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	<title>मुनि श्री समत्वसागर जी महाराज &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
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	<title>मुनि श्री समत्वसागर जी महाराज &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>विश्व शांति महायज्ञ 25 मंडलीय सिद्धचक्र महामंडल विधान संपन्न: गिरारगिरी में बनेगी भव्य चौबीसी, अंतिम दिन उमड़ा श्रद्धा का सैलाब </title>
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		<pubDate>Sat, 24 Jan 2026 08:13:11 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[श्री दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र गिरारगिरी जी में 16 से 23 जनवरी तक आचार्य श्री विशुद्धसागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री समत्वसागर जी महाराज एवं मुनि श्री शीलसागर जी महाराज के पावन सान्निध्य में 25 मंडलीय सिद्धचक्र महामंडल विधान, वार्षिक मेला, विश्व शांति महायज्ञ एवं भव्य रथोत्सव शुक्रवार को श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक उल्लास [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>श्री दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र गिरारगिरी जी में 16 से 23 जनवरी तक आचार्य श्री विशुद्धसागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री समत्वसागर जी महाराज एवं मुनि श्री शीलसागर जी महाराज के पावन सान्निध्य में 25 मंडलीय सिद्धचक्र महामंडल विधान, वार्षिक मेला, विश्व शांति महायज्ञ एवं भव्य रथोत्सव शुक्रवार को श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। <span style="color: #ff0000">ललितपुर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>ललितपुर।</strong> श्री दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र गिरारगिरी जी में 16 से 23 जनवरी तक आचार्य श्री विशुद्धसागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री समत्वसागर जी महाराज एवं मुनि श्री शीलसागर जी महाराज के पावन सान्निध्य में 25 मंडलीय सिद्धचक्र महामंडल विधान, वार्षिक मेला, विश्व शांति महायज्ञ एवं भव्य रथोत्सव शुक्रवार को श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। प्रचार मंत्री डॉ. सुनील संचय ने बताया कि अंतिम दिन प्रातः बेला में अभिषेक, शांतिधारा, नित्यमह पूजन के बाद विश्व शांति महायज्ञ का किया गया। महोत्सव के पात्रों एवं श्रद्धालुओं ने संपूर्ण विश्व में शांति, सद्भाव और अहिंसा की स्थापना की मंगल भावना से आहुतियां समर्पित कीं।</p>
<p>भव्य रथोत्सव में गूंजे मंगलगीत<br />
दोपहर 1.30 बजे से भगवान श्रीजी का भव्य रथोत्सव निकाला गया। रथों में विराजित पात्रों द्वारा मंगलगीत गाए जा रहे थे। गाजे-बाजे के साथ नगर परिक्रमा में मुनिश्री ससंघ, विभिन्न स्वयंसेवी संगठन एवं सैकड़ों श्रद्धालु सहभागी बने। संपूर्ण वातावरण जयकारों और भक्ति-उल्लास से गुंजायमान हो उठा। विधान की समस्त विधियां विधानाचार्य पं. मनोज शास्त्री (बगरोही), पं. देवेंद्र शास्त्री (मड़ावरा) एवं विकर्ष शास्त्री ने शास्त्रोक्त विधि-विधान से कराईं। इस अवसर पर विधानाचार्यों का सम्मान भी किया गया।</p>
<p><strong>सहयोगियों और स्वयंसेवी संगठनों का सम्मान</strong><br />
