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	<title>शिक्षण शिविर &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>बच्चों ने लिया परीक्षा में हिस्सा :  जैन मिलन महिला भिंड द्वारा पचासा जैन मंदिर में शिक्षण शिविर का समापन </title>
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		<pubDate>Sun, 15 Jun 2025 08:50:49 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जैन मिलन क्षेत्रीय पाठशाला समिति की चेयरमैन वीरांगना सपना जैन एवं जैन मिलन महिला भिंड के तत्वावधान में पचासा जैन मंदिर में आयोजित शिक्षण शिविर का आज सफलतापूर्वक समापन हुआ। पढ़िए सोनल जैन की रिपोर्ट&#8230; भिंड। जैन मिलन क्षेत्रीय पाठशाला समिति की चेयरमैन वीरांगना सपना जैन एवं जैन मिलन महिला भिंड के तत्वावधान में पचासा [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>जैन मिलन क्षेत्रीय पाठशाला समिति की चेयरमैन वीरांगना सपना जैन एवं जैन मिलन महिला भिंड के तत्वावधान में पचासा जैन मंदिर में आयोजित शिक्षण शिविर का आज सफलतापूर्वक समापन हुआ। <span style="color: #ff0000">पढ़िए सोनल जैन की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>भिंड।</strong> जैन मिलन क्षेत्रीय पाठशाला समिति की चेयरमैन वीरांगना सपना जैन एवं जैन मिलन महिला भिंड के तत्वावधान में पचासा जैन मंदिर में आयोजित शिक्षण शिविर का आज सफलतापूर्वक समापन हुआ। यह शिविर लगातार दूसरी बार आयोजित किया गया, जिसमें लगभग 90 से 100 बच्चों ने भाग लिया। इनमें से 90 बच्चों ने परीक्षा में हिस्सा लिया। शिविर में जैन मिलन महिला भिंड की सदस्यों ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया।</p>
<p>समापन समारोह में बाहर से पधारे तीन विद्वान भैया जी का पारंपरिक तिलक बंधन कर एवं वस्त्र प्रदान कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अतिवीर सुनील कुमार जैन और अखिल भारतीय जैन पत्रकार संघ के जिलाध्यक्ष सोनल जैन का भी तिलक कर सम्मान किया गया। शिविर के बच्चों को प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान के साथ-साथ सांत्वना पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। समापन अवसर पर जैन मिलन महिला की सभी सदस्याएं तथा पचासा जैन मंदिर समिति के सदस्य भी उपस्थित रहे। समारोह का समापन वीरांगना सपना जैन द्वारा किया गया। इस अवसर पर राजेश भैया, अशोक भैया, सचिन भैया, शैलेश जैन, सुनीता जैन, हेमा जैन, अध्यक्ष लक्ष्मी जैन, ज्योति जैन, माया जैन, साधना जैन सहित जैन मिलन महिला की सभी सदस्याएं उपस्थित थीं।</p>
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		<title>शिक्षण शिविर बना रहे बच्चों को संस्कारवान:  3 जून तक चलेगा शिक्षण शिविर </title>
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		<pubDate>Tue, 27 May 2025 13:13:58 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[बड़े जैन मंदिर में संस्कार शिक्षण शिविरों के माध्यम से बच्चों को प्रभु भक्ति, पूजन अभिषेक आदि की शिक्षा दी जा रही है। आचार्य श्री 108 विद्यासागर महाराज के पावन आशीर्वाद एवं मुनि श्री 108 सुधासागर महाराज के आशीर्वाद एवं प्रेरणा से शिक्षण शिविर लगाए जा रहे हैं। यह शिविर 3 जून तक चलेंगे। मुरैना [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>बड़े जैन मंदिर में संस्कार शिक्षण शिविरों के माध्यम से बच्चों को प्रभु भक्ति, पूजन अभिषेक आदि की शिक्षा दी जा रही है। आचार्य श्री 108 विद्यासागर महाराज के पावन आशीर्वाद एवं मुनि श्री 108 सुधासागर महाराज के आशीर्वाद एवं प्रेरणा से शिक्षण शिविर लगाए जा रहे हैं। यह शिविर 3 जून तक चलेंगे।<span style="color: #ff0000"> मुरैना से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मुरैना।</strong> भौतिकतावादी युग में जहां ग्रीष्मकालीन अवकाश में बच्चे मटरगस्ती करते हुए मोबाइल आदि पर अपना समय व्यतीत करते हैं, वहीं बड़े जैन मंदिर में इन अवकाशों में संस्कार शिक्षण शिविरों के माध्यम से उन्हें प्रभु भक्ति, पूजन अभिषेक आदि की शिक्षा दी जा रही है। आचार्य श्री 108 विद्यासागर महाराज के पावन आशीर्वाद एवं मुनि श्री 108 सुधासागर महाराज के आशीर्वाद एवं प्रेरणा से शिक्षण शिविरों का आयोजन हो रहा है।</p>
