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	<title>संगोष्ठी &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<title>संगोष्ठी &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>नवागढ़ में पुरा संपदा के अन्वेषण एवं संरक्षण के कार्य :  हजारों साल पुराने इतिहास को खंगाला </title>
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		<pubDate>Thu, 19 Jun 2025 09:28:37 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[विश्व के एकमात्र अरनाथ अतिशय क्षेत्र में पुरा संपदा का भंडार है। क्षेत्र पर पुरा संपदा का अन्वेषण एवं संरक्षण बखूबी किया जा रहा है। अतिशय क्षेत्र में भगवान अरनाथ स्वामी के अतिशय के साथ संरक्षित हजारों वर्ष प्राचीन पुरा महत्व की संपदा का संरक्षण किया है। इस शोध भी हो रहा है। नवागढ़ से [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>विश्व के एकमात्र अरनाथ अतिशय क्षेत्र में पुरा संपदा का भंडार है। क्षेत्र पर पुरा संपदा का अन्वेषण एवं संरक्षण बखूबी किया जा रहा है। अतिशय क्षेत्र में भगवान अरनाथ स्वामी के अतिशय के साथ संरक्षित हजारों वर्ष प्राचीन पुरा महत्व की संपदा का संरक्षण किया है। इस शोध भी हो रहा है।<span style="color: #ff0000"> नवागढ़ से पढ़िए, मनोज जैन नायक की खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>नवागढ़।</strong> विश्व के एकमात्र अरनाथ अतिशय क्षेत्र में पुरा संपदा का भंडार है। क्षेत्र पर पुरा संपदा का अन्वेषण एवं संरक्षण बखूबी किया जा रहा है। प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र में भगवान अरनाथ स्वामी के अतिशय के साथ संरक्षित हजारों वर्ष प्राचीन शैलाश्रय, 8 हजार वर्ष प्राचीन जैन रहस्य वाले शैलचित्र, 3 हजार वर्ष प्राचीन उत्कीर्ण कला तथा 7वीं सदी के स्थापत्य कलायुक्त भौंयरा एवं मूर्ति शिल्प जैन धर्म के प्राचीनतम एवं महत्वशाली साक्ष्य हैं। यहां संग्रहित पुरा संपदा में पाषाण कालीन औजार, मूर्ति शिल्प, चंदेल बावड़ी, काष्ठ बेदी, काष्ठ मान स्तंभ, काष्ठ मंदिर, काष्ठ परात मिट्टी के विशिष्ट शिल्प, धातु शिल्प आभूषण, रजत एवं ताम्र के सिक्के, पाषाण मिट्टी एवं रतन के मनके प्राचीन गाथा के सशक्त साक्ष्य हैं।</p>
<p><strong>इस तरह हो रहा संरक्षण</strong><br />
इस पुरा संपदा का रासायनिक संरक्षण एनआरएलसी लखनऊ के प्रशिणार्थी 25- 25 छात्रों द्वारा कई शिविरों में सतत संरक्षण का कार्य डॉ. वीबी खरबड़े के निर्देशन तथा पीके पांडे के सानिध्य में संपन्न हुआ है।</p>
<p><strong><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-83325" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/WhatsApp-Image-2025-06-19-at-2.49.40-PM.jpeg" alt="" width="1600" height="1284" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/WhatsApp-Image-2025-06-19-at-2.49.40-PM.jpeg 1600w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/WhatsApp-Image-2025-06-19-at-2.49.40-PM-300x241.jpeg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/WhatsApp-Image-2025-06-19-at-2.49.40-PM-1024x822.jpeg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/WhatsApp-Image-2025-06-19-at-2.49.40-PM-768x616.jpeg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/WhatsApp-Image-2025-06-19-at-2.49.40-PM-1536x1233.jpeg 1536w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/WhatsApp-Image-2025-06-19-at-2.49.40-PM-990x794.jpeg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/WhatsApp-Image-2025-06-19-at-2.49.40-PM-1320x1059.jpeg 1320w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/06/WhatsApp-Image-2025-06-19-at-2.49.40-PM-260x210.jpeg 260w" sizes="(max-width: 1600px) 100vw, 1600px" />शोध ग्रंथ किया तैयार</strong><br />
डॉ. अर्पित रंजन पुरालेखविद् भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण एएसआई दिल्ली ने यहां के अभिलेख एवं पुरातत्व पर डॉ. प्रकाश राय के निर्देशन में वीर कुंवरसिंह विश्वविद्यालय आरा से डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त करने का गौरव प्राप्त किया है। अर्चना जैन पम्मी बरायठा ने एकलव्य विश्वविद्यालय के निदेशक आरसी फौजदार एवं डॉ. अभिषेक जैन के निर्देशन में नवागढ़ साहित्य पर शोध कार्य आरंभ किया है। जो लगभग पूर्ण होने को है। संजय आठिया &#8216;नवागढ़ के संलग्न नगरों में पुरातात्विक धरोहर&#8217; विषय पर सर हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय सागर से शोध कार्य कर रहे हैं।</p>
