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	<title>मुनि श्री विशल्य सागर जी &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<title>मुनि श्री विशल्य सागर जी &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>पावापुरी तीर्थ पर त्याग और वैराग्य की अनूठी झलक : अनीश (पार्थ) भैया की जैनेश्वरी दीक्षा देखने उमड़े लोग  </title>
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		<pubDate>Sun, 25 Jan 2026 08:10:44 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[पंचकल्याणक महोत्सव के तीसरे दिन तप कल्याणक महोत्सव धूमधाम से प्रारंभ हुआ। हर कोई पावापुरी तीर्थ ये दृश्य देखने को ललायित दिख रहा है। दूर-दूर से जैन धर्मावलंबी पावापुरी आ रहे है। पावापुरी से पढ़िए, राजकुमार जैन अजमेरा की यह खबर&#8230; पावापुरी/ बिहार। भगवान महावीर की निर्वाण भूमि पावापुरी के पावन प्रांगण में इन दिनों [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>पंचकल्याणक महोत्सव के तीसरे दिन तप कल्याणक महोत्सव धूमधाम से प्रारंभ हुआ। हर कोई पावापुरी तीर्थ ये दृश्य देखने को ललायित दिख रहा है। दूर-दूर से जैन धर्मावलंबी पावापुरी आ रहे है। <span style="color: #ff0000">पावापुरी से पढ़िए, राजकुमार जैन अजमेरा की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>पावापुरी/ बिहार</strong>। भगवान महावीर की निर्वाण भूमि पावापुरी के पावन प्रांगण में इन दिनों भक्ति और वैराग्य की गंगा बह रही है। अवसर है श्री मज्जिनेन्द्र चौबीसी पंचकल्याणक महोत्सव का। जिसके तीसरे दिन यानी शुक्रवार को एक अत्यंत भावुक और प्रेरणादायी दृश्य देखने को मिला। मुनि श्री विशल्य सागर जी महाराज के मंगल सानिध्य में उनके संघस्थ बाल ब्रह्मचारी अनीश भैया (पार्थ भैया), जो संसार की समस्त मोह-माया का त्याग कर दिगम्बर जैनेश्वरी दीक्षा धारण कर मोक्ष मार्ग की ओर अग्रसर हो रहे हैं। महोत्सव के तीसरे दिन &#8216;तप कल्याणक&#8217; के विशेष अवसर पर अनीश भैया के दीक्षा संस्कार हुए। वैराग्य के इस उत्सव की शुरुआत शुक्रवार को प्रातः काल बड़े ही भक्तिमय वातावरण में हुई। कार्यक्रम में केशलोच, मेहंदी और हल्दी की रस्में निभाई गईं। यह दृश्य देखकर वहां उपस्थित जनसैलाब की आंखें नम थीं तो दूसरी ओर एक युवा के दृढ़ संकल्प को देखकर हर कोई नतमस्तक था।</p>
<p><strong>अनीश भैया अपने माता-पिता की इकलौती संतान</strong></p>
<p>अनीश भैया की यह दीक्षा समाज के लिए एक ज्वलंत उदाहरण है। मात्र 26 वर्ष की अल्पायु में जहां युवा अपने करियर और सांसारिक सुखों के पीछे भागते हैं, वहां अनीश भैया ने आत्म-कल्याण का मार्ग चुना। विशेष बात यह है कि अनीश भैया अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं। उनका न कोई भाई है और न ही कोई बहन। एक माता-पिता के लिए अपनी एकमात्र संतान को संयम के मार्ग पर भेजना हृदय को झकझोर देने वाला निर्णय होता है लेकिन, मोक्ष मार्ग की श्रेष्ठता को समझते हुए इस परिवार ने अपनी &#8216;आंखों के तारे&#8217; को राष्ट्र और धर्म की सेवा के लिए गुरु चरणों में समर्पित कर दिया।</p>
<p>संघस्थ अलका दीदी ने बताया कि पावापुरी में इस समय भक्तों का भारी हुजूम उमड़ा हुआ है।</p>
<p><strong>जयकारों से गुंजायमान रहा पांडाल</strong></p>
