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	<title>विश्व शांति महायज्ञ &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>हरीपर्वत पर श्री आदिनाथ पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव 23 अप्रैल से: पदाधिकारियों ने किया गया पत्रिका विमोचन </title>
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		<pubDate>Tue, 21 Apr 2026 13:38:40 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[न्यू आदर्श नगर, बल्केश्वर स्थित नवनिर्मित श्री 1008 सर्वताभद्र जिनालय में आचार्यश्री विरागसागर जी महाराज एवं आचार्यश्री विशुद्ध सागर जी महाराज के आशीर्वाद तथा उपाध्यायश्री विहसंत सागर जी महाराज ससंघ के पावन सानिध्य में 23 से 27 अप्रैल तक एमडी जैन इंटर कॉलेज ग्राउंड अयोध्या नगरी में भव्य श्री आदिनाथ जिनबिंब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव एवं [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>न्यू आदर्श नगर, बल्केश्वर स्थित नवनिर्मित श्री 1008 सर्वताभद्र जिनालय में आचार्यश्री विरागसागर जी महाराज एवं आचार्यश्री विशुद्ध सागर जी महाराज के आशीर्वाद तथा उपाध्यायश्री विहसंत सागर जी महाराज ससंघ के पावन सानिध्य में 23 से 27 अप्रैल तक एमडी जैन इंटर कॉलेज ग्राउंड अयोध्या नगरी में भव्य श्री आदिनाथ जिनबिंब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ होने जा रहा है। <span style="color: #ff0000">आगरा से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>आगरा।</strong> न्यू आदर्श नगर, बल्केश्वर स्थित नवनिर्मित श्री 1008 सर्वताभद्र जिनालय में आचार्यश्री विरागसागर जी महाराज एवं आचार्यश्री विशुद्ध सागर जी महाराज के आशीर्वाद तथा उपाध्यायश्री विहसंत सागर जी महाराज ससंघ के पावन सानिध्य में 23 से 27 अप्रैल तक एमडी जैन इंटर कॉलेज ग्राउंड अयोध्या नगरी में भव्य श्री आदिनाथ जिनबिंब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ होने जा रहा है। इसी क्रम में 21 अप्रैल को हरीपर्वत स्थित एम.डी.जैन इंटर कॉलेज परिसर के नारायण भवन में श्री आदिनाथ पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव समिति द्वारा भव्य पत्रिका विमोचन एवं प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान विधिवत रूप से महोत्सव की आधिकारिक पत्रिका का विमोचन किया गया। पत्रिका विमोचन करते हुए समिति पदाधिकारियों ने महोत्सव की विस्तृत रूपरेखा साझा की और आयोजन की विशेषताओं पर प्रकाश डाला। प्रेसवार्ता में मुख्य संयोजक मनोज जैन बाकलीवाल ने बताया कि यह महोत्सव 23 से 27 अप्रैल तक अत्यंत भव्य एवं धार्मिक गरिमा के साथ होगा। जिसमें जैन परंपरा अनुसार पंचकल्याणक की सभी मांगलिक क्रियाएं विधि पूर्वक आयोजित की जाएंगी।</p>
<p>उन्होंने जानकारी दी कि 23 अप्रैल को प्रथम दिवस गर्भकल्याणक महोत्सव के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। प्रातः6 बजे से कार्यक्रमों की श्रृंखला प्रारंभ होकर घटयात्रा, शोभायात्रा, भूमि शुद्धि, मंडप उद्घाटन, ध्वजारोहण, अभिषेक, पूजन एवं माता मरुदेवी की गोद भराई जैसी मांगलिक क्रियाएं होंगी। सायं कालीन कार्यक्रमों में आरती, प्रवचन एवं विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। जिनमें 16 स्वप्नों का आकर्षक मंचन भी शामिल रहेगा।</p>
<p><strong>मोक्ष कल्याणक के साथ महोत्सव का समापन </strong></p>
<p>संयोजक रजत जैन ने बताया कि 24 अप्रैल को जन्म कल्याणक महोत्सव मनाया जाएगा, जिसमें तीर्थंकर बालक के जन्म के उपलक्ष्य में भव्य आयोजन, ऐरावत हाथी पर शोभायात्रा, पांडुकशिला अभिषेक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। इसके पश्चात 25 अप्रैल को तप कल्याणक महोत्सव, 26 को ज्ञान कल्याणक महोत्सव एवं 27 अप्रैल को मोक्ष कल्याणक के साथ महोत्सव का समापन होगा। जो श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक प्रेरणा का अद्वितीय अवसर बनेगा। संयोजक पंकज जैन ने बताया कि प्रतिष्ठा ब्रह्मचारी जयकुमार ‘निशांत’ टीकमगढ़ के निर्देशन में सभी धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे। साथ ही बाहर से आए कलाकारों द्वारा भक्ति संगीत की मनमोहक प्रस्तुतियां दी जाएंगी, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय रहेगा।</p>
<p><strong>इनकी रही मौजूदगी </strong></p>
<p>महोत्सव के विशेष आकर्षणों में 25 अप्रैल की रात्रि को प्रसिद्ध कवयित्री अनामिका जैन ‘अंबर’ द्वारा कवि सम्मेलन तथा 26 अप्रैल को सुप्रसिद्ध गायक रूपेश जैन द्वारा संगीतमय भजन संध्या का आयोजन शामिल है। समिति द्वारा मीडिया प्रतिनिधियों से अनुरोध किया गया कि इस भव्य धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजन को अधिक से अधिक जन-जन तक पहुंचाने में सहयोग प्रदान करें। इस मौके पर रजत जैन, पंकज जैन, मनोज जैन बाकलीवाल, पारस जैन कंसल, सुमेर जैन, नरेंद्र जैन, राजीव बैंक, विशाल जैन, दिलीप जैन, विष्णु भगवान जैन, प्रवीण जैन नेताजी, कमल जैन, आकाश जैन, अंकेश जैन, मनीष जैन, शुभम जैन, समस्त श्री आदिनाथ पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव समिति बलकेश्वर के पदाधिकारी मौजूद रहे।</p>