आयोजन में सहयोग करने वाले सभी पदाधिकारियों, उप-समितियों एवं स्वयंसेवी संगठनों का सम्मान क्षेत्र कमेटी अध्यक्ष चक्रेश जैन, महामंत्री प्रदीप जैन (मड़ावरा), कोषाध्यक्ष मुकेश सिंघई, आयोजन समिति अध्यक्ष अनिल जैन, महामंत्री राजेश जैन ‘रज्जू’, कोषाध्यक्ष दीपचंद्र जैन, अभिषेक जैन, अजित जैन, त्रिलोक जैन, सुनील जैन मोनू सहित अन्य पदाधिकारियों ने किया।</p>
<p>आज विश्व अशांति के दौर से गुजर रहा: मुनिश्री समत्वसागर जी<br />
इस अवसर पर अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन शास्त्री परिषद के महामंत्री ब्र. जयकुमार निशान्त जी ने सभा को संबोधित करते हुए आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा की। अतिथियों द्वारा चित्र अनावरण एवं दीप प्रज्ज्वलन के बाद पुण्यार्जक परिवारों ने मुनिश्री ससंघ का पाद प्रक्षालन कर शास्त्र भेंट किए। धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री समत्वसागर जी महाराज ने कहा कि सिद्धचक्र महामंडल विधान आत्मशुद्धि का विधान है। जब आत्मा श्रद्धा, ज्ञान और चारित्र की परिक्रमा करती है, तभी जीवन में वास्तविक शांति का उदय होता है। आज विश्व अशांति के दौर से गुजर रहा है। ऐसे समय में अहिंसा, संयम और तप ही मानवता का पथ प्रशस्त कर सकते हैं। उन्होंने आगे कहाकृतीर्थ निर्माण केवल पत्थरों से नहीं, बल्कि पुण्य, भावना और त्याग से होता है। जो व्यक्ति तीर्थ के निर्माण में सहभागी बनता है, वह अपनी आत्मा के लिए भी तीर्थ का निर्माण करता है।</p>
<p><strong>गिरारगिरी में भव्य चौबीसी के लिए पुण्यार्जन की घोषणा</strong><br />
यह महोत्सव अनेक उपलब्धियों से युक्त रहा। इस अवसर पर अतिशय क्षेत्र गिरारगिरी जी में 24 तीर्थंकरों की भव्य चौबीसी निर्माण की घोषणा की गई। मुनिश्री की प्रेरणादायी देशना के बाद कुछ ही क्षणों में 24 पुण्यार्जक परिवारों ने चौबीसी निर्माण का सौभाग्य प्राप्त करने की घोषणा कर दी। जिससे सभा में हर्ष और भावुकता का वातावरण बन गया। 24 पुण्यार्जक परिवार शांत कुमार ,कमलेशजी नीरज शास्री परिवार, देवेंद्र जैन, विनय जैन, प्रीतेश जैन परिवार, विनोद जैन, विशाल जैन, चंदेरिया परिवार, सुनील जैन , प्रीति जैन परिवार, सुरेश जैन, संध्या जैन परिवार, प्रकाशचंद जैन, राहुल जैन परिवार, राजेंद्र जैन, दीप्ति जैन परिवार, मुकेश जैन, शशि जैन परिवार, सुनील (मोनू), नेहा बाम एपी स्पेशल परिवार, बरायठा, डॉ. बालचंद सनत कुमार,सरोज जैन मेडिकल मड़ावरा, संतोष, अनिल(रानू) परिवार, उदयचंद शास्त्री परिवार सागर, राजकुमार जैन, चंदा जैन खुटगुआ वाले मड़ावरा परिवार, प्रदीप जैन, निधि जैन खुटगुआ वाले मड़ावरा परिवार, ताराबाई , प्रवीण जैन (चक्की वाले) परिवार,चक्रेश जैन, शशिप्रभा जैन बेरिया परिवार, पीसी जैन(पूर्व डीएसपी ) डॉ. श्रेणिक जैन परिवार सागर, माणिकचंद विनोद कुमार जैन, आशीष खुटगुआ वाले मड़ावरा परिवार, रतनचंद जैन, जिनेंद्र कुमार, गोना वाले परिवार, रविन्द्र जैन, आसमा जैन परिवार सागर, हरिश्चंद (मुन्ना) आशीष (डिग्गी) सेठ परिवार बरायठा, सेठ संदीप कुमार, अरुण कुमार सेठ परिवार गिरार, विजयकुमार सपरिवार फुटेरा, इंद्रा, अभिषेक (दीपू) (खुटगुआ वाले) परिवार मड़ावरा शामिल रहे।</p>
<p><strong>मुनि श्री का गिरारगिरी से मंगल विहार </strong><br />
महोत्सव संपन्न होने के पश्चात मुनि श्री 108 समत्वसागर जी महाराज ससंघ का मंगल पद विहार अतिशय क्षेत्र कारीटोरन जी के लिए हो गया। उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाव रू महोत्सव में मड़ावरा, बरायठा, महरौनी, शाहगढ़, टीकमगढ़, ललितपुर, सागर, बंडा, इंदौर, दमोह से सैकड़ों श्रद्धालुओं की सहभागिता रही। क्षेत्र कमेटी महामंत्री प्रदीप जैन (मड़ावरा) एवं आयोजन समिति महामंत्री राजेश जैन ‘रज्जू’ (मड़ावरा) ने सहयोगियों एवं श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया।</p>
