<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>श्रीफल जैन समाचार &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<atom:link href="https://www.shreephaljainnews.com/tag/%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%AB%E0%A4%B2-%E0%A4%9C%E0%A5%88%E0%A4%A8-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
	<lastBuildDate>Wed, 24 Sep 2025 08:58:56 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/09/cropped-shri-32x32.png</url>
	<title>श्रीफल जैन समाचार &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>रेखा सुराणा मप्र आईजा महिला विंग की मानव सेवा चेयरमैन नियुक्त : समाज की महिलाओं और पदाधिकारियों ने बधाई दी </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/rekha_surana_appointed_as_chairman_of_manav_seva_of_mp_aija_womens_wing/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/rekha_surana_appointed_as_chairman_of_manav_seva_of_mp_aija_womens_wing/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 24 Sep 2025 08:58:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[All India Jain Journalist Association (AIJA)]]></category>
		<category><![CDATA[Chairman appointed]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[indore]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[MP Aija Women Wing]]></category>
		<category><![CDATA[Rajshanti Aashiyana (Old Age Home)]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[इंदौर]]></category>
		<category><![CDATA[ऑल इंडिया जैन जर्नलिस्ट एसोसिएशन (आईजा)]]></category>
		<category><![CDATA[चेयरमैन नियुक्त]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[मप्र आईजा महिला विंग]]></category>
		<category><![CDATA[राजशांति आशियाना (वृद्ध आश्रम)]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन समाचार]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=91139</guid>

					<description><![CDATA[रेखा सुराणा मप्र आईजा महिला विंग की मानव सेवा चेयरमैन नियुक्त की गईं हैं। उनकी नियुक्ति पर समाजजनों और महिला पदाधिकारियों ने बधाई दी है। इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230; इंदौर। ऑल इंडिया जैन जर्नलिस्ट एसोसिएशन आईजा के संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष हार्दिक हुंडिया, मध्यप्रदेश आईजा के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट राजीव जैन सैनानी, प्रदेश महासचिव [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>रेखा सुराणा मप्र आईजा महिला विंग की मानव सेवा चेयरमैन नियुक्त की गईं हैं। उनकी नियुक्ति पर समाजजनों और महिला पदाधिकारियों ने बधाई दी है। <span style="color: #ff0000">इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> ऑल इंडिया जैन जर्नलिस्ट एसोसिएशन आईजा के संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष हार्दिक हुंडिया, मध्यप्रदेश आईजा के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट राजीव जैन सैनानी, प्रदेश महासचिव अंकित जैन की सहमति एवं राष्ट्रीय सलाहकार प्रदीप जैन की अनुशंसा से आईजा महिला विंग की प्रदेश अध्यक्ष रुचि जैन चोवसिया ने इंदौर की राजशांति आशियाना (वृद्ध आश्रम) की संचालिका को प्रदेश का मानव सेवा चेयरमैन नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति पर मीना सिंगी, किरण रांका, स्वाति जैन, डॉ. किरण जैन, तनु उमेश जैन, मनीषा गूगलिया, सोना जैन, सुनीता लुंकड़, शेल जैन, संजना जैन, गरिमा लुंकड़, अर्चना खाबिया, नीलम बागरेचा, राखी डांगी, विनी दांगी, कोमल नलवाया, राजविहार महिला संघ, रेखा जैन (केंद्रीय इकाई), विजिया जैन (केंद्रीय अध्यक्ष), अनिता जैन, भावना जैन, सनेह कटारिया, श्रुति शर्मा, अंतिम जैन, सीमा बम, रिंकी शुक्ला, तृप्ति दोसी, राजरानी जैन, सुशीला सालेचा एवं संपूर्ण जैन समाज ने बधाई दी।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/rekha_surana_appointed_as_chairman_of_manav_seva_of_mp_aija_womens_wing/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>जैसवाल जैन समाज दिल्ली की सामूहिक क्षमावाणी 2 अक्टूबर को : लकी ड्रॉ, सामाजिक सम्मान और प्रतियोगिताएं प्रस्तावित  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/jaiswal_jain_samaj_delhis_collective_apology_on_october_2/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/jaiswal_jain_samaj_delhis_collective_apology_on_october_2/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 23 Sep 2025 14:39:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[2 october]]></category>
		<category><![CDATA[2 अक्टूबर]]></category>
		<category><![CDATA[Collective Apology]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Jaiswal Jain Society Delhi]]></category>
		<category><![CDATA[Jaiswal Jain Youth Delhi]]></category>
		<category><![CDATA[Lucky Draw]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[Social Respect]]></category>
		<category><![CDATA[Spiritual Practice Center Delhi]]></category>
		<category><![CDATA[अध्यात्म साधना केंद्र दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[जैसवाल जैन युवाजन दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[जैसवाल जैन समाज दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[लकी ड्रॉ]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[सामाजिक सम्मान]]></category>
		<category><![CDATA[सामूहिक क्षमावाणी]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=91134</guid>