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		<title>विश्व शांति महायज्ञ और भव्य दिग्विजय यात्रा निकाली: 25 समवशरण महामंडल विधान का हुआ भव्य समापन </title>
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		<pubDate>Mon, 20 Apr 2026 06:05:06 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जयपुर हाउस स्थित श्रीराम पार्क में उपाध्यायश्री विहसंत सागर जी एवं मुनि श्री विश्वसाम्य सागर जी ससंघ के पावन सान्निध्य एवं श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर समिति के तत्वावधान में 25 समवशरण महामंडल विधान का 19 अप्रैल को आध्यात्मिक वातावरण में समापन हुआ। आगरा से पढ़िए, शुभम जैन की यह खबर&#8230; आगरा। जयपुर हाउस स्थित [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>जयपुर हाउस स्थित श्रीराम पार्क में उपाध्यायश्री विहसंत सागर जी एवं मुनि श्री विश्वसाम्य सागर जी ससंघ के पावन सान्निध्य एवं श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर समिति के तत्वावधान में 25 समवशरण महामंडल विधान का 19 अप्रैल को आध्यात्मिक वातावरण में समापन हुआ। <span style="color: #ff0000">आगरा से पढ़िए, शुभम जैन की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>आगरा।</strong> जयपुर हाउस स्थित श्रीराम पार्क में उपाध्यायश्री विहसंत सागर जी एवं मुनि श्री विश्वसाम्य सागर जी ससंघ के पावन सान्निध्य एवं श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर समिति के तत्वावधान में 25 समवशरण महामंडल विधान का 19 अप्रैल को आध्यात्मिक वातावरण में समापन हुआ। छह दिवसीय इस आयोजन ने श्रद्धा, भक्ति और धर्ममय ऊर्जा से पूरे क्षेत्र को सराबोर कर दिया। समापन दिवस की शुरुआत प्रातःकाल जिनबिंबों के अभिषेक और शांतिधारा के साथ हुई। वातावरण मंत्रोच्चारण से गुंजायमान हो उठा, जब विधानाचार्य संदीप जैन शास्त्री एवं अरविंद जैन शास्त्री के निर्देशन में विधिपूर्वक पूजन-अर्चना हुई। 25 समवशरणों में विराजमान चक्रवर्ती परिवारों ने पूर्ण श्रद्धा और विधि-विधान से श्रीजी की आराधना कर धर्म लाभ अर्जित किया। इसके पश्चात विश्व शांति महायज्ञ किया गया।</p>
<p>जिसमें श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से मंत्रोच्चारण करते हुए हवन में आहुतियां अर्पित कीं और समस्त विश्व के कल्याण की मंगलकामना की। यह दृश्य अत्यंत भावविभोर करने वाला था, जहां हर श्रद्धालु आध्यात्मिक भावनाओं में लीन नजर आया। कार्यक्रम के दौरान आयोजक समिति द्वारा विधान को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी कार्यकर्ताओं एवं सहयोगियों का दुपट्टा और माल्यार्पण कर सम्मान किया गया। इस अवसर पर सभी के चेहरों पर संतोष और गर्व की झलक स्पष्ट दिखाई दी। विधान के अंतर्गत अक्षय तृतीया महापर्व भी मनाया गया। उपाध्यायश्री विहसंत सागर जी महाराज ने अपनी मंगल देशना में अक्षय तृतीया के आध्यात्मिक महत्व को सरल एवं प्रेरणादायक शब्दों में प्रस्तुत किया।</p>
<p>उन्होंने बताया कि यह पर्व अनंत पुण्य अर्जन का अवसर प्रदान करता है और सद्कर्मों के लिए प्रेरित करता है। कार्यक्रम स्थल के बाहर श्रद्धालुओं के लिए शुद्ध गन्ना रस का वितरण भी किया गया। जिससे सेवा और श्रद्धा का सुंदर समन्वय देखने को मिला। समापन अवसर पर भव्य दिग्विजय यात्रा निकाली गई।</p>
<p><strong>28 प्रतिमाओं का विधिवत अभिषेक किया </strong></p>
<p>उपाध्याय श्री के सानिध्य में 28 भगवानों की प्रतिमाओं को सुसज्जित रथों में विराजमान कर बैंडबाजों के साथ मंदिर परिसर तक ले जाया गया। श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति के बीच निकली यह यात्रा आस्था और उल्लास का अनुपम दृश्य प्रस्तुत कर रही थी। मंदिर पहुंचकर सभी प्रतिमाओं का विधिवत अभिषेक किया गया। इस प्रकार भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत यह समवशरण महामंडल विधान सफलतापूर्वक हुआ, जिसने श्रद्धालुओं के हृदय में धर्म के प्रति नई चेतना और उत्साह का संचार किया। इस मौके पर राकेश जैन पर्देवाले, दीपक जैन, सुबोध जैन, निर्मल जैन, अशोक जैन, मनोज जैन, अरुण जैन, पंकज जैन, अजय जैन, राहुल जैन, अमित सेठिया, अभिषेक जैन, शुभम जैन, नीतू जैन, इशिता जैन, उषा जैन, नीता जैन, रुचि जैन, शची जैन, वंदना जैन, सरिता जैन, प्रिया जैन जयपुर हाउस जैन समाज के लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे।</p>
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		<title>महावीर इंटरनेशनल परिवार ने किया विश्व शांति महायज्ञ : शांति और अमन कायम रहे इसलिए बड़ी संख्या में समाज जन जुटे </title>
