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	<title>मुनि सुधा सागर &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
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	<title>मुनि सुधा सागर &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>आचार्य विद्यासागर संस्कार वर्णी पाठशाला, मड़ावरा का वार्षिकोत्सव भव्य रूप से सम्पन्न : नि:शुल्क धार्मिक शिक्षा प्रदान करने पर शिक्षिकाओं को विशेष सम्मान </title>
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		<pubDate>Sat, 25 Oct 2025 08:53:10 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[मड़ावरा में आचार्य विद्यासागर संस्कार वर्णी पाठशाला का वार्षिकोत्सव भक्ति, उल्लास और संस्कार की अनूठी छटा के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी को भावविभोर कर दिया। पाठशाला की शिक्षिकाओं को नि:शुल्क धार्मिक शिक्षा प्रदान करने के लिए सम्मानित किया गया। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… मड़ावरा (ललितपुर) में आचार्य श्री विद्यासागर [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>मड़ावरा में आचार्य विद्यासागर संस्कार वर्णी पाठशाला का वार्षिकोत्सव भक्ति, उल्लास और संस्कार की अनूठी छटा के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी को भावविभोर कर दिया। पाठशाला की शिक्षिकाओं को नि:शुल्क धार्मिक शिक्षा प्रदान करने के लिए सम्मानित किया गया। <span style="color: #ff0000">पढ़िए पूरी रिपोर्ट…</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मड़ावरा (ललितपुर)</strong> में आचार्य श्री विद्यासागर महाराज की प्रेरणा एवं निर्यापक मुनि श्री सुधा सागर महाराज के निर्देशन में संचालित आचार्य विद्यासागर संस्कार वर्णी पाठशाला का वार्षिकोत्सव भक्ति, उल्लास और संस्कार की अनूठी छटा के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के पूर्व आचार्यश्रेष्ठ 108 विद्यासागर महाराज के चित्र का अनावरण एवं दीप प्रज्वलन अविनाश और अनिमेष जैन बम्हौरी परिवार ने किया।</p>
<p>सांस्कृतिक कार्यक्रम की श्रंखला में मंच पर नन्हें-मुन्हें बच्चों की मासूम ऊर्जा और भक्ति ने ऐसा संगम रचा कि पूरा सभागार भावविभोर हो उठा। कार्यक्रम की शुरुआत मंगल प्रस्तुति एवं मंगलाचरण से हुई, जिसमें समाधिस्थ आचार्य विद्यासागर महाराज की महाप्रयाण शोभा यात्रा की झांकी ने सभी की आंखें नम कर दीं। उनके समाजहितकारी कार्यों और सहयोगी संस्थाओं पूर्णायू, प्रतिभास्थली और हथकरघा की प्रेरक झलकियों ने समर्पण और सेवा की भावना को जीवंत किया।</p>
<p>तत्पश्चात बच्चों की भक्ति प्रस्तुति “आओ रे आओ रे विद्यासागर मेरे आंगणा” ने वातावरण को श्रद्धामय बना दिया। सफेद परिधान में छोटे बच्चों का गीत “तुझ में रब दिखता है” मासूम भक्ति और कोमल भावनाओं का प्रतीक बना। राजस्थानी परिधान में प्रस्तुत कव्वाली “कामयाबी मिसाल है, कमाल की राष्ट्र प्रेम” ने देशभक्ति और जोश का रंग भरा। बालिकाओं की राजस्थानी थीम प्रस्तुति “आओ पधारों हे जिन भगवान -मंगल घड़ी जिन दर्शन की” ने दर्शकों को भक्ति रस में सराबोर किया।</p>
<p>सबसे छोटे कलाकारों का गीत “आओ जी आओ जी महावीर मोरे आँगणा” और सामूहिक प्रस्तुति “लहरा दो जिनशासन का परचम लहरा दो” ने पूरे सभागार में आनंद और उत्साह की लहर दौड़ा दी। कार्यक्रम का समापन बच्चों द्वारा प्रस्तुत भावनापूर्ण लघु नाटिका से हुआ, जिसमें सेवा, अनुशासन और नैतिक मूल्यों को जीवंत अभिनय के माध्यम से अभिव्यक्त किया गया।</p>
<p>कार्यक्रम का संचालन पाठशाला की शिक्षिकाओं ने सौहार्दपूर्ण और प्रेरक ढंग से किया। दर्शकों ने सभी प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि यह वार्षिकोत्सव केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि संस्कार, भक्ति और आत्मिक ऊर्जा का उत्सव था।</p>
<p>संकल्प: महाराज के आदर्शों को बाल शिक्षा और संस्कार के हर क्षेत्र में जीवित रखेंगे</p>
<p>समापन पर पाठशाला परिवार ने सभी अतिथियों, अभिभावकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए संकल्प लिया कि वे आचार्य विद्यासागर महाराज के आदर्शों को बाल शिक्षा और संस्कार के हर क्षेत्र में जीवित रखेंगे।</p>
<p>इस अवसर पर पाठशाला की प्राचार्या ममता जैन ने बताया कि मध्यप्रदेश के अशोकनगर में मुनि पुंगव सुधासागर महाराज के पावन सानिध्य में देशभर की लगभग चार सौ पाठशालाओं का राष्ट्रीय अधिवेशन हुआ, जिसमें मड़ावरा पाठशाला को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ। पाठशाला की शिक्षिका रीना जैन एवं अनोखी ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति देकर पाठशाला का नाम रोशन किया। कार्यक्रम में नीलेश जैन, अभिषेक जैन और रानू जैन का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम का संचालन चेतन जैन ने किया।</p>
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		<title>श्रद्धा- भक्ति का जनसैलाब उमड़ पड़ा : श्री सुधासागर जी का कुंडलपुर में हुआ भव्य प्रवेश </title>
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		<pubDate>Fri, 05 Apr 2024 09:22:29 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[मध्यप्रदेश बुन्देलखण्ड के दमोह जिले के सुप्रसिद्ध श्री दिगंबर जैन सिद्धक्षेत्र कुंडलपुर की पावन वसुंधरा पर विश्व वंदनीय संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य तीर्थोद्धारक निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव श्री सुधा सागर जी महाराज का ससंघ भव्य मंगल प्रवेश हुआ। इस अवसर पर उनकी भव्य अगवानी में देशभर से हजारों [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>मध्यप्रदेश बुन्देलखण्ड के दमोह जिले के सुप्रसिद्ध श्री दिगंबर जैन सिद्धक्षेत्र कुंडलपुर की पावन वसुंधरा पर विश्व वंदनीय संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य तीर्थोद्धारक निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव श्री सुधा सागर जी महाराज का ससंघ भव्य मंगल प्रवेश हुआ। इस अवसर पर उनकी भव्य अगवानी में देशभर से हजारों श्रद्धालु भक्त उमड़ पड़े। <span style="color: #ff0000">पढ़िए रत्नेश जैन रागी की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>कुण्डलपुर।</strong> मध्यप्रदेश बुन्देलखण्ड के दमोह जिले के सुप्रसिद्ध श्री दिगंबर जैन सिद्धक्षेत्र कुंडलपुर की पावन वसुंधरा पर विश्व वंदनीय संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य तीर्थोद्धारक निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव श्री सुधा सागर जी महाराज का ससंघ भव्य मंगल प्रवेश हुआ। इस अवसर पर उनकी भव्य अगवानी में देशभर से हजारों श्रद्धालु भक्त उमड़ पड़े। पटेरा ग्राम के जैन मंदिर से जैसे ही मुनिश्री ने कुंडलपुर की ओर विहार किया, पटेरा से लेकर कुंडलपुर तक करीब 3.5 किमी लम्बे रास्ते में जन सैलाब श्रद्धा, भक्ति, उमंग, उत्साह के साथ चल रहा था जो पूरे रास्ते में मुनिश्री की भव्य अगवानी में पलक पांवडे बिछाए नाचते गाते, नारे लगाते हुए चल रहा था। आगरा, कानपुर झांसी, ललितपुर, अशोकनगर, जबलपुर, बीनागंज, सागर, सांगानेर, बकस्वाहा, दमोह, हटा, पटेरा, ललितपुर, आगरा सहित अनेकों स्थानों से मुनिश्री के भक्त एवं शिवरार्थी बड़ी संख्या में आए। ज्ञानोदय परिवार नारेली से सुसज्जित रथ गुरुवर हमको तारों &#8211; राजस्थान पधारो का अलख जागता हुआ चल रहा था। गर एवं मुगावली बैंड पार्टी जनाकर्षण का केंद्र रही।</p>
