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	<title>श्री महावीर दिगंबर जैन नसिया जी मंदिर &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>श्री नंदीश्वर जिनालय में पूजा भक्ति अर्चना का दौर : प्रतिदिन हो रहा है दस धर्मों का पूजन </title>
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		<pubDate>Mon, 01 Sep 2025 13:22:35 +0000</pubDate>
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<p><strong>जैन धर्मावलंबियों के लिए पर्यूषण पर्वों के दस दिन संयम की आराधना करने के दिन होते हैं। इन दस दिनों में जैन समाज के सभी पुरुष, महिलाएं, युवा एवं बच्चे जिनेंद्र प्रभु की पूजन भक्ति करते हुए संयम के मार्ग पर चलने की साधना का अभ्यास करते हैं। अंबाह रोड पर स्थित श्री महावीर दिगंबर जैन नसियां जी मंदिर के प्रांगण में श्री नंदीश्वर द्वीप जिनालय अपनी भव्यता के लिए प्रसिद्ध है। <span style="color: #ff0000">मुरैना से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मुरैना।</strong> जैन धर्मावलंबियों के लिए पर्यूषण पर्वों के दस दिन संयम की आराधना करने के दिन होते हैं। इन दस दिनों में जैन समाज के सभी पुरुष, महिलाएं, युवा एवं बच्चे जिनेंद्र प्रभु की पूजन भक्ति करते हुए संयम के मार्ग पर चलने की साधना का अभ्यास करते हैं। अंबाह रोड पर स्थित श्री महावीर दिगंबर जैन नसियां जी मंदिर के प्रांगण में श्री नंदीश्वर द्वीप जिनालय अपनी भव्यता के लिए प्रसिद्ध है। आचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज के आशीर्वाद एवं प्रेरणा से आर्यिका श्री राजमति माताजी की भावना के अनुरूप नंदीश्वर दीप जिनालय का निर्माण कराया गया था। नंदीश्वर द्वीप जैन धर्म का आठवां द्वीप है और यह मानुषोत्तर पर्वत से परे स्थित है। इसलिए मनुष्य यहां नहीं जा सकते हैं। इसमें कुल 52 जिनालय (मंदिर) हैं, जो चार दिशाओं में बने हुए हैं और इन मंदिरों में पद्मासन प्रतिमाएँ विराजमान हैं। इन मंदिरों के आस-पास अंजनगिरि, दधिमुख और रतिकर पर्वत तथा चार बावड़ियां हैं। इस जिनालय में यू तो प्रतिदिन ही पूजा अर्चना होती है, लेकिन पर्यूषण पर्वों में भक्तों की भक्ति देखते ही बनती है।</p>
<p>नियमित पुजारियों द्वारा श्री नंदीश्वर द्वीप जिनालय में स्थापित जिनबिम्बों का मंगलाष्टक एवं अभिषेक पाठ पढ़ते हुए प्रासुक जल से अभिषेक किया गया। तत्पश्चात सभी ने नंदीश्वर द्वीप की तीन तीन प्रदक्षिणा कीं। पीले केशरिया धोती दुपट्टा में सुसुज्जित श्रावकों द्वारा अष्टद्रव्य से पूजन किया गया। श्री नंदीश्वर द्वीप जिनालय में प्रतिदिन अभिषेक पूजन करने वालों में राजकुमार जैन कुथियाना, भागचंद जैन पीपरी पुरा, सतीशचंद जैन, विमल जैन टोस वाले, राजकुमार जैन पलपुरा, रमाकांत जैन खड़ियाहार, पारस जैन खनेता, पंकज जैन नायक आगरा, बलराम जैन खड़ियाहार, सुरेंद्र जैन रतिराम पुरा, पीयूष जैन नायक, पारस जैन चेंटा वाले प्रमुख हैं।</p>
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		<title>मुनिश्री विलोकसागर बोले- जहां एकता, भक्ति और समर्पण वहीं चातुर्मास: धर्मसभा में भक्ति और समर्पण को बताया श्रेष्ठ  </title>
