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	<title>वर्धमान सागर &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
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	<title>वर्धमान सागर &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>मोक्ष मार्ग आरोहण समारोह: दीक्षार्थी आदेश्वर भैय्या ने किया गणधर वलय विधान की पूजन </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 12 Feb 2023 16:01:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[jain diksha]]></category>
		<category><![CDATA[jain rituals shreephal jain news kishangadh]]></category>
		<category><![CDATA[vardhman sagar ji kishangadh jain mahotsav]]></category>
		<category><![CDATA[किशनगढ़ जैन कार्यक्रम]]></category>
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		<category><![CDATA[पंचकल्याणक]]></category>
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					<description><![CDATA[मुनिसुवतनाथ दिगम्बर जैन पंचायत की ओर से आयोजित मोक्ष मार्ग आरोहण समारोह के तहत रविवार को दीक्षार्थी ब्रह्मचारी भैया आदेश्वर पंचौरी धरियावद द्वारा श्री जिनेंद्र भगवान का पंचामृत अभिषेक एवं पूजन किया गया। विस्तार पढ़िए किशनगढ़ से श्याम पाठक की रिपोर्ट महोत्सव के तहत रविवार को आचार्य वर्धमान सागर महाराज के ससंघ सान्निध्य में आरके [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>मुनिसुवतनाथ दिगम्बर जैन पंचायत की ओर से आयोजित मोक्ष मार्ग आरोहण समारोह के तहत रविवार को दीक्षार्थी ब्रह्मचारी भैया आदेश्वर पंचौरी धरियावद द्वारा श्री जिनेंद्र भगवान का पंचामृत अभिषेक एवं पूजन किया गया। विस्तार पढ़िए <span style="color: #ff0000;">किशनगढ़ से श्याम पाठक की रिपोर्ट</span></strong></p>
<hr />
<p>महोत्सव के तहत रविवार को आचार्य वर्धमान सागर महाराज के ससंघ सान्निध्य में आरके कम्यूनिटी सेंटर में दीक्षार्थी द्वारा गणघर वलय विधान की पूजन की गई। विभिन्न कार्यक्रम अंतर्गत विधान के बाद दीक्षार्थी परिवार एवं सकल दिगंबर जैन समाज द्वारा वीर संगीत मंडल सुर मधुर लहरियो पर आचार्य श्री के चरण प्रक्षालन एवम् पूजन की गई। कार्यक्रम में आचार्य श्री के मंगल प्रवचन हुए। वहीं जैनेश्वरी दीक्षा सूरज देवी पाटनी सभागृह में 13 फरवरी को होगी।अध्यक्ष विनोद पाटनी एवं मंत्री सुभाष बड़जात्या ने बताया कि<br />
आचार्यश्री का पूजन व भजन संध्या आज सकल दिगम्बर जैन समाज व मुनिसुव्रतनाथ दिगम्बर जैन पंचायत की ओर से आयोजित हुआ। मोक्ष मार्ग आरोहण समारोह (जैनेश्वरी दीक्षा) के तहत 12 फरवरी को दोपहर 1 बजे आरके कम्यूनिटी में वृहद् प्रत्याख्यान, दोपहर 2 बजे गणधर वलय विधान,पंडित श्री कुमुद जी सोनी प्रतिष्ठा चार्य के निर्देशन में किया गया।<br />
<strong>जैन वीर संगीत मंडल की प्रस्तुति</strong> विधान और आचार्य श्री की संगीत मय पूजन श्री दिगंबर जैन वीर संगीत मंडल ने प्रस्तुत दी । आचार्यश्री पूजन और आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज के आशीर्वचन हुए। प्रचार मंत्री गौरव पाटनी राजेश पंचोलिया इंदौर अनुसार आचार्य श्री का मार्मिक अनुकरणीय प्रवचन हुआ।</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37853" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230212-WA0009.jpg" alt="" width="1280" height="960" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230212-WA0009.jpg 1280w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230212-WA0009-300x225.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230212-WA0009-1024x768.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230212-WA0009-768x576.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230212-WA0009-74x55.jpg 74w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230212-WA0009-111x83.jpg 111w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230212-WA0009-215x161.jpg 215w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230212-WA0009-990x743.jpg 990w" sizes="(max-width: 1280px) 100vw, 1280px" /></p>
<p><strong>वैराग्य मार्ग जीवन को सार्थक करने में कार्यकारी,दीक्षा मानव जीवन का सर्वश्रेष्ठ महोत्सव &#8211; आचार्य श्री वर्धमान सागर जी</strong></p>