<p><strong>संरक्षण एवं आकलन किया</strong><br />
नवागढ़ क्षेत्र की पुरा संपदा के शोध, काल निर्धारण, धार्मिक, ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक विश्लेषण के लिए पनस एनजीओ दिल्ली की पांच सदस्यीय अन्वेषण टीम राजकुंवर विष्ट के निर्देशन में कार्यरत हैं। आपने यहां संग्रहित कला शिल्प का अवलोकन करते हुए नवागढ़ को सातवीं सदी का क्षेत्र घोषित किया है। यहां प्राकृतिक रूप से निर्मित भौंयरे में अरनाथ स्वामी विराजमान है।</p>
<p><strong>अन्वेषण के अन्वेषक ये रहे</strong><br />
क्षेत्र निर्देशक ब्रह्मचारी जयकुमार निशांत भैया ने बताया नवागढ़ कि सांस्कृतिक, धार्मिक, ऐतिहासिक, राजनीतिक एवं शैक्षिणिक विधाओं का अन्वेषण देश के ख्याति प्राप्त पुरातत्व विद् एवं इतिहास विद् डॉ. मारुतिनंदन प्रसाद तिवारी, डॉ. शांतिस्वरूप सिन्हा वाराणसी, डॉ.भागचंद्र भागेंदु दमोह, डॉ.कस्तूरचंद सुमन, महावीर, डॉ. बृजेश रावत लखनऊ, डॉ. गिरिराज कुमार आगरा, डॉ. सलाहुद्दीन सागर, डॉ. एसके दुबे झांसी, नरेश पाठक ग्वालियर, डॉ. काशी प्रसाद त्रिपाठी, हरि विष्णु अवस्थी टीकमगढ़ के निर्देशन में किया गया है।</p>
<p><strong>संगोष्ठियां आयोजित की</strong><br />
पंडित गुलाबचंद पुष्प प्रतिष्ठा पितामह के जन्म शताब्दी समारोह पर स्मरणांजलि ग्रंथ का लोकार्पण आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के शिष्य मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज के मंगल सानिध्य में इंदौर में किया गया। नवागढ़ क्षेत्र के पुरातत्व इतिहास एवं पुष्प के अवदान पर आचार्य श्री उदासागर महाराज के संदेश में इंदौर एवं दिल्ली, टीकमगढ़, ललितपुर एवं नवागढ़ में पुरातत्व एवं शोधकर्ताओं द्वारा संगोष्ठी का आयोजन नवागढ़ समिति, नवागढ़ गुरुकुलम एवं पुष्प के परिवार के सहयोग से की गई। जिसमें 50 से अधिक शोधार्थियों ने भाग लिया</p>
<p><strong>गुरुकुल के छात्रों ने बढ़ाया मान</strong><br />
नवागढ़ में संचालित गुरुकुलम के छात्रों ने रेवाड़ी, खुरई एवं मडिया में प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त कर गौरव बढ़ाया है। समिति के अध्यक्ष सनतकुमार एडवोकेट, महामंत्री वीरचंद्र नैकोरा, कोषाध्यक्ष पंडित इंद्रकुमार शास्त्री, गुरुकुल अध्यक्ष राकेश लोटस, उपाध्यक्ष अभय जैन प्रीत विहार, कोषाध्यक्ष डॉ. प्रदीप छतरपुर, इंजीनियर शिखरचंद्र टीकमगढ़, प्रचार मंत्री डॉ.सुनील संचय, धीरेंद्र पत्रकार ने सभी से नवागढ़ क्षेत्र में विराजित मनोकामना पूर्ण अतिशयकारी अरनाथ स्वामी के अतिशय तथा यहां संग्रहित पुरा संपदा, गुफाएं, शैलचित्र आदि का अवलोकन करने का निवेदन किया है।</p>
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		<title>गुरुकुल और पाठशालाओं के लिए कार्य करेगा वर्णी संस्थान:  मां चिरौंजाबाई महिला विकास सभा का किया गठन </title>
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		<pubDate>Wed, 05 Mar 2025 09:40:45 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[वर्णी संस्थान विकास सभा के तत्वावधान में गुरुकुल और पाठशालाओं के प्रचार-प्रसार के लिए वर्णी ज्ञान प्रभावना यात्रा निकाली गई। इस दौरान संगोष्ठी, स्मारिका विमोचन, शपथ ग्रहण आदि के समारोह हुए। सागर, टीकमगढ़, ललितपुर, छतरपुर, दमोह के 30 स्थानों पर यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। सागर से पढ़िए मनीष जैन विद्यार्थी की यह खबर&#8230; [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>वर्णी संस्थान विकास सभा के तत्वावधान में गुरुकुल और पाठशालाओं के प्रचार-प्रसार के लिए वर्णी ज्ञान प्रभावना यात्रा निकाली गई। इस दौरान संगोष्ठी, स्मारिका विमोचन, शपथ ग्रहण आदि के समारोह हुए। सागर, टीकमगढ़, ललितपुर, छतरपुर, दमोह के 30 स्थानों पर यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। <span style="color: #ff0000">सागर से पढ़िए मनीष जैन विद्यार्थी की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>सागर।</strong> वर्णी संस्थान विकास सभा के तत्वावधान में गुरुकुल और पाठशालाओं के प्रचार-प्रसार के लिए वर्णी ज्ञान प्रभावना यात्रा निकाली गई। इस दौराना संगोष्ठी, स्मारिका विमोचन, शपथ ग्रहण आदि के समारोह हुए। बुंदेलखंड के जैन संतश्री गणेशप्रसाद वर्णी, जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में देश में 100 से ज्यादा स्थान पर गुरुकुलों, महाविद्यालय स्थापना की। वर्णी ज्ञान प्रभावना का उद्देश्य उनके कार्यों को पुनः जीवंत करने के लिए वर्णी संस्थान विकास सभा के तत्वावधान में दो दिवसीय यात्रा का शुभारंभ नवीन तीर्थ क्षेत्र तपोवन बहेरिया में आचार्य श्री निर्भय सागर जी महाराज के मंगल सान्निध्य में हुआ।</p>
