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	<title>मुनि श्री प्रणम्य सागर &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>4 वर्ष से अजय जैन ले रहे हैं अर्हम योग की क्लास : लोगों को मिल रहा स्वास्थ्य लाभ, मानसिक लाभ और आध्यात्मिक लाभ  </title>
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		<pubDate>Mon, 24 Jun 2024 06:52:40 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[ झुमरीतिलैया निवासी और दिल्ली प्रवासी अजय जैन 4 वर्षों से अर्हम योग की क्लास प्रतिदिन सुबह 5 बजे से ले रहे हैं। दि योगा एंड वेलफेयर ट्रस्ट के अध्यक्ष, अधिवक्ता एवं योगा वैलनेस इंस्ट्रक्टर अजय जूम एप के माध्यम से अभी तक नियमित, निशुल्क और निरंतर करीब 1500 से ज्यादा क्लासेस ले चुके हैं। पढ़िए [&#8230;]]]></description>
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<p><strong> झुमरीतिलैया निवासी और दिल्ली प्रवासी अजय जैन 4 वर्षों से अर्हम योग की क्लास प्रतिदिन सुबह 5 बजे से ले रहे हैं। दि योगा एंड वेलफेयर ट्रस्ट के अध्यक्ष, अधिवक्ता एवं योगा वैलनेस इंस्ट्रक्टर अजय जूम एप के माध्यम से अभी तक नियमित, निशुल्क और निरंतर करीब 1500 से ज्यादा क्लासेस ले चुके हैं। <span style="color: #ff0000">पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>कोडरमा।</strong> झुमरीतिलैया निवासी और दिल्ली प्रवासी अजय जैन 4 वर्षों से अर्हम योग की क्लास प्रतिदिन सुबह 5 बजे से ले रहे हैं। दि योगा एंड वेलफेयर ट्रस्ट के अध्यक्ष, अधिवक्ता एवं योगा वैलनेस इंस्ट्रक्टर अजय जूम एप के माध्यम से अभी तक नियमित, निशुल्क और निरंतर करीब 1500 से ज्यादा क्लासेस ले चुके हैं।यह क्लास 25 मार्च 2020 को जब भारत में लॉकडाउन शुरू हुआ था, तभी से जैन संत अर्हम योग के प्रणेता गुरुदेव मुनि श्री प्रणम्य सागरजी महाराज के मंगल आशीर्वाद से निरंतर चली आ रही है। 10वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष में ऑनलाइन के माध्यम से अजय कुमार जैन ने विशेष क्लास ली, जिसमें देश -विदेश से अनेक लोगों ने भाग लिया। इस क्लास के माध्यम से हजारों लोगों को स्वास्थ्य लाभ, मानसिक लाभ और आध्यात्मिक लाभ मिला है।</p>
<p>इस ऑनलाइन क्लास को नियमित संचालित करने में कोडरमा से बबीता जैन, नमिता जैन, संजय जैन, धनबाद से वंदना जैन, मुंबई से विनोद जैन, रंजना, विजय जैन इंदौर से एवं सुनीता नाथद्वारा से, चेन्नई से डॉक्टर सरिता जैन आदि सेकड़ों लोग जुड़कर योग कर रहे हैं और 21 जून को बहुत लोग जुड़े। जैन ने इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी बोर्ड ऑफ इंडिया के ऑफिसर्स के लिए भी योगा सेशन कराया।</p>
<p>अजय कुमार जैन मिनिस्ट्री ऑफ आयुष से सर्टिफाइड योगा वैलनेस इंस्ट्रक्टर है और इनका नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी दर्ज हुआ है और उनको इंडियन अचीवर्स अवार्ड, ग्लोबल वैलनेस फोरम टॉप 10 बेस्ट परफारमेंस अवॉर्ड एवं ग्लोबल वैलनेस एंबेसडर अवॉर्ड, 2022 भी मिल चुका है।</p>
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		<title>रक्तचाप के बारे में दिया प्रशिक्षण : तीन दिवसीय अर्हं ध्यान योग शिविर सम्पन्न </title>