					<description><![CDATA[जैसवाल जैन उपरोचियां समाज दिल्ली का सामूहिक क्षमावाणी मिलन समारोह अध्यात्म साधना केंद्र दिल्ली में 2 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताएं भी करवाई जाएंगी। मुरैना से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर&#8230; मुरैना। जैसवाल जैन उपरोचियां समाज दिल्ली का सामूहिक क्षमावाणी मिलन समारोह अध्यात्म साधना केंद्र दिल्ली में 2 अक्टूबर [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>जैसवाल जैन उपरोचियां समाज दिल्ली का सामूहिक क्षमावाणी मिलन समारोह अध्यात्म साधना केंद्र दिल्ली में 2 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताएं भी करवाई जाएंगी। <span style="color: #ff0000">मुरैना से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मुरैना।</strong> जैसवाल जैन उपरोचियां समाज दिल्ली का सामूहिक क्षमावाणी मिलन समारोह अध्यात्म साधना केंद्र दिल्ली में 2 अक्टूबर को मनाया जाएगा। जैसवाल जैन युवाजन दिल्ली के कार्याध्यक्ष चौधरी मोहित जैन चीकू ने बताया कि विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी जैसवाल जैन युवाजन द्वारा जैसबाल जैन उपरोचियां समाज दिल्ली एनसीआर का सामूहिक क्षमावाणी मिलन समारोह विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों के साथ 2 अक्टूबर को समारोहपूर्वक मनाया जा रहा है। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि जैन समाज के उद्योगपति गणेशीलाल सुरेशचंद जैन दिल्ली एवं विशिष्ट अतिथि श्री अतिशय क्षेत्र टिकटोली के अध्यक्ष राजेंद्र भंडारी, संभव फाउंडेशन के संस्थापक युवा उद्यमी श्रेयांश जैन सन्नी ढिलवारी अजमेर उपस्थित रहेंगे। इसके साथ ही भारतवर्ष की जैसवाल जैन समाज के श्रावक श्रेष्ठी भी समारोह में शिरकत करेंगे।</p>
<p><strong>प्रतिभाओं और बुजुर्गों का होगा बहुमान </strong></p>
<p>समारोह में सामूहिक क्षमावाणी के साथ ही सजातीय बुजुर्ग बंधुओं, विशिष्ट व्यक्तियों, मेधावी बच्चों के सम्मान के साथ कक्षा 10वीं एवं 12वीं के चयनित बच्चों को विशेष पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा। चित्रकला प्रतियोगिता सहित एक लकी ड्रॉ के माध्यम से उपहारों का वितरण किया जाएगा। समारोह के मध्य जीएसटी गुरु सीए विमल जैन दिल्ली का उद्बोधन आकर्षण का केंद्र रहेगा। कार्यक्रम पश्चात सभी उपस्थित बंधुओं के लिए सुरुचिपूर्ण वात्सल्य भोज भी होगा।</p>
<p><strong>बच्चों के लिए प्रतियोगिता भी होगी</strong></p>
<p>जैसवाल जैन युवाजन के महामंत्री अजय जैन बॉबी ने बताया कि क्षमावाणी मिलन समारोह में जैसवाल जैन समाज के 8 से 14 साल के बच्चों के लिए धार्मिक ड्राइंग प्रतियोगिता होगी। मेधावी छात्र-छात्राओं के लिए छठवीं से लेकर 12वीं तक प्रत्येक क्लास के दो-दो छात्रों को मेधावी छात्र के रूप में सम्मानित किया जाएगा और कक्षा 10वीं और 12वीं में जैसवाल जैन समाज दिल्ली एनसीआर में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले को31 हजार, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले को 21 हजार और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले को 11 हजार की राशि एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। साथ ही साथ वे छात्र, जिन्होंने हाल ही में ग्रेजुएट एवं मास्टर्स में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की है। उनको जैसवाल जैन युवाजन द्वारा सम्मानित किया जाएगा।</p>
<p><strong>भजनों की प्रस्तुति से माहौल होगा धर्ममय </strong></p>
<p>संचालन का उत्तरदायित्व नीरू जैन गणेशनगर दिल्ली को सौंपा गया है। समारोह में जैन भजन गायक रूपेश जैन एंड पार्टी भव्य प्रस्तुति देगी। कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण के साथ होगा। श्रावक श्रेष्ठियों द्वारा मंच उदघाटन, चित्र अनावरण, दीप प्रज्वलन, जिनवाणी स्थापना की जाएगी। जैसवाल जैन युवाजन दिल्ली के सभी सदस्यों ने सकल जैसवाल जैन उपरोचियां समाज से कार्यक्रम में सम्मिलित होने की अपील की है।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/jaiswal_jain_samaj_delhis_collective_apology_on_october_2/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>जीवन कर्म उदय के अनुसार चलता है: आचार्य श्री विनिश्चय सागर जी के सानिध्य में सिद्धचक्र महामंडल विधान का हुआ शुभारभ   </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/life_proceeds_according_to_the_rising_of_karma/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/life_proceeds_according_to_the_rising_of_karma/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 23 Sep 2025 14:33:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Abhishek]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Shri Vinishchay Sagar Ji]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Offering of Arghya]]></category>
		<category><![CDATA[Ramganj Mandi]]></category>
		<category><![CDATA[Shantidhara]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[Siddhchakra Mahamandal Vidhan]]></category>
		<category><![CDATA[अभिषेक]]></category>
		<category><![CDATA[अर्घ्य समर्पित]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य श्री विनिश्चय सागर]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[रामगंजमंडी]]></category>
		<category><![CDATA[शांतिधारा]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[सिद्धचक्र महामंडल विधान]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=91129</guid>

					<description><![CDATA[आचार्य श्री विनिश्चय सागरजी महाराज सानिध्य में मंगलवार की बेला में सिद्ध चक्र महामंडल विधान का शुभारंभ हुआ। प्रातः की बेला में श्री जी का अभिषेक शांतिधारा की गई। उसके उपरांत सभी क्रियाएं विधि विधान से संपन्न की गई एवं मंडल पर सिद्धों की आराधना करते हुए अर्घ्य समर्पित किए गए। रामगंजमंडी से पढ़िए, अभिषेक [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>आचार्य श्री विनिश्चय सागरजी महाराज सानिध्य में मंगलवार की बेला में सिद्ध चक्र महामंडल विधान का शुभारंभ हुआ। प्रातः की बेला में श्री जी का अभिषेक शांतिधारा की गई। उसके उपरांत सभी क्रियाएं विधि विधान से संपन्न की गई एवं मंडल पर सिद्धों की आराधना करते हुए अर्घ्य समर्पित किए गए। <span style="color: #ff0000">रामगंजमंडी से पढ़िए, अभिषेक जैन लुहाड़िया की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>रामगंजमंडी।</strong> आचार्य श्री विनिश्चय सागरजी महाराज सानिध्य में मंगलवार की बेला में सिद्ध चक्र महामंडल विधान का शुभारंभ हुआ। प्रातः की बेला में श्री जी का अभिषेक शांतिधारा की गई। उसके उपरांत सभी क्रियाएं विधि विधान से संपन्न की गई एवं मंडल पर सिद्धों की आराधना करते हुए अर्घ्य समर्पित किए गए। यह महामंडल विधान 28 सितंबर तक चलेगा। यह महामंडल विधान संघस्थ सभी ब्रह्मचारियों भैया बहनों द्वारा किया जा रहा है। आचार्य श्री विनिश्चय सागरजी महाराज ने मंगल प्रवचन में सिद्धचक्र महामंडल विधान का महत्व समझाया और कहा कि ऐसे कर्म के उदय आते हैं कि हमारी सारी अनुकूलताएं समाप्त हो जाती हैं। आचार्य श्री ने कर्म के विषय में कहा कि कर्म आते समय दिखाई नहीं देते लेकिन, फल देते समय अनुभव में आते हैं। यह संसार में नीति नियम है जो करेगा वहीं भोगेगा और जैन दर्शन तो स्पष्ट रूप से ऐसा ही कहता है।</p>
