजी के पाद प्रक्षालन का सौभाग्य संस्था के सभी सदस्यों को प्राप्त हुआ। समारोह के शुभारम्भ में कु.श्रुति जैन पुत्री महेंद्र कुमार जैन (दुहिया वाले) के द्वारा मंगलाचरण प्रस्तुत किया गया।</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-44894" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/IMG-20230525-WA0015.jpg" alt="" width="1600" height="900" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/IMG-20230525-WA0015.jpg 1600w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/IMG-20230525-WA0015-300x168.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/IMG-20230525-WA0015-1024x576.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/IMG-20230525-WA0015-768x432.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/IMG-20230525-WA0015-1536x864.jpg 1536w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/IMG-20230525-WA0015-990x557.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/IMG-20230525-WA0015-1320x743.jpg 1320w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/IMG-20230525-WA0015-470x264.jpg 470w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/IMG-20230525-WA0015-640x360.jpg 640w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/IMG-20230525-WA0015-215x120.jpg 215w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/IMG-20230525-WA0015-414x232.jpg 414w" sizes="(max-width: 1600px) 100vw, 1600px" /></p>
<p><strong>किया स्वागत-वंदन</strong></p>
<p>अध्यक्ष प्रीति जैन, मंत्री शशि जैन, सुधा जैन, निर्मला जैन, गीता जैन, पूजा जैन, ज्योति जैन, प्रीति जैन, रीना जैन, प्रिया जैन ने संस्था की ओर से सम्माननीय अतिथियों का माला एवं दुपट्टा पहना कर स्वागत वंदन किया। सभी अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट किए गए । उसके पश्चात सभी बच्चों को स्मृति चिह्न एवं पुरस्कार वितरण किया गया। सभी प्रशिक्षकों को भी सम्मानित किया गया। जिसमें साहू सर, रजनी जैन, पूनम जैन, अंशु जैन, कुमारी आशिया जैन, डॉ. कुसुम जैन को माला एवं दुपट्टा पहना कर एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।</p>
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		<title>डबरा में होगा स्वस्तिभूषण माताजी का मंगल प्रवेश: 14 मई को सोनागिर में मंगल आगमन की पूर्ण सम्भावना </title>
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		<pubDate>Sun, 07 May 2023 12:46:12 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जैन साध्वी गणिनी आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी ससंघ का श्री जैन तीर्थक्षेत्र सोनागिर के लिए मंगल विहार चल रहा है। पूज्य आर्यिका संघ का सोमवार आठ मई को सुबह डबरा में मंगल प्रवेश होगा। पढ़िए मनोज नायक की रिपोर्ट&#8230; मुरैना। जैन साध्वी गणिनी आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी ससंघ का श्री जैन तीर्थक्षेत्र सोनागिर के लिए मंगल विहार [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>जैन साध्वी गणिनी आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी ससंघ का श्री जैन तीर्थक्षेत्र सोनागिर के लिए मंगल विहार चल रहा है। पूज्य आर्यिका संघ का सोमवार आठ मई को सुबह डबरा में मंगल प्रवेश होगा। <span style="color: #ff0000;">पढ़िए मनोज नायक की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मुरैना।