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		<pubDate>Sat, 14 Mar 2026 12:32:22 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[सबकी सेवा सबको प्यार जियो और जीने दो के उद्देश्यों को साकार करते हुए महावीर इंटरनेशनल परिवार द्वारा विश्व शांति महायज्ञ किया गया।कुचामनसिटी से सुभाष पहाड़िया की यह खबर&#8230; कुचामनसिटी। सबकी सेवा सबको प्यार जियो और जीने दो के उद्देश्यों को साकार करते हुए महावीर इंटरनेशनल परिवार द्वारा विश्व शांति महायज्ञ किया गया। (रीजन 3 [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>सबकी सेवा सबको प्यार जियो और जीने दो के उद्देश्यों को साकार करते हुए महावीर इंटरनेशनल परिवार द्वारा विश्व शांति महायज्ञ किया गया।<span style="color: #ff0000">कुचामनसिटी से सुभाष पहाड़िया की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>कुचामनसिटी।</strong> सबकी सेवा सबको प्यार जियो और जीने दो के उद्देश्यों को साकार करते हुए महावीर इंटरनेशनल परिवार द्वारा विश्व शांति महायज्ञ किया गया। (रीजन 3 के उपाध्यक्ष)वीर नरेंद्र राका, अजमेर जोन अध्यक्ष वीर बाबूलाल जैन, अजमेर जोन सचिव वीर कैलाश चन्द पांड्या ,कुचामन सिटी की प्रेरणा से विश्व में बढ़ती अराजकता, संघर्ष और अशांति को देखते हुए शांति और अमन कायम रहे इसी उद्देश्यों से संस्था परिवार ने गायत्री मंदिर के परिवाज्रक महेश चौरसिया के तत्वावधान में सर्वसमाज के लिए महायज्ञ रखा गया। महायज्ञ में वीर अध्यक्ष रामावतार वीरा चन्दा गोयल, वीर सोहनलाल, वीरा शारदा वर्मा, वीरा रितु दीपक बंसल , रमा अनिल टाटनवाल, विकास समिति के शिवकुमार अग्रवाल, लायंस क्लब कुचामन फोर्ट के मुरली गोयल, संपर्क संस्थान से सुशीला चौहान, पेंशनर समाज से प्रकाश मेहरडा, गायत्री परिवार से नंद किशोर बंसल ,भेरुलाल उपाध्याय, रूपसिंह, जितेन्द्र राजपुरोहित, गिरधारी दीक्षित, महावीर इंटरनेशनल के वीर सुरेश जैन, वीर अजित पहाड़िया ,वीर रतनलाल मेघवाल,वीर अशोक अजमेरा,वीर सम्पत बगडिया l महेश लड्डा, श्रीकान्त मिश्रा, सत्यनारायण अग्रवाल, युवांश गोयल,अशोक तोशनीवाल, निर्मल पटवारी,ज्योति, उर्मिला , हेमा बंसल, पुजा गोयल ,तारा अपूर्वा , शांति तोशनीवाल,राम सिंह राठौर , गायत्री परिवार सहित सर्व समाज के 111 लोगों ने भाग लिया। संस्था द्वारा महेश संगीता चौरसिया का तिलक दुपट्टा पहनाकर बहुमान किया। यज्ञ संपन्न होने के पश्चात सभी को प्रसाद वितरण किया गया। जोन (मिश्री प्रोजेक्ट के कन्वीनेटर) वीर सुभाष पहाड़िया ने धन्यवाद ज्ञापित किया।</p>
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		<title>कैलाश पर्वत से मोक्ष पधारे आदिनाथ भगवान : गजरथ परिकमा में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, लगे जयकारे </title>
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		<pubDate>Tue, 10 Mar 2026 09:47:40 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[सतोदय तीर्थ सेरोन पंच कल्याणक प्रतिष्ठा एवं विश्व शांति महायज्ञ सोमवार को मुनि श्री सुधासागर महाराज के ससंध सानिध्य में पूर्ण हुआ। ललितपुर से पढ़िए, यह खबर&#8230; ललितपुर। सतोदय तीर्थ सेरोन पंच कल्याणक प्रतिष्ठा एवं विश्व शांति महायज्ञ सोमवार को मुनि श्री सुधासागर महाराज के ससंध सानिध्य में पूर्ण हुआ। जिसमें भगवान आदिनाथ को कैलाश [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>सतोदय तीर्थ सेरोन पंच कल्याणक प्रतिष्ठा एवं विश्व शांति महायज्ञ सोमवार को मुनि श्री सुधासागर महाराज के ससंध सानिध्य में पूर्ण हुआ। <span style="color: #ff0000">ललितपुर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>ललितपुर</strong>। सतोदय तीर्थ सेरोन पंच कल्याणक प्रतिष्ठा एवं विश्व शांति महायज्ञ सोमवार को मुनि श्री सुधासागर महाराज के ससंध सानिध्य में पूर्ण हुआ। जिसमें भगवान आदिनाथ को कैलाश पर्वत से मोक्ष गमन का दृश्य हजारों लोगों ने अयोध्यापुरी में देखा और गजरथ में विराजित श्रीजी के साथ श्रद्धालुजन भक्ति पूर्वक सम्मलित हुए। प्रातःकाल श्री जी का अभिषेक शांतिधारा के बाद नित्यगह पूजन हुई। वेदी पर ही कैलाश पर्वत की सुन्दर रचना की गई। जिस पर्वत पर आदिनाथ जी ने बैठ कर ध्यानरूढ़ होकर सिद्धत्व प्राप्त किया। मुनि श्री सुधासागरजी महाराज ने उपस्थित जन समुदाय को ध्यान साधना कराई और क्षणभर में ही भगवान आदिनाथ को मोक्ष की प्राप्ति हो गई। इस दृश्य को देखने अपार जनसमूह आतुर था।</p>
<p><strong>अग्निकुमार इन्द्रों ने हवन किया</strong></p>
<p>इस मौके पर मुनि श्री सुधासागर जी महाराज ने कहा कि पुण्य के अभाव में कोई काम नहीं आता। जिनके आगे पीछे इन्द्र थे। जन्म पर रत्नवृष्टि हुई। सारा वैभव था, जब पुण्य में हीनता आई वैराग्य हुआ और कैलाश पर्वत से मोक्ष गए और कपूर की भांति शरीर विलीन हो गया। प्रतिष्ठाचार्य बालब्रहमचारी प्रदीप भैया ने भगवान आदिनाथ के मोक्ष के पश्चात कैलाश पर्वत पर अग्निकुमार इन्द्रों ने हवन किया। इसके उपरान्त विश्व शांति महायज्ञ में इन्द्र इन्द्राणियों ने पूर्ण आहुति दी।</p>
<p><strong>हमें परमात्मा बनने का मार्ग दिखाया</strong></p>