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		<pubDate>Thu, 13 Jun 2024 08:15:10 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[अर्हं योग प्रणेता पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद से व कुलपति प्रो. आशु रानी जी के निर्देशन में तीन दिवसीय अर्हं ध्यान योग शिविर के अंतिम दिन आज रक्तचाप (बी.पी.) विषय पर प्रशिक्षण अक्षय जैन द्वारा दिया गया। पढ़िए यह रिपोर्ट&#8230; आगरा। अर्हं योग प्रणेता पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>अर्हं योग प्रणेता पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद से व कुलपति प्रो. आशु रानी जी के निर्देशन में तीन दिवसीय अर्हं ध्यान योग शिविर के अंतिम दिन आज रक्तचाप (बी.पी.) विषय पर प्रशिक्षण अक्षय जैन द्वारा दिया गया। <span style="color: #ff0000">पढ़िए यह रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>आगरा।</strong> अर्हं योग प्रणेता पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद से व कुलपति प्रो. आशु रानी जी के निर्देशन में तीन दिवसीय अर्हं ध्यान योग शिविर के अंतिम दिन आज रक्तचाप (बी.पी.) विषय पर प्रशिक्षण अक्षय जैन द्वारा दिया गया। अक्षय जैन ने बताया कि रक्तचाप (बी.पी.) आज की जीवन शैली का एक अंग बन गई है जो कि छोटे बच्चों में भी इसके होने शिकायत मिलती है।</p>
<p>पंच मुद्रा नियम करने से हम रक्तचाप (बी.पी.) की समय को कंट्रोल करने के साथ साथ इसको समाप्त भी कर सकते हैं। सत्र से पूर्व सिद्धार्थ जैन व दीक्षा जैन-ईशा जैन द्वारा सभी को योग आसान व पंच मुद्रा और अर्हं क्लैप्स कराईं। सिद्धार्थ जैन द्वारा पंच मुद्रा व अर्हं क्लैप्स को विस्तार से समझाया व बताया कि कैसे योग को हम अर्हं मंत्र के साथ करके उसकी ऊर्जा को दोगुना कर सकते हैं।</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-62029" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/06/IMG-20240613-WA0010-scaled.jpg" alt="" width="2560" height="1920" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/06/IMG-20240613-WA0010-scaled.jpg 2560w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/06/IMG-20240613-WA0010-300x225.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/06/IMG-20240613-WA0010-1024x768.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/06/IMG-20240613-WA0010-768x576.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/06/IMG-20240613-WA0010-1536x1152.jpg 1536w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/06/IMG-20240613-WA0010-2048x1536.jpg 2048w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/06/IMG-20240613-WA0010-74x55.jpg 74w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/06/IMG-20240613-WA0010-111x83.jpg 111w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/06/IMG-20240613-WA0010-215x161.jpg 215w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/06/IMG-20240613-WA0010-990x743.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/06/IMG-20240613-WA0010-1320x990.jpg 1320w" sizes="(max-width: 2560px) 100vw, 2560px" /> योग शिविर के समापन अवसर पर विवि के प्रो वीसी डॉ अजय तनेजा द्वारा सभी शिविरार्थियों व अर्हं टीम का इस आयोजन के लिए धन्यवाद दिया गया। इस अवसर पर अर्हं टीम द्वारा डॉ अजय तनेजा का पौधा दे कर स्वागत व धन्यवाद किया।आज के सत्र में डॉ. अखिलेश सक्सेना, डॉ एस.के.जैन, अरुणा जैन, शुभम जैन, सीमा जैन, रचना जैन, मोनी जैन, वर्षा जैन, छाया जैन, अंजना जैन आदि उपस्थित रहे।</p>
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		<title>मधुमेह से राहत पाने की दी जानकारी : शुरू हुआ तीन दिवसीय अर्हं ध्यान योग शिविर </title>