<p>इसमें मुनिश्री विलोकसागर एवं विबोधसागर महाराज का सान्निध्य प्राप्त हो रहा। श्री दिगम्बर जैन श्रमण संस्कृति संस्थान के तत्वावधान में 3 जून तक ग्रीष्मकालीन धार्मिक शिक्षण शिविर श्री 1008 पारसनाथ दिगम्बर जैन पंचायती मंदिर में किया जा रहा है, जिसमें 450 विद्यार्थियों की संख्या में धार्मिक शिक्षण शिविर का लाभ उठा रहे है। धार्मिक शिक्षण शिविर में श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर जयपुर से पधारे विद्वान भैया लोगों के द्वारा धार्मिक कक्षाएं चल रही है।</p>
<p>शिविर में प्रथम भाग बाल बोध अजय भैयाजी, छहढाला ग्रन्थ विद्वत् आशीष जैन शास्त्री मबई, भक्तामर ग्रंथ विद्वत् नीरज जैन शास्त्री भंगवा, द्रव्यसंग्रह विद्वत् सुरेश जैन शास्त्री, तत्त्वार्थसूत्र विद्वत् राजेंद्र जैन शास्त्री, बाल बोध भाग 2 विद्वत् संकल्प जैन शास्त्री इन सभी विषयों का अध्ययन करा रहे हैं इन शिविरों का आयोजन क्षेत्रीय शिविर प्रभारी विद्वत् नवनीत जैन शास्त्री मुरैना, पंडित आशीष जैन शास्त्री मबई का संयोजन में यह शिविर लगाया जा रहा है। स्थानीय शिविर प्रभारी वीरेंद्र जैन बाबा, मुख्य संयोजक राजकुमार जैन वरैया आदि सभी शिविर की व्यवस्थाओं में सहयोग प्रदान कर रहे हैं।</p>
<p><strong>शिविरार्थी बच्चे सभी से बालते हैं जय जिनेंद्र</strong><br />
शिविर में नन्हें मुन्ने बच्चे अति उत्साह के साथ सम्मिलित हो रहे हैं। अब बच्चे नमस्ते या गुड मॉर्निंग नहीं बोलते, वे सभी एक दूसरे को जय जिनेंद्र बोलते हैं। यानी कि एक दूसरे को अभिवादन करते समय भी श्री जिनेंद्र भगवान का नाम लेते हैं। ष्जय जिनेंद्रष् यानिकि जिनेंद्र भगवान की जय हो । ष्जिनेंद्र कौनष् यानिकि जिन्होंने अपनी इंद्रियों पर विजय प्राप्त करली है, जिन्होंने अपनी इंद्रियों को वश में कर लिया हो, जिन्होंने अपने विकारों को जीत लिया हो, उनकी जय हो, जय हो, जय हो ।</p>
<p><strong>जैन दर्शन के मूलभूत सिद्धांतों की दी गई शिक्षा</strong><br />
शिविर के दौरान बच्चों को जैन दर्शन के मूलभूत सिद्धांतों की शिक्षा दी जा रही है। सभी नौनिहालों को प्रतिदिन देवदर्शन के लिए प्रेरित किया जा रहा है, साथ ही उन्हें दिन में भोजन करने एवं पानी छानकर पीने को सिखाया जा रहा है। बाहर से आए हुए विद्वान उन्हें धार्मिक दृष्टि के साथ साथ वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी इनके लाभ और हानि से भी परिचित करा रहे हैं।</p>
<p><strong>अ से आदिनाथ, म से महावीर</strong><br />
स्कूली शिक्षा में आ से आम और म से मछली पढ़ाया या दिखाया जाता है लेकिन, शिक्षण शिविर में आ से आदिनाथ और म से महावीर पढ़ाया और सिखाया जा रहा है। बच्चों को सिखाया जा रहा है कि मंदिर क्या होते हैं, हमें मंदिर क्यों जाना चाहिए, हमें मंदिर जाने से क्या फायदा होता है। बहुत ही सरल एवं सहज भाषा में इन सभी की शिक्षा दी जा रही है।</p>
<p><strong>श्रेष्ठियों द्वारा की जा रही है स्वल्पाहार की व्यवस्था</strong><br />
शिविर में लगभग 450 शिविरार्थी भाग ले रहे है । प्रथम चरण में प्रातः 07 बजे से शिविर प्रारंभ होते हैं और 10.30 तक चलते हैं। द्वितीय चरण में शाम को 5 बजे से रात्रि 08 बजे तक शिविर चलते हैं। जिसमें दोनों समय शिवरार्थियों के लिए स्वल्पाहार एवं शीतल पेय की व्यवस्था समाज के बंधुओं की ओर से की जा रही है।</p>
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		<title>जीवन को सफल और सुरक्षित बनाने में सहायक हैं संस्कार : खूंटी जिले में शिक्षण शिविरों का समापन </title>
