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	<title>सामूहिक अभिषेक &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<title>सामूहिक अभिषेक &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>अक्षय तृतीया पर सामूहिक अभिषेक कर इक्षुरस किया वितरण : दिगंबर जैन सोशल ग्रुप सिटी भिंड ने कीर्ति स्तंभ मंदिर परिसर में किया आयोजन  </title>
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		<pubDate>Mon, 20 Apr 2026 13:38:56 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[दिगंबर जैन सोशल ग्रुप सिटी भिंड द्वारा उत्सव प्रभु आराधना श्रृंखला के अंतर्गत प्रथम मासिक अभिषेक एवं अक्षय तृतीया महापर्व के उपलक्ष्य में इक्षुरस (गन्ने के रस) वितरण का आयोजन सोमवार को लश्कर रोड स्थित कीर्ति स्तंभ मंदिर परिसर (कैलाश पर्वत) में किया गया। भिंड से पढ़िए, सोनल जैन की यह रिपोर्ट&#8230; भिंड। दिगंबर जैन [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>दिगंबर जैन सोशल ग्रुप सिटी भिंड द्वारा उत्सव प्रभु आराधना श्रृंखला के अंतर्गत प्रथम मासिक अभिषेक एवं अक्षय तृतीया महापर्व के उपलक्ष्य में इक्षुरस (गन्ने के रस) वितरण का आयोजन सोमवार को लश्कर रोड स्थित कीर्ति स्तंभ मंदिर परिसर (कैलाश पर्वत) में किया गया। <span style="color: #ff0000">भिंड से पढ़िए, सोनल जैन की यह रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>भिंड।</strong> दिगंबर जैन सोशल ग्रुप सिटी भिंड द्वारा उत्सव प्रभु आराधना श्रृंखला के अंतर्गत प्रथम मासिक अभिषेक एवं अक्षय तृतीया महापर्व के उपलक्ष्य में इक्षुरस (गन्ने के रस) वितरण का आयोजन सोमवार को लश्कर रोड स्थित कीर्ति स्तंभ मंदिर परिसर (कैलाश पर्वत) में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 7.15 बजे भगवान आदिनाथ के सामूहिक अभिषेक के साथ हुआ। प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ के प्रथम आहार दिवस की स्मृति में सभी सदस्य दंपत्तियों ने पूर्ण श्रद्धा भाव से अभिषेक किया। इसके बाद विश्व शांति की कामना के साथ शांतिधारा की गई। जिसमें समाज की सुख-समृद्धि हेतु मंत्रोच्चारण के बीच अर्घ्य समर्पित किए गए। इक्षुरस वितरण से किया पुण्य लाभ अक्षय तृतीया के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करते हुए। अभिषेक के बाद प्रातः 8.15 बजे से इक्षुरस (गन्ने के रस) का वितरण किया गया। राहगीरों एवं दर्शनार्थियों को शीतल गन्ने का रस वितरित कर सदस्यों ने धर्म लाभ अर्जित किया। कार्यक्रम की विशेष रौनक ग्रुप का निर्धारित ड्रेस कोड रहा। महिला विंग की सदस्याएं लाइट पर्पल साड़ी एवं पुरुष वर्ग स्काई ब्लू शर्ट में नजर आए। जिससे आयोजन की भव्यता और एकता देखते ही बन रही थी।</p>
<p><strong>इन सभी की रही मौजूदगी </strong></p>
