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	<title>मुनि श्री सुधासागर &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
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	<title>मुनि श्री सुधासागर &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>जीवन में पाप दुखदाई इनको छोडे बगैर कल्याण नहीं :  समवशरण में हुई मुनि श्री सुधासागर जी की दिव्यदेशना, प्रतिमाओं में हुए सूर्यमंत्र के संस्कार </title>
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		<pubDate>Mon, 09 Mar 2026 08:57:12 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[श्रीमज्जिनेन्द्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में ज्ञान कल्याण पर मुनि श्री सुधासागर महाराज ने तीर्थंकर आदिनाथ इस युग के धर्म तीर्थ प्रवर्तक और राजा श्रेयांस दान तीर्थ प्रवर्तक बताते हुए कहा कि महान आत्माए दूसरों का कल्याण किए बिना अपना कल्याण नहीं करती। ललितपुर से पढ़िए, यह खबर&#8230; ललितपुर। श्रीमज्जिनेन्द्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में ज्ञान कल्याण [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>श्रीमज्जिनेन्द्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में ज्ञान कल्याण पर मुनि श्री सुधासागर महाराज ने तीर्थंकर आदिनाथ इस युग के धर्म तीर्थ प्रवर्तक और राजा श्रेयांस दान तीर्थ प्रवर्तक बताते हुए कहा कि महान आत्माए दूसरों का कल्याण किए बिना अपना कल्याण नहीं करती। <span style="color: #ff0000">ललितपुर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>ललितपुर</strong>। श्रीमज्जिनेन्द्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में ज्ञान कल्याण पर मुनि श्री सुधासागर महाराज ने तीर्थंकर आदिनाथ इस युग के धर्म तीर्थ प्रवर्तक और राजा श्रेयांस दान तीर्थ प्रवर्तक बताते हुए कहा कि महान आत्माए दूसरों का कल्याण किए बिना अपना कल्याण नहीं करती। जब हम बुरे निमित्त से प्रभावित होंगे, बुरा होगा, संसार बुरा नहीं है। हर व्यक्ति तुम्हारे साथ बुरा कर रहा लेकिन घबराना नहीं अगर संसार के भय से डर रहे हो तो गलत है। मुनि श्री ने स्त्रियों की वेषभूषा पर व्यंग करते हुए कहा कि वह भेष धारण मत करो। जिससे दुनिया के परिणाम बिगड़ें। मुनि श्री ने आहार दान के प्रसंग में बताया कि आज ज्ञान कल्याणक का वह दिन है मुनिराज आदि सागर जी ने मुनि दीक्षा के छह माह वाद आहारग्रहण किया। उस समय श्रावक मुनिराज की आहार विधि भी नहीं जानते थे। उन्होंने श्रावकों को प्रेरित किया कि दुर्व्यसन गुटका आदि का त्याग कर जीवन को संयमी बनाए।</p>
<p><strong>लोकार्पण पुण्यार्जक परिवार ने किया</strong></p>
<p>इसके पूर्व प्रातःकाल श्री जी का अभिषेक शांतिधारा के उपरान्त ज्ञान कल्याणक की पूजन हुआ। इसके उपरांत प्रतिष्ठाचार्य बालब्रहमवारी प्रदीप भैया सुयश ने मुनिराज आदिसागर की आहारचर्या की विधि कराई। मध्यान्ह में श्रीमज्जिनेन्द्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में अयोध्यापुरी में समवशरण की रचना हुई। जिसका लोकार्पण पुण्यार्जक परिवार ने किया। समवशरण में विराजित देव शास्त्र गुरु की पूजन करने वैमानिक, कल्पवासी, व्यंतर, भवनवासी देवगण पहुंचे। जिन्होंने समवशरण में अपनी मनोकामना की पूर्ति की भावना से पूजन उपस्थित इन्द्र इन्द्राणियों के साथ की।</p>
