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	<title>मुनि श्री समय सागर जी महाराज &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>हमेशा यादों में रहेंगे आचार्य विद्यासागर : आचार्य पदारोहण महामहोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव </title>
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					<description><![CDATA[ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कुण्डलपुर में आचार्य पदारोहण महामहोत्सव में आकर ऐसा लग रहा है कि देवताओं की भी आंखें तरस रही होगीं आज के इस दृश्य को देखकर। आचार्य समय सागर जी महाराज के पदारोहण के इस दृश्य को देखकर हम सभी इसे समझने की कोशिश करते रहेंगे, लेकिन सही अर्थ [&#8230;]]]></description>
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<p><strong> मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कुण्डलपुर में आचार्य पदारोहण महामहोत्सव में आकर ऐसा लग रहा है कि देवताओं की भी आंखें तरस रही होगीं आज के इस दृश्य को देखकर। आचार्य समय सागर जी महाराज के पदारोहण के इस दृश्य को देखकर हम सभी इसे समझने की कोशिश करते रहेंगे, लेकिन सही अर्थ में यह हमें समझ में नहीं आएगा कि हम कौन सी दुनिया में पहुंच गए हैं। <span style="color: #ff0000">पढ़िए राजीव सिंघई मोनू और महेंद्र जैन की रिपोर्ट&#8230;.</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>दमोह।</strong> मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कुण्डलपुर में आचार्य पदारोहण महामहोत्सव में आकर ऐसा लग रहा है कि देवताओं की भी आंखें तरस रही होगीं आज के इस दृश्य को देखकर। आचार्य समय सागर जी महाराज के पदारोहण के इस दृश्य को देखकर हम सभी इसे समझने की कोशिश करते रहेंगे, लेकिन सही अर्थ में यह हमें समझ में नहीं आएगा कि हम कौन सी दुनिया में पहुंच गए हैं। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत भी उपस्थित थे। डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ऐसा लग रहा है परमात्मा ने यह क्षण देकर हमारे जीवन को धन्य कर दिया है। मैं आपको प्रणाम करता हूं, धन्यवाद करता हूं।</p>
<p><strong><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-59033" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/04/IMG-20240417-WA0030.jpg" alt="" width="998" height="1280" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/04/IMG-20240417-WA0030.jpg 998w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/04/IMG-20240417-WA0030-234x300.jpg 234w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/04/IMG-20240417-WA0030-798x1024.jpg 798w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/04/IMG-20240417-WA0030-768x985.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/04/IMG-20240417-WA0030-990x1270.jpg 990w" sizes="(max-width: 998px) 100vw, 998px" /> कई जन्मों के बाद मिलता है ऐसा पुण्</strong></p>
<p>उन्होंने कहा कि भारत की विशेषता और परमात्मा की कृपा है कि इस पृथ्वी पर कई जन्मों के पुण्य के बाद मृत्यु लोक में ऐसे कुछ क्षण मिलते हैं, जो हमारे जीवन को धन्य कर जाते हैं। मानव से महामानव और महामानव से देवत्व धारण कर लें, ऐसे देवता के दर्शन हो जाए तो वाकई जीवन धन्य हो जाता है। ऐसा लगता है अब इस घड़ी के बाद कुछ बचा नहीं, सब कुछ प्राप्त हो गया है। उन्होंने कहा कि अपने जीवन काल में आचार्य विद्यासागर जी महाराज जीते जी देवत्व धारण कर गये, उनकी कृपा से हमारी सरकार बनी तो हमने पहली कैबिनेट के पहले निर्णय में कुछ बातें इस प्रकार से जोड़ीं, जिस कारण से हमारी सनातन संस्कृति युगों-युगों से दुनिया में अलग जानी जाती है।</p>
