<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>विनयांजलि सभा &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<atom:link href="https://www.shreephaljainnews.com/tag/%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%9C%E0%A4%B2%E0%A4%BF-%E0%A4%B8%E0%A4%AD%E0%A4%BE/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
	<lastBuildDate>Fri, 29 May 2026 10:03:22 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/09/cropped-shri-32x32.png</url>
	<title>विनयांजलि सभा &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>आर्यिकाओं को महिला समाज ने दी विनयांजलि : रीवा में पद विहार कर रहीं दो आर्यिकाओं की सड़क हादसे में हुआ था समाधिमरण  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/womens_society_paid_tribute_to_aryans/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/womens_society_paid_tribute_to_aryans/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 29 May 2026 10:03:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Pada Vihar]]></category>
		<category><![CDATA[paying tribute]]></category>
		<category><![CDATA[Sad Samadhi death]]></category>
		<category><![CDATA[Shri Ajitnath Bada Temple]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[Vinayanjali]]></category>
		<category><![CDATA[Vinayanjali Sabha]]></category>
		<category><![CDATA[Women's Society]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[दुखद समाधिमरण]]></category>
		<category><![CDATA[पद विहार]]></category>
		<category><![CDATA[महिला समाज]]></category>
		<category><![CDATA[विनयांजलि]]></category>
		<category><![CDATA[विनयांजलि सभा]]></category>
		<category><![CDATA[श्रद्धासुमन अर्पित]]></category>
		<category><![CDATA[श्री अजितनाथ बड़ा मंदिर]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=107453</guid>

					<description><![CDATA[रीवा में पद विहार के दौरान सड़क दुर्घटना में दो आर्यिकाओं के दुखद समाधिमरण पर जैन समाज में गहरा शोक व्याप्त है। इस दुःखद घटना पर नगर के श्री अजितनाथ बड़ा मंदिर में महिला समाज द्वारा विनयांजलि सभा का आयोजन किया गया। महरौनी से पढ़िए, यह खबर&#8230; महरौनी। रीवा में पद विहार के दौरान सड़क [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>रीवा में पद विहार के दौरान सड़क दुर्घटना में दो आर्यिकाओं के दुखद समाधिमरण पर जैन समाज में गहरा शोक व्याप्त है। इस दुःखद घटना पर नगर के श्री अजितनाथ बड़ा मंदिर में महिला समाज द्वारा विनयांजलि सभा का आयोजन किया गया। <span style="color: #ff0000">महरौनी से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>महरौनी।</strong> रीवा में पद विहार के दौरान सड़क दुर्घटना में दो आर्यिकाओं के दुखद समाधिमरण पर जैन समाज में गहरा शोक व्याप्त है। इस दुःखद घटना पर नगर के श्री अजितनाथ बड़ा मंदिर में महिला समाज द्वारा विनयांजलि सभा का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं एवं श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। सभा में उपस्थित महिलाओं ने कहा कि आर्यिकाएं त्याग, तप और संयम की सजीव प्रतिमूर्ति होती हैं। उनका जीवन समाज को धर्म, अहिंसा और आत्मकल्याण का मार्ग दिखाने वाला होता है। ऐसे महान संत स्वरूपों का असमय निधन समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। विनयांजलि सभा में श्रद्धालुओं ने नमोकार मंत्र एवं शांतिपाठ का सामूहिक पाठ कर दिवंगत आर्यिकाओं के प्रति श्रद्धा व्यक्त की।</p>
<p>इस दौरान वातावरण अत्यंत भावुक हो गया और अनेक महिलाओं की आंखें नम हो गईं। महिला समाज की ओर से कहा गया कि साधु-संतों का जीवन सदैव लोककल्याण और आत्म साधना के लिए समर्पित रहता है। कार्यक्रम में सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आर्यिकाओं को श्रद्धासुमन अर्पित किए। सभा में जैन समाज की बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रही। संचालन रश्मि मलैया ने किया।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/womens_society_paid_tribute_to_aryans/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>धामनोद में जैन समाज और मुनि सेवा समिति ने रखी विनयांजलि सभा : रीवा हादसे में समाधिस्थ आर्यिका माताओं को दी भावभीनी विनयांजलि </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/jain_samaj_and_muni_seva_samiti_held_a_vinayanjali_sabha_in_dhamnod/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/jain_samaj_and_muni_seva_samiti_held_a_vinayanjali_sabha_in_dhamnod/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 23 May 2026 14:16:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Muni Seva Samiti]]></category>
		<category><![CDATA[Rewa Incident]]></category>
		<category><![CDATA[Samadhistha Aryika Mata]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[Untimely Samadhi Death]]></category>
		<category><![CDATA[Vinyanjali Sabha]]></category>
		<category><![CDATA[असामयिक समाधि मरण]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि सेवा समिति]]></category>
		<category><![CDATA[रीवा हादसा]]></category>
		<category><![CDATA[विनयांजलि सभा]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[समाधिस्थ आर्यिका माता]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=107170</guid>

					<description><![CDATA[रीवा में एक सड़क दुर्घटना के दौरान जैन समाज की दो आर्यिका माताजी के असामयिक समाधि मरण पर मुनि सेवा समिति और जैन समाज धामनोद ने जैन मंदिर में सामूहिक शांति पाठ और नवकार मंत्र जाप आयोजित कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। धामनोद से पढ़िए, यह खबर&#8230; धामनोद। मुनि सेवा समिति एवं सकल जैन [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>रीवा में एक सड़क दुर्घटना के दौरान जैन समाज की दो आर्यिका माताजी के असामयिक समाधि मरण पर मुनि सेवा समिति और जैन समाज धामनोद ने जैन मंदिर में सामूहिक शांति पाठ और नवकार मंत्र जाप आयोजित कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। <span style="color: #ff0000">धामनोद से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>धामनोद।</strong> मुनि सेवा समिति एवं सकल जैन समाज धामनोद द्वारा रीवा में हुई दुखद घटना पर एक विशेष शोक सभा का आयोजन किया गया। ज्ञात हो कि विगत दो दिन पूर्व रीवा में विहार के दौरान एक कार की टक्कर से जैन समाज की दो पूज्य आर्यिका माताजी का असामयिक समाधि मरण हो गया था। इस हृदय विदारक घटना से संपूर्ण जैन समाज स्तब्ध है। दोनों पूज्य माताजी की आत्म-शांति के लिए स्थानीय जैन मंदिर में समाज के लोगों ने सामूहिक रूप से शांति पाठ किया। इस दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने नवकार मंत्र का जाप कर माताजी के चरणों में अपनी विनयांजलि अर्पित की और उनकी आत्मा की सद्गति के लिए प्रार्थना की।</p>
<p><strong>वरिष्ठ जनों ने व्यक्त की संवेदनाएं</strong></p>