<p><strong>अच्छा बोया है तो अच्छा काटोगे </strong></p>
<p>आचार्यश्री ने कहा कि परेशानी तकलीफ और अभाव में यही सोचना चाहिए कि यह कर्म किसने किए हैं। जब हम सोचते उत्तर यही आएगा यह कर्म आपने ही किए हैं। अगर हम दूसरों के कर्म भोगने लग जाए तो हमारी क्रिया और भाव का कोई महत्व नहीं रह जाएगा। इसका भावार्थ समझते हुए गुरुदेव ने कहा कि जो बोएगा वही काटेगा। बोया बाजरा है तो गेहूं कैसे काटोगे। अगर आपने अच्छा बोया है तो अच्छा काटोगे और अपने कम अच्छा बोया है तो कम अच्छा काटोगे और यदि बहुत बुरा बोया है तो बहुत बुरा ही काटना पड़ेगा। उन्होंने कहा यह रूल्स है। उन्होंने कहा कि दुनिया ने जिन्हें दुनिया से लेना देना नहीं है उन्हें व्यवस्थापक बना दिया। भगवान को कोई लेना-देना नहीं है। लेना देना तो हमें है। उन्होंने कहा कि मोहनीय कर्म आता है तब हमारी इच्छाएं होती हैं।</p>
<p><strong>कर्म फल को समझना होगा </strong></p>
<p>सिद्ध चक्र विधान सिर्फ सिद्धों की आराधना के लिए नहीं होता। यह कर्म और कर्म के फल को समझने के लिए होता है। यह समझने की जरुरत है। वर्तमान में कुछ नहीं किया है लेकिन, पहले इतना कुछ करके आए हैं। उनके फलों के कारण व्यक्ति को रोना पड़ता है, तकलीफ देखनी पड़ती है। कष्ट भोगना पड़ता है। जो कर्म हमने पहले किए हैं वह तो भोगना ही पड़ेगा। हमें समझने की जरूरत है। हमारा जीवन ऐसे ही नहीं चल रहा है, गाड़ी का उदाहरण देते हुए कहा कि कोई गाड़ी नहीं है जो स्टार्ट कर दी और आगे बढ़ गई। जीवन है यह कर्म के उदय के अनुसार चलता है। हमारी विशुद्धि में ही ताकत है जो पाप को पुण्य में बदल सकती है।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/life_proceeds_according_to_the_rising_of_karma/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>महापुरुषों की न्याय और नीति संस्कृति से परमात्मा बनने का पुरुषार्थ करें: टोंक में 9 दिवसीय अखंड णमोकार मंत्र का पाठ प्रारंभ  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/make_efforts_to_become_divine_through_the_justice_and_ethical_culture_of_great_men/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/make_efforts_to_become_divine_through_the_justice_and_ethical_culture_of_great_men/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 22 Sep 2025 15:54:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[9 day unbroken Namokar Mantra]]></category>
		<category><![CDATA[9 दिवसीय अखंड णमोकार मंत्र]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Shri Vardhman Sagar JI]]></category>
		<category><![CDATA[Atishay Kshetra Tonk]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Shri Padmaprabh Atishay Kshetra]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[अतिशय क्षेत्र टोंक]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[श्री पद्मप्रभ अतिशय क्षेत्र]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन समाचार]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=91123</guid>

					<description><![CDATA[ अतिशय क्षेत्र टोंक में प्रतिदिन अनेक प्रसिद्ध समाजसेवी श्री जी और आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के दर्शन और आशीर्वाद के लिए पधार रहे हैं। आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के मंगल सानिध्य में 18 से 22 फरवरी 2026 तक अतिशय क्षेत्र श्री पद्म प्रभु में पंच कल्याणक होगा। टोंक से पढ़िए, राजेश पंचोलिया की [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong> अतिशय क्षेत्र टोंक में प्रतिदिन अनेक प्रसिद्ध समाजसेवी श्री जी और आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के दर्शन और आशीर्वाद के लिए पधार रहे हैं। आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के मंगल सानिध्य में 18 से 22 फरवरी 2026 तक अतिशय क्षेत्र श्री पद्म प्रभु में पंच कल्याणक होगा। <span style="color: #ff0000">टोंक से पढ़िए, राजेश पंचोलिया की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>टोंक।</strong> अतिशय क्षेत्र टोंक में प्रतिदिन अनेक प्रसिद्ध समाजसेवी श्री जी और आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के दर्शन और आशीर्वाद के लिए पधार रहे हैं। किशनगढ़ के प्रसिद्ध भामाशाह अशोक पाटनी, सौभाग्यमल कटारिया अहमदाबाद, कुंथल गिरी ट्रस्ट महाराष्ट्र, श्री पद्मप्रभ अतिशय क्षेत्र जयपुर सहित सैकड़ों पधारे। सोमवार से टोंक में 9 दिवसीय अखंड णमोकार मंत्र का पाठ प्रारंभ हुआ। आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने उपदेश में बताया कि प्रीति और प्रेम सभी का कर्तव्य है। धर्म और प्रीति आत्म कल्याण में साधन हैं। सभी को धर्म से प्रीति करना चाहिए। शरीर के भीतर आत्मा का कल्याण धर्म के बिना नहीं होता है। समाज में भी समय-समय पर अनेक महान आत्माओं का जन्म हुआ है।</p>
<p><strong>आचार्य शांति सागर जी ने धर्म संस्कृति जिनालयों की रक्षा की</strong></p>
<p>महापुरुषों की न्याय और नीति होती है प्रथमाचार्य श्री शांति सागर जी महाराज महान पुरुष रहे हैं। मुगल साम्राज्य और अंग्रेजी हुकूमत में भी उन्होंने दिगंबर जैन धर्म की महती प्रभावना दक्षिण से उत्तर भारत संघ सहित विहार कर की। आचार्य शांति सागर जी ने धर्म संस्कृति जिनालयों की रक्षा की। अधर्म से दुर्गति भी होती है। यह मंगल देशना आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज धर्म सभा में प्रकट की। आचार्य श्री ने आगे बताया कि प्रथमाचार्य श्री शांति सागर जी महाराज का आचार्य दिवस आश्विन शुक्ला ग्यारस को 100 वर्ष पूर्ण हो गए। टोंक समाज द्वारा आगामी 3 और 4 अक्टूबर को वृहद रूप से आचार्य पद प्रतिष्ठापना कार्यक्रम किया गया है। आचार्य श्री शांति सागर जी के समाज पर बहुत उपकार और ऋण है।</p>
<p><strong>सभी को मैत्री भाव रखना चाहिए</strong></p>
<p>धार्मिक कार्यक्रम से धर्म की प्रभावना होती हैं। महापुरुषों के उपदेश मार्गदर्शन से उच्च मनुष्य कुल में आत्मा को धर्मात्मा बनाने के बाद उन्नति होती है। आप परमात्मा भी बन सकते हैं। सभी को मैत्री भाव रखना चाहिए क्योंकि, जीवन में मित्रता और शत्रुता होती है। मैत्री भाव का फल हमेशा अच्छा होता है। आचार्य श्री के प्रवचन के पूर्व मुनि श्री हितेंद्र सागर जी ने अपने उपदेश में बताया कि 700 वर्ष पूर्व धर्म रसातल में चला गया था। जैन समाज मूल सिद्धांतों को भूलकर देव शास्त्र और गुरु के प्रति उदासीन हो गया था। यहां तक कि मंदिरों में भी ताले लगे थे और समाज अज्ञानता से जैन धर्म के अतिरिक्त अन्य कुदेवो की पूजा करते थे। शिक्षा अनुभूति और अनुभव से दी जाती है।</p>