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		<pubDate>Mon, 10 Jun 2024 12:52:03 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[अर्हम ध्यान योग प्रणेता मुनिश्री प्रणम्य सागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद एव अर्हम ध्यान योग टीम आगरा के द्वारा एवं माननीय कुलपति महोदय प्रो. आशु रानी के निर्देशन में तीन दिवसीय अर्हम ध्यान योग के शिविर का विधिवत शुभारम्भ आगरा के खंदारी स्थित डॉ भीमराव अंबेडकर विश्व विद्यालय खंदारी कैंपस में किया गया। पढ़िए [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>अर्हम ध्यान योग प्रणेता मुनिश्री प्रणम्य सागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद एव अर्हम ध्यान योग टीम आगरा के द्वारा एवं माननीय कुलपति महोदय प्रो. आशु रानी के निर्देशन में तीन दिवसीय अर्हम ध्यान योग के शिविर का विधिवत शुभारम्भ आगरा के खंदारी स्थित डॉ भीमराव अंबेडकर विश्व विद्यालय खंदारी कैंपस में किया गया। <span style="color: #ff0000">पढ़िए शुभम जैन की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>आगरा।</strong> अर्हम ध्यान योग प्रणेता मुनिश्री प्रणम्य सागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद एव अर्हम ध्यान योग टीम आगरा के द्वारा एवं माननीय कुलपति महोदय प्रो. आशु रानी के निर्देशन में तीन दिवसीय अर्हम ध्यान योग के शिविर का विधिवत शुभारम्भ आगरा के खंदारी स्थित डॉ भीमराव अंबेडकर विश्व विद्यालय खंदारी कैंपस में किया गया। जहां आज प्रथम दिन मधुमेह से योग के माध्यम से नियंत्रित कर राहत पा सकते हैं, इस पर आज का प्रशिक्षण दिल्ली से आईं डॉ. रुचि जैन द्वारा दिया गया।</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-61882" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/06/IMG-20240610-WA0030.jpg" alt="" width="1600" height="1200" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/06/IMG-20240610-WA0030.jpg 1600w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/06/IMG-20240610-WA0030-300x225.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/06/IMG-20240610-WA0030-1024x768.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/06/IMG-20240610-WA0030-768x576.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/06/IMG-20240610-WA0030-1536x1152.jpg 1536w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/06/IMG-20240610-WA0030-74x55.jpg 74w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/06/IMG-20240610-WA0030-111x83.jpg 111w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/06/IMG-20240610-WA0030-215x161.jpg 215w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/06/IMG-20240610-WA0030-990x743.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/06/IMG-20240610-WA0030-1320x990.jpg 1320w" sizes="(max-width: 1600px) 100vw, 1600px" /> डॉ. रुचि जैन ने बताया कि मधुमह का कनेक्शन हमारे पेट से होता है और हमारा भोजन की प्रकार से होना चाहिए व कितने बजे तक हमें भोजन लेना चाहिए और किस किस प्रकार का भोजन करना चाहिए। सत्र से पहले डॉ. रुचि जैन ने पंचमुद्रा व अर्हम क्लैप्स कराई।</p>
<p>आज के सत्र में डॉ. अखिलेश सक्सेना, प्रोफेसर मनु प्रताप, डॉ. राजीव कुमार, पन्नालाल बैनारा, राजीव जैन, पंकज जैन सीटीवी, सतेंद्र जैन, अक्षय जैन, सिद्धार्थ जैन, अरुण जैन, शुभम जैन, छाया जैन, मोनी जैन, मयूरी जैन, दीक्षा जैन, ईशा जैन, वर्षा जैन आदि लोग उपस्थित रहे।</p>