<p>आचार्य श्री ने सभी को आशीर्वाद दिया एवं वर्णी जी के कार्यों को जीवंत करने वाली युगद्रष्टा स्मारिका का विमोचन किया। यात्रा तपोवन तीर्थ बहेरिया से श्री दिगंबर जैन तीर्थ पजनारी, पाटन, पिडहुवा, मदनपुर, वर्णी ग्राम हंसेरा, वर्णी नगर मड़ावरा पहुंची। यहां पर पंडित देवेंद्र जैन, विनोद जैन, डीके सराफ, अभिनंदन जैन ने सभी का स्वागत सत्कार किया। मड़ावरा से यात्रा श्री दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र कारीटोरन, जहां पं. महेश शास्त्री, डॉ. विजय जैन, डॉ. श्रेयांश जैन क्षेत्र कमेटी की ओर से आयोजित आरती कार्यक्रम में सभी ने भाग लिया और यात्रा का स्वागत किया गया। यात्रा का रात्रि विश्राम प्रैतिहासिक क्षेत्र नवागढ़ उप्र में हुआ।</p>
<p><strong>यात्रा का विभिन्न स्थानों पर हुआ स्वागत</strong><br />
सुबह पूजन विधान एवं महामस्तकाभिषेक एवं दोपहर 1 बजे से वर्णी संस्थान विकास सभा का शपथ ग्रहण, संगोष्ठी, स्मारिका का विमोचन एवं मां चिरौंजा बाई महिला विकास सभा का गठन किया गया। जिसमें सरिता जैन अध्यक्ष एवं रश्मि जैन को महामंत्री नियुक्त किया गया। नवागढ़ क्षेत्र के निर्देशक ब्र. जयकुमार निशांत ने सभी को शपद ग्रहण कराई। क्षेत्र के महामंत्री वीरचंद जैन नैकोरा, अशोक जैन मेनवार, सुरेंद्र जैन सोजना, इंद्रकुमार जैन आदि क्षेत्र कमेटी ने सभी उपस्थित वर्णी विकास सभा के पदाधिकारी का सम्मान किया। वहां से यात्रा श्री दिगंबर जैन सिद्धक्षेत्र बड़ागांव, पार्श्वगिरी भगवां, श्री दिगंबर जैन सिद्धक्षेत्र द्रोणगिरी, उदासीन आश्रम जहां पर सभी का स्वागत सत्कार किया गया। श्री पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर पारस विहार कॉलोनी शाहगढ़ में सामूहिक आरती, पाठशाला के बच्चों ने विचार प्रस्तुत किए गए एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गई। विद्वानों ने अपने विचार रखे और सभी विद्वानों का सम्मान मंदिर समिति द्वारा स्वागत किया गया और यात्रा का समापन कार्यक्रम संपन्न हुआ।</p>
<p><strong>पांच हजार लोगों तक पहुंचाया संदेश</strong><br />
महामंत्री कैलाश जैन टीला ने बताया कि वर्णी ज्ञान प्रभावना यात्रा का उद्देश्य पश्चिम संस्कृति में लिप्त होती भारतीय संस्कृति को, पुनः जीवंत करना है ।बुंदेलखंड के पांच जिले के 30 स्थानों पर यह यात्रा पहुंच कर लगभग पांच हजार लोगों को संदेश पहुंचाने का काम किया। मुख्य संयोजक चंद्रेश शास्त्री भोपाल द्वारा संयोजित युगद्रष्टा स्मारिका, जिसमें पूज्य वर्णी जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व की जानकारी दी गई। वर्णी जी के लिए समर्पित स्मारिका को सभी स्थानों पर विमोचन कर उनके द्वारा किए गए कामों की जानकारी दी गई। आयोजन में अधिष्ठाता पं. जीवंधर शास्त्री जबलपुर, अध्यक्ष डॉ. हरिश्चंद्र जैन, महामंत्री कैलाश चंद जैन टीला, कोषाध्यक्ष प्रकाश जैन सागोनी, दीपचंद जैन शास्त्री पं. विजय कुमार शास्त्री, उत्तमचंद जैन, सुरेश जैन परसोरिया, कडोरीलाल जैन, सनत जैन वंडा, कमलेश जैन, यात्रा संयोजक द्वय राजकुमार जैन कर्द, मनीष विद्यार्थी, अनिल शास्त्री भोपाल अरविंद जैन आदि मौजूद रहे।</p>
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		<title>कमला नगर जैन मंदिर पर आयोजित हुई संगोष्ठी : मिला मेडिटेशन गुरु उपाध्यायश्री विहसन्त सागर जी महाराज ससंघ का मंगल सानिध्य </title>
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		<pubDate>Mon, 05 Aug 2024 11:25:18 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[कमला नगर स्थित श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर में पावन वर्षायोग के लिए पधारे मेडिटेशन गुरु उपाध्यायश्री विहसन्त सागर जी महाराज ससंघ के मंगल सानिध्य में 5 अगस्त को आगरा नगर के समस्त दिगम्बर जैन मन्दिरों वं संस्थाओं के पदाधिकारियों की संगोष्ठी अर्पितमय पावन वर्षायोग समिति एवं ग्रेटर कमलानगर के तत्वावधान में मन्दिर सुरक्षित, समाज [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>कमला नगर स्थित श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर में पावन वर्षायोग के लिए पधारे मेडिटेशन गुरु उपाध्यायश्री विहसन्त सागर जी महाराज ससंघ के मंगल सानिध्य में 5 अगस्त को आगरा नगर के समस्त दिगम्बर जैन मन्दिरों वं संस्थाओं के पदाधिकारियों की संगोष्ठी अर्पितमय पावन वर्षायोग समिति एवं ग्रेटर कमलानगर के तत्वावधान में मन्दिर सुरक्षित, समाज व्यवस्थित विषय पर आचार्य श्री विद्यासागर संत निलय पर आयोजित की गई। <span style="color: #ff0000">पढ़िए मनोज बाकलीवाल और शुभम जैन कासलीवाल की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>आगरा।