<p>इस पुनीत अवसर पर अध्यक्ष शैलेंद्र पूनम जैन, सचिव अंशुल आयशा जैन, कोषाध्यक्ष रविंद्र सुधा जैन एवं शिरोमणि संरक्षक अशोक जया जैन सहित अतुल ज्योति जैन, राजेंद्र कुमार जैन सर्राफ, राजीव वर्षा जैन, रिषभ सोनम जैन, असीम नेहा जैन, विवेक नेहा जैन, अक्षय प्रगति जैन, मनीष गौरी जैन, अनुज स्वाति, समर सुरभि जैन, डॉ जितेंद्र ज्योति जैन, नीरज जैन, ऋषभ पूजा जैन एवं लगभग 50 सदस्य सपरिवार उपस्थित रहे। ग्रुप के सचिव अंशुल जैन ने बताया कि कार्यक्रम के लिए अपेक्षित सहयोग पूर्ण उत्साह के साथ प्राप्त हुआ। सभी पदाधिकारियों ने उपस्थित सदस्यों का एवं कीर्ति स्तंभ मंदिर कमेटी का आभार व्यक्त करते हुए धर्म और सेवा के मार्ग पर निरंतर अग्रसर रहने का संकल्प लिया।</p>
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		<title>भियादांत तीर्थ पर होगा भव्य आध्यात्मिक कार्यक्रम : भक्तामर मंडल विधान, सामूहिक अभिषेक और शांतिधारा होगी  </title>
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		<pubDate>Tue, 18 Nov 2025 14:09:41 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[23 नवंबर को श्री 1008 आदिनाथ दिगंबर जैन भियांदांत तीर्थ पर भव्य आध्यात्मिक आयोजन होगा। श्री भियादांत ट्रस्ट कमेटी द्वारा आयोजित और श्री दिगंबर जैन खंदार पूजन मंडल के सह-आयोजन में होगा। चंदेरी/भियांदांत तीर्थ से पढ़िए, यह खबर&#8230; चंदेरी/भियांदांत तीर्थ। 23 नवंबर को श्री 1008 आदिनाथ दिगंबर जैन भियांदांत तीर्थ पर भव्य आध्यात्मिक आयोजन होगा। [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>23 नवंबर को श्री 1008 आदिनाथ दिगंबर जैन भियांदांत तीर्थ पर भव्य आध्यात्मिक आयोजन होगा। श्री भियादांत ट्रस्ट कमेटी द्वारा आयोजित और श्री दिगंबर जैन खंदार पूजन मंडल के सह-आयोजन में होगा। <span style="color: #ff0000">चंदेरी/भियांदांत तीर्थ से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>चंदेरी/भियांदांत तीर्थ।</strong> 23 नवंबर को श्री 1008 आदिनाथ दिगंबर जैन भियांदांत तीर्थ पर भव्य आध्यात्मिक आयोजन होगा। श्री भियादांत ट्रस्ट कमेटी द्वारा आयोजित और श्री दिगंबर जैन खंदार पूजन मंडल के सह-आयोजन में होगा। इस अवसर पर भक्तामर मंडल विधान, सामूहिक अभिषेक और शांतिधारा का कार्यक्रम रखा गया है। कार्यक्रम में भाग लेकर श्रद्धालु अभिषेक, शांतिधारा और विधान का पुण्य लाभ प्राप्त कर सकते हैं।</p>
<p><strong>यात्रा और व्यवस्था</strong></p>
<p>प्रस्थान स्थलः चंदेरी, सुबह 7.15 बजे। क्षेत्र पर स्नैक और जलपान की सुविधा उपलब्ध रहेगी। श्रद्धालु अपने परिवार एवं बहनों सहित सीधे क्षेत्र पर भी पहुंच सकते हैं। खंदार सेवादल ने आग्रह किया है कि आयोजन में सभी श्रद्धालुपावन पुण्य लाभ के इस अवसर पर अवश्य पधारें।</p>
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		<title>प्रभावना पूर्ण हुई विमानों में विराजित श्रीजी की जैन मंदिरों में वापसी: घरों पर रंगोली सजाई और भक्तों ने उतारी प्रभु की उतारी  </title>
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		<pubDate>Thu, 06 Nov 2025 12:53:29 +0000</pubDate>
