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	<title>विज्ञमति माताजी ससंघ &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
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		<title>एमडी जैन कॉलेज में भक्ति-भाव से हुआ गणधर वलय विधान : 350 इंद्र-इंद्राणियों ने किया पुण्यार्जन </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 18 Jun 2026 12:26:14 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आगरा दिगंबर जैन परिषद के तत्वावधान में हरिपर्वत स्थित एमडी जैन इंटर कॉलेज के आचार्य श्री शांति सभागार में चल रहे धार्मिक अनुष्ठान के तीसरे दिन अत्यंत भक्ति-भाव के साथ गणधर वलय विधान किया गया। आगरा से पढ़िए, राहुल जैन की यह खबर&#8230; आगरा। आगरा दिगंबर जैन परिषद के तत्वावधान में हरिपर्वत स्थित एमडी जैन [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आगरा दिगंबर जैन परिषद के तत्वावधान में हरिपर्वत स्थित एमडी जैन इंटर कॉलेज के आचार्य श्री शांति सभागार में चल रहे धार्मिक अनुष्ठान के तीसरे दिन अत्यंत भक्ति-भाव के साथ गणधर वलय विधान किया गया। <span style="color: #ff0000">आगरा से पढ़िए, राहुल जैन की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>आगरा।</strong> आगरा दिगंबर जैन परिषद के तत्वावधान में हरिपर्वत स्थित एमडी जैन इंटर कॉलेज के आचार्य श्री शांति सभागार में चल रहे धार्मिक अनुष्ठान के तीसरे दिन अत्यंत भक्ति-भाव के साथ गणधर वलय विधान किया गया। यह भव्य विधान आचार्य श्री इंद्रनंदी जी महाराज ससंघ तथा आर्यिका श्री विशुद्धमति माताजी व विज्ञमति माताजी ससंघ के मंगल सानिध्य में संपन्न हुआ। विधान में लगभग 350 इंद्र-इंद्राणियों ने सम्मिलित होकर पुण्यार्जन किया और अष्ट कर्मों को दूर करने के लिए प्रभु के समक्ष अर्घ्य समर्पित किए। भक्तगण बड़े ही उत्साह के साथ नृत्य करते हुए भक्ति के आनंद में डूबे नजर आए।</p>
<p><strong>प्रमुख पात्रों द्वारा 520 अर्घ्य समर्पित</strong></p>
<p>बाल ब्रह्मचारी आशीष भैया जी के निर्देशन में भगवान की शांतिधारा और अभिषेक के साथ विधान की शुरुआत हुई। आर्यिका विज्ञमति माताजी के श्रीमुख से उच्चारित श्गणधर वलय विधानश् में 100 सौधर्म इंद्रों ने अपने साथी इंद्र-इंद्राणियों के साथ नृत्य कर प्रभु की आराधना की।</p>
<p><strong>यह है विधान के प्रमुख पात्र </strong></p>
<p>विधान के प्रमुख पात्रों ने संगीतमय स्वरलहरियों के बीच पूजा-अर्चना कर 520 अर्घ्य समर्पित किए। इनमें मुख्य रूप से सौधर्म इंद्र यतेंद्र कुमार अभिलाषा जैन, कुबेर राजेंद्र कुमार जैन नीलम जैन लुहाड़िया, यज्ञनायक इंद्र सुरेश कुमार माया जैन, ईशान इंद्र जिनेंद्र कुमार अनीता जैन और चक्रवर्ती इंद्र सुबोध पाटनी शची पाटनी शामिल रहे। इनके अतिरिक्त मोहन स्वरुप नूतन जैन, रवि कुमार बीना जैन, पदम चंद प्रेमलता जैन, इंद्र जितेंद्र कुमार अंशु जैन, रमेशचंद मधुलता जैन, वीरेंद्र कुमार पूनम जैन और राजेंद्रकुमार विमलेश जैन परिवार ने भी इंद्र इंद्राणी के रूप में पूजा-अर्चना कर विधान के अर्घ्य समर्पित किए।</p>
<p><strong>पापों और दोषों से मुक्त करता है यह विधानः विज्ञमति माताजी</strong></p>
<p>इस पावन अवसर पर धर्मसभा को संबोधित करते हुए आर्यिका विज्ञमति माताजी ने कहा कि 24 तीर्थंकरों के गणधरों की भक्ति और अर्चना करने से व्यक्ति के सभी रोग, शोक, भय और ऋण दूर हो जाते हैं। यह विधान जीवन को सभी प्रकार के दोषों और पापों से मुक्त करने वाला एक महान अनुष्ठान है।</p>
<p><strong>महाआरती और मंच संचालन</strong></p>