<p>इस मौके पर मुनि श्री सुधासागरजी महाराज ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि पंच कल्याणक महोत्सव में पाषाण से परमात्मा बनाने की प्रक्रिया होती है। तीर्थंकर आदिनाथ ने कर्मों को नाश कर मोक्ष पद को प्राप्त किया और हमें परमात्मा बनने का मार्ग दिखाया। पंचकल्याण को अपने आचरण में लाने में ही कल्याण है। जिस तरह नशा करने से अघाते नहीं है, पाप करने से तृप्ति नहीं होती उसी तरह धर्म जितना करोगे बढ़ेगा।</p>
<p><strong>प्रभु जी की प्रतिमाएं आकर्षण का केन्द्र रहीं</strong></p>
<p>मध्यान्ह में गजरथ परिकमा का शुभारम्भ अयोध्यापुरी से हुई। जिसमें आगे बज पताका लिए हुए दिव्यघोष अनुशासित ढंग से चल रहे थे। रजत रथ एवं गजरथों में सवार प्रभु जी की प्रतिमाएं आकर्षण का केन्द्र रहीं। जिसमें प्रतिष्ठा महोत्सव के प्रमुख पात्र श्री जी को लिए थे। भव्य शोभायात्रा में स्याद्वाद वर्धमान सेवा संघ, आदिनाथ सेवा संघ के स्वयं सेवक प्रदर्शन कर रहे थे। गजरथ के आगे मुनि सुधासागर महाराज, मुनि श्री निरापद सागर महाराज, क्षुल्लक गम्भीर सागर एवं एलक जी महाराज और उनके पीछे-पीछे ब्रहमचारी ब्रहमचारिणी बहन मंगल भजन कर रही थी।</p>
<p><strong>शोभायात्रा में यह रहे शामिल</strong></p>
<p>शोभायात्रा में इंद्र इन्द्राणि भक्ति करते हुए अनुशासित ढंग से चल रहे थे। प्रतिष्ठा महोत्सव के प्रमुख पात्र महाराजा नाभिराय मरूदेवी मालती महेन्द्र सर्राफ, सौधर्म इन्द्र अनुपमा सतीश जैन बजाज, कुबेर सीमा सिंघई मनोज जैन, महायज्ञनायक सुमन विमल जैन, ममता अमित जैन वल्ली डोंगरा भरत चकवर्ती, विजय जैन लागौन वाहुवलि, नीतेश जैन विलौआ जखौरा राजा सोम, देवेन्द्र कुमार मंजू जैन राजा श्रयांस, पवन जैन बाबा मार्बल ईशान इन्द्र, समता जैन आनंद जैन साइकिल सनत इन्द्र, बाहमेन्द्र रूबी संजय मोदी, विधि यज्ञनायक राजू जैन मढावरा, महामण्डलेश्वर राजीव जैन पीहर साड़ी रथों में विराजित रहे।</p>
<p><strong>इन्होंने अभिषेक में लिया भाग</strong></p>
<p>परिकमा के बाद श्री जी को स्वयंसेवको के दिव्यघोषों के साथ प्रतिष्ठा मंच पर विराजित किया। जहां श्री जी का अभिषेक मुनिश्री सुधासागर महाराज के सानिध्य में हुआ। जिसमें उन्होने सभी को आर्शीवाद प्रदान किया। इस मौके पर प्रमुख रूप से नगरपालिका अध्यक्ष सोनाली जैन अभिलाषा, श्रेष्ठी शीलचंद अनौरा, अखिलेश गदयाना, अनिल जैन अंचल, महेन्द्र महरैया, संजय रसिया, प्रफुल्ल जैन, सत्येन्द्र गदयाना, सनत जैन खजुरिया धन्यकुमार जैन एड, अरविन्द जैन आप्टीशियन आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।</p>
<p><strong>इन्होंने किया संयोजन</strong></p>
<p>गजरथ महोत्सव की व्यवस्थाओं को आचार्य विद्यासागर व्यायामशाला, वीर सेवा संघ, जैन मिलन मुख्य शाखा के अतिरिक्त जैन पंचायत अध्यक्ष डॉ. अक्षय, महामंत्री आकाश जैन, सतोदय तीर्थ अध्यक्ष सतीश जैन बजाज, महामंत्री सिंघई मनोज जैन बबीना, विजय जैन लागौन, मीडिया प्रभारी अक्षय अलया,अजय जैन जखौरा, आनंद जैन साइकिल, संजय रसिया, नीतेश विलौआ, अमितेश जैन, अभय जैन ग्राफिक्स, अनंत सराफ, श्रयांस जैन गदयाना, राजेन्द्र जैन मिठ्या, पं जयकुमार जैन, अभय जैन, प्रदीपजैन बरौदा, अवध किशोर जैन, प्रदीप जैन बरोदा, सौरम जैन पीलू, संयोजित कर रहे थे।</p>
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		<title>विश्व शांति महायज्ञ के समापन दिवस पर भक्ति आराधना का रहा दौर : इंद्र-इंद्राणियो ने विधि-विधान पूर्वक पूजा-अर्चना की </title>
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		<pubDate>Fri, 06 Mar 2026 00:27:54 +0000</pubDate>
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<p><strong>नगर में श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर सेक्टर 7, आवास विकास कॉलोनी सिकंदरा में गुरुवार को श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ के समापन दिवस की शुरुआत प्रातःकाल भगवान जिनेंद्र देव के अभिषेक, शांतिधारा हुई। <span style="color: #ff0000">आगरा से पढ़िए, राहुल जैन की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
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<p><strong>आगरा।</strong> नगर में श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर सेक्टर 7, आवास विकास कॉलोनी सिकंदरा में गुरुवार को श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ के समापन दिवस की शुरुआत प्रातःकाल भगवान जिनेंद्र देव के अभिषेक, शांतिधारा हुई। समापन दिवस श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ संपन्न हुआ। जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय एवं उल्लासमय बन गया। बाल ब्रह्मचारी पीयूष शास्त्री एवं पंडित आशुतोष शास्त्री ने विधान पूजन और विधान के पूर्णाहुति अवसर पर श्रद्धालुओं ने विश्व शांति, समाज की उन्नति एवं मानव कल्याण की मंगल कामना की। सामूहिक रूप से सभी इंद्र-इंद्राणियो ने विधि-विधान पूर्वक पूजा-अर्चना कर धर्मलाभ प्राप्त किया। मंत्रोच्चार, भक्ति गीतों एवं स्तुति वंदनाओं से मंदिर परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा। इसके पश्चात आयोजित होली मिलन समारोह में आपसी प्रेम, सौहार्द एवं भाईचारे का संदेश देते हुए एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम के अंतर्गत समाज के वरिष्ठजनों, सहयोगकर्ताओं एवं आयोजन में विशेष योगदान देने वाले श्रद्धालुओं का स्वागत एवं सम्मान भी किया गया।</p>