<p>श्रद्धांजलि सभा में मुनि सेवा समिति के अध्यक्ष सचिन जैन और जैन समाज के अध्यक्ष दीपक प्रधान ने विचार व्यक्त करते हुए माताजी के विहार और उनके योगदान को याद किया। समाज की ओर से पूर्व सचिव अशोक जैन ने भी माताजी के चरणों में श्रद्धासुमन अर्पित किए। कार्यक्रम के अंत में मुनि सेवा समिति के सचिव संजय जैन ने उपस्थित सभी समाज जनों का आभार व्यक्त किया। इस कार्यक्रम में मुनि सेवा समिति के सभी सदस्यों सहित बड़ी संख्या में जैन समाज के महिला और पुरुष उपस्थित रहे। समिति के मीडिया प्रभारी यश जैन ने बताया कि संपूर्ण धामनोद जैन समाज इस दुख की घड़ी में पूज्य संघ और संतों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता है। रीवा में विहार के दौरान कार दुर्घटना में दो आर्यिका माताओं का समाधि मरण हो गया था। धामनोद जैन मंदिर में सामूहिक शांति पाठ और नवकार मंत्र का जाप किया गया। समाज अध्यक्ष दीपक प्रधान, समिति अध्यक्ष सचिन जैन, सचिव संजय जैन और पूर्व सचिव अशोक जैन उपस्थित रहे। मुनि सेवा समिति के मीडिया प्रभारी यश जैन ने जानकारी दी।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/jain_samaj_and_muni_seva_samiti_held_a_vinayanjali_sabha_in_dhamnod/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>आर्यिका माताजी की समाधि पर उमड़ा समाज, संत सुरक्षा हेतु मौन रैली का निर्णय : उदय नगर में विनयांजलि सभा सम्पन्न,  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/the_community_flocks_to_aryika_matajis_samadhi_decision_taken_to_hold_a_silent_rally_for_the_protection_of_saints/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/the_community_flocks_to_aryika_matajis_samadhi_decision_taken_to_hold_a_silent_rally_for_the_protection_of_saints/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 22 May 2026 12:35:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[25 मई]]></category>
		<category><![CDATA[acharya shri vidyasagar ji maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[Aryika Shri Shrutmati Mataji]]></category>
		<category><![CDATA[Aryika Shri Upshammati Mataji]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Ascetic]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Homage Assembly]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[jain monk]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Nun]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Updates]]></category>
		<category><![CDATA[May 25]]></category>
		<category><![CDATA[monday]]></category>
		<category><![CDATA[Muni Shri Anant Sagar Ji Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[Muni Shri Vimal Sagar Ji Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[Rekha Sanjay Jain श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[silent rally]]></category>
		<category><![CDATA[Untimely Samadhi Maran]]></category>
		<category><![CDATA[असामयिक समाधि मरण]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य श्री विद्यासागर जी]]></category>
		<category><![CDATA[आर्यिका श्री उपशममति माताजी]]></category>
		<category><![CDATA[आर्यिका श्री श्रुतमति माताजी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि श्री अनंत सागर जी महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि श्री विमल सागर जी महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[मौन रैली]]></category>
		<category><![CDATA[रेखा संजय जैन]]></category>
		<category><![CDATA[विनयांजलि सभा]]></category>
		<category><![CDATA[सोमवार]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=107103</guid>

					<description><![CDATA[उदय नगर जैन मंदिर प्रांगण में आज परम पूज्य मुनि श्री विमल सागर जी महाराज एवं मुनि श्री अनंत सागर जी महाराज के पावन सानिध्य में आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज से दीक्षित आर्यिका श्री उपशममति माताजी एवं आर्यिका श्री श्रुतमति माताजी के दुर्घटना में हुए असामयिक समाधि मरण पर विनयांजलि सभा आयोजित की गई। [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>उदय नगर जैन मंदिर प्रांगण में आज परम पूज्य मुनि श्री विमल सागर जी महाराज एवं मुनि श्री अनंत सागर जी महाराज के पावन सानिध्य में आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज से दीक्षित आर्यिका श्री उपशममति माताजी एवं आर्यिका श्री श्रुतमति माताजी के दुर्घटना में हुए असामयिक समाधि मरण पर विनयांजलि सभा आयोजित की गई। सभा में विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी, अनेक मंदिरों के अध्यक्ष-मंत्री तथा समाज के गणमान्यजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। <span style="color: #ff0000">इंदौर से पढ़िए, रेखा संजय जैन की यह विशेष खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong> इंदौर, 22 मई 2026।</strong> उदय नगर जैन मंदिर प्रांगण में आज परम पूज्य मुनि श्री विमल सागर जी महाराज एवं मुनि श्री अनंत सागर जी महाराज के पावन सानिध्य में आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज से दीक्षित आर्यिका श्री उपशममति माताजी एवं आर्यिका श्री श्रुतमति माताजी के दुर्घटना में हुए असामयिक समाधि मरण पर विनयांजलि सभा आयोजित की गई। सभा में विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी, अनेक मंदिरों के अध्यक्ष-मंत्री तथा समाज के गणमान्यजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए संत सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई।</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-107106" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/05/IMG-20260522-WA0014-300x225.jpg" alt="" width="300" height="225" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/05/IMG-20260522-WA0014-300x225.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/05/IMG-20260522-WA0014-1024x768.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/05/IMG-20260522-WA0014-768x576.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/05/IMG-20260522-WA0014-74x55.jpg 74w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/05/IMG-20260522-WA0014-111x83.jpg 111w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/05/IMG-20260522-WA0014-215x161.jpg 215w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/05/IMG-20260522-WA0014-990x743.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/05/IMG-20260522-WA0014.jpg 1280w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<p><strong>मुनिश्री विमल सागरजी ने जताई चिंता </strong></p>