</strong> जैन साध्वी गणिनी आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी ससंघ का श्री जैन तीर्थक्षेत्र सोनागिर के लिए मंगल विहार चल रहा है। पूज्य आर्यिका संघ का सोमवार आठ मई को सुबह डबरा में मंगल प्रवेश होगा । सोनागिर जी में रविवार 14 मई को मंगल प्रवेश होने की पूर्ण सम्भावना है। पूज्य आर्यिका संघ के विहार में सम्मिलित सुनीत जैन ठेकेदार ने जानकारी देते हुए बताया कि गणिनी आर्यिका श्री लक्ष्मीभूषण माताजी एवं स्वस्तिधाम प्रणेत्री गणिनी आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण माताजी ससंघ का मंगल पद विहार ग्वालियर से श्री दिगम्बर जैन सिद्धक्षेत्र सोनागिर की ओर चल रहा है। पूज्य आर्यिका संघ के विहार में प्रतिदिन मुरैना, लश्कर, ग्वालियर, मुरार, डबरा, राजेश जैन लाला मित्र मंडल के सदस्यगण पहुँचकर सहयोग प्रदान कर रहे हैं ।</p>
<p><strong>समाजजनों ने उत्साह, निकालेंगे शोभायात्रा</strong></p>
<p>समाजसेवी राजू जैन (कपड़े बाले) डबरा ने बताया कि पूज्य माताजी के डबरा आगमन से सम्पूर्ण समाज में भारी उत्साह देखा जा रहा है । पूज्य आर्यिका संघ की अगवानी हेतु समाज के सभी साधर्मी बन्धु, माता-बहिनें जे.सी.गार्डन पर एकत्रित होंगे। वहां से बैंडबाजों सहित भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। भव्य शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों पर भृमण करती हुई श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर (कस्टम रोड) जवाहर गंज, डबरा पहुंचेगी। पूज्य आर्यिका संघ के डबरा में चार-पांच दिन प्रवास की संभावना है। तत्पश्चात सोनागिर के लिए विहार होगा।</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-43633" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/IMG-20230507-WA0027.jpg" alt="" width="888" height="791" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/IMG-20230507-WA0027.jpg 888w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/IMG-20230507-WA0027-300x267.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/IMG-20230507-WA0027-768x684.jpg 768w" sizes="(max-width: 888px) 100vw, 888px" /></p>
<p><strong>ये रहे मौजूद</strong></p>
<p>आज विहार में जैन मिलन स्वतंत्र डबरा के मनोज जैन एकांत, राजू जैन (कपड़े वाले), रितेश जैन, प्रेमचंद जैन पम्मी, अमित जैन, आशीष जैन, शुभम जैन, नवीन कुमार जैन, श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर समिति के अध्यक्ष राजेंद्र जैन, दिनेश जैन, अरविंद जैन, जैन युवा सेवा मंडल मुरार, मुरैना से सुनीत ठेकेदार, सुनील जैन पुच्ची, प्रदीप बरैया सहित अनेकों सधर्मी बन्धु उपस्थित रहे ।</p>
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		<title>आत्मा के ध्यान से अंदर का कर्म रूप मुद्गल बाहर आता है: आर्यिका मां श्री स्वस्ति भूषण माताजी ने प्रवचन में आत्मा की शुद्धि का तरीका बताया  </title>
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		<pubDate>Sun, 07 May 2023 10:01:35 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आर्यिका मां 105 श्री स्वस्ति भूषण माताजी का मंगल विहार जोरासी मंदिर बालाजी कॉलेज से सुबह साढ़े पांच बजे मंगल विहार प्रकाश पब्लिक स्कूल टेकनपुर तक का पद बिहार संपन्न हुआ। पढ़िए एक रिपोर्ट&#8230; टेकनपुर। आर्यिका मां 105 श्री स्वस्ति भूषण माताजी का मंगल विहार जोरासी मंदिर बालाजी कॉलेज से सुबह साढ़े पांच बजे मंगल [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>आर्यिका मां 105 श्री स्वस्ति भूषण माताजी का मंगल विहार जोरासी मंदिर बालाजी कॉलेज से सुबह साढ़े पांच बजे मंगल विहार प्रकाश पब्लिक स्कूल टेकनपुर तक का पद बिहार संपन्न हुआ। <span style="color: #ff0000;">पढ़िए एक रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>टेकनपुर।