<p><strong>18 से 22 फरवरी 2026 तक श्री पद्म प्रभु में पंच कल्याणक होगा</strong></p>
<p>समाज प्रवक्ता पवन और विकास ने बताया कि आचार्य श्री के समक्ष अग्रवाल समाज के पदाधिकारियों ने चरण वंदना की। वर्षायोग समिति द्वारा सम्मान किया गया। आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज के आशीर्वाद से श्री आदिनाथ जिनालय में नौ दिनों का अखंड णमोकार मंत्र का पाठ प्रारंभ हुआ। संघ सानिध्य ने मंगल कलश की स्थापना की गई। आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के दर्शन के लिए कुंथल गिरी सिद्ध क्षेत्र के अध्यक्ष अरविंद दोषी एवं कार्यकारिणी के सदस्यों ने दर्शन कर आशीर्वाद लिया। आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के मंगल सानिध्य में 18 से 22 फरवरी 2026 तक अतिशय क्षेत्र श्री पद्म प्रभु में पंच कल्याणक होगा। सुधीर जैन अध्यक्ष प्रबंध मंदिर समिति राजकुमार कोठारी मुख्य संयोजक राजकुमार सेठी मुख्य समन्वयक के नेतृत्व में अनेकों पदाधिकारियों ने आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन लिया।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/make_efforts_to_become_divine_through_the_justice_and_ethical_culture_of_great_men/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बुजुर्गों का बहुमान, जैन मित्र मंडल का अनुकरणीय कार्य : मुनिश्री विलोकसागरजी के सानिध्य में हुआ सामूहिक क्षमावाणी स्नेह मिलन समारोह  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/respect_for_elders_exemplary_work_of_jain_mitra_mandal/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/respect_for_elders_exemplary_work_of_jain_mitra_mandal/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 22 Sep 2025 15:44:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Annual Kalashabhishek]]></category>
		<category><![CDATA[Collective Apology]]></category>
		<category><![CDATA[Dev Shastra Guru]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Love Meeting Ceremony]]></category>
		<category><![CDATA[morena]]></category>
		<category><![CDATA[Munishree Viloksagarji]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[देव शास्त्र गुरु]]></category>
		<category><![CDATA[मुनिश्री विलोकसागरजी]]></category>
		<category><![CDATA[मुरैना]]></category>
		<category><![CDATA[वार्षिक कलशाभिषेक]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[सामूहिक क्षमावाणी]]></category>
		<category><![CDATA[स्नेह मिलन समारोह]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=91118</guid>

					<description><![CDATA[श्री नसियाजी जिनालय में जैन मित्र मंडल के सामूहिक क्षमावाणी स्नेह मिलन समारोह रखा गया। इसमें मुनिश्री विलोकसागरजी महाराज ने कहा कि बुजुर्गों ने आपको बोलना, चलना सिखाया। जीवन में अच्छे बुरे की पहचान सिखाई। यहां तक कि आपका मल मूत्र भी साफ किया। ऐसे बुजुर्गों का सम्मान करना आप सभी का परम कर्तव्य है। [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>श्री नसियाजी जिनालय में जैन मित्र मंडल के सामूहिक क्षमावाणी स्नेह मिलन समारोह रखा गया। इसमें मुनिश्री विलोकसागरजी महाराज ने कहा कि बुजुर्गों ने आपको बोलना, चलना सिखाया। जीवन में अच्छे बुरे की पहचान सिखाई। यहां तक कि आपका मल मूत्र भी साफ किया। ऐसे बुजुर्गों का सम्मान करना आप सभी का परम कर्तव्य है। <span style="color: #ff0000">मुरैना से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मुरैना।</strong> बुजुर्गों ने आपको सच्चे देव शास्त्र गुरु से परिचय कराते हुए उनकी उपासना भक्ति और पूजन करना सिखाया। उन्हीं बुजुर्गों ने आपको बोलना, चलना सिखाया। जीवन में अच्छे बुरे की पहचान सिखाई। यहां तक कि आपका मल मूत्र भी साफ किया। ऐसे बुजुर्गों का सम्मान करना आप सभी का परम कर्तव्य है। यह उद्गार मुनिश्री विलोकसागरजी महाराज ने श्री नसियाजी जिनालय में जैन मित्र मंडल के सामूहिक क्षमावाणी स्नेह मिलन समारोह में सभा में व्यक्त किए। सोमवार को वार्षिक कलशाभिषेक के अवसर पर उन्होंने कहा कि सकल जैन समाज के सभी वयोवृद्धों का बहुमान कर जैन मित्र मंडल ने सभी के सामने एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। बुजुर्गों का यह सम्मान, उनका यह बहुमान केवल मंच तक सीमित नहीं रहना चाहिए। आज आप सभी को यह शपथ लेना चाहिए कि परिवार में, समाज में, पड़ोस में यानि कि सभी स्थानों पर हम बुजुर्गों के सम्मान और बहुमान के लिए बचनबद्ध रहेंगे। हम सभी बुजुर्गों का कभी भी अपमान नहीं करेंगे, उन्हें कठोर बचन नहीं बोलेंगे। जैन मित्र मण्डल के द्वारा आयोजित श्रद्धेय बुजुर्ग बंधुओं के बहुमान समारोह के लिए सभी बधाई एवं प्रशंसा के पात्र हैं। सभी को बहुत बहुत आशीर्वाद है।</p>
<p>इस अवसर पर मुनिश्री विबोधसागरजी महाराज ने कहा कि संगठन में ही शक्ति निहित होती है। सामंजस्य एकता और सूझबूझ से किया गया हर कार्य सफल होता है। बुजुर्गों के उपकार को, उनके ऋण को हम कभी भी चुका नहीं सकते। फिर भी आपने उनका बहुमान कर ये साबित कर दिया कि वाकई में आप उनके प्रति श्रद्धावान हैं। हमारे बुजुर्गों ने स्वयं कष्ट, परेशानियां झेलते हुए हमारे रास्ते के कांटों को साफ किया है। हमें जीवन पर्यंत उनका बहुमान करते रहना चाहिए। अपने माता-पिता या अन्य किसी भी बुजुर्ग व्यक्ति का दिल नहीं दुखाना चाहिए। उन सभी से सदैव आदर और सम्मान के साथ बर्ताव करना चाहिए। इस नेक कार्य के लिए जैन मित्र मंडल और उनके सहयोगी बधाई के पात्र हैं।</p>
<p><strong>सामूहिक रूप में सभी ने की क्षमायाचना</strong></p>
<p>जैन मित्र मंडल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सभी ने सामूहिक रूप से क्षमा याचना की। कार्यक्रम में प्रतिष्ठाचार्य संजय भैयाजी द्वारा मंगलाचरण, ओमप्रकाश जैन ट्रांसपोर्ट द्वारा ध्वजारोहण एवं विशंभरदयाल अनूप जैन भंडारी द्वारा मंच उदघाटन किया गया। समाज की प्रतिभाओं एवं नन्हें मुन्ने बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम का संचालन अनूप भंडारी द्वारा किया गया। समारोह में बतौर मुख्य अतिथि जैसवाल जैन सेवा न्यास के मंत्री रविन्द्र जैन (जमूसर वाले) भोपाल, जैसवाल जैन युवाजन दिल्ली के नवीन जैन पिंकी, चौधरी मोहित जैन चीकू, अजय जैन बॉबी, सीए अजय जैन, सुनील जैन, पवन जैन, गौरव जैन इंदौर, स्वागताध्यक्ष उद्यमी पवन जैन मुरैना, स्वागत मंत्री महेश जैन बंगाली मुरैना बाहर से आए हुए सभी अतिथि तथा सभी बुजुर्ग मंच पर विराजमान थे। समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी राजेंद्र भंडारी (अतिशय क्षेत्र टिकटोली अध्यक्ष) ने की। स्वागताध्यक्ष पवन जैन मुरैना ने स्वागत भाषण दिया एवं एडवोकेट धर्मेंद्र जैन ने जैन मित्र मंडल की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।</p>