<p><strong><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-59035" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/04/IMG-20240417-WA0029.jpg" alt="" width="1600" height="739" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/04/IMG-20240417-WA0029.jpg 1600w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/04/IMG-20240417-WA0029-300x139.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/04/IMG-20240417-WA0029-1024x473.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/04/IMG-20240417-WA0029-768x355.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/04/IMG-20240417-WA0029-1536x709.jpg 1536w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/04/IMG-20240417-WA0029-990x457.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/04/IMG-20240417-WA0029-1320x610.jpg 1320w" sizes="(max-width: 1600px) 100vw, 1600px" />वीरपद पाठ्यक्रम का हिस्सा</strong></p>
<p>डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नई शिक्षा नीति 2020 लागू हुई है, जिसके माध्यम से भारत को गौरवशाली भारत के रूप में जाना जाएगा। उस गौरवशाली भारत की भावी पीढ़ी को उस लायक बनाया जाएगा, जिसके कारण वह गर्व महसूस कर सके और गौरान्वित हो सकें। हमने भगवान महावीर स्वामी के वीरपदों एवं 24 तीर्थंकरों के वीरपदों को पाठ्यक्रम में हिस्सा दिया है। सागर में शुरू किए जाने वाले आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज का नाम आचार्य विद्यासागर महाराज के नाम से किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने निर्णय लिया के खुले में मांस नहीं बिकने दिया जाएगा, जिसका पालन भी कराया गया है। इस अवसर पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वी.डी. शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण तथा श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्यमंत्री श्री लखन पटेल, संस्कृति, पर्यटन, धर्मस्व न्यास एवं धार्मिक न्याय राज्यमंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी, पूर्व मंत्री एवं दमोह विधायक जयंत कुमार मलैया, पूर्व मंत्री एवं पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया, विधायक हटा उमादेवी खटीक, विधायक सागर शैलेन्द्र जैन, हिदानंद शर्मा, पूर्व विधायक अजय टंडन सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।</p>
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		<title>दोपहर दो बजे से शुरू होगा आचार्य पदारोहण समारोह : कौन हैं मुनि समय सागर जी महाराज, जो संभाल रहे हैं आचार्य पद </title>
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		<pubDate>Tue, 16 Apr 2024 06:59:00 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[मुनि श्री 108 समयसागर जी महाराज एक प्रमुख दिगम्बर जैन संत हैं। वे परम पूज्य आचार्य गुरुवर श्री विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य हैं। आचार्य विद्यासागर जी महाराज ने समाधि से पहले उन्हें आचार्य पद देने की घोषणा की थी और आज कुंडलपुर में विधिवत सभी नियमों के साथ उन्हें आचार्य की गद्दी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>मुनि श्री 108 समयसागर जी महाराज एक प्रमुख दिगम्बर जैन संत हैं। वे परम पूज्य आचार्य गुरुवर श्री विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य हैं। आचार्य विद्यासागर जी महाराज ने समाधि से पहले उन्हें आचार्य पद देने की घोषणा की थी और आज कुंडलपुर में विधिवत सभी नियमों के साथ उन्हें आचार्य की गद्दी सौंपी जा रही है। <span style="color: #ff0000">पढ़िए श्रीफल जैन न्यूज की संपादक रेखा संजय जैन यह विशेष रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर /दमोह।