<p><strong><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-58254" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/04/IMG-20240405-WA0030.jpg" alt="" width="1600" height="718" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/04/IMG-20240405-WA0030.jpg 1600w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/04/IMG-20240405-WA0030-300x135.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/04/IMG-20240405-WA0030-1024x460.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/04/IMG-20240405-WA0030-768x345.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/04/IMG-20240405-WA0030-1536x689.jpg 1536w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/04/IMG-20240405-WA0030-990x444.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/04/IMG-20240405-WA0030-1320x592.jpg 1320w" sizes="(max-width: 1600px) 100vw, 1600px" />हुआ मंगल मिलन</strong></p>
<p>कुंडलपुर प्रवेश द्वार पर कुंडलपुर में पूर्व से विराजित सभी साधुओं का भव्य मंगल मिलन हुआ। इस अवसर पर कुंडलपुर में पूर्व से विराजित निर्यापक मुनि श्री प्रसादसागर जी, निर्यापक मुनि श्री अभय सागर जी, निर्यापक मुनि श्री संभव सागर जी, मुनि प्रमाण सागर जी, मुनि श्री प्रभात सागर जी, मुनि श्री चंद्रसागर जी, मुनि श्री प्रणम्यसागर जी, मुनि श्री आनंद सागर जी, मुनि श्री निर्णय सागर जी, मुनि श्री अजितसागर जी, मुनि श्री विनम्रसागर जी, मुनि श्री विशदसागर जी, मुनि श्री विराटसागर जी, आर्यिकारत्न श्री तपोमति माताजी, आर्यिका श्री ऋजुमति माताजी, आर्यिका श्री चिंतनमति माताजी, आर्यिका श्री सौम्यमति माताजी ससंघ सभी शिष्यों का अभूतपूर्व मंगल वात्सल्य मिलन हुआ। तत्पश्चात धर्मसभा आयोजित की गई, जिसमें पूज्य निर्यापक मुनि श्री अभय सागर जी व मुनि श्री प्रमाण सागर जी के बाद निर्यापक मुनि श्री सुधासागर जी महाराज ने सभी को मंगल आशीर्वाद दिया और कहा कि पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर जी गुरुदेव के अनेक उपकार हैं। गुरु की भावना साकार हो। गुरुदेव की विरासत और श्रवण संस्कृति को युगयुगांतर तक जीवंत और अक्षुण्ण बनाए रखें। मुनिश्री ने कहा कि हम शिष्य व श्रमण संस्कृति के तकरीबन 350 कंधे एक साथ मिलकर आचार्यश्री की भावना को साकार करेंगे और समस्त श्रावक श्रद्धालु सहित हम सब मिलकर करेंगे।</p>
<p><iframe title="श्री सुधासागर जी का कुंडलपुर में हुआ भव्य प्रवेश" width="1320" height="743" src="https://www.youtube.com/embed/Ymby-5NjbQw?feature=oembed" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" referrerpolicy="strict-origin-when-cross-origin" allowfullscreen></iframe></p>
<p><strong>आचार्य भक्ति हुई</strong></p>
<p>निर्यापक व मुनिश्री के पाद प्रक्षालन उपरांत धर्मसभा आचार्य भक्ति में बदल गई। इस अवसर पर पाद प्रक्षालन का सौभाग्य महोत्सव समिति के अध्यक्ष अशोक पाटनी किशनगढ़ ( राजस्थान) सपरिवार, राजेंद्र कटारिया अहमदाबाद , प्रमोद पहाड़िया सांगानेर , हुकुमचंद काका चांदखेड़ी , मनीष सीए तथा कुंडलपुर समिति के अध्यक्ष , संयोजक , सहसंयोजक सहित अनेक अतिथियों को मिला। इस अवसर पर कुंडलपुर क्षेत्र कमेटी के पदाधिकारी, महोत्सव समिति के पदाधिकारी व समितियों के प्रभारी व सदस्य सहित हजारों भक्तगण, ब्रह्मचारी भैया जी, दीदी जी ,कुंडलपुर जैन समाज, कुंडलपुर स्टाफ आदि की उपस्थिति रही। इस भव्य अगवानी के भव्य दृश्यों के साक्षी बनने का सौभाग्य रत्नेश जैन रागी को भी मिला और सचिन मझगुवां व अनेकांत खडेरी आदि को बीडीओ व तस्वीर बनाकर सबको भेजने का अवसर मिला। महोत्सव समिति के मीडिया समिति के जयकुमार जलज हटा तथा राजेश जैन रागी बकस्वाहा ने बताया कि आज शुक्रवार 5 अप्रैल को पूज्य निर्यापक मुनि श्री योगसागर जी, नियम सागर जी, समता सागर जी महाराज ससंघ सहित अनेक आचार्यश्री के शिष्यों का कुण्डलपुर में भव्य प्रवेश हो रहा है। कमेटी ने सभी से पधारकर पुण्य लाभ प्राप्त करने की अपील की है। स्मरण रहे कि पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की समतापूर्वक समाधि मरण उपरांत उनके आचार्य पद पदारोहण महामहोत्सव का आयोजन आगामी 16 अप्रैल मंगलवार को कुण्डलपुर में आयोजित किया गया है, जिस हेतु आचार्य श्री के सभी शिष्य कुण्डलपुर पहुंच रहे हैं, अभी तक तकरीबन 82 अधिक पिच्छिकाधारी साधु-संत पहुंच चुके और करीब 300 से 350 पिच्छिकाधारी पहुंचने की सम्भावना है।</p>
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		<title>धर्म संस्कृति की रक्षा का महापर्व रक्षाबंधन &#8211; मुनि सुधासागर  जी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 11 Aug 2022 14:47:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[चातुर्मास ललितपुर]]></category>
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					<description><![CDATA[क्षेत्रपाल मंदिर में मुनि रक्षार्थ हुए 70 हजार से अधिक श्रीफल समर्पित महिला मण्डल ने 12 फीट लम्बी राखी सजाई &#160; ललितपुर 11 अगस्त। निर्यापक मुनि श्री सुधासागर महाराज ससंघ के सानिध्य में रक्षाबंधन वात्सल्य पर्व का आयोजन किया गया जिसमें जैन मंदिरों में 700 मुनियों की रक्षा का पर्व श्रावकों ने मनाया जिसमें 70 [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<ul>
<li><strong>क्षेत्रपाल मंदिर में मुनि रक्षार्थ हुए 70 हजार से अधिक श्रीफल समर्पित</strong></li>
<li><strong>महिला मण्डल ने 12 फीट लम्बी राखी सजाई</strong></li>
</ul>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong><img decoding="async" class="aligncenter wp-image-26476" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/08/IMG-20220811-WA0191-300x111.jpg" alt="" width="450" height="166" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/08/IMG-20220811-WA0191-300x111.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/08/IMG-20220811-WA0191-1024x378.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/08/IMG-20220811-WA0191.jpg 1280w" sizes="(max-width: 450px) 100vw, 450px" /></strong></p>