<p>सायंकाल 7 बजे से प्रभु की महाआरती की गई और संतों के मंगल प्रवचन हुए, जिसका उपस्थित श्रद्धालुओं ने धर्मलाभ लिया। इस पूरी धर्मसभा का संचालन आगरा दिगंबर जैन परिषद के महामंत्री मनीष जैन ठेकेदार ने किया। धर्मसभा मे मुख्य रूप से परिषद महामंत्री मनीष जैन ठेकेदार, अर्थ मंत्री राकेश जैन परदे वाले,उपमंत्री विमल जैन, प्रचार मंत्री आशीष जैन मोनू, दीपक जैन, कुमार मंगलम जैन, प्रवीण जैन, पंकज जैन, मनीष जैन लवली, सचिन जैन, अनुज जैन क्रांति, उषा जैन, सपना जैन आशा जैन, अनिता जैन उपस्थित रहे।</p>
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		<title>आचार्य श्री इंद्रनंदी जी के सानिध्य में गणधर वलय विधान आयोजित: भक्तों ने समर्पित किए 520 अर्घ्य </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 16 Jun 2026 16:17:22 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आर्यिका श्री विशुद्धमति माताजी, विज्ञमति माताजी ससंघ एवं आचार्य श्री इंद्रनंदी जी महाराज ससंघ के मंगल पावन सानिध्य में श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ गणधर वलय विधान संपन्न हुआ। आगरा से पढ़िए, राहुल जैन की यह रिपोर्ट&#8230; आगरा। दिगंबर जैन परिषद के तत्वाधान में हरीपर्वत स्थित एम.डी. जैन इंटर कॉलेज फील्ड के आचार्य श्री [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आर्यिका श्री विशुद्धमति माताजी, विज्ञमति माताजी ससंघ एवं आचार्य श्री इंद्रनंदी जी महाराज ससंघ के मंगल पावन सानिध्य में श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ गणधर वलय विधान संपन्न हुआ। <span style="color: #ff0000">आगरा से पढ़िए, राहुल जैन की यह रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>आगरा।</strong> दिगंबर जैन परिषद के तत्वाधान में हरीपर्वत स्थित एम.डी. जैन इंटर कॉलेज फील्ड के आचार्य श्री शांति सभागार में भव्य धार्मिक आयोजन गतिमान है। कार्यक्रम के दूसरे दिन आर्यिका श्री विशुद्धमति माताजी, विज्ञमति माताजी ससंघ एवं आचार्य श्री इंद्रनंदी जी महाराज ससंघ के मंगल पावन सानिध्य में श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ गणधर वलय विधान संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर बाल ब्रह्मचारी आशीष भैया जी के कुशल निर्देशन में भगवान की शांतिधारा और पवित्र अभिषेक की क्रियाएं संपन्न की गईं। संगीतमय स्वरलहरियों के बीच इंद्र-इंद्राणी सहित विधान के प्रमुख पात्रों ने पूजा-अर्चना की।</p>
<p><strong>यह हुए विधान में शामिल</strong></p>
<p>विधान में सौधर्म इन्द्र यतेंद्र कुमार व अभिलाषा जैन, कुबेर राजेंद्र कुमार जैन व नीलम जैन लुहाड़िया, यज्ञनायक इन्द्र सुरेश कुमार व माया जैन, ईशान इन्द्र जिनेन्द्र कुमार व अनीता जैन तथा चक्रवर्ती इन्द्र सुबोध पाटनी व शची पाटनी शामिल हुए। इसके साथ ही मोहन स्वरुप व नूतन जैन, रवि कुमार व बीना जैन, पदम चंद व प्रेमलता जैन, इन्द्र जितेंद्र कुमार व अंशु जैन, रमेश चंद व मधुलता जैन, वीरेन्द्र कुमार व पूनम जैन और राजेंद्र कुमार व विमलेश जैन परिवार ने मुख्य भूमिका निभाते हुए देव-शास्त्र-गुरु की आराधना की।</p>
<p><strong>भक्ति रस में सराबोर</strong></p>
<p>विधान के इस द्वितीय दिन सभी भक्तों ने मिलकर गणधर गुरुओं को 520 अर्घ्य समर्पित किए। इस भव्य धार्मिक महोत्सव में लगभग 350 श्रद्धालु विधान की वेदियों पर बैठे हुए हैं और सभी भक्तगण भक्ति रस में सराबोर होकर नृत्य करते हुए धर्म लाभ ले रहे हैं।</p>
<p><strong>ऋजुमति और विपुलमति को धारण किया</strong></p>