</strong> जैन संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर जी महाराज के समाधिमरण के बाद उनके शिष्य समय सागर जी महाराज जैन धर्म के अगले जैन संत शिरोमणि आचार्य होंगे। आज उनका आचार्य पदारोहण समारोह आयोजित होने जा रहा है। प्रथम मुनि शिष्य पूज्य प्रथम निर्यापक श्रमण मुनिश्री समयसागर जी महाराज अभी 65 साल के हैं। वह मूल रूप से कर्नाटक के रहने वाले हैं। जैन धर्म के लोग संत शिरोमणि आचार्य के बताए मार्गों पर ही आगे बढ़ते हैं। 27 अक्टूबर 1958 को शरद पूर्णिमा के दिन कर्नाटक के चिक्कोड़ी सदलगा में समय सागर जी महाराज का जन्म हुआ। पिता मल्लपा जैन और मां श्रीमंति जैन ने उनका नाम रखा शांतिनाथ । धार्मिक माहौल में पले-बढ़े समय सागर महाराज गृहस्थ जीवन में 6 भाई-बहनों में सबसे छोटे हैं। 22 साल की उम्र में दूसरे नंबर के भाई विद्याधर ने गुरु दीक्षा ली। उन्हें नया नाम मिला विद्यासागर महाराज। 1975 में विद्यासागर महाराज को आचार्य पद मिला। इसके बाद परिवार के सभी सदस्य धीरे-धीरे वैराग्य मार्ग की ओर अग्रसर हो गए। समय सागर जी महाराज हाईस्कूल में थे, तभी बड़े भाई विद्यासागर जी महाराज से प्रभावित होकर मोक्ष के मार्ग पर चल पढ़े। 17 साल की उम्र में 2 मई 1975 को उन्होंने ब्रह्मचर्य व्रत ले लिया। इसी साल दिसंबर में मध्य प्रदेश के दतिया सोनागिरी क्षेत्र में क्षुल्लक दीक्षा ली। इसके बाद 31 अक्टूबर 1978 को एलक दीक्षा जैन सिद्ध क्षेत्र नैनागिरी जी, छतरपुर मध्य प्रदेश में ली है। वहीं, मुनि दीक्षा आठ मार्च 1980 को जैन सिद्ध क्षेत्र द्रोणगिरी जी, छतरपुर मध्यप्रदेश में ली है।</p>
<p><strong>ये हैं इनके दीक्षा गुरु</strong></p>
<p>आचार्य समय सागर जी महाराज के दीक्षा गुरु विद्यासागर जी महाराज रहे हैं। अब अपने दीक्षा गुरु की जगह वह जैन समाज के संत शिरोमणि आचार्य की जगह लेंगे।</p>
<p><strong>विद्यासागर जी महाराज के हैं सगे भाई </strong></p>
<p>सबसे खास बात यह है कि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के बाद जैन धर्म के अगले आचार्य समय सागर जी महाराज उनके सगे भाई हैं। आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज, मुनि श्री समय सागर जी महाराज और मुनि श्री योगसागर जी महाराज गृहस्थ जीवन में सगे भाई हैं। इन तीनों के गृहस्थ जीवन के माता-पिता और दो बहनें भी आचार्य धर्मसागर जी से दीक्षित हुए थे।</p>
<p><strong>पांच भाषाओं के ज्ञाता</strong></p>
<p>उनके जीवन में धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ संस्कृत, प्राकृत, हिन्दी, मराठी और कन्नड़ भाषाओं का ज्ञान भी है। उन्होंने लगभग 30,000 श्लोक प्रमाण संस्कृत और प्राकृत रचनाएँ की हैं, जिनमें जिन शासन सहस्त्रनाम हित मणिमाला भी शामिल है1।</p>