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		<pubDate>Sat, 24 May 2025 09:50:45 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[भारतवर्षीय सराक ट्रस्ट के तत्वावधान में झारखंड प्रांत के खुटी जिले में चल रहे शिक्षण शिविरों का समापन 24 मई को हुआ। शिविर समापन में जूम चैनल के माध्यम से मुनि श्री नियोग सागर जी महाराज, आर्यिका श्री सुज्ञान मति का मंगल सानिध्य प्राप्त हुआ। पश्चिम बंगाल, झारखंड, उड़ीसा में आयोजित शिक्षण शिविरों में 1000 [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>भारतवर्षीय सराक ट्रस्ट के तत्वावधान में झारखंड प्रांत के खुटी जिले में चल रहे शिक्षण शिविरों का समापन 24 मई को हुआ। शिविर समापन में जूम चैनल के माध्यम से मुनि श्री नियोग सागर जी महाराज, आर्यिका श्री सुज्ञान मति का मंगल सानिध्य प्राप्त हुआ। पश्चिम बंगाल, झारखंड, उड़ीसा में आयोजित शिक्षण शिविरों में 1000 से ज्यादा बच्चों ने भाग लिया। <span style="color: #ff0000">खुटी से पढ़िए, मनीष जैन विद्यार्थी की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>खुटी।</strong> आचार्य श्री ज्ञान सागर जी महाराज के जन्म दिवस के पावन अवसर पर पश्चिम बंगाल, झारखंड, उड़ीसा के सराक क्षेत्र में आचार्य श्री ज्ञेय सागर जी, आर्यिका श्री स्वस्ति भूषण माताजी, आर्यिका श्री आर्ष मति माताजी, आर्यिका श्री सुज्ञान मति माताजी के आशीर्वाद से ब्र. मंजुला दीदी, ब्र. मनीष भैया के निर्देशन में भारतवर्षीय सराक ट्रस्ट के तत्वावधान में झारखंड प्रांत के खुटी जिले में चल रहे शिक्षण शिविरों का समापन 24 मई को हुआ। शिविर समापन में जूम चैनल के माध्यम से मुनि श्री नियोग सागर जी महाराज, आर्यिका श्री सुज्ञान मति का मंगल सानिध्य प्राप्त हुआ। कार्यक्रम का मंगलाचरण अनुज जैन सराक ने किया चित्रावरण, दीप प्रज्वलन उपस्थित विद्वत श्रीपं. राजकुमार शास्त्री कर्द ने किया। सामूहिक मंगरचारण विदुषी सपना जैन, साधिका जैन ने किया।</p>
<p>सभी उपस्थित विद्वानों का सम्मान स्थानीय समाज के वरिष्ठजन द्वारा किया गया। शिविर स्थानों में कसमार, कोरला, डोडमा, खूटी स्थानों पर शिक्षण शिविरों द्वारा धर्म प्रभावना हुई। जिसके सामूहिक समापन समारोह में प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान प्राप्त शिविराथियों को पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। जिन्होंने मेहंदी, सिलाई, पेंटिंग में अपना स्थान प्राप्त किया है। उनका भी सम्मान किया गया। बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं।</p>
<p><strong>ज्ञान प्राप्त करने के अवसर का हमें लाभ लेना चाहिए</strong></p>
<p>अंत में आर्यिका श्री सुज्ञानमती माताजी ने आशीष वचन में कहा कि आचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज की प्रेरणा से आयोजित शिक्षण शिविरों द्वारा संस्कारों का बीजारोपण का कार्य हो रहा है। जो भविष्य में जाकर जैन संस्कृति की प्रभावना करेगा। शिक्षण शिविरों द्वारा कम समय में ज्ञान प्राप्त करने के अवसर का हमें लाभ लेना चाहिए। संस्कार जीवन को सफल एवं सुरक्षित बनाते हैं। मुनि श्री नियोग सागर जी महाराज ने कहा कि अगर हमें ज्ञान प्राप्त करना है तो हमें कुछ सीखना और जानना होगा। इसके लिए कम समय में होने वाले शिक्षण शिविरों में भाग लेकर समय का सदुपयोग कर जीवन में ज्ञानार्जन करें। शिविर मुख्य संयोजक मनीष विद्यार्थी ने कहा कि इस भीषण गर्मी में विद्वानों द्वारा समय निकालकर सराक क्षेत्र आना, वहां शिविर लगाना और अपने अनुकूल परिस्थितियों के न होने पर भी शिविरों का संचालन करना बड़ा कठिन कार्य है। फिर भी यहां आकर बच्चों को धार्मिक शिक्षा देकर जैन धर्म की प्रभावना करना बड़ा ही सराहनीय कार्य है।</p>
<p><strong>मद्य और मांस त्याग का संकल्प लिया </strong></p>
<p>पश्चिम बंगाल, झारखंड,उड़ीसा प्रांत के बच्चों ने आयोजित शिक्षण शिविरों में शामिल होकर एक हजार से ज्यादा बच्चों नाम मद्य त्याग, मांस त्याग का संकल्प लिया। जिसमें खूटी दिगंबर जैन समाज द्वारा विद्वानों की आवास एवं भोजन व्यवस्था की गई। समाज के अध्यक्ष शिखरचंद जैन ने कहा कि मेरा सौभाग्य है की आचार्यश्री ज्ञान सागर जी द्वारा आयोजित शिक्षण शिविरों में विद्वान हमारे क्षेत्र में पधारकर जैन धर्म की प्रभावना कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। शिविर व्यवस्थाओं के लिए अनुज जैन सराक भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पश्चिम बंगाल, झारखंड, उड़ीसा के विभिन्न स्थानों पर धार्मिक शिक्षण शिविर एवं शाकाहार के लिए किया जा रहा कार्य से भारतीय संस्कृति को पुनः जीवंत करने में सफलता मिलेगी।</p>
