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	<title>श्री नवागढ़ गुरुकुलम् &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>नवागढ़ में संस्कृति विभाग ने जैन संस्कृति नैतिक संस्कार शिविर लगाया : पाश्चात्य संस्कृति से बचाने के लिए नैतिक संस्कार शिविर बेहद जरूरी  </title>
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		<pubDate>Mon, 11 May 2026 13:35:52 +0000</pubDate>
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<p><strong>प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़, जो मनोकामना पूर्ण अतिशयकारी श्री अरनाथ भगवान के आशीष से अभिषिक्त है। यहां प्रतिष्ठा पितामह पंडित गुलाबचंद पुष्प की स्मृति में संचालित श्री नवागढ़ गुरुकुलम् में अध्ययनरत छात्रों को जैन संस्कारों के बीजारोपण के लिए उत्तर प्रदेश के जैन विद्या शोध संस्थान लखनऊ जो संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश के अंतर्गत श्री नवागढ़ गुरुकुलम् के संयुक्त तत्वावधान में जैन संस्कृति नैतिक संस्कार शिविर का आयोजन कर रहा है। <span style="color: #ff0000">ललितपुर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>ललितपुर।</strong> प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़, जो मनोकामना पूर्ण अतिशयकारी श्री अरनाथ भगवान के आशीष से अभिषिक्त है। यहां प्रतिष्ठा पितामह पंडित गुलाबचंद पुष्प की स्मृति में संचालित श्री नवागढ़ गुरुकुलम् में अध्ययनरत छात्रों को जैन संस्कारों के बीजारोपण के लिए उत्तर प्रदेश के जैन विद्या शोध संस्थान लखनऊ जो संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश के अंतर्गत श्री नवागढ़ गुरुकुलम् के संयुक्त तत्वावधान में जैन संस्कृति नैतिक संस्कार शिविर का आयोजन कर रहा है। सोमवार को विधिवत शिविर का उदघाटन किया गया। मुख्य अतिथि प्रकाश चंद्र जैन (गृहस्थ पिता मुनिश्री निश्चित सागर जी महाराज), अध्यक्षता प्रेमचंद जैन सागर,दीप प्रज्वलन ब्रह्म. संध्या दीदी ब्रह्म. साधना दीदी, गीता जैन, प्रतिभा जैन सागर एवं सविता मेरठ ने किया। शास्त्र स्थापना ब्रह्म.जयकुमार निशांत, प्रेमचंद प्रकाश चंद्र एवं स्वतंत्र कुमार सागर ने की। मंगलाष्टक एवं मंगलाचरण श्री नवागढ़ गुरुकुलम के छात्रों ने प्रस्तुत किया।</p>
<p><strong>इस प्रकार के शिविरों की अत्यंत आवश्यकता </strong></p>
<p>शिविर की उपयोगिता बताते हुए ब्रह्म. जय निशांत भैया ने उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री आदित्य योगी एवं जयपाल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार का उपक्रम निश्चित रूप से नैतिक मूल्यों की स्थापना के साथ बच्चों में नैतिकता, भारतीयता, संस्कृति एवं इतिहास के प्रति रुझान को बढ़ाएगा। ब्रह्म.संध्या दीदी ने शिविर की उपयोगिता बताते हुए कहा आज वर्तमान में शिक्षा का स्तर निरंतर गिरता जा रहा है। गुरुकुलों के माध्यम से जो संस्कार बच्चों में दिए जाते हैं उनके लिए इस प्रकार के शिविरों की अत्यंत आवश्यकता है। जिससे भविष्य में बच्चे अपने कर्तव्य का पालन निष्ठा पूर्वक कर सके। ब्रह्म. साधना दीदी ने नवागढ़ में संचालित श्री नवागढ़ गुरुकुलम के माध्यम से होने वाले संस्कारों के बीजारोपण का विशेष बहुमान करते हुए कहा आज जो प्रयास पंडित गुलाब चंद्र पुष्प परिवार एवं नवागढ़ समिति कर रही है यह भविष्य में जैन संस्कृति, श्रमणसंस्कृति एवं जैन शासन का विशेष प्रचार प्रसार का आधार बनेगा।</p>