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		<title>           12वां अपडेट 6.45 बजे पूरा विश्व अब जानेगा मुनि श्री समय सागर जी को आचार्य श्री समय सागर के नाम से </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Rekha Jain]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 15 Apr 2024 22:25:58 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[इंदौर /दमोह । मध्य प्रदेश के दमोह जिले में कुंडलपुर अतिशय क्षेत्र में आचार्य श्री विद्या सागर महाराज का आचार्य पद उनके प्रथम शिष्य मुनि श्री समय सागर महाराज को आज दोपहर में दिया जाएगा। मुख्य समारोह दोपहर 2 बजे से प्रारंभ होगा। श्रीफल जैन न्यूज आप को लगातार वहां से अपडेट देता रहेगा। आप [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>इंदौर /दमोह ।</strong> <strong>मध्य प्रदेश के दमोह जिले में कुंडलपुर अतिशय क्षेत्र में आचार्य श्री विद्या सागर महाराज का आचार्य पद उनके प्रथम शिष्य मुनि श्री समय सागर महाराज को आज दोपहर में दिया जाएगा। मुख्य समारोह दोपहर 2 बजे से प्रारंभ होगा। श्रीफल जैन न्यूज आप को लगातार वहां से अपडेट देता रहेगा। <span style="color: #ff0000">आप निरंतर श्रीफल जैन न्यूज की संपादक रेखा जैन के साथ बने रहें।</span>  <span style="color: #008000">लगातार अपडेट पाने के लिए इस ग्रुप से जुड़ें&#8230;.</span></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000"><a style="color: #ff0000" href="https://chat.whatsapp.com/Jxcfh1GVsxq3FKAoGjU6jA">ग्रुप से जुड़ने के क्लिक करें</a></span></p>
<p><strong><a href="https://www.shreephaljainnews.com/who_is_muni_samay_sagar_ji_maharaj/">कौन हैं मुनि समय सागर जी महाराज, जो संभाल रहे हैं आचार्य पद</a></strong></p>
<p dir="ltr"><span style="color: #ff0000"><strong>12वां अपडेट 6.45 बजे</strong></span></p>
<p dir="ltr">-आचार्य श्री समय सागर महाराज को मुनि संघ ने नई पिच्छी प्रदान की और आर्यिका संघ ने कमंडल भेट किया ।</p>
<p dir="ltr">-मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सागर में बनने वाले आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज का नाम आचार्य विद्या सागर महाराज के नाम होगा।</p>
<p dir="ltr">-मुख्यमंत्री मोहन यादव और बी डी शर्मा ने लिया आशीर्वाद।</p>
<p dir="ltr"><span style="color: #ff0000"><strong>11वां अपडेट दोपहर 3:40 बजे</strong></span></p>
<p dir="ltr">-संघ के सभी निर्यापक मुनियों, देश की कई जैन संस्थाओं के अध्यक्षों, विद्वत परिषद, शास्त्री परिषद, डॉ. मोहन भागवत, नवीन जैन, अशोक पाटनी, प्रहलाद पटेल सहित मध्यप्रदेश सरकार के कई मंत्रियों ने आचार्य समय सागर जी निवेदन किया और उन्हें सिंहासन पर बैठाकर आचार्य पद से प्रतिष्ठित किया। अब मुनि समय सागर जी अब आचार्य श्री समय सागर जी के नाम से जाने जाएंगे।</p>
<p dir="ltr">-आचार्य समय सागर जी सिंहासन पर बैठाते समय अनेक वाद्यों की सुमुधर लहरियां वातावरण में गुंजायमान थीं।</p>
<p dir="ltr">-शंखनाद किया गया।</p>
<p dir="ltr">-इस अवसर पर जैन समाज के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।</p>
<p dir="ltr"><span style="color: #ff0000"><strong>दसवां अपडेट दोपहर 3:15 बजे</strong></span></p>
<p dir="ltr">-जिस सिंहासन पर आचार्य श्री समय सागर जी बैठेंगे, उसका विमोचन डॉ.मोहन भागवत, अशोक पाटनी, प्रहलाद पटेल और नवीन जैन ने किया।</p>
<p dir="ltr">-सिंहासन का शुद्धिकरण ब्रह्मचारी द्वारा किया गया।</p>
<p dir="ltr"><span style="color: #ff0000"><strong><img decoding="async" class="alignnone size-large wp-image-58947" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/04/IMG_20240416_142640-1024x804.png" alt="" width="1024" height="804" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/04/IMG_20240416_142640-1024x804.png 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/04/IMG_20240416_142640-300x235.png 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/04/IMG_20240416_142640-768x603.png 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/04/IMG_20240416_142640-990x777.png 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/04/IMG_20240416_142640.png 1240w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" />नवां अपडेट दोपहर 3:10 बजे</strong></span></p>