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		<title>गिरारगिरी में मुनिराजों का हुआ मंगल मिलन : सिद्धचक्र महामंडल विधान में उमड़ा आस्था का सैलाब </title>
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		<pubDate>Mon, 19 Jan 2026 12:08:01 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[श्री दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र गिरारगिरी जी में 16 से 23 जनवरी तक आयोजित 25 मंडलीय 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान, वार्षिक मेला, विश्व शांति महायज्ञ एवं भव्य रथोत्सव अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उत्साहपूर्ण वातावरण में हो रहा है। ललितपुर से पढ़िए, यह खबर&#8230; ललितपुर। श्री दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र गिरारगिरी जी में 16 से 23 [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>श्री दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र गिरारगिरी जी में 16 से 23 जनवरी तक आयोजित 25 मंडलीय 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान, वार्षिक मेला, विश्व शांति महायज्ञ एवं भव्य रथोत्सव अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उत्साहपूर्ण वातावरण में हो रहा है। <span style="color: #ff0000">ललितपुर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>ललितपुर।</strong> श्री दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र गिरारगिरी जी में 16 से 23 जनवरी तक आयोजित 25 मंडलीय 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान, वार्षिक मेला, विश्व शांति महायज्ञ एवं भव्य रथोत्सव अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उत्साहपूर्ण वातावरण में हो रहा है। यह आयोजन आचार्य श्री विशुद्धसागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री समत्वसागर जी महाराज एवं मुनि श्री शीलसागर जी महाराज के पावन सान्निध्य में हो रहा है। रविवार को सिद्धचक्र महामंडल विधान के अंतर्गत 16 अर्घ्य विधानों के पात्रों ने भक्ति नृत्य के साथ भावपूर्ण अर्घ्य समर्पित किए। संपूर्ण वातावरण सिद्धाराधना की भक्ति बयार से ओतप्रोत हो उठा।</p>
<p><strong>दो संघों का भव्य मंगल मिलन </strong></p>
<p>प्रचार मंत्री डॉ. सुनील संचय ने बताया कि रविवार को गिरारगिरी अतिशय क्षेत्र में आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के प्रभावी शिष्य मुनि श्री अभयसागर जी महाराज ससंघ एवं आचार्य श्री विशुद्धसागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री समत्वसागर जी महाराज ससंघ का भव्य मंगल मिलन गाजे-बाजे एवं जयकारों के साथ हुआ। मुनि श्री समत्वसागर जी महाराज ससंघ एवं सैकड़ों श्रद्धालु धसान नदी पुल पर मुनि श्री अभयसागर जी महाराज की अगवानी के लिए पहुँचे। जैसे ही दोनों संघों का मिलन हुआ, जयकारों के उद्घोष से आकाश गुंजायमान हो उठा। इस अवसर पर धर्मसभा का आयोजन किया गया, जिसमें पाद प्रक्षालन एवं शास्त्र भेंट का पुण्य लाभ श्रद्धालुओं को प्राप्त हुआ।</p>
<p><strong>जैन दर्शन आत्मसंयम का मार्ग दिखाता है</strong></p>