<p>शुक्रवार को कोडरमा, हजारीबाग, डिमापुर, नवादा, मुम्बई,गुजरात, इंदौर आदि इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बने। मुनि श्री विशल्य सागर जी महाराज का मंगल आशीर्वाद पाकर अनीश भैया अब सांसारिक चोले को त्याग कर ऐलक वेष धारण करेंगे। पूरा पावापुरी क्षेत्र &#8220;जय बोलो संयम मार्ग की&#8221; के जयकारों से गुंजायमान है। तैयारियां अपने चरम पर हैं और हर श्रद्धालु इस दीक्षा महोत्सव को सफल बनाने में पूरी तन्मयता से जुटा हुआ है। यह दीक्षा न केवल एक व्यक्ति का परिवर्तन है, बल्कि युवा पीढ़ी के लिए संदेश है कि असली सुख सुविधाओं में नहीं, बल्कि साधना और त्याग में है।</p>
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		<title>मुनि श्री विशल्य सागर जी का नेपाल सीमा में प्रथम प्रवेश : नेपाल की धरती पर पहली बार जनसमुदाय को दिए आशीर्वचन  </title>
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		<pubDate>Sat, 13 Dec 2025 12:55:47 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[दिगंबर जैन धर्म के इतिहास में गुरुवार को स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया। मुनि श्री विशल्य सागर जी महाराज ससंघ के साथ नेपाल सीमा में प्रवेश करने वाले प्रथम दिगंबर जैन साधु बनने का गौरव प्राप्त किया। यह घटना अहिंसा और सद्भाव के संदेश को अंतरराष्ट्रीय सीमाओं तक पहुंचाने की दिशा में एक अभूतपूर्व कदम है। [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>दिगंबर जैन धर्म के इतिहास में गुरुवार को स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया। मुनि श्री विशल्य सागर जी महाराज ससंघ के साथ नेपाल सीमा में प्रवेश करने वाले प्रथम दिगंबर जैन साधु बनने का गौरव प्राप्त किया। यह घटना अहिंसा और सद्भाव के संदेश को अंतरराष्ट्रीय सीमाओं तक पहुंचाने की दिशा में एक अभूतपूर्व कदम है। <span style="color: #ff0000">मिथिलापुरी से पढ़िए जैन राजकुमार अजमेरा की यह रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मिथिलापुरी(सुरसंड/बिहार)</strong>। दिगंबर जैन धर्म के इतिहास में गुरुवार को स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया। मुनि श्री विशल्य सागर जी महाराज ससंघ के साथ नेपाल सीमा में प्रवेश करने वाले प्रथम दिगंबर जैन साधु बनने का गौरव प्राप्त किया। यह घटना अहिंसा और सद्भाव के संदेश को अंतरराष्ट्रीय सीमाओं तक पहुंचाने की दिशा में एक अभूतपूर्व कदम है। मुनि श्री विशल्य सागर जी ससंघ का यह ऐतिहासिक प्रवास मिथिलापुरी जी दिगंबर जैन तीर्थ क्षेत्र पर दो दिवसीय भव्य पंचकल्याणक महा महोत्सव के समापन के तुरंत बाद हुआ। पंचकल्याणक के आध्यात्मिक वातावरण से प्रेरित होकर मुनिराज ने तीर्थ क्षेत्र से मात्र 5 किमी की दूरी पर स्थित नेपाल बॉर्डर की ओर प्रस्थान किया। जैन धर्म के सिद्धांतों और अहिंसा के मार्ग को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से मुनिराज ने नेपाल सीमा में लगभग 1 किमी अंदर तक पदयात्रा की। यह प्रथम अवसर था, जब किसी दिगंबर जैन मुनि ने इस क्षेत्र से नेपाल की सीमा के अंदर प्रवेश किया हो। नेपाल सीमा के भीतर पहुंचकर मुनि श्री विशल्य सागर जी महाराज ने वहां उपस्थित जनसमूह को अपना आशीर्वाद और प्रवचन दिया। अपने तेजस्वी उद्बोधन में मुनिराज ने सभी को भगवान महावीर के दिखाए गए अहिंसा के मार्ग पर चलने, सत्य, अपरिग्रह और ब्रह्मचर्य के सिद्धांतों को जीवन में उतारने की प्रेरणा दी। उन्होंने