</strong> आर्यिका मां 105 श्री स्वस्ति भूषण माताजी का मंगल विहार जोरासी मंदिर बालाजी कॉलेज से सुबह साढ़े पांच बजे मंगल विहार प्रकाश पब्लिक स्कूल टेकनपुर तक का पद बिहार संपन्न हुआ। इस दौरान जैन मिलन स्वतंत्र डबरा, जैन युवा सेवा मंडल मुरार, श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर समिति कस्टम रोड जवाहर गंज डबरा, मुरैना के सदस्यगण उपस्थित थे।</p>
<p>माताजी ने अपने प्रवचन में कहा कि शुभ अशुभ कल मंझार,रति अरति करें। आतम हेतु विराग ज्ञान, तैं लखें आपको कष्ट दान, राग द्वेष आतम की ऊर्जा आत्मा का ज्ञान बाहर की तरफ जाने का नाम राग है। द्वेष दो रूप में, भाव दो रूप में होकर बहते हैं। बाहर बहती है तो राग बाहर के भावों में भेद ज्ञान हो तो वैराग्य। ऊर्जा अंदर की ओर बहती है तो ध्यान बन जाती है। आत्मा के ध्यान से अंदर का कर्म रूप मुद्गल बाहर आता है, और आत्मा शुद्ध हो जाती है। यही आत्मा की शुद्धि का तरीका है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-43612" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/IMG-20230507-WA0022.jpg" alt="" width="1160" height="653" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/IMG-20230507-WA0022.jpg 1160w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/IMG-20230507-WA0022-300x168.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/IMG-20230507-WA0022-1024x576.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/IMG-20230507-WA0022-768x432.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/IMG-20230507-WA0022-990x557.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/IMG-20230507-WA0022-470x264.jpg 470w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/IMG-20230507-WA0022-640x360.jpg 640w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/IMG-20230507-WA0022-215x120.jpg 215w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/IMG-20230507-WA0022-414x232.jpg 414w" sizes="auto, (max-width: 1160px) 100vw, 1160px" /></p>
<p>रविवार शाम पांच बजे टेकनपुर से जैसी गार्डन का बिहार होगा। रात्रि विश्राम जैसी गार्डन में संपन्न होगा। सोमवार सुबह पांच बजे जैसी गार्डन से विहार होगा और डबरा में सुबह सात बजे मंगल प्रवेश होगा। सभी सकल जैन समाज डबरा के धर्म प्रेमी बंधुओं एवं महिला मंडल एवं सहयोगी संस्थाओं एवं सभी मंदिर समिति के अध्यक्ष, मंत्री, सदस्य गणों से निवेदन है कि आहार-विहार में सम्मिलित होकर पुण्य अर्जन करें।</p>
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		<title>मां स्वस्ति इंटरनेशनल स्कूल की रखी गई आधारशिला : ज्ञानार्जन के लिए ज्ञान मंदिरों की आवश्यकता है-स्वस्तिभूषण माताजी </title>
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		<pubDate>Fri, 10 Mar 2023 12:29:25 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[स्वस्तिभूषण माताजी ने जैन बगीची में मां स्वस्ति इंटरनेशनल स्कूल के शिलान्यास समारोह के अवसर पर उपस्थित जन समुदाय को संबोधित करते हुए प्रवचन दिए। उन्होंने कहा कि स्कूलों में भी संस्कारों का बीजारोपण हो। पढ़िए मनोज नायक की विस्तृत रिपोर्ट&#8230; मुरैना। वर्तमान में ज्ञान के क्षेत्र में होड़ चल रही है। अपने बच्चों के [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>स्वस्तिभूषण माताजी ने जैन बगीची में मां स्वस्ति इंटरनेशनल स्कूल के शिलान्यास समारोह के अवसर पर उपस्थित जन समुदाय को संबोधित करते हुए प्रवचन दिए। उन्होंने कहा कि स्कूलों में भी संस्कारों का बीजारोपण हो। <span style="color: #ff0000;">पढ़िए मनोज नायक की विस्तृत रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मुरैना।