<p>आर्यिका विज्ञमति माताजी ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए जैसे एक सुंदर महिला अपने रसोई को संभाल करके रखती है, कोष्ठ को संभाल करके रखती है, ठीक उसी प्रकार तीर्थंकर के ये सचिव, जिनको हम गणधर कहके बुलाते हैं, गणाधिपति कहके बुलाते हैं, गणीश कहते हैं, तमाम नामों के द्वारा उनका परिचय अभी आपको स्तवन के द्वारा सुनने को मिलेगा। तो ओ गणधर देव उन बुद्धि-ऋद्धि के माध्यम से, चार बुद्धियों को जिन्होंने अपने अंदर समाहित किया है, मनःपर्यय ज्ञान से उन्होंने ऋजुमति और विपुलमति को धारण किया है।</p>
<p><strong> सभा अब साधारण सभा नहीं</strong></p>
<p>आने वाला भक्त किस प्रकार का है, उसका चेहरा पढ़ा जा सकता है। परीक्षक है अथवा परीक्षा में बैठने आया है? यहाँ भी तमाम लोग बैठे हैं, कुछ इसलिए बैठे हैं कि क्या बोला जा रहा है, क्या पढ़ा जा रहा है, वो सही है अथवा गलत है। अगर गलत है तो उसको हम कुछ बोलने का अवसर ढूँढेंगे। मित्रों, ये सभा अब साधारण सभा नहीं है। इस सभा को अब गणधर की सभा कहिए, जिसमें 1492 गणधर का हमने यहाँ स्थापना करने का मन बनाया है।आचार्य इंद्र नंदी महाराज जी ने भी धर्मसभा को संबोधित किया। धर्म सभा का कुशल संचालन महामंत्री मनीष जैन ठेकेदार ने किया।</p>
<p><strong>यह समाजजन रहे मौजूद</strong></p>
<p>धर्मसभा में मुख्य रूप से जितेंद्र जैन, पूर्व मंत्री सुनील जैन ठेकेदार, मनोज जैन बाकलीवाल,परिषद के अध्यक्ष जगदीश प्रसाद जैन, महामंत्री मनीष जैन ठेकेदार, उपमंत्री विमल जैन, अर्थ मंत्री राकेश जैन परदे वाले, प्रचार मंत्री आशीष जैन मोनू, अनन्त जैन, सतेंद्र जैन, दीपक जैन, कुमार मंगलम जैन, सुबोध जैन,प्रवीण जैन, पंकज जैन,सचिन जैन, प्रांजल जैन, उषा जैन, बीना बैनाड़ा, सपना जैन सहित सकल जैन समाज मौजूद था। 17 जून प्रातः 7 बजे से मुनि संघ एवं आर्यिका के सानिध्य में गणधर वलय विधान में अर्घ्य समर्पण शांतिसागर सभागार, हरिपर्वत आगरा में होंगे।</p>
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		<title>गणधर वलय विधान का घटयात्रा निकालकर किया शुभारंभ : बैंडबाजों और भजनों की धुन पर भक्ति नृत्यों में लीन रहीं महिलाएं   </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/the_ganadhar_valay_vidhan_commenced_with_a_ghat_yatra_procession/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 16 Jun 2026 07:31:27 +0000</pubDate>
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<p><strong>आचार्य श्री शांति सभागार में आचार्य श्री इंद्रनंदी जी महाराज ससंघ एवं आर्यिका श्री विशुद्धमति माताजी, विज्ञमति माताजी ससंघ के मंगल सानिध्य में नगर के इतिहास में पहली बार गणधर वलय विधान का शुभारंभ हुआ। श्री पल्लीवाल दिगम्बर जैन मंदिर धूलियागंज से घटयात्रा भगवान महावीर के जयकारों के साथ निकाली गई। <span style="color: #ff0000">आगरा से पढ़िए, राहुल जैन की यह रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>आगरा।</strong> दिगंबर जैन परिषद के तत्वावधान में एमडी जैन इंटर कॉलेज फील्ड के हॉल, हरीपर्वत में आचार्य श्री शांति सभागार में आचार्य श्री इंद्रनंदी जी महाराज ससंघ एवं आर्यिका श्री विशुद्धमति माताजी, विज्ञमति माताजी ससंघ के मंगल सानिध्य में नगर के इतिहास में पहली बार गणधर वलय विधान का शुभारंभ हुआ। श्री पल्लीवाल दिगम्बर जैन मंदिर धूलियागंज से घटयात्रा भगवान महावीर के जयकारों के साथ निकाली गई। धूलियागंज से घटिया होते एमडी जैन, हरिपर्वत पर संपन्न हुई घटयात्रा में ढोल- नगाडों के साथ महिलाएं 200 कलश लेकर चल रही थीं और सभी इंद्र-इंद्राणी बग्गियों पर सवार थे। सौधर्म इंद्र यतेंद्र कुमार अभिलाषा जैन, कुबेर राजेंद्र कुमार जैन नीलम जैन, लुहाड़िया, यज्ञनायक इंद्र सुरेश कुमार माया जैन, ईशान इंद्र जिनेंद्र कुमार अनिता जैन, चक्रवर्ती इंद्र सुबोध पाटनी शचि पाटनी, मोहन स्वरुप नूतन जैन, रवि कुमार बीना जैन, पदम चंद प्रेमलता जैन, इंद्र जितेंद्र कुमार अंशु जैन, रमेश चंद मधुलता जैन, वीरेंद्र कुमार पूनम जैन, राजेंद्र कुमार विमलेश जैन घटयात्रा में शामिल रहीं।</p>