<p>सभा में मुनिश्री विमल सागरजी ने कहा कि यह अत्यंत पीड़ादायक प्रसंग है और अब यह चिंतन आवश्यक है कि कमी कहां रह रही है तथा उसे कैसे सुधारा जाए। उन्होंने कहा कि जैन साधु-संत सदैव सभी जीवों के कल्याण की भावना रखते हैं और समाजहित में निरंतर विचरण करते हैं। उन्होंने कहा कि इसे सामान्य घटना मानना उचित नहीं होगा, बल्कि यह कुछ संगठनों की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि संपूर्ण भारतवर्ष का जैन समाज इस घटना से अत्यंत दुखी एवं आक्रोशित है। साधु-संत देश की अमूल्य धरोहर हैं और उनकी सुरक्षा करना समाज का प्रथम कर्तव्य है।</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-107105" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/05/IMG-20260522-WA0016-300x225.jpg" alt="" width="300" height="225" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/05/IMG-20260522-WA0016-300x225.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/05/IMG-20260522-WA0016-1024x768.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/05/IMG-20260522-WA0016-768x576.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/05/IMG-20260522-WA0016-74x55.jpg 74w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/05/IMG-20260522-WA0016-111x83.jpg 111w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/05/IMG-20260522-WA0016-215x161.jpg 215w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/05/IMG-20260522-WA0016-990x743.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/05/IMG-20260522-WA0016.jpg 1280w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<p><strong>संत सुरक्षा हेतु संगठन और कोष बनाने की मांग </strong></p>
<p>समाजश्रेष्ठी संतोष जैन सर ने कहा कि केवल प्रशासन के भरोसे रहने से काम नहीं चलेगा। साधु-संतों के आहार, विहार और निहार में सहयोग हेतु एक संगठित व्यवस्था एवं सुरक्षा दल बनाया जाना चाहिए, साथ ही इसके लिए स्थायी कोष की भी स्थापना होनी चाहिए। हंसमुख गांधी ने भी श्रावकों की सक्रिय भूमिका को अत्यंत आवश्यक बताया।</p>
<p><strong>पी.सी. जैन ने की कोष निर्माण की पहल </strong></p>
<p>उदय नगर जैन मंदिर के अध्यक्ष पी.सी. जैन ने संत सुरक्षा हेतु कोष निर्माण की पहल करते हुए स्वयं सर्वप्रथम राशि समर्पित करने की घोषणा की।</p>
<p><strong>डी.के. जैन ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल</strong></p>
<p>रिटायर्ड डीएसपी डी.के. जैन ने कहा कि सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि साधु-संतों एवं मंदिरों की सुरक्षा में समाज स्वयं क्या योगदान दे रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि जब भी कोई साधु-संत विहार करें तो उस क्षेत्र के 5 से 10 प्रतिशत श्रावक उनके साथ चलें तथा वाहनों का सुरक्षा कारवां भी साथ रहे। उन्होंने दुर्घटना के आरोपी द्वारा दिए गए बयान पर भी प्रश्न उठाते हुए कहा कि सीसीटीवी फुटेज में यह स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि यह मात्र झपकी लगने की घटना प्रतीत नहीं होती, बल्कि इसमें किसी सुनियोजित मंशा की आशंका दिखाई देती है।</p>
<p>मुनि सेवा में समर्पित लोगों को प्राथमिकता देने पर जोर डी.के. जैन ने कहा कि मुनि सेवा का एक ऐसा संगठन बनाया जाए जिसमें वास्तव में जो लोग मुनि सेवा में तत्पर रहते हैं, जिनका सम्मान हम किसी भी मंच से नहीं कर पाते, उन लोगों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।</p>
<p><strong>युवाओं से आगे आने का आह्वान </strong></p>
<p>सामाजिक संसद के कार्यकारी अध्यक्ष नवीन गोधा ने कहा कि युवाओं को संगठनात्मक रूप से आगे आकर संतों के विहार में सक्रिय भूमिका निभानी होगी।</p>
<p><strong> साधु सेवा को बताया श्रावक का कर्तव्य </strong></p>
<p>श्रीफल जैन न्यूज़ की संपादक रेखा संजय जैन ने कहा कि श्रावकों के छह आवश्यक कर्तव्यों में साधु-संतों की सेवा भी प्रमुख है। उन्होंने कहा कि साधु-संत जैन समाज के चलते-फिरते भगवान हैं और जब तक उनके प्रति मन में सच्ची श्रद्धा एवं भक्ति नहीं होगी, तब तक केवल चर्चा, कोष या संगठन निर्माण से अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पाएंगे। इसके अलावा समाज के कई श्रेष्ठीजनों ने भी विनयांजलि रखते हुए अपनी बात रखी।</p>
<p><strong>25 मई को निकलेगी मौन रैली </strong></p>
<p>सभा में निर्णय लिया गया कि सोमवार, 25 मई को प्रातः 8 बजे सकल जैन समाज द्वारा मौन रैली निकालकर कलेक्टर महोदय को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इंदौर में समाजजन प्रातः 8 बजे राजबाड़ा पर एकत्रित होंगे। पुरुष वर्ग सफेद वस्त्रों में तथा महिलाएं केसरिया साड़ी धारण कर हाथों में संदेशात्मक तख्तियां लेकर कलेक्टर कार्यालय तक जाएंगे और संत सुरक्षा संबंधी ज्ञापन प्रस्तुत करेंगे।</p>
<p><strong>अनेक समाजजन रहे उपस्थित </strong></p>
<p>विनयांजलि सभा में समाजश्रेष्ठी संतोष जैन सर, सामाजिक संसद अध्यक्ष आनंद गोधा, हर्ष जैन, डी.के. जैन, नवीन गोधा, राजीव जैन पार्षद, तल्लीन बड़जात्या, जेनेश झांझरी, सुदीप जैन, डी.के. जैन (डीएसपी), अनिल जैन जैनको, आर.के. जैन (एक्स), रितेश पाटनी, श्रीपाल जैन, दीपक मादावत, अनामिका बाकलीवाल, मनोज बाकलीवाल, सारिका जैन, रेखा जैन सहित अनेक मंदिरों के अध्यक्ष एवं मंत्री उपस्थित रहे।</p>
<p>सभा का सफल संचालन सचिन जैन (उद्योगपति) ने किया तथा आभार संदीप पी.सी. जैन ने व्यक्त किया।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/the_community_flocks_to_aryika_matajis_samadhi_decision_taken_to_hold_a_silent_rally_for_the_protection_of_saints/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>त्याग, संयम और तपस्या की प्रतिमूर्ति रहीं आर्यिका द्वय: मुनिश्री विमलसागर जी एवं मुनि अनंत सागर जी महाराज के सान्निध्य में हुई विनयांजलि सभा </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/the_two_aryikas_stood_as_embodiments_of_renunciation_selfrestraint_and_asceticism/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/the_two_aryikas_stood_as_embodiments_of_renunciation_selfrestraint_and_asceticism/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 21 May 2026 11:15:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Aryika Shrutamati Mataji]]></category>
		<category><![CDATA[Aryika Upshamamati Mataji]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Ascetic]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Homage Ceremony]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[jain monk]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Nun]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Updates]]></category>
		<category><![CDATA[Muni Anant Sagar Ji]]></category>
		<category><![CDATA[Munishree Vimalsagar Ji]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Sudden Samadhimaran]]></category>
		<category><![CDATA[Uday Nagar Jain Temple Complex. श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[आकस्मिक समाधिमरण]]></category>
		<category><![CDATA[आर्यिका उपशममति माताजी]]></category>
		<category><![CDATA[आर्यिका श्रुतमति माताजी]]></category>
		<category><![CDATA[उदय नगर जैन मंदिर परिसर]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि अनंत सागर जी]]></category>
		<category><![CDATA[मुनिश्री विमलसागर जी]]></category>
		<category><![CDATA[विनयांजलि सभा]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=107069</guid>