<p>धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री अभयसागर जी महाराज ने कहा कि सिद्धचक्र महामंडल विधान आत्मशुद्धि की अनुपम साधना है। यह विधान हमें स्मरण कराता है कि सिद्धों का स्मरण ही संसार के बंधनों से मुक्ति का मार्ग है। जब साधु-संतों का मिलन होता है, तब केवल देह नहीं, विचारों का भी संगम होता है, जो समाज को धर्म की दिशा देता है। उन्होंने कहा कि आज का युग भौतिकता की ओर अधिक झुक गया है, किंतु जैन दर्शन आत्मसंयम, अहिंसा और समता का मार्ग दिखाता है, जिसे जीवन में उतारना ही सच्ची आराधना है।</p>
<p><strong>यह मिलन समाज के लिए संदेश</strong></p>
<p>मुनि श्री समत्वसागर जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहाकृसमत्व ही धर्म का प्राण है। सिद्धचक्र की आराधना तभी फलवती होती है, जब जीवन में राग-द्वेष का क्षय और समभाव का विकास हो। मुनि संघों का यह मिलन समाज के लिए संदेश है कि एकता, अनुशासन और श्रद्धा से ही धर्म प्रभावना संभव है।</p>
<p><strong>जादूगर राजकुमार के करतबों ने किया मंत्रमुग्ध </strong></p>
<p>आयोजन के अंतर्गत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में दिल्ली के सुप्रसिद्ध जादूगर राजकुमार द्वारा प्रस्तुत रोमांचक जादुई करतबों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके कार्यक्रम में वस्तुओं का अदृश्य हो जाना, क्षणभर में स्थान परिवर्तन, संतुलन और साहसिक प्रयोग विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। पारंपरिक जादू और आधुनिक तकनीक के समन्वय ने दर्शकों की खूब तालियाँ बटोरीं।</p>
<p><strong>धार्मिक विधि-विधान एवं आयोजन व्यवस्था</strong></p>
<p>धार्मिक विधि-विधान का सफल संपादन पंडित मनोज शास्त्री (बगरोही), पंडित देवेंद्र शास्त्री (मड़ावरा) एवं पंडित विकर्ष शास्त्री द्वारा किया गया। इस अवसर पर गिरारगिरी कमेटी अध्यक्ष चक्रेश जैन, महामंत्री प्रदीप जैन मड़ावरा, कोषाध्यक्ष मुकेश सिंघई, आयोजन समिति अध्यक्ष अनिल जैन, महामंत्री राजेश रज्जू मड़ावरा, कोषाध्यक्ष दीपचंद्र जैन, अभिषेक जैन दीपू, अजित जैन, त्रिलोक जैन ने समागत अतिथियों का स्वागत किया।</p>
<p><strong>निर्वाण लाडू समर्पण का पुण्य सौभाग्य</strong></p>
<p>मूलनायक आदिनाथ भगवान का प्रथम निर्वाण लाडू समर्पण का सौभाग्य सुनील जैन, नेहा जैन, आदर्श जैन, आयुष जैन, अवनी जैन एपी बाम स्पेशल परिवार, द्वितीय सौभाग्य कपूरचंद जैन, प्रदीप जैन, निधि जैन (मड़ावरा), तृतीय सौभाग्य ब्र. अनुराग जैन, इंद्रा जैन, अभिषेक जैन, दर्शना जैन (मड़ावरा), चतुर्थ सौभाग्य भगवानदास, प्रेमचंद, वीरेंद्र जैन (मड़ावरा) को प्राप्त हुआ। आयोजन में मड़ावरा, बरायठा, महरौनी, शाहगढ़, टीकमगढ़, ललितपुर, सोजना, सागर, बंडा, इंदौर, बड़ागांव, साढूमल, सौरई, खुटगुवा, गौना, नेकौरा सहित अनेक स्थानों से सैकड़ों श्रद्धालुओं की सहभागिता रही।</p>
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		<title>गिरारगिरी जी में 25 मंडलीय 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान : मुनि श्री समत्वसागर जी महाराज ससंघ का मंगल पद विहार जारी </title>
