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	<title>विदाई &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
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	<title>विदाई &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>डीके जैन को सेवानिवृत होने पर समारोह में ससम्मान दी विदाई : विशिष्ट कार्यों की सराहना से सभी हुए भावविभोर  </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 02 Jan 2026 13:54:31 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण, जल संसाधन मंत्रालय में निरंतर 35 बर्षाे से सेवारत डीके जैन, प्राइवेट सचिव के पद से सेवानिवृत होने पर विभागीय अधिकारी कर्मचारियों तथा विशिष्ट महानुभावों की उपस्थिति में गरिमामय समारोह में सम्मान पूर्वक विदाई दी गई। इस समारोह में अधिकारियों व वक्ताओं ने डीके जैन के विशिष्ट अनुकरणीय, उल्लेखनीय कार्यों तथा उनके [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण, जल संसाधन मंत्रालय में निरंतर 35 बर्षाे से सेवारत डीके जैन, प्राइवेट सचिव के पद से सेवानिवृत होने पर विभागीय अधिकारी कर्मचारियों तथा विशिष्ट महानुभावों की उपस्थिति में गरिमामय समारोह में सम्मान पूर्वक विदाई दी गई। इस समारोह में अधिकारियों व वक्ताओं ने डीके जैन के विशिष्ट अनुकरणीय, उल्लेखनीय कार्यों तथा उनके व्यक्तित्व कृतित्व को बताते हुए सराहना करते हुए ाावविभोर हो गए। <span style="color: #ff0000">इंदौर से पढ़िए, रत्नेश जैन रागी बकस्वाहा की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण, जल संसाधन मंत्रालय में निरंतर 35 बर्षाे से सेवारत डीके जैन, प्राइवेट सचिव के पद से सेवानिवृत होने पर विभागीय अधिकारी कर्मचारियों तथा विशिष्ट महानुभावों की उपस्थिति में गरिमामय समारोह में सम्मान पूर्वक विदाई दी गई। इस समारोह में अधिकारियों व वक्ताओं ने डीके जैन के विशिष्ट अनुकरणीय, उल्लेखनीय कार्यों तथा उनके व्यक्तित्व कृतित्व को बताते हुए साधुवाद सराहना की और भावविभोर हो गए। सभी ने उनके सुखी स्वस्थ दीर्घायु की मंगलकामनाएं की। वहीं जैन ने सभी विभागीय अधिकारी, कर्मचारियों, सहयोगियों के अमूल्य सहयोग के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए जाने अनजाने में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष भूलों के लिए क्षमा याचना की। भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी मध्यांचल के प्रचार प्रमुख राजेश जैन रागी बकस्वाहा ने डीके जैन की सेवानिवृत्ति पर उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए बताया कि जैन शासकीय सेवाकाल में भी समाजसेवा का दायित्व समर्पित होकर निरंतर करते रहे। आप अनेक राष्ट्रीय संगठनों में जिम्मेदारी से सेवा के दायित्वों का निर्वहन करते हुए दिगंबर जैन महासमिति के मंत्री, भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी मध्यांचल (मप्र एवं छत्तीसगढ़) के अध्यक्ष, इंदौर दिगंबर जैन समाज, सामाजिक संसद, इंदौर के महामंत्री, विजय नगर में स्थित औषधालय के प्रमुख सलाहकार, अनेकों ट्रस्टों के ट्रस्टी और पदाधिकारी सहित अनेकों पदों पर कार्य करते आ रहे हैं।</p>
<p><strong>वर्ष 2018 के महामस्तकाभिषेक के आप राष्ट्रीय सहसंयोजक बनाए गए</strong></p>
<p>डीके जैन अनेकों अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय पंचकल्याणकों में मुख्य भूमिका निभाते आ रहे हैं। साथ ही पुष्पगिरि पंचकल्याणक की कमान भी आपके नेतृत्व में रही और श्रवणबेलगोला (कर्नाटक) में आयोजित हुए वर्ष 2018 के महामस्तकाभिषेक के आप राष्ट्रीय सहसंयोजक बनाए गए। जो इंदौर समाज ही नहीं संपूर्ण मध्यप्रदेश के लिये बडी उपलब्धि रही। आप कुशल संगठक एवं एक दबंग कार्यकर्ता के साथ-साथ एक श्रेष्ठतम समन्वयक भी है और पूरे देश में आपने अपने कार्यों से पहचान बनाई है। भा दि जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी मध्यांचल के माध्यम से म.प्र. और छत्तीसगढ़ अंचल के तीर्थक्षेत्रों पर आप लगातार विकास कार्य करवा रहे हैं। जैसे सोलर पावर पैनल लगवाना, संत निवास में सहयोग, बाटर कूलर लगवाना, त्यागीव्रतियों के लिए शुद्ध वस्त्र हेतु वाशिंग मशीनें पहुंचाने का कार्य लगातार कर रहे हैं।</p>