					<description><![CDATA[नगर में शुक्रवार को आर्यिका श्रुतमति माताजी, आर्यिका उपशममति माताजी के आकस्मिक समाधिमरण पर भावपूर्ण विनयांजलि सभा उदय नगर जैन मंदिर परिसर में होगी। इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230; इंदौर। नगर में शुक्रवार को आर्यिका श्रुतमति माताजी, आर्यिका उपशममति माताजी के आकस्मिक समाधिमरण पर भावपूर्ण विनयांजलि सभा उदय नगर जैन मंदिर परिसर में होगी। सामाजिक [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>नगर में शुक्रवार को आर्यिका श्रुतमति माताजी, आर्यिका उपशममति माताजी के आकस्मिक समाधिमरण पर भावपूर्ण विनयांजलि सभा उदय नगर जैन मंदिर परिसर में होगी। <span style="color: #ff0000">इंदौर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> नगर में शुक्रवार को आर्यिका श्रुतमति माताजी, आर्यिका उपशममति माताजी के आकस्मिक समाधिमरण पर भावपूर्ण विनयांजलि सभा उदय नगर जैन मंदिर परिसर में होगी। सामाजिक सांसद के महामंत्री हर्ष जैन ने बताया कि मुनिश्री विमलसागरजी एवं मुनिश्री अनंत सागरजी महाराज संसघ के सान्निध्य में आचार्य श्री विद्यासागर जी महामुनिराज की परम साधिका शिष्या एवं आचार्य श्री समयसागर महाराज की आज्ञानुवर्ती आर्यिका श्री श्रुतमति माताजी एवं आर्यिका श्री उपशममति माताजी के आकस्मिक समाधिस्थ होने पर भावपूर्ण विनयांजलि सभा का आयोजन शुक्रवार को प्रातः 8 बजे से उदयनगर जैन मंदिर परिसर में होगी। श्री सर्वाेदय धार्मिक पारमार्थिक ट्रस्ट, उदय नगर जैन समाज एवं दिगंबर जैन समाज सामाजिक सांसद के अध्यक्ष आनंद गोधा, महामंत्री, हर्ष जैन ने समाज जनों से आह्वान किया कि श्री सकल दिगंबर जैन समाज, इंदौर द्वारा आयोजित यह सभा मुनिश्री विमल सागर जी महाराज एवं मुनिश्री अनंत सागर जी के सान्निध्य’ में उदयनगर जैन मंदिर में होगी।</p>
<p>दद्दू ने बताया कि प्रातःकालीन आवश्यक क्रिया से लौटते समय हुई इस दुःखद दुर्घटना ने पूरे संघ एवं श्रद्धालु समाज को स्तब्ध कर दिया है। तप, त्याग, संयम और साधना से अलंकृत दोनों आर्यिकाओं का जीवन सदैव समाज को धर्ममार्ग की प्रेरणा देता रहेगा। यह घटना आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की परंपरा ही नहीं, अपितु संपूर्ण श्रमण संस्कृति एवं जैन समाज के लिए बहुत बड़ी अपूरणीय क्षति है।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/the_two_aryikas_stood_as_embodiments_of_renunciation_selfrestraint_and_asceticism/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के समाधि दिवस पर विनयांजलि सभा की : आचार्य श्री संपूर्ण राष्ट्र को नैतिकता, संस्कार और आत्मसंयम की दिशा दिखाई </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/a_tribute_ceremony_was_held_on_the_death_anniversary_of_acharya_shri_vidyasagar_maharaj/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/a_tribute_ceremony_was_held_on_the_death_anniversary_of_acharya_shri_vidyasagar_maharaj/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 30 Jan 2026 07:57:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Shri Vidyasagar Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain Social Group Ambah]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[jain monk]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Nun]]></category>
		<category><![CDATA[jain samachar]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[lamp lighting]]></category>
		<category><![CDATA[Mangalacharan (auspicious invocation)]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Vinayanjali Sabha]]></category>
		<category><![CDATA[Visionary Acharya श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य श्री विद्यासागर महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[दिगम्बर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[विनयांजलि सभा]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=99190</guid>

					<description><![CDATA[दिगम्बर जैन सोशल ग्रुप अंबाह के तत्वावधान में परेड स्थित दिगम्बर जैन मंदिर परिसर में आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के समाधि दिवस पर श्रद्धा, भक्ति और संयम भाव से परिपूर्ण विनयांजलि सभा का आयोजन किया गया। अंबाह से पढ़िए, अजय जैन की यह खबर&#8230; अंबाह। दिगम्बर जैन सोशल ग्रुप अंबाह के तत्वावधान में परेड स्थित [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>दिगम्बर जैन सोशल ग्रुप अंबाह के तत्वावधान में परेड स्थित दिगम्बर जैन मंदिर परिसर में आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के समाधि दिवस पर श्रद्धा, भक्ति और संयम भाव से परिपूर्ण विनयांजलि सभा का आयोजन किया गया। <span style="color: #ff0000">अंबाह से पढ़िए, अजय जैन की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>अंबाह।</strong> दिगम्बर जैन सोशल ग्रुप अंबाह के तत्वावधान में परेड स्थित दिगम्बर जैन मंदिर परिसर में आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के समाधि दिवस पर श्रद्धा, भक्ति और संयम भाव से परिपूर्ण विनयांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर समाजजनों ने आचार्य श्री के चरणों में भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके महान त्याग, तप, ज्ञान और राष्ट्रधर्म के प्रति समर्पण को नमन किया। पूरा वातावरण भक्ति, साधना और आत्मचिंतन की भावना से ओतप्रोत दिखाई दिया। सभा की शुरुआत आचार्य श्री के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं मंगलाचरण से हुई। इसके बाद उपस्थित श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से नवकार मंत्र का जाप किया। जिससे मंदिर परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से गूंज उठा। समाजसेवी महेश जैन विकल ने अपने विचार रखते हुए कहा कि आचार्य विद्यासागर महाराज केवल एक संत ही नहीं, बल्कि युगदृष्टा आचार्य थे। उन्होंने अपने कठोर तप, साधना और ओजस्वी विचारों से न केवल जैन समाज, बल्कि संपूर्ण राष्ट्र को नैतिकता, संस्कार और आत्मसंयम की दिशा दिखाई।</p>
<p><strong>राष्ट्रभाषा हिंदी और संस्कृत के संरक्षण पर जोर दिया</strong></p>
<p>विनयांजलि सभा में आचार्य श्री के जीवन दर्शन पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए संध्या अनिल जैन खरगोला ने कहा कि आचार्य श्री ने अपने संपूर्ण जीवन में अहिंसा, अपरिग्रह, ब्रह्मचर्य और आत्म संयम को व्यवहार में उतारकर समाज के सामने आदर्श प्रस्तुत किया। उनका सादगीपूर्ण जीवन, अल्पाहार, कठोर तपस्या और अनुशासन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने राष्ट्रभाषा हिंदी और संस्कृत के संरक्षण व प्रचार पर विशेष बल दिया तथा शिक्षा, संस्कार और संस्कृति को समाज की रीढ़ बताया।</p>
<p><strong>अपरिग्रह के मार्ग पर चलने से मानव जीवन सार्थक</strong></p>
<p>वीरेंद्र जैन शिक्षक ने कहा कि आचार्य विद्यासागर महाराज का संदेश था कि &#8216;परिवर्तन बाहर से नहीं, भीतर से शुरू होता है।&#8217; उन्होंने सिखाया कि यदि व्यक्ति अपने विचार, आचरण और व्यवहार को शुद्ध कर ले तो समाज और राष्ट्र स्वतः सशक्त हो जाते हैं। उनका मानना था कि उपभोग नहीं, संयम ही सच्चा सुख देता है और अपरिग्रह के मार्ग पर चलकर ही मानव जीवन सार्थक बनता है। गौ-संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और स्वदेशी के विचारों को उन्होंने केवल उपदेश तक सीमित नहीं रखा, बल्कि स्वयं के जीवन में उतारकर समाज के सामने उदाहरण प्रस्तुत किया।</p>
