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	<title>श्री दिगंबर जैन परेड़ मंदिर &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<title>श्री दिगंबर जैन परेड़ मंदिर &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>अंबाह में जैन सोशल ग्रुप की नई पहल : सामाजिक उत्सवों को मिला आध्यात्मिक स्पर्श  </title>
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		<pubDate>Sun, 30 Nov 2025 12:44:54 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[दिगंबर जैन सोशल ग्रुप ने पारिवारिक अवसरों को धार्मिक और समाजोपयोगी रूप में मनाने की अनोखी परंपरा की शुरुआत की है। ग्रुप की यह पहल न केवल संस्कृति के संरक्षण का संदेश दे रही है। अंबाह से पढ़िए, अजय जैन की यह खबर&#8230; अंबाह। बदलते समय में जहां उत्सव धीरे-धीरे औपचारिकता और दिखावे का माध्यम [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>दिगंबर जैन सोशल ग्रुप ने पारिवारिक अवसरों को धार्मिक और समाजोपयोगी रूप में मनाने की अनोखी परंपरा की शुरुआत की है। ग्रुप की यह पहल न केवल संस्कृति के संरक्षण का संदेश दे रही है। <span style="color: #ff0000">अंबाह से पढ़िए, अजय जैन की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>अंबाह।</strong> बदलते समय में जहां उत्सव धीरे-धीरे औपचारिकता और दिखावे का माध्यम बनते जा रहे हैं, वहीं दिगंबर जैन सोशल ग्रुप ने पारिवारिक अवसरों को धार्मिक और समाजोपयोगी रूप में मनाने की अनोखी परंपरा की शुरुआत की है। ग्रुप की यह पहल न केवल संस्कृति के संरक्षण का संदेश दे रही है, बल्कि समाज में एक नए प्रकार का आध्यात्मिक और सामाजिक नवजागरण भी उत्पन्न कर रही है, विशेष रूप से युवाओं में। इसी कड़ी में शनिवार को ग्रुप के अध्यक्ष अमित जैन टकसारी एवं उनके परिवार ने अपनी विवाह वर्षगांठ को भव्य धार्मिक आयोजन के रूप में मनाया। श्री दिगंबर जैन परेड मंदिर में भक्तामर स्तोत्र का पाठ, भगवान आदिनाथ का पूजन-अर्चन और विश्व शांति व समाज कल्याण की कामना ने पूरे परिसर को आध्यात्मिक वातावरण से भर दिया। आयोजन के उपरांत उपस्थित श्रद्धालुओं को नारियल वितरित किया गया, जिससे कार्यक्रम में सामाजिक जुड़ाव का संदेश और गहरा हुआ। ग्रुप के महामंत्री कुलदीप जैन के अनुसार व्यक्तिगत खुशी को समाज और धर्म से जोड़ने की यह पहल आने वाली पीढ़ियों को सकारात्मक दिशा देने वाली है। यदि हर खुशी समाजोपयोगी कार्य में परिवर्तित हो, तो उसका प्रभाव अत्यंत व्यापक होता है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि ग्रुप के सदस्य जन्मदिन पर पौधरोपण, वर्षगांठ पर धार्मिक आयोजन और अन्य अवसरों पर सेवा कार्य कर समाज में नई मिसालें स्थापित कर रहा है। सक्रिय सदस्य संतोष जैन ने बताया कि इस पहल से युवा वर्ग भी विशेष रूप से प्रेरित हो रहा है। धार्मिक पाठ, प्रवचन, स्वास्थ्य शिविर, भोजन वितरण और जरूरतमंदों को वस्त्र-शैक्षणिक सामग्री प्रदान करना ये सभी गतिविधियां युवाओं में सेवा, संस्कृति और सामाजिक जिम्मेदारी की समझ विकसित कर रही हैं।</p>
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		<title>शिविर में विद्वानों ने धर्म और संस्कारित जीवन के संस्कार: समापन समारोह में नैतिक शिक्षा परीक्षा में पास अभ्यर्थी सम्मानित  </title>
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		<pubDate>Sat, 14 Jun 2025 12:02:44 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[श्री दिगंबर जैन परेड़ मंदिर में आयोजित सात दिवसीय बाल संस्कार शिविर का समापन हुआ। इससे पहले परेड स्थित जैन मंदिर में शिविर में भाग लेने वाले सभी बच्चों की धार्मिक और नैतिक शिक्षा पर आधारित परीक्षा का आयोजन किया गया। परीक्षा परिणामों की घोषणा के बाद बच्चों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। अतिथियों ने [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>श्री दिगंबर जैन परेड़ मंदिर में आयोजित सात दिवसीय बाल संस्कार शिविर का समापन हुआ। इससे पहले परेड स्थित जैन मंदिर में शिविर में भाग लेने वाले सभी बच्चों की धार्मिक और नैतिक शिक्षा पर आधारित परीक्षा का आयोजन किया गया। परीक्षा परिणामों की घोषणा के बाद बच्चों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। अतिथियों ने प्रेरक संबोधन दिए। <span style="color: #ff0000">अंबाह से पढ़िए, अजय जैन की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>अंबाह।