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	<title>सिद्धचक महामंडल विधान &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<title>सिद्धचक महामंडल विधान &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>जीवन में धर्म ध्यान ही पुण्य का कारण: जैन अटा मंदिर में सिद्धचक महामंडल विधान आरंभ  </title>
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		<pubDate>Fri, 04 Jul 2025 08:03:37 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य श्री निर्भय सागर महाराज के सानिध्य में सिद्धचक महामंडल विधान में सिद्धों की आराधना करने का पुण्यार्जन कैलाशचन्द्र मोहित जैन बडेरा ललित रेडियो परिवार को प्राप्त हुआ। विधान के शुभारंभ पर श्रावक-श्राविकाओं ने घटयात्रा निकाली। जिसमें महिलाए मंगल कलश लेकर प्रभावना कर रही थी। ललितपुर से अक्षय अलय की पढ़िए, यह खबर&#8230; ललितपुर। जैन [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्य श्री निर्भय सागर महाराज के सानिध्य में सिद्धचक महामंडल विधान में सिद्धों की आराधना करने का पुण्यार्जन कैलाशचन्द्र मोहित जैन बडेरा ललित रेडियो परिवार को प्राप्त हुआ। विधान के शुभारंभ पर श्रावक-श्राविकाओं ने घटयात्रा निकाली। जिसमें महिलाए मंगल कलश लेकर प्रभावना कर रही थी। <span style="color: #ff0000">ललितपुर से अक्षय अलय की पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>ललितपुर।</strong> जैन अटामंदिर में आचार्य श्री निर्भय सागर महाराज ने कहा कि हमें अपनी आत्मा की पवित्र बनाना चाहिए। जिससे परमात्मा अपनी आत्मा में प्रकट हो सके। उन्हांेने सिद्धों की अराधना की महिमा का उल्लेख करते हुए कहा कि जीवन में धर्म ध्यान ही पुण्य का कारण है। जहां बोलने से धर्म की रक्षा होती हो, प्राणियों का उपकार होता हो, वहां बिना पूछे ही बोलना और जहां आपका का हित नहीं हो वहां मौन ही रहना उचित कहा है। उन्होंने कहा हमंे मानव पर्याय झाडू के समान मिली है। इससे हमें अपनी आत्मा रूपी घर में पड़ी ईर्ष्या नफरत मोह माया जाल और विषय कषाय रूपी कचरा को बाहर फेंकना होगा। उन्होने कहा जो व्यक्ति दूसरों की निंदा आलोचना करता है वह दूसरों की आत्मा रूपी घर को तो साफ कर रहा है लेकिन, अपनी आत्मा रुपी घर में सारा कचरा भर रहा है। जैन अटा मंदिर में आचार्य श्री निर्भय सागर महाराज के सानिध्य में सिद्धचक महामंडल विधान में सिद्धों की आराधना करने का पुण्यार्जन कैलाशचन्द्र मोहित जैन बडेरा ललित रेडियो परिवार को प्राप्त हुआ। विधान के शुभारंभ पर श्रावक-श्राविकाओं ने घटयात्रा निकाली। जिसमें महिलाए मंगल कलश लेकर प्रभावना कर रही थी। नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए यह यात्रा विधान स्थल पर पहुंची।</p>
<p><strong>घटयात्रा में यह समाजजन शामिल रहे। </strong></p>
<p>जहां आचार्य श्री के सानिध्य में विधानाचार्य पं संतोष जैन अमृत ने पात्र शुद्धि कर प्रमुख पात्र सौधर्म इंद्र मोहित-नीलम जैन, कुवेर ललित सुभाला जैन, महायज्ञनायक प्रमोद सीमा जैन, ईशान इन्द्र राजेन्द्र सरिता जैन, सातन इन्द्र इन्द्रसेन शिप्रा जैन, माहेन्द्र इन्द्र अनंत श्वेता जैन, श्रीपाल मैनासुन्दरी आलोक सोनम जैन रहे। इस मौके पर प्रमुख रूम से जैन पंचायत के महामंत्री आकाश जैन, कैप्टन राजकुमार जैन सनत जैन खजुरिया, शीलचन्द अनौरा, अखिलेश गदयाना, कपूरचंद लागौन, मंदिर प्रबंधक अजय जैन मनोज जैन बबीना, मीडिया प्रभारी अक्षय अलया, अमित सराफ, सुरेश बडेरा सिद्धेश्वर जमौरिया, आनंद जैन साइकिल, सुमत बडेरा आदि रहे।</p>
<p><strong>आचार्य श्री ने किया केशलोच</strong></p>
<p>प्रातःकाल जैन अटामंदिर में विराजमान वैज्ञानिक संत आचार्य श्री निर्भय सागर महाराज ने अपनी सिर दाढ़ी और मूंछ के बालों को अपने हाथों से उखाडकर केशलोच किए। दिगंबर साधू की उत्कृष्ठ साधना के अन्तर्गत जैन साधु दो माह से 4 माह के मध्य में नियम से केशलोच करते हैं। इस दिन जैन साधु 48 घंटे का उपवास रखते है। केशलोच की प्रक्रिया के संबंध में आचार्य श्री बताते है कि महिला हो या पुरुष सभी को अपने बालों से मोह होता है। बाल अंगार की श्रेणी में आते हैं। इसलिए निर्माेही जैन बालों को नहीं रखते और उखाड़ देते हैं।</p>