सभी मनुष्यों के बीच प्रेम, करुणा और भाईचारे के रिश्ते को मजबूत करने पर बल दिया। मुनिराज के इस ऐतिहासिक कार्य से न केवल दिगंबर जैन समाज गौरवान्वित हुआ है, बल्कि यह घटना भारत और नेपाल के आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को एक नई ऊँचाई प्रदान करती है। यह संदेश देता है कि धर्म और अध्यात्म की शक्ति सभी भौगोलिक सीमाओं से परे है। यह ऐतिहासिक क्षण मुनि श्री विशल्य सागर जी महाराज की निर्भीकता और वैश्विक सद्भाव के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसने भविष्य के लिए एक महान उदाहरण स्थापित किया है।</p>
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		<title>मुनि श्री विशल्य सागर जी के अवतरण दिवस पर सेवा कार्य: सकोरे और पौधों का किया रोपण  </title>
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		<pubDate>Sun, 11 May 2025 11:49:59 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[शहर के श्री 1008 चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर गौरी किनारा में गणाचार्य विराग सागर जी मुनिश्री विशल्य सागर जी महाराज के 48 वें अवतरण दिवस पर संगीतमय पूजन हुआ। 48 दीपों से महाआरती की गई। कॉलेज और स्कूल में पौधरोपण किया। 20 मई को बाल संस्कार शिक्षण शिविर लगाया जाएगा। भिंड से पढ़िए, यह खबर&#8230; [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>शहर के श्री 1008 चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर गौरी किनारा में गणाचार्य विराग सागर जी मुनिश्री विशल्य सागर जी महाराज के 48 वें अवतरण दिवस पर संगीतमय पूजन हुआ। 48 दीपों से महाआरती की गई। कॉलेज और स्कूल में पौधरोपण किया। 20 मई को बाल संस्कार शिक्षण शिविर लगाया जाएगा। <span style="color: #ff0000">भिंड से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>भिंड।</strong> शहर के श्री 1008 चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर गौरी किनारा में गणाचार्य विराग सागर जी मुनिश्री विशल्य सागर जी महाराज के 48 वें अवतरण दिवस पर रविवार सुबह 7 बजे गुरुदेव का संगीतमय पूजन एवं 48 दीपों से महाआरती की गई। तीर्थंकर सेवा समिति के अध्यक्ष शैलू जैन एलआईसी ने बताया कि गुरुदेव के 48वें अवतरण दिवस पर जैन महाविद्यालय एवं विद्यालय में 48 पौधों का रोपण किया गया। 48 जीव पक्षियों के लिए सकोरे लगाए गए। विशेष 20 मई को विराग विशुद्ध विशल्य बाल संस्कार शिक्षण शिविर लगाया जाएगा। आगामी कार्यक्रम 12 मई को मध्यवर्ती विद्यालय में सकोरे लगाए जाएंगे। 13 मई को वृद्धा आश्रम में फल वितरण किया जाएगा। 14 मई को गाय को चारा खिलाया जाएगा।</p>
<p>गुरुदेव का जन्म 11 मई 1977 को बमीठा जिला छतरपुर में हुआ था। वर्तमान में गुरुदेव अतिशय क्षेत्र नवादा विहार में विराजमान हैं। कार्यक्रम आयोजक तीर्थंकर शासन सेवा समिति, चंद्रप्रभु युवा समिति, विराग विशुद्ध बहू मंडल किला गेट थे। कमलेश जैन, प्रभाष जैन अड़ोखर, मुकेश जैन बरेडी, प्रभाष जैन, राकेश जैन प्राचार्य, सोनल जैन पत्रकार, मुकेश जैन रपरिया, मनोज जैन, पवन, जीतू, मनीष, दीपू श्रेयांश, आलोक, मनीष, प्रीति जैन, ममता, रूबी, मोना, अर्चना, सीमा, अंजू, सोनी और गुरु भक्त परिवार ने शामिल होकर कार्यक्रम को सफल बनाया।</p>