</strong> कमला नगर स्थित श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर में पावन वर्षायोग के लिए पधारे मेडिटेशन गुरु उपाध्यायश्री विहसन्त सागर जी महाराज ससंघ के मंगल सानिध्य में 5 अगस्त को आगरा नगर के समस्त दिगम्बर जैन मन्दिरों वं संस्थाओं के पदाधिकारियों की संगोष्ठी अर्पितमय पावन वर्षायोग समिति एवं ग्रेटर कमलानगर के तत्वावधान में मन्दिर सुरक्षित, समाज व्यवस्थित विषय पर आचार्य श्री विद्यासागर संत निलय पर आयोजित की गई। संगोष्ठी का शुभारंभ स्वस्ति बहु मन्डल की महिलाओं ने मंगलाचरण के साथ किया। इसके बाद में उपाध्यायश्री ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि सुरक्षा की दृष्टी से हर मन्दिर समस्त प्रतिमाओं उन पर लिखी प्रशस्ति, मन्दिर का इतिहास, मन्दिर की प्रॉपर्टी के दस्तावेज आदि का अच्छी प्रकार से रिकोर्ड एवं फोटो एलबम बनावें व मन्दिर के स्ट्रॉन्ग रूम मे सभी दस्तावेज रखें व एक एक कॉपी पदाधिकारी रखें। सौ वर्ष से प्राचीन प्रतिमा या शास्त्र होंवे तो पुरातत्व विभाग मे भी अवश्य रिकोर्ड कराएं। मन्दिरो में सी सी टीवी कैमरे अवश्य लगावें व स्थानीय पुलिस प्रशासन से मिलते रहें, मन्दिरों को सोसाइटी एक्ट अथवा ट्रस्ट मे रजिस्टर कराकर कानूनी रूप से इन्कम टैक्स विभाग में भी पंजीकृत करावें एवं समय के अनुसार रिटर्न भरें। उन्होने आगे कहा कि मन्दिर में दान एफ डी बढ़ाने के लिए न लें। जो दान आए उसे मन्दिर के विकास में खर्च करें अथवा कोई चैरिटेबल कार्य करें मन्दिर मे उपलब्ध, पूजा सेट,धोती दुपट्टे,चौकी मेज,चटाई की इनवैन्टरी बनाएं व नगर में किसी भी मन्दिर में कोई आयोजन हो तो उक्त सामान को एक दूसरे को दें। उन्होंने हर शहर मे सभी मन्दिर मिलकर एक सेंट्रलाइज्ड फन्ड बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि जब कभी कोई नये मन्दिर बनने अथवा रिपेअर की बात हो तो इस फन्ड का इस्तेमाल करें। उन्होंने मन्दिर मैनेजमेंट को कहा कि अगर समय न हो तो पद छोड़ें और दूसरे योग्य को आने दें। उन्होने कहा कि समाज मे अगर किसी कारण पुरुषों पर समय नहीं तो महिलाओं को कमेटी मे आगे आने दें। संगोष्ठी का संचालन मनोज जैन बाकलीवाल द्वारा किया गया। वर्षायोग समिति के मुख्य संयोजक मनोज जैन बाकलीवाल ने बताया कि 18 अगस्त को विशाल युवा सम्मेलन और 25 अगस्त को विशाल महिला सम्मेलन का भव्य आयोजन उपाध्याय श्री विहसंतसागर जी महाराज ससंघ के मंगल सानिध्य में होगा।</p>
<p><strong><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-64253" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/08/IMG-20240805-WA0029.jpg" alt="" width="1600" height="900" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/08/IMG-20240805-WA0029.jpg 1600w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/08/IMG-20240805-WA0029-300x168.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/08/IMG-20240805-WA0029-1024x576.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/08/IMG-20240805-WA0029-768x432.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/08/IMG-20240805-WA0029-1536x864.jpg 1536w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/08/IMG-20240805-WA0029-990x557.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/08/IMG-20240805-WA0029-1320x743.jpg 1320w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/08/IMG-20240805-WA0029-470x264.jpg 470w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/08/IMG-20240805-WA0029-640x360.jpg 640w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/08/IMG-20240805-WA0029-215x120.jpg 215w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/08/IMG-20240805-WA0029-414x232.jpg 414w" sizes="(max-width: 1600px) 100vw, 1600px" />ये भी रहे मौजूद</strong></p>