<p><strong>ललितपुर 11 अगस्त।</strong> निर्यापक मुनि श्री सुधासागर महाराज ससंघ के सानिध्य में रक्षाबंधन वात्सल्य पर्व का आयोजन किया गया जिसमें जैन मंदिरों में 700 मुनियों की रक्षा का पर्व श्रावकों ने मनाया जिसमें 70 हजार से अधिक श्रीफल समर्पित कर , एक दूसरे को रक्षा सूत्र बांधे । मुख्य आयोजन दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र क्षेत्रपाल मंदिर में हुआ जहां मुनि श्री के सानिध्य में सात सौ मुनियों की रक्षार्थ श्रावकों ने अर्घ समर्पित किए एवं जैन धर्म के 11 वें तीर्थंकर भगवान श्रयांसनाथ का निर्वाण उत्सव पर निर्वाण लाडू प्रतिष्ठाचार्य ब्र. प्रदीप सुयश अशोकनगर के मार्गदर्शन में चढाया, जिसमें पुर्याजक परिवार ने मुनि पूज्यसागर महाराज , ऐलक धैर्यसागर महाराज , क्षुल्लक गम्भीर सागर महाराज के मुखारविन्द से अर्घ्य समर्पित किए ।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-26477" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/08/IMG-20220811-WA0192-300x225.jpg" alt="" width="450" height="338" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/08/IMG-20220811-WA0192-300x225.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/08/IMG-20220811-WA0192-1024x768.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/08/IMG-20220811-WA0192.jpg 1280w" sizes="auto, (max-width: 450px) 100vw, 450px" /><br />
इस मौके पर मुनि सुधासागर महाराज ने धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए कहा जैन धर्म की पताका श्रमण संस्कृति है ,जिनके दर्शन से असीम पुण्य का संचय होता है । रक्षाबंधन को वात्सल्य का पर्व बताते हुए धर्म व संस्कृति की रक्षा का पर्व बताया । उन्होंने कहा इस दिन विष्णुकुमार मुनिराज जो विक्रियारिद्धि के धारी थे उन्होंने सात सौ मुनिराजों का उपसर्ग दूर किया था । कार्यक्रम के दौरान महिला मंडल ने 12 फीट लम्बी राखी बनाई जिसमें 700 मुनियों पर उपसर्ग दर्शाया गया जिसको मुनि सुधासागर महाराज ससंघ को समर्पित किया ।जिसमें प्रमुख रूप से अध्यक्ष शुभ मोहनी , दीप्ति जैन , साम्या , ऋचा अलया , सोनम जैन डा ० श्येता जैन , रेणुका सुरभि पलक जैन ममता जैन का योगदान रहा ।</p>
<p>इसके पूर्व प्रारम्भ में प्रातःकाल अभिषेक शान्तिधारा की मांगलिक क्रियाएँ हुई जिसमें श्रावकों ने सम्मलित होकर पुण्यार्जन किया । इस मौके पर प्रमुख रूप से जैन पंचायत अध्यक्ष अनिल जैन अंचल ने मुनि श्री के सानिध्य में वात्सल्य पर्व को ललितपुर वासियों के लिए पुण्य का योग बताते हुए रक्षाबंधन पर्व की मंगल कामना की । मुनि संघ के पडगाहन का आज क्षेत्रपाल मंदिर में अपूर्व नजारा रहा जहां आवकों ने मुनि श्री सुधासागर महाराज का पडगाहन मुजफफर नगर परिवार एवं पूज्यसागर महाराज का पडगाहन प्रवीण जैन गुरुवर क्लासिज परिवार को मिला जहा आहारचर्या का दर्शन कर असीम पुण्य का सचय किया । नगर के जैन अटामंदिर , नया मंदिर , वडा मंदिर चाहूवलिनगर आदिनाथ मंदिर गांधीनगर चन्द्रप्रभु मंदिर डोढाघाट , शान्तिनाथ मंदिर नईवस्ती , समोवशरण मंदिर , इलाइट जैन मंदिर , सिविल लाइन मंदिर में श्रावकों ने रक्षाबंधन पर्व मनाया ,जहां रक्षाबंधन पर्व की पूजन हुई और निर्वाण लाडू चढाया । आयोजन की व्यवस्थाओं को संयोजित करने में महामंत्री डा ० अक्षय टडैया मंदिर प्रबंधक राजेन्द्र जैन थनवारा , पंकज जैन मोदी , धार्मिक संयोजक मनोज जैन बबीना, अक्षय अलया , शीलचंद अनौरा अखिलेश गदयाना , भगवानदास कैलगुवा , कपूरचंद लागौन , नरेन्द्र कडकी , संजय रसिया , जितेन्द्र जैन राजू , शुभेन्दु जैन , प्रभात लागौन , पाय जिनेन्द्र रजपुरा , महेन्द्र चौधरी , अजित जैन गदयाना सहित आचार्य विद्यासागर व्यायामशाला समेत अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं के स्वयंसेवकों का योगदान रहा । उक्त जानकारी अक्षय अलया व डॉ सुनील संचय ललितपुर ने दी।</p>
<p><strong>जैन नया मंदिर में संगीतमय शान्तिविधान</strong></p>
<p>12 अगस्त को प्रातः 6 बजे मुनि सुधासागर महाराज के आर्शीवाद से दिगम्बर जैन नया मंदिर में अस्थाई वेदिका पर विराजित श्री जी के सम्मुख अभिषेक शान्तिधारा एवं संगीतमय शान्ति विधान का आयोजन ब्र. मनोज भैया के मार्गदर्शन में किया जाएगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>संकल्प लें, श्रमण संस्कृति की रक्षार्थ निडरता से समर्पित रहेंगेः निर्यापक मुनि श्री सुधा सागर जी</title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/sankalp-len-nidar-hokar-shraman-sanskrti-kee-raksha-mein-rahenge-niraapak-muni-shree-sudha-saagar-jee/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 11 Aug 2022 14:35:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal news]]></category>
		<category><![CDATA[चातुर्मास ललितपुर]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि सुधा सागर]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल न्यूज]]></category>
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					<description><![CDATA[सात सौ मुनियों की रक्षार्थ, पुण्यार्जक श्रद्धालुओं ने 70,000 श्रीफल अर्पित किए सात सौ मुनियों के उपसर्ग का वर्णन सुन श्रद्धालुओं की आंखें नम न्यूज़ सौजन्य -राजीव सिंघई &#160; ललितपुर। आचार्य श्री विघासागर जी महाराज के परम शिष्य निर्यापक मुनि श्री सुधा सागर जी, नगर गौरव मुनि श्री पूज्य सागर जी, ऐलक श्री धैर्य सागर [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<ul>
<li>सात सौ मुनियों की रक्षार्थ, पुण्यार्जक श्रद्धालुओं ने 70,000 श्रीफल अर्पित किए</li>
<li>सात सौ मुनियों के उपसर्ग का वर्णन सुन श्रद्धालुओं की आंखें नम</li>
</ul>
<p><span style="color: #ff0000;">न्यूज़ सौजन्य -राजीव सिंघई</span></p>