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		<title>जैन मिलन महिला का शिक्षण शिविर का समापन: अतिथियों और सहयोगियों का किया सम्मान  </title>
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		<pubDate>Fri, 23 May 2025 10:26:25 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[भिंड की हाऊसिंग कॉलोनी के पचासा में श्री दिगंबर बड़े जैन मंदिर में 17 मई से चल रहे शिक्षण शिविर का 23 मई को समापन हुआ। पंडित ईशान भैया जी, अनिल भैया, मनीष भैया द्वारा भाग 6 भाग 3 और भाग 1 और शाम की टाइम महिलाओं को छह ढाला पढ़ाया गया। इस पाठशाला में [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>भिंड की हाऊसिंग कॉलोनी के पचासा में श्री दिगंबर बड़े जैन मंदिर में 17 मई से चल रहे शिक्षण शिविर का 23 मई को समापन हुआ। पंडित ईशान भैया जी, अनिल भैया, मनीष भैया द्वारा भाग 6 भाग 3 और भाग 1 और शाम की टाइम महिलाओं को छह ढाला पढ़ाया गया। इस पाठशाला में जैन मिलन महिला का विशेष सहयोग रहा। <span style="color: #ff0000">भिंड से पढ़िए, सोनल जैन की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>भिंड</strong>। नगर के हाऊसिंग कॉलोनी के पचासा में श्री दिगंबर बड़े जैन मंदिर में 17 मई से चल रहे शिक्षण शिविर का 23 मई को समापन हुआ। यह शिविर पाठशाला समिति की चेयरमेन वीरांगना सपना जैन एवं पट्टाचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज के शिष्य राकेश पंडित के सानिध्य में लगाया गया था। पंडित ईशान भैया, अनिल भैया, मनीष भैया द्वारा भाग 6, भाग 3 और भाग 1 और शाम को महिलाओं को छह ढाला पढ़ाया गया। इस पाठशाला में जैन मिलन महिला का विशेष सहयोग रहा। उनके द्वारा तीन दिन स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई और समापन में भी वीरांगना सपना जैन और जैन मिलन महिला द्वारा समापन की व्यवस्था की गई। पुरस्कार वितरण किए गए। लक्ष्मी जैन द्वारा पंडित जी को वस्त्र वितरण किए गए। इस कार्यक्रम में पचासा मंदिर की कमेटी एवं जैन मिलन महिला की महिलाओं का भी सराहनीय योगदान रहा।</p>
<p>इस कार्यक्रम में क्षेत्रीय उपाध्यक्ष वीर सुनील जैन, विमर्श समाचार के संपादक सोनल जैन का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सदस्य वीरांगना लक्ष्मी जैन, सुनीता जैन, सुमन जैन, हेमा जैन, राधा जैन, मनीष जैन, ज्योति जैन, मंजू जैन, लक्ष्मी जैन, सचिन जैन, माया जैन, हीरा जैन, शैलेश जैन, छोटेलाल जैन, महेंद्र कुमार जैन, राजेश जैन, अशोक पंडित उपस्थित रहे।</p>
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		<title>पश्चिम बंगाल के शिक्षण शिविरों का समापन :  झारखंड में किए 19 मई से शिविर आरंभ </title>
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		<pubDate>Wed, 21 May 2025 11:43:41 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[भारतवर्षीय सराक ट्रस्ट के तत्वावधान में पुरुलिया जिला में चल रहे शिक्षण शिविरों का समापन 18 मई को हुआ। शिविर समापन में जूम चैनल के माध्यम से मुनि श्री नियोग सागर जी महाराज, आर्यिका श्री सुज्ञान मति का मंगल सानिध्य प्राप्त हुआ। 19 मई से खूटी जिले झारखंड के विभिन्न स्थानों पर ज्ञान संस्कार शिक्षण [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>भारतवर्षीय सराक ट्रस्ट के तत्वावधान में पुरुलिया जिला में चल रहे शिक्षण शिविरों का समापन 18 मई को हुआ। शिविर समापन में जूम चैनल के माध्यम से मुनि श्री नियोग सागर जी महाराज, आर्यिका श्री सुज्ञान मति का मंगल सानिध्य प्राप्त हुआ। 19 मई से खूटी जिले झारखंड के विभिन्न स्थानों पर ज्ञान संस्कार शिक्षण शिविरों का शुभारंभ हुआ। <span style="color: #ff0000">खूटी से पढ़िए, मनीष जैन विद्यार्थी की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>खुटी।