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<p><strong>अभिनंदनोदय तीर्थ पर आचार्य श्री निर्भय सागर महाराज के सान्निध्य में विमानोत्सव रथयात्रा में विराजित श्रीजी का सामूहिक अभिषेक शांतिधारा के बाद नगर के जैन मंदिरों के लिए वापसी हुई। शोभयात्रा में श्रद्धालुजन विमान में विराजित श्रीजी को अपने कंधों पर लिए थे। <span style="color: #ff0000">ललितपुर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>ललितपुर।</strong> अभिनंदनोदय तीर्थ पर आचार्य श्री निर्भय सागर महाराज के सान्निध्य में विमानोत्सव रथयात्रा में विराजित श्रीजी का सामूहिक अभिषेक शांतिधारा के बाद नगर के जैन मंदिरों के लिए वापसी हुई। शोभयात्रा में श्रद्धालुजन विमान में विराजित श्रीजी को अपने कंधों पर लिए थे। वही रजत रथ एवं दो अन्य रथों को अपने हाथों से भक्ति पूर्वक लेकर चल रहे थे। शोभायात्रा अभिनंदनोदय तीर्थ से निर्धारित मार्गों से होते हुए नगर के सरदारपुरा स्थित जैन आदिनाथ बडा मंदिर, जैन नया मंदिर, नदी पार स्थित वाहुवलित नगर, ज्ञानोदय तीर्थ बाईपास रोड, चंद्रप्रभु जिनालय डोढाघाट, पार्श्वनाथ जैन अटामंदिर पार्श्वनाथ कालौनी जैन मंदिर एवं इलाइट जैन मंदिर, गांधीनगर स्थित आदिनाथ मंदिर, समोवशरण मंदिर एवं शान्तिनाथ जैन मंदिर के लिए रवाना हुई।</p>
<p>शोभायात्रा में आचार्य श्री निर्भय सागर महाराज संघस्थ मुनिश्री शिवदत्त सागर महाराज, मुनिश्री सुदत्त सागर महाराज, मुनिश्री भूदत्त सागर महाराज, मुनिश्री पदमदत्त सागर महाराज, मुनिश्री गुरुदत्त सागर महाराज, मुनिश्री मेघदत्त सागर महाराज, मुनिश्री वृषभ दत्त सागर महाराज, क्षुल्लक श्री चंददत्त सागरजी महाराज एवं श्रीदत्तसागर महाराज के साथ चल रहे थे। मार्ग में धर्मानुजनों ने अपने घरों पर रंगोली तोरणद्वार सजाकर श्रीजी की आरती उतारी। श्रीजी को जिनमंदिरों में भक्तिपूर्वक श्रावकों ने अभिषेक शांतिधारा के बाद विराजित किया। नगर में विमानोत्सव में श्रीजी के दर्शन के लिए भक्तों का अपूर्व उत्साह रहा। महिलाएं मंगलगान करते हुए चल रही थी। सभी जन नतमस्तक रहे और अपूर्व धर्मप्रभावना का माहौल रहा।</p>
<p><strong>यह समाजजन रहे मौजूद </strong></p>
<p>शोभायात्रा की वापसी में अखिल भारतीय दिगम्बर जैन परिषद, जैन मिलन, सतोदय तीर्थ सेरोन, शांतोदय तीर्थ जहाजपुर, वीर व्यायामशाला, जनक जननी वृद्धाश्रम, सिद्धि समूह, वीर व्यायामशाला, वीर क्लव सहित अनेकों संगठनों ने अपनी सहभागिता निभाई। शोभायात्रा में प्रमुख रूप से नगरपालिका अध्यक्ष सोनाली जैन, प्रेस क्लव अध्यक्ष राजीव बबेले सप्पू, पूर्व अध्यक्ष अजित जैन खजुरिया, अनिल जैन अंचल, अखिलेश जैन गदयाना, मुन्नालाल जैन सैदपुर, राजेन्द्र जैन थनवारा मौजूद रहे।</p>
<p><strong>इनका सहयोग भी रहा सराहनीय </strong></p>
<p>शोभायात्रा की व्यवस्थाओं को अनुशासित करने में जैन पंचायत अध्यक्ष डॉ. अक्षय टडैया, महामंत्री आकाश जैन, सनत खजुरिया, सौरभ जैन सीए, प्रतीक इमलया, राकेश जैन रिंकू, कैप्टन राजकुमार जैन, मीडिया प्रभारी अक्षय अलया, मंदिर प्रबंधक मोदी पंकज जैन, अशोक जेन दैलवारा, आनंद जैन भावनगर, अजित जैन गदयाना, मनोज जैन बबीना, अजय जैन गंगचारी, राजेंद्र सराफ, जिनेंद्र जैन रजपुरा, जितेंद्र जैन, मनीष जैन, सतीश जैन बजाज, सुवेंदु जैन आदि का जहां सकिय सहयोग रहा वहीं पुलिस प्रशासन एवं नगरपालिका प्रशासन की व्यवस्था सराहनीय रही।</p>
