<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>शांतिनाथ त्रिकाल चौबीस &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<atom:link href="https://www.shreephaljainnews.com/tag/%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%A5-%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%9A%E0%A5%8C%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%B8/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
	<lastBuildDate>Sun, 07 Dec 2025 15:17:15 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/09/cropped-shri-32x32.png</url>
	<title>शांतिनाथ त्रिकाल चौबीस &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>प्रतिष्ठा महा महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ का होगा शुभारंभ : मुनि श्रीसुधासागरजी ने कर्तव्य और कर्म को श्रेष्ठ बताया </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/pratishtha_maha_mahotsav_and_vishwa_shanti_maha_yagya_will_be_inaugurated/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/pratishtha_maha_mahotsav_and_vishwa_shanti_maha_yagya_will_be_inaugurated/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 07 Dec 2025 15:17:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[AshokNagar]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Mangal Pravesh]]></category>
		<category><![CDATA[muni shri sudha sagar ji maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[Shantinath Trikal twenty-four]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[Subhashganj Ground]]></category>
		<category><![CDATA[अशोकनगर]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[मंगल प्रवेश]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि श्री सुधा सागर जी महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[शांतिनाथ त्रिकाल चौबीस]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[सुभाषगंज मैदान]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=96018</guid>

					<description><![CDATA[ मुनि श्री श्रीसुधासागरजी महाराज ससंघ के सान्निध्य एवं प्रतिष्ठा चार्य प्रदीप भैया के निर्देशन होने जा रहे श्री मद् जिनेन्द्र पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महा महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ तथा गजरथ महोत्सव का शुभारंभ मंगलमय घटयात्रा के साथ होगा। अशोकनगर से पढ़िए, राजीव सिंघई मोनू की यह खबर&#8230; अशोक नगर। कई लोग अपनी जिंदगी दूसरों [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong> मुनि श्री श्रीसुधासागरजी महाराज ससंघ के सान्निध्य एवं प्रतिष्ठा चार्य प्रदीप भैया के निर्देशन होने जा रहे श्री मद् जिनेन्द्र पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महा महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ तथा गजरथ महोत्सव का शुभारंभ मंगलमय घटयात्रा के साथ होगा। <span style="color: #ff0000">अशोकनगर से पढ़िए, राजीव सिंघई मोनू की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>अशोक नगर</strong>। कई लोग अपनी जिंदगी दूसरों पर न्यौछावर कर अपने आप को धन्य मानते हैं। ऐसे लोग भी हैं, जो जगत में अपने प्राण न्यौछावर कर भी दूसरे को बचाना चाहते हैं। आगम में आया है कि जंगल में मुनि राज तपस्या कर रहे हैं। उसी समय एक शेर मुनि राज की ओर झपटा मारकर आगे बढ़ा तब उपस्थित एक सुकर मुनिराज को बचाने कूद पड़ा। सवाल ये कि मेरे मरने से कोई लाभ नहीं महाराज जी के जिंदा रहने से कितने लोगों का कल्याण होगा। ऐसे लोग भी दुनिया में हैं ये लोग इतना पुण्य कमा लेते हैं। जिसका पराबार नहीं है। यह उद्गार सुभाषगंज मैदान में धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनिश्री सुधासागर जी महाराज ने व्यक्त किए।</p>
<p><strong>जब कोई साथ नहीं देता तो व्यक्ति टूट जाता है</strong></p>
