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	<title>श्री मद् जिनेंद्र पंच कल्याणक महोत्सव &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
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		<title>विश्व शांति के लिए इस तरह के महायज्ञों से वातावरण शुद्ध होता है : मुनि श्री सुधासागरजी के सानिध्य में विश्व शांति महायज्ञ होगा, भगवान पार्श्वनाथ की प्रतिमा होगी विराजमान  </title>
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		<pubDate>Wed, 18 Feb 2026 04:22:25 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जिले की सीमा पर स्थित खनियाधाना में मुनि श्रीसुधासागरजी महाराज ससंघ के सान्निध्य हो रहे श्री मद् जिनेंद्र पंच कल्याणक महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ में नगर के जैन समाज के प्रतिनिधि मंडल ने भाग लिया और मुनि श्री को श्रीफल भेंट किया। अशोकनगर से पढ़िए,राजीव सिंघई मोनू की यह खबर&#8230; अशोक नगर। जिले की [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>जिले की सीमा पर स्थित खनियाधाना में मुनि श्रीसुधासागरजी महाराज ससंघ के सान्निध्य हो रहे श्री मद् जिनेंद्र पंच कल्याणक महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ में नगर के जैन समाज के प्रतिनिधि मंडल ने भाग लिया और मुनि श्री को श्रीफल भेंट किया। <span style="color: #ff0000">अशोकनगर से पढ़िए,राजीव सिंघई मोनू की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>अशोक नगर।</strong> जिले की सीमा पर स्थित खनियाधाना में मुनि श्रीसुधासागरजी महाराज ससंघ के सान्निध्य हो रहे श्री मद् जिनेन्द्र पंच कल्याणक महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ में नगर के जैन समाज के प्रतिनिधि मंडल ने भाग लिया और मुनि श्री को श्रीफल भेंट किया। इस दौरान विश्व शांति महायज्ञ में सवा करोड़ मंत्रों के साथ सौधर्म इंद्र इंसान सनत कुमार, महेंद्र इंद्र, कुबेर इंद्र महाज्ञय नायकों ने प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप भैया सुयश के मंत्रोच्चार के बीच आहुतियां समर्पित की। जैन समाज के मंत्री विजय धुर्रा ने बताया कि पिछले सात दिनों से चल रहे श्री मद्जिनेंद्र पंच कल्याणक महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ गजरथ महोत्सव में हम सब भाग लेकर अपने पुण्य को बढ़ा रहे हैं। प्रतिष्ठा महोत्सव में हमारे ज़िले के बगला चौराहे पर नव निर्मित मंदिर में विशाल भगवान पार्श्वनाथ भगवान की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। जिसकी प्रतिष्ठा इस महोत्सव में हो रही है।</p>
<p>मंगलवार को अशोक नगर,मुंगावली, शाढ़ौरा, पिपरई, चंदेरी, ईसागढ़, कदवया सहित पूरे जिले से बड़ी संख्या में भक्त आए हैं और सभी इस विश्व शांति महायज्ञ में अपनी भक्ति समर्पित कर रहे हैं।</p>
<p><strong>यह समाजजन मौजूद रहे</strong></p>
<p>इस दौरान जैन समाज के महामंत्री राकेश अमरोद, विपिन सिंघई, शैलेंद्र दद्दा, हेमंत टडैया, मनोज लल्ला, सौरव बांझल, सुनील मामा जैन, युवा वर्ग से सचिन एनएस, रीनू जैन, राहुल खजूरिया, शालू, भारत, आलोक रानीपुर, गोलू बांझल, मोनू जैन सीमेंट, ओपी धुर्रा, अनिल जैन, विनोद विजयपुरा, सहित अन्य भक्त विशेष रूप से उपस्थित थे।</p>
<p><strong>मुंगावली सेवादल ने किया दिव्य घोष </strong></p>