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		<pubDate>Sun, 29 Jun 2025 13:53:36 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्य श्री विद्यासागर महाराज का दीक्षा दिवस श्री महावीर दिगंबर जैन नसियाजी मंदिर में 30 जून को प्रातः 7.30 बजे से मनाया जाएगा। सभी भक्तगण अष्टदृव्य से आचार्य श्री का पूजन करेंगे। गुणानुवाद सभा भी होगी। मुनिराजश्री विलोकसागर एवं मुनिश्री विबोध सागर महाराज रविवार को नसियाजी जैन मंदिर पहुंचे। मुरैना से पढ़िए, मनोज जैन नायक [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्य श्री विद्यासागर महाराज का दीक्षा दिवस श्री महावीर दिगंबर जैन नसियाजी मंदिर में 30 जून को प्रातः 7.30 बजे से मनाया जाएगा। सभी भक्तगण अष्टदृव्य से आचार्य श्री का पूजन करेंगे। गुणानुवाद सभा भी होगी। मुनिराजश्री विलोकसागर एवं मुनिश्री विबोध सागर महाराज रविवार को नसियाजी जैन मंदिर पहुंचे। <span style="color: #ff0000">मुरैना से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मुरैना।</strong> साधु संत किसी समाज की या व्यक्ति विशेष की संपत्ति नहीं होते। वे तो अविरल जल धारा की तरह होते हैं। साधु संतों के खासकर, दिगंबर साधुओं के कोई मठ या कोई निश्चित निवास नहीं होते। वे तो निरंतर पद विहार करते हुए धर्म प्रभावना करते हैं। दिगम्बर संत जहां भी भक्तों की भक्ति, समर्पण और समाज की एकता देखते हैं, वहीं अल्प प्रवास पर स्व कल्याण और प्राणी मात्र के कल्याण के लिए धर्म प्रभावना करते हैं। यह उद्गार मुनिश्री विलोकसागर महाराज ने नसिया जी जैन मंदिर में धर्मसभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि केवल श्रीफल भेंट करने से चातुर्मास नहीं हुआ करते। चातुर्मास कराने के लिए भक्ति, समर्पण के साथ-साथ सामाजिक एकता का होना अति आवश्यक होता है। सामाजिक एकता के अभाव में कराया गया चातुर्मास सार्थक परिणाम नहीं देगा। हमारा भी चातुर्मास वहीं होगा, जहां की समाज में एकता होगी, भक्ति होगी और समर्पण होगा। मुनिश्री ने चातुर्मास के संबंध में कहा कि चातुर्मास के चार माह मन को पावन और पवित्र बनाने का समय होता है। बिखरे हुए समाज में ये सब होना संभव दिखाई नहीं पड़ता। अभी भी समय है, जाग जाओ, अन्यथा कहीं ऐसा न हो कि बाद में आपको पछताना पड़े।</p>
<p><strong>चित्र अनावरण और पाद प्रक्षालन किया </strong></p>
<p>धर्मसभा के प्रारंभ में आचार्यश्री विद्यासागर के चित्र का अनावरण जैन मित्र मंडल द्वारा एवं दीप प्रज्वलन फाटक बाहर जैन समाज के श्रावक श्रेष्ठियों द्वारा किया गया। मुनिराजों के पाद प्रक्षालन का सौभाग्य वीरेंद्रकुमार जितेंद्रकुमार जैन एवं शास्त्र भेंट का सौभाग्य रमाशंकर जैन, पदमचंद जैन तथा जैन मित्र मंडल को प्राप्त हुआ। मुनिराजों की आहारचर्या पवनकुमार ऋषभ जैन एवं पदमचंद गौरव जैन के यहां हुई।</p>
<p><strong>नसियाजी में होगा आचार्यश्री का दीक्षा दिवस समारोह</strong></p>
<p>श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान के मुख्य संयोजक अनूप जैन भंडारी ने बताया कि आचार्य श्री विद्यासागर महाराज का दीक्षा दिवस श्री महावीर दिगंबर जैन नसियांजी मंदिर में 30 जून को प्रातः 7.30 बजे से मनाया जाएगा। सभी भक्तगण अष्टदृव्य से आचार्य श्री का पूजन करेंगे। इस पावन अवसर पर गुणानुवाद सभा भी होगी। समारोह को सानिध्य प्रदान करने के लिए मुनिराजश्री विलोकसागर एवं मुनिश्री विबोध सागर महाराज रविवार को नसियाजी जैन मंदिर पहुंचे। नसिया जी में महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश रखकर, मंगलगीत गाते हुए मुनियों की अगवानी की। नसिया जी में रविवार को प्रातः प्रवचन एवं आहारचर्या हुई। आज प्रातः आचार्य विद्यासागर दीक्षा दिवस महोत्सव के उपलक्ष्य में गुणानुवाद सभा भी होगी।</p>
<p><strong>विहार के दौरान यह रहे मौजूद </strong></p>