<div style="width: 640px;" class="wp-video"><video class="wp-video-shortcode" id="video-26470-1" width="640" height="352" preload="metadata" controls="controls"><source type="video/mp4" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/08/VID-20220811-WA0189.mp4?_=1" /><a href="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/08/VID-20220811-WA0189.mp4">https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/08/VID-20220811-WA0189.mp4</a></video></div>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>ललितपुर।</strong> आचार्य श्री विघासागर जी महाराज के परम शिष्य निर्यापक मुनि श्री सुधा सागर जी, नगर गौरव मुनि श्री पूज्य सागर जी, ऐलक श्री धैर्य सागर जी, क्षुल्लक श्री गंभीर सागर जी महाराज जी के परम सान्निध्य में श्री अभिनंदनोदय तीर्थ, श्री 1008 दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र, श्री क्षेत्रपाल मंदिर जी की वृहद धर्मसभा में पावन रक्षाबंधन पर्व पर सात सौ मुनियों के उपसर्ग रक्षार्थ दिवस के रूप मनाया गया। रक्षाबंधन पर्व का भव्य शुभारंभ नगर के सभी जैन मंदिरों में प्रातःकाल सामूहिक रूप में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पीत व धवल वस्त्र धारण कर क्रमशः भगवान श्री का अभिषेक व शांति धारा कर रक्षाबंधन पर्व पूजन विधान किया। इसी क्रम में श्री क्षेत्र पाल जैन मंदिर जी में मुख्य रूप से श्री दिगम्बर जैन समाज पंचायत समिति के तत्वावधान में एवं मुनि श्री सुधासागर जी महाराज के मुखारविंद से भगवान श्री अभिनंदन स्वामी अतिशय युक्त प्रतिमा पर शांतिघारा का उच्चारण हुआ। शांति घारा का सौभाग्य पांच श्रद्धालुओं को मिला तो वहीं मुनि श्री पूज्य सागर जी,ऐलक श्री धैर्य सागर जी,क्षुल्लक श्री गंभीर सागर जी के मुखारविंद से संयुक्त रूप से पूजा के महा अर्घ्य का उच्चारण किया गया। जिस पर 101 पुण्यार्जक श्रद्धालुओं ने क्रमशः सात सौ श्रीफल अर्पित किए।</p>
<p><strong>मधुर स्वर लहरियों पर भक्ति नृत्य</strong><br />
इस अवसर पर धर्म सभा में आकमपाचार्य व बिष्णुकुमार मुनि की श्रमण संस्कृति की रक्षार्थ भाव से कथन का संस्मरण सुनाए। निर्यापक मुनि श्री सुधा सागर जी महाराज ने इस बार की रक्षाबंधन पर्व कथा का इस तरह सुन्दर उच्चारण किया कि सात सौ मुनियों के उपसर्ग का वर्णन सुन श्रद्धालुओं की आंखें नम हुईं तो सभी ने एकजुटता के साथ श्रमण संस्कृति जयवंत हो के गगनभेदी नारों के साथ श्रमण संस्कृति की रक्षार्थ संकल्प लिया।</p>
<p>गुरुदेव कहते हैं कि हर वस्तु में अपार शक्ति है। लेकिन जिस शक्ति का उपयोग हो रहा है, उस स्थिति का श्रमण संस्कृति की रक्षार्थ में हो तभी वह शक्ति शाक्तिशाली बनेगी। जैसे सात सौ मुनियों की रक्षार्थ में आकमपाचार्य के आदेश पर बिष्णु कुमार मुनि ने, जो स्वयं प्रथमानुयोग धरण चार माह के लिए किए थे, फिर भी अपनी शक्तियों का भान न था, तब सात मुनियों की रक्षा के उनके पास श्री अक्पाचार्च के आदेश पर क्षुल्लक श्री पहुंचे और उनकी शक्ति का अहसास कराया तब वह विष्णु कुमार मुनि तीन हाथ का शरीर बनाकर वटु बाह्मण का रूप बनाकर हस्तानापुर मंत्रियों से मांग लिया जिन्होंने सात सौ मुनियों पर उपसर्ग किया था।</p>
<p>गुरुदेव यहां बताते हैं कि एक कहावत है कि कुछ ऐसे दुष्ट लोग होते हैं, जिनकी सोच इस तरह होती है कि लातों के भूत बातों से नहीं मानते हैं। उसी कहावत के क्रम में महामुनि बिष्णुकुमार जी ने, उन दुष्ट मंत्रियों से दान में तीन पग धरा मांग ली और उन मंत्रियों ने हां कहा तो बिष्णुकुमार मुनि जब अपना दो पग क्रमशः रखे तो पूरी धरा नप गई। अब तीसरा पग रखने के लिए धरा का अभाव रहा तो मंत्रियों के सीने पर रखना चाहा तो उन्हें अपनी गतियों का अहसास हुआ। इस तरह सात सौ निग्रंथ मुनियों का उपसर्ग दूर हुआ। और रक्षाबंधन पर्व तब से श्रमण संस्कृति की रक्षार्थ मे मनाया जाने लगा। साथ ही यह भाई- बहिन के वात्सल्य प्रेस की प्रतीक भी है।</p>
<p>उपरोक्त कथन के संदर्भ में गुरुदेव कहते हैं कि सज्जन और महान व्यक्ति को कभी इन चार लोगों को वरदान वचन नहीं देना चाहिए जिसमें दुष्ट व्यक्ति, बालक, स्त्री, और अनजाने को किमीक्षिक्त वचन व दान नहीं देना चाहिए। क्योंकि यह आपके वचनों का दुरुपयोग कर सकते हैं।</p>
<p><strong>मुनि श्री ससंध को आहार दान देने का मिला सौभाग्य</strong></p>
<p>निर्यापक मुनि श्री सुधा सागर जी महाराज का मंगल पडगाहन और आहार दान देने का सौभाग्य श्रीमती शीला देवी परिवार मुजफ्फरनगर वालों को क्षेत्रपाल मंदिर धर्मशाला में मिला।<br />
नगर गौरव मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज को आहार दान का सौभाग्य गुरवर कोचिंग के सर प्रवीण जैन, बहिन अमिता दीदी परिवार, प्रशांति स्कूल गांधीनगर क्षेत्र को मिला।<br />
ऐलक श्री धैर्य सागर जी महाराज को आहार दान देने का सौभाग्य श्री सुरेन्द्र पंडित जी, ब्र बहन नीलम जैन दीदी परिवार को मिला।<br />
क्षुल्लक श्री गंभीर सागर जी महाराज को आहार दान देने का सौभाग्य श्री जिनेन्द्र जैन बल्लू बछरावनी परिवार को मिला।<br />
सभी संत साधुओं के निरतार्य आहार हो, ऐसी मंगल भावना सहित सादर नमन वंदन।</p>
]]></content:encoded>
					
		
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			</item>
		<item>
		<title>संत सुधा सागर मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल का शिलान्यास संपन्न</title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/sant-sudha-saagar-maltee-speshalitee-hospital-ka-shilaanyaas-sampann/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 10 Aug 2022 13:53:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal news]]></category>
		<category><![CDATA[अस्पताल]]></category>
		<category><![CDATA[चातुर्मास ललितपुर]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि सुधा सागर]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल न्यूज]]></category>
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					<description><![CDATA[सराफ परिवार ने बहुत बड़ी सौगात दी हैः निर्यापक श्रमण 108 मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज गंभीर रोगियों को तुरन्त सुलभ होगा उपचार न्यूज़ सौजन्य- राजीव सिंघई ललितपुर। संत शिरोमणि 108 आचार्य भगवन श्री विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य निर्यापक श्रमण 108 मुनि पुंगव श्री सुधा सागर जी महाराज एवं नगर गौरव [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<ul>
<li><strong>सराफ परिवार ने बहुत बड़ी सौगात दी हैः निर्यापक श्रमण 108 मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज</strong></li>
<li><strong>गंभीर रोगियों को तुरन्त सुलभ होगा उपचार</strong></li>
</ul>
<p><span style="color: #ff0000">न्यूज़ सौजन्य- राजीव सिंघई</span></p>