<p>किशनगढ़ में कुछ दिनों पूर्व पंचकल्याणक प्रतिष्ठा संपन्न हुई। उसमें तीर्थंकर भगवान के दीक्षा कल्याणक का अवसर भी आपने नाटक रूप में देखा । उसी दीक्षा कल्याणक के दिन आदेश्वर जी ने दीक्षा हेतु श्रीफल चढ़ाकर निवेदन किया। मनुष्य जीवन प्राप्त करने के बाद व्यक्ति अपने गृहस्थ जीवन संबंधी नियम धर्म का पालन करते हुए इस मार्ग पर शरीर से भागों से विरक्ति होने व्यक्ति दीक्षा धारण करता है। आदिनाथ भगवान से लेकर महावीर स्वामी तक तीर्थंकर प्रभु के माध्यम से दिव्य देशना हमें प्राप्त होती है। दीक्षा महोत्सव मानव धर्म का सर्वश्रेष्ठ महोत्सव है। गणघर प्रभु की पूजा आराधना की जाती है जिन्होंने इस पद को अनेक भव के भ्रमण के बाद प्राप्त कर गणधर बने हैं भगवान महावीर स्वामी केवल ज्ञान प्राप्त करके भी मौन थे, क्योंकि गणधर नहीं थे। भगवान की देशना से प्राप्त श्रुत की रचना आचार्य परमेष्ठी के माध्यम से होती है। तीर्थंकर भगवान ही श्रुत जिनवाणी के जन्मदाता प्रकट करने वाले हैं। तीर्थंकर की वाणी को गणधर ग्रहण कर आप सब को बताते हैं ।आप सभी सौभाग्यशाली हैं आपने ऐसे कुल में जन्म लिया है जहां तीर्थंकर गणधर, पंच परमेष्ठी की आराधना इस मानव कुल से कर सकते हैं। जो भव्य जीव गुरुजनों का सानिध्य प्राप्त कर जीवन को सार्थक करते हुए सकल संयम रूपी दीक्षा धारण करते हैं । वह मानव जीवन को सार्थक करने का पुरुषार्थ करते हैं ।संयमी जीवन का अर्थ यह होता है कि अपने जीवन में प्राप्त होने वाली बाधा को सहन कर सके ।आचार्य कल्प श्री श्रुत सागर जी कहते थे साधु के 22 बाइस परिषह होते हैं आप गृहस्थ जीवन जी रहे हैं आप बाइस से ज्यादा 22000 कष्ट सहन करते हैं ।वैराग्य का मार्ग ही जीवन को सार्थक करने में कार्यकारी होता है ।आज दीक्षार्थी ने गणघर पूजन में अनेक रिद्धि यो की पूजन की है। दीक्षार्थी आदेश्वर जी ने अनेक पूर्व आचार्य श्रेष्ठ गुरुओं का सानिध्य से संस्कार प्राप्त किया है गुरुदेव का सानिध्य प्राप्त कर संस्कारित जीवन जीना चाहिए ।भगवान के प्रति गुरु के प्रति विनय और श्रद्धा भक्ति होना चाहिए विनय और श्रद्धा से आप जीवन को सार्थक कर सकते हैं ।</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-37854" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230212-WA0002.jpg" alt="" width="1280" height="960" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230212-WA0002.jpg 1280w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230212-WA0002-300x225.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230212-WA0002-1024x768.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230212-WA0002-768x576.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230212-WA0002-74x55.jpg 74w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230212-WA0002-111x83.jpg 111w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230212-WA0002-215x161.jpg 215w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230212-WA0002-990x743.jpg 990w" sizes="(max-width: 1280px) 100vw, 1280px" /><br />
12 फरवरी को सांय 7.30 बजे से सूरजदेवी पाटनी सभागार में भजन संध्या में भजन गायक अजित पांड्या एण्ड पार्टी द्वारा समधुर भजनों की प्रस्तुतियां दी गई। 13 फरवरी को सुबह 10 बजे से आचार्यश्री वर्धमान सागर के सान्निध्य में दीक्षा समारोह सूरजदेवी पाटनी सभागार में आयोजित होगा। दीक्षार्थी श्रावक आदेश्वर पंचौरी धरियावद का होगा केश लोचन वात्सल्य वारिधि आचार्य वर्धमान सागर जी महाराज द्वारा किए जावेगे। जैनेश्वरी दीक्षा संस्कार मस्तक किया जाएगा। महोत्सव के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से जैन समाज के लोग उमड़ें।</p>
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		<title>श्रीफल जैन न्यूज़ की पहल को मिली सराहना:  हजारों लोग किशनगढ़ पंचकल्याणक विशेषांक से जुड़े </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 24 Jan 2023 15:59:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Kishangra]]></category>
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		<category><![CDATA[shreephal jian news]]></category>
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		<category><![CDATA[किशनगढ़]]></category>
		<category><![CDATA[पंचकल्याणक]]></category>
		<category><![CDATA[वर्धमान सागर]]></category>