<p>बड़े जैन मंदिर से नसियां जी जैन मंदिर लाने एवं ले जाने के समय जैन मित्र मंडल के सदस्यों का सहयोग सराहनीय रहा। विहार के समय जैन मित्र मंडल के मुख्य संयोजक सतेंद्र जैन खनेता, एडवोकेट धर्मेंद्र जैन, रविकांत जैन रिंकू, विमल जैन राजाखेड़ा, अशोक जैन मेडिकल, नितिन जैन बघपुरा, नरेश जैन टिल्लू, सुनील जैन, पंकज जैन, महेश जैन, विकास जैन, वीरेंद्र जैन, राजकुमार जैन, सुनीत जैन, प्रशांत जैन, शैलेन्द्र जैन, डॉक्टर मनोज जैन, डॉक्टर सतेंद्र जैन, प्रकाश जैन, पारस जैन सहित सैकड़ों की संख्या में साधर्मी बंधु उपस्थित थे।</p>
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		<title>मंगल गीतों के साथ झुलाया भगवान को पालना :  श्री नसिया जी महिला मंडल ने किया कार्यक्रम </title>
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		<pubDate>Sat, 12 Apr 2025 03:28:33 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[भगवान महावीर स्वामी जन्मकल्याणक महोत्सव पर बालक महावीर के जन्म एवं पालना झुलाने का चित्रांकन किया गया। नगर फाटक के बाहर अंबाह रोड स्थित श्री महावीर दिगंबर जैन नसियाजी जैन मंदिर की महिला मंडल की ओर से किए गए कार्यक्रम में बालक महावीर के जन्म के बाद उन्हें पालने में झुलाया गया। मुरैना से मनोज [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>भगवान महावीर स्वामी जन्मकल्याणक महोत्सव पर बालक महावीर के जन्म एवं पालना झुलाने का चित्रांकन किया गया। नगर फाटक के बाहर अंबाह रोड स्थित श्री महावीर दिगंबर जैन नसियाजी जैन मंदिर की महिला मंडल की ओर से किए गए कार्यक्रम में बालक महावीर के जन्म के बाद उन्हें पालने में झुलाया गया। <span style="color: #ff0000">मुरैना से मनोज जैन की खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मुरैना।</strong> भगवान महावीर स्वामी जन्मकल्याणक महोत्सव पर बालक महावीर के जन्म एवं पालना झुलाने का चित्रांकन किया गया। नगर फाटक के बाहर अंबाह रोड स्थित श्री महावीर दिगंबर जैन नसियाजी जैन मंदिर की महिला मंडल की ओर से किए गए कार्यक्रम में बालक महावीर के जन्म के बाद उन्हें पालने में झुलाया गया। श्री नसिया जी महिला मंडल के कार्यक्रम में मंडल की सदस्यों में से ही बालक महावीर के पात्र स्वरूप में माता-पिता की भूमिका निभाई गई। जैसे ही बालक महावीर का जन्म हुआ। सभी उपस्थित महिलाएं हर्षोल्लास के साथ महावीर स्वामी की जय-जयकार करते हुए भक्तिमय नृत्य करने लगी। भगवान महावीर के जन्म के बाद सुसज्जित बालक को पालने में विराजमान किया गया। सभी लोग मंगल गीत गाकर पालना झुलाते हुए अपने को आनंदित महसूस कर रहे थे। सभी को उपहार वितरित किए गए।</p>
<p><strong>एक महीने से चल रहे थे मंगल गीत</strong></p>
<p>जैन बगीची के महिला मंडलों द्वारा भगवान महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव के एक माह पूर्व से ही मंगल गीतों का कार्यक्रम किया जा रहा था। सभी महिलाएं नसियाजी मंदिर में शाम के समय एकत्रित होकर मंगल गीत और बधाई गीत का संगीतमय गायन करती हुई भक्तिमय नृत्य करअपनी खुशी को व्यक्त करती थीं। जन्मोत्सव के पावन अवसर पर भगवान महावीर स्वामी की भव्य शोभायात्रा में सभी महिलाओं ने सहभागिता की।</p>
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		<title>जैनाचार्यश्री वसुनंदी जी महाराज का मंगल प्रवेश 12 को: सिहोनिया से 10 फरवरी को होगा विहार  </title>
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		<pubDate>Sun, 09 Feb 2025 10:42:15 +0000</pubDate>
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<p><strong>आचार्यश्री वसुनंदीजी महाराज ससंघ का मंगल आगमन मुरैना में 12 फरवरी को होगा। यहां श्री नंदीश्वर द्वीप जिनालय का महामस्तकाभिषेक होगा। जैन समुदाय सामूहिक रूप से आचार्य संघ की अगवानी करेगा। यहां 18 वर्ष बाद महामस्तकाभिषेक होने जा रहा है। <span style="color: #ff0000">पढ़िए मुरैना से मनोज जैन नायक की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