<p><strong>जीवनोपयोगी विद्या का शिक्षण प्रशिक्षण कराया जाएगा</strong></p>
<p>प्रतिभा ने कविता के माध्यम से बच्चों का दिशा निर्देशन किया। उन्हें विपरीत परिस्थिति में भी अपने कर्तव्यों में लगे रहने एवं ईमानदारी से अपने दिनचर्या को संचालित करते हुए लक्ष्य प्राप्ति के लिए सतत अभ्यास की प्रेरणा दी। अष्ट दिवसीय शिविर के निर्देशक ब्रह्मचारी जयकुमार निशांत भैया ने बताया लखनऊ के प्रोफेसर अभय कुमार की सक्रियता से यहां आयोजित शिविर में प्रतिदिन योग साधना, व्यायाम, प्रार्थना, दिव्यार्चना के साथ उन्हें जीवनोपयोगी विद्या का शिक्षण प्रशिक्षण कराया जाएगा। जिससे वह सभी विद्या में पारंगत होकर जैन संस्कृति के साथ भारतीय संस्कृति के वसुधैव कुटुंबकम परस्परोपग्रहो जीवानाम् तथा सर्वे भवंतु सखिनः का प्रचार-प्रसार कर जनहित के कार्यों को संपादित कर सके। एक दूसरे के प्रति सद्भावना करते हुए हम सबके विकास एवं उन्नयन में सहयोगी बने। प्रचारमंत्री डॉ. सुनील संचय ने बताया उत्तर प्रदेश सरकार की इस योजना को सफल बनाने के लिए श्री नवागढ़ गुरुकुलम् के संस्थापक ब्रह्मचारी निशांत भैया के साथ श्री नवागढ़ गुरुकुलम की प्राचार्य ब्रह्मचारी संध्या दीदी, अनुराग जैन, विनती, संजय जैन एवं क्षेत्रीय विद्वान् पंडित इंद्रकुमार शास्त्री, पंडित सोमचंद शास्त्री, डॉ. सुनील हटा, सौरभ जैन, पंडित अजीत शास्त्री बड़ागांव आदि महानुभाव सहयोगी रहेंगे।</p>
<p><strong>समाजजनों ने शिविर को लाभकारी बताया </strong></p>
<p>उत्तर प्रदेश के जैन विद्या शोध संस्थान लखनऊ के उपाध्यक्ष प्रोफेसर अभय कुमार जैन ने बताया कि संस्कृति विभाग के इस उपक्रम से भारतीय संस्कृति पर पाश्चात्य संस्कृति द्वारा किए जाने वाले कुठाराघात, विध्वंस एवं युवाओं की स्वच्छंद प्रवृत्ति, मोबाइल का दुरुपयोग, अकर्मान्यता से युवा शक्ति को हटाकर उन्हें व्यसनमुक्तजीवन ,भारतीय जीवन शैली, परंपरा, संस्कृति, लोकाचार एवं पारिवारिक व्यवस्थाओं की जानकारी के साथ उन्हें पाश्चात्य संस्कृति की अंधी दौड़ से, अनैतिक दुष्कृत से, अभक्ष्य सेवन से अवगत कराकर उस से दूर करने का यह विशेष उपक्रम है। क्षेत्र के अध्यक्ष सनत कुमार जैन एडवोकेट ललितपुर, महामंत्री वीर चंद्र जैन निकौरा, कोषाध्यक्ष पंडित इंद्र कुमार शास्त्री, मंत्री राकेश जैन, अशोक जैन मैनवार ,सुरेंद्र जैन सोजना नवागढ़ के समस्त पदाधिकारीगण अतिशय क्षेत्र नवागढ़ समिति तथा श्री नवागढ़ गुरुकुलम् के अध्यक्ष राकेश जैन लोटस, उपाध्यक्ष अभय कुमार जैन प्रीति विहार दिल्ली ,महामंत्री डॉ. प्रदीप जैन छतरपुर, उपाध्यक्ष मुकेश जैन सोनीपत, चक्रेश जैन छतरपुर, डॉ. भरत गुढा़ ने उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री एवं संस्कृति मंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इस योजना को अत्यंत लाभकारी बताया है। जिससे हमारे छात्रों में भारतीय संस्कृति के प्रति, नैतिक जीवन के प्रति विश्वास बढ़ेगा। अपने सभी को इस संयोजना से लाभ लेने हेतु आमंत्रित किया है। आभार अनुराग जैन ने व्यक्त किया। 18 मई तक आयोजित अष्ट दिवसीय शिविर में बच्चों को प्रतिदिन विशेषज्ञ विद्वान, योगाचार्य, वरिष्ठ शिक्षक, साहित्यकार एवं ज्योतिष वास्तु के मर्मज्ञ विद्वानों द्वारा शिक्षण एवं प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। जिससे बच्चों को विशिष्ट जनों के अनुभव का लाभ प्राप्त हो सके।</p>