<p><strong>’जैन मित्र मंडल ने किया बुजुर्गों का बहुमान</strong></p>
<p>जैन मित्र मण्डल द्वारा आयोजित सामूहिक क्षमावाणी स्नेह मिलन समारोह में 80 वर्ष से अधिक 31 सजातीय बुजुर्ग बंधुओं का बहुमान किया गया। सभी बुजुर्गों को ससम्मान मंचासीन कर सभी को स्वाफा बांधा गया। तिलक, श्रीफल, शाल, मणिमाला, प्रशस्ति पत्र देकर सभी बुजुर्गों का सम्मान किया गया। सम्मान की बेला में बुजुर्ग बंधुओं के चेहरे पर एक अदभुद मुस्कान को देखकर आयोजकगढ़ गदगद हो गए।</p>
<p><strong>लकी ड्रॉ रहा आकर्षण केंद्र, प्रथम पुरस्कार में मिली स्कूटी</strong></p>
<p>समारोह में लकी ड्रॉ आकर्षण का केंद्र रहा। उपहार कूपनों का लकी ड्रॉ किया गया। जिसमें प्रथम पुरस्कार चेरी अनिल जैन भंडारी को इलेक्ट्रिक स्कूटी, रज्जन जैन को द्वितीय पुरस्कार में फ्रिज एवं सूरज जैन को तृतीय पुरस्कार में एंड्रॉयड टीवी उपहार स्वरूप प्रदान की गई। इसके साथ साथ अन्य लोगों को भी विभिन्न पुरस्कारों का वितरण किया गया।</p>
<p><strong> वार्षिक कलशाभिषेक का हुआ </strong></p>
<p>जैन मित्र मण्डल के मुख्य संयोजक सतेंद्र जैन शिक्षक ने बताया कि मुनिश्री विलोकसागरजी एवं मुनिश्री विबोधसागरजी महाराज के सान्निध्य एवं प्रतिष्ठाचार्य बाल ब्रह्मचारी संजय भैयाजी के आचार्यत्व में श्री महावीर दिगंबर जैन नसियाजी जिनालय में वार्षिक कलशाभिषेक हुए। मंचासीन युगल मुनिराजों का पाद प्रक्षालन राजेंद्र भंडारी साकेत निकेत जैन भंडारी परिवार द्वारा किया गया। जिसमें प्रथम कलश से अभिषेक करने का सौभाग्य नीरज जैन मोनू, प्रथम शांतिधारा का सौभाग्य पदमचंद गौरव जैन चौटा परिवार एवं द्वितीय शांतिधारा का सौभाग्य राजेंद्र भंडारी, साकेत जैन भंडारी परिवार को प्राप्त हुआ। मुनिराजों के मुखारविंद से शांतिधारा का वाचन हुआ। समारोह में प्रतिष्ठाचार्य संजय भैयाजी द्वारा सभी कार्यक्रमों को विधिविधान एवं मंत्रोच्चारण के साथ सम्पन्न कराया। कलशाभिषेक के पश्चात सकल जैन समाज के लिए वात्सल्य भोज की व्यवस्था की गई थी।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/respect_for_elders_exemplary_work_of_jain_mitra_mandal/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>अग्रवन भूतल में सानंद हुआ क्षमावाणी मिलन समारोह : आगरा खंडेलवाल दिगंबर जैन समिति ने समाज की प्रतिभाओं का किया सम्मान  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/kshamavani_milan_ceremony_was_held_with_great_joy_in_agravan_ground_floor/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/kshamavani_milan_ceremony_was_held_with_great_joy_in_agravan_ground_floor/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 22 Sep 2025 13:35:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Agra Khandelwal Digambar Jain Committee]]></category>
		<category><![CDATA[Agravan Ground Floor]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Jaipur House Style]]></category>
		<category><![CDATA[Kshamavani Milan Ceremony]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[अग्रवन भूतल]]></category>
		<category><![CDATA[आगरा खंडेलवाल दिगंबर जैन समिति]]></category>
		<category><![CDATA[क्षमावाणी मिलन समारोह]]></category>
		<category><![CDATA[जयपुर हाउस शैली]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन समाचार]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=91096</guid>

					<description><![CDATA[वाटर वर्क्स क्रॉसिंग स्थित अग्रवन में सोमवार को आगरा खंडेलवाल दिगंबर जैन समिति का क्षमावाणी मिलन समारोह हर्षाेल्लास और भव्यता के साथ सानंद किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं मंगला चरण के साथ हुआ। इस अवसर पर कमला नगर, नाई की मंडी, मोती कटरा, बेलनगंज औऱ जयपुर हाउस शैली की महिला मंडलों ने [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>वाटर वर्क्स क्रॉसिंग स्थित अग्रवन में सोमवार को आगरा खंडेलवाल दिगंबर जैन समिति का क्षमावाणी मिलन समारोह हर्षाेल्लास और भव्यता के साथ सानंद किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं मंगला चरण के साथ हुआ। इस अवसर पर कमला नगर, नाई की मंडी, मोती कटरा, बेलनगंज औऱ जयपुर हाउस शैली की महिला मंडलों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। <span style="color: #ff0000">आगरा से पढ़िए, शुभम जैन की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>आगरा।</strong> वाटर वर्क्स क्रॉसिंग स्थित अग्रवन में सोमवार को आगरा खंडेलवाल दिगंबर जैन समिति का क्षमावाणी मिलन समारोह हर्षाेल्लास और भव्यता के साथ सानंद किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं मंगला चरण के साथ हुआ। इस अवसर पर कमला नगर, नाई की मंडी, मोती कटरा, बेलनगंज औऱ जयपुर हाउस शैली की महिला मंडलों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। जिनमें भक्ति नृत्य और जैन परंपराओं की झलक ने सभी का मन मोह लिया। इन प्रस्तुतियों ने पूरे समारोह को सांस्कृतिक गौरव से सराबोर कर दिया।</p>
<p>कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जयपुर से पधारे उमराव मल सांघी का आगरा खंडेलवाल दिगंबर जैन समिति द्वारा स्वागत सम्मान किया गया। इसके साथ ही समिति ने समाज के दाम्पत्य जीवन के 50 वर्ष पूर्ण करने वाले युगलों, प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं एवं त्यागी वृत्तियों का प्रतीक चिन्ह और माला पहनाकर स्वागत व अभिनंदन किया। इस सम्मान समारोह में उपस्थित जनों ने भावनाओं से परिपूर्ण अनुमोदना की। संचालन मनोज जैन बाकलीवाल ने प्रभावशाली ढंग से किया। मंत्री पंकज जैन ने बताया आयोजन में म्यूजिक तंबोला गेम भी रखा गया। जिसने बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को रोमांचित कर दिया।</p>