<p>इस अवसर पर राजेन्द्र जैन एडवोकेट, कमल जैन एडवोकेट, विजय बैनाडा,अमित बौबी, निर्मल मोठ्या, जगदीशप्रसाद जैन, रोहित जैन अंहिसा,पारसबाबू जैन, प्रवीन जैन पार्षद,अनन्त जैन, शैलेन्द्र जैन, अनिल जैन, नरेश जैन, यशपाल जैन, अंकेश जैन, राजेश जैन, सुभाष जैन,अभिषेक जैन, अशोक जैन, मीडिया प्रभारी शुभम जैन सहित समस्त आगरा के लगभग 65 मन्दिरों के मैनेजमेंट पधारे जिसमें ताजगंज, सिकन्दरा, नुनिहाई, कटरा वजीर खां, नाई की मन्डी, पत्लगली, बेलनगंज, सेक्टर 7,सेक्टर 4, मारूति एस्टेट, अवधपुरी, छीपीटोला,ओल्ड ईदगाह, नॉर्थ ईदगाह, सदर, राहुल विहार, बगदा मोतीकटरा, तार की गली, कर्मयोगी, गंगेगौरी ट्रान्सयमुना कॉलोनी, कालिन्दी विहार,सरलाबाग, शालीमार एनक्लेव, कमलानगर आदि के प्रमुख रूप से लोग मौजूद रहे।</p>
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		<title>विश्राम भवन का उद्घाटन तथा होगी संगोष्ठी : षट्खण्डागम की गजराज पर निकाली जाएगी शोभायात्रा </title>
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		<pubDate>Sun, 09 Jun 2024 10:18:26 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[ तहसील अंतर्गत सुविख्यात जैन तीर्थ नैनागिरि में श्रुत पंचमी महोत्सव पूज्य आचार्य श्री बसुनंदी जी महाराज के परम शिष्य युगल मुनि श्री शिवानंद जी महाराज व श्री प्रशमानंद जी महाराज के मंगल सान्निध्य में विविध कार्यक्रमों के साथ आयोजित किया जा रहा है। पढ़िए रत्नेश जैन रागी की रिपोर्ट&#8230; बकस्वाहा। तहसील अंतर्गत सुविख्यात जैन तीर्थ [&#8230;]]]></description>
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<p><strong> तहसील अंतर्गत सुविख्यात जैन तीर्थ नैनागिरि में श्रुत पंचमी महोत्सव पूज्य आचार्य श्री बसुनंदी जी महाराज के परम शिष्य युगल मुनि श्री शिवानंद जी महाराज व श्री प्रशमानंद जी महाराज के मंगल सान्निध्य में विविध कार्यक्रमों के साथ आयोजित किया जा रहा है। <span style="color: #ff0000">पढ़िए रत्नेश जैन रागी की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>बकस्वाहा। </strong>तहसील अंतर्गत सुविख्यात जैन तीर्थ नैनागिरि में श्रुत पंचमी महोत्सव पूज्य आचार्य श्री बसुनंदी जी महाराज के परम शिष्य युगल मुनि श्री शिवानंद जी महाराज व श्री प्रशमानंद जी महाराज के मंगल सान्निध्य में विविध कार्यक्रमों के साथ आयोजित किया जा रहा है। इसमें ख्यातिलब्ध न्यायायिक व प्रशासनिक अधिकारी, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि, तीर्थ व गुरु भक्त अतिथियों को आमंत्रित किया गया है।</p>
<p><strong>दानदाताओं का होगा सम्मान</strong></p>
<p>श्री दिगम्बर जैन सिद्धक्षेत्र रेशंदीगिरि नैनागिरि ट्रस्ट कमेटी के मंत्री राजेश रागी व प्रबंध समिति के मंत्री देवेन्द्र लुहारी ने बताया कि श्रुत पंचमी महोत्सव के पावन अवसर पर त्रिदिवसीय विविध कार्यक्रम पूज्य युगल मुनिश्री के मंगल सान्निध्य एवं सुप्रसिद्ध प्रतिष्ठाचार्य पं. सनत कुमार पं. विनोद कुमार रजवांस ,पं. मनोज अहार व पं.अशोक बम्हौरी के मार्गदर्शन में विधि विधान से कार्यक्रम संपन्न कराया जाएगा । इस अवसर पर 9 जून को पूज्य युगल मुनिश्री का गुगवारा की ओर से नैनागिरि में भव्य मंगल प्रवेश होगा। सायंकाल में आरती, शास्त्र प्रवचन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। 10 जून सोमवार के प्रात:कल 6.30 बजे से अभिषेक, शांतिधारा, पूजन, मुनिराजों का मंगल उद्बोधन एवं कार्यक्रम का ध्वजारोहण होगा। 11 जून मंगलवार को प्रातः 6:30 बजे महामस्तकाभिषेक शांतिधारा पूजन, श्रुत स्कंध विधान के पश्चात 8.30 बजे से जिनवाणी जी एवं ताम्र पत्रों पर अंकित षट्खण्डागम की गजराज पर भव्य शोभायात्रा , 9:00 बजे से श्रुत मंदिर में ताम्र पत्रों पर अंकित षटखण्डागम का संस्थापन, 9:30 बजे से मुनिराज का उद्बोधन, 10:00 बजे वरदत्त विश्राम भवन का उद्घाटन समारोह, दोपहर 1.30 बजे से श्रुत पंचमी पर संगोष्ठी जिसमें डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर व छात्र भाग लेंगे। 2.30 बजे से मुनिराजों का मंगल उद्बोधन एवं अतिथियों एवं दानदाताओं का सम्मान समारोह , 4.30 बजे वर्णी ज्ञान प्रभावना रथ का शुभारंभ , सायंकाल आरती शास्त्र प्रवचन सांस्कृतिक कार्यक्रम किए जाएंगे। इस सौभाग्यशाली क्षणों में सभी से भाग लेकर पुण्यार्जन करने की अपील नैनागिरि कमेटी ने की है।</p>