</strong> आचार्य श्री ज्ञान सागर जी महाराज के जन्म दिवस के अवसर पर पश्चिम बंगाल, झारखंड, उड़ीसा के सराक क्षेत्र में आचार्य श्री ज्ञेय सागर जी, आर्यिका श्री स्वस्ति भूषण माताजी, आर्यिका श्री आर्ष मति माताजी, आर्यिका श्री सुज्ञान मति माताजी के आशीर्वाद से ब्र. मंजुला दीदी, ब्र. मनीष भैया के निर्देशन में भारतवर्षीय सराक ट्रस्ट के तत्वावधान में पुरुलिया जिला में चल रहे शिक्षण शिविरों का समापन 18 मई को हुआ। शिविर समापन में जूम चैनल के माध्यम से मुनि श्री नियोग सागर जी महाराज, आर्यिका श्री सुज्ञान मति का मंगल सानिध्य प्राप्त हुआ।</p>
<p>कार्यक्रम का मंगलाचरण रामदुलार जैन सराक ने किया। चित्रावरण, दीप प्रज्वलन उपस्थित पंडित जयकुमार दुर्ग, राजकुमार शास्त्री कर्द, पं. रीतेंद्र जैन ने किया। सामूहिक मंगलाचरण स्नेहा जैन, सपना जैन और साधिका जैन ने किया। उपस्थित विद्वानों का सम्मान गौरांग जैन, रामदुलार जैन ने किया। शिविर स्थलों में धनियाडांगा, बेड़ों, सुंदराबान, भागांवान, लायकड़ागा, पांच पहाड़ी, लाली, कोतूमा में शिक्षण शिविरों द्वारा धर्म प्रभावना हुई। जिसका सामूहिक समापन समारोह हुआ। इसमें प्रथम, द्वितीय द्वितीय स्थान प्राप्त शिविराथियों के लिए पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। जिन्होंने मेहंदी, सिलाई, पेंटिंग में अपना स्थान प्राप्त किया है। उनका भी सम्मान किया गया। बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। शिविराथियों ने अपने विचार व्यक्त किए।</p>
<p><strong>हमें ज्ञान प्राप्त करना है तो हमें कुछ सीखना होगा</strong><br />
आर्यिका श्री सुज्ञानमती माताजी ने आशीष वचन में कहा कि आचार्य श्री ज्ञान सागर जी महाराज की प्रेरणा से विगत वर्षों से चल रहे शिक्षण शिविरों से बच्चों में संस्कार आते हैं। इन शिविरों का आयोजन हमेशा होना चाहिए। मुनिश्री नियोग सागर जी महाराज ने आशीष वचन में कहा कि अगर हमें ज्ञान प्राप्त करना है तो हमें कुछ सीखना और जानना होगा। इसके लिए कम समय में होने वाले शिक्षण शिविरों में भाग लेकर समय का सदुपयोग कर जीवन में ज्ञानार्जन करें। शिविर मुख्य संयोजक मनीष विद्यार्थी ने कहा कि इस भीषण गर्मी में विद्वानों द्वारा समय निकालकर सराक क्षेत्र आना, वहां शिविर लगाना और अपने अनुकूल परिस्थितियों का ना होकर शिविरों का संचालन करना बड़ा कठिन कार्य है, फिर भी यहां आकर बच्चों को धार्मिक शिक्षा देकर जैन धर्म की प्रभावना करना बड़ा ही सराहनीय कार्य है।</p>
<p>इसके बाद 19 मई से खूटी जिले झारखंड के विभिन्न स्थानों पर ज्ञान संस्कार शिक्षण शिविरों का शुभारंभ हुआ। जिसमें खूटी दिगंबर जैन समाज द्वारा विद्वानों की अवास व्यवस्था की गई। समाज के अध्यक्ष शिखरचंद जैन शिविर किट का विमोचन कर शुभारंभ किया। शिविर व्यवस्थाओं के लिए अनुज जैन सराक भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पश्चिम बंगाल झारखंड उड़ीसा के विभिन्न स्थानों पर धार्मिक शिक्षण शिविर एवं शाकाहार के लिए किया जा रहा कार्य से भारतीय संस्कृति को पुनः जीवंत करने में सहभागिता रहेगी।</p>
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		<title> शिक्षण शिविर में मुक्ति के मार्ग का चिन्तन बताया:  बच्चों को फल वितरण कर पुण्यार्जन किया </title>
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		<pubDate>Wed, 21 May 2025 09:10:23 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जैन मिलन स्वतंत्र डबरा की ओर से संयोजित शिक्षण शिविर जारी है। दूसरे दिन मुक्ति मार्ग के तत्वों पर चर्चा कर बच्चों को बोध दिया गया। शिविर के अंत में फल वितरण किया गया। डबरा से पढ़िए, यह खबर&#8230; डबरा। जैन मिलन स्वतंत्र डबरा की ओर से संयोजित शिक्षण शिविर के दूसरे दिन शास्त्री अर्चित [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>जैन मिलन स्वतंत्र डबरा की ओर से संयोजित शिक्षण शिविर जारी है। दूसरे दिन मुक्ति मार्ग के तत्वों पर चर्चा कर बच्चों को बोध दिया गया। शिविर के अंत में फल वितरण किया गया। <span style="color: #ff0000">डबरा से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>डबरा।</strong> जैन मिलन स्वतंत्र डबरा की ओर से संयोजित शिक्षण शिविर के दूसरे दिन शास्त्री अर्चित जैन अकलेरा (झालावाड़) ने बताया कि सम्यग्दर्शन, सम्यक ज्ञान और सम्यक चारित्र ये तीनों मिलकर मुक्ति के मार्ग हैं। तत्वभूत पदार्थों के विषय में श्रद्धा करना सो सम्यक दर्शन है। पदार्थों का यथार्थ ज्ञान होना सो सम्यक ज्ञान है तथा आत्मा के स्वरूपकी प्राप्ति के लिए सम्यक प्रवृति करना सो सम्यक चारित्र है।</p>