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		<pubDate>Wed, 14 Jan 2026 15:29:34 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र गिरारगिरी जी में 16 से 23 जनवरी तक 25 मंडलीय 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान, श्री आदिनाथ स्वामी निर्वाणोत्सव, वार्षिक मेला, विश्व शांति महायज्ञ एवं भव्य रथोत्सव होगा। ललितपुर से पढ़िए, यह खबर&#8230; ललितपुर। श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र गिरारगिरी जी में 16 से 23 जनवरी तक 25 मंडलीय 1008 सिद्धचक्र [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र गिरारगिरी जी में 16 से 23 जनवरी तक 25 मंडलीय 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान, श्री आदिनाथ स्वामी निर्वाणोत्सव, वार्षिक मेला, विश्व शांति महायज्ञ एवं भव्य रथोत्सव होगा। <span style="color: #ff0000">ललितपुर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>ललितपुर</strong>। श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र गिरारगिरी जी में 16 से 23 जनवरी तक 25 मंडलीय 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान, श्री आदिनाथ स्वामी निर्वाणोत्सव, वार्षिक मेला, विश्व शांति महायज्ञ एवं भव्य रथोत्सव होगा। यह आयोजन आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री समत्वसागर जी महाराज एवं मुनि श्री शीलसागर जी महाराज के सान्निध्य में संपन्न होगा।</p>
<p><strong>भगवान श्री आदिनाथ स्वामी का निर्वाणोत्सव</strong></p>
<p>धार्मिक विधि-विधानों का संचालन पंडित मनोज शास्त्री (बगरोही), पंडित देवेंद्र शास्त्री (मड़ावरा) तथा पंडित विकर्ष शास्त्री (सलेहा) द्वारा किया जाएगा। 17 जनवरी को प्रातः भगवान श्री आदिनाथ स्वामी का निर्वाणोत्सव श्रद्धा एवं भक्ति भाव से मनाया जाएगा। वहीं रात्रि में दिल्ली के मैजिशियन राजकुमार द्वारा प्रस्तुत मैजिक शो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहेगा। आयोजन समिति द्वारा महोत्सव के प्रमुख पात्रों का चयन कर लिया गया है।</p>
<p><strong>इन पात्रों का किया गया चयन</strong></p>
<p>इसमें सौधर्म इंद्र सुनीलकुमार जैन (मोनू), नेहा जैन, कुबेर इंद्र सुनील कुमार जैन, प्रीति जैन (चंदेरिया), मैना सुंदरी श्रीपाल विनोद जैन, सुशीला जैन (चंदेरिया), महायज्ञ नायक प्रकाशचंद्र जैन, सुगंधी जैन, यज्ञ नायक सुरेशचंद्र जैन, संध्या जैन तथा ईशान इंद्र प्रवीण जैन, निर्मला जैन को दायित्व सौंपे गए हैं। साथ ही 25 मंडलों के लिए 25 परिवारों का भी चयन किया गया है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में धर्मवीर एंड पार्टी (भोपाल) द्वारा संगीत सेवा तथा चक्रेश जैन (सोजना) द्वारा मंच संचालन किया जाएगा।</p>
<p><strong>15 जनवरी को मड़ावरा में मंगल अगवानी</strong></p>
<p>मीडिया प्रभारी डॉ. सुनील जैन संचय ने बताया कि आयोजन में सान्निध्य प्रदान करने हेतु मुनि श्री समत्वसागर जी महाराज ससंघ का मंगल पद विहार जारी है। 14 जनवरी को सैदपुर से साढूमल के लिए विहार हुआ तथा 15 जनवरी को प्रातः मड़ावरा में भव्य मंगल अगवानी की जाएगी। इस दौरान गिरार कमेटी के महामंत्री प्रदीप जैन मड़ावरा, आयोजन समिति के महामंत्री राजेश रज्जू मड़ावरा, अभिषेक जैन, राजू सौरया, अजित जैन आदि प्रमुख रूप से शामिल रहे।</p>
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		<title>अतिशय क्षेत्र गिरारगिरी जी में संतों का भव्य मिलन : श्रद्धा और साधना से आलोकित हुआ गिरारगिरी, नववर्ष पर त्रिदिवसीय धार्मिक कार्यक्रम का शुभारंभ </title>
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		<pubDate>Wed, 31 Dec 2025 14:25:40 +0000</pubDate>