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		<title>जैन धर्म विश्व धर्म है विश्व में सभी लोग सुखी रहे : महावीर जन्म महोत्सव में झमाझम बारिश में निकली शोभायात्रा  </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 11 Apr 2025 04:26:06 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव में आज झमाझम बारिश में निकली। भगवान की पालकी रथ यात्रा निकाली गई। मुनि श्री विशल्य सागर जी ने कहा भगवान इंद्र ने जलाभिषेक कर स्वयं भगवान का अभिषेक किया। झुमरीतिलैया से पढ़िए राजकुमार जैन की खबर&#8230; झुमरीतिलैया। जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव में आज झमाझम बारिश में निकली। भगवान की पालकी रथ यात्रा निकाली गई। मुनि श्री विशल्य सागर जी ने कहा भगवान इंद्र ने जलाभिषेक कर स्वयं भगवान का अभिषेक किया। <span style="color: #ff0000">झुमरीतिलैया से पढ़िए राजकुमार जैन की खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>झुमरीतिलैया।</strong> जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव में आज झमाझम बारिश में निकली। भगवान की पालकी रथ यात्रा निकाली गई। जैन संत मुनि श्री विशल्य सागर जी ने कहा भगवान इंद्र ने जलाभिषेक कर स्वयं भगवान का अभिषेक किया। श्री दिगंबर जैन समाज द्वारा भगवान महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव बड़े ही उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। रथ यात्रा के साथ पूरे नगर का भ्रमण किया गया। भगवान महावीर के जयकारों और अहिंसा के संदेशों का उद्घोष किया गया। मुनि श्री विशल्य सागर जी के सानिध्य में विशाल रथ यात्रा, बैंड ,नगाड़ा के साथ जुलूस ने पूरे शहर का भ्रमण किया। जैन समाज की महिलाएं पीला वस्त्र और पुरुष श्वेत वस्त्र में साथ साथ चल रहे थे। जैन स्कूल के बच्चे अपने स्कूल बैंड के साथ जैन महिला संगठन डांडिया और भक्ति गीत जैन ध्वज के साथ जुलूस की शोभा बढ़ा रहे थे। सुबोध गंगवाल, लट्टू संजय छाबड़ा, आनंद अजमेरा अपनी पूरी संगीत म्यूजिशियन पार्टी के साथ भगवान महावीर जन्म कल्याणक गीत और उद्घोष से पूरे शहर के वातावरण को धर्म और भक्ति की गंगा में बहा रहे थे। स्टेशन रोड डॉक्टर गली जैन मंदिर से भगवान को रथ पर भगवान महावीर की प्रतिमा को विराजमान संजय-ममता जैन सेठी द्वारा किया गया। रथ पर सारथी मूलचंद सुशील-शशि जैन छाबड़ा परिवार, खजांची सुरेश-सिद्धार्थ जैन सेठी परिवार के साथ 4 परिवार के द्वारा चवर ढुलाया का सौभाग्य प्राप्त किया।</p>
<p><strong>धार्मिक शोभायात्रा निकाली</strong></p>
<p>भगवान का रास्ते में जगह-जगह लोगों ने आरती उतारी। यह धार्मिक शोभायात्रा डॉक्टर गली जैन बड़ा मंदिर से स्टेशन रोड, ओवर ब्रिज, पानी टंकी रोड होते हुए नया मंदिर पानी टंकी रोड में समाप्त हुई। जैन संत मुनि श्री विशल्य सागर जी ने अपने अमृत प्रवचन में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि विश्व मैत्री के लिए भगवान महावीर के सिद्धांतों को अपनाने की आवश्यकता है। तभी पूरे विश्व में अमन चैन और शांति हो सकती है। भगवान महावीर के दिव्य संदेश जियो और जीने दो, सत्य अहिंसा का पालन करना चाहिए तभी राष्ट्र का कल्याण हो सकता है। जैन धर्म विश्व धर्म है, विश्व में सभी लोग सुखी रहे यही कामना करता है।</p>
<p><strong>विश्व शांति और अहिंसा की कामना की</strong></p>