<p>जीव, अजीव, आस्रव, बंध, संवर, निर्जरा और मोक्ष ये सात तत्व हैं। किसी किसी आचार्य के मत से पुण्य और पाप ये दो तत्व भी पृथक माने गये हैं। किन्तु यहां आस्रव में ही उन दोनों का समावेश कर दिया गया है। इन सातों तत्वों का विस्तार पूर्वक वर्णन आगे के अध्यायों में किया जायगा एवं बच्चों को बाल बोध एक पढाया गया। शिविर के बाद बच्चों को फल वितरण जैन मिलन स्वतंत्र डबरा के शाखा संयोजक वीर संजय जैन मगरोनी वालों के सौजन्य से किया गया। शिविर में बच्चे महिला एवं पुरुष सम्मिलित हुए।</p>
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		<title>जैन मिलन अरिहंत भिंड के जैन मंदिरों में शिक्षण शिविर का समापन:  अतिथि विद्वानों का स्वागत सम्मान किया </title>
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		<pubDate>Mon, 19 May 2025 13:22:03 +0000</pubDate>
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<hr />
<p><strong>जैन मिलन अरिहंत की ओर से शहर के तीन दिन मंदिरों में लगाए गए शिक्षण शिविर का सोमवार को समापान हुआ। शिविर श्री 1008 चंदाप्रभु परेड दिगंबर जैन मंदिर पुस्तक बाजार, श्री 1008 पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर हलवाई खाना और श्री 1008 पारसनाथ दिगंबर जैन पद्मावती मंदिर झांसी मोहल्ले में लगाए गए थे। <span style="color: #ff0000">भिंड से पढ़िए, सोनल जैन की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>भिंड।</strong> जैन मिलन अरिहंत की ओर से शहर के तीन दिन मंदिरों में लगाए गए शिक्षण शिविर का सोमवार को समापान हुआ। जैन मिलन अरिहंत के अध्यक्ष और कार्यक्रम संयोजक अजीत जैन सोनू ने बताया कि शिविर श्री 1008 चंदाप्रभु परेड दिगंबर जैन मंदिर पुस्तक बाजार, श्री 1008 पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर हलवाई खाना और श्री 1008 पारसनाथ दिगंबर जैन पद्मावती मंदिर झांसी मोहल्ले में लगाए गए थे। शिविर में सांगानेर पधारे विदवानों ने द्रव्य संग्रह तत्वार्थ सूत्र, बालबोध आदि ग्रंथों का महिलाओं तथा बच्चों को अध्ययन कराया।</p>
<p>शिविर के समापन पर मंदिर समिति द्वारा अतिथि विद्वानों का स्वागत सम्मान किया गया। साथ ही हमारे विमर्श समाचार के संपादक सोनल जैन पत्रकार का विशेष सम्मान किया गया। समापन और सम्मान समारोह में प्रमुख रूप से परेड मंदिर समिति के अध्यक्ष छेदीलाल जैन, मंत्री महेश जैन पहाड़िया कोषाध्यक्ष बसंतलाल जैन परावाले, पाठशाला समिति के अध्यक्ष अमरचंद जैन, पारसनाथ हलवाई खाना मंदिर के अध्यक्ष संजीव जैन बल्लू ,मंत्री अशोक जैन, निकेत जैन, पद्मावती मंदिर से दीपचंद जैन, जैन मिलन के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अतिवीर सुनील जैन मेडिकल, मुकेश पवैया ,राजेंद्र जैन, पार्षद राहुल जैन रानीपुरा, दीपचंद जैन, चक्रेश जैन, विनय जैन, जैन मिलन की क्षेत्रीय पदाधिकारी सपना जैन, स्नेह लता जैन, सरला जैन, मीरा जैन, स्नेह लता जैन जैन, महिला समाज, जैन मिलन अरिहंत के मंत्री विकास जैन, कोषाध्यक्ष अमन जैन ,रजत जैन उपस्थित रहे। अजित जैन सोनू ने आभार जताया।</p>
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		<title>शिक्षण शिविर में तत्वार्थ सूत्र के बारे में दी जानकारी: बच्चों को बाल बोध एक पढ़ाया गया </title>
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		<pubDate>Mon, 19 May 2025 13:18:38 +0000</pubDate>