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<p><strong>विंध्यगिरि की सुरम्य पर्वतमालाओं एवं धसान नदी के पावन तट पर स्थित श्री 1008 आदिनाथ स्वामी अतिशय क्षेत्र गिरारगिरी जी में बुधवार को जैन धर्म की परंपरा, तपस्या और साधना का अनुपम दृश्य उस समय साकार हो उठा। जब अनेक दिगम्बर जैन संतों का भव्य मिलन हुआ। <span style="color: #ff0000">ललितपुर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
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<p><strong>ललितपुर।</strong> विंध्यगिरि की सुरम्य पर्वतमालाओं एवं धसान नदी के पावन तट पर स्थित श्री 1008 आदिनाथ स्वामी अतिशय क्षेत्र गिरारगिरी जी में बुधवार को जैन धर्म की परंपरा, तपस्या और साधना का अनुपम दृश्य उस समय साकार हो उठा। जब अनेक दिगम्बर जैन संतों का भव्य मिलन हुआ। कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धा की ऊष्मा ने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। इस पावन अवसर पर आचार्य श्री विशुद्धसागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री समत्वसागर जी महाराज एवं मुनि श्री शीलसागर जी महाराज, तथा आचार्य श्री विभवसागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री विभास्वरसागर जी महाराज, मुनि श्री श्रीसागर जी महाराज, मुनि श्री श्रमसागर जी महाराज एवं मुनि श्री शुद्धोपयोगसागर जी महाराज का अतिशय क्षेत्र गिरारगिरी जी में मंगल मिलन हुआ। मुनि संघ के मंगल प्रवेश पर अतिशय क्षेत्र गिरारगिरी कमेटी के पदाधिकारियों एवं उपस्थित श्रद्धालुओं द्वारा आरती उतारकर, पादप्रक्षालन कर एवं जयघोष के साथ संतों की भव्य अगवानी की गई। संपूर्ण क्षेत्र “धर्म जयवंत हो” के घोष से गुंजायमान हो उठा।</p>
<p><strong>गुरु भक्ति महाआरती एवं भजन संध्या होगी </strong></p>
<p>क्षेत्र कमेटी गिरारगिरी के मीडिया प्रभारी डॉ. सुनील संचय ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रातःकाल नित्य महाभिषेक एवं शांतिधारा के साथ कार्यक्रमों का शुभारंभ हुआ। इसके पश्चात गुरु पूजन संपन्न हुआ तथा आहारचर्या के उपरांत मुनि संघ के मंगल प्रवचन हुए। दोपहर में श्री भक्तामर दीपअर्चना का भावपूर्ण आयोजन किया गया। इस अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर दर्शन-वंदन का लाभ लिया एवं पुण्यार्जन किया। मुनिराज को शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य श्रावक श्रेष्ठी राजीव जैन सौरया परिवार, मड़ावरा को प्राप्त हुआ। क्षेत्र कमेटी के महामंत्री प्रदीप जैन, मड़ावरा ने बताया कि नववर्ष के पर अतिशय क्षेत्र गिरारगिरी जी में भव्य त्रिदिवसीय धार्मिक आयोजन आयोजित किए जा रहे हैं। इन आयोजनों के अंतर्गत श्री 1008 आदिनाथ स्वामी (बड़े बाबा) का महामस्तकाभिषेक तथा 25 मंडलीय सिद्धचक्र महामंडल विधान के प्रमुख पात्रों के चयन का कार्यक्रम होगा। अभिषेक जैन ने बताया कि शाम 6 बजे से गुरु भक्ति महाआरती एवं भजन संध्या गायिका रितिका जैन जबलपुर द्वारा की जाएगी।</p>
<p><strong>समता, संयम और विवेक यही साधक के वास्तविक आभूषण </strong></p>
<p>मुनि श्री समत्वसागर जी महाराज ने अपने प्रवचनों में कहा कि धर्म केवल कर्मकांड नहीं, अपितु आत्मा की शुद्धि की साधना है। समता, संयम और विवेक यही साधक के वास्तविक आभूषण हैं। जब मन में राग-द्वेष का क्षय होता है, तभी आत्मा की वास्तविक प्रगति संभव होती है। आप अपना नया वर्ष का शुभारंभ देव शास्त्र गुरु के सान्निध्य में ही करें। नववर्ष का स्वागत बाह्य उल्लास से नहीं, बल्कि अंतरंग परिवर्तन से होना चाहिए। अहिंसा, सत्य और आत्मसंयम को जीवन में उतारना ही सच्चा नववर्ष है।</p>
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