<p><strong>इन सौभाग्यशालियों ने किया ध्वजारोहण और चित्र अनावरण आदि </strong></p>
<p>बैंडबाजों की मधुर ध्वनि पर श्रद्धालुजन नृत्य करते हुए चल रहे थे। भक्ति संगीत पर महिलाएं झूम रही थीं। इसके बाद बाल ब्रह्मचारी आशीष भैया जी ने धार्मिक क्रियाएं एवं ध्वजारोहण प्रदीप जैन पीएनसी परिवार और पंडाल उद्घाटन विमलेश कुमार उषा जैन मार्शंस, हीरालाल बैनाड़ा बीना बैनाड़ा परिवार ने किया। मंडप उद्घाटन निर्मल मोठ्या विमल जैन मोठ्या परिवार ने किया। चित्र अनावरण जितेंद्रकुमार जैन, पुष्पेंद्र जैन पथिक, अशोक जैन पूर्व डिप्टी मेयर ने किया और दीप प्रज्वलन विमल कुमार सिंघई, राकेश जैन पार्षद, मनोज जैन बाकलीवाल, सुनील जैन ठेकेदार ने किया।</p>
<p><strong>बहुत सुंदर अवसर हम सब के बीच में हैं</strong></p>
<p>आर्यिका विज्ञमति माताजी ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जिनसे बात करेंगे, वे उन विश्व गुरु की, जो विश्व गुरु तारणहार हैं। उस काट की नौका पर बैठे हैं, जो स्वयं भी किनारे बहेंगे और उस नौका में जो भी सवार होंगे, उनको भी किनारे कर देंगे। बहुत सुंदर अवसर हम सब के बीच में हैं। संपूर्ण महा विद्याओं के पारगामी प्रत्यक्ष ज्ञान के स्वामी बन करके उन आठ ऋद्धियों को प्राप्त किया, जो ऋद्धियां आसानी से प्राप्त नहीं हुआ करती हैं। उग्र तप करके जिन्होंने अपने आप को देशावधि, परमावधि, सर्वावधि ज्ञान से सुसंस्कृत किया।</p>
<p><strong> स्तवन हमारे ज्ञान के ऊपर जो अज्ञान को खत्म करता है</strong></p>
<p>चार बुद्धियां जिनके पास में चरणचेरी बनकर के प्रति समय विद्यमान रहती हैं। ऐसे गंधार देव जो संपूर्ण मुनि संघ के अधिपति हुआ करते थे। उन 1492 गणधर का आज हम ऐसा स्तवन करने चल रहे हैं, जो स्तवन हमारे ज्ञान के ऊपर जो अज्ञान पटल है, उसको उघाड़ने में ऐसा कार्य करना होगा। उनके पास जो बीज बुद्धि है, उनके पास जो पादानुसारी ऋद्धि है, उनके पास जो संभिन्नश्रोत बुद्धि है, यह बुद्धियां अगर उनके पास ना हो, तो निश्चित है वो भगवान की वाणी को कभी झेलने में समर्थ नहीं हो सकते। कोष्ठ बुद्धि उसी प्रकार है, जैसे हम अपने स्टोर में हर चीज़ को स्टोर करके रखते हैं कि आपत्ति काल में अथवा जब आवश्यकता होगी, तो तुरंत हर बाज़ार में नहीं जाना पड़ेगा।</p>
<p><strong>इन समाजजनों की मौजूदगी से सभा रही गर्वित </strong></p>
<p>धर्मसभा में मुख्य रूप से प्रदीप जैन पी.एन. सी, जितेंद्र जैन, हीरालाल बैनाड़ा, निर्मल मोठ्या, सुशील जैन सघई, सुनील जैन संघई संगीत, पन्नालाल बैनाड़ा, पूर्व मंत्री सुनील जैन ठेकेदार, अशोक जैन पूर्व डिप्टी मेयर, परिषद के अध्यक्ष जगदीश प्रसाद जैन, महामंत्री मनीष जैन ठेकेदार, अर्थ मंत्री राकेश जैन परदे वाले, उपमंत्री विमल जैन, पवन जैन, प्रचार मंत्री आशीष जैन मोनू, अनन्त जैन, मनीष जैन लवली, पारस जैन, कुमार मंगलम जैन, अनुज जैन क्रांति, दीपक जैन, रवि जैन, मयंक जैन, अविनाश जैन, पंकज जैन, प्रांजल जैन, सुबोध जैन, रमेश जैन, सचिन जैन,रमेश जैन, राजेश जैन सहित सकल जैन समाज मौजूद था। धर्मसभा का संचालन महामंत्री मनीष जैन ठेकेदार ने किया।</p>