<p dir="ltr">-निर्यापक योग सागर जी ने कहा कि मोक्ष मार्ग को प्रशस्त करने वाला और लोगों को तारने वाला आचार्य होता हैं। -आचार्य दीपक के भांति होते हैं।</p>
<p dir="ltr">&#8211; आचार्य श्री ने 8 फरवरी को प्रतिक्रमण किया और 9 फरवरी को दीर्घ शंका के बाद बोले कि कल हमने आचार्य श्री का पद त्याग कर दिया है।</p>
<p dir="ltr">&#8211; अब मुझे किसी भी प्रकार का विकल्प नहीं है।</p>
<p dir="ltr">-अब संघ की जवाबदारी मेरी नहीं है।</p>
<p dir="ltr">-अच्छा समय देखकर सभी मिलकर मुनि समय सागर को आचार्य पद पर प्रतिष्ठित कर देना।</p>
<p dir="ltr">-सभी मिलकर संघ को विस्तार देना।</p>
<p><span style="color: #ff0000"><strong>आठवां अपडेट दोपहर 2.40 बजे</strong></span></p>
<p>&#8211; राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघ चालक डॉ मोहन भागवत का उद्बोधन शुरू।<br />
&#8211; आचार्य श्री से मेरा पहला परिचय जबलपुर में हुआ। आचार्य श्री के पहले दर्शन करके सारा भय दूर हो गया।<br />
-उन्होंने पूरे देश का मार्गदर्शन अपने मन वचन और कम से किया ।<br />
&#8211; अघ्यात्म के बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने वाले आध्यात्मिक साधक थे। उनके मंतव्य और रास्ते में चलने में कोई अंतर नहीं था।<br />
&#8211; भारत को भारत बोलो, इंडिया मत बोलो भारत को भारत बोलेंगे तो भारत को जान पाएंगे।<br />
&#8211; वह सूर्य के जैसे तेजस्वी थे लेकिन सूर्य के जैसे तापी नही।</p>
<p><strong><span style="color: #ff0000">सातवां अपडेट दोपहर 2.25 बजे</span></strong></p>
<p>-आचार्य पदारोहण कार्यक्रम में सब से पहले आर के मार्बल के अशोक पाटनी ने स्वागत भाषण दिया ।<br />
-मंच पर विराजित सभी संतो को नमन किया और के बाद शब्दो के माध्यम से मोहन भागवत का स्वागत किया।<br />
&#8211; आचार्य का स्मरण करते हुए कहा कि आचार्य श्री के युग में हमने जन्म लिया तो अपने आपको धन्य मानते है। आज उन्हीं के आचार्य पद पर मुनि समय सागर महाराज विराजमान होंगे।</p>
<p><span style="color: #ff0000"><strong>छठा अपडेट दोपहर 2.15 बजे</strong></span></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-large wp-image-58935" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/04/IMG_20240416_143907-1024x735.png" alt="" width="1024" height="735" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/04/IMG_20240416_143907-1024x735.png 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/04/IMG_20240416_143907-300x215.png 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/04/IMG_20240416_143907-768x551.png 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/04/IMG_20240416_143907-990x711.png 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/04/IMG_20240416_143907.png 1173w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" />-राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघ चालक डॉ मोहन भागवत भी मंच पर पहुंचे ,उन्होंने मुनि श्री समय सागर जी को श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद लिया।<br />