<p><strong>यह समाज श्रेष्ठिजन मौजूद रहे</strong></p>
<p>इस मौके संयोजक अशोक कुमार जैन, अध्यक्ष राजेश बैनाड़ा, मंत्री विजय जैन निमोरब, मगन कुमार जैन, अरुण जैन, महेश चंद जैन, सुशील जैन, अनिल आदर्श जैन, सतेंद्र जैन, राकेश जैन, रामप्रकाश जैन, अतुल जैन, प्रमोद जैन, विवेक जैन, अंकित जैन, संजीव जैन मीडिया प्रभारी राहुल जैन और सकल जैन समाज मौजूद था।</p>
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		<title>सिद्धचक्र महामंडल विधान में 256 अर्घ्य समर्पित किए : सामूहिक रूप से सभी इंद्र-इंद्राणियो ने अर्घ्य चढ़ाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ </title>
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		<pubDate>Mon, 02 Mar 2026 06:06:22 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[ शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर सेक्टर 7, आवास विकास कॉलोनी सिकंदरा में रविवार को श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ के तहत श्री शांतिनाथ भगवान जी का अभिषेक हुआ और 256 अर्घ्य समर्पित किए गए। आगरा से पढ़िए, राहुल जैन की यह खबर&#8230; आगरा। नगर में श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर सेक्टर 7, आवास [&#8230;]]]></description>
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<p><strong> शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर सेक्टर 7, आवास विकास कॉलोनी सिकंदरा में रविवार को श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ के तहत श्री शांतिनाथ भगवान जी का अभिषेक हुआ और 256 अर्घ्य समर्पित किए गए। <span style="color: #ff0000">आगरा से पढ़िए, राहुल जैन की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
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<p><strong>आगरा।</strong> नगर में श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर सेक्टर 7, आवास विकास कॉलोनी सिकंदरा में रविवार को श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ के तहत श्री शांतिनाथ भगवान जी का अभिषेक हुआ और 256 अर्घ्य समर्पित किए गए। पूजन में सामूहिक रूप से सभी इंद्र-इंद्राणियो ने अर्घ्य चढ़ाने का सौभाग्य प्राप्त किया। संगीतमय विधान में संगीतकार विमल जैन एण्ड पार्टी के द्वारा मधुर से संगीतकार ने साथी कलाकारों द्वारा संगीतमय पूजन और विधान कराया। अपनी मनमोहक आवाज से पूजन और विधान में इंद्र और इंद्राणियों को झूमने पर मजबूर कर देते हैं।</p>
<p><strong>हमारे अच्छे कर्मों को आने का सहारा बन जाते हैं</strong></p>
<p>विधान के अंतर्गत बाल ब्रह्मचारी पीयूष भैया ने बताया कि कर्म सहित संसारी जीव हम सभी शुभ-अशुभ कर्मों के अधीन हैं। शुभ और अशुभ कर्म भी हमारे द्वारा उपार्जित किए जाते हैं। हम जैसे जैसे भाव करते हैं। वैसे-वैसे कर्मों का आगमन होता है। कर्मों का आना-जाना हमारे भावों पर ही आधारित है। यदि हम घर में दुकान अच्छे भाव करते हैं तो वह हमारे अच्छे कर्मों को आने का सहारा बन जाते हैं और यदि हम मंदिर में गुरु चरणों में बैठकर भाव करते हैं तो वह भाव हमारे पाप कर्मों को इकत्रित करते हैं। जैसे कर्म हम करते उसका वैसा ही फल भोगना पड़ता है।</p>
<p><strong>कर्म गरीब अमीर को नहीं देखते</strong></p>
<p>बाल ब्रह्मचारी पीयूष भैया ने कहा कि आप किसी से डरे या नहीं पर कर्मों से हमेशा डरना क्योंकि कर्मों के दरबार में पक्षपात नहीं होता l कर्म कभी छोटे बड़े जा भेद नहीं करते। जब कर्म उदय में आते हैं तो ग़रीब अमीर को नहीं देखते। श्री राम भगवान के जब कर्म उदय में आए तो राजपाठ को छोड़ चौदह वर्ष का वनवास भोगना पड़ा। जंगल-जंगल भटकना पड़ा। कितनी यातनाएँ पीड़ा सहन करनी पड़ी l जैन धर्म में ईसा आता है। भगवान प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ प्रभु ने पूर्व भव में खेत में हल चलाते समय छह घड़ी के लिए बैलों के मुख में रस्सी बाध दी थी ताकि वह हरि घास खेत की फसल ना खा पाए। जब कर्म बंधा तो तीर्थंकर पर्याय में उन्हें भी छह महीने भोजन नसीब नहीं हुआ। राजा श्रीपाल ने और सात सौ उप राजाओं ने एक मुनि का अनादर कर उनके शरीर पर थूक दिया था। जब बह कर्म उदय में आया तो सात सौ साथियों के साथ श्रीपाल को शरीर में कुष्ठ निकल आया। उन्होंने एक मुनि पर थूका था। सारी दुनिया ने उन सभी पर थूका। हमेशा अच्छे कर्म करते रहो। भगवान पल-पल आपका साथ देगा,आपके साथ रहेगा।</p>
<p>इस मौके संयोजक अशोककुमार जैन, अध्यक्ष राजेश बैनाड़ा, मंत्री विजय जैन निमोरब, अरुण जैन, महेश चंद जैन, अनिल आदर्श जैन, सतेंद्र जैन, राकेश जैन, सतेंद्र जैन राम प्रकाश जैन, अतुल जैन, प्रमोद जैन, विवेक जैन, अंकित जैन, संजीव जैन मीडिया प्रभारी राहुल जैन और सकल जैन समाज मौजूद था।</p>