<p>प्रातः 5:00 प्रभात फेरी भी निकाली गई। सभी महिलाओं बच्चे और समाज के लोगों ने भगवान महावीर के चरणों में दीप प्रज्वलित किया और विश्व शांति और अहिंसा की कामना की। भगवान महावीर स्वामी का भव्य महामस्तकाभिषेक और शांतिधारा का सौभाग्य संदीप,आशीष जैन सेठी,त्रिलोक जैन छाबड़ा,प्रदीप जैन छाबड़ा,कमल,प्राथ जैन सेठी ओर मुनि श्री का चरण धोने का सौभाग्य ललित-नीलम,आशीष-प्रीति जैन सेठी,ओर शास्त्र भेट सुरेन्द-सरिता जैन काला परिवार को मिला। महिलाओं ने गुरुदेव को शास्त्र भेट किया। इन सभी कार्यक्रम में विशेष योगदान देने वाले कोषाध्यक्ष सुरेंद्र जैन काला , सह मंत्री राज जैन छाबड़ा, सुनील जैन सेठी,पार्षद पिंकी जैन,,नीलम सेठी,आशा गंगवाल ,सुशील जैन छाबड़ा , सुरेश जैन झाझंरी, जयकुमार जैन गंगवाल,ललित जैन सेठी,आशीष जैन सेठी, सभी कार्यक्रम में शामिल हुए।</p>
<p><strong>इन्होंने दिया सहयोग </strong></p>
<p>जैन युवक समिति के अभिषेक जैन गंगवाल, विकास, विवेक, राजा जैन सेठी, शैलेश जैन छाबड़ा,जैन महिला समाज के पदाधिकारी सदस्य सभी लोगों ने अपना सहयोग दिया।</p>
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		<title>णमोकार महामंत्र से अमन चैन संभव : मुनि श्री विशल्य सागर जी के सानिध्य में हुआ महामंत्र का पाठ </title>
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		<pubDate>Wed, 09 Apr 2025 16:11:28 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[भगवान श्री महावीर स्वामी के 2624 वें जन्म कल्याणक महोत्सव के दूसरे दिन जीतो ऑर्गनाइजेशन द्वारा आयोजित विश्व णमोकार दिवस मनाया। श्री दिगम्बर जैन मंदिर में सकल जैन समाज झूमरी तिलैया ने मुनि श्री विशल्य सागर जी के सानिध्य में णमोकार मंत्र का पाठ किया गया। झुमरीतिलैया से राज जैन अजमेरा की यह खबर पढ़िए&#8230; [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>भगवान श्री महावीर स्वामी के 2624 वें जन्म कल्याणक महोत्सव के दूसरे दिन जीतो ऑर्गनाइजेशन द्वारा आयोजित विश्व णमोकार दिवस मनाया। श्री दिगम्बर जैन मंदिर में सकल जैन समाज झूमरी तिलैया ने मुनि श्री विशल्य सागर जी के सानिध्य में णमोकार मंत्र का पाठ किया गया। <span style="color: #ff0000">झुमरीतिलैया से राज जैन अजमेरा की यह खबर पढ़िए&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>झुमरितिलैया</strong> । जैन धर्म के वर्तमान शासन नायक देवाधिदेव 1008 भगवान श्री महावीर स्वामी के 2624 वें जन्म कल्याणक महोत्सव के दूसरे दिन जीतो ऑर्गनाइजेशन द्वारा आयोजित विश्व णमोकार दिवस पर बुधवार को श्री दिगम्बर जैन मंदिर में सकल जैन समाज झूमरी तिलैया ने मुनि श्री विशल्य सागर जी के मुखारबिंद से 8.01 से प्रारंभ होकर 9.36 तक जाप किया। इस शुभ अवसर पर मुनि श्री विशल्य सागर जी ने कहा कि णमोकार महामंत्र से ही अमन चैन संभव है। विश्व में णमोकार की छाया में ही देश, राष्ट्र, विश्व का पर्यावरण परिशुद्ध होगा। णमोकार मंत्र की वर्गणाएं ब्रह्मांड को पवित्र करती हैं। प्रत्येक प्राणी को यह मंत्र जपना चाहिए। इसे अपने हृदय में प्रतिष्ठापित करो। इस मंत्र में पाँच दिव्य सर्वोच्च महाशक्तियाँ है जिनका स्मरण पाप-ताप-संताप को दूर करता है। द्वादशांग का सार है यह महामंत्र। इस महामंत्र में सम्पूर्ण ग्रंथ-निर्ग्रंथ समाए हैं।</p>
<p><strong>देश के कोने कोने में शांति की स्थापना होगी</strong></p>