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		<title>संस्कारों की बगिया बनी बच्चों की पाठशाला : पाठशाला महोत्सव में दीदियां सम्मानित </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 16 Jun 2025 12:55:06 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[मुनि श्री सौम्यसागर महाराज एवं मुनि श्री जयेन्द्र सागर महाराज के सानिध्य में 20 साल बेमिसाल पाठशाला महोत्सव का आयोजन दिगंबर जैन पंचायत समिति के तत्वावधान में इन दिनों चल रहा है। पाठशालाओं के संचालक बाल बह्मचारी विधानाचार्य मनोज भैया के मार्गदर्शन में सिद्धचक महामंडल विधान में प्रातःकाल पूजन अभिषेक शांतिधारा के उपरांत इंद्र-इंद्राणियों द्वारा [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>मुनि श्री सौम्यसागर महाराज एवं मुनि श्री जयेन्द्र सागर महाराज के सानिध्य में 20 साल बेमिसाल पाठशाला महोत्सव का आयोजन दिगंबर जैन पंचायत समिति के तत्वावधान में इन दिनों चल रहा है। पाठशालाओं के संचालक बाल बह्मचारी विधानाचार्य मनोज भैया के मार्गदर्शन में सिद्धचक महामंडल विधान में प्रातःकाल पूजन अभिषेक शांतिधारा के उपरांत इंद्र-इंद्राणियों द्वारा भक्तिपूर्वक अर्घ्य समर्पित हो रहे हैं। <span style="color: #ff0000">ललितपुर से अक्षय अलय की पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>ललितपुर।</strong> आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के आशीर्वाद से नगर में संचालित 10 पाठशालाओं के 20 साल पूर्ण होने पर पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन अटामंदिर से आचार्य श्री विशुद्धसागर महाराज के शिष्य मुनि श्री सौम्यसागर महाराज एवं मुनि श्री जयेन्द्र सागर महाराज के सानिध्य में 20 साल बेमिसाल पाठशाला महोत्सव का आयोजन दिगंबर जैन पंचायत समिति के तत्वावधान में इन दिनों चल रहा है। पाठशालाओं के संचालक बाल बह्मचारी विधानाचार्य मनोज भैया के मार्गदर्शन में सिद्धचक महामंडल विधान में प्रातःकाल पूजन, अभिषेक, शांतिधारा के उपरांत इंद्र-इंद्राणियों द्वारा भक्तिपूर्वक अर्घ्य समर्पित हो रहे हैं। सायंकाल पाठशाला के बच्चों एवं उनको निस्वार्थ धार्मिक एवं संस्कारों का शिक्षण देने वाली दीदीयों ने आकर्षक प्रेरक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी। इसका शुभारंभ आशु जैन कुमहेड़ी ने मंगलाचरण एवं शांतिनाथ मंदिर गांधीनगर पाठशाला के बच्चों ने भक्ति नृत्य से किया।</p>
<p><strong>नाटक और नृत्यों की प्रस्तुति ने सबको बांधे रखा </strong></p>
<p>बडामंदिर पाठशाला की प्रस्तुति गीतों के सरताज खोले नौकरी के राज की प्रस्तुति में बच्चों ने नौकरी छोड़कर व्यवसाय करने की सीख दी। नुक्कड नाटक, भक्ति नृत्य, क्लासिकल ग्रुप डांस के माध्यम से बच्चों ने जहां अपनी प्रस्तुतियां दी। वहीं धार्मिक कवि सम्मेलन में मुस्कान, सविता जैन, आकांशा सुरभि, सौम्या रजनी निकिता ओजस्वी मीनू ने मुनि निंदा, तीर्थ क्षेत्र पर कब्जे को लेकर जहां तंज कसे। वहीं बेटी संस्कारों को लेकर सीख दी। नई बस्ती पाठशाला द्वारा जिंदगी जिनकी देश के नाम नाटिका प्रस्तुत की। वहीं बच्चों ने सरस्वती स्तोत्र वीतराग स्तोत्र, महावीर स्तोत्र का शुद्धितापूर्ण पाठ किया। कार्यक्रम में पंचायत ने निस्वार्थ सेवा करने वाली दीदियों को 20 साल बेमिसाल कार्यकम में सम्मानित किया।</p>
<p><strong>पाठशाला हमारे जीवन का हिस्सा</strong></p>
<p>परिचर्चा कार्यक्रम में पाठशाला का हमारे जीवन में योगदान में हिस्सा लेकर शिक्षण कार्य से 20 साल पूर्व जुडी दीदियों ने अपने विचार रखे और पाठशाला को संस्कारों की बगिया बताया। इसके पूर्व प्रातः काल मुनि सौम्य सागर महाराज एवं मुनि जयेन्द्र सागर महाराज ने धर्मसभा में सिद्धों की आराधना को जीवन में श्रेयस्कर बताया और सिद्धचक विधान की महिमा बताई। इस मौके पर प्रमुख रूप से जैन पंचायत अध्यक्ष डॉ. अक्षय टडिया, महामंत्री आकाश जैन, शीलचंद अनौरा सनत जैन खजुरिया, मनोज जैन बबीना, अजय जैन, मीडिया प्रभारी अक्षय अलया शिक्षक पुष्पेन्द्र जैन आदि मौजूद रहे।</p>
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