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	<title>सिद्दोदय तीर्थ &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
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		<title>रेवातट नेमावर के भूगर्भ से मिली प्रतिमाओं के 200 वर्ष पूरे : हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा द्विशताब्दी दिवस समारोह जैन समाज में उत्साह की लहर  </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 22 Mar 2023 12:48:57 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[200 वर्ष पूर्व इसी पावन पवित्र रेवातट नेमावर के भूगर्भ से प्राप्त अतिशयकारी श्री 1008 आदिनाथ भगवान, शांतिनाथ भगवान एवं मुनि सुब्रतनाथ भगवान की प्रतिमा प्राप्त हुई थी इसी उपलक्ष्य में सिद्धोदय तीर्थ पर विराजित समस्त क्षुल्लक महाराज के सानिध्य एवं ज्ञान सागर वृति आश्रम के समस्त ब्रह्मचारी गणों के निर्देशन में 25 एवं 26 [&#8230;]]]></description>
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<p style="text-align: left;"><strong>200 वर्ष पूर्व इसी पावन पवित्र रेवातट नेमावर के भूगर्भ से प्राप्त अतिशयकारी श्री 1008 आदिनाथ भगवान, शांतिनाथ भगवान एवं मुनि सुब्रतनाथ भगवान की प्रतिमा प्राप्त हुई थी इसी उपलक्ष्य में सिद्धोदय तीर्थ पर विराजित समस्त क्षुल्लक महाराज के सानिध्य एवं ज्ञान सागर वृति आश्रम के समस्त ब्रह्मचारी गणों के निर्देशन में 25 एवं 26 मार्च को द्विशताब्दी दिवस समारोह (मेला) विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों एवं महामस्तकाभिषेक के साथ मनाया जाएगा। <span style="color: #ff0000;">पढ़िए डॉ. जैनेंद्र जैन की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>नेमावर।</strong> मां नर्मदा के जल कणों से अभिसिंचित वसुंधरा पर श्रमण संस्कृति के महामहिम संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की प्रेरणा, आशीर्वाद एवं उनके मार्गदर्शन में श्री दिगंबर जैन रेवातट सिद्धक्षेत्र सिद्धोदय का निर्माण हुआ। कहते हैं आज से पांच लाख वर्ष पूर्व मानव सभ्यता की बसाहट यहीं से प्रारंभ हुई थी। स्कंध पुराण के रेवाखंड में इसका विशद वर्णन मिलता है। प्राचीन समय में नेमावर का यह स्थान जैन इतिहास की धुरी रहा है और यहां के रेवा तट से रावण के सुत आदि कुमार एवं लाखों-करोड़ों मुनि तपस्या करते हुए निर्वाण को प्राप्त हुए हैं, जिसकी पुष्टि निर्वाण कांड में उद्धत इस इस दोहे से भी होती है।</p>
<p>रावण के सुत आदि कुमार, मुक्ति गए रेवातट सार।</p>
<p>कोटी पंच अरू लाख पचास, ते बंदो धरि परम हुल्लास।।</p>
<p><strong>महामस्तकाभिषेक के साथ मनाया जाएगा समारोह </strong></p>
<p>200 वर्ष पूर्व इसी पावन पवित्र रेवातट नेमावर के भूगर्भ से प्राप्त अतिशयकारी श्री 1008 आदिनाथ भगवान, शांतिनाथ भगवान एवं मुनि सुब्रतनाथ भगवान की प्रतिमा प्राप्त हुई थी इसी उपलक्ष्य में सिद्धोदय तीर्थ पर विराजित समस्त क्षुल्लक महाराज के सानिध्य एवं ज्ञान सागर वृति आश्रम के समस्त ब्रह्मचारी गणों के निर्देशन में 25 एवं 26 मार्च को द्विशताब्दी दिवस समारोह (मेला) विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों एवं महामस्तकाभिषेक के साथ मनाया जाएगा।</p>
<p><strong>निकाली जाएगी शोभायात्रा, होगा ध्वजारोहण </strong></p>
<p>महोत्सव का शुभारंभ शनिवार 25 मार्च को प्रातः 6:00 बजे ध्वजारोहण एवं श्रीजी की शोभायात्रा के साथ होगा एवं शोभायात्रा के मेला ग्राउंड पहुंचने पर श्री जी को वहां विराजमान करने के साथ अभिषेक शांतिधारा एवं संगीतमय पूजन संपन्न होगी। दोपहर में मंडल विधान एवं रात्रि में हरदा एवं खातेगांव के महिला मंडल द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे।</p>
<p>26 मार्च रविवार को सुबह सात बजे से नेमावर गांव के प्राचीन मंदिर में विराजमान श्री 1008 आदिनाथ भगवान का महामस्तकाभिषेक एवं शांति धारा होगी। उसके बाद निवार्ण लाडू चढ़ाया जाएगा। दोपहर में संगीतमय मंडल विधान पूजन एवं रात्रि में तीर्थ पर निर्मित पंच बालयाति मंदिर में 1008 दीपकों से संगीतमय आरती एवं भक्ति का कार्यक्रम होगा। संगीतकार विनय कुमार एंड पार्टी भोपाल होंगे।</p>
<p>मेला संयोजक श्री सुरेश काला एवं राजीव जैन बंटी (बीड़ी वाले) ने बताया कि महोत्सव में बाहर से आने वाले आगंतुकों के आवास एवं भोजन की निशुल्क व्यवस्था रहेगी। तीर्थ क्षेत्र अध्यक्ष श्री संजय मैक्स, मंत्री श्री कमल जैन एवं वित्त मंत्री श्री देवेंद्र जैन हीरु ने समाज जनों से महोत्सव में अधिक से अधिक संख्या में सपरिवार आने और महोत्सव को सफल बनाने की अपील की है।</p>
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