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		<title>मोरा जी सागर के छात्रों का श्री नवागढ़ गुरुकुलम् के छात्रों से मिलन: सामूहिक भोजन एवं आपस में एक दूसरे से परिचय किया  </title>
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		<pubDate>Sun, 04 Jan 2026 12:10:40 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[अतिशय क्षेत्र नवागढ़ जी में एक अत्यंत प्रेरणादायी एवं संस्कारमय धार्मिक कार्यक्रम किया गया। इस अवसर पर श्री गणेश प्रसाद वर्णी भवन, मोरारजी सागर से पधारे बच्चों ने श्री नवागढ़ गुरुकुलम के छात्रों के साथ मिलकर सामूहिक भोजन एवं आपस में एक दूसरे से परिचय स्थापित किया। आचार्य श्री उदार सागर जी के पावन दर्शन [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>अतिशय क्षेत्र नवागढ़ जी में एक अत्यंत प्रेरणादायी एवं संस्कारमय धार्मिक कार्यक्रम किया गया। इस अवसर पर श्री गणेश प्रसाद वर्णी भवन, मोरारजी सागर से पधारे बच्चों ने श्री नवागढ़ गुरुकुलम के छात्रों के साथ मिलकर सामूहिक भोजन एवं आपस में एक दूसरे से परिचय स्थापित किया। आचार्य श्री उदार सागर जी के पावन दर्शन कर अपने जीवन को धन्य बनाया। <span style="color: #ff0000">नवागढ़ से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>नवागढ़/ललितपुर।</strong> अतिशय क्षेत्र नवागढ़ जी में एक अत्यंत प्रेरणादायी एवं संस्कारमय धार्मिक कार्यक्रम किया गया। इस अवसर पर श्री गणेश प्रसाद वर्णी भवन, मोरारजी सागर से पधारे बच्चों ने श्री नवागढ़ गुरुकुलम के छात्रों के साथ मिलकर सामूहिक भोजन एवं आपस में एक दूसरे से परिचय स्थापित किया। आचार्य श्री उदार सागर जी के पावन दर्शन कर अपने जीवन को धन्य बनाया। आचार्य श्री के सान्निध्य से बच्चों में धर्म, संयम एवं आत्मिक उन्नति की भावना प्रबल हुई। साथ ही मुनि श्री उपशांत सागर जी महाराज के ओजस्वी एवं सारगर्भित प्रवचनों को श्रवण करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ, जिसमें उन्होंने अहिंसा, सदाचार, अनुशासन एवं संस्कारों के महत्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर बच्चों के साथ पधारे श्री सौरभ जैन ने अपने भाव रखते हुए बताया कि आज के इस संस्कारमय कार्यक्रम में उपस्थित होकर मन अत्यंत आनंदित है। गुरुकुल एवं तीर्थ क्षेत्र बच्चों के चरित्र निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं। यहाँ आकर बच्चों को जो शांति, अनुशासन और आध्यात्मिक ऊर्जा मिलती है, वह जीवन भर साथ रहती है। जैन संस्कारों के साथ आधुनिक कंप्यूटर एवं अंग्रेजी माध्यम से जो शिक्षा प्रदान की जा रही है, यह बच्चों के भविष्य के निर्माण के साथ-साथ उनके जीवन को मंगलमय बनाने का एक महत्वपूर्ण उपक्रम ब्रह्मचारी जय निशांत भैया जी द्वारा संपादित किया जा रहा है जो अनुकरणीय है।</p>
<p><strong>श्री नवागढ़ गुरुकुलम के छात्रों ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया </strong></p>