<p>जिले का सबसे पुराना सेवादल श्री दिगंबर जैन वीर सेवादल का दिव्य घोष सभी के आकर्षण का केंद्र बना था। मुंगावली सेवादल को गजरथ के आगे एवं मुनि श्री सुधासागरजी महाराज के समक्ष भी वादन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस दौरान सेवादल के चंद्रकुमार मोदी, अरविंद जैन मक्कू, अशोक सर्राफ, काली मोदी, मुकेश जैन सहित पूरे दल ने बैंड बजाते हुए तीन परिक्रमा करते हुए जयघोष किया।</p>
<p><strong> श्रोता वक्ता के अनुभव सुन अपने जीवन में उतारना चाहते हैं</strong></p>
<p>इस अवसर पर धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री सुधासागरजी महाराज ने कहा कि विश्वशांति महायज्ञ में जो मंत्रों के साथ आहुतियां समर्पित की जाती है। इससे वातावरण शुद्ध तो होता ही है पर्यावरण को सभी तरह से स्वच्छ बनाना हम सभी का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि प्रथम तो वक्त के समाने बैठकर उसके अनुभव सुनना चाहत हैं। उसके ज्ञान को मापना चाहते हैं। सुनने की शक्ति तो सभी में है। बोलने की शक्ति सभी के पास नहीं होती है। यदि हमसे कुछ थोड़ा अधिक है तो वह जानना चाहते हैं कि इसमें ये विशेषता कहां से आई? समवशरण कि विशेषता है कि यदि किसी को जिज्ञासा हुई तो उसका समाधान तत्काल होता है। भगवान महावीर स्वामी की दिव्य ध्वनि 66 दिनों तक नहीं खिरी। किसी के मन में कोई प्रश्न ही नहीं उठा तो समस्या का समाधान तो अपने आप हो जाता है। भगवान का नाम लेते ही सब समस्याओ का समाधान होते चला जाता है।</p>
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		<title>तीर्थ क्षेत्र पर गजरथ के साथ तीन-तीन रथों का भव्य प्रवर्तन किया : श्री मद् जिनेंद्र पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महा महोत्सव संपन्न   </title>
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		<pubDate>Mon, 26 Jan 2026 09:06:26 +0000</pubDate>
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<p><strong>तीर्थक्षेत्र गोला कोट तीर्थ में रविवार को मुनिश्री सुधासागरजी महाराज ससंघ के सान्निध्य एवं प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप भैया, मुकेश भैया के निर्देशन में श्री मद् जिनेंद्र पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महा महोत्सव, विश्व शांति महायज्ञ, गजरथ महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ का समापन हुआ। इस दौरान तीर्थ क्षेत्र पर गजरथ के साथ तीन-तीन रथों का भव्य प्रवर्तन किया गया। <span style="color: #ff0000">गोलाकोट खनियाधाना से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>गोलाकोट खनियाधाना।</strong> तीर्थक्षेत्र गोला कोट तीर्थ में रविवार को मुनिश्री सुधासागरजी महाराज ससंघ के सान्निध्य एवं प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप भैया, मुकेश भैया के निर्देशन में श्री मद् जिनेंद्र पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महा महोत्सव, विश्व शांति महायज्ञ, गजरथ महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ का समापन हुआ। इस दौरान तीर्थ क्षेत्र पर गजरथ के साथ तीन-तीन रथों का भव्य प्रवर्तन किया गया। इसके बाद महोत्सव के पात्रों का कमेटी ने सम्मानित किया। इसके पहले धर्मसभा में मुनि श्री सुधासागरजी