<p><strong>ललितपुर।</strong> संत शिरोमणि 108 आचार्य भगवन श्री विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य निर्यापक श्रमण 108 मुनि पुंगव श्री सुधा सागर जी महाराज एवं नगर गौरव 108 मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज एवं श्री 105 धैर्य सागर जी महाराज व 105 श्री गंभीर सागर जी महाराज के सान्निध्य में बुधवार को श्री दिगंबर जैन पंचायत समिति के अंतर्गत चलने वाले श्री दिगंबर जैन भगवान महावीर नेत्र चिकित्सालय प्रांगण में संत सुधा सागर मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल का शिलान्यास समारोह मुख्य पुण्यार्जक पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष स्वर्गीय श्री कुंदन लाल सर्राफ के सुपुत्र श्री अरविंद सराफ- श्रीमती मीना सराफ व सुपौत्र श्री अंकित सराफ श्रीमती रितु सराफ एवं अर्पित सराफ एवं भगवान महावीर चिकित्सालय की कमेटी के साथ पूजन करके विधि विधान के साथ संपन्न हुआ।</p>
<p>शिलान्यास के बाद भगवान महावीर नेत्र चिकित्सालय व आगामी मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल की प्रेरणा देने वाले निर्यापक श्रमण 108 मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज ने सबको आशीर्वाद देते हुए कहा कि नगरवासियों के लिए यह एक बहुत बड़ी सौगात सराफ परिवार द्वारा दी गई है। अंकित जी ने दिल्ली जाकर भी ललितपुर को ना भूलकर अपने नगर का, जाति का, कुल का एवं स्वयं का मान बढ़ाया है। ललितपुर के लोगों को गर्व करना चाहिए ऐसे परिवार पर, जो एक मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल का निर्माण करा रहे हैं। इससे भविष्य में हजारों लोगों की जानें बचेंगी। अब संत सुधा सागर मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में हृदयरोग विशेषज्ञ एंजियोग्राफी, एनजियोप्लास्टी कर सकेंगे। अचानक हार्ट अटैक आने पर लोगों की जान बच सकेगी। किडनी के मरीजों के लिए डायलिसिस की सुविधा प्रदान की जाएगी तथा अन्य कई रोगों के निदान हेतु हड्डी रोग विशेषज्ञ, दंत रोग विशेषज्ञ ,डिजिटल एक्सरे अत्याधुनिक पैथोलॉजी लैब एवं जांच की मशीनों आदि की स्थापना मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में की जाएगी जिससे अनेकों अनेक रोगियों को लाभ मिलेगा।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-26421" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/08/IMG-20220810-WA0148-300x169.jpg" alt="" width="450" height="253" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/08/IMG-20220810-WA0148-300x169.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/08/IMG-20220810-WA0148-1024x576.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/08/IMG-20220810-WA0148.jpg 1080w" sizes="auto, (max-width: 450px) 100vw, 450px" /></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>भगवान महावीर नेत्र चिकित्सालय अब बनेगा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल</title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/bhagavaan-mahaaveer-netr-chikitsaalay-ab-banega-supar-speshalitee-hospital/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 08 Aug 2022 12:15:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[चातुर्मास ललितपुर]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि सुधा सागर]]></category>
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					<description><![CDATA[10 अगस्त को होगा शिलान्यास 5 मंजिला इमारत बनेगी न्यूज़ सौजन्य-राजीव सिंघई ललितपुर। मुनि पुंगव 108 श्री सुधा सागर जी महाराज के आशीर्वाद से चल रहे भगवान महावीर नेत्र चिकित्सालय मैं अब नेत्र के अलावा अन्य कई रोगों का इलाज संभव होगा। 108 श्री सुधा सागर जी महाराज के आशीर्वाद से नेत्र चिकित्सालय मल्टी सुपर [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<ul>
<li><strong>10 अगस्त को होगा शिलान्यास</strong></li>
<li><strong>5 मंजिला इमारत बनेगी</strong></li>
</ul>
<p><span style="color: #ff0000">न्यूज़ सौजन्य-राजीव सिंघई</span></p>
<p><strong>ललितपुर।</strong> मुनि पुंगव 108 श्री सुधा सागर जी महाराज के आशीर्वाद से चल रहे भगवान महावीर नेत्र चिकित्सालय मैं अब नेत्र के अलावा अन्य कई रोगों का इलाज संभव होगा। 108 श्री सुधा सागर जी महाराज के आशीर्वाद से नेत्र चिकित्सालय मल्टी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में परिवर्तित होगा तथा इसमें 5 मंजिली इमारत बनेगी। विगत दिवस मुनि श्री के समक्ष पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष स्वर्गीय श्री कुंदन लाल सर्राफ जी के पुत्र श्री अरविंद सराफ व पौत्र अंकित सराफ अर्पित सराफ परिवार ने 5 करोड़ रुपए के दान का संकल्प लेकर बहुमंजिली हॉस्पिटल बनाने का संकल्प लिया था जिसका 10 अगस्त को सुबह 9 बजे शाही रोड पर भगवान महावीर नेत्र चिकित्सालय में 108 श्री सुधासागर जी महाराज ससंघ के सान्निध्य में शिलान्यास किया जाएगा।</p>
<p>श्री दिगंबर जैन पंचायत समिति के अध्यक्ष श्री अनिल अंचल ने 108 श्री सुधासागर जी महाराज को जानकारी दी कि ललितपुर में अकस्मात हृदय पर अटैक आने पर युवाओं की मृत्यु इलाज ना मिलने पर हो जाती है। कार्डियक हॉस्पिटल एवं भगवान महावीर नेत्र चिकित्सालय के अध्यक्ष श्री अरविंद जैन ने बताया कि किडनी की खराबी के चलते लोगों को डायलिसिस की आवश्यकता होती है व भगवान महावीर नेरचिकित्सालय के मंत्री श्री रमेश श्री देवेंद्र जैन ने जानकारी दी कि डिजिटल एक्सरे व अल्ट्रासाउंड की आवश्यकता शहर मैं अत्यधिक है। सिटी मशीन होने से लोगों को बहुत राहत मिली है। साथ में डिजिटल एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड की मशीनें भी लगनी चाहिए जिस पर 108 सुधासागर जी महाराज ने जनहित में इन सभी चीजों को हॉस्पिटल बनाने हेतु आशीर्वाद प्रदान किया।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>जिस कार्य को करने पर डर नही लगता है वह अच्छा कार्य है : मुनि श्री सुधासागर जी</title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/jis-kaary-ko-karane-par-dar-nahee-lagata-hai-vah-achchha-kaary-hai-muni-shree-sudhaasaagar-jee/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 07 Aug 2022 08:02:20 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal news]]></category>
		<category><![CDATA[चातुर्मास ललितपुर]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि सुधा सागर]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=26298</guid>

					<description><![CDATA[धर्मसभा में उमड़ रहा श्रद्धालुओं का सैलाब ललितपुर 6 अगस्त। ललितपुर में निर्यापक मुनि शरू सुधासागर जी महाराज ससंघ का चातुर्मास ऐतिहासिक धर्म प्रभावना के साथ चल रहा है। शनिवार को क्षेत्रपाल जैन मंदिर में धर्मसभा को संबोधित करते हुए निर्यापक मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज ने प्रवचन मे कहा की वृक्ष,जल,वायु आदि सभी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>धर्मसभा में उमड़ रहा श्रद्धालुओं का सैलाब</strong></p>