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		<title>अर्घ्य 128 कर्म दोष रहित करने के लिए चढ़ाए जाते हैं : श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर सेक्टर 7 में चल रहा श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान </title>
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		<pubDate>Sat, 28 Feb 2026 13:39:50 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[नगर के श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर सेक्टर 7, आवास विकास कॉलोनी सिकंदरा में शनिवार को श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ के पांचवे दिन विधान के अंतर्गत भगवान महावीर का अभिषेक हुआ एवं शांतिधारा हुई। आगरा से पढ़िए, यह खबर&#8230; आगरा। नगर के श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर सेक्टर 7, आवास विकास [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>नगर के श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर सेक्टर 7, आवास विकास कॉलोनी सिकंदरा में शनिवार को श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ के पांचवे दिन विधान के अंतर्गत भगवान महावीर का अभिषेक हुआ एवं शांतिधारा हुई। <span style="color: #ff0000">आगरा से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>आगरा।</strong> नगर के श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर सेक्टर 7, आवास विकास कॉलोनी सिकंदरा में शनिवार को श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ के पांचवे दिन विधान के अंतर्गत भगवान महावीर का अभिषेक हुआ एवं शांतिधारा हुई। बाल ब्रह्मचारी पीयूष भैया जी जबलपुर के निर्देशन में विधान में 128 अर्घ्य चढ़ाये गए l ये 128 अर्घ्य 128 कर्म दोष रहित करने के लिए चढ़ाये जाते हैं। पूजन में सामूहिक रूप से सभी इंद्र-इंद्राणियो ने अर्घ्य चढ़ाने का सौभाग्य प्राप्त किया l संगीतमय विधान में संगीतकार विमल जैन एंड पार्टी के द्वारा मधुर से संगीतकार ने साथी कलाकारों द्वारा संगीतमय पूजन और विधान कराया जा रहा है और वो अपनी मनमोहक आवाज से पूजन और विधान में इंद्रों और इंद्राणियों को झूमने पर मजबूर कर देते हैं।</p>
<p><strong> भगवान की भक्ति कभी बेकार नहीं जाती</strong></p>
<p>बाल ब्रह्मचारी पीयूष शास्त्री ने बताया कि सिद्धचक्र विधान में विशेष रूप से सिद्धो की आराधना की जाती है सिद्ध भगवान आठ कर्मो से रहित होते है। संसारी जीव कर्मो के चक्र में फंसकर दुखी होता है और वह संसार में भटकता रहता है। प्रभु की आराधना प्रभु बनने के लिए की जाती है। भगवान की भक्ति कभी बेकार नहीं जाती। यदि नारकी जीव भी भगवान की भक्ति करता पशु पक्षी भी करते हैं। देवता भी करते हैं। किसकी भक्ति कभी निष्फल नहीं जाती। भक्ति में श्रद्धा ज्यादा और प्रर्दशन कम होना चाहिए। श्रद्धा हनुमान जी की तरह होनी चाहिए। श्रीराम के प्रति पूरा जीवन ही समर्पित कर दिया था। समर्पण का नाम ही श्रृद्धा है, कुछ पाने के लिए कुछ खोना पड़ता है। प्रभु को पाने के लिए अपना अहंकार खोना पड़ेगा।भक्ति करते रहो एक ना एक दिन प्रभु ज़रूर मिलेंगे l</p>
<p><strong>यह समाजजन मौजूद रहे</strong></p>
<p>इस मौके संयोजक अशोककुमार जैन, अध्यक्ष राजेश बैनाड़ा, मंत्री विजय जैन निमोरब, कोषाध्यक्ष मगन कुमार, अरुण जैन, महेशचंद जैन, अनिल आदर्श जैन, सतेंद्र जैन, राकेश जैन, सतेंद्र जैन, रामप्रकाश जैन, अतुल जैन, प्रमोद जैन, विवेक जैन, अंकित जैन, संजीव जैन, मीडिया प्रभारी राहुल जैन और सकल जैन समाज मौजूद था। मीडिया प्रभारी राहुल जैन ने बताया कि एक मार्च को पीयूष भैया के सानिध्य में सुबह 8 बजे से शांतिधारा, सिद्धचक्र महामंडल विधान होगा l</p>
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		<title>अष्टानिका महापर्व पर बनेडिया जी में भक्ति और उल्लास की गूंज: सिद्धचक्र मंडल विधान और विश्व शांति महायज्ञ में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब </title>
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		<pubDate>Sat, 28 Feb 2026 00:02:22 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[देपालपुर स्थित अतिशय क्षेत्र बनेडिया जी में 24 फरवरी से 1 मार्च तक अष्टानिका महापर्व के तहत सिद्धचक्र मंडल विधान और विश्व शांति महायज्ञ का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ किया जा रहा है। पढ़िए इंदौर से यह विशेष रिपोर्ट  देपालपुर (इंदौर) स्थित अतिशय क्षेत्र बनेडिया जी में अष्टानिका महापर्व पूरे उत्साह और आस्था [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>देपालपुर स्थित अतिशय क्षेत्र बनेडिया जी में 24 फरवरी से 1 मार्च तक अष्टानिका महापर्व के तहत सिद्धचक्र मंडल विधान और विश्व शांति महायज्ञ का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ किया जा रहा है। <span style="color: #ff0000">पढ़िए इंदौर से यह विशेष रिपोर्ट </span></strong></p>
<hr />