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		<title>आर्यिका माताजी ने कहा बिना सांस के शरीर नहीं चल सकता : आर्यिका विज्ञमति माताजी ने धर्मसभा में ज्ञान और अज्ञान का फर्क बताया </title>
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		<pubDate>Thu, 11 Jun 2026 16:20:26 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[दिगंबर जैन परिषद के तत्वावधान में आचार्य श्री शान्ति सभागार एम.डी. जैन, हरिपर्वत पर आचार्य श्री इंद्र नंदी जी महाराज ससंघ एवं आर्यिका श्री विशुद्धमति माताजी, विज्ञमति माताजी ससंघ की धर्मसभा हुई। इसका शुभारंभ आगरा दिगम्बर जैन परिषद के पदाधिकारी द्वारा भगवान महावीर स्वामी के चित्र अनावरण कर किया गया। आगरा से राहुल जैन की [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>दिगंबर जैन परिषद के तत्वावधान में आचार्य श्री शान्ति सभागार एम.डी. जैन, हरिपर्वत पर आचार्य श्री इंद्र नंदी जी महाराज ससंघ एवं आर्यिका श्री विशुद्धमति माताजी, विज्ञमति माताजी ससंघ की धर्मसभा हुई। इसका शुभारंभ आगरा दिगम्बर जैन परिषद के पदाधिकारी द्वारा भगवान महावीर स्वामी के चित्र अनावरण कर किया गया। <span style="color: #ff0000">आगरा से राहुल जैन की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong> आगरा।</strong> दिगंबर जैन परिषद के तत्वावधान में आचार्य श्री शान्ति सभागार एम.डी. जैन, हरिपर्वत पर आचार्य श्री इंद्र नंदी जी महाराज ससंघ एवं आर्यिका श्री विशुद्धमति माताजी, विज्ञमति माताजी ससंघ की धर्मसभा हुई। इसका शुभारंभ आगरा दिगम्बर जैन परिषद के पदाधिकारी द्वारा भगवान महावीर स्वामी के चित्र अनावरण कर किया गया। धर्मसभा का मंगलाचरण श्री शांतिनाथ महिला मंडल ने किया। आर्यिका विज्ञमति माताजी ने कहा कि एक ज्ञानी है, एक अज्ञानी है। जो धर्मसभा के बीच से उठकर चला गया वह अज्ञानी है और जो नहीं गया वह ज्ञानी है। आज संयुक्त परिवार खत्म होते जा रहे हैं। यही अज्ञानता की निशानी है। बिना सांस के शरीर नहीं चल सकता। ऐसे ही सास के बिना घर नही चल सकता। मंदिर जाओ भगवान के दर्शन करो तो चेहरा मुस्कराता होना चाहिए। मुस्कुराना आपकी नसीहत है। दुख में भी सुख खोजो।</p>
<p><strong>महाराज जी ने दुख में सुख को खोजा</strong></p>
<p>आर्यिका माताजी ने उदहारण देते हुए कहा कि एक गुरु ने एक मनुष्य से पूछा- कितना बजा है। उस मनुष्य ने महाराज जी को एक डंडा घुमाकर मारा और बोला एक बजा है। महाराज जी जोर-जोर से हंसने लगे और नाचने लगे लोगो ने पूछा महाराज जी इसने आपको डंडा मारा और आप हंस रहे हैं, नाच रहे हैं। महाराज जी ने कहा हां मैं नाच रहा हूं और हंस रहा हूं। लोगों ने कहा पर क्यों तो महाराज जी ने कहा- अभी मैंने इससे पूछा तो इसने एक डंडा मारा। अगर एक घंटे पहले पूछता तो बारह डंडे मारता। इसलिए मैं हंस रहा हूं। नाच रहा हूं। महाराज जी ने दुख में सुख को खोजा।</p>
<p><strong>शुद्ध विचारों के बीज तुम बोते चलो </strong></p>
<p>एक दिन फल फूल खिल जायेगे</p>
<p>खिले हुए फल फूल एक दिन वट वृक्ष बन जायेगे</p>
<p>सब कुछ छोड़ देना पर मंदिर और धर्म मत छोड़ना</p>
<p>आचार्य इंद्र नंदी महाराज जी ने भी धर्मसभा को संबोधित किया। धर्मसभा का संचालन महामंत्री मनीष जैन ठेकेदार ने किया।</p>
<p><strong>यह समाजजन मौजूद रहे</strong></p>