<p><strong>ललितपुर 6 अगस्त।</strong> ललितपुर में निर्यापक मुनि शरू सुधासागर जी महाराज ससंघ का चातुर्मास ऐतिहासिक धर्म प्रभावना के साथ चल रहा है।<br />
शनिवार को क्षेत्रपाल जैन मंदिर में धर्मसभा को संबोधित करते हुए निर्यापक मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज ने प्रवचन मे कहा की वृक्ष,जल,वायु आदि सभी ऊर्जा देता प्रदान करते हैं। जल ऊर्जा देता है, जब हम उसका उपयोग करते हैं ,जब पीते है, तब कम उर्जा देता है,जब हम मुनिराज को अंजुली में जल देते हैं, तब ज्यादा उर्जा देता है , सबसे ज्यादा जल जब हम अभिषेक का जल भरकर अभिषेक करते हैं , महाराज जी के हाथों में गंधोदक देते हैं तब सबसे ज्यादा ऊर्जा मिलती हैं।</p>
<p>बुरे कार्यों से डरें :<br />
मुनिश्री ने कहा कि चोरी, पाप आदि बुरा है सब कुछ‌ जानता हुआ भी आदमी परिस्थिति के अनुसार करता है। पापों से बचना चाहिए। जिस कार्य को करने पर डर लगता है वह पाप है, जिस कार्य को करने पर डर नही लगता है वह अच्छा कार्य है।</p>
<p>मुनिश्री ने कहा कि हमारी प्रत्येक जीव के प्रति संवेदना होनी चाहिए, वृक्ष आदि के प्रति भी हमारी संवेदना होनी चाहिए।यदि हर पर्याय में हम अपना भुतपूर्वपना दिखे तो आपको उसके प्रति संवेदना रहेगी।</p>
<p>इस पंचम काल में तुम्हारा मिथ्यात्व में जन्मलेना उस समय सफल माना जायेगा जब तुम सम्यक दृष्टि होकर मरोगे। आज की विडंबना यह है तुम भगवान से वह मांगते हो जो उसके पास है ही नहीं और जो उसके पास है वह तो लेना ही नहीं चाहते। सच्चे दरवार का यह लक्षण है कि गरीब आता है लेकिन सबसे धनबान बनकर लौटा है लेकिन उसे सच्चे धन की पहचान ही नहीं है वह तो सिर्फ धन दौलत वैभव को ही असली धन समझ रहा है लेकिन जो साथ जाने वाला है धर्म ज्ञान उसकी उसे पहचान ही नहीं है। जिस दिन उसे अपने आराध्य और धर्म ज्ञान की पहचान हो जाएगी उसके पास जीवन की सबसे बड़ी सच्ची दौलत होगी।<br />
उक्त जानकारी ललितपुर से अक्षय अलया व डॉ सुनील संचय ललितपुर ने प्रदान की है।</p>
<p>आज प्रातःकाल आज प्रातःकाल क्षेत्रपाल मंदिर मूलनायक वेदिका पर अभिषेक की मांगलिक क्रियाएँ हुईं इसके उपरान्त शान्तिधारा मुनिश्री के मुखारविन्द से हुई । पादप्रक्षालन एवं दीपप्रज्जवलन के उपरान्त मुनिश्री को शास्त्र भेंट किया ।</p>
<p>धर्मसभा में जैन पंचायत अध्यक्ष अनिल जैन अंचल , महामंत्री डा ० अक्षय टडैया, संयोजक प्रदीप सतरवांस, मंदिर प्रबंधक राजेन्द्र जैन थनवारा , मोदी पंकज जैन , धार्मिक आयोजन संयोजक मनोज बबीना, नरेंद्र कड़की आदि ने अतिथियों का स्वागत किया।</p>
<p>शाम को जिज्ञासा समाधान में अनेक लोगों को जिज्ञासाओं का आगमोक्त समाधान मुनिश्री से प्राप्त हो रहा है जिसका लाइव प्रसारण धार्मिक चेनल पर हो रहा है, जिससे हजारों लोग लाभान्वित हो रहे हैं।</p>
<p>वैयावृत्ति के लिए उमड़ रहे श्रद्धालु : अक्षय अलया व डॉ सुनील संचय ललितपुर ने जानकारी देते हुए बताया कि रात्रि में वैयावृत्ति के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ रहे हैं, आलम यह रहता है कि मुनिश्री की वैयावृत्ति के लिए श्रद्धालुओं की लंबी लाइन लगती है। बाहर से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन ललितपुर पहुँचकर मुनिश्री से आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं।</p>
<p><strong>पूर्व सांसद बनवारी लाल कंछल का सम्मान :</strong><br />
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद बनवारी लाल कंछल जी का ललितपुर जैन समाज द्वारा स्वागत किया गया. उन्होंने मुनि श्री का आशीर्वाद लिया और पाद प्रक्षालन भी किया</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>अपनी जिन्दगी को मत बनाओ अभिशाप-मुनि श्री सुधासागर जी महाराज</title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/apanee-jindagee-ko-mat-banao-abhishaap-muni-shree-sudhaasaagar-jee-mahaaraaj/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 06 Aug 2022 15:30:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal news]]></category>
		<category><![CDATA[चातुर्मास ललितपुर]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि सुधा सागर]]></category>
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					<description><![CDATA[अपने से दुखी को देखकर प्रभु का आभार मानना, हम कितने सुखी हैं क्षेत्रपाल मंदिर, मूलनायक वेदिका पर हुईं अभिषेक की मांगलिक क्रियाएं न्यूज सौजन्य- राजीव सिंघई ललितपुर। आध्यात्मिक संत निर्यापक मुनि श्री सुधासागर जी महाराज ने कहा है कि जो अपनी जिन्दगी से खुश नहीं और उभरने के भाव आएं तो प्रभु का सहारा [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<ul>
<li><strong>अपने से दुखी को देखकर प्रभु का आभार मानना, हम कितने सुखी हैं</strong></li>
<li><strong>क्षेत्रपाल मंदिर, मूलनायक वेदिका पर हुईं अभिषेक की मांगलिक क्रियाएं</strong></li>
</ul>
<p><span style="color: #ff0000">न्यूज सौजन्य- राजीव सिंघई</span></p>
<p><strong>ललितपुर।</strong> आध्यात्मिक संत निर्यापक मुनि श्री सुधासागर जी महाराज ने कहा है कि जो अपनी जिन्दगी से खुश नहीं और उभरने के भाव आएं तो प्रभु का सहारा रखना कल्याण होगा। अपनी जिन्दगी को अभिशाप मत बनाना वरन दुष्ट को बचाने का भाव जीवन में रखना। मुनि श्री ने कहा कि सत्य को पहिचानो। यदि जीवन में गुरु मिल जाए तो जीवन धन्य हो जाएगा।</p>
<p>मुनि श्री ने दुख हरने का उपाय बताते हुए कहा कि जो तुम्हें चाहिए, वह भगवान के सामने पहुंचकर प्रभु के आनंद देखकर आनंद माना चाहिए। उनके वैभव से खुश होना चाहिए। अपने बुरे भाग्य को भूल जाओ और प्रभु को निहारो। जैसे कृष्णजी के वैभव से दुःखी सुदामा अपन दुख को भूल गए। अपने आप को पहचानोय़ तुममें खुद अतिशय है। भगवान के सामने दुखी मत होना वरन अपना दुःख भूलकर प्रभु के सुख मे शामिल हो जाओ। अपने आप को सौभाग्यशाली मानो जिन्दगी का दुख मिट जाएगा।</p>
<p>मुनि श्री ने कहा कि जिन्दगी को कभी कोसना नहीं। अपने आप पर गर्व करो। यदि मन हताश हो जाए तो अपने से दुखी के पास जाना और उसका दुख देखकर प्रभु का आभार मानना कि हम कितने सुखी हैं।</p>
<p><strong><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-26260" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/08/IMG-20220806-WA0199-300x154.jpg" alt="" width="450" height="230" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/08/IMG-20220806-WA0199-300x154.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/08/IMG-20220806-WA0199-1024x524.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/08/IMG-20220806-WA0199.jpg 1280w" sizes="auto, (max-width: 450px) 100vw, 450px" /></strong></p>