<p>इस मौके पर समोवशरण से निर्यापक श्रवण मुनि सुधासागर महाराज ने संसार को नश्वर बताते हुए कहा सारी दुनिया को समझो जीवन अर्थ के अभाव में अनर्थ हो रहा है वह भूल जाता है कि उसका प्रयोजन करने से कितना अनर्थ हो जाता है। भक्त की भक्ति भगवान बनने की रहती है लेकिन इसका दुरूपयोग करके वह सर्वनाश कर लेता है। उन्होने कहा मोक्ष मार्ग के लिए कर्मों का क्षय कर मुनिव्रत पालन करना है लेकिन अर्थ किया के अभाव में भटक जाता है और प्रयोजन का स्वरूप भूल जाता है। महाराज श्री ने कहा जैन दर्शन जीवन में जोडने की शिक्षा देता है काटने की नहीं भगवान आदिनाथ ने असि कृषि और मसी की शिक्षा देकर श्रावक के छह आवश्यक बताए और कहा पाप दुखदाई है परिग्रह युक्त हैं इनको छोड़े वगैर पुण्य नही होगा। उन्होने पंचकल्याणक से सीख लेते हुए जीवन को संस्कारित बनाने की प्रेरणा दी।</p>
<p><strong>इच्छुरस वितरित किया गया</strong></p>
<p>सायंकाल सायंकाल जिज्ञासा समाधान के दौरान मुनि श्री ने श्रावकों द्वारा की गई जिज्ञासाओं का सम्यक समाधान किया। आचार्य भक्ति जिज्ञासा समाधान के उपरान्त सांस्कृतिक कार्यक्रमों का मंचन सत्येन्द्र शर्मा एण्ड पार्टी दिल्ली के कलाकारों द्वारा प्रस्तुति की गई। मुनिराज आदिकुमार के आहार के उपलक्ष्य में सानत इन्द्र आनद जैन साइकिल परिवार द्वारा इच्छुरस वितरित किया गया। आयोजन की व्यवस्थाओं को सतोदय तीर्थ सेरोन अध्यक्ष सतीश जैन बंटी, महामंत्री सिंघई मनोज जैन, कोषाध्यक्ष विजय जैन लागौन, अरविन्द जैन बरोदा, अजय जैन जखौरा, आनंद जैन साइकिल, नीतेश विलौआ, अमितेश जैन, मुकेश जैन नेता, राजेन्द्र मिठ्या, श्रयांस जैन गदयाना, अरूण जैन, अजय जैन, अभय जैन, अमित जैन, प्रदीप जैन, अवध किशोर जैन के अतिरिक्त जैन पंचायत के अध्यक्ष डा० अक्षय टडया, महामंत्री आकाश जैन, संयोजक सनत खजुरिया समेत पूरी टीम द्वारा संयोजित की जा रही हैं।</p>
<p><strong>भगवान का मोक्षकल्याणक एवं गजस्थ परिक्रमा</strong></p>
<p>पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में 9 मार्च नैमेत्तिक अभिषेक पूजन के बाद प्रात: 7.29 बजे भगवान आदिनाथ को कैलाश पर्वत से मोक्ष गमन तत्पश्चात अग्निकुमार देवों का आगमन, प्रभु के नख केश का विसर्जन मुनि श्री के मांगलिक प्रवचनों के उपरान्त मोक्षकल्यणक पूजन एवं विश्वशान्ति हवन होगा। उक्त जानकारी देते हुए मीडिया प्रभारी अक्षय अलया ने बताया कि दोपहर 12-30 बजे गजरथ परिक्रमा मुनि श्री के प्रवचन तदुपरान्त सायंकाल 6 बजे आचार्य भक्ति जिज्ञासा समाधान होगा।</p>
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		<title>श्रीफल भेंट कर चातुर्मास के लिए किया निवेदन : मुनि श्री सुधासागर जी से लिया आशीर्वाद </title>
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		<pubDate>Mon, 02 Dec 2024 07:12:20 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[ मप्र बार काउंसिल के चेयरमैन विजय जैन चौधरी एडवोकेट ने जगतपूज्य मुनि सुधासागर जी महाराज से श्रीफल भेंट कर चातुर्मास हेतु निवेदन किया।मोराजी, सागर में जगत श्रेष्ठ निर्यापक श्रवण मुनि पुंगव 108 सुधासागर जी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए मप्र बार काउंसिल के चेयरमैन विजय जैन चौधरी एडवोकेट पहुंचे। पढ़िए राजीव सिंघई की [&#8230;]]]></description>
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<p><strong> मप्र बार काउंसिल के चेयरमैन विजय जैन चौधरी एडवोकेट ने जगतपूज्य मुनि सुधासागर जी महाराज से श्रीफल भेंट कर चातुर्मास हेतु निवेदन किया।मोराजी, सागर में जगत श्रेष्ठ निर्यापक श्रवण मुनि पुंगव 108 सुधासागर जी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए मप्र बार काउंसिल के चेयरमैन विजय जैन चौधरी एडवोकेट पहुंचे। <span style="color: #ff0000">पढ़िए राजीव सिंघई की विशेष रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>भोपाल।</strong> मप्र बार काउंसिल के चेयरमैन विजय जैन चौधरी एडवोकेट ने जगतपूज्य मुनि सुधासागर जी महाराज से श्रीफल भेंट कर चातुर्मास हेतु निवेदन किया।</p>