<p><strong>देपालपुर (इंदौर</strong>) स्थित अतिशय क्षेत्र बनेडिया जी में अष्टानिका महापर्व पूरे उत्साह और आस्था के साथ मनाया जा रहा है। 24 फरवरी से 1 मार्च तक चल रहे इस आयोजन में सिद्धचक्र मंडल विधान और विश्व शांति महायज्ञ की पावन गूंज वातावरण को धर्ममय बना रही है।</p>
<p><strong>आयोजन की प्रेरणा और संयोजन</strong></p>
<p>यह भव्य आयोजन श्रीमती बसंत माला गोधा एवं परिवार द्वारा, श्रीमती पद्मा बड़जात्या की प्रेरणा से संपन्न हो रहा है। पूरे परिसर में सजावट, भक्तिभाव और अनुशासन देखने लायक है।</p>
<p><strong>ध्वजारोहण और इंद्रों का सौभाग्य</strong></p>
<p>ध्वजारोहण एवं यज्ञ नायक बनने का सौभाग्य महावीर कुमार और सुनीता लुहाड़िया को मिला।</p>
<p>सोधर्म इंद्र-इंद्राणी के रूप में अनिल-हेमलता बड़जात्या, कुबेर इंद्र मुकेश-अनामिका काला, ईशान इंद्र महेश-निर्मला शाह, सनत कुमार इंद्र जितेंद्र-प्रमिला बाकलीवाल ने धर्मलाभ लिया।</p>
<p>महेंद्र इंद्र प्रदीप-अनिता कोठारी, ब्रह्म इंद्र तल्लीन-निशा बड़जात्या, ब्रह्मोत्तर इंद्र लवलीन-सविता बड़जात्या, लान्तव इंद्र अनिल-रचना पाटौदी भी विशेष आकर्षण रहे।</p>
<p>कपिष्ठ इंद्र वरुण-नेहा शाह, शुक्र इंद्र हिमांशु-पूर्णा बड़जात्या एवं निहित-सेजल काला ने भी भक्ति भाव से सहभागिता की। श्रीपाल-मीना सुंदरी बनने का सौभाग्य आभास-लवीना पाटनी को प्राप्त हुआ।</p>
<p><strong>संत सानिध्य और विधान प्रक्रिया</strong></p>
<p>इस आयोजन में मुनि श्री विध्रुव सागर जी का सानिध्य श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान कर रहा है। विधानाचार्य पंडित योगेंद्र कालाके के निर्देशन में प्रतिदिन प्रातः शांतिधारा और अभिषेक के साथ विधान की शुरुआत होती है।</p>
<p><strong>भक्ति, नृत्य और उल्लास</strong></p>
<p>इंद्राणी और परिवारजन भक्ति गीतों, नृत्य और संगीत के साथ विधान को जीवंत बना रहे हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर धर्मलाभ ले रहे हैं।</p>
<p>1 मार्च, रविवार को नित्य नियम पूजन, भव्य शोभायात्रा, अभिषेक और विश्व शांति महायज्ञ के साथ इस आयोजन का समापन होगा।</p>
<p>“धर्म की राह पर चलें तो जीवन खुद उत्सव बन जाता है।”</p>
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		<title>बनेडिया अतिशय क्षेत्र में नित्य अभिषेक और शांतिधारा से धर्म प्रभावना: सिद्धचक्र महामंडल विधान में हो रहे विविध धार्मिक कार्यक्रम, एक मार्च को पूर्णाहुति  </title>
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		<pubDate>Fri, 27 Feb 2026 13:41:27 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[बनेडिया गांव के दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र मंदिर में अष्टान्हिका महापर्व पर गोधा परिवार की ओर से सिद्धचक्र महामंडल विधान और विश्व शांति महायज्ञ किया जा रहा है। इसका शुभारंभ मंगलवार को संगीतमय पूजा-अर्चना के साथ किया गया। बनेडिया से पढ़िए, यह खबर&#8230; बनेडिया। बनेडिया गांव के दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र मंदिर में अष्टान्हिका महापर्व [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>बनेडिया गांव के दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र मंदिर में अष्टान्हिका महापर्व पर गोधा परिवार की ओर से सिद्धचक्र महामंडल विधान और विश्व शांति महायज्ञ किया जा रहा है। इसका शुभारंभ मंगलवार को संगीतमय पूजा-अर्चना के साथ किया गया। <span style="color: #ff0000">बनेडिया से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>बनेडिया।</strong> बनेडिया गांव के दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र मंदिर में अष्टान्हिका महापर्व पर गोधा परिवार की ओर से सिद्धचक्र महामंडल विधान और विश्व शांति महायज्ञ किया जा रहा है। इसका शुभारंभ मंगलवार को संगीतमय पूजा-अर्चना के साथ किया गया। 1008 सिद्ध महामंडल विधान के प्रथम दिन मंदिर में सुबह घटयात्रा, श्रीजी के कलशाभिषेक, मंडल शुद्धिकरण तथा सभी इंद्र-इंद्राणियों ने संकल्प के साथ विधान का पूजन कर अर्घ्य अर्पित किए। विधान की क्रियाएं पंडित योगेंद्र काला के सानिध्य में हो रही है।</p>
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<p><strong>यह समाजजन और परिवार रहे शामिल </strong></p>
<p>इस अवसर पर मुख्य रूप से बसंतमाल नेमीचंद गोधा, पद्मा बड़जात्या, महावीर सुनीता लुहाड़िया, जितेंद्र प्र्रमिला बाकलीवाल, महेश नीलू शाह, मुकेश अनामिका काला, अनिल हेमलता बड़जात्या, तल्लीन निशा बड़जात्या, गुलाबचंद, कैलाश, सुशील गोधा परिवार सहित इंदौर, देपालपुर, बड़नगर, देवास, सोनकच्छ, औरंगाबाद से भी समाजजन शामिल हुए। यह आयोजन एक मार्च को पूर्ण होगा।</p>
<p><strong>महामंडल विधान बनाया </strong></p>
<p>मुकेश काला ने बताया कि सोमवार को 10 किलो रंग-बिरंगी चावल की चूरी से महामंडल विधान बनाया गया था। इसे बनाने के लिए संयज जैन एवं कमल बैरागी का विशेष सहयोग रहा।</p>
<p><strong>मंदिर प्रांगण में ध्वजा चढ़ाई </strong></p>