<p>नवागढ़ गुरुकुलम द्वारा किया जा रहा यह प्रयास वास्तव में समाज और भविष्य की पीढ़ी के लिए प्रेरणादायी है। मैं आयोजकों को हृदय से बधाई देता हूँ। अनिल जैन ने अपने भाव व्यक्त करते हुए कहा कि गुरुकुल एवं तीर्थ क्षेत्रों का वातावरण बच्चों के चरित्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने नवागढ़ गुरुकुलम की प्रशंसा करते हुए ऐसे आयोजनों को भावी पीढ़ी के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। कार्यक्रम के दौरान श्री नवागढ़ गुरुकुलम के छात्रों ने मंगलाचरण एवं स्वागत गीत के माध्यम से सभी का बहुमान किया। शिक्षकों द्वारा सभी अतिथियों एवं आगंतुकों का सम्मान किया गया। मुनि श्री ने सभी छात्रों को डायरी एवं पेन देकर मंगलमय जीवन का आशीर्वाद प्रदान किया।</p>
<p>ब्र. जय निशांत जी भैया जी ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि परम पूज्य साधु भगवंतों के चरणों में कोटि-कोटि नमन।</p>
<p><strong>यह कार्यक्रम अविस्मरणीय बना </strong></p>
<p>आज के इस पावन एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम को सफल बनाने में जिन-जिन महानुभावों का सहयोग प्राप्त हुआ, मैं सभी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। श्री गणेश प्रसाद वर्णी भवन से पधारे बच्चों, उनके अभिभावकों, गुरुकुल के शिक्षकों एवं सभी अतिथियों का विशेष धन्यवाद। आप सभी की उपस्थिति से यह कार्यक्रम अविस्मरणीय बन गया। प्रभु से प्रार्थना है कि हम सभी सदैव धर्म और संस्कार के मार्ग पर अग्रसर रहें। नवागढ़ गुरुकुलम के अध्यापकों एवं नवागढ़ समिति के पदाधिकारियों ने पूज्य श्री के प्रति नमोस्तु निवेदन करते हुए सभी छात्रों से पुनः नवागढ़ आकर भगवान अरनाथ स्वामी के दर्शन बंदन एवं जैन इतिहास के साक्ष्यों का दिग्दर्शन करने हेतु निवेदन करते हुए कार्यक्रम का समापन किया।</p>
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		<title>अतिशय क्षेत्र नवागढ़ में हुई धर्म विज्ञान समन्वय कार्यशाला: भौतिक विज्ञान के विशेष प्रयोग बताए  </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 20 May 2025 10:11:06 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़ में श्री नवागढ़ गुरुकुलम् में अध्ययनरत छात्रों को धर्म एवं विज्ञान विषय कार्यशाला का आयोजन ब्रह्मचारी जयकुमार निशांत के निर्देशन में अमित चौधरी सपना चौधरी चिरंजीव आमर्ष एवं अर्हम जय अप्लायंस सागर के द्वारा किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ गुरुकुलम् के छात्रों ने मंगलाचरण एवं स्वागत गीत के माध्यम से किया। [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़ में श्री नवागढ़ गुरुकुलम् में अध्ययनरत छात्रों को धर्म एवं विज्ञान विषय कार्यशाला का आयोजन ब्रह्मचारी जयकुमार निशांत के निर्देशन में अमित चौधरी सपना चौधरी चिरंजीव आमर्ष एवं अर्हम जय अप्लायंस सागर के द्वारा किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ गुरुकुलम् के छात्रों ने मंगलाचरण एवं स्वागत गीत के माध्यम से किया। <span style="color: #ff0000">नवागढ़ से पढ़िए, रत्नेश जैन रागी की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>नवागढ़।