<p>जिसे अपना संगा मानता है, जबवहीं साथ नहीं देता तो व्यक्ति पचास प्रतिशत टूट जाता है और जब किस्मत साथ नहीं देती तो व्यक्ति निराशा में चला जाता है और अपने आप की जीवन लीला समाप्त करने पर उतारू हो जाता है। जो दुःख से घबराकर आत्महत्या करने चले जाते हैं। कर्म के कारण उन्हें इससे भी ख़तरनाक दुःख मिलते हैं। जैसे जेल में पचास प्रतिशत से अधिक अपराधी मरना चाहते हैं लेकिन, मर नहीं पाते वहां ऐसी व्यवस्था बनाई गई है कि मरना चाहाने वाले मर भी नहीं सकता। ऐसे ही कर्म ने ऐसी व्यवस्था बनाई है कि नरक घनघोर दुःख है। वहां जीव मरना चहता है लेकिन, मर नहीं सकता दुनिया में वे लोग हैं जिसे लोग मारना चाहते हैंज़वह भी मरना चाहते हैं। दुनिया में ऐसे लोग भी हैं।</p>
<p><strong>घटयात्रा के साथ होगा पंच कल्याणक महोत्सव का शुभारंभ</strong></p>
<p>इस दौरान जैन समाज के मंत्री विजय धुर्रा ने कहा कि मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज ससंघ के सान्निध्य एवं प्रतिष्ठा चार्य प्रदीप भैया के निर्देशन होने जा रहे श्री मद् जिनेन्द्र पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महा महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ तथा गजरथ महोत्सव का शुभारंभ मंगलमय घटयात्रा के साथ होगा। इस भव्य शोभायात्रा में भगवान जिनेन्द्र देव के रथयात्रा रजत विमान एवं पालकी यात्रा के साथ सुबह सात बजे सुभाष गंज मैदान से निकलेगा। यह भव्य शोभायात्रा आचार्य श्री विद्यासागर द्वार, भगवान महावीर मार्ग रेस्ट हाउस, गांधी पार्क एफओवी पुल, पछाडीखैडा रोड होते हुए पुरानी अनाज मंडी स्थित अयोध्या नगरी पहुंचकर धर्म सभा में बदल जाएगी। जहां मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज के मंगल प्रवचन होंगे। जैन समाज अध्यक्ष राकेश कांसल, उपाध्यक्ष अजित बरोदिया, प्रदीप तारई राजेन्द्र अमन, महामंत्री राकेश अमरोद, कोषाध्यक्ष सुनील अखाई, मंत्री शैलेन्द्र श्रागर, मंत्री विजय धुर्रा, मंत्री संजीव भारिल्य, मीडिया प्रभारी अरविंद कचनार, ऑडिटर संजय केटी, संयोजक मनोज रन्नौद, उमेश सिंघई, मनीष सिंघई, श्रेयांस घैला, थूवोनजी अध्यक्ष अशोक जैन टींगू, मिल महामंत्री मनोज भैसरवास, विपिन सिंघई समन्वय ग्रुप के साथियों सहित अन्य प्रमुख जनो ने सभी से अनुरोध किया है इस सभी कार्यक्रमों में भाग लें।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/pratishtha_maha_mahotsav_and_vishwa_shanti_maha_yagya_will_be_inaugurated/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>मुनिश्री सुधासागरजी का अशोकनगर में मंगल प्रवेश :  शांतिनाथ त्रिकाल चौबीस की वर्ष गांठ पर हुआ महा मस्तिकाभिषेक </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/munishri_sudhasagarjis_auspicious_entry_into_ashoknagar/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/munishri_sudhasagarjis_auspicious_entry_into_ashoknagar/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 02 Dec 2025 15:59:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[AshokNagar]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Mangal Pravesh]]></category>
		<category><![CDATA[muni shri sudha sagar ji maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[Shantinath Trikal twenty-four]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[Subhashganj Ground]]></category>
		<category><![CDATA[अशोकनगर]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[मंगल प्रवेश]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि श्री सुधा सागर जी महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[शांतिनाथ त्रिकाल चौबीस]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[सुभाषगंज मैदान]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=95813</guid>