<p>मोराजी, सागर में जगत श्रेष्ठ निर्यापक श्रवण मुनि पुंगव 108 सुधासागर जी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए मप्र बार काउंसिल के चेयरमैन विजय जैन चौधरी एडवोकेट पहुंचे। दोनों महान विभूतियां अपने-अपने क्षेत्र में सर्वोच्चता प्राप्त कर चुकी हैं। एडवोकेट विजय चौधरी ने मुनि श्री से भोपाल में चातुर्मास करने का निवेदन किया और साथ ही उन्हें श्रीफल भेंट किया। इस अवसर पर लाल घाटी नंदीश्वर द्वीप ट्रस्ट के पदाधिकारी प्रमोद चौधरी, चक्रेश चौधरी, मनोज चौधरी, राजीव जैन गेहूं, विवेक जैन, शील चंद लचकया, विकास जैन और अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित थे।</p>
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		<title>अंतरराष्ट्रीय लोकोदय तीर्थक्षेत्र पर हुआ आयोजन :  भव्य समारोह में हुआ मुनि श्री सुधासागर महाराज ससंघ का पिच्छिका परिवर्तन </title>
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		<pubDate>Tue, 09 Jan 2024 10:56:25 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आगरा-मथुरा नेशनल हाईवे पर स्थित अन्तरराष्ट्रीय लोकोदय तीर्थक्षेत्र की भूमि पर निर्यापक श्रमण मुनिपुंगवश्री सुधासागर जी महाराज एवं क्षुल्लक श्री गंभीरसागर जी महाराज ससंघ के मंगल सानिध्य में भव्य पिच्छिका परिवर्तन समारोह का आयोजन किया गया। धु के पास तीन उपकरण के अलावा और कुछ भी नहीं होता। पिच्छिका, कमंडल और शास्त्र इन तीन उपकरणों [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>आगरा-मथुरा नेशनल हाईवे पर स्थित अन्तरराष्ट्रीय लोकोदय तीर्थक्षेत्र की भूमि पर निर्यापक श्रमण मुनिपुंगवश्री सुधासागर जी महाराज एवं क्षुल्लक श्री गंभीरसागर जी महाराज ससंघ के मंगल सानिध्य में भव्य पिच्छिका परिवर्तन समारोह का आयोजन किया गया। धु के पास तीन उपकरण के अलावा और कुछ भी नहीं होता। पिच्छिका, कमंडल और शास्त्र इन तीन उपकरणों के माध्यम से ही वे अपनी जीवन भर साधना करते रहते हैं। <span style="color: #ff0000;">पढ़िए शुभम जैन की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>आगरा।</strong> आगरा-मथुरा नेशनल हाईवे पर स्थित अन्तरराष्ट्रीय लोकोदय तीर्थक्षेत्र की भूमि पर निर्यापक श्रमण मुनिपुंगवश्री सुधासागर जी महाराज एवं क्षुल्लक श्री गंभीरसागर जी महाराज ससंघ के मंगल सानिध्य में भव्य पिच्छिका परिवर्तन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के चित्र का अनावरण कर दीप प्रज्वलन के साथ किया। बाहर से पधारे गुरुभक्तों ने मुनिश्री के चरणों का पाद प्रक्षालन किया।</p>
<p>इस दौरान ग्वालियर, धौलपुर, सागर, अशोकनगर, ललितपुर, झांसी, एत्मादपुर टूंडला, कानपुर, भोपाल के सकल जैन समाज ने मुनिसंघ के समक्ष श्रीफल भेंट कर मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम के मध्य में अशोक नगर के श्री दिगंबर जैन युवा वर्ग और बालिका मण्डल ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। इसके बाद चंदयान के माध्यम से मुनिपुंगवश्री की नवीन पिच्छी पन्नालाल बैनाड़ा परिवार ने प्रदान की और मुनि श्री की पुरानी पिच्छी प्राप्त करने का सौभाग्य महेश छाबड़ा परिवार ने प्राप्त किया। क्षुल्लकश्री गंभीर सागर जी महाराज को नवीन पिच्छी प्रदान करने का सौभाग्य मोहिताश जैन, मंजू जैन, महेश