<p>समापन पर जयपुर हाउस शैली की ओर से वात्सल्य भोज की व्यवस्था की गई। जिसमें सभी ने प्रेम और सौहार्द के साथ सहभागिता की। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष निर्मल मोठया, पंकज जैन,नरेंद्र गोधा,संदीप पाटनी, दिलीप बड़जात्या, सुरेंद्र बैनाड़ा, सुनील गोधा, अंकुर बैनाड़ा, रोहित बड़जात्या, अनिल सोनी, राजेन्द्र जैन, अनिमेष गोधा, पन्नालाल बैनाड़ा, दीपक जैन, मीडिया प्रभारी शुभम कासलीवाल, शशि सेठी, उर्मिला मोठया, सुरभि पाटनी, प्रिया भूंच, समस्त आगरा खंडेलवाल दिगंबर जैन समिति के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/kshamavani_milan_ceremony_was_held_with_great_joy_in_agravan_ground_floor/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>क्षमा वाणी ही विश्व में ऐसा पर्व है जिसे सिर्फ जैन समाज ही मनाता है : बैर की गांठ खोलकर अंतरंग में क्षमा धारण कर क्षमा मांगें-मुनिश्री सुयश सागर जी </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/kshama_vani_is_the_only_festival_in_the_world_which_is_celebrated_only_by_the_jain_community-2/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/kshama_vani_is_the_only_festival_in_the_world_which_is_celebrated_only_by_the_jain_community-2/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 22 Sep 2025 13:34:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Aryaka Shuddh Mati Mataji]]></category>
		<category><![CDATA[Collective Forgiveness Speech Festival]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Lord Bahubali Digambar Jain Trust Gommatgiri]]></category>
		<category><![CDATA[Munishree Suyash Sagar Ji]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[आर्यिका शुद्ध मति माताजी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[भगवान बाहुबली दिगंबर जैन ट्रस्ट गोम्मटगिरी]]></category>
		<category><![CDATA[मुनिश्री सुयश सागर जी]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[सामूहिक क्षमा वाणी पर्व]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=91090</guid>

					<description><![CDATA[भगवान बाहुबली दिगंबर जैन ट्रस्ट गोम्मटगिरी के तत्वावधान में गोम्मटगिरी में भगवान बाहुबली के पाद मूल में बैठकर मुनि श्री सुयश सागर जी महाराज एवं आर्यिका शुद्ध मति माताजी के ससंघ सानिध्य में सामूहिक क्षमा वाणी पर्व मनाया गया। इंदौर से पढ़िए, राजेश जैन दद्दू की यह खबर&#8230; इंदौर। भगवान बाहुबली दिगंबर जैन ट्रस्ट गोम्मटगिरी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>भगवान बाहुबली दिगंबर जैन ट्रस्ट गोम्मटगिरी के तत्वावधान में गोम्मटगिरी में भगवान बाहुबली के पाद मूल में बैठकर मुनि श्री सुयश सागर जी महाराज एवं आर्यिका शुद्ध मति माताजी के ससंघ सानिध्य में सामूहिक क्षमा वाणी पर्व मनाया गया। <span style="color: #ff0000">इंदौर से पढ़िए, राजेश जैन दद्दू की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> भगवान बाहुबली दिगंबर जैन ट्रस्ट गोम्मटगिरी के तत्वावधान में गोम्मटगिरी में भगवान बाहुबली के पाद मूल में बैठकर मुनि श्री सुयश सागर जी महाराज एवं आर्यिका शुद्ध मति माताजी के ससंघ सानिध्य में सामूहिक क्षमा वाणी पर्व मनाया गया। इस अवसर पर मुनिश्री सुयश सागर जी महाराज ने प्रवचन में कहा कि क्षमावाणी पर्व ही एकमात्र ऐसा पर्व है। जिसे विश्व में केवल जैन समाज ही मनाती है। क्षमा मांगने और देने की परंपरा की शुरुआत आदि तीर्थंकर आदिनाथ भगवान के पुत्र भरत एवं बाहुबली से हुई थी। आप सभी का सौभाग्य है कि उन्हीं भगवान बाहुबली की प्रतिमा के समक्ष आज हम सब सामूहिक क्षमा वाणी मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि क्रोध, कषाय और बैर की गांठ खोलकर और अंतरंग में क्षमा धारण कर उससे क्षमा मांगना चाहिए। जिसके प्रति तुम्हारे में अंतरंग में कलुषता है, वही सच्ची क्षमा होगी और तभी क्षमा वाणी पर्व मनाना सार्थक होगा।</p>
<p><strong><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-91094" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/09/IMG-20250922-WA0027.jpg" alt="" width="731" height="980" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/09/IMG-20250922-WA0027.jpg 731w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/09/IMG-20250922-WA0027-224x300.jpg 224w" sizes="(max-width: 731px) 100vw, 731px" />क्षमावाणी शाश्वत पर्व- आर्यिका शुद्ध मति माताजी </strong></p>
<p>इस अवसर पर आर्यिका शुद्ध मति माताजी ने कहा कि क्षमावाणी पर्व एक दिन एक, एक माह या एक वर्ष का पर्व नहीं है। यह तो शाश्वत पर्व है और सभी लोगों को सभी जीवो के प्रति जीवन पर्यंत अंतरंग में क्षमा का भाव रखना चाहिए और बैर विरोध अथवा विवाद होने पर अंतस से क्षमा मांगना चाहिए। आपने आगे कहा कि आपकी वाणी शत्रु भी बना सकती है और शत्रुता भी मिटा सकती है। इसलिए परस्पर मे मधुर और ऐसी वाणी बोलें जिसमें क्षमा प्रेम करुणा और संवेदनशीलता हो ताकि लोग आपसे जुड़ते जाएं।</p>
<p><strong>तपस्वियों का प्रशस्ति पत्र और शास्त्र भेंटकर किया सम्मान </strong></p>
<p>प्रारंभ में संदीप मोयरा, नरेंद्र वेद, पिंकेश टोंग्या ने मुनिश्री का पाद प्रक्षालन किया एवं कैलाश वेद, डॉ जैनेंद्र जैन, प्रदीप बड़जात्या, विमल सेठी, जैनेश झांझरी, राजेंद्र गंगवाल एवं ट्रस्टियों ने मुनिश्री के समक्ष श्रीफल समर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर भगवान बाहुबली दिगंबर जैन ट्रस्ट द्वारा इस वर्ष पर्यूषण पर्व में तीन, पांच, दस और इससे अधिक उपवास की तप साधना करने वालों को दुपट्टा, पहनाकर एवं प्रशस्ति पत्र और शास्त्र भेंट कर उनका सम्मान किया गया। संचालन ट्रस्टी सौरभ पाटौदी ने किया। पश्चात मुनि संघ एवं आर्यिका संघ के सानिध्य में श्रीजी का अभिषेक एवं शांतिधारा संपन्न हुई। शांतिधारा करने का सौभाग्य ट्रस्टी विमल सेठी को प्राप्त हुआ।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/kshama_vani_is_the_only_festival_in_the_world_which_is_celebrated_only_by_the_jain_community-2/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>संयम, त्याग, संन्यास के मार्ग पर चलना है तो राग द्वेष छोड़े: आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी ने पथरिया में भक्तों को संयम, त्याग को अपनाने की दी सीख  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/if_you_want_to_follow_the_path_of_restraint_acrifice_and_renunciation_then_give_up_attachment_and_hatred/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/if_you_want_to_follow_the_path_of_restraint_acrifice_and_renunciation_then_give_up_attachment_and_hatred/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 22 Sep 2025 13:32:41 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Shri Vishuddha Sagar Ji]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Mangal Sermon]]></category>