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					<description><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज़ किशनगढ़ में चल रहे पंचकल्याण महोत्सव की व्यापक करवेज कर रहा है। जैन संस्कृति और विषयों पर मुखर आपके पसंदीदा मीडिया संस्थान ने एक नई पहल करते हुए किशनगढ़ में चल रहे पंचकल्याण महोत्सव का विशेषांक प्रकाशित किया, जिसे हजारों श्रद्धालूओं ने हाथों-हाथ लिया। किशनगढ़ में पंचकल्याणक महोत्सव की व्यापक कवरेज कर [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>श्रीफल जैन न्यूज़ किशनगढ़ में चल रहे पंचकल्याण महोत्सव की व्यापक करवेज कर रहा है। जैन संस्कृति और विषयों पर मुखर आपके पसंदीदा मीडिया संस्थान ने एक नई पहल करते हुए किशनगढ़ में चल रहे पंचकल्याण महोत्सव का विशेषांक प्रकाशित किया, जिसे हजारों श्रद्धालूओं ने हाथों-हाथ लिया।</p>
<p>किशनगढ़ में पंचकल्याणक महोत्सव की व्यापक कवरेज कर रहे आपके श्रीफल जैन न्यूज़ ने आज किशनगढ़ में कार्यक्रम स्थल पर पंचकल्याण महोत्सव से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों और जैन संस्कृति से जुड़ी जानकारियों को अखबार के एक विशेषांक में समेट कर लाया । जैसे ही आयोजन स्थल पर श्रीफल जैन न्यूज़ का समाचार पत्र आया, जैन श्रावकों ने इसे हाथों-हाथ लिया और प्रकाशित की गई हजारों प्रतियां भी कम पढ़ गई ।</p>
<p><iframe title="श्रीफल जैन न्यूज़ की पहल को मिली सराहना, हजारों लोगों किशनगढ़ पंचकल्याणक विशेषांक से जुड़े" width="1320" height="743" src="https://www.youtube.com/embed/1WLPmsFmgRY?feature=oembed" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" allowfullscreen></iframe></p>
<p>श्रीफल जैन न्यूज़ ने इस आयोजन की खबरों के साथ पंचकल्याण के तरीके, तीर्थंकर का प्रादुर्भाव व अन्य जैन समाज से जुड़ी सिलसिलेवार कई जानकारियां दी। समाचार पत्र में अजमेर के सांसद भागीरथ चौधरी का विशेष साक्षात्कार प्रकाशित किया गया। जैन समाज के संत शिरोमणि वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के व्यक्तित्व और कृतित्व से जुड़ी जानकारियों को बहुत पंसद किया गया। आपका भरोसेमंद मीडिया संस्थान श्रीफल जैन न्यूज़, समाज की हर बड़े आयोजन और बड़े मुद्दों को उठाते हुए बहुत कम समय में आपके भरोसे का माध्यम बन चुका है। सम्मेद शिखर को लेकर चली व्यापक कवरेज और विश्लेषण ने जैन समाज के भीतर जागरुकता की अलख जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हम हमारे हजारों पाठकों और दर्शकों को यह विश्वास दिलाते हैं कि धार्मिक और सामाजिक खबरों का यह बढ़ता दायरा आने वाले समय अपना और विस्तारित स्वरूप लेगा। श्रीफल जैन न्यूज़ अपने प्रयासों को अपने हजारों पाठकों के नाम समर्पित करता है।</p>
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		<title>चातुर्मास कलश स्थापना समारोह में उमड़ा विशाल जनसमूह</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 19 Jul 2022 14:16:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[श्रीमहावीरजी महामस्तकाभिषेक]]></category>
		<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[चातुर्मास कलश स्थापना]]></category>
		<category><![CDATA[न्यूज समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[महामस्तकाभिषेक]]></category>
		<category><![CDATA[वर्धमान सागर]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीमहावीरजी]]></category>
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					<description><![CDATA[श्रीमहावीरजी बनी धर्ममयी नगरी, चहुंओर धार्मिक वातावरण श्रीमहावीरजी। मुनि दीक्षा धारण करने के 53 वर्ष बाद जैनाचार्य वर्धमान सागर की वर्षा योग साधना के लिए सोमवार को श्रीमहावीरजी आस्थाधाम में चातुर्मास कलश की स्थापना की गई। भगवान महावीर महामस्तकाभिषेक ओर पंचकल्याणक महोत्सव समिति के तत्वावधान में वर्धमान सभागार में कलश स्थापना समारोह सम्पन्न हुआ। दीक्षास्थली [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><em><strong>श्रीमहावीरजी बनी धर्ममयी नगरी, चहुंओर धार्मिक वातावरण</strong></em></p>