<p><strong>प्रेरक वचनों और उपदेशों का वाचन किया</strong></p>
<p>कार्यक्रम के दौरान आचार्य श्री की स्मृति में मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद उनके प्रेरक वचनों और उपदेशों का वाचन किया गया, जिन्हें सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। विमल जैन राजू ने कहा कि आचार्य श्री का समाधि दिवस केवल स्मरण का दिन नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, आत्मशुद्धि और उनके आदर्शों को जीवन में उतारने का संकल्प लेने का अवसर है। उन्होंने कहा कि आचार्य श्री का जीवन हमें सिखाता है कि सच्ची विजय बाहरी उपलब्धियों में नहीं, बल्कि इंद्रियों पर विजय पाने में है।</p>
<p><strong>त्याग, तप और सेवा का जीवंत उदाहरण</strong></p>
<p>दिगम्बर जैन सोशल ग्रुप अंबाह के अध्यक्ष संतोष जैन ने अपने उद्बोधन में कहा कि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज का संपूर्ण जीवन त्याग, तप और सेवा का जीवंत उदाहरण है। उनके आदर्शों पर चलकर ही हम उन्हें सच्ची विनयांजलि अर्पित कर सकते हैं। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि आचार्य श्री के संदेशों को केवल सुनने तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें अपने दैनिक जीवन में अपनाएं।</p>
<p>सभा के अंत में समाजजनों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि वे आचार्य विद्यासागर महाराज के बताए मार्ग—अहिंसा, संयम, सादगी और सेवा पर चलेंगे तथा उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाएंगे। इस अवसर पर दिगम्बर जैन सोशल ग्रुप के पदाधिकारी, जैन समाज के वरिष्ठजन, युवा वर्ग एवं मातृशक्ति बड़ी संख्या में उपस्थित रही। कार्यक्रम का समापन शांतिपाठ के साथ हुआ। विनयांजलि सभा श्रद्धा, साधना और समर्पण का सशक्त संदेश देकर सभी के मन में आचार्य श्री की स्मृतियों को और अधिक सजीव कर गई।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/a_tribute_ceremony_was_held_on_the_death_anniversary_of_acharya_shri_vidyasagar_maharaj/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी के प्रति अमेरिका, कनाडा जैन समाज ने रखी विनयांजलि सभा : ऑनलाइन भगवान ऋषभदेव जूम चैनल के माध्यम से हुई सभा  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/america_canada_jain_community_held_a_tribute_meeting_for_ganini_chief_shri_gyanmati_mataji/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/america_canada_jain_community_held_a_tribute_meeting_for_ganini_chief_shri_gyanmati_mataji/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 13 Dec 2025 12:47:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[All India Digambar Jain Youth Council]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[Ganini Pramukh Shri Gyanmati Mataji]]></category>
		<category><![CDATA[International Vinyanjali Sabha]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Lord Rishabhdev Zoom Channel]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[Vinyanjali Sabha]]></category>
		<category><![CDATA[अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन शास्त्री परिषद]]></category>
		<category><![CDATA[अंतरराष्ट्रीय विनयांजलि सभा]]></category>
		<category><![CDATA[गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[भगवान ऋषभदेव जूम चैनल]]></category>
		<category><![CDATA[विनयांजलि सभा]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=96298</guid>

					<description><![CDATA[अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन युवा परिषद द्वारा सर्वाेच्च जैन साध्वी गणिनी प्रमुख आर्यिका शिरोमणि श्री ज्ञानमती माताजी के प्रति अंतरराष्ट्रीय विनयांजलि सभा शुक्रवार को रखी गई। यह सभा सुबह 6 बजे ऑनलाइन भगवान ऋषभदेव जूम चैनल के माध्यम से की गई। इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण सुबह 6 बजे से 8.30 बजे तक पारस चैनल [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन युवा परिषद द्वारा सर्वाेच्च जैन साध्वी गणिनी प्रमुख आर्यिका शिरोमणि श्री ज्ञानमती माताजी के प्रति अंतरराष्ट्रीय विनयांजलि सभा शुक्रवार को रखी गई। यह सभा सुबह 6 बजे ऑनलाइन भगवान ऋषभदेव जूम चैनल के माध्यम से की गई। इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण सुबह 6 बजे से 8.30 बजे तक पारस चैनल के माध्यम समूचे विश्व में किया गया। <span style="color: #ff0000">जयपुर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>जयपुर।</strong> अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन युवा परिषद द्वारा सर्वाेच्च जैन साध्वी गणिनी प्रमुख आर्यिकाशिरोमणि श्री ज्ञानमती माताजी के प्रति अंतरराष्ट्रीय विनयांजलि सभा शुक्रवार को रखी गई। यह सभा सुबह 6 बजे ऑनलाइन भगवान ऋषभदेव जूम चैनल के माध्यम से की गई। इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण सुबह 6 बजे से 8.30 बजे तक पारस चैनल के माध्यम समूचे विश्व में किया गया। युवा परिषद् के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ.जीवनप्रकाश जैन ने बताया कि सभा में अमेरिका एवं कनाडा से 300 परिवारों ने जुड़कर माताजी के प्रति अपनी भक्ति समर्पित की। राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन ने बताया कि कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जीवनप्रकाश जैन ने किया। सर्वप्रथम राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कमलेश भाई शाह नार्थ कैरोलिना (अमेरिका) द्वारा उपस्थित सभी भक्तों के प्रति स्वागत उद्बोधन दिया गया। इस अवसर पर दीप प्रज्वलन के माध्यम से अमेरिका के 15 जैन सेंटर्स के प्रतिनिधियों ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में न्यूजर्सी, न्यूयार्क, फ्रैंकलिंक, बोस्टन, वॉशिंगटन डीसी, वर्जिनिया, नॉर्थ करोलिना, अटलांटा, फ्लोरिडा, शिकागो, डलास, टेक्सास, केलिर्फाेनिया, कनाडा, कैलेग्री जैसे स्थानों के जैन समाज से अध्यक्ष, मंत्री आदि पदाधिकारियों ने दीप प्रज्वलित किया और सभी सेंटर्स के सैकड़ों भक्तजन उपस्थित रहे।</p>
<p><strong>माताजी का किया गया गुणानुवाद </strong></p>
<p>इस अवसर पर विभिन्न भक्तों द्वारा पूज्य माताजी के प्रति अपनी-अपनी विनयांजलि अर्पित करके माताजी का गुणानुवाद किया गया। विनयांजलि समर्पण में न्यूजर्सी से विजय भाई शाह (अध्यक्ष-जैन समाज ऑफ यूएसए), राजीवभाई शाह (सचिव), सनत भाई शाह (उपाध्यक्ष), न्यूयार्क से हिमांशु-मीनाक्षी शाह, कैलीर्फाेनिया से अशोक सेठी, वाशिंगटन डीसी, प्रद्युम्न-धनलक्ष्मी जवेरी, कैरोलिना से कमलेश भाई-तृप्तिबेन शाह, बेला शाह, अटलांटा से सुनील रितु दोशी, कैलेग्री-कनाडा से तरुण जैन और सुबोध पेरामानू आदि महानुभावों ने विनयांजलि प्रस्तुत की।</p>
<p><strong>माताजी ने दिया मंगल आशीर्वाद </strong></p>