जैन, सुधा जैन, संजीव जैन, परिवार बोदला सेक्टर 4 आगरा को प्राप्त हुआ एवं क्षुल्लकश्री की पुरानी पिच्छी प्राप्त करने का सौभाग्य दिनेश जैन एवं बबिता जैन परिवार वालों ने प्राप्त किया l</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-54188" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/01/WhatsApp-Image-2024-01-09-at-4.13.24-PM.jpeg" alt="" width="1280" height="852" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/01/WhatsApp-Image-2024-01-09-at-4.13.24-PM.jpeg 1280w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/01/WhatsApp-Image-2024-01-09-at-4.13.24-PM-300x200.jpeg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/01/WhatsApp-Image-2024-01-09-at-4.13.24-PM-1024x682.jpeg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/01/WhatsApp-Image-2024-01-09-at-4.13.24-PM-768x511.jpeg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/01/WhatsApp-Image-2024-01-09-at-4.13.24-PM-414x276.jpeg 414w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/01/WhatsApp-Image-2024-01-09-at-4.13.24-PM-470x313.jpeg 470w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/01/WhatsApp-Image-2024-01-09-at-4.13.24-PM-640x426.jpeg 640w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/01/WhatsApp-Image-2024-01-09-at-4.13.24-PM-130x86.jpeg 130w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/01/WhatsApp-Image-2024-01-09-at-4.13.24-PM-187x124.jpeg 187w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/01/WhatsApp-Image-2024-01-09-at-4.13.24-PM-990x659.jpeg 990w" sizes="(max-width: 1280px) 100vw, 1280px" /></p>
<p><strong>संयम उपकरण है पिच्छिका</strong></p>
<p>इस अवसर पर निर्यापक मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी ने प्रवचन में कहा कि दिगंबर जैन साधु के पास तीन उपकरण के अलावा और कुछ भी नहीं होता। पिच्छिका, कमंडल और शास्त्र इन तीन उपकरणों के माध्यम से ही वे अपनी जीवन भर साधना करते रहते हैं, संयमोपकरण जिसे पिच्छिका कहते हैं, यह पिच्छिका मोर पंखों से निर्मित होती है। मोर स्वत: ही इन पंखों को वर्ष में तीन बार छोड़ते हैं। उन्हीं छोड़े हुए पंखों को इकट्‌ठा करके श्रावकगण पिच्छिका का निर्माण करते हैं।</p>
<p>पिच्छिका के माध्यम से मुनिराज अपने संयम का पालन करते हैं। जब कहीं उठते-बैठते हैं तो तब उस समय जमीन एवं शरीर का पिच्छिका के माध्यम से परिमार्जन कर लेते हैं, ताकि जो आंखों से दिखाई नहीं देते, ऐसे जीवों का घात न हो सके। ये पिच्छिका उस समय भी उपयोग करते हैं, जब शास्त्र या कमंडल को रखना या उठाना हो।</p>
<p>जहां शास्त्र या कमंडल रखना हो, वहां पर जमीन पर सूक्ष्म जीव रहते हैं जिन्हें हम आखों से नहीं देख सकते, तो पिच्छिका से उन जीवों का परिमार्जन कर दिया जाता है, ताकि उन्हें किसी प्रकार का कष्ट न पहुंचे। यह पिच्छिका इतनी मृदु होती है कि इसके पंख आंख के ऊपर स्पर्श किए जाएं तो वह आंखों में नहीं चुभते और जब इन पंखों में लगभग एक साल के भीतर यह मृदुता कम होने लगती है तो इस पिच्छिका को बदल लिया जाता है। इस कार्यक्रम को पिच्छिका परिवर्तन के नाम से जाना जाता है।</p>
<p><strong>ये रहे मौजूद</strong></p>