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		<title>वार्षिक कलशाभिषेक महोत्सव हरीपर्वत जैन मंदिर में श्रद्धा से मनाया : मंत्रोच्चार और जयकारों के साथ सामूहिक अभिषेक किया  </title>
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		<pubDate>Tue, 30 Sep 2025 08:25:15 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[हरीपर्वत स्थित श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में श्री दिगंबर जैन शिक्षा समिति के तत्वावधान में सोमवार को वार्षिक कलशाभिषेक महोत्सव मनाया गया। धार्मिक उल्लास से ओतप्रोत इस महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और मंदिर परिसर भक्ति और उत्साह से सराबोर रहा। आगरा से पढ़िए, शुभम जैन की यह खबर&#8230; आगरा। हरीपर्वत [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>हरीपर्वत स्थित श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में श्री दिगंबर जैन शिक्षा समिति के तत्वावधान में सोमवार को वार्षिक कलशाभिषेक महोत्सव मनाया गया। धार्मिक उल्लास से ओतप्रोत इस महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और मंदिर परिसर भक्ति और उत्साह से सराबोर रहा। <span style="color: #ff0000">आगरा से पढ़िए, शुभम जैन की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>आगरा।</strong> हरीपर्वत स्थित श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में श्री दिगंबर जैन शिक्षा समिति के तत्वावधान में सोमवार को वार्षिक कलशाभिषेक महोत्सव धूमधाम से सानंद मनाया गया। धार्मिक उल्लास और आध्यात्मिक भावनाओं से ओतप्रोत इस महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्र हुए और पूरे दिन मंदिर परिसर भक्ति और उत्साह से सराबोर रहा। महोत्सव का शुभारंभ दोपहर 3 बजे पंच कल्याणक पूजन के साथ हुआ। पूजन के बाद पंडित जिनेंद्र जैन शास्त्री के निर्देशन में स्वर्ण कलशों द्वारा भगवान शांतिनाथ का सामूहिक अभिषेक किया गया। श्रद्धालुओं ने मंत्रोच्चार और जयकारों के साथ सामूहिक रूप से अभिषेक कर धर्मानंद की अनुभूति प्राप्त की।</p>
<p>अभिषेक के समय मंदिर प्रांगण मंत्रों की गूंज और श्रद्धा के स्वर से गुंजायमान हो उठा। दिनभर मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। सभी ने भगवान के चरणों में भक्ति का निवेदन कर आत्मिक शांति और सुख का अनुभव किया। इस अवसर पर संगीत शशि एंड पार्टी ने भजनों की सुमधुर प्रस्तुति दी। जिसने कार्यक्रम की गरिमा और भी बढ़ा दी। महोत्सव के समापन पर मंदिर समिति की ओर से भक्तों के लिए वात्सल्य भोज की व्यवस्था की गई। धार्मिक माहौल में न केवल स्थानीय श्रद्धालु बल्कि आसपास की शैलियों के लोग भी बड़ी संख्या में शामिल हुए और कार्यक्रम को सफल बनाया।</p>
<p>इस मौके पर मनोज जैन बाकलीवाल, प्रदीप जैन पीएनसी, डॉ.जितेंद्र जैन, जगदीश प्रसाद जैन, राकेश जैन पर्देवाले, सुनील जैन ठेकेदार, संजीव जैन, पंकज जैन, मनीष जैन, अनंत कुमार जैन, राजेंद्र जैन एडवोकेट, प्रवीण जैन नेताजी, चित्ररंजन जैन, मिलन जैन, तनुज जैन, अनिल जैन रईस, राजेश बैनाड़ा, नरेश लुहाड़िया, अनुज जैन, मीडिया प्रभारी शुभम जैन, ममता जैन, प्रिया जैन, संगीता जैन, वंदना जैन, शेफाली जैन सहित अनेक गणमान्य लोगों बड़ी संख्या में उपस्थिति रहे।</p>