					<description><![CDATA[मुनि श्री सुधाकरसागर जी ने कहा कि भारतीय दर्शन की सबसे बड़ी विशेषता है। ये सबको अपने में समाहित कर लेता है। अशोकनगर से पढ़िए, राजीव सिंघई मोनू की यह खबर&#8230; अशोकनगर। भारतीय दर्शन की सबसे बड़ी विशेषता है कि भक्त को निर्णय करना है, उसका भगवान कैसा हो। कल्पना आती है कि हमारा बेटा [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>मुनि श्री सुधाकरसागर जी ने कहा कि भारतीय दर्शन की सबसे बड़ी विशेषता है। ये सबको अपने में समाहित कर लेता है। <span style="color: #ff0000">अशोकनगर से पढ़िए, राजीव सिंघई मोनू की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>अशोकनगर।</strong> भारतीय दर्शन की सबसे बड़ी विशेषता है कि भक्त को निर्णय करना है, उसका भगवान कैसा हो। कल्पना आती है कि हमारा बेटा हो, आपके मन में विचार आता है कि आपकी बहूं कैसी है। आप मकान खरीदने पर विचार करते हैं। यह उद्गार सुभाषगंज मैदान में मुनि श्री सुधासागरजी महाराज ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि मेरे पड़ोसी कैसा हो ऐसा ही आपको विचार करना है कि मेरा गुरु कैसा हो जो गुण तुम्हारे अंदर नहीं है वो गुरु होना चाहिए। मात्र संत शब्द से गुरु नहीं हो सकता आचारण देखा जाता है श्रीराम के नाम के साथ आचरण देखो सारी दुनिया श्री राम के आदर्श को अपनाने को तैयार रहते हैं एक प्रसंग आता है। सीता जी की कोई ग़लती नही थी मन से वचन से काय से किसी भी प्रकार से कहीं गलती हो ही नहीं सकती थी। महासति सीता कहती हैं कि गलती मेरी है। मैं इतनी सुंदर क्यों थी रावण की दृष्टि मेरे तरफ गई ये होती है। महान व्यक्तित्व की विशेष आपके परिणाम ख़राब होते ही नही कैसे होते हैं। महासति सीता जी गलती नहीं होने पर भी अपनी ग़लती मान रहे हैं।</p>
<p><strong><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-95816" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/12/IMG-20251202-WA0026.jpg" alt="" width="720" height="739" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/12/IMG-20251202-WA0026.jpg 720w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/12/IMG-20251202-WA0026-292x300.jpg 292w" sizes="(max-width: 720px) 100vw, 720px" /> शोभायात्रा के साथ एक मंच पर सोलह संत</strong></p>
<p>आज हम सब का एक माह के बाद सौभाग्य जगा। मुनि श्री सुधासागरजी महाराज का विशाल संघ 16 पिच्छिका के साथ चार गुना बढ़कर आए। हम सब को मुनि श्री के सान्निध्य में श्री मद् जिनेन्द्र पंच कल्याणक महा महोत्सव विश्व शांति महायज्ञ एवं गजरथ महोत्सव प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप भैया, मुकेश भैया के निर्देशन में मनाने जा रहे हैं। आइये हम सब अपने मन को अयोध्या की ओर ले चले।</p>
<p><strong>शोभायात्रा के साथ मुनि श्री का हुआ नगर प्रवेश</strong></p>
<p>एक माह के दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी के प्रवास के वाद परम पूज्य का दोपहर बाद नगर में भव्य मंगल प्रवेश हुआ। जहां जैन समाज अध्यक्ष राकेश कांसल, उपाध्यक्ष अजित वरोदिया, प्रदीप तारई, महामंत्री राकेश अमरोद, कोषाध्यक्ष सुनील अखाई, मंत्री शैलेन्द्र श्रागर, मंत्री विजय धुर्रा, मंत्री संजीव भारिल्य, मीडिया प्रभारी अरविंद कचनार, आडिटर संजय केटी, संयोजक मनोज रन्नौद, उमेश सिंघई, मनीष सिंघई, श्रेयांस घैला, थूवोन जी अध्यक्ष अशोक जैन टींगू, मिल महामंत्री मनोज भैसरवास, विपिन सिंघई ने नगर के बाहर पहुंचकर श्रीफल भेंट किए। इसके बाद भव्य शोभायात्रा के साथ नगर प्रवेश कराया। जहां यह शोभायात्रा पार्श्वनाथ मंदिर, पछाड़ी खेड़ा रोड, बगीचा मंदिर, गांधी पार्क रेस्ट हाउस, भगवान महावीर स्वामी मार्ग, आचार्य श्री विद्यासागर दारा होते हुए सुभाष गंज पहुंचे। जहां भव्य धर्मसभा को संबोधित किया।</p>
<p><strong>व्यक्ति विफल क्यों हो जाता है समझें</strong></p>
<p>मुनि श्री ने कहा कि व्यक्ति विफल क्यों हो जाता है। समझें विफलता दिखा रही है कि आपने सही तरीके से पुरुषार्थ नहीं किया। अज्ञानी व्यक्ति का सबसे बड़ा लक्ष्य है। वह विफल होने पर निराश हो जाता है। वह हर किसी पर आरोप लगाने लगता है। आप जिस वस्तु को चाह रहे हैं वह नहीं मिली तो उसका आरोप किसी अन्य व्यक्ति पर लगा देते हैं तो आगे भी विफल होंगे यहां तक कि आप गाड़ी सावधानी से चला रहे थे। कोई सामने आकर टकरा जाए आपकी गाड़ी बड़ी थी। वह आप को गालियां देगा। आपकी ग़लती नही है फिर भी आपने शांति से सुन लिया तो शांति से सुनने का चमत्कार देखना आगे आपको ऐसी कठिनाई नहीं होगी।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/munishri_sudhasagarjis_auspicious_entry_into_ashoknagar/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