<p>कार्यक्रम का संचालन मनोज जैन और प्रदीप जैन शास्त्री ने किया। इस अवसर पर प्रदीप जैन पीएनसी, मनोज जैन बाकलीवाल, नीरज जैन जिनवाणी, निर्मल मोठ्या, पन्नालाल बैनाड़ा, हीरालाल बैनाड़ा, राजेश सेठी, अमित जैन बॉबी, पंकज जैन, अनिल जैन शास्त्री, रुपेश जैन, उत्तमचंद जैन, दिलीप जैन, के.के जैन, राजेश बैनाड़ा, पंकज जैन, विवेक बैनाड़ा, शैलेंद्र जैन, विजय धूर्र, अरुण जैन शास्त्री, प्रवीन जैन नेता जी, नरेश जैन, अनिल जैन, दीपक जैन, चक्रेश जैन, मीडिया प्रभारी शुभम जैन, राहुल जैन, उषा मोठ्या, उमा मोठ्या, ममता बाकलीवाल, बीना बैनाड़ा, सोनल जैन सहित आगरा सकल जैन समाज की शैलियों के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।</p>
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		<title>प्रवचन के माध्यम से बताया आहारदान का महत्व : बरसात, हवा, कर्म और साधु कब आ जाए, पता नहीं &#8211; मुनिश्री सुधासागर </title>
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		<pubDate>Sat, 22 Jul 2023 10:45:38 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जब आप मकान बनवाते हैं तो उसमें विभिन्न विषयक अलग-अलग कमरे बनवाते हैं लेकिन आप साधुओं के लिए आहारशाला या स्वाध्याय के लिए अलग से कमरा नहीं बनवाते। दिगम्बर साधु के पड़गाहन मात्र से भारी पुण्य का आश्रव होता है। ये विचार मुनिपुंगव सुधासागर जी महाराज ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>जब आप मकान बनवाते हैं तो उसमें विभिन्न विषयक अलग-अलग कमरे बनवाते हैं लेकिन आप साधुओं के लिए आहारशाला या स्वाध्याय के लिए अलग से कमरा नहीं बनवाते। दिगम्बर साधु के पड़गाहन मात्र से भारी पुण्य का आश्रव होता है। ये विचार मुनिपुंगव सुधासागर जी महाराज ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। <span style="color: #ff0000;">पढ़िए मनोज नायक की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
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<p><strong>आगरा।</strong> जब आप मकान बनवाते हैं तो उसमें विभिन्न विषयक अलग-अलग कमरे बनवाते हैं लेकिन आप साधुओं के लिए आहारशाला या स्वाध्याय के लिए अलग से कमरा नहीं बनवाते। दिगम्बर साधु के पड़गाहन मात्र से भारी पुण्य का आश्रव होता है। ये विचार श्री महावीर दिगम्बर जैन इन्टर कॉलेज, हरीपर्वत परिसर आगरा में वर्षायोगरत निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव सुधासागर जी महाराज ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।</p>
<p><strong>चौका लगाने का बताया महत्व</strong></p>
<p>पूज्य मुनिपुंगव श्रमण सुधासागर महाराज ने आहार दान के महत्व के संदर्भ में कहा कि मुनिराज को नमोस्तु तो हर चलता फिरता करता है, परन्तु असली नमोस्तु तो वह है जो नवधाभक्ति के समय पडगाहन करते हुए होता है। उन्होंने चौका लगाने का महत्व बताते हुये कहा कि चौका लगाकर, मात्र पडगाहन पर खडे़ होने से ही 75% अंक श्रावक के खाते में आ जाते हैं, चाहे मुनिराज आएं या नहीं आएं। उन्होंने बताया कि बिना नवधा भक्ति किए जो लोग चौकों में आकर हथेली पर ग्रास रखना चाहते हैं, उन्हे मात्र 25% अंक समान ही पुण्य मिलता है।</p>
<p><strong>धर्मशाला बनवाएं</strong></p>
<p>उन्होंने हर श्रावक और हर मन्दिर से आह्वान किया कि अगर घर बना रहे हैं, तो एक कक्ष साधु के आहार देने योग्य बनाएं और अगर मन्दिर बना रहे हैं तो साथ में साधु के लिये सन्तशाला और साधु के साथ आने वाले भक्तों के लिए धर्मशाला तो अवश्य बनानी चाहिए। साधु आए या न आए परन्तु हमें अपने घर और मन्दिर में व्यवस्थायें हमेशा तैयार रखनी चाहिए क्योंकि बरसात का, हवा का, कर्म का और साधु के आने का कभी भी पता नहीं चलता।</p>
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