&#8211; महोत्सव के संरक्षक आरके मार्बल के अशोक पाटनी भी मंच पर पहुंचे।<br />
-राज्यसभा सांसद आगरा के नवीन जैन भी मंच पर मौजूद।<br />
&#8211; कुछ ही देर में मुनि श्री समय सागर बन जाएंगे आचार्य श्री समय सागर</p>
<p><span style="color: #ff0000">पांचवां अपडेट दोपहर 1:45 बजे</span></p>
<p>-मुनि श्री समय सागर महाराज सहित सभी मुनिराज मंच की आगे बढ़ रहे हैं।<br />
-कुछ ही देर में मुनि श्री समय सागर महाराज के साथ सभी मंच पर पहुंच जाएंगे।<br />
-जल्द ही शुरू होगी आचार्य पदारोहण की प्रक्रिया।<br />
-मध्यप्रदेश के केबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल भी मंच पर पहुंचे।</p>
<p dir="ltr"><strong><span style="color: #ff0000">चौथा अपडेट दोपहर 1:15 बजे</span></strong></p>
<p dir="ltr">-जिस मुख्य मंच पर मुनि समय सागर महाराज जी का आचार्य पदारोहण होना है, वहां साधु-संतों का आगमन शुरू।</p>
<p><strong><span style="color: #ff0000">तीसरा अपडेट 12.45 बजे</span></strong></p>
<p><strong>मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया ट्वीट&#8230;</strong></p>
<p>-हम सबके लिए आनंद की बात है&#8230;आज आचार्य विद्यासागर जी महाराज की पदवी को मुनि श्री समय सागर जी महाराज धारण करेंगे। आदरणीय श्री समय सागर जी महाराज के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार कार्य करती रहेगी। मेरी ओर से समस्त दिगंबर जैन के भाइयों-बहनों को बधाई!</p>
<p>https://x.com/DrMohanYadav51?t=DMATSDi7lWbRBhEI3rdoKg&#038;s=09</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong><span style="color: #ff0000">दूसरा अपडेट 12.30 बजे</span></strong></p>
<p>-पंडाल में 50 एलईडी स्क्रीन लगाई गई हैं, ताकि पीछे तक बैठने वालों को भी आराम से कार्यक्रम दिखाई दे सके।<br />
-कार्यक्रम स्थल पर नजर रखने के लिए 120 सीसीटीवी कैमरा लगाए गए हैं।<br />
-लगभग 40 से 45 वीडियो की मदद से वीडियोग्राफी की जा रही है।<br />
-महोत्सव के लिए 200 एकड़ में तैयारियां की गई हैं।<br />
-देश-विदेश से श्रावकों के पहुंचने का सिलसिला जारी।<br />
-महोत्सव में 5 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के शामिल होने का अनुमान।</p>
<p dir="ltr"><span style="color: #ff0000">पहला अपडेट सुबह 11.34 बजे</span></p>
<p dir="ltr"><strong>आने वाले लोगों को रुकने के लिए व्यवस्था</strong></p>
<p dir="ltr">-कुंडलपुर पहुंच रहे भक्तों के लिए समिति द्वारा 350 एयर कंडीशंड रूम बनाए गए हैं। 90 एयर कंडीशंड डोरमेट्री बनाई गई हैं।</p>
<p dir="ltr">-40 लोग रुक सकेंगे हर डोरमेट्री में।</p>
<p dir="ltr">-5 मेजबान तैयार किए गए।</p>
<p dir="ltr">&#8211; 3000 लोगों को रुकने के लिए दमोह में 150 रूम।</p>
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		<title>मुनि श्री समयसागर जी कहा सीखो वंदना करना: दर्शन पाठ की कारिका को करो आत्मसात </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 11 Apr 2024 16:06:48 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[दमोह जिले के सुप्रसिद्ध जैन तीर्थ कुंडलपुर में विश्व वंदनीय संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के जेष्ठ श्रेष्ठ निर्यापक श्रमण मुनि श्री समय सागर जी महाराज ने मंगल प्रवचन देते हुए कहा कि आप लोगों ने पढ़ा होगा दर्शन पाठ में एक कारिका आती है दर्शनेन जिनेंद्रानाम&#8212;&#8212;-अंजलि बना लूं और उसमें एक-एक बूंद [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>दमोह जिले के सुप्रसिद्ध जैन तीर्थ कुंडलपुर में विश्व वंदनीय संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के जेष्ठ श्रेष्ठ निर्यापक श्रमण मुनि श्री समय सागर जी महाराज ने मंगल प्रवचन देते हुए कहा कि आप लोगों ने पढ़ा होगा दर्शन पाठ में एक कारिका आती है दर्शनेन जिनेंद्रानाम&#8212;&#8212;-अंजलि बना लूं और उसमें एक-एक बूंद जल डाला तो वह रिस जाता है। इसी प्रकार जिनेंद्र भगवान के दर्शन और मुनींद्रों के दर्शन करने से चिर संचित जो पाप हैं एक क्षण में क्षय को प्राप्त हो जाते हैं ।