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<p><strong>जैन मिलन स्वतंत्र डबरा द्वारा शिक्षण शिविर के प्रथम दिन शास्त्री अर्चित जैन कोटा ने तत्वार्थ सूत्र के बारे में बताया। मंदिर में प्रथम दिन शिक्षण शिविर में बताया कि तत्त्वार्थ सूत्र जैन धर्म का एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है, जो दिगंबर और श्वेतांबर दोनों संप्रदायों में स्वीकृत है। <span style="color: #ff0000">डबरा से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>डबरा।</strong> जैन मिलन स्वतंत्र डबरा द्वारा शिक्षण शिविर के प्रथम दिन शास्त्री अर्चित जैन कोटा ने तत्वार्थ सूत्र के बारे में बताया। मंदिर में प्रथम दिन शिक्षण शिविर में बताया कि तत्त्वार्थ सूत्र जैन धर्म का एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है, जो दिगंबर और श्वेतांबर दोनों संप्रदायों में स्वीकृत है। यह ग्रंथ जैन धर्म के दर्शन का सार प्रस्तुत करता है और मोक्ष प्राप्त करने के मार्ग का वर्णन करता है।</p>
<p>तत्त्वार्थ सूत्र में मोक्ष प्राप्ति के लिए आवश्यक तत्वों, कर्म, आत्मा, और ब्रह्मांड के बारे में बताया गया है एवं बच्चों को बाल बोध एक पढ़ाया गया। शिविर के बाद बच्चों को फल वितरण किया गया। कार्यक्रम संयोजक रितेश जैन, राजू जैन, प्रेमचंद जैन एसबीआई, मनोज जैन, एकांत, दीपक जैन स्वराज ट्रैक्टर एजेंसी, दिनेशकुमार जैन एडवोकेट, अमित जैन एमपी ऑनलाइन एवं महिलाओं ने धर्म लाभ लिया।</p>
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		<title>मूकमाटी अर्थ ज्ञान एवं शिक्षण शिविर का शुभारंभ 17 मई से: शिविरार्थियों के लिए सामग्री प्रदान की जाएगी </title>
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		<pubDate>Fri, 16 May 2025 09:39:37 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[रामगंजमंडी। आचार्य श्री विद्यासागर जी की कृति श्री मूक माटी महाकाव्य का अर्थ ज्ञान शिक्षण शिविर एवं सम्यग्ज्ञान शिक्षण शिविर 17 से 26 मई तक होने जा रहा है। जिसका शुभारंभ 17 मई को प्रातः बेला में होगा। सभी शिविरार्थियों के लिए सामग्री प्रदान की जाएगी। रामगंजमंडी से पढ़िए, अभिषेक जैन लुहाड़िया की खबर&#8230; रामगंजमंडी। [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>रामगंजमंडी। आचार्य श्री विद्यासागर जी की कृति श्री मूक माटी महाकाव्य का अर्थ ज्ञान शिक्षण शिविर एवं सम्यग्ज्ञान शिक्षण शिविर 17 से 26 मई तक होने जा रहा है। जिसका शुभारंभ 17 मई को प्रातः बेला में होगा। सभी शिविरार्थियों के लिए सामग्री प्रदान की जाएगी। <span style="color: #ff0000">रामगंजमंडी से पढ़िए, अभिषेक जैन लुहाड़िया की खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>रामगंजमंडी।</strong> आचार्य श्री विद्यासागर जी की कृति श्री मूक माटी महाकाव्य का अर्थज्ञान शिक्षण शिविर एवं सम्यग्ज्ञान शिक्षण शिविर 17 से 26 मई तक होने जा रहा है। जिसका शुभारंभ 17 मई को प्रातः बेला में होगा। शिविर निदेशक प्रशांत जैन आचार्य एवं शिविर संयोजक आकाश जैन आचार्य ने बताया कि 17 मई से प्रातःकाल 6.45 बजे श्रीजी का अभिषेक शांतिधारा एवं सामूहिक पूजन की जाएगी। पूजन के बाद प्रातः 8.15 बजे से शिविर के रजत कलश ध्वजा एवं रजत दीपक की स्थापना की जाएगी। स्थापना के बाद सभी शिविरार्थियों के लिए सामग्री प्रदान की जाएगी। कार्यक्रम में उपस्थित सभी धर्मप्रेमी बंधुओं के लिए सामूहिक अल्पाहार की व्यवस्था भी रखी गईं हैं। अल्पाहार की व्यवस्था अल्पाहार प्रायोजक परिवार प्रमोदकुमार, सुरेशकुमार, सिद्धार्थ कुमार जैन बाबरिया, परिवार दोतड़ा परिवार द्वारा की गई हैं। शिविर संयोजक आकाश जैन आचार्य ने बताया कि 17 से 26 मई तक इस शिविर में प्रतिदिन श्रीजी का अभिषेक शांतिधारा एवं पूजन किया जाएगा। उसके बाद विभिन्न कक्षाओं के द्वारा धार्मिक अध्ययन कराया जाएगा।</p>
<p><strong>भगवान शांतिनाथ का जन्म तप एवं मोक्ष कल्याणक महोत्सव मनाया जाएगा </strong></p>