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		<title>आत्मा की शुद्धि और मधुरता का संदेश लेकर आया क्षमावाणी पर्व : सनावद में युगल मुनिराज के सान्निध्य में श्रद्धा-भक्ति से मना क्षमावाणी महापर्व </title>
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		<pubDate>Mon, 08 Sep 2025 17:00:57 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[सनावद में पर्युषण महापर्व के समापन पर युगल मुनिराज के सान्निध्य में क्षमावाणी पर्व का आयोजन किया गया। समाजजनों ने सामूहिक पूजन, ध्वजारोहण और अभिषेक के साथ भगवान के समक्ष एवं एक-दूसरे से क्षमा याचना की। मुनिराजों ने क्षमा भाव को जीवन का मूल बताया। पढ़िए सन्मति जैन काका की खास रिपोर्ट… सनावद में पर्यूषण [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>सनावद में पर्युषण महापर्व के समापन पर युगल मुनिराज के सान्निध्य में क्षमावाणी पर्व का आयोजन किया गया। समाजजनों ने सामूहिक पूजन, ध्वजारोहण और अभिषेक के साथ भगवान के समक्ष एवं एक-दूसरे से क्षमा याचना की। मुनिराजों ने क्षमा भाव को जीवन का मूल बताया। <span style="color: #ff0000">पढ़िए सन्मति जैन काका की खास रिपोर्ट…</span></strong></p>
<hr />
<p>सनावद में पर्यूषण महापर्व यानी दशलक्षण पर्व का समापन बड़े ही हर्षोल्लास से क्षमावाणी महापर्व के रूप में किया गया। नगर में विराजमान युगल मुनिराज मुनि श्री विश्वसुर्य सागर महाराज एवं मुनि श्री साध्य सागर महाराज के सान्निध्य में सुबह श्री पार्श्वनाथ बड़ा मंदिर में सामूहिक अभिषेक पूजन हुआ। इसके बाद मंदिर के शिखरों पर केशरिया ध्वजाएं चढ़ाई गईं, जिसका सौभाग्य पवन कुमार विनीश कुमार गोधा परिवार, साधना सुनील जैन एवं निधि आशीष झाझरी ने प्राप्त किया। वहीं आदिनाथ जिनालय में ध्वजारोहण का सौभाग्य श्रीमती रेखा राकेश जैन परिवार को मिला। इस अवसर पर मुनि श्री साध्य सागर महाराज ने कहा कि भगवान महावीर ने हमें आत्म कल्याण हेतु दस धर्मों के दीपक दिए हैं। पर्युषण पर्व हमारे अंत:करण में करुणा, क्षमा और मानवता जागृत करता है। यह पर्व मन की सफाई का प्रतीक है।</p>
<p><strong>रोजमर्रा की कटुता और कलुषता को त्याग जरूरी </strong></p>
<p>इसी क्रम में मुनि श्री विश्वसुर्य सागर महाराज ने कहा कि जब तक मन की कटुता समाप्त नहीं होगी, क्षमावाणी पर्व का वास्तविक महत्व नहीं है। हमें रोजमर्रा की कटुता और कलुषता को त्यागकर एक-दूसरे से माफी मांगनी चाहिए। दोपहर में आदिनाथ जिनालय, सुपार्श्वनाथ मंदिर और पार्श्वनाथ बड़ा मंदिर में परंपरागत अभिषेक एवं पूजन हुए। इसके बाद सभी समाजजनों ने भगवान के समक्ष, मुनिराजों से और आपस में एक-दूसरे से क्षमा याचना की। गले मिलकर क्षमा मांगते हुए समाजजनों ने आपसी भेदभाव समाप्त कर सौहार्द और शांति का वातावरण बनाया। सनावद जैन समाज ने इस अवसर को बड़े हर्षोल्लास और भक्ति भावना के साथ मनाया।</p>