<p><strong>शुक्रवार को प्रातःकाल क्षेत्रपाल मंदिर</strong> मूलनायक वेदिका पर अभिषेक की मांगलिक क्रियाएं हुईं जिसका पुर्ण्याजन पन्नालाल बैनाडा परिवार आगरा एवं खजुरिया परिवार ललितपुर द्वारा किया गया। इसके उपरान्त शान्तिधारा मुनि श्री के मुखारविन्द से हुई। पादप्रक्षालन एवं दीपप्रज्जवलन के उपरान्त मुनि श्री को श्रावकों ने शास्त्र भेंट किया। मुनि सुधासागर महाराज एवं नगर गौरव मुनि पूज्य सागर महाराज ने उपवास की साधना की। ऐलक धैर्य सागर महाराज को पडगाहन राजकुमार जैन<br />
लागौन एडवोकेट परिवार एवं क्षुल्लक गंभीर सागर महाराज को ब्रह्मचारिणी सीमा दीदी, पंकज अंगरा परिवार को पडगाहन का पुर्ण्याजन मिला। धर्मसभा में प्रमुख रूप से जैन पंचायत अध्यक्ष अनिल जैन अंचल, महामंत्री डा. अक्षय टडैया, मंदिरप्रबंधक राजेन्द्र जैन थनवारा, मोदी पंकज जैन, धार्मिक आयोजन संयोजक मनोज बबीना, मीडिया प्रभारी अक्षय अलया, निर्माण समिति प्रमुख शीलचंद अनौरा, अखिलेश गदयाना, कोमलदादा, अरविन्द जैन आप्टीशियन, अशोक दैलवारा, जिनेन्द्र जैन डिस्को, संजीव जैन ममता स्पोर्ट आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।</p>
<p><strong>29 वां श्रावक संस्कार शिविर का लोकार्पण</strong><br />
निर्यापक मुनि सुधासागर महाराज के सान्निध्य में 29वां श्रावक संस्कार शिविर का लोकार्पण जिज्ञासा समाधान के दौरान पंचायत के महामंत्री डा. अक्षय टडैया एवं शिविर पुर्ण्याजक सिंघई अजित जैन गदयाना परिवार द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। शिविर निर्देशक हुकुमचंद जैन काका कोटा एवं दिनेश गंगवाल के नेतृत्व में लगने वाले शिविर के मुख्य संयोजक अविनाश सिंघई, राजीव जैन लकी एवं अंशुल जैन ने मुनि श्री को श्रीफल अर्पित कर शिविर को अतिभव्य बनाने का संकल्प लिया कार्यक्रम का संचालन आलोक मोदी शास्त्री द्वारा किया गया।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>विपत्ति में धैर्य और प्रभु भक्ति ही सहाराः मुनि श्री सुधासागर जी</title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/vipatti-mein-dhairy-aur-prabhu-bhakti-hee-sahaaraah-muni-shree-sudhaasaagar-jee/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 03 Aug 2022 05:30:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि सुधा सागर]]></category>
		<category><![CDATA[ललितपुर चातुर्मास]]></category>
		<category><![CDATA[विद्वान]]></category>
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					<description><![CDATA[भक्ताम्मर स्त्रोत का पाठ असीम शक्ति का पुंज क्षेत्रपाल मंदिर पर हुईं अभिषेक की मांगलिक क्रियाएं ललितपुर। आध्यात्मिक संत निर्यापक मुनि श्री सुधासागर महाराज ने विपत्ति में धैर्य धारणकर अपने आराध्य देव प्रभु और शास्त्रों में वर्णित उपदेशों पर चलने की सीख दी है। उन्होंने कहा कि यदि आप पत्थर पर भी श्रद्धा रखते हैं [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<ul>
<li><strong>भक्ताम्मर स्त्रोत का पाठ असीम शक्ति का पुंज</strong></li>
<li><strong>क्षेत्रपाल मंदिर पर हुईं अभिषेक की मांगलिक क्रियाएं</strong></li>
</ul>
<p><strong>ललितपुर।</strong> आध्यात्मिक संत निर्यापक मुनि श्री सुधासागर महाराज ने विपत्ति में धैर्य धारणकर अपने आराध्य देव प्रभु और शास्त्रों में वर्णित उपदेशों पर चलने की सीख दी है। उन्होंने कहा कि यदि आप पत्थर पर भी श्रद्धा रखते हैं तो उसमें भी देवता नजर आते हैं। उसीका पुण्य रहता है कि बडी बडी मुसीबतों का पहाड़ भी धूल के गुबार की तरह बिखर जाता है। उन्होंने भक्ताम्मर स्त्रोत के पाठ को असीम शक्ति का पुंज बताते हुए कहा, बस श्रद्धा की जरूरत है। उस पर श्रद्धा से अमल करो तो जिन्दगी में कितनी भी बड़ी मुसीबत आ जाए, वह तुम्हारा कुछ नहीं बिगाड़ सकती है।</p>
<p>मुनि श्री ने बेटी- बचाओ अभियान के तहत बेटियों को संरक्षित और सुरक्षित करने की सीख देते हुए कहा कि बेटियों को कोसना नहीं है। तुम्हारे पास जो भी है, वह अच्छा मानकर अपना लेना। आपके अच्छे दिन आ जाएंगे। कोसने को जिन्दगी का अभिशाप बताते हुए उन्होंने कहा कि अपनी शक्ति को पहचानो। जब आप दूसरे के बारे में अच्छा सोचेंगे तो वह भी तुम्हारा भला सोचेगा।<br />
मंगलवार को प्रातःकाल क्षेत्रपाल मंदिर, मूलनायक वेदिका पर अभिषेक की मांगलिक क्रियाएं हुईं। इसके उपरान्त शान्तिधारा मुनि श्री के मुखारविन्द से हुई। पादप्रक्षालन एवं दीपप्रज्जवलन के उपरान्त मुनि श्री को श्रावकों ने शास्त्र भेंट किया। कार्यक्रम का संचालन महामंत्री डा. अक्षय टडैया ने किया। मुनि सुधासागर महाराज को पडगाहन प्रदीप सिंघई सीएससी परिवार, मुनि पूज्य सागर महाराज को पडगाहन सुमित जैन मिठयाए, ऐलक धैर्य सागर महाराज को पडगाहन हीरालाल जसबंत जैन बंट परिवार एवं क्षुल्लक गंभीर सागर महाराज को पडगाहन अभय जैन पारौल परिवार को मिला।</p>
<p><strong>श्रमण संस्कृति के रक्षक स्नातक विद्वान</strong><br />
श्रमण संस्कृति संस्थान, सांगानेर जयपुर अन्तर्गत संचालित स्नातक परिषद के विद्वानों के दसलक्षण धर्म प्रवचन प्रशिक्षण ऑनलाइन के माध्यम से एक माह के कार्यक्रम का विमोचन मुनि सुधासागर महाराज के ससंघ सान्निध्य में जैन पंचायत के अध्यक्ष अनिल जैन अंचल के साथ स्थानीय विद्वान मुकेश शास्त्री, आलोक मोदी, डा. सुनील जैन संचय, डा. आलोक<br />
शास्त्री रानू, राजेश शास्त्री, सचिन शास्त्री आनंद शास्त्री बार, विकास शास्त्री आदि ने संयुक्त रूप से किया। इस मौके पर मुनि श्री ने आशीर्वाद देते हुए कहा कि स्नातक विद्वान पर्यूषण पर्व पर समाज के बीच श्रमण संस्कृति की रक्षार्थ, जो कार्य कर रहे हैं, वह प्रशंसनीय है।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>पुण्यहीन व्यक्ति नहीं पहुंच पाता प्रभु चरणों तकः मुनि सुधासागर जी</title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/punyaheen-vyakti-nahin-pahunch-paata-prabhu-charanon-takah-muni-sudhaasaagar-jee/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 30 Jul 2022 15:42:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal news]]></category>
		<category><![CDATA[चातुर्मास ललितपुर]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि सुधा सागर]]></category>
		<category><![CDATA[वर्ल्ड रिकार्ड इंडिया]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल न्यूज]]></category>