<p><strong>श्रीमहावीरजी।</strong> मुनि दीक्षा धारण करने के 53 वर्ष बाद जैनाचार्य वर्धमान सागर की वर्षा योग साधना के लिए सोमवार को श्रीमहावीरजी आस्थाधाम में चातुर्मास कलश की स्थापना की गई। भगवान महावीर महामस्तकाभिषेक ओर पंचकल्याणक महोत्सव समिति के तत्वावधान में वर्धमान सभागार में कलश स्थापना समारोह सम्पन्न हुआ। दीक्षास्थली श्रीमहावीरजी में जैनाचार्य का पहला चातुर्मास है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-25471" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/07/InShot_20220719_194315826-300x212.jpg" alt="" width="408" height="288" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/07/InShot_20220719_194315826-300x212.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/07/InShot_20220719_194315826-1024x723.jpg 1024w" sizes="auto, (max-width: 408px) 100vw, 408px" /></p>
<p>श्री दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र श्रीमहावीरजी के प्रबंध कारिणी अध्यक्ष सुधांशू कासलीवाल, मंत्री महेंद्र कुमार पाटनी, कोषाध्यक्ष विवेक काला व संयोजक सुरेश सबलावत ने बताया कि आचार्य वर्धमान सागर ने 54वां भव्य चतुर्मास मंगल कलश की स्थापना समारोह में आचार्य वर्धमान के ससंघ मुनि, आर्यिकाओं के अलावा जैन मुनि विमल सागर, आर्यिका सृष्टि भूषण मौजूद रहीं। शांति नगर से मंगल प्रवेश और मुख्य मंदिर में भगवान जिनेंद्र के दर्शन पूजा के बाद दोपहर बाद जैनाचार्य ससंघ कलश स्थापना स्थल वर्धमान सभगार में प्रवेश किया। पांडाल में सभी श्रावक सफेद वस्त्र में व श्राविकाएं केसरिया साड़ी पहने थीं।</p>
<p>कार्यक्रम के प्रारंभ में संघस्थ पूनम एवं दीप्ति ने महावीर मंगलम मंगलाचरण किया। आसन ग्रहण करने पर आयोजन समिति की ओर से सभी जैन मुनियों के पाद प्रक्षालन कर शास्त्र भेंट किए गए। साथ ही अष्ट द्रव्य से संगीतमय पूजन किया गया। भामाशाह अशोक पाटनी ने अपने उद्बोधन में चातुर्मास एवं पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव सहित महामस्तकाभिषेक महोत्सव के सानन्द सम्पन्न के लिए आचार्यश्री से आशीर्वाद लिया। इस मौके पर कलक्टर अंकित सिंह, एसपी नारायण टोगस एवं एसडीएम अनूप सिंह, डीएसपी किशोरीलाल सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने श्रीफल भेट कर आचार्यश्री से आशीर्वाद प्राप्त किया।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-25472" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/07/20220719_193326-300x233.jpg" alt="" width="408" height="316" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/07/20220719_193326-300x233.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/07/20220719_193326.jpg 749w" sizes="auto, (max-width: 408px) 100vw, 408px" /></p>
<p>ये रहे पूजन व पाद प्रक्षालन के लाभार्थी<br />
इस मौके पर पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के लिए सौधर्म के रुप में सौभागमल राजेन्द्र कटारिया, चक्रवर्ती के रूप में आरके मार्बल किशनगढ के सुरेश-शांता पाटनी, कुबेर के रूप में अनिल, दीपक सेठी को सौभाग्य मिला। आचार्यश्री के पाद प्रक्षालन का सौभाग्य अनिल दीपक सेठी बैंगलोर को मिला। वहीं जिनवाणी भेंट करने के लाभार्थी चन्दन, सुनील पहाड़िया रहे। चातुर्मास के लिए कमेटी की ओर से श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया। चातुर्मास स्थापना के मुख्य कलश का सौभाग्य अशोक जैन पाटनी आरके मार्बल किशनगढ़ वालों ने प्राप्त किया।<br />
आचार्यश्री ने मंत्रोच्चार द्वारा विधि विधान से कलशों की स्थापना कर चातुर्मास की घोषणा कर श्रावक, श्राविकाओं को मंगलमय आशीर्वाद दिया।</p>
<p>53 छोटे और एक प्रधान कलश की हुई स्थापना<br />
सन्मति धर्मशाला के सामने विशाल डोम पाण्डाल में आयोजित चातुर्मास कलश स्थापना के प्रधान कलश स्थापना के लाभार्थी आरके मार्बल्स किशनगढ़ के अशोक पाटनी-सुशीला पाटनी रहीं। आचार्य वर्धमान सागर की वर्षायोग साधना के 54 के चातुर्मास के लिए लिए एक प्रधान कलश व 53 छोटे कलश स्थापित किए गए।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-25473" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/07/20220719_193344-300x162.jpg" alt="" width="408" height="220" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/07/20220719_193344-300x162.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/07/20220719_193344.jpg 962w" sizes="auto, (max-width: 408px) 100vw, 408px" /></p>
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