<p>इस अवसर पर हीरालाल बैनाड़ा, पूर्व महामंत्री सुनील जैन ठेकेदार, परिषद के महामंत्री मनीष जैन ठेकेदार, कोषाध्यक्ष राकेश जैन पर्दे वाले, उपमंत्री विमल जैन, अनंत जैन, प्रचार मंत्री आशीष जैन मोनू, कुमार मंगलम जैन, दीपक जैन मनीष जैन लवली, पंकज जैन, रवि जैन, सुरेन्द्र जैन, आदित्य जैन, उषा जैन, बीना बैनाड़ा, अनीता जैन, मीडिया प्रभारी राहुल जैन, सकल जैन समाज मौजूद था। 12 जून को प्रातः 8:15 बजे से मुनि संघ एवं आर्यिका की मंगल प्रवचन आचार्य शांतिसागर सभागार, हरिपर्वत आगरा में होंगे।</p>
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		<title>जब हम बार-बार वीतरागता के दर्शन करेंगे तो पुण्य जाग्रत होगा : आचार्य श्री इन्द्रनंदी जी महाराज ससंघ की धर्मसभा में हो रहा धर्म जागरण </title>
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		<pubDate>Fri, 05 Jun 2026 14:15:06 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[दिगंबर जैन परिषद के तत्वावधान में आचार्य श्री शांतिनाथ सभागार एमडी. जैन, हरिपर्वत में आचार्य श्री इन्द्रनंदी जी महाराज ससंघ एवं आर्यिका श्री विशुद्धमति माताजी, विज्ञमति माताजी ससंघ की धर्म सभा का शुभारंभ आगरा दिगम्बर जैन परिषद के पदाधिकारी ने दीप प्रज्वलन किया। आगरा से पढ़िए, राहुल जैन की यह खबर&#8230; आगरा। दिगंबर जैन परिषद [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>दिगंबर जैन परिषद के तत्वावधान में आचार्य श्री शांतिनाथ सभागार एमडी. जैन, हरिपर्वत में आचार्य श्री इन्द्रनंदी जी महाराज ससंघ एवं आर्यिका श्री विशुद्धमति माताजी, विज्ञमति माताजी ससंघ की धर्म सभा का शुभारंभ आगरा दिगम्बर जैन परिषद के पदाधिकारी ने दीप प्रज्वलन किया। <span style="color: #ff0000">आगरा से पढ़िए, राहुल जैन की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>आगरा</strong>। दिगंबर जैन परिषद के तत्वावधान में आचार्य श्री शांतिनाथ सभागार एमडी. जैन, हरिपर्वत में आचार्य श्री इन्द्रनंदी जी महाराज ससंघ एवं आर्यिका श्री विशुद्धमति माताजी, विज्ञमति माताजी ससंघ की धर्म सभा का शुभारंभ आगरा दिगम्बर जैन परिषद के पदाधिकारी ने दीप प्रज्वलन करके किया। आर्यिका विज्ञमति माताजी ने धर्मसभा में कहा कि एक बालक ने गुरुदेव से प्रश्न किया कि मंदिर जाने और उस पत्थर की मूर्ति के रोज दर्शन करने से क्या होगा? गुरुदेव ने बालक से कहा कि तुम पढ़ते हो। बालक ने कहा- हां मैं पढ़ता हूं। मैं साइंस का स्टूडेंट हूं तो गुरुदेव ने कहा- बताओ एक लोहे के टुकड़े को तुम चुंबक कैसे बनाओगे? उस बच्चे ने फटाक से उत्तर दिया कि अरे गुरुदेव इसमें कौन सी बड़ी बात है? मैं अपनी लैब में जाऊंगा। उस लोहे के टुकड़े को जाकर चुम्बक से बार-बार स्पर्श कराऊंगा। बार-बार स्पर्श कराऊंगा। बार-बार स्पर्श कराते-कराते वो लोहे का टुकड़ा भी चुम्बक बन जाएगा तो गुरुदेव बोले- बस बेटा, जब हम बार-बार वीतरागता के दर्शन करेंगे। बार-बार वीतराग प्रतिमा के सामने खड़े होकर के स्तुति करेंगे, पूजा पाठ करेंगे तो एक-एक दिन आपका आत्मा भी जो अनादि काल से कर्म किट्ट कालिमा से लथपथ हो रहा है, ये शुद्ध पद को प्राप्त हो जाएगा।</p>
<p>मित्रों, मंदिर आना बड़ी बात नहीं है, मंदिर से घर जाना बहुत बड़ी बात है। धर्म सभा का संचालन महामंत्री मनीष जैन द्वारा किया गया। धर्म सभा में मुख्य रूप से आगरा दिगम्बर जैन परिषद के महामंत्री मनीष कुमार जैन, उपमंत्री विमल जैन, प्रचार मंत्री आशीष जैन मोनू, सुशील जैन, अविनाश जैन, चक्रेश जैन, सचिन जैन, पंकज जैन, उषा जैन, मार्सनस कांता जैन, मीडिया प्रभारी राहुल जैन, सकल जैन समाज मौजूद था l 6 जून को प्रातः 8:15 बजे से मुनि संघ एवं आर्यिका की मंगल प्रवचन आचार्य शांतिसागर सभागार, हरिपर्वत आगरा में होंगे l</p>