<p>सर्वाेच्च जैन साध्वी गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी ने सभी को हर्षपूर्ण मंगल आशीर्वाद देते हुए कहा कि आप सभी लोग भारत की धरती से जुड़े हुए हैं, लेकिन विदेश में रहते हुए भी सभी ने अपने भारतीय संस्कार और जैन धर्म को अपने जीवन में बनाये रखा है, यह अत्यंत अनुमोदनीय है। माताजी ने कहा कि इसी प्रकार जैन धर्म की सेवा करके प्रचार-प्रसार और प्रभावना के साथ सभी भक्त जन अपनी आत्मा का कल्याण करते रहें, यही सभी के लिए आशीर्वाद है। कार्यक्रम में प्रज्ञा श्रमणी आर्यिका श्री चंदनामती माताजी ने भी समस्त विदेशी महानुभावों को आशीर्वाद उद्बोधन दिया।</p>
<p><strong>प्रत्येक शुक्रवार को प्रातः 6.30 बजे माताजी के प्रवचन </strong></p>
<p>कमल कासलीवाल मुंबई शाखा के गौरव अध्यक्ष ने सभी अतिथियों के प्रति आभार प्रदर्शित किया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन, पदम बिलाला जयपुर प्रांतीय अध्यक्ष धर्म जाग्रति संस्थान राजस्थान प्रांत आदि भी ऑनलाइन उपस्थित रहे। इस अवसर पर भारतीय समयानुसार प्रत्येक शुक्रवार को प्रातः 6.30 बजे माताजी द्वारा विभिन्न विषयों पर विदेशी जैन समाज के भक्तों के लिए मंगल प्रवचन करने के लिए भी युवा परिषद ने घोषणा की।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/america_canada_jain_community_held_a_tribute_meeting_for_ganini_chief_shri_gyanmati_mataji/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>सनावद में साध्य सागर जी महाराज का 8वां दीक्षा संयम दिवस श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाएगा : कार्यक्रम में होंगे अभिषेक, शांति धारा, दीप प्रज्वलन, शास्त्र भेंट, पाद प्रक्षालन और मंगल प्रवचन </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/8th_diksha_sanyam_day_celebration_of_sadhya_sagar_ji/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/8th_diksha_sanyam_day_celebration_of_sadhya_sagar_ji/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 05 Oct 2025 11:25:18 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[8वां दीक्षा संयम दिवस]]></category>
		<category><![CDATA[Abhishek Ceremony]]></category>
		<category><![CDATA[Ahimsa]]></category>
		<category><![CDATA[Charaya Shiromani Vishuddh Sagar Ji]]></category>
		<category><![CDATA[Deepa Prajjwalan]]></category>
		<category><![CDATA[Diksha Sanyam Day]]></category>
		<category><![CDATA[jain bhakti]]></category>
		<category><![CDATA[jain culture]]></category>
		<category><![CDATA[jain dharma]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Religious Event]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Sangh]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Spirituality]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Tapasya]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Tradition]]></category>
		<category><![CDATA[Muni Diwas]]></category>
		<category><![CDATA[pad prakshalan]]></category>
		<category><![CDATA[panchkalyanak]]></category>
		<category><![CDATA[Prabhavna Vitaran]]></category>
		<category><![CDATA[Religious Assembly श्रीफल न्यूज़]]></category>
		<category><![CDATA[Sadhya Sagar Ji Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[Samyak Charitra]]></category>
		<category><![CDATA[Samyak Gyan]]></category>
		<category><![CDATA[Sanavad Jain Samaj]]></category>
		<category><![CDATA[Sanavad Religious Celebration]]></category>
		<category><![CDATA[Shanti Dhara]]></category>
		<category><![CDATA[Shasan Jayvant]]></category>
		<category><![CDATA[Shastra Bhent]]></category>
		<category><![CDATA[Shraman Sanskriti]]></category>
		<category><![CDATA[shrifal news]]></category>
		<category><![CDATA[Tapasya]]></category>
		<category><![CDATA[Tyag]]></category>
		<category><![CDATA[Vatsalya Rishi Muni]]></category>
		<category><![CDATA[Vinayanjali Sabha]]></category>
		<category><![CDATA[अभिषेक समारोह]]></category>
		<category><![CDATA[अहिंसा]]></category>
		<category><![CDATA[चर्या शिरोमणि आचार्य विशुद्ध सागर जी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन तपस्या]]></category>
		<category><![CDATA[जैन धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन परंपरा]]></category>
		<category><![CDATA[जैन भक्ति]]></category>
		<category><![CDATA[जैन संघ]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साधु]]></category>
		<category><![CDATA[तप]]></category>
		<category><![CDATA[त्याग]]></category>
		<category><![CDATA[दीप प्रज्ज्वलन]]></category>
		<category><![CDATA[धार्मिक आयोजन]]></category>
		<category><![CDATA[पञ्चकल्याणक]]></category>
		<category><![CDATA[पाद प्रक्षालन]]></category>
		<category><![CDATA[प्रभावना वितरण]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि दिवस]]></category>
		<category><![CDATA[वात्सल्य ऋषि मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[विनयांजलि सभा]]></category>
		<category><![CDATA[शांति धारा]]></category>
		<category><![CDATA[शासन जयंत]]></category>
		<category><![CDATA[शास्त्र भेंट]]></category>
		<category><![CDATA[श्रमण संस्कृति]]></category>
		<category><![CDATA[सनावद जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[सम्यक चारित्र]]></category>
		<category><![CDATA[सम्यक ज्ञान]]></category>
		<category><![CDATA[साध्य सागर जी महाराज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=91743</guid>

					<description><![CDATA[6 अक्टूबर 2025, सोमवार को सनावद स्थित श्री शान्तिसागर वर्धमान देशना संत निलय में परम पूज्य वात्सल्य ऋषि मुनि श्री 108 साध्य सागर जी महाराज का 8वां दीक्षा संयम दिवस बड़े हर्ष, उल्लास और भक्ति भावना के साथ मनाया जाएगा। पढ़िए सन्मति जैन काका की पूरी रिपोर्ट… नावद। चर्या शिरोमणि पट्टाचार्य परम पूज्य मुनि श्री [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>6 अक्टूबर 2025, सोमवार को सनावद स्थित श्री शान्तिसागर वर्धमान देशना संत निलय में परम पूज्य वात्सल्य ऋषि मुनि श्री 108 साध्य सागर जी महाराज का 8वां दीक्षा संयम दिवस बड़े हर्ष, उल्लास और भक्ति भावना के साथ मनाया जाएगा। <span style="color: #ff0000">पढ़िए सन्मति जैन काका की पूरी रिपोर्ट…</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>नावद।</strong> चर्या शिरोमणि पट्टाचार्य परम पूज्य मुनि श्री 108 विशुद्ध सागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य वात्सल्य ऋषि मुनि श्री 108 साध्य सागर जी महाराज का 8वां दीक्षा दिवस सोमवार, 6 अक्टूबर 2025 को कई धार्मिक कार्यक्रमों के साथ मनाया जाएगा।</p>
<p>समाज प्रवक्ता सन्मति जैन काका ने बताया कि 8 वर्ष पूर्व आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी ने मुनि श्री साध्य सागर जी को दीक्षा प्रदान कर उनका कल्याण किया और समस्त समाज पर अनंत उपकार किया। आज पूज्य मुनि जी अपने तप, साधना, ज्ञान और धर्म प्रभावना से असंख्य आत्माओं का मार्ग आलोकित कर रहे हैं।</p>