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		<title>युगल मुनिराज सानिध्य में उत्तम छमा धर्म से हुई पर्युषण पर्व की शुरुआत : नगर में सामूहिक अभिषेक, शांतिधारा व प्रवचनों से गूंजा जैन समाज </title>
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		<pubDate>Thu, 28 Aug 2025 16:27:57 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[सनावद में युगल मुनिराज के सानिध्य में पर्युषण पर्व का शुभारंभ उत्तम छमा धर्म के साथ हुआ। सामूहिक अभिषेक, शांतिधारा, गुरु भक्ति और प्रवचनों से पूरा नगर धर्ममय वातावरण में डूबा रहा। पढ़िए सन्मति जैन काका की खास रिपोर्ट… सनावद। नगर में चातुर्मासरत मुनि श्री साध्य सागर जी महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>सनावद में युगल मुनिराज के सानिध्य में पर्युषण पर्व का शुभारंभ उत्तम छमा धर्म के साथ हुआ। सामूहिक अभिषेक, शांतिधारा, गुरु भक्ति और प्रवचनों से पूरा नगर धर्ममय वातावरण में डूबा रहा। <span style="color: #ff0000">पढ़िए सन्मति जैन काका की खास रिपोर्ट…</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>सनावद।</strong> नगर में चातुर्मासरत मुनि श्री साध्य सागर जी महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि सहनशीलता क्रोध को उत्पन्न न होने देने का नाम है। यदि क्रोध हो भी जाए तो विवेक और नम्रता से उसे समाप्त करना ही उत्तम क्षमा है। क्षमा से आत्मा शुद्ध होती है और शांति की प्राप्ति होती है। प्रवक्ता सन्मति जैन काका ने बताया कि पर्वाधिराज पर्युषण के प्रथम दिन युगल मुनिराज द्वारा आचार्य वंदना व ध्यान के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इसके बाद श्री दिगंबर जैन बड़ा मंदिर व संत निलय में पंचामृत अभिषेक, शांतिधारा और सामूहिक पूजन संपन्न हुआ। अभिषेक का सौभाग्य संयम सुदेश कुमार श्रीकांत जटाले परिवार को तथा शांतिधारा का सौभाग्य अभिजीत अक्षय कुमार सराफ को प्राप्त हुआ।</p>
<p><strong>जैन धर्म के दस प्रमुख लक्षणों की आराधना</strong></p>
<p>मुनि श्री विश्व सूर्य सागर जी महाराज ने प्रवचन में कहा कि दस लक्षण धर्म जैन धर्म का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है, जो आत्मशुद्धि और आचार-संयम का मार्ग प्रशस्त करता है। यह पर्व पर्युषण के बाद दस दिनों तक चलता है और जैन धर्म के दस प्रमुख लक्षणों की आराधना की जाती है। दोपहर में मुनि श्री द्वारा तत्त्वार्थ सूत्र पूजन और उसका वाचन कर समाजजनों को गहन ज्ञान प्रदान किया गया। शाम को गुरु भक्ति, सामायिक और प्रश्न मंच का आयोजन हुआ। दिन का समापन सभी समाजजनों द्वारा भक्ति भाव से जिनेंद्र देव की आरती करने के साथ हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे और पूरे नगर में धार्मिक उत्साह का वातावरण बना रहा।</p>
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		<title>ज्ञान की आराधना में शिक्षण शिविर माध्यम हैं: मुनिश्री विलोकसागर के सानिध्य में 10 दिवसीय शिक्षण शिविरों का शुभारंभ </title>