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		<title>लोभ मान माया के त्याग करने से ही सुख की प्राप्ति होंगी : आचार्य श्री इंद्रनंदी महाराज ससंघ के सानिध्य में हो रही है धर्म की प्रभावना  </title>
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		<pubDate>Thu, 04 Jun 2026 12:16:10 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[दिगंबर जैन परिषद के तत्वावधान में आचार्य श्री शांतिसागर सभागार एम.डी. जैन, हरिपर्वत पर आचार्य श्री इंद्रनंदी महाराज ससंघ एवं आर्यिका श्री विशुद्धमति माताजी, विज्ञमति माताजी ससंघ की धर्मसभा का शुभारंभ गुरुवार को आगरा दिगंबर जैन परिषद के पदाधिकारी ने दीप प्रज्वलन कर किया। आगरा से पढ़िए, राहुल जैन की रिपोर्ट&#8230; आगरा। दिगंबर जैन परिषद [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>दिगंबर जैन परिषद के तत्वावधान में आचार्य श्री शांतिसागर सभागार एम.डी. जैन, हरिपर्वत पर आचार्य श्री इंद्रनंदी महाराज ससंघ एवं आर्यिका श्री विशुद्धमति माताजी, विज्ञमति माताजी ससंघ की धर्मसभा का शुभारंभ गुरुवार को आगरा दिगंबर जैन परिषद के पदाधिकारी ने दीप प्रज्वलन कर किया। <span style="color: #ff0000">आगरा से पढ़िए, राहुल जैन की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>आगरा।</strong> दिगंबर जैन परिषद के तत्वावधान में आचार्य श्री शांतिसागर सभागार एम.डी. जैन, हरिपर्वत पर आचार्य श्री इंद्रनंदी महाराज ससंघ एवं आर्यिका श्री विशुद्धमति माताजी, विज्ञमति माताजी ससंघ की धर्मसभा का शुभारंभ गुरुवार को आगरा दिगंबर जैन परिषद के पदाधिकारी ने दीप प्रज्वलन कर किया। मुनि श्री युगनंदी महाराज ने धर्मसभा में कहा कि सब जीव जगत में सुख चाहते हैं, पर जीव दया धर्म दान पूजन से दूर रहते हैं। जब तक प्रभु का स्मरण नहीं करोगे, लोभ मान माया का त्याग नहीं करोगे तो कुछ मिलने वाला नहीं है। अपने उत्तम जैन कुल में जन्म लिया है तो संयम को धारण करो तभी सुख और महावीर मिलेंगे। आर्यिका विज्ञमति माताजी ने धर्मसभा में कहा कि महावीर भगवान का जिन शासन काल 86 हजार वर्ष तक रहेगा। भगवान ने कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं रखा। इसलिए वह तीर्थंकर बने, आचार्य पूज्य पाद स्वामी ने कहा कि एक दिन तो पत्थर के भी दिन बदलते हैं।</p>
<p>तीर्थंकर महावीर के समवशरण में ज़ब तक गणधर का निमित्त नहीं था तब तक तीर्थंकर की वाणी नहीं खीरी। आचार्य इंद्रनंदी महाराज ने भी धर्मसभा को संबोधित किया। इस मौके पर आगरा दिगंबर जैन परिषद के पन्नालाल बैनाड़ा, अध्यक्ष जगदीश प्रसाद जैन, महामंत्री मनीषकुमार जैन, कोषाध्यक्ष राकेश जैन, उपमंत्री विमल जैन, प्रचार मंत्री आशीष जैन मोनू, संगठन मंत्री सतेन्द्र जैन साहूला, आदित्य जैन, अविनाश जैन,मुन्ना लाल जैन पंकज जैन, उषा जैन मार्सनस, कांता जैन, मीडिया प्रभारी राहुल जैन, सकल जैन समाज मौजूद था। शुक्रवार को प्रातः 8.15 बजे से मुनि संघ एवं आर्यिका के मंगल प्रवचन आचार्य शांति सागर सभागार में होंगे।</p>
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		<title>आचार्य श्री इंद्रनंदी जी ससंघ का हुआ मंगल प्रवेश : भजन पर नृत्य करते हुए संगीत पर झूम रही थी महिलाएं  </title>