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<p><strong>मुरैना।</strong> आचार्यश्री वसुनंदी जी महाराज ससंघ का मंगल आगमन मुरैना नगर में 12 फरवरी को होने जा रहा है। अभीक्षण ज्ञानोपयोगी आचार्य श्री वसुनंदी जी महामुनिराज अपने 21 शिष्यों के साथ अतिशय क्षेत्र सिहोनिया जी में विराजमान हैं। पूज्य गुरुदेव के ससंघ सानिध्य में जैन तीर्थ अतिशय क्षेत्र सिहोनिया में श्री मज्जिमेंद्र जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का 6 दिवसीय आयोजन 5 फरवरी से 10 फरवरी तक चल रहा हैं। प्राण प्रतिष्ठा एवं विश्व शांति महायज्ञ का समापन 10 फरवरी को होगा। महोत्सव के समापन पश्चात पूज्य आचार्य श्री वसुनंदी जी महा मुनिराज अपने 21 शिष्यों के साथ 10 फरवरी को दोपहर 3 बजे मुरैना की ओर पद विहार करेंगे। रात्रि विश्राम मिरघान में होगा। 11 फरवरी की आहारचर्या बड़ागांव में होगी। रात्रि विश्राम मुड़ियाखेड़ा के आसपास होने की संभावना है।</p>
<p>बुधवार 12 फरवरी को बड़ोखर में जैन समुदाय के लोग सामूहिक रूप से आचार्य संघ की अगवानी करेंगे। वहां से गाजे बाजे के साथ भव्य शोभायात्रा के रूप में गुरुदेव को श्री महावीर दिगंबर जैन नसिया जी मंदिर लाया जाएगा। अंबाह रोड पर स्थित नसियाजी जैन मंदिर में आचार्यश्री ज्ञानसागर जी महाराज की प्रेरणा एवं आशीर्वाद से निर्मित श्री नंदीश्वर द्वीप एवं पंचमेरू में विराजमान जिनबिम्बों का महामस्तकाभिषेक किया जाएगा। नंदीश्वर द्वीप जिनालय का अभी हाल ही में युगल मुनिराज श्री शिवानंद जी एवं मुनिश्री प्रश्मानंद जी महाराज की प्रेरणा से सौंदर्यीकरण कराया गया था।</p>
<p><strong>क्या है नंदीश्वर द्वीप जिनालय</strong></p>
<p>जैन दर्शन के अनुसार हम जम्बूद्वीप के भरत क्षेत्र के आर्यखंड में निवासरत हैं। यहां से जो आठवां द्वीप है। उसे नंदीश्वर द्वीप कहते हैं। श्री नंदीश्वर द्वीप जिनालय की चारों दिशाओं में तेरह-तेरह जिन मंदिर एवं चैत्यालय होते हैं। प्रत्येक दिशा में एक-एक अंजनगिरी पर्वत होता है। नंदीश्वर दीप एवं पंचमेरू में कुल 132 जिनबिम्ब विराजमान होते हैं।</p>
<p><strong>18 वर्ष पश्चात प्रथमबार होगा महामस्तकाभिषेक</strong></p>
<p>वरिष्ठ समाजसेवी अनूप जैन भंडारी ने बताया कि उत्तर भारत के प्रथम दिगंबराचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज छाणी परंपरा के चतुर्थ पट्टाचार्य मासोपवासी समाधि सम्राट श्री सुमतिसागर जी महाराज की आज्ञानुवर्ती शिष्या आर्यिका राजमती माताजी की भावना को साकार रूप देते हुए उनकी संघस्थ ब्रह्मचारिणी चंद्रकला वाई अजमेर एवं ब्रह्मचारिणी रामकली वाई मुरार द्वारा समाजजन के सहयोग से मुरैना नसिया जी जैन मंदिर में श्री नंदीश्वर द्वीप पंच मेरु जिनालय की स्थापना कराई गई थी। षष्ठ पट्टाचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज के पावन सानिध्य में 27 जनवरी से 3 फरवरी 2006 तक नंदीश्वर जिनालय का ऐतिहासिक भव्य श्री मज्जिनेंद्र जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव संपन्न हुआ था। जिसमें आचार्य ज्ञानसागर के सानिध्य में 3 फरवरी 2006 को 132 जिनबिम्बों को सिर पर रखकर ऐतिहासिक नगर गजरथ निकला गया था 18 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद आचार्य श्री वसुनंदी जी महाराज के पावन सानिध्य में प्रथमवार श्री नंदीश्वर द्वीप पंचमेरू जिनालय में विराजमान 132 जिनबिम्बों का महामस्तकाभिषेक कराया जाएगा।</p>
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