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		<title>राष्ट्र को अवदान विषयक संगोष्ठी सम्पन्न : संपूर्ण भारतवर्ष में प्राकृत भाषा के अध्ययन -अध्यापन की स्थिति का श्रेय है श्वेतपिच्छाचार्य श्री विद्यानंद </title>
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		<pubDate>Tue, 20 Jun 2023 11:56:54 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[अखिल भारतीय जैन पत्र संपादक संघ द्वारा घोषित श्वेतपिच्छाचार्य श्री विद्यानंद जन्म शताब्दी समारोह 2023- 24 के अंतर्गत बीते 18 जून को परम पूज्य आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के शुभ आशीर्वाद से ब्रह्मचारी जय निशांत जैन के प्रतिष्ठा आचार्यत्व में श्री आदिनाथ दिगंबर जैन पंचकल्याणक प्रतिष्ठा समारोह के अंतर्गत आचार्य श्री विद्यानंद जी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>अखिल भारतीय जैन पत्र संपादक संघ द्वारा घोषित श्वेतपिच्छाचार्य श्री विद्यानंद जन्म शताब्दी समारोह 2023- 24 के अंतर्गत बीते 18 जून को परम पूज्य आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के शुभ आशीर्वाद से ब्रह्मचारी जय निशांत जैन के प्रतिष्ठा आचार्यत्व में श्री आदिनाथ दिगंबर जैन पंचकल्याणक प्रतिष्ठा समारोह के अंतर्गत आचार्य श्री विद्यानंद जी का राष्ट्र को अवदान विषय पर विद्वत् संगोष्ठी का आयोजन किया गया। <span style="color: #ff0000;">पढ़िए यह विस्तृत रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>जयपुर ।</strong> अखिल भारतीय जैन पत्र संपादक संघ द्वारा घोषित श्वेतपिच्छाचार्य श्री विद्यानंद जन्म शताब्दी समारोह 2023- 24 के अंतर्गत बीते 18 जून को परम पूज्य आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के शुभ आशीर्वाद से ब्रह्मचारी जय निशांत जैन के प्रतिष्ठा आचार्यत्व में श्री आदिनाथ दिगंबर जैन पंचकल्याणक प्रतिष्ठा समारोह के अंतर्गत आचार्य श्री विद्यानंद जी का राष्ट्र को अवदान विषय पर विद्वत् संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम अखिल भारतीय जैन पत्र संपादक संघ के अध्यक्ष शैलेन्द्र जैन, एडवोकेट अलीगढ़ की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। इस विद्वत् संगोष्ठी में डॉ. श्रेयांस कुमार जैन बड़ौत, डॉ. अनिल कुमार जैन, जयपुर, अखिल भारतीय जैन पत्र संपादक संघ के कार्याध्यक्ष डॉ. सुरेन्द्र जैन भारती, बुरहानपुर महामंत्री डॉ. अखिल जैन बंसल, पूर्व कोषाध्यक्ष श्री जगदीश प्रसाद जैन आगरा, कमल हाथी शाह, भोपाल, पंडित सौरभ जैन आगरा, पंडित महावीर प्रसाद जैन, नई दिल्ली, पंडित जिनेन्द्र जैन, मथुरा, श्रीकांत जैन, समनेवाडी आदि विद्वानों ने सहभागिता की। सभी विद्वान पत्रकारों का दिगंबर जैन पंचायत समिति के अध्यक्ष जगदीश प्रसाद जैन तथा उनके साथियों ने मोती माला, पगड़ी, अंग वस्त्र, मोमेंटो प्रदान कर सम्मान किया।</p>
<p><strong>कराया है मानस्तंभ का निर्माण</strong></p>
<p>जैन पत्र संपादक संघ के वरिष्ठ सदस्य जगदीश प्रसाद जैन आगरा ने ही विशाल मानस्तंभ का निर्माण करवाया है। संगोष्ठी का संचालन अखिल भारतीय जैन पत्र संपादक संघ के कार्याध्यक्ष डॉ. सुरेन्द्र जैन भारती, बुरहानपुर ने किया। संगोष्ठी का शुभारंभ करते हुए डॉ. अनिल कुमार जैन, जयपुर ने कहा कि मुझे सन् 1965 में आगरा में आचार्य विद्यानंद जी के चातुर्मास की याद है। उस समय मैं पांचवी कक्षा में पढ़ता था। उनके प्रवचन रामलीला मैदान में या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर होते थे जिसमें जैन लोग ही नहीं बल्कि हिंदू, सिख और मुसलमान लोग भी आते थे। उनके प्रवचन आम जनता को संबोधित करते हुए होते थे। आगरा में उस समय जैन धर्म की बहुत प्रभावना हुई। आचार्य श्री का मानना था कि जैन धर्म को विश्व धर्म के रूप में  स्थापित करने की पूरी क्षमता है। उन्होंने कई नये कवियों को आधुनिक भाषा में लोकप्रिय भजन लिखने के लिए प्रेरित किया, जिससे जैन धर्म का प्रचार हो। आचार्य श्री प्राकृत भाषा के लिए समर्पित थे, इसी कारण उन्होंने कुंदकुंद भारती की स्थापना करवाई। जैन धर्म के सभी संप्रदायों के प्रमुख संतों से उनकी बहुत मित्रता थी। उनके साथ मिलकर सन् 1974-75 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भगवान् महावीर का पच्चीसवां निर्वाण उत्सव का अभूतपूर्व आयोजन करवाया। सवाईमाधोपुर जिले में स्थित भगवान् महावीर की मूर्ति का सहस्राब्दी समारोह आपकी प्रेरणा से ही हुआ। सन् 1981 के श्रवणबेलगोला में भगवान् बाहुबली की मूर्ति के सहस्राब्दी समारोह में भी आपकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। आचार्य श्री एक खोजी विद्वान थे। उनकी इतिहास में भी विशेष रुचि थी। उन्होंने यह सिद्ध करने में सफलता प्राप्त की कि हड़प्पा काल में जैन धर्म था। उनकी हड़प्पा, मोहनजोदड़ो आदि पुस्तकें इसका प्रमाण हैं। वह यह भी स्थापित करने में सफल रहे कि भगवान् आदिनाथ जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर थे।जैन धर्म के प्रचार-प्रसार में उनका अमूल्य योगदान रहा है।</p>