<p>इस अवसर पर प्रातः बड़े मंदिर में अभिषेक और शांति धारा के पश्चात संत निलय में दीप प्रज्ज्वलन, शास्त्र भेंट, पाद प्रक्षालन, विनयांजलि सभा और युगल मुनिराज के मंगल प्रवचन आयोजित किए जाएंगे। अंत में सभी श्रद्धालुओं को प्रभावना वितरण किया जाएगा।श्रद्धालुजन बड़ी संख्या में उपस्थित होकर इस पावन अवसर पर धर्म प्रभावना में सहभागी बनेंगे।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/8th_diksha_sanyam_day_celebration_of_sadhya_sagar_ji/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>संस्कार हमें जीवन में सदगति प्रदान कराने में कारण बनते हैं: नगर गौरव ऐलाचार्य प्रभावना भूषण महाराज को दी विनयांजलि  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/sanskaars_are_the_reason_for_providing_us_good_progress_in_life/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/sanskaars_are_the_reason_for_providing_us_good_progress_in_life/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 03 Oct 2025 14:02:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Shri Sanmatisagar Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[Acharyashree Nirbhaysagar Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[Ailacharya Prabhavana Bhushan Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Lalitpur]]></category>
		<category><![CDATA[Parshvanath Digambar Jain Atamandir]]></category>
		<category><![CDATA[Samadhi]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[Vinayanjali Sabha]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य श्री सन्मतिसागर महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्यश्री निर्भयसागर महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[ऐलाचार्य प्रभावना भूषण महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[पार्श्वनाथ दिगंबर जैन अटा मंदिर]]></category>
		<category><![CDATA[ललितपुर]]></category>
		<category><![CDATA[विनयांजलि सभा]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[समाधि]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=91642</guid>

					<description><![CDATA[पार्श्वनाथ दिगंबर जैन अटामंदिर में आचार्यश्री निर्भयसागर महाराज के ससंघ सानिध्य में नगर गौरव ऐलाचार्य प्रभावना भूषण महाराज के समाधिस्थ होने पर विनयांजलि सभा में वक्ताओं ने मुनि श्री की उत्कृष्ट साधना और त्याग को नमन किया। ललितपुर से पढ़िए, यह खबर&#8230; ललितपुर। पार्श्वनाथ दिगंबर जैन अटामंदिर में आचार्यश्री निर्भयसागर महाराज के ससंघ सानिध्य में [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>पार्श्वनाथ दिगंबर जैन अटामंदिर में आचार्यश्री निर्भयसागर महाराज के ससंघ सानिध्य में नगर गौरव ऐलाचार्य प्रभावना भूषण महाराज के समाधिस्थ होने पर विनयांजलि सभा में वक्ताओं ने मुनि श्री की उत्कृष्ट साधना और त्याग को नमन किया। <span style="color: #ff0000">ललितपुर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>ललितपुर।</strong> पार्श्वनाथ दिगंबर जैन अटामंदिर में आचार्यश्री निर्भयसागर महाराज के ससंघ सानिध्य में नगर गौरव ऐलाचार्य प्रभावना भूषण महाराज के समाधिस्थ होने पर विनयांजलि सभा में वक्ताओं ने मुनि श्री की उत्कृष्ट साधना और त्याग को नमन किया। आचार्य श्री सन्मतिसागर महाराज से दीक्षित ऐलाचार्य महाराज के गृहस्थ जीवन से संबंधित अनेक संस्मरण वक्ताओं ने बताते हुए कहा जीवन में वैराग्य की कोई उम्र नहीं होती और न ही वैराग्य एक दो दिन की साधना से आता है इसके लिए निरंतरता जरूरी है। समाधि को उत्कृष्ट साधना बताते हुए आचार्यश्री निर्भयसागर महाराज ने कहा प्रत्येक श्रावक को ऐसी भावना करनी चाहिए कि जीवन का अन्तिम समय गुरू सानिध्य में रहे और मरण समाधि पूर्वक हो। विनयांजलि सभा में न्यायाधीश रायसेन अरविंद जैन ने जीवन में संस्कारों को प्रेरणादायी बताते हुए कहा यही संस्कार हमें जीवन में सदगति प्रदान कराने में कारण बनते हैं।</p>
<p>विनयांजलि सभा का शुभारंभ नीली श्राविका मंडल ने आचार्य श्री के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलन एवं मंगलाचरण कर किया। जैन पंचायत अध्यक्ष डॉ. अक्षय टडैया, अवध बिहारी उपाध्याय, कैप्टन राजकुमार जैन, नेमिकुमार जैन एड, अनिल जैन अंचल, अक्षय अलया, सतीश नजा, श्रयांस जैन गदयाना, पं. शीतल प्रसाद जैन, रितिक जैन सुनील सराफ, ब्रहमचारी संतोष भैया, संजय जैन हिरावल, अनीता मोदी, सुमन दिवाकर, उमा सैदपुर, प्राची जैन ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन महामंत्री आकाश जैन ने किया। इस मौके पर प्रमुख रूप से सनत जैन खजुरिया, महेन्द्र जैन मडवैया, प्रबंधक मोदी पंकज जैन, मनोज जैन बबीना, अजय जैन गंगचारी, आनंद जैन भागनगर, सुवेन्दु जैन बंट, प्रेमचंद विरधा, प्रदीप जैन सतरवांस, सुधीर जैन जरावली, सौरभ जेन पीलू सुभाष जैन खुरई, अनंत सराफ, मनोज जैन, शैलेश जैन पिन्टू आदि मौजूद रहे।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/sanskaars_are_the_reason_for_providing_us_good_progress_in_life/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>महिला जैन मिलन के शपथ ग्रहण समारोह में पौधे लगाने का संकल्प: भारतीय जैन मिलन के उद्देश्य जन-जन तक पहुंचाएं </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/pledge_to_plant_trees_in_the_oath_taking_ceremony_of_mahila_jain_milan-2/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/pledge_to_plant_trees_in_the_oath_taking_ceremony_of_mahila_jain_milan-2/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 05 Jul 2025 14:29:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Virag Sagar ji]]></category>
		<category><![CDATA[Bhagwan Mahavir Digambar Jain Temple]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Muni Shri Jayant Sagar Ji]]></category>
		<category><![CDATA[Muni Shri Saraswat Sagar Ji]]></category>
		<category><![CDATA[Muni Shri Siddh Sagar Ji and Kshullak Shrutsagar Ji]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[Vinayanjali Sabha]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य विराग सागर जी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि श्री जयंत सागर जी]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि श्री सारस्वत सागर जी महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि श्री सिद्ध सागर जी और क्षुल्लक श्रुतसागरजी]]></category>
		<category><![CDATA[विनयांजलि सभा]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=84429</guid>