<p>जिसने इस मंत्र को पढ़ लिया, समझ लिया, उसने सम्पूर्ण ग्रंथों को, निर्ग्रथों को पढ़ लिया। मुनि श्री ने कहा कि आगे बताया कि देश में परमाणु बम की नहीं णमोकार मंत्र की आवश्यकता है। जिससे देश के कोने कोने में शांति की स्थापना होगी। इस कार्यक्रम में विशेष सहयोगी कोलकोत्ता जीतो संस्था के अध्यक्ष धर्मेन्द्र जैन चोरड़िया, रांची संभाग के वाइस प्रेसिडेंट विनीता जैन सेठी, कार्यक्रम संयोजक मनीष जैन सेठी,राज जैन अजमेरा,अभिषेक जैन,अमित जैन सेठी,मोहित जैन सोगानी,हेमंत दुग्गड़,रितेश दुग्गड़,सारांश जैन अंचल अधिकारी जयनगर,समाज के पदाधिकारी सह मंत्री राज जैन छाबड़ा,कोषाध्यक्ष सुरेन्द जैन काला, सुनील जैन सेठी,जय कुमार जैन गंगवाल,ललित जैन सेठी, सुर समार्ट सुबोध-आशा जैन गंगवाल,नीलम सेठी,शशि सेठी उपस्थित थे।</p>
<p><strong>गरीब लोगों को भोजन कराया</strong></p>
<p>णमोकार के पश्चात सभी नगर भ्रमण कर बडे मंदिर जी पहुंचे। इसके बाद दिन में 11 बजे महिला समाज द्वारा सभी हॉस्पिटल में फल,चना,सत्तू,ग्लूकोज,होर्लिक्स पानी, मिठाई आदि के साथ आर्थिक सहायता और जीवन ज्योति आश्रम में विक्षिप्त महिलाओं को वस्त्र वितरण ,बच्चों को भी कपड़ा दिया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य संयोजक मुकेश जैन अजमेरा,सुनील जैन छाबड़ा,मनोज जैन सेठी आदि प्रमुख सदस्य इस नवकार दिवस पर शामिल हुए। दिन में 1 बजे स्टेशन परिषद में स्व. मूलचंद जैन फाउंडेशन द्वारा प्यार बाटते चलो कार्यक्रम में गरीब लोगों को भोजन कराया गया। संध्या आरती और णमोकार चालीसा का पाठ मंदिर परिषद में हुआ।</p>
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		<title>मुनि श्री विशल्य सागर जी का सोमवार को होगा प्रवेश : झारखंड सरकार के राजकीय अतिथि हैं मुनिराज  </title>
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		<pubDate>Sun, 30 Mar 2025 16:42:52 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[झारखंड सरकार के राजकीय अतिथि मुनि श्री विशल्य सागर जी का मंगल प्रवेश सोमवार को होगा। उनके आगमन की सूचना से जैन समाज में खुशी की लहर है। उनके आगमन पर शहर में कई मुख्य स्थानों पर तोरण द्वार बनाए जा रहे हैं। कोडरमा से पढ़िए यह खबर&#8230;  कोडरमा। झारखंड सरकार के राजकीय अतिथि मुनि [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>झारखंड सरकार के राजकीय अतिथि मुनि श्री विशल्य सागर जी का मंगल प्रवेश सोमवार को होगा। उनके आगमन की सूचना से जैन समाज में खुशी की लहर है। उनके आगमन पर शहर में कई मुख्य स्थानों पर तोरण द्वार बनाए जा रहे हैं। <span style="color: #ff0000">कोडरमा से पढ़िए यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong> कोडरमा।</strong> झारखंड सरकार के राजकीय अतिथि मुनि श्री विशल्य सागर जी का मंगल प्रवेश सोमवार को होगा। उनके आगमन की सूचना से जैन समाज में खुशी की लहर है। आचार्य श्री विराग सागर जी के विशल्य सागर जी कई किमी पैदल चलकर कोडरमा में प्रवेश करेंगे। समाज के कोषाध्यक्ष सुरेन्द जैन ने बताया कि मुनि श्री विशल्यसागर जी महाराज के आगमन पर भव्य अगवानी की जाएगी। उनका प्रवास झुमरी तिलैया में होगा। उन्होंने कहा कि उनके आगमन पर शहर में कई मुख्य स्थानों पर तोरण द्वार बनाए जा रहे हैं। वहां पर भक्तों और अन्य समाज द्वारा उनकी भव्य अगवानी और आरती की जाएगी।</p>
<p><strong>आगमन की तैयारी में जुटे है भक्तजन</strong></p>