<p><strong>जैन धर्म की प्रभावना की</strong></p>
<p>कमल हाथीशाह,भोपाल ने कहा कि आचार्य श्री विद्यानंद जी महाराज ने सम्यक्दर्शन के प्रभावना अंग का अनुकरण करते हुए संपूर्ण राष्ट्र में जैन धर्म की प्रभावना की। अखिल  ‌भारतीय जैन पत्र संपादक संघ के महामंत्री डॉ.अखिल जैन बंसल ने आचार्य श्री विद्यानंद जी महाराज के शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए योगदान को प्रतिपादित किया और कहा कि आज जो संपूर्ण भारतवर्ष में प्राकृत भाषा के अध्ययन -अध्यापन की स्थिति बनी है, उसका श्रेय आचार्य श्री विद्यानंद जी महाराज को ही जाता है। उन्होंने  कुंदकुंद भारती में प्राकृत भवन, खारवेल भवन की स्थापना करवाई और लाल बहादुर शास्त्री विद्यापीठ में जैन दर्शन एवं प्राकृत विषय का विभाग खुलवाया तथा अध्ययन- अध्यापन की व्यवस्था करवायी। उनकी ही प्रेरणा का परिणाम है कि प्राकृत भाषा के विद्वानों को राष्ट्रपति के द्वारा पुरस्कृत किया गया। अखिल भारतीय संपादक संघ के कार्याध्यक्ष डॉ. सुरेन्द्र जैन भारती ,बुरहानपुर ने कहा कि श्रवणबेलगोला स्थित बाहुबली भगवान की गोम्मटेश्वर बाहुबली भगवान की प्रतिमा के प्रति 12 वर्ष में होने वाले महोत्सव को आचार्य श्री विद्यानंद जी महाराज ने संपूर्ण विश्व का उत्सव बना दिया और लोगों को प्रेरणा दी कि तप, ज्ञान एवं ध्यान से सिद्धि मिलती है। इस बात का उदाहरण गोम्मटेश बाहुबली की प्रतिमा है। भगवान महावीर के 25100 में निर्वाण महोत्सव को संपूर्ण भारत वर्ष में सरकारी स्तर पर मनाया गया था, इसकी प्रेरणा आचार्य श्री विद्यानंद जी महाराज ने ही दी थी। वह अभीक्ष्ण ज्ञानोपयोगी थे, उन्होंने साधु समाज एवं विद्वानों को निरंतर अध्ययन की प्रेरणा दी, जिससे अनेक कृतियों का सृजन हुआ।</p>
<p><strong>जैनों को जन-जन से जोड़ा</strong></p>
<p>अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन शास्त्रि परिषद् के अध्यक्ष डॉ.श्रेयांस कुमार जैन ,बड़ौत ने कहा कि आचार्य श्री विद्यानंद जी महाराज ने जनमंगल महाकलश यात्रा निकालकर जैनों को जन-जन से जोड़ा और व्यापक प्रभावना की। उनकी ही प्रेरणा से तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने गोम्मटेश्वर बाहुबली यात्रा की और उन्हें नमस्कार कर अहिंसा के प्रति निष्ठा व्यक्त की। जैन धर्म की प्रभावना में उनका बड़ा योगदान है। उनकी प्रेरणा से ही जैन भजनों के कैसेट बने और जैन धर्म की धमक को सरकारों ने स्वीकार किया। वे हम सबके लिए प्रणम्य हैं। पंचकल्याणक महोत्सव समिति के संचालक मनोज कुमार जैन ,आगरा ने कहा कि आगरा में आचार्य श्री विद्यानंद जी महाराज चार बार पधारे। रामलीला मैदान में उनके प्रवचन हुए, जिससे हजारों लोगों ने व्यसन मुक्ति का संदेश प्राप्त किया। वे जहां भी जाते थे अद्भुत प्रभाव छोड़ते थे।</p>
<p><strong>तीर्थों के संरक्षण में अमूल्य योगदान</strong></p>
<p>अखिल भारतीय जैन पत्र संपादक संघ के अध्यक्ष शैलेन्द्र जैन, अलीगढ़ ने अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जैन धर्म तथा तीर्थों के संरक्षण में आचार्य श्री विद्यानंद जी महाराज का महान योगदान है। उनके योगदान को स्मरण करना ही इस आयोजन का लक्ष्य है। अखिल भारतीय जन पत्र संपादक संघ के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने परम पूज्य आध्यात्मिक योगी आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज तथा उनके संघस्थ साधुओं के प्रति विनय प्रकट की तथा शुभ आशीर्वाद प्राप्त किया। श्री प्रदीप जैन,पीएनसी,श्री हीरालाल जैन, बैनाड़ा,श्री भोलानाथ जैन आदि श्रेष्ठियों ने शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर एवं ज्ञान कल्याणक में समवशरण से आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज ने मानव जीवन में संस्कार के महत्व को बताया और कहा कि जैन धर्म वीरों का धर्म है इसे कुशल संयमी ही ग्रहण कर सकता है। सभी के प्रति आभार महामंत्री डॉ .अखिल जैन बंसल ने व्यक्त किया।</p>