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		<pubDate>Sun, 25 May 2025 13:46:36 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[श्रमण संस्कृति संस्कार शिक्षण शिविरों का आयोजन ग्रीष्मकालीन अवकाश में किया जा रहा है। धर्म नगरी मुरैना में इन शिविरों का आयोजन नगर के श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन पंचायती बड़ा मंदिर एवं श्री गोपाल दिगंबर जैन संस्कृत विद्यालय में 25 मई से 3 जून तक होगा। प्रतिदिन प्रातः 6.30 से 7.30 तक सामूहिक अभिषेक, शांतिधारा, [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>श्रमण संस्कृति संस्कार शिक्षण शिविरों का आयोजन ग्रीष्मकालीन अवकाश में किया जा रहा है। धर्म नगरी मुरैना में इन शिविरों का आयोजन नगर के श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन पंचायती बड़ा मंदिर एवं श्री गोपाल दिगंबर जैन संस्कृत विद्यालय में 25 मई से 3 जून तक होगा। प्रतिदिन प्रातः 6.30 से 7.30 तक सामूहिक अभिषेक, शांतिधारा, पूजन, 7.45 से 8.45 बजे तक सभी विषयों की कक्षाएं एक साथ, शाम 7 बजे गुरुभक्ति एवं आरती, 7.30 से 8.30 बजे सभी विषय की कक्षाएं होंगी। <span style="color: #ff0000">मुरैना से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मुरैना।</strong> लगभग 125 वर्ष पूर्व नगर में गोपालदास वरैया ने संस्कृत विद्यालय की स्थापना की थी। इस विद्यालय ने हजारों लोगों को ज्ञान दान देकर विद्वान बनाया और घर-घर विद्वान पैदा करने की पृष्ठभूमि तैयार की। इस विद्यालय में अध्ययन करने वाले अनेक विद्वत दिगंबरी दीक्षा लेकर सत्य अहिंसा का उपदेश देते हुए प्राणी मात्र को आत्मकल्याण हेतु प्रेरित कर रहे हैं। मुरैना नगर की माटी पावन और पवित्र है, यहां पर आचार्य सुमति सागर और आचार्य ज्ञानसागर जैसे अनेक महापुरुषों का जन्म हुआ है। यह उद्गार दिगम्बर जैन मुनिश्री विलोक सागर महाराज ने बड़े जैन मंदिर में श्रमण संस्कृति संस्कार शिक्षण शिविर के शुभारंभ के अवसर पर धर्मसभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि संतों ने अपना संपूर्ण जीवन शाकाहार, सत्य, अहिंसा, जियो और जीने दो, अहिंसा परमो धर्मः के प्रचार-प्रसार में व्यतीत किया। यही कारण है कि अन्य नगरों में मुरैना को अच्छी दृष्टि से देखा जाता है।</p>
<p>हम सभी को ज्ञान की आराधना के लिए शिक्षण शिविरों का माध्यम मिल रहा है। मुनिश्री सुधासागर जी महाराज ज्ञान की पिपासा को प्राणीमात्र तक पहुंचाने के लिए सतत प्रयासरत हैं। इन शिक्षण शिविरों के माध्यम से हमें ज्ञान की प्राप्ति होती है। वर्तमान में हम सभी पाश्चात्य सभ्यता के मोह में अपनी संस्कृति और अपनी परम्पराओं से विमुख होते जा रहे है। हम सभी को इन ग्रीष्मकालीन शिविरों के माध्यम से ज्ञान तो प्राप्त करना ही है, साथ ही अपने बच्चों में नवीन संस्कारों का बीजारोपण भी करना है। विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी आचार्यश्री विद्यासागर, आचार्यश्री समयसागर, आचार्यश्री आर्जवसागर, मुनिश्री विलोकसागर, मुनिश्री विबोधसागर महाराज के आशीर्वाद एवं मुनिपुंगव सुधासागर महाराज की पावन प्रेरणा से बाल ब्रह्मचारी संजय भैयाजी (मुरैना वाले) के निर्देशन में श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर जयपुर द्वारा भारत एवं देश-विदेश में जैन परंपरानुसार श्रमण संस्कृति संस्कार शिक्षण शिविरों का आयोजन ग्रीष्मकालीन अवकाश में किया जा रहा है। धर्म नगरी मुरैना में इन शिविरों का आयोजन नगर के श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन पंचायती बड़ा मंदिर एवं श्री गोपाल दिगंबर जैन संस्कृत विद्यालय में 25 मई से 3 जून तक होगा।</p>