<span style="color: #ff0000">पढ़िए रत्नेश जैन बकस्वाहा की रिपोर्ट …… </span></strong></p>
<hr />
<p><strong>कुंडलपुर ।</strong> दमोह जिले के सुप्रसिद्ध जैन तीर्थ कुंडलपुर में विश्व वंदनीय संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के जेष्ठ श्रेष्ठ निर्यापक श्रमण मुनि श्री समय सागर जी महाराज ने मंगल प्रवचन देते हुए कहा कि आप लोगों ने पढ़ा होगा दर्शन पाठ में एक कारिका आती है दर्शनेन जिनेंद्रानाम&#8212;&#8212;-अंजलि बना लूं और उसमें एक-एक बूंद जल डाला तो वह रिस जाता है। इसी प्रकार जिनेंद्र भगवान के दर्शन और मुनींद्रों के दर्शन करने से चिर संचित जो पाप हैं एक क्षण में क्षय को प्राप्त हो जाते हैं ।दर्शन पाठ की कारिका का यह भाव है हमने कितने बार जिनेंद्र भगवान के दर्शन किए कितने बार मुनींदों के दर्शन किए इस उपरांत भी वह पाप गल क्यों नहीं रहा। वह पाप समाप्त क्यों नहीं हो रहा है ।क्षय को क्यों नहीं प्राप्त हो रहा है ।अब उत्तर क्या मिलेगा ,उत्तर यही मिलेगा उस कारिका को तो पढ़ लिया उसको आत्मसात नहीं कर पाए ।प्रसंग गुरुदेव के मुख से यह सुना की वंदना करना सीखो मैं बैठे-बैठे सुन रहा था मन में विचार आया गुरुदेव ने क्या कहा कि वंदना करना सीखो ।इसका अर्थ है प्रभु के सामने खड़े होने से वंदना नहीं होती मन भी खड़ा होना चाहिए ।हम तो प्रतिमावत खड़े हो गए पर मन हमारा कहां जा रहा मन में कौन-कौन सी अपेक्षाएं उत्पन्न हो रही उन अपेक्षाओं के साथ प्रभु की आराधना है वह आराधना नहीं मानी जाती। समीचीन आराधना हम करते हैं तो मोह कर्म के ऊपर प्रभाव पड़े बिना रह नहीं सकता। गुरुदेव के जो संकेत हैं उस पर हमारा ध्यान जा रहा बंदना करना सीखो हम अब तक नहीं सीख पाए यदि करते तो इस धरती पर नहीं होते ।मोक्ष की यात्रा होती संसार का परिभ्रमण होता है।</p>
<p><strong>भगवान अनंत शक्ति के धारक</strong></p>
<p>हर समय आत्मा में परिणाम उत्पन्न होते रहते हैं और वे परिणाम शुभातमत भी होते हैं और अशुभातमत भी परिणाम होते हैं ।परिणाम का होना अलग वस्तु और परिणाम का कट जाना अलग वस्तु ।गुरुदेव हम लोगों को बार-बार प्रतिदिन प्रसंग बनाकर संबोधित करते थे वे वर्तमान में उपस्थित नहीं है किंतु भावों का तारतम्य बना रहे तो निश्चित रूप से परिणामों में उज्जवलता आ सकती है ।वह परिणाम जो होते हैं उसमें निश्चित रूप से पूर्व में अज्ञान दशा में जो भी पाप का अर्जन किया है उसके प्रतिफल के रूप में जब कर्म उदय में आते है तो उपयोग को प्रभावित कर सकता है ।कर सकता है इसलिए कह रहा हूं यदि अनिवार्य रूप से वह प्रभाव डाले तो फिर कर्मबंध की जो श्रृंखला है या उसकी जो परंपरा है वह कभी भी टूट नहीं सकती है। पुरुषार्थ के माध्यम से उस परंपरा को तोड़ने का पुरुषार्थ किया जा सकता है ।जिसके अंदर कर्मबंध के जो हो रहा है वंध उसको तोड़ने का पुरुषार्थ वह कर लेता है और दूसरी बात यह है कि जिसको कर्मबंध की कोई चिंता नहीं है उसके लिए? जिसको कर्मबंध की कोई चिंता नहीं है भगवान का उपदेश भी प्रभाव डालने वाला नहीं है। हम कह रहे जब भगवान अनंत शक्ति के धारक हैं,</p>