महाराज ने कहा कि आप भोजन करते हैं तो कुछ देर बाद ही आप का मन भर जाता है। आप हिल स्टेशन पर घुमाने गए। बड़े उत्साह से तैयारी करते हो जाने की तेजी थी, उससे कहीं अधिक तेजी से वापस आने की इच्छा रहती है। भोजन को जितनी तेजी से भूख लगी थी। थोड़ी देर में ही आप उसे मना करने लगे क्यों पहले रोटी पानी अमृत था। वहीं अमृत को आप नकार रहे हैं विराम करने का भाव आए। यही विभाव है औषधि को रोकना पड़ता है। इसी प्रकार जब-जब तुम्हारे मन में रोकने की भावना आए तो समझ लेना अब तुम्हारे संसार का अंत बहुत निकट आने वाला है।</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-98890" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/01/IMG-20260126-WA0036-300x168.jpg" alt="" width="300" height="168" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/01/IMG-20260126-WA0036-300x168.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/01/IMG-20260126-WA0036-1024x573.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/01/IMG-20260126-WA0036-768x430.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/01/IMG-20260126-WA0036-1536x860.jpg 1536w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/01/IMG-20260126-WA0036-990x554.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/01/IMG-20260126-WA0036-1320x739.jpg 1320w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/01/IMG-20260126-WA0036-470x264.jpg 470w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/01/IMG-20260126-WA0036-640x360.jpg 640w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/01/IMG-20260126-WA0036-215x120.jpg 215w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/01/IMG-20260126-WA0036-414x232.jpg 414w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/01/IMG-20260126-WA0036.jpg 1600w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<p><strong>तुम्हारे मन में गंदी आदत है, तुम उससे खुद परेशान होते हैं</strong></p>
<p>आप लोग कहते हैं कि अब बहुत हो गया अब तो उठा लो तो मैं कहूंगा कि मरकर भी क्या कर लेंगे। यदि मुनिराज के मन में भी ये भाव आ गया कि कब तक पालूं यदि अच्छे कार्य कर ने में ये भाव आ जाएं कब तक करूं। ऐसा मुनि राज के मन में भी भाव आ गया तो उनका गुण स्थान नीचे आ जाएगा। ऐसे ही तुम्हारे मन में भाव आ जाए। कब तक कहां तक करूं। जिस-जिस चीज के संबंध में ऐसा भाव आ जाए। तुम्हारे जिंदगी से वह वस्तु चली जाएगी। संसार के संबंध में ऐसा भाव आ जाए तो समझ लेना कि अब तुम्हारे संसार का अंत नजर आ रहा है। तुम्हारे मन में बहुत गंदी आदत है, तुम उससे खुद परेशान होते हैं। विश्व के हर आदमी के कोई ना कोई कमी होती कभी-कभी खुद के फिलिंग में आती है। आप में एक कमी है दोस्तों से पूछा लेना शिष्य गुरु से पूछा लेना बस इतनी सी बात कह रहा हूं। एक बार ये आ जाए।</p>
<p><strong>आज प्रभु इन सबसे ऊपर उठ गए</strong></p>