<p><strong>शिविर शुभारंभ में श्रेष्ठीवर्ग का योगदान</strong></p>
<p>शिविर के शुभारंभ पर वरिष्ठ एडवोकेट करनसिंह योगेंद्र जैन ने ध्वजारोहण, एडवोकेट पदमचंद सिद्धार्थ जैन ने चित्र अनावरण एवं प्रेमचंद पंकज जैन वंदना साड़ी ने दीप प्रज्वलन कर शिविर का शुभारंभ किया। मंगल कलश स्थापना यतींद्रकुमार संजय जैन, महावीरप्रसाद विमल जैन बघपुरा, ममता जैन सरला जैन द्वारा एवं मां जिनवाणी की स्थापना मुन्नीदेवी राजकुमार वरैया, नेमीचंद विमल जैन बर्तन वाले, मुन्नालाल रोबिन जैन, महेशचन्द्र वनवारीलाल जैन ने की।</p>
<p><strong>शिक्षण शिविर के प्रतिदिन के कार्यक्रम</strong></p>
<p>शिविर के दौरान 25 मई से 3 जून तक निरंतर सांगानेर से आए हुए नीरज शास्त्री भंगवा, सुरेश शास्त्री भंगवा, राहुल शास्त्री बमरोली, विद्वत आशीष शास्त्री मबई, मयंक शास्त्री द्वारा अभिषेक पूजन, प्रथम भाग, द्वितीय भाग, छहढाला, भक्तामर, इष्टोपदेश, द्रव्यसंग्रह, तत्वार्थसूत्र का शिक्षण-प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। रात्रि 8.30 प्रतिदिन प्रातः 6.30 से 7.30 तक सामूहिक अभिषेक, शांतिधारा, पूजन, 7.45 से 8.45 बजे तक सभी विषयों की कक्षाएं एक साथ, शाम 7 बजे गुरुभक्ति एवं आरती, 7.30 से 8.30 बजे सभी विषय की कक्षाएं, से 9.15 तक सांगानेर से पधारे विद्वानों के प्रवचन एवं रात्रि 9.15 से सांस्कृतिक कार्यक्रम होगें।</p>
<p><strong>  हे! भव्य आत्माओं अपने ज्ञान को बढ़ाएं, चरित्र में उतारे</strong></p>
<p>इस अवसर पर पूज्य मुनिराज विबोध सागर महाराज ने कहा कि मनुष्य पर्याय ही ऐसा एक पर्याय है, जो ज्ञान प्राप्त कर सकता है। हमने ज्ञान तो प्राप्त कर लिया, किंतु उसे अपने चरित्र में नहीं उतारा तो सब बेकार है। ज्ञान को प्राप्त करना, ज्ञान को बांटना, ज्ञान का सदुपयोग करना, उसे अंगीकार करना ही मोक्ष का कारक है। केवल ज्ञान को प्राप्त करने की श्रृंखला में इन शिक्षण शिविरों का आयोजन हो रहा है। हम सभी को अपने ज्ञान में वृद्धि करना चाहिए, अपने ज्ञान को बढ़ाना चाहिए। हे भव्य आत्माओं अपने ज्ञान को बढ़ाएं, चरित्र में उतारे, आज नहीं तो कल, देर-सबेर आप मोक्ष मार्ग की ओर बढ़ जाएंगे।</p>
<p><strong>परम पूज्य युगल मुनिराजों का लिया आशीर्वाद</strong></p>
<p>शिविर शुभारंभ से पूर्व बाल ब्रह्मचारी संजय भैयाजी (मुरैना वाले) के नेतृत्व में श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर जयपुर से आए हुए सभी विद्वानों एवं शिविर आयोजन समिति ने मंचासीन मुनिश्री विलोक सागर एवं मुनिश्री विबोध सागर महाराज को श्रीफल अर्पित कर शिविर के निर्विघ्न संचालन के लिए आशीर्वाद प्राप्त किया।</p>
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