<p>निवर्तमान पार्षद पिंकी जैन ने कहा कि जैन संत विशल्य सागर जी को झारखंड सरकार ने राजकीय अतिथि घोषित किया है। उनके पवित्र चरण कोडरमा की भूमि पर पड़ने पर जिले को इसका लाभ मिलेगा। मुनिश्री यहां 1 महीने तक रहेंगे। उनकी अमृतवाणी, और विश्व शांति मंत्रों से शहर गुंजायमान होगा। समाज के उप मंत्री नरेंद्र जैन झांझरी,सह मंत्री राज जैन छाबड़ा, कोषाध्यक्ष सुरेन्द जैन काला, सुनील जैन सेठी, पूर्व मंत्री ललित जैन सेठी, राजीव जैन छाबड़ा, दिलीप जैन बाकलीवाल, पीयूष जैन कासलीवाल, महिला समाज, जैन युवक समिति की पूरी टीम आगमन की तैयारी कर रही है। जैन युवक समिति युवा साथी उनके साथ नवादा से पैदल साथ में चल रहे हैं। यह जानकारी जैन समाज के मीडिया प्रभारी राजकुमार जैन अजमेरा, नवीन जैन ने दी।</p>
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		<title>पुरुषार्थ से ही जीवन में बदलावः मुनि श्री विशल्य सागर जी</title>
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		<pubDate>Wed, 20 Jul 2022 17:01:54 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[न्यूज सौजन्य- राजकुमार अजमेरा झुमरी तिलैया (कोडरमा)। झारखंड सरकार के राजकीय अतिथि सम्मान प्राप्त जैन संत गुरुदेव मुनि 108 श्री विशल्य सागर जी ने अपनी अमृतवाणी में कहा है कि पुरुषार्थ से ही जीवन में बदलाव आता है। जीवन में दूषित विचारों को त्याग करना चाहिए। यदि जीवन की इमारत को बनाना है तो क्रोध, [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #ff0000;">न्यूज सौजन्य- राजकुमार अजमेरा</span></p>
<p><strong>झुमरी तिलैया (कोडरमा)।</strong> झारखंड सरकार के राजकीय अतिथि सम्मान प्राप्त जैन संत गुरुदेव मुनि 108 श्री विशल्य सागर जी ने अपनी अमृतवाणी में कहा है कि पुरुषार्थ से ही जीवन में बदलाव आता है। जीवन में दूषित विचारों को त्याग करना चाहिए। यदि जीवन की इमारत को बनाना है तो क्रोध, मान, माया, लोभ को हटाना होगा। मनुष्य पर्याय में ही जीवन के महल को बनाया जा सकता है। हमें सोना नहीं है, जीवन को सोना बनाना है। समय का सदुपयोग जरूरी है। भगवान की मर्जी के बिना पत्ता भी नहीं हिलता है। हमें अपने जीवन से खराब कर्मों को हटाना है। मनुष्य हमेशा दूसरे की संपत्ति को अपना मान बैठता है। इस विकृति से बचना होगा तभी मनुष्य मानसिक परेशानियों से बच सकता है और शांति का अनुभव कर सकता है।<br />
स्थानीय जैन मंदिर, पानी टंकी रोड में चातुर्मास स्थापना का राजा श्रेयांश कलश लेने का सौभाग्य रतन लाल, सुरेश कुमार, विनोद कुमार, संदीप पहाड़िया परिवार को मिला। आचार्य विराग सागर जी के चित्र अनावरण का सौभाग्य एवं गुरुदेव विशल्यसागर जी के चरण धोने एवं शास्त्र भेंट करने का भी सौभाग्य पहाड़िया परिवार को मिला। कार्यक्रम के संयोजक सुरेंद्र काला, मंत्री ललित सेठी, उप मंत्री नरेंद्र झाझंरी ने सभी अतिथियों को माला, दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया।<br />
जैन समाज के मीडिया प्रभारी नवीन जैन राजकुमार अजमेरा ने बताया कि इस मौके पर जैन समाज के उपाध्यक्ष कमल सेठी, दिगंबर जैन विद्यालय के संयोजक सुनील छाबड़ा, मनीष सेठी, सुबोध गंगवाल, मनोज सेठी, महिला समाज की अध्यक्ष नीलम सेठी, मंत्री आशा गंगवाल, शकुंतला पहाड़िया, रश्मि पहाड़िया, शशि पहाड़िया, ज्योति पहाड़िया, किरण देवी, विधि, चारवि, ऋषभ पहाड़िया, सिद्धार्थ,अनिल,सुनील पहाड़िया, राजकुमार पहाड़िया आदि भक्तजन उपस्थित थे।</p>
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