</strong> वर्तमान में ज्ञान के क्षेत्र में होड़ चल रही है। अपने बच्चों के भविष्य को लेकर माता-पिता काफी चिंतित रहते हैं। आजकल शिक्षा का व्यवसायीकरण ही गया है। वर्तमान में स्कूलों में मात्र लौकिक शिक्षा दी जाती है। बच्चों को धार्मिक शिक्षा और संस्कारों से दूर रखा जाता है। आजकल बच्चे पढ़-लिखकर मशीनी मानव बन रहे हैं, उनकी संवेदनाएं शून्य रहती हैं। पुराने समय में राजा-महाराजा हो या कोई साधारण व्यक्ति सभी की शिक्षा घर से दूर गुरुकुलों में होती थी। गुरुकुलों में बच्चों को लौकिक शिक्षा के साथ-साथ संस्कारवान और गुणवान बनाया जाता था। वर्तमान में मंदिरों को हम अधिक महत्व दे रहे हैं।</p>
<p>जबकि हमें भगवान के मंदिरों के साथ- साथ ज्ञानार्जन के लिए स्कूलों की स्थापना भी करना चाहिए। उक्त विचार स्वस्तिधाम प्रणेत्री गुरुमां गणिनी आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण माताजी ने जैन बगीची में मां स्वस्ति इंटरनेशनल स्कूल के शिलान्यास समारोह के अवसर पर उपस्थित जन समुदाय को संबोधित करते हुए व्यक्त किये। आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण ने कहा कि श्री गोपाल दिगम्बर जैन संस्कृत महाविद्यालय, मुरैना का 125 वर्ष पुराना विद्यालय है। इस विद्यालय में अनेकों मुनियों, विद्वानों ने शिक्षा ग्रहण कर पूरे भारत में यश प्राप्त किया है।</p>
<p>आज इसी संस्था के अंतर्गत मां स्वस्ति इंटरनेशनल स्कूल की आधार शिला रखी जा रही है। इस स्कूल में बच्चों को लौकिक शिक्षा के साथ-साथ धर्म एवं संस्कारों का बीजारोपण भी किया जाएगा। शिलान्यास समारोह के शुभारम्भ में मंगलाचरण एवं अथितियों द्वारा चित्र अनावरण व दीप प्रज्वलित किया गया। मां स्वस्ति इंटरनेशनल स्कूल की मुख्य आधारशिला इंडियन वूमेन सूरत के डायरेक्टर सुनील जैन ने रखी। द्वितीय आधार शिला रखने का सौभाग्य अम्बाह नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष जिनेश जैन को प्राप्त हुआ। आदिनाथ साड़ी सूरत के महेशचंद जैन ने तृतीय आधार शिला रखीं।</p>
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<p>कार्यक्रम का संचालन मनोज जैन आगरा ने किया। प्रतिष्ठाचार्य जयकुमार निशांत एवं राकेश भूरा पंडित जी ने मंत्रोच्चारण के साथ सभी क्रियाओं को सम्पन्न कराया। बाहर से पधारे हुए अथितियों द्वारा पूज्य गणिनी आर्यिका श्री लक्ष्मीभूषण, श्री स्वस्तिभूषण, श्री अंतसमती माताजी के चरणों में श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया गया। मुरैना ज्ञानतीर्थ पर चातुर्मास करने के लिए योगेश जैन (खतौली वाले) के नेतृत्व में ज्ञानतीर्थ परिवार एवं सकल जैन समाज द्वारा समस्त आर्यिका संघ को श्रीफल अर्पित किया। धौलपुर, शिवपुरी सहित अन्य स्थानों से आये हुए गुरुमां के भक्तों ने चातुर्मास हेतु श्रीफल अर्पित किया।</p>
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<p>शिलान्यास समारोह में जयपुर से रमेश ठोलिया, चेतन जैन, सुबोध जैन, विनोद जैन आगरा दिगम्बर जैन परिषद के अध्यक्ष जगदीशचंद जैन, अतिशय क्षेत्र पदमपुरा के अध्यक्ष सुधीर जैन, मंत्री हेमंत जैन, शिवपुरी समाज के अध्यक्ष राजकुमार जैन जड़ी बूटी के अलावा सूरत, जयपुर, ग्वालियर, आगरा, शिवपुरी, बड़ौत, अम्बाह, जौरा, धौलपुर, डबरा सहित अनेकों स्थान से गुरुमां के भक्तजन मौजूद थे।</p>
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