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					<description><![CDATA[क्षेत्रपाल मंदिर मूलनायक वेदिका पर अभिषेक की मांगलिक क्रियाएं मुनिश्री ने कहा, गलत आचरण में लिप्त रहने वालों का होता है पुण्य क्षीण ललितपुर। स्थानीय क्षेत्रपाल मंदिर में धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव सुधासागर जी महाराज ने कहा है कि भगवान का अतिशय इतना तीव्र रहता है कि पुण्यहीन व्यक्ति प्रभु के [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<ul>
<li><strong>क्षेत्रपाल मंदिर मूलनायक वेदिका पर अभिषेक की मांगलिक क्रियाएं</strong></li>
<li><strong>मुनिश्री ने कहा, गलत आचरण में लिप्त रहने वालों का होता है पुण्य क्षीण</strong></li>
</ul>
<p><strong>ललितपुर।</strong> स्थानीय क्षेत्रपाल मंदिर में धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव सुधासागर जी महाराज ने कहा है कि भगवान का अतिशय इतना तीव्र रहता है कि पुण्यहीन व्यक्ति प्रभु के चरणों तक नहीं पहुंच सकता। और न ही पाप का पैसा मंदिर के कार्य में चाहते हुए भी लग पाता है। व्यक्ति हिंसा, जुआ, मांसखेारी और गलत आचरण में लिप्त रहता है जिससे पुण्य क्षीण होता जाता है और देखते ही देखते ऐसे लोग कंगाल हो जाते हैं। यह उनके द्वारा पूर्व में किए गए अशुभ कर्म का परिणाम है।<br />
मुनिश्री ने कहा कि जैन दर्शन हिंसा, चोरी, कुशील को पाप का कारण बताते हुए धर्म का मार्ग बताता है जिसको अपनाने से वर्तमान तो संवरता ही है, साथ ही असीम पुण्य का संचय भी होता है। गुरु से कपट करने पर दद्रिता बताई गई है, इसकी हानि से बचना चाहिए।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-25955" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/07/30-1-300x202.jpg" alt="" width="450" height="303" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/07/30-1-300x202.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/07/30-1-1024x689.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/07/30-1.jpg 1600w" sizes="auto, (max-width: 450px) 100vw, 450px" /></p>
<p>शनिवार प्रातःकाल क्षेत्रपाल मंदिर मूलनायक वेदिका पर अभिषेक की मांगलिक क्रियाएं हुईं। इसके उपरान्त शान्तिधारा मुनिश्री के मुखारविन्द से हुई। पादप्रक्षालन एवं दीपप्रज्जवलन कर पुर्ण्याजक परिवार एवं श्राविकाओं ने मुनि श्री को शास्त्र भेंट किया। धर्मसभा का संचालन महामंत्री डा. अक्षय टडैया ने किया। प्रातःकाल से मुनि संघ की भक्ति, पूजन, आहार चर्या, आचार्य भक्ति जिज्ञासा समाधान में शामिल होने के लिए श्रावकों की भीड़ उमड़ रही है। जिज्ञासा समाधान कार्यक्रम में ऑनलाइन जिज्ञासाएं मुनि पूज्यसागर महाराज के माध्यम से की जा रही हैं जिसका समाधान निर्यापक मुनि श्री द्वारा किया जा रहा है। कार्यक्रम का संचालन जैन पंचायत अध्यक्ष अनिल जैन अंचल एवं आलोक शास्त्री ने किया।</p>
<pre style="text-align: center;"><strong>बडॉ मंदिर निर्माण कार्य को मिला मुनि श्री का आशीर्वाद
<img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-25954" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/07/20220730_210604-293x300.jpg" alt="" width="450" height="461" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/07/20220730_210604-293x300.jpg 293w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/07/20220730_210604.jpg 607w" sizes="auto, (max-width: 450px) 100vw, 450px" /></strong>

प्रातःकाल निर्यापक मुनि श्री सुधासागर महाराज क्षेत्रपाल मंदिर जी से महावीरपुरा स्थित आदिनाथ दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर पहुंचे जहां श्रद्धालुओं ने आरती उतारकर उनका पाद प्रक्षालन किया। मुनि श्री ने नगर के अति प्राचीन जैन बडे़ मंदिर में आदिनाथ भगवान के सम्मुख दर्शन किए। उन्होंने बडे़ बाबा की महिमा बताते हुए कहा कि यहां बडे़ बाबा का अतिशय लेविल कई गुना है। अभिषेक के उपरान्त शान्तिधारा हुई जिसका पुर्ण्याजन अधिवक्ता कुशलचंद जैन, गौरव, सौरभ जैन बैद्य परिवार एवं राजेश जैन, रूपेश जैन -हजयोजिया परिवार ने किया। शान्तिधारा के उपरान्त मुनि श्री ने जैन बड़ा मंदिर में चल रहे निर्माण कार्यों को देखा और मार्गदर्शन कर आशीर्वाद प्रदान किया। इस मौके पर बड़ा मंदिर प्रबंधक अजित जैन गदयाना, अकलंक जैन, अजय जैन साइकिल, अविनाश सिंघई, अन्तिम पारौल, नरेन्द्र जैन छोटे पहलवान, मुकेश सराफ, संजीव जैन ममता, जिनेन्द्र जैन रजपुरा, महेन्द्र चौधरी आदि मौजूद रहे।</pre>
<p><strong>अन्नपूर्णा भोजनशाला मुनि श्री के आशीर्वाद से हुई पवित्र</strong></p>
<p>जिला अस्पताल परिसर, ललितपुर में अन्नपूर्णा सेवा संघ द्वारा चलाई जा रही भोजनशाला में जगतपूज्य मुनि श्री सुधासागर महराज का आशीर्वाद संचालन कमेटी को मिला। अध्यक्ष अमित प्रिय जैन ने बताया अन्नपूर्णा सेवा संघ द्वारा 2016 से संचालित भोजनशाला में सुबह- शाम दोनों समय लगभग 800-900 लोगों को भोजन कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त अन्नपूर्णा आक्सीजन बैंक के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को जहां निःशुल्क आक्सीजन दी जा रही है, वहीं मरीजों के लिए निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से सुविधाएं प्रदान की जा रही है।</p>
<p><strong>मुनिश्री की अगवानी वर्ल्ड रिकार्ड इंडिया में शामिल</strong></p>

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<a class="herald-popup" href='https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/07/rikard-2.jpg'><img loading="lazy" decoding="async" width="221" height="313" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/07/rikard-2.jpg" class="attachment-herald-lay-c1 size-herald-lay-c1" alt="" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/07/rikard-2.jpg 905w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/07/rikard-2-212x300.jpg 212w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/07/rikard-2-724x1024.jpg 724w" sizes="auto, (max-width: 221px) 100vw, 221px" /></a>

<p>ललितपुर नगर में पिछले दिनों हुई भव्य नगर अगवानी वर्ल्ड रिकार्ड इंडिया में दर्ज हुई है। कवरेज वर्ल्ड रिकार्ड इंडिया की टीम ने ललितपुर पहुंचकर किया था। टीम ने देखा कि अब तक किसी संत की अगवानी में सबसे ज्यादा पुरुषों द्वारा सफेद वस्त्र एवं महिलाओं द्वारा केशरिया वस्त्र पहने गए थे। इतनी विशाल अगवानी को वर्ल्ड रिकार्ड इंडिया द्वारा रिकार्ड में शामिल किया गया है, जिसका प्रमाणपत्र दिया गया है। यह जानकारी अक्षय अलया व डॉ. सुनील संचय ललितपुर ने दी है।</p>
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