<p>मंदिर मैनेजर सतीश जैन ने बताया कि विधान के प्रथम दिन मंगलवार को सुबह 7 बजे मंदिर प्रांगण में ध्वजा चढ़ाई गई। साथ ही कलशयात्रा, देव आज्ञा, मंडप शुद्धि, इंद्र प्रतिष्ठा, मंडप प्रतिष्ठा, सकलीकरण जाप, स्थापना, नित्य नियम पूजन एवं विधान हुआ। 28 फरवरी तक सुबह 7 बजे शांतिधारा अभिषेक किया जाएगा। शाम को 7.30 बजे आरती के बाद शास्त्र प्रवचन और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होगा। रविवार को नित्य नियम, पूजन, जिनवाणी पूजन, विश्व शांति महायज्ञ एवं श्रीजी की शोभायात्रा के बाद अभिषेक और वात्सल्य भोज होगा।</p>
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		<title>जैसी भावना करते हैं वैसा भवितव्य बनता है: श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ के तीसरे दिन भगवान की शांतिधारा, अभिषेक किया  </title>
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		<pubDate>Fri, 27 Feb 2026 13:24:29 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[नगर के सेक्टर 7 आवास विकास कॉलोनी सिकंदरा स्थित श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में गुरुवार को श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ के तीसरे दिन भगवान की शांतिधारा, अभिषेक किया गया। आगरा से पढ़िए, राहुल जैन की यह रिपोर्ट&#8230; आगरा। नगर के सेक्टर 7 आवास विकास कॉलोनी सिकंदरा स्थित श्री शांतिनाथ दिगम्बर [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>नगर के सेक्टर 7 आवास विकास कॉलोनी सिकंदरा स्थित श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में गुरुवार को श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ के तीसरे दिन भगवान की शांतिधारा, अभिषेक किया गया। <span style="color: #ff0000">आगरा से पढ़िए, राहुल जैन की यह रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>आगरा।</strong> नगर के सेक्टर 7 आवास विकास कॉलोनी सिकंदरा स्थित श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में गुरुवार को श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ के तीसरे दिन भगवान की शांतिधारा, अभिषेक किया गया। साथ ही इंद्र-इंद्राणी सहित विधान के प्रमुख पात्रों ने संगीतमय स्वरलहरियों के साथ अशोक जैन निर्मला जैन परिवार ने पूजा अर्चना की। विधान के 64 अर्घ्य समर्पित किए। बाल ब्रह्म्चारी पीयूष शास्त्री ने बताया कि संसार समुद्र से पार होने में दो मार्ग आगम में कहे गए हैं। निवृति रूप और प्रवृति रूप अथवा त्याग रूप और भक्ति रूप, निवृति रूप, त्याग रूप जहां महाव्रतियों के लिए बताया है, वहीं देव पूजा-गुरुपास्ती, स्वाध्याय, संयम, तप, दान अनुव्रतियों अथवा श्रावकों के लिए बताया है।</p>
<p><strong>दान और पूजा दो मुख्य कर्म श्रावकों को अवश्य करने चाहिए</strong></p>
<p>जो प्रवृति रूप भक्ति रूप है। दान और पूजा दो मुख्य कर्म श्रावकों को अवश्य करने चाहिए। इसीलिए जैन धर्म के जातक सभी नित्य प्रति देवदर्शन और पूजा करके अपनी भक्तिपूर्वक सर्वज्ञ के चरणों में समर्पित होते हैं और यही भावना भाते है कि हे! जिनेंद्र देव जिस प्रकार आपने अपने आठ कर्माें का नाश करके इस जन्म-मरण के चक्कर से अपने आप को सदा-सदा के लिए मुक्त कर अपने निज स्वरुप को प्राप्त किया है और अनंत, ज्ञान, दर्शन और आनंद में विराजमान हुए हैं। हम भी आपके गुणों को स्मरण कर अपने स्वरूप को प्राप्त करंे। जैन धर्म चूंकि भावना प्रधान है। सहज साधना की चर्या का परमोत्कृष्ट रूप मुनि दीक्षा है। जैसी भावना हम करते हैं। वैसा हमारा भवितव्य बनता है।</p>
<p><strong>ऐसे आयोजन से जीवों के कष्ट दूर हुए</strong></p>
<p>श्रद्धा और विश्वास के साथ की गयी धर्म भावना से सातिशय पुण्य की प्राप्ति होती है और जो परंपरा से मुक्ति का कारण आगम में बताया है। प्रतिवर्ष अष्टान्हिका में सिद्ध परमेष्ठी के जो अष्ट कर्म बंधन की श्रंखला से मुक्त होकर सिद्ध शिला में विराजमान हैं। उनके गुणों का स्मरण और भक्ति भाव से विधान कर स्वयं का और विश्व कल्याण की भावना को भाते हैं। इतिहास में अनेको ऐसे उदाहरण हैं, जिसमें ऐसे आयोजन से जीवों के कष्ट दूर हुए।</p>
<p><strong>हमें अधिक से अधिक पुण्य का लाभ मिले</strong></p>
<p>सबसे प्रसिद्ध मैनासुंदरी के पाठ का वर्णन आता है और तभी से जैन धर्म के हरेक मंदिरजी आदि में ये पाठ विधान बहुत भावों के साथ किया जाता है। ‘मैना सुंदरी किया पाठ यह पर्व अठाइनि में पति युक्त सात शतक कोढ़ीन का, गया कुष्ठ छिन’ में संतुलित और संयमित और परमोत्कृष्ट भावना से किया गया विधान महान कल्याणकारी और फलदायी होता है। अतः हम सभी को अपने आहार-विचार और चर्या को शुद्ध रखते हुए आने वाले दिनों के लिए तैयार करना है और सभी कार्य पूर्ण शुद्धता को लिए हुए अंजाम देना है। जिससे हमें अधिक से अधिक पुण्य का लाभ मिले।</p>
<p>इस मौके संयोजक अशोक कुमार जैन, अध्यक्ष राजेश बैनाड़ा, मंत्री विजय जैन निमोरब, कोषाध्यक्ष मगन कुमार, अरुण जैन, महेशचंद जैन, अतुल जैन, रामप्रकाश जैन, सचिन जैन, गिरीशचंद जैन, अंकित जैन, मुकेश जैन, प्रवीण जैन, मीडिया प्रभारी राहुल जैन और सकल जैन समाज मौजूद था।</p>
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