</strong> प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़ में श्री नवागढ़ गुरुकुलम् में अध्ययनरत छात्रों को धर्म एवं विज्ञान विषय कार्यशाला का आयोजन ब्रह्मचारी जयकुमार निशांत के निर्देशन में अमित चौधरी सपना चौधरी चिरंजीव आमर्ष एवं अर्हम जय अप्लायंस सागर के द्वारा किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ गुरुकुलम् के छात्रों ने मंगलाचरण एवं स्वागत गीत के माध्यम से किया। वैज्ञानिक प्रयोगशाला के सभी प्रशिक्षकों का सम्मान महामंत्री वीरचंद्र जैन, कोषाध्यक्ष पंडित इंद्रकुमार, मंत्री अशोक मैनवार उपाध्यक्ष डॉ. भरत गुड़ा, शिक्षक संजय सर, विनीत सर, अजय सर मैनेजर प्रवीण जैन रमेश जैन ने किया। गुरुकुलम संस्थापक ब्रह्मचारी जयकुमार निशांत भैया ने जैन धर्म की वैज्ञानिकता को सत्यापित करने वाली इस अनूठी कार्यशाला, जिसमें भौतिक विज्ञान के विशेष प्रयोग, विद्युत चुंबकीय कार्य पद्धति, रसायन शास्त्र, जीव विज्ञान, वनस्पति विज्ञान के साथ विशिष्ट वैज्ञानिकों का परिचय क्विज के माध्यम से दिया गया।</p>
<p>जिसे सभी छात्रों को आकर्षित किया। मानव शरीर की संरचना, गुरुत्वाकर्षण का सिद्धांत, प्रकाश की गति, इंद्रधनुष का निर्माण, रासायनिक प्रक्रिया द्वारा शारीरिक परिवर्तन, पर्यावरण, विभिन्न भौतिक सिद्धांत को स्वयं बच्चों ने स्वयं करके देखा जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। माइक्रोस्कोप द्वारा सूक्ष्म जीवों की उत्पत्ति, शरीर एवं पर्यावरण को हानिकारक कारक, भक्ष्य अभक्ष्य पदार्थों की पहचान, मोबाइल से हानियां, फास्ट फूड के केमिकल से शारीरिक हानि, गैसों का रासायनिक प्रक्रिया द्वारा निर्माण, सभी प्रयोग उनके लिए अभूतपूर्व रहे। इस आयोजन को आचार्य गुरुदेव संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के द्वारा संकल्पित ब्रह्मचारिणी नेहा दीदी, प्रिया दीदी प्रतिभा स्थली जबलपुर से अतिशयकारी अरनाथ स्वामी के दर्शन एवं ऐतिहासिक साक्ष्यों का अवलोकन करके कार्यशाला द्वारा बच्चों को धर्म के प्रति प्रगाढ़ श्रद्धा कराने वाले आयोजन को सफल बताया।</p>
<p>अपने छात्रों को सन्मार्ग पर चलकर अपने परिवार, समाज एवं जिन शासन की प्रभावना हेतु प्रेरित किया। देश के ख्याति प्राप्त गीतकार रूपेश जी एवं एबीएस कंप्यूटर के माध्यम से नवागढ़ के सहयोगी दीपक जैन ने इस कार्यशाला को अत्यंत उपयोगी बताया। रूपेश जी नवागढ़ से कई वर्षों से जुड़े हैं, आपके गीत आज भी नवागढ़ के अतिशय से लोगों को आकर्षित करते हैं ।आपके गीत को छात्रों ने गाकर आपको बहुमान किया। भगवान अरनाथस्वामी के चरणों में अपने निम्न पंक्तियां समर्पित की।</p>
<p>अतिशयकारी अरह नाथ का जग प्रसिद्ध दरबार।</p>
<p>लेने वाले आते लाखों एक यहां दातार।</p>
<p>नवागढ़ तीर्थ हमारा हमें प्राणों से प्यारा।</p>
<p>अंत में पंडित इंद्र कुमार जी ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए प्रतिष्ठा पितामह पंडित गुलाबचंद पुष्प का स्मरण करते हुए निशांत भैया के योगदान तथा चौधरी परिवार के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए सभी को धन्यवाद दिया।</p>
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		<title>संस्कारों के बीजारोपण लौकिक शिक्षा के प्रवेश 30 जून तक : श्री नवागढ़ गुरुकुलम् का शुभारंभ </title>