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		<pubDate>Wed, 03 Jun 2026 14:39:09 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[दिगंबर जैन परिषद के तत्वावधान में जयपुर हाउस जैन मन्दिर से श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मन्दिर, एमडी जैन, हरिपर्वत में आचार्य श्री इंद्रनंदी जी महाराज ससंघ एवं आर्यिका श्री विशुद्धमति माताजी, विज्ञमति माताजी ससंघ का भव्य मंगल प्रवेश हुआ। आगरा से पढ़िए, राहुल जैन की यह रिपोर्ट&#8230; आगरा। दिगंबर जैन परिषद के तत्वावधान में जयपुर [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>दिगंबर जैन परिषद के तत्वावधान में जयपुर हाउस जैन मन्दिर से श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मन्दिर, एमडी जैन, हरिपर्वत में आचार्य श्री इंद्रनंदी जी महाराज ससंघ एवं आर्यिका श्री विशुद्धमति माताजी, विज्ञमति माताजी ससंघ का भव्य मंगल प्रवेश हुआ। <span style="color: #ff0000">आगरा से पढ़िए, राहुल जैन की यह रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>आगरा।</strong> दिगंबर जैन परिषद के तत्वावधान में जयपुर हाउस जैन मन्दिर से श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मन्दिर, एमडी जैन, हरिपर्वत में आचार्य श्री इंद्रनंदी जी महाराज ससंघ एवं आर्यिका श्री विशुद्धमति माताजी, विज्ञमति माताजी ससंघ का भव्य मंगल प्रवेश हुआ। जिसमें सबसे पहले सेक्टर 7 शांतिनाथ पाठशाला के बच्चे जैन ध्वजा लेकर चल रहे थे। बैंड अपनी मधुर ध्वनि से तुम से लगी लगन भजन पर नृत्य व संगीत पर महिलाएं झूम रही थी। भव्य मंगल प्रवेश श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मन्दिर, एम.डी. जैन, हरिपर्वत आगर में हुआ, जिसमें छीपीटोला के पाठशाला के बच्चों ने दिव्य घोष बैंड, ढोल नगाड़ों, बैंड बाजों के साथ भव्य अगवानी की। जगह-जगह पर पाद प्रक्षालन किए गए। श्री शांतिनाथ सभागार में महाराज जी और माता जी मंच पर आते ही पंडाल जयकारों से गूंज उठा। विशाल पंडाल ऐसा लग रहा था। जैसे किसी मंदिर का प्रांगण हो और वहां भक्त उत्सव मना रहे हों। श्री शांतिनाथ महिला मंडल सेक्टर 7 द्वारा सुन्दर मंगलाचरण किया गया।</p>
<p><strong>इन्होंने लिया सौभाग्य</strong></p>
<p>परिषद के पदाधिकारी द्वारा दीप प्रजलन किया गया।नपाद प्रक्षालन का सौभाग्य पूजा जैन, अनंत जैन, शास्त्र भेंट जगदीश प्रसाद जैन, मनोज जैन बल्ले, राजकुमार जैन गुड्डू, मीना जैन को सौभाग्य प्राप्त हुआ। महाराज जी एवं माताजी के संघ के मंगल प्रवेश में शिकोहाबाद, एटा, फिरोजाबाद, हाथरस,अलीगढ़,आगरा,की सकल दिगम्बर जैन समाज के लोग बड़ी संख्या में पहुंचे। मंच संचालन मनोज कुमार जैन बांकलीवाल ने किया।</p>
<p>आर्यिका श्री विज्ञमति माताजी ने अपने मंगल प्रवचन में भगवान महावीर स्वामी के समोशरण के गणधर गौतम स्वामी के बारे में बताया। आचार्य श्री इंद्रनंदी जी महाराज ने भी धर्म सभा को संबोधित किया।</p>
<p><strong>यह समाजजन मौजूद रहे</strong></p>
<p>इस मौके पर आगरा दिगम्बर जैन परिषद के हीरालाल बैनाड़ा, अध्यक्ष जगदीश प्रसाद जैन, उपमंत्री विमल जैन, कोषाध्यक्ष राकेश जैन पर्दे वाले, मनोज जैन बाकलीवाल, राजेंद्र जैन एडवोकेट, प्रचार मंत्री आशीष जैन मोनू, अनन्त जैन, मनोज जैन बल्ले, अनुज जैन क्रांति,अजय जैन, दीपक जैन बोतल वाले, सुबोध पाटनी, कुमार मंगलम, अनिल जैन आदर्श, सुशील जैन, पवन जैन चांदी वाले, महिपाल जैन,मनीष जैन लवली, दीपक जैन,शुभम जैन,चेतन जैन, विप्लप जैन, अनिल जैन,नरेंद्र जैन सुशील जैन,लुहाड़िया,राजेश जैन, सचिन जैन आलोक जैन, राकेश जैन, वंदना जैन, पूजा जैन, उषा जैन, आशा जैन, अलका जैन, मीडिया प्रभारी राहुल जैन, सकल जैन समाज मौजूद था। 4 जून को प्रातः 8:30 बजे से मुनि संघ एवं आर्यिका की मंगल प्रवचन आचार्य शांति सागर सभागार, हरिपर्वत में होंगे l</p>
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