<p><strong>सेवानिवृत पर अनेक संस्था संगठनों ने शुभकामनाएं दी </strong></p>
<p>इंदौर में घर घर से रद्दी पेपर उठावाकर अनुठी योजना से भी तीर्थक्षेत्रों के विकास में योगदान कर रहे हैं और यह योजना पूरे भारत की जैन समाज के लिऐ एक उदाहरण बन गई। फरवरी 2026 में दशक के सबसे बडे अंतर्राष्ट्रीय पंचकल्याणक एवं वेदी प्रतिष्ठा महामहोत्सव णमोकार तीर्थ (महाराष्ट्र) में आयोजित होने वाले महामहोत्सव का उपाध्यक्ष मनोनीत कर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी का दायित्व सौंपा गया है। आपकी सेवानिवृत पर अनेक संस्था संगठनों तथा जनप्रतिनिधि समाजसेवियों तथा महानुभावों ने उज्वल भविष्य की शुभकामनायें देकर राष्ट्र धर्म तीर्थ समाज में निरन्तर उत्साह से कार्य करने की कामना की है।</p>
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		<title>दीक्षार्थी सुरेश शाह की अश्रुपूरित की विदाई : वहीं परिजनों का बिछड़ने का दुःख नेत्रों से झलक रहा था </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 16 Apr 2025 03:48:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
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					<description><![CDATA[बोली के मूल निवासी 75 वर्षीय ब्रह्मचारी सुरेश शाह 20 अप्रैल को दीक्षा ग्रहण करेंगे। आचार्य श्री वर्धमान सागर जी दीक्षा प्रदान करेंगे। समाजजनों और परिजनों ने मंदसौर जाने से पूर्व दीक्षार्थी शाह को विदाई दी। जयपुर से पढ़िए यह खबर&#8230; जयपुर। धार्मिक नगरी और धर्म राजधानी का सौभाग्य है कि प्रथमाचार्य श्री शांति सागर [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>बोली के मूल निवासी 75 वर्षीय ब्रह्मचारी सुरेश शाह 20 अप्रैल को दीक्षा ग्रहण करेंगे। आचार्य श्री वर्धमान सागर जी दीक्षा प्रदान करेंगे। समाजजनों और परिजनों ने मंदसौर जाने से पूर्व दीक्षार्थी शाह को विदाई दी। <span style="color: #ff0000">जयपुर से पढ़िए यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>जयपुर</strong>। धार्मिक नगरी और धर्म राजधानी का सौभाग्य है कि प्रथमाचार्य श्री शांति सागर जी से लेकर परपंरा के वर्तमान पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी सहित अनेक आचार्यों और साधुओं से अनेक भव्य प्राणियों ने जैनेश्वरी दीक्षा लेकर मानव जीवन सार्थक किया। बोली के मूल निवासी 75 वर्षीय ब्रह्मचारी सुरेश शाह अपने गृहस्थ अवस्था के पुत्र वर्तमान मुनि श्री हितेंद्र सागर जी का अनुसरण कर 20 अप्रैल को मध्यप्रदेश के अतिशय क्षेत्र बही पार्श्वनाथ मंदसौर में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी से दीक्षा लेने के लिए मालवीय नगर समाज एवं परिजनों से विदाई लेकर प्रस्थान किया राजस्थान जैन सभा के उपाध्यक्ष विनोद कोटखावदा के अनुसार जहां संयमी होने की खुशी थी। वहीं परिजनों को बिछड़ने का दुःख नेत्रों से झलक रहा था। जो सभी को भावुक कर रहा था</p>
<p><strong>परिजनों ने दी भावभीनी विदाई</strong></p>
<p>राजेश पंचोलिया ने बताया कि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने इसके पूर्व जयपुर के मुनि श्री हितेंद्र सागर जी, मुनि श्री विवर्जित सागर जी को दीक्षा दी है। 75 वर्षीय आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने 56 वर्ष के संयमी जीवन में 35 वर्ष के आचार्य अवधि में अभी तक इसके पूर्व 114 दीक्षा दी हैं। आचार्य श्री शांति सागर जी श्रमण परंपरा के आचार्य श्री वर्धमान सागर जी पंचम पट्टाधीश पद को सुशोभित कर रहे हैं। दीक्षार्थी सुरेश को पत्नी सुनीता, पुत्र गजेंद्र, मनोज पुत्री कमलश्री सहित परिजनों हरकचंद लुहाड़िया, शिखरचंद जैन, रामपाल,नीरज लुहाड़िया, मुकेश कासलीवाल, सुमित्रा छाबड़ा आदि समाज ने जुलूस माध्यम से विदाई दी।</p>
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