</strong> श्री दिगंबर जैन परेड़ मंदिर में आयोजित सात दिवसीय बाल संस्कार शिविर का समापन बीते दिन श्रद्धा, उत्साह और गरिमामयी वातावरण में हुआ। समापन समारोह से पहले परेड स्थित जैन मंदिर में शिविर में भाग लेने वाले सभी बच्चों की धार्मिक और नैतिक शिक्षा पर आधारित परीक्षा का आयोजन किया गया। परीक्षा परिणामों की घोषणा के बाद बच्चों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। कपिल जैन केपी ने बताया कि इस संस्कार शिविर का उद्देश्य बच्चों को जैन धर्म की मूल अवधारणाओं, नैतिक शिक्षा, अनुशासन और सामाजिक संस्कारों से परिचित कराना था। शिविर में प्रतिदिन आयोजित कक्षाओं में बच्चों को धार्मिक कथा, जैन आगम, प्रार्थना, ध्यान, मंत्र जाप, व्यवहारिक ज्ञान और शील आचरण सिखाया गया।</p>
<p><strong>फूफ और दमोह से आए विद्वानों ने दी शिक्षा</strong></p>
<p>शिविर की शिक्षा व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए दमोह से पंडित श्रेयांश शास्त्री और फूफ़ से अर्पित जैन को आमंत्रित किया गया था। दोनों ही विद्वानों ने पूरे सात दिन तक न केवल बच्चों को जैन धर्म की बारीकियां समझाईं, बल्कि जीवन में नैतिकता, सत्य और अहिंसा के महत्व को भी सरल भाषा में बच्चों को समझाया। समापन कार्यक्रम में अपने वक्तव्य के दौरान पंडित श्रेयांश शास्त्री ने कहा, ‘संस्कार किसी भी समाज की नींव होते हैं। बच्चों को बचपन से ही धार्मिक वातावरण मिले, यही समय का सबसे बड़ा दान है। शिक्षा से केवल जानकारी मिलती है, लेकिन संस्कार चरित्र गढ़ते हैं।’ वहीं, अर्पित जैन ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि ‘नैतिक शिक्षा और धार्मिक ज्ञान से ही जीवन को दिशा मिलती है। आज के प्रतिस्पर्धात्मक और भटकाव से भरे युग में धर्म ही वह आधार है जो बच्चों को सही राह दिखाता है।’ शिविर की समाप्ति से पहले हुई परीक्षा में बच्चों ने पूरे मनोयोग और रुचि से भाग लिया। पंडित श्रेयांश शास्त्री और अर्पित जैन ने स्वयं परीक्षा का आयोजन और निरीक्षण किया। बच्चों की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कर परिणाम घोषित किए गए। परिणामों के आधार पर बच्चों को सम्मानित किया गया</p>
<p><strong>सम्मान समारोह का आयोजन</strong></p>
<p>समापन अवसर पर बालिका मंडल की ओर से राजुल जैन एवं युवा समाजसेवी कपिल जैन, और राहुल जैन अरिहंत विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर जैन समाज अंबाह के अध्यक्ष जिनेश जैन की ओर से कपिल एवं राहुल जैन द्वारा दोनों विद्वानों का शॉल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मान किया गया। कपिल जैन केपी और राहुल जैन अरिहंत ने कहा कि यह शिविर केवल धार्मिक शिक्षा का माध्यम नहीं, बल्कि बच्चों के चरित्र निर्माण की प्रयोगशाला है। इससे समाज को संस्कारी और जागरूक नई पीढ़ी मिलेगी। उन्होंने बताया शिविर में भाग लेने वाले बच्चों के साथ-साथ उनके अभिभावकों ने भी पूरे कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक सहभागिता दिखाई। बच्चों के अनुशासन, समय पालन और सीखने की ललक ने पूरे शिविर को जीवंत बना दिया। समापन समारोह में आयोजकों द्वारा सभी सहयोगी वर्गों, शिक्षकों, संचालन टीम, समाजसेवियों और मंदिर समिति का आभार व्यक्त किया गया। साथ ही यह घोषणा भी की गई कि अगले वर्ष शिविर को और अधिक व्यापक और सुसंगठित रूप में किया जाएगा।</p>
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