<p>सभी धार्मिक कक्षाओं में सांगानेर से आमन्त्रित विद्वानों द्वारा सभी धार्मिक कक्षाओं का अध्ययन कराया जाएगा। जिसमें मूकमाटी महाकाव्य का अध्ययन विनोद जैन आचार्य द्वारा करवाया जाएगा। वहीं प्रश्नोत्तर रत्नमालिका का स्वाध्याय हेमंत जैन आचार्य द्वारा करवाया जाएगा एवं बाल बोध भाग 1 एवं 2 का अध्ययन आकाश जैन आचार्य एवं मनोज जैन आचार्य द्वारा कराया जाएगा एवं प्रतिदिन संध्या बेला में छोटे-छोटे बच्चों को धर्म अध्ययन के साथ साथ क्राफ्ट एवं आर्ट भी सिखाए जाएंगे। संध्या बेला में आचार्य श्री द्वारा लिखित अनुपम कृति मूकमाटी महाकाव्य का भी अध्ययन कराया जाएगा। इसके साथ ही आमंत्रित विद्वत द्वारा प्रवचन होंगे। इसी कड़ी में 25 मई को सभी कक्षाओं की परीक्षाएं प्रातः 8.30 बजे होगी एवं संध्या बेला में विद्वत सम्मान एवं पुरस्कार वितरण समारोह संपन्न होगा। 26 में की अनुपम बेला में भगवान शांतिनाथ का जन्म तप एवं मोक्ष कल्याणक महोत्सव हर्ष उल्लास के साथ मनाया जाएगा। 46 मंडलीय विद्यान एक साथ 46 मंडलों पर होगा।</p>
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		<title>ब्र.मनीष भैया ने किया शिक्षण शिविरों का निरीक्षण:  पूजन के साथ मेहंदी पेंटिंग का प्रशिक्षण </title>
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		<pubDate>Tue, 13 May 2025 06:14:11 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[भारत वर्षीय सराक ट्रस्ट के तत्वावधान में ज्ञान संस्कार बाल शिक्षण शिविर जारी हैं। यह शिविर लखनपुर, बारकोना, राजामेला,भोक्ताबांध, हारीबांगा, लक्ष्मणपुर, साहिबखेड़ा, खगड़ा, चुडरी में चल रहे हैं। इनमें पूजन प्रशिक्षण के साथ पेंटिंग, मेहंदी और नृत्य आदि का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बाकुड़ा से पढ़िए, मनीष जैन विद्यार्थी की यह खबर&#8230; बाकुडा। आचार्य [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>भारत वर्षीय सराक ट्रस्ट के तत्वावधान में ज्ञान संस्कार बाल शिक्षण शिविर जारी हैं। यह शिविर लखनपुर, बारकोना, राजामेला,भोक्ताबांध, हारीबांगा, लक्ष्मणपुर, साहिबखेड़ा, खगड़ा, चुडरी में चल रहे हैं। इनमें पूजन प्रशिक्षण के साथ पेंटिंग, मेहंदी और नृत्य आदि का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। <span style="color: #ff0000">बाकुड़ा से पढ़िए, मनीष जैन विद्यार्थी की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>बाकुडा।</strong> आचार्य श्री ज्ञानसागर जी के जन्म दिवस के पावन अवसर पर पश्चिम बंगाल के सराक में आचार्य श्री ज्ञेयसागर जी, आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण माताजी, आर्यिका श्री आर्षमति माताजी, आर्यिका श्री सुज्ञानमति माताजी के आशीर्वाद से ब्र.मंजुला दीदी, ब्र. मनीष भैया के निर्देशन में भारत वर्षीय सराक ट्रस्ट के तत्वावधान में ज्ञान संस्कार बाल शिक्षण शिविर जारी हैं। यह शिविर लखनपुर, बारकोना, राजामेला,भोक्ताबांध, हारीबांगा, लक्ष्मणपुर, साहिबखेड़ा, खगड़ा, चुडरी में चल रहे हैं। इनमें पूजन प्रशिक्षण के साथ पेंटिंग, मेहंदी और नृत्य की क्लासों के लिए स्नेहा जैन और साधिका जैन ने बच्चों को धार्मिक शिक्षा के साथ लौकिक कलाओं का प्रशिक्षण दिया।</p>
<p>यह शिक्षण शिविर सफलता की ओर अग्रसर हैं। इसके बाद मध्यप्रदेश से पधारे विद्वान पं. रीतेंद्र जैन, राजकुमार शास्त्री, जिनांश जैन, विदुषी सपना जैन, काव्या जैन ने भी शिक्षण शिविर में बच्चों को प्रशिक्षण दिया। शिविर निर्देशक ब्र. मनीष भैया ने शिक्षण शिविरों का निरीक्षण किया। जिसमें सर्वप्रथम बारकोना पहुंचकर बच्चों से शिक्षण शिविर के विषय में जानकारी ली। इसके बाद भैया जी मोलाहीर पहुंचकर बच्चों से धार्मिक क्लासों की जानकारी ली। शिविर मुख्य संयोजक मनीष विद्यार्थी सागर ने बताया कि पांच दिवसीय संस्कार शिविरों से निश्चित ही संस्कारों का बीजारोपण होगा। स्थानीय स्तर पर बाकुड़ा जिला सराक ट्रस्ट के अध्यक्ष गयाराम जैन, सचिव संजय जैन, डॉ प्रदीप जैन,रामदुलार जैन, लखन जैन राजा मेला, शक्तिपथ जैन, शिक्षण शिविरों को सफल बनाने में अपना योगदान दे रहे हैं।</p>
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