<p><strong>मुमुक्षु</strong> <strong>भव्य जीव जो चाहता है कल्याण</strong></p>
<p>विश्व को जानने वाले हैं उनका ज्ञान अपने आप में क्षायिक ज्ञान माना जाता है। दर्पणाते जिसको आप लोग बोलते हैं उनकी दिव्य ध्वनि में जो बात आती उनकी दिव्य ध्वनि की विराटता को कौन स्पष्ट कर रहे हैं गणधर परमेष्ठी जो द्वादशांग के पाटी माने जाते हैं गणधर पद पर आसीन हैं वे भी प्रभु की आराधना निरंतर करते रहते हैं और जो मुमुक्षु भव्य जीव है वह कल्याण करना चाहता है उसके लिए वह उपदेश देते हैं और उपदेश का प्रभाव भी उसी के ऊपर पड़ता है ।विस्मय सा होता कि अतीत में कितने बार अवसर प्राप्त हुए होंगे किसी को ज्ञात नहीं है कितने बार उपदेश सुने होंगे इसका ज्ञात नहीं किसी को ज्ञात है कितनी बार सुन लिया बार-बार सुनाओ ऐसा बोलते आचार्य महाराज सुना नहीं है क्योंकि कर्तव्य को गौण किया नहीं जा सकता भरी सभा में सब सुन रहे हैं मनोयोग के साथ धर्म की जो आराधना करता है उसके लिए धर्म श्रवण का लाभ मिल सकता है सुनने के लिए कर्णद्रिय है जिसके माध्यम से शब्द को ग्रहण किया जाता है। किंतु जिसके पास मन नहीं है मात्र कानों के द्वारा उस वाणी को ग्रहण कर रहा है, सुन रहा है न वह दूसरे को सुना पाएगा ना वह स्वयं ग्रहण कर पाएगा उसका अर्थ उसको समझने की क्षमता मन के पास है ।मन को जितने भी सुनने को बैठे हैं श्रोतागण, श्रोतागण उनको मान रहा आप समझ ले जो वृति है वह अलग है उनके पीछे जो बैठे हैं उनको मैं श्रोता के रूप में स्वीकार करता हूं। उनको यह उपदेश है जिन्होंने गुरुदेव के उपदेश और आदेश को आत्मसात करके जो साधना में रत हैं यथायोग्य व्रतो का पालन करने के लिए जो निरंतर प्रयास रत है उनको उपदेश नहीं है आप ही लोग बोलते जो सो रहा उसको क्या जगाना जो जाग रहा है उसको क्या सुनाना। आप लोग जागृत हैं जो जागृत है उसके लिए उपदेश काम करता है।</p>
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		<title>गौरझामर में विराजमान में हैं मुनि द्व : श्रीफल समर्पित कर कुण्डलपुर में ग्रीष्मकालीन वाचना के लिए किया निवेदन </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 16 Mar 2023 09:22:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
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					<description><![CDATA[कुण्डलपुर (राजेश रागी बकस्वाहा/जयकुमार जलज)। कुण्डलपुर क्षेत्र कमेटी के अध्यक्ष चंद्रकुमार सराफ के साथ कुण्डलपुर प्रबंध कारिणी समिति, स्थायी आमंत्रित समिति एवं परामर्श दात्री समिति के पदाधिकारी सदस्यगण सहित करीब 40 लोग गौरझामर पहुंचे। गौरझामर में विराजमान संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य निर्यापक मुनि श्री समय सागर जी महाराज [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>कुण्डलपुर (राजेश रागी बकस्वाहा/जयकुमार जलज)।</strong> कुण्डलपुर क्षेत्र कमेटी के अध्यक्ष चंद्रकुमार सराफ के साथ कुण्डलपुर प्रबंध कारिणी समिति, स्थायी आमंत्रित समिति एवं परामर्श दात्री समिति के पदाधिकारी सदस्यगण सहित करीब 40 लोग गौरझामर पहुंचे। गौरझामर में विराजमान संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य निर्यापक मुनि श्री समय सागर जी महाराज ससंघ एवं निर्यापक मुनि श्री समतासागर जी महाराज ससंघ के चरणों में श्रीफल समर्पित कर कुण्डलपुर सिद्धक्षेत्र में ग्रीष्मकालीन वाचना हेतु निवेदन किया गया। सभी सदस्यों ने मुनि श्री से चर्चा की एवं कुण्डलपुर में चल रहे निर्माण कार्यों की जानकारी निर्यापक मुनि द्वय को दी।</p>
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