		<category><![CDATA[Sangha seated]]></category>
		<category><![CDATA[Self-welfare]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[Viragodaya Tirtha]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[आत्म कल्याण]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[मंगल देशना]]></category>
		<category><![CDATA[विरागोदय तीर्थ]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[ससंघ विराजित]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=91085</guid>

					<description><![CDATA[आचार्यश्री विशुद्ध सागर जी ने कहा कि संयम, त्याग, संन्यास के मार्ग पर चलना है, तो राग और द्वेष को छोड़ना चाहिए। यदि आप अपनों से भी राग करोगे और दूसरों से द्वेष करोगे तो लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर सकोगे। पथरिया से पढ़िए, अभिषेक अशोक पाटील की यह खबर&#8230; पथरिया। आचार्यश्री विशुद्ध सागर जी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>आचार्यश्री विशुद्ध सागर जी ने कहा कि संयम, त्याग, संन्यास के मार्ग पर चलना है, तो राग और द्वेष को छोड़ना चाहिए। यदि आप अपनों से भी राग करोगे और दूसरों से द्वेष करोगे तो लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर सकोगे। <span style="color: #ff0000">पथरिया से पढ़िए, अभिषेक अशोक पाटील की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>पथरिया।</strong> आचार्यश्री विशुद्ध सागर जी ने कहा कि संयम, त्याग, संन्यास के मार्ग पर चलना है, तो राग और द्वेष को छोड़ना चाहिए। यदि आप अपनों से भी राग करोगे और दूसरों से द्वेष करोगे तो लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर सकोगे। साधना का मार्ग आत्म-कल्याण का मार्ग है। वैभव बडामलहारा ने बताया की विरागोदय तीर्थ पथरिया में में आचार्यश्री ससंघ विराजित हैं। उनका चातुर्मास यहां जारी है। यहां पर नित्य ही प्रवचनों का दौर जारी है। इसमें जैन समाज के भक्तों को आचार्यश्री अपनी मंगल देशना से उपकृत कर रहे हैं। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन धर्म सभा का लाभ अर्जित कर रहे हैं।</p>
<p><strong>वकार आते ही सर्वनाश प्रारंभ हो जाता है</strong></p>
<p>प्रवचन के दौरान आचार्यश्री विशुद्ध सागर जी महाराज ने कहा कि जीवन के रहस्यों को समझो। व्यर्थ में श्रम मत करो। पहले समझो, संभलो फिर कुछ करो। विचार पूर्वक ही कार्य करना चाहिए। कार्य करने के पूर्व विचार करो। विचारों में विकार आते ही सर्वनाश प्रारंभ हो जाता है। विचारों की पवित्रता आवश्यक है। जब-तक विचार पवित्र नहीं है, तब-तक कार्य भी पवित्र नहीं हो सकता है। वस्तु-स्वरूप को समझो। बुराई को छोड़े बिना, अच्छाई में प्रवेश नहीं हो सकता।</p>
<p><strong>सत्य जानो, सत्यपूर्ण आचरण करो</strong></p>
<p>उन्होंने कहा कि मनुष्य-जीवन अत्यंत दुर्लभ है। इसे व्यर्थ में नष्ट मत करो। पल-पल अनमोल है। हर पल का सदुपयोग करो। जीवन का हर क्षण अपनी उन्नति में लगाओ। भटको मत, भटकन से बचो। धन, जीवन जीने के लिए आवश्यक है, परन्तु धन सब-कुछ नहीं है। धन सर्वस्व नहीं है, धर्म सुख को देने वाला है। व्यर्थ के लोगों के चक्कर में मत पड़ो। आत्म कल्याण करना है, जीवन में सुख प्राप्त करना है तो सत्य जानो, सत्यपूर्ण आचरण करो। जानोगे नहीं तो सुधार कैसे करोगे। चलने के पहले मार्ग का निर्णय करो। भोजन के पहले शोधन करो। बोलने के पूर्व विचार करो।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/if_you_want_to_follow_the_path_of_restraint_acrifice_and_renunciation_then_give_up_attachment_and_hatred/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>आत्मा को समझना चाहते हो तो गुरु को समझो : मुनिश्री प्रांजल सागर जी ने आत्मा और गुरु का संबंध समझाया  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/if_you_want_to_understand_the_soul_understand_the_guru/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/if_you_want_to_understand_the_soul_understand_the_guru/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 22 Sep 2025 13:29:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Shri Vinishchay Sagarji Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[Discourse Meeting]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Muni Shri Pranjal Sagarji Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[Ramganj Mandi]]></category>
		<category><![CDATA[Shri Shantinath Digambar Jain Temple]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य श्री विनिश्चय सागर]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[प्रवचन सभा]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि श्री प्रांजल सागरजी महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[रामगंजमंडी]]></category>
		<category><![CDATA[श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर समिति]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन समाचार]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=91080</guid>

					<description><![CDATA[सोमवार की बेला में श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर प्रवचन सभा में आचार्य श्री विनिश्चय सागरजी महाराज संघस्थ मुनि श्री प्रांजल सागरजी महाराज ने आत्मा एवं गुरु का महत्व समझाया। रामगंजमंडी से पढ़िए, अभिषेक जैन लुहाड़िया की यह खबर&#8230; रामगंजमंडी। सोमवार की बेला में श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर प्रवचन सभा में आचार्य श्री विनिश्चय [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>सोमवार की बेला में श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर प्रवचन सभा में आचार्य श्री विनिश्चय सागरजी महाराज संघस्थ मुनि श्री प्रांजल सागरजी महाराज ने आत्मा एवं गुरु का महत्व समझाया। <span style="color: #ff0000">रामगंजमंडी से पढ़िए, अभिषेक जैन लुहाड़िया की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>रामगंजमंडी।</strong> सोमवार की बेला में श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर प्रवचन सभा में आचार्य श्री विनिश्चय सागरजी महाराज संघस्थ मुनि श्री प्रांजल सागरजी महाराज ने आत्मा एवं गुरु का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि यदि आत्मा को समझना चाहते हैं तो गुरु को समझो। देव शास्त्र गुरु के प्रति समर्पित रहोगे तो आत्मा का चिंतन अपने आप हो जाएगा देव शास्त्र गुरु को समझो। उन्होंने कहा जो आत्मा को जानता है। वह गुरु को जानता है और जो गुरु और आत्मा को जानता है। वह परमात्मा को जानता है। गुरु महिमा का बखान करते हुए कहा कि गुरु अमृत कल्प वृक्ष हैं। जिससे आत्मा में बंधी कालिमा कमजोर पड़ जाती है। इसीलिए गुरु चरणों में आ जाओगे तो सबकुछ होगा।</p>