<p>हे भगवान ये बुरी आदत को खत्म करने के लिए आप मंदिर आना एक माला फेर ना। यदि तुम्हारे मन में संकल्प के साथ आ गया, मेरे अंदर एक गंदी आदत थी। उसका आज मैं विराम करता हूं, नहीं भगवन इसका विराम होना चाहिए और देखना वह बुराई दूर होगी। भोजन करते करते ये भाव आ जाए, यहां भाव भगवान को आया और वही बीज आज विराम को प्राप्त हो रहा है। आज प्रभु इन सबसे ऊपर उठ गए। जब आप नहीं चाहते तब आपके पास चारों ओर से धन आएगा। जब उनके पास चारों तरफ़ से धन आ रहा था तब मन में भाव आया कि कब तक अब विराम हो तब आपके मन में भाव आ जाएं तो चारों ओर आपके धन बिखरा होगा।</p>
<p><strong>निंदा से हम थक जाते हैं कभी प्रससां से थकने का प्रयास करें</strong></p>
<p>उन्होंने कहा कि निंदा से हम थक जाते हैं। कभी प्रससां सुनकर थक जाएं, अंदर से विचार आ जाए। ये तुम्हारे संसार की दशा में कभी जागें तो समझ लेना तुम्हारे मन आ जाए तो समझ लेना तुम्हारी जिंदगी में उपलब्ध होने वाली है। इसके विपरित यदि मंदिर जाने में कब तक ऐसा भाव आ गया तो तुम ऐसे जगह पैदा होगे जहां मंदिर ही नहीं मिलेगा। दान देते समय भाव आ गया कि कब तक देता रहूं तो समझ लेना ये जहर है। नहीं देना अपराध नहीं है लेकिन, यदि ऐसा भाव आ गया, उन्होंने कहा कि आप बहुत जल्दी भगवान बनने की ओर बढ़ने वाले हैं। संसार का पक्ष छोटा पड़ जाएं। साधना बढ़ती चली जाएं तो आपका संसार बहुत जल्दी पूरा होने वाला है। इसके पहले मध्यप्रदेश महासभा संयोजक विजय धुर्रा ने कहा कि गुरुदेव श्रमण संस्कृति संस्थान पर भी गर्व कर रहा है। उसके पांच विद्वानों ने आज पूरी गाथा गाई। इस दौरान अमित शास्त्री, जय शास्त्री, शुभम् शास्त्री ने संपूर्ण गजरथ महोत्सव की गौरव गाथा का लगातार गान किया।</p>
<p><strong> सवा करोड़ मंत्रों के साथ आहुतियां समर्पित </strong></p>
<p>श्रीमद् जिनेंद्र पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महा महोत्सव, विश्व शांति महायज्ञ, गजरथ महोत्सव इस दौरान महोत्सव को मुनि श्री सुधासागरजी के आशीर्वाद और प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप भैया के मार्गदर्शन में हम पूरा कर रहे हैं। इसके बाद महायज्ञ नायक सतेंद्र जैन, राजधानी वेशन दिल्ली सौधर्म इंद्र राकेश, कुबेर इंद्र पीयूष जैन दिल्ली, अमित जैन एसके जैन दिल्ली सहित सभी प्रमुख पात्रों की ओर तीर्थंकर कुंड अरिहंत कुंड गडधर कुंड पर सवा करोड़ मंत्रों के साथ आहुतियां समर्पित की गई।</p>
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		<title>दुनिया को वश में करने वाले मन को वश में करना सीखें: अशोक नगर और थूवोनजी कमेटी ने गोलाकोट पहुंच मुनिश्री सुधा सागर जी का आशीर्वाद लिया  </title>
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		<pubDate>Mon, 12 Jan 2026 13:47:07 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[दुनिया को अपने वश में करने को बेताब रहने वाले सबसे पहले अपने मन को वश में करना सीखें। जब तुम्हारा मन ही तुम्हारी नहीं सुनता तो दुनिया कैसे अपने बस में करोगे। यह उद्गार तीर्थाेदय तीर्थ गोलाकोट में मुनिश्री सुधा सागर जी महाराज ने व्यक्त किए। अशोकनगर से पढ़िए, यह खबर&#8230; अशोकनगर। दुनिया को [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>दुनिया को अपने वश में करने को बेताब रहने वाले सबसे पहले अपने मन को वश में करना सीखें। जब तुम्हारा मन ही तुम्हारी नहीं सुनता तो दुनिया कैसे अपने बस में करोगे। यह उद्गार तीर्थाेदय तीर्थ गोलाकोट में मुनिश्री सुधा सागर जी महाराज ने व्यक्त किए। <span style="color: #ff0000">अशोकनगर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>अशोकनगर</strong>। दुनिया को अपने वश में करने को बेताब रहने वाले सबसे पहले अपने मन को वश में करना सीखें। जब तुम्हारा मन ही तुम्हारी नहीं सुनता तो दुनिया कैसे अपने बस में करोगे। यह उद्गार तीर्थाेदय तीर्थ गोलाकोट में मुनिश्री सुधा सागर जी महाराज ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि दुनिया कोई इतनी छोटी नहीं है कि आप उसे अपने बस में कर लें। सबसे पहले अपने आप को बस में करने की तैयारियां करनी होगी। अपने मन को भी बस में करना इतना आसान नहीं है। ये मन बंदर की तरह है, जैसे बंदर डाल-डाल पात-पात डोलता रहता है। वैसे ही हमारे मन की स्थिति है। मुनि श्री ने कहा कि हम स्वयं भी इसको नहीं समझ पाते सबसे पहले अपने मन की स्थिति को समझें उसको समझकर धीरे-धीरे अपने मन को नियंत्रित करना प्रारंभ कर दे तो एक दिन आप अपने मन पर विजय प्राप्त कर लेंगे।</p>
<p><strong> बड़े लोग छोटो को रिस्पेक्ट दे दे तो आपका संगठन बन जाएगा</strong></p>
<p>इस दौरान मुनिश्री सुधासागरजी महाराज ने कहा कि बड़े लोग छोटों को रिस्पेक्ट दे दे तो आपका संगठन बन जाएगा। संगठन बनाने के लिए समर्पण की आवश्यकता है। आप अपने बच्चों को अच्छी तरह से रखने का बहाना बनाकर मां बाप अलग हो जाते हैं। जब वही बेटे आप से अलग होने की बात करते हैं तो आप का हृदय कांप जाता है। इसका कारण समझना पड़ेगा। जब आप अलग होकर बच्चों के सामने पचास बार अलग होने की बात कहते हैं तब ही भविष्य की योजना आपके बच्चे के मन में बन जाती है और फिर आप कुछ भी नहीं कर सकते इसलिए संयुक्त परिवार में रहने के लिए अपने मन को मनाएं। इसके इतने फायदे हैं जिसे आप हर समय महसूस कर सकते हैं।</p>
<p><strong>जिनेंद्र पंच कल्याणक महोत्सव के लिए कमेटी तैयार </strong></p>
<p>अशोक नगर जैन समाज के मंत्री विजय धुर्रा ने कहा कि जिले की सीमा पर स्थिति अति प्राचीन तीर्थ क्षेत्र गोलाकोट तीर्थ खनियाधाना में होने वाले श्री मद् जिनेंद्र पंच कल्याणक महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ के लिए अशोक नगर जैन समाज एवं दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी कमेटी तैयार है। मुनि श्री सुधासागरजी महाराज ससंघ के सान्निध्य का हमें भरपूर लाभ मिला। 20 जनवरी से होने वाले महा महोत्सव के लिए रेलमार्ग से आने वाले यात्रियों को सुविधा अशोक नगर स्टेशन से रहेगी। वहीं जैन समाज थूवोनजी कमेटी आपके स्वागत के लिए तैयार है। इस दौरान गोलाकोट तीर्थ पर भगवान श्री आदिनाथ स्वामी का महा मस्तिष्काभिषेक के साथ जगत कल्याण की कामना के लिए महा शांतिधारा की गई। जिसका सौभाग्य जैन पंचायत के सदस्य नवीन सर ठेकेदार देवेंद्र जैन सहित अन्य भक्तों को मिला। इस दौरान मुनिश्री सुधासागरजी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त करने अंचल से सैकड़ों भक्तों का समूह पहुंचा। इस दौरान अशोक नगर जैन समाज अध्यक्ष राकेश कांसल, महामंत्री राकेश अमरोद, कोषाध्यक्ष सुनील अखाई, अतिशय क्षेत्र दर्शनोदय तीर्थ, थूवोनजी कमेटी अध्यक्ष अशोक जैन टींगू, मिल महामंत्री मनोज भैसरवास, राजेश कक्का, विनोद मोदी, राजीव चंदेरी मनोज जैन, लोकेश पीरोट, नवीन ठेकेदार ने मुनि श्री को श्रीफल भेंटकर आशीर्वाद प्राप्त किया।</p>
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