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		<pubDate>Wed, 07 May 2025 16:35:21 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[छात्रों को संस्कारों के साथ विशेष शिक्षा के लिए 30 जून फिर तक प्रवेश दिला सकते हैं। नवागढ़ समिति एवं नवागढ़ गुरुकुलम परिवार आपके सहयोग से ही इसे विद्यादान को नि:शुल्क संचालित करने का पुरुषार्थ कर रहे हैं। नवागढ़ से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर&#8230; नवागढ़। अतिशय क्षेत्र नवागढ़ के गुरुकुल में नवीन [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>छात्रों को संस्कारों के साथ विशेष शिक्षा के लिए 30 जून फिर तक प्रवेश दिला सकते हैं। नवागढ़ समिति एवं नवागढ़ गुरुकुलम परिवार आपके सहयोग से ही इसे विद्यादान को नि:शुल्क संचालित करने का पुरुषार्थ कर रहे हैं। <span style="color: #ff0000">नवागढ़ से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>नवागढ़।</strong> अतिशय क्षेत्र नवागढ़ के गुरुकुल में नवीन सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। गुरुकुल में बच्चों को जैन दर्शन, धार्मिक, लौकिक शिक्षा दी जाती है। शिक्षा के साथ ही बच्चों में संस्कारों का बीजारोपण किया जाता है। प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़ में भगवान अरनाथ स्वामी का अतिशय आज भी भक्तों के अशुभ असाता से उन्हें छुटकारा दिला रहा है। प्राचीनता एवं संस्कृति संरक्षण यहां की प्राचीनता में गुरुकुल परंपरा के कई साक्ष्य मिले हैं। जिनसे प्रेरित होकर ब्रह्मचारी जयकुमार निशांत एवं पुष्प परिवार ने नवागढ़ अन्वेषक पंडित गुलाब चंद्र पुष्प की स्मृति में श्री नवागढ़ गुरुकुलम का शुभारंभ किया है। इस गुरुकुल में कक्षा 6, 7 एवं 8 के प्रतिभाशाली छात्रों को जैनत्व के संस्कारों के साथ अंग्रेजी माध्यम से वरिष्ठ अनुभवी शिक्षकों द्वारा शिक्षा प्रदान की जाती है।</p>
<p><strong>परिवेश एवं व्यवस्था ऐसी है</strong></p>
<p>प्राकृतिक सौंदर्य एवं खुले परिवेश में छात्र प्रतिदिन पूजन, आरती, स्वाध्याय के साथ शुद्ध पौष्टिक भोजन प्राप्त करते हैं। यहां आधुनिक शिक्षा कंप्यूटर के माध्यम से गणित, अंग्रेजी, संस्कृत, हिंदी, सोशल साइंस आदि के साथ ज्योतिष, वास्तु एवं व्यवहारिक ज्ञान का शिक्षण प्रशिक्षण दिया जाता है।</p>
<p><strong>उच्च शिक्षा के लिए मिलता सहयोग</strong></p>
<p>नवागढ़ से प्रतिभाशाली छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए मुनि श्री प्रणम्य सागर महाराज के आशीर्वाद से संचालित रेवाड़ी अकलंक शरणालय, गुरुकुल खुरई एवं मड़िया में विशेष शिक्षा नवागढ़ गुरुकुलम के सहयोग से प्रदान की जा रही है।</p>
<p><strong>विशेष आमंत्रण यह है</strong></p>
<p>आप भी अपने प्रतिभाशाली छात्रों को संस्कारों के साथ विशेष शिक्षा के लिए 30 जून फिर तक प्रवेश दिला सकते हैं। नवागढ़ समिति एवं नवागढ़ गुरुकुलम परिवार आपके सहयोग से ही इसे विद्यादान को नि:शुल्क संचालित करने का पुरुषार्थ कर रहे हैं। आप सभी का सहयोग अपेक्षित है। नवागढ़ गुरुकुलम के संस्थापक ब्रह्मचारी जयकुमार निशांत भैया ने विशेष रूप से छात्रों के ज्ञानवर्धन एवं धार्मिक शिक्षा के लिए विशिष्ट उपक्रम किया है। आप सभी इसका लाभ उठाकर अपने बच्चों को श्रवण संस्कृति के संरक्षण के लिए प्रवेश दिलाए।</p>
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