					<description><![CDATA[महिला जैन मिलन एवं जैन मिलन सु़भाषनगर शाखा का शपथ ग्रहण समारोह होटल जैनसन में हुआ। भारतीय जैन मिलन क्षेत्र क्रमांक 10 की सुभाष नगर शाखा सागर का महिला जैन मिलन एवं जैन मिलन के सामूहिक शपथ ग्रहण समारोह में सभी ने एक पौधा लगाने का संकल्प लिया। इसमें बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे। [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>महिला जैन मिलन एवं जैन मिलन सु़भाषनगर शाखा का शपथ ग्रहण समारोह होटल जैनसन में हुआ। भारतीय जैन मिलन क्षेत्र क्रमांक 10 की सुभाष नगर शाखा सागर का महिला जैन मिलन एवं जैन मिलन के सामूहिक शपथ ग्रहण समारोह में सभी ने एक पौधा लगाने का संकल्प लिया। इसमें बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे। <span style="color: #ff0000">सागर से मनीष विधार्थी की पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>सागर</strong>। महिला जैन मिलन एवं जैन मिलन सु़भाषनगर शाखा का शपथ ग्रहण समारोह होटल जैनसन में हुआ। भारतीय जैन मिलन क्षेत्र क्रमांक 10 की सुभाष नगर शाखा सागर का महिला जैन मिलन एवं जैन मिलन के सामूहिक शपथ ग्रहण समारोह में सभी ने एक पौधा लगाने का संकल्प लिया। इसमें बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष अतिवीर कमलेंद्र जैन, विशिष्ट अतिथि क्षेत्रीय अध्यक्ष अरूण चंदेरिया, कार्यकारी अध्यक्ष वीर संजय शक्कर,संयुक्त मंत्री अतिवीर संजीव दिवाकर, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष मनीष विद्यार्थी, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अति वीरांगना मंजु सतभैया, मंचासीन रहे। चित्रावरण, दीपप्रज्वलन मंचासीन अतिथि द्वारा किया गया। मंगलाचरण पाठशाला की बच्चियों द्वारा किया गया। महावीर वंदना के साथ कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। सभी मंचासीन अतिथियों का शॉल, श्रीफल, माला, अंग वस्त्र सम्मान शाखा के पदाधिकारी द्वारा किया गया। सर्वप्रथम दोनों शाखा के पूर्व मंत्री द्वारा वर्ष भर में किए गए कार्यक्रमों की समीक्षा प्रस्तुत की गई।</p>
<p><strong>आगामी योजनाओं की जानकारी दी</strong></p>
<p>नए अध्यक्ष द्वारा अनेक आयोजन करने के विषय में उनकी रूपरेखा दी। क्षेत्रीय अध्यक्ष अरुण चंदेरिया द्वारा जैन मिलन के कार्यों को एवं उपदेशों को कर्तव्य निष्ठा के साथ पूर्ण करने की संकल्प शपथ दिलाई। कार्यक्रम के दौरान दसवीं बारहवीं के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं का सम्मान किया गया। अंत में मुख्य अतिथि कमलेन्द्र जैन ने कहा आप लोगों ने भारतीय जैन मिलन के उपदेश एवं उनके द्वारा गतिविधियों को आयोजित कर जैन धर्म की प्रभावना में अपना पूर्ण सहयोग देंगे। जैन मिलन प्रतिवर्ष होने वाले कार्यक्रमों के लिए वार्षिक कैलेंडर आपको देता है, उसे कैलेंडर में दिए हुए कार्यक्रमों को आप अपनी शाखा द्वारा आयोजित कर भारतीय जैन मिलन के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करना है। कार्यक्रम का संचालन वीरांगना संगीता पडेले ने किया। एवं आभार वीरांगना नीता बरा ने माना। कार्यक्रम में राष्ट्रीय संयोजिका अनीता जैन, संगीता चंदेरिया ममता जैन, संगीता पडेले,शशि सतभैया , क्षेत्रीय संयोजिका मंजु सतभैया, संयोजक विमल जैन, मकरोनिया शाखा अध्यक्ष सुरेश जैन बीज निगम एवं नगर की सभी शाखों के अध्यक्ष मंत्री उपस्थित रहे।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/pledge_to_plant_trees_in_the_oath_taking_ceremony_of_mahila_jain_milan-2/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>आचार्य विराग सागर जी का प्रथम समाधि दिवस मनाया:  मुनियों और समाजजनों ने विनयांजलि अर्पित की </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/celebrated_the_first_samadhi_day_of_acharya_virag_sagar_ji/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/celebrated_the_first_samadhi_day_of_acharya_virag_sagar_ji/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 05 Jul 2025 11:53:41 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Virag Sagar ji]]></category>
		<category><![CDATA[Bhagwan Mahavir Digambar Jain Temple]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Muni Shri Jayant Sagar Ji]]></category>
		<category><![CDATA[Muni Shri Saraswat Sagar Ji]]></category>
		<category><![CDATA[Muni Shri Siddh Sagar Ji and Kshullak Shrutsagar Ji]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[Vinayanjali Sabha]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य विराग सागर जी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि श्री जयंत सागर जी]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि श्री सारस्वत सागर जी महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि श्री सिद्ध सागर जी और क्षुल्लक श्रुतसागरजी]]></category>
		<category><![CDATA[विनयांजलि सभा]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=84404</guid>

					<description><![CDATA[आचार्य विशुद्धसागर जी के शिष्य मुनि श्री सारस्वत सागर जी, मुनि श्री जयंत सागर जी, मुनि श्री सिद्ध सागर जी और क्षुल्लक श्रुतसागरजी भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर में विराजमान हैं। यहां आचार्य विराग सागरजी प्रथम समाधि दिवस पर विनयांजलि सभा हुई। नांद्रे से पढ़िए, अभिषेक अशोक पाटील की यह खबर&#8230; नांद्रे। आचार्य विशुद्धसागर जी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>आचार्य विशुद्धसागर जी के शिष्य मुनि श्री सारस्वत सागर जी, मुनि श्री जयंत सागर जी, मुनि श्री सिद्ध सागर जी और क्षुल्लक श्रुतसागरजी भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर में विराजमान हैं। यहां आचार्य विराग सागरजी प्रथम समाधि दिवस पर विनयांजलि सभा हुई।<span style="color: #ff0000"> नांद्रे से पढ़िए, अभिषेक अशोक पाटील की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>नांद्रे।</strong> आचार्य विशुद्धसागर जी के शिष्य मुनि श्री सारस्वत सागर जी महाराज, मुनि श्री जयंत सागर जी महाराज, मुनि श्री सिद्ध सागर जी महाराज और क्षुल्लक श्रुतसागर महाराज भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर नांद्रे में विराजमान हैं। यहां आचार्य विराग सागरजी प्रथम समाधि दिवस पर विनयांजलि सभा हुई। आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी के शिष्य मुनि श्री सिद्ध सागरजी ने नांद्रे में आचार्य श्री विराग सागर महाराज जी के प्रथम स्मृति दिन पर अपने प्रवचन में कहा कि आचार्य श्री आदिसागर जी ‘अंकलीकर’, उनके शिष्य आचार्य श्री महावीरकीर्ति जी महाराज, उनके शिष्य आचार्य श्री विमलसागर जी, उनके शिष्य आचार्य श्री सन्मतिसागर जी, तथा आचार्य श्री विरागसागर जी महाराज की परंपरा में आचार्य श्री विशुद्धसागर जी महाराज अत्यंत प्रेरणास्पद हैं।</p>
<p>आचार्य श्री विरागसागर जी का जन्म 2 मई 1963 को दमोह जिले के पथरिया में हुआ था। इनके पिता का नाम कपूरचंद और माता का नाम श्यामादेवी था। बचपन में उनका नाम अरविंद था। 2 जून 1980 को मध्यप्रदेश कि धार्मिक नगरी बुढार में आचार्य श्री सन्मतिसागर जी महाराज (फफोतू ) के करकमलों से क्षुल्लक दीक्षा ग्रहण कर क्षुल्लक श्री पूर्णसागर जी बन गए। औरंगाबाद (महाराष्ट्र) में 1 दिसंबर 1983 को आचार्य श्री विमलसागर जी महाराज से मुनि दीक्षा ग्रहण की। आचार्य श्री विमलसागर जी महाराज एवं आचार्य श्री सन्मतिसागर जी महाराज की अनुमति से 8 नवंबर 1992 को सिद्धक्षेत्र द्रोणागिरी (मप्र) में चतुर्विध संघ द्वारा आपको आचार्य पद प्रदान किया गया। आचार्य विरागसागर महाराज जी ने 227 शिष्यों को दीक्षा दी हैं। जो संपूर्ण भारतवर्ष में धर्म की भारी प्रभावना कर रहे हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/celebrated_the_first_samadhi_day_of_acharya_virag_sagar_ji/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