<p><strong>कर्म की लीला बड़ी विचित्र है-आचार्य श्री विनिश्चय सागरजी </strong></p>
<p>प्रवचन सभा में आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज ने कहा कि कर्म जब उदय में आते हैं तो बहुत कुछ हो जाता है। कर्म उदय के कारण राम को मिलने वाली राजगद्दी की जगह वनवास हो गया। जिसने सबसे ज्यादा समर्थन किया उसी ने वनवास दे दिया। उन्होंने कहा कि कर्म की लीला बड़ी विचित्र है। कर्म हंसते हुए को रुला देता है और रोते हुए को हंसा देता है। कर्म जब बुरा उदय में होता है तो फिक्र आती नहीं और जब कर्म अच्छा होता है तो सबको फिक्र आती है। तीव्र कर्म का जब उदय होता है तो किसी को फिक्र नहीं होती। जब कर्म का अनुभाग घटने लगता है तो सबको फिक्र होने लगती है। उन्होंने कहा कि हमारे पास बहुत कुछ है फिर भी दिमाग से निकल जाता है कि मेरे पास कुछ नहीं है सुखी होने का सबसे अच्छा उपाय है कि मेरे पास बहुत कुछ है और जितना है बहुत है।</p>
<p><strong>हम शरीर की कीमत करेंगे तो शरीर हमारी कीमत करेगा</strong></p>
<p>शरीर की इतनी कीमत है तो आत्मा की कितनी कीमत होगी। हमें समझने की जरूरत है। हमारी आत्मा की भी कीमत है, हमारी भी कीमत है, हमारी सोच की भी कीमत है और हमारे विचार की भी कीमत है। हर चीज की कीमत है। सबसे ज्यादा कीमत तो उसकी है, जो आपके अंदर धर्म विराजमान है जो बहुमूल्य है। इसमें इतनी ताकत है कि आप सही ढंग से कर लें। उसकी भूमिका बना ले तो जो आपने सोचा नहीं था वह आपको मिल जाएगा। आचार्य श्री ने जैन दर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि जैन दर्शन में शरीर द्वारा धार्मिक क्रिया करने को कहा है। उन्होंने ब्रह्म मुहूर्त में पंच परमेष्ठि का ध्यान करने की सभी को सीख दी और कहा कि उसके बाद दैनिक क्रिया के बाद अभिषेक पूजन आदि में संलग्न हो जाए। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि यदि हम शरीर की कीमत करेंगे तो शरीर हमारी कीमत करेगा उन्होंने कहा कि शरीर और आत्मा दोनों का काम दुख से बचाना है। कर्म यदि हम प्रभु की आराधना करते हैं तो अशुभ शुभ में परिवर्तित हो जाते हैं विशुद्धि के साथ करे।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/if_you_want_to_understand_the_soul_understand_the_guru/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>अजय जैन बबलू को समाजजनों ने किया सम्मानित : ऑल इंडिया जैन जर्नलिस्ट एसोसिएशन के अजय जैन बबलू जिला अध्यक्ष और पंकज जैन जिला उपाध्यक्ष बने </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/ajay_jain_bablu_was_honored_by_the_community/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/ajay_jain_bablu_was_honored_by_the_community/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 22 Sep 2025 13:27:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Aija]]></category>
		<category><![CDATA[All India Jain Journalist Association]]></category>
		<category><![CDATA[Ambah Digambar Jain Social Group]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[jain samaj]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[अम्बाह दिगंबर जैन सोशल ग्रुप]]></category>
		<category><![CDATA[आईजा]]></category>
		<category><![CDATA[ऑल इंडिया जैन जर्नलिस्ट एसोसिएशन (आईजा)]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन समाचार]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=91075</guid>

					<description><![CDATA[अम्बाह दिगंबर जैन सोशल ग्रुप के सभी पदाधिकारी एवं सदस्यगणों ने नवनियुक्त जिला अध्यक्ष अजय जैन बबलू जिला उपाध्यक्ष पंकज जैन को किो जैन धर्म की पंचरंगी पट्टी एवं फेटा लगाकर सम्मानित किया और पुष्पहार पहनाकर अभिनंदन किया। अंबाह से पढ़िए, सोनल जैन की यह खबर&#8230; अम्बाह भिंड। भारत के जैन समाज के पत्रकारों के [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>अम्बाह दिगंबर जैन सोशल ग्रुप के सभी पदाधिकारी एवं सदस्यगणों ने नवनियुक्त जिला अध्यक्ष अजय जैन बबलू जिला उपाध्यक्ष पंकज जैन को किो जैन धर्म की पंचरंगी पट्टी एवं फेटा लगाकर सम्मानित किया और पुष्पहार पहनाकर अभिनंदन किया। <span style="color: #ff0000">अंबाह से पढ़िए, सोनल जैन की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>अम्बाह भिंड</strong>। भारत के जैन समाज के पत्रकारों के लिए प्रतिष्ठित संगठन ऑल इंडिया जैन जर्नलिस्ट एसोसिएशन (आईजा) ने मुरैना जिले में संगठन को सुदृढ़ करने और प्रचार-प्रसार को मजबूती देने के लिए दो महत्वपूर्ण नियुक्तियां की हैं। अजय जैन बबलू अम्बाह को मुरैना जिला अध्यक्ष और चंबल के पत्रकार पंकज जैन को जिला उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह नियुक्तियां संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष हार्दिक हुडिया (मुंबई) की अनुशंसा और आईजा की मंजूरी से की गई। दोनों पदाधिकारी जाने-माने प्रभावशाली पत्रकार हैं। विशेष रूप से पंकज जैन को जैन समाज का रत्न और दबंग पत्रकार माना जाता है, जो समय-समय पर समाज में हो रहे घटनाक्रम और महत्वपूर्ण मुद्दों को उजागर करते रहते हैं। अजय जैन बबलू और पंकज जैन दोनों ही समाज सेवा और पत्रकारिता में सक्रिय भूमिका निभाते आए हैं। आईजा के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट राजीव जैन सैनानी ने कहा कि दोनों पदाधिकारी जिले में पत्रकारिता और समाज से जुड़े कार्यक्रमों में नई सक्रियता लाएंगे। उन्होंने जिला स्तर पर कार्यकारिणी का गठन कर प्रदेश कार्यालय को शीघ्र सूचित करने का निर्देश भी दिया।</p>
<p>आईजा के प्रदेश महामंत्री अंकित जैन ने नियुक्ति पत्र जारी कर दोनों को उनके कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के प्रति मार्गदर्शन दिया। नियुक्ति के बाद दोनों ने संगठन और समाज के हित में काम करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर आईजा के वरिष्ठ पदाधिकारी और स्थानीय पत्रकारों ने उन्हें बधाई दी और कहा कि पंकज जैन की दबंग पत्रकारिता और अजय जैन बबलू की सक्रियता मुरैना जिले में आईजा के संगठनात्मक और सामाजिक कार्यक्रमों में नई ऊर्जा लाएगी।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/ajay_jain_bablu_was_honored_by_the_community/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