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		<title>सकल दिगंबर जैन समाज का आयोजन : आचार्य श्री विद्यासागर जी के संस्कृत साहित्य पर संगोष्ठी आयोजित  </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 15 Apr 2023 05:21:05 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[इंदौर (राजेश जैन दद्दू)। आचार्य श्री विद्यासागर जी के संस्कृत साहित्य पर प्रथम बार अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी होगी। आचार्य श्री के मंगल आशीर्वाद से संगोष्ठी में भारतीय दर्शन एवं संस्कृत साहित्य में आचार्य श्री विद्यासागर जी विरचित षट्शती, सुनीति शतक , निरंजन शतक, श्रमण शतक ,भावना शतक, चैतन्य चंद्रोदय शतक, परिषय जय शतक पर चर्चा होगी। [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>इंदौर (राजेश जैन दद्दू)।</strong> आचार्य श्री विद्यासागर जी के संस्कृत साहित्य पर प्रथम बार अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी होगी। आचार्य श्री के मंगल आशीर्वाद से संगोष्ठी में भारतीय दर्शन एवं संस्कृत साहित्य में आचार्य श्री विद्यासागर जी विरचित षट्शती, सुनीति शतक , निरंजन शतक, श्रमण शतक ,भावना शतक, चैतन्य चंद्रोदय शतक, परिषय जय शतक पर चर्चा होगी। यह गोष्ठी 15 और 16 अप्रैल जबलपुर के भिटौनी स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन पंचायती चौबीसी मंदिर शहपुरा में होगी।</p>
<p>संगोष्ठी में पूज्य मुनि श्री 108 प्रणम्यसागर जी महाराज ससंघ का सानिध्य रहेगा। यह संगोष्ठी सकल दिगम्बर जैन समाज शहपुरा भिटौनी की ओर से श्री स्याद्वाद महाविद्यालय, भदैनी, वाराणसी( उप्र) के तत्वावधान में होगी। इसमें समस्त पीएचडी ,डीलिट एवं संस्कृत, प्राकृत भाषा में रुचि रखने वाले श्रोता आमंत्रित हैं।</p>
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		<title>भगवान महीवार जन्मकल्याणक महोत्सव : अहिंसा के मुख्य विचार पर हुई संगोष्ठी </title>
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		<pubDate>Tue, 04 Apr 2023 10:24:13 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[लातूर (महाराष्ट्र)। सकल जैन समाज लातूर की ओर से भगवान महावीर का 2622वां जन्म कल्याण महोत्सव बड़े उत्साह और वैचारिक भव्यता के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पंचरंग प्रबोधिनी के संपादक और जैन साहित्य, भगवान महावीर के जीवन और विचारों के विद्वान डॉ. रावसाहेब पाटिल ने इसी विषय पर व्याख्यान दिया। जैन इतिहास का [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लातूर (महाराष्ट्र)।</strong> सकल जैन समाज लातूर की ओर से भगवान महावीर का 2622वां जन्म कल्याण महोत्सव बड़े उत्साह और वैचारिक भव्यता के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पंचरंग प्रबोधिनी के संपादक और जैन साहित्य, भगवान महावीर के जीवन और विचारों के विद्वान डॉ. रावसाहेब पाटिल ने इसी विषय पर व्याख्यान दिया।</p>
<p>जैन इतिहास का नये संदर्भ में लेखन, सन्दर्भ प्रमाणों का संरक्षण, समन्वय, राजकीय दरबार का अभिलेखन जैन इतिहास एवं पुरातत्व, जैन चिंतन को जन-जन तक पहुंचाना, साहित्य एवं कला को प्रधानता देना, अहिंसा का मुख्य विचार, अपरिग्रह, अनेकांत, व्यावहारिक उपयोगिता जैसे विषयों पर उन्होंने प्रकाश डाला। इसके अलावा उन्होंने मानव जीवन और जीवन को सुरक्षित, निर्भीक और समृद्ध बनाने के लिए प्रचार-प्रसार, जैन विचार का अभ्यास करने जैसे अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर रोशनी डाली।</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-41641" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/04/IMG-20230404-WA0019.jpg" alt="" width="703" height="553" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/04/IMG-20230404-WA0019.jpg 703w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/04/IMG-20230404-WA0019-300x236.jpg 300w" sizes="(max-width: 703px) 100vw, 703px" /></p>
<p>इस अवसर पर डॉ. पाटिल ने विभिन्न क्षेत्रों में अपनी उपलब्धियों से लातूर शहर और जैन समुदाय के गौरव में योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया। इस समारोह के मंच पर उद्योगपति सुरेश जैन, प्रसिद्ध कर सलाहकार तेजमल बोरा, दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष महावीर उदगीरकर, वरिष्ठ पत्रकार जयप्रकाश दगड़े, डॉ. पीपी शाह, डॉ. कुलभूषण कंडारकर आदि मौजूद थे।.</p>
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