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		<title>16 अप्रैल को दो बजे से आचार्य पद पदारोहण अनुष्ठान कार्यक्रम :  आचार्य श्री का प्रथम दर्शन कुंडलपुर में किया और उन्हीं का होकर रह गया &#8211; मुनि श्री प्रणम्यसागर जी महाराज </title>
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		<pubDate>Sat, 13 Apr 2024 10:47:18 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[विश्व प्रसिद्ध सिद्धक्षेत्र कुंडलपुर में अर्हम योग प्रणेता पूज्य मुनि श्री प्रणम्यसागर जी महाराज ने आचार्य श्री विद्यासागर जी जुड़ी संस्मरण साझा किए। जब उन्होंने मुनि श्री समय सागर जी को मंच पर आने के लिए कहा तो मुनि श्री ने उन्हें ये बातें याद दिलाईं। पढ़िए यह विशेष आलेख&#8230;.प्रस्तुति जयकुमार जैन जलज, रिपोर्ट राजीव [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>विश्व प्रसिद्ध सिद्धक्षेत्र कुंडलपुर में अर्हम योग प्रणेता पूज्य मुनि श्री प्रणम्यसागर जी महाराज ने आचार्य श्री विद्यासागर जी जुड़ी संस्मरण साझा किए। जब उन्होंने मुनि श्री समय सागर जी को मंच पर आने के लिए कहा तो मुनि श्री ने उन्हें ये बातें याद दिलाईं। पढ़िए यह विशेष आलेख&#8230;.<span style="color: #ff0000">प्रस्तुति जयकुमार जैन जलज, रिपोर्ट राजीव सिंघई मोनू&#8230;</span></strong></p>
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<p><strong>कुंडलपुर।</strong> विश्व प्रसिद्ध सिद्धक्षेत्र कुंडलपुर में अर्हम योग प्रणेता पूज्य मुनि श्री प्रणम्यसागर जी महाराज ने मंगल प्रवचन देते हुए कहा परम पूज्य निर्यापक श्रमण भावी आचार्य श्री समय सागर जी महाराज ने संकेत दिया कि आज आपको मंच पर प्रवचन करना है तो हमने महाराज जी से निवेदन किया आपकी उपस्थिति ही लोगों के लिए अनिवार्य है लेकिन महाराज जी ने कहा आज हमारी व्यस्ततायें हैं। हमने कहा हम बहुत लघु हैं आपके समक्ष ही कुछ अच्छा लगेगा तो महाराज जी ने याद दिलाया आप पहले भी ऐसा कर चुके हो जब आचार्य जी ने आपको महोत्सव में सबसे पहले कहा था और आप प्रवचन करने गए थे।</p>
<p>वह याद जो महाराज जी ने दिलाई, ऐसी कई यादें इस क्षेत्र में बड़े बाबा छोटे बाबा के साथ में जुड़ी थीं। कहा जाए तो हमारे जीवन की शुरुआत सच्चे मायने में कुंडलपुर क्षेत्र से ही हुई थी।बात उस समय की है, जब आचार्य श्री यहीं पर चातुर्मास कर रहे थे। वर्ष 1995 में हमने कभी आचार्य श्री को नहीं देखा था। हम ऐसे दूर इलाके के बंदे थे, जहां महाराज श्री का सानिध्य कम मिलता। हम उस क्षेत्र प्रांत की बात कर रहे हैं जहां मैं जन्मा हूं। उस प्रदेश में उनका पहला चातुर्मास 1975 में फिरोजाबाद में हुआ।आप समझ गए होंगे हम किस प्रदेश की बात कर रहे हैं। संयोग की बात इस देह का जन्म भी उसी समय हुआ, जब 1975 में आचार्य श्री का चातुर्मास हुआ था।</p>
<p>भोगांव में मेरा जन्म हुआ था ।आप सोच सकते हो हम उस समय में क्या थे। आचार्य महाराज चातुर्मास करके गए शायद उनके चातुर्मास की वर्गणायें का यह प्रभाव होगा। हमने कभी आचार्य श्री के दर्शन नहीं किये केवल उनके चर्चे सुने थे बातें सुनने में आती थी ।आप जानते हैं वह उत्तर प्रदेश फिरोजाबाद के आसपास का ऐसा स्थान है जहां पास में सिरसागंज है और वहीं पर पढ़ाई लिखाई का सारा कारोबार वही हो रहा था। इटावा, चंबल का भिंड का इलाका कहलाता वहां कभी साधु संतों का ज्यादा आवागमन नहीं होता और ऐसी स्थिति में जहां धर्म का वातावरण ना हो अचानक से मन में एक भाव उत्पन्न होता कि मैं जिनकी चर्चा सुनता रहा हूं उनका दर्शन कर पाऊं या ना कर पाऊं ऐसा मन में भाव आ जाना और वह भाव आने के बाद मन में विचार आना कि जिनके बारे में मैं सुनता हूं क्या सुनता हूं।</p>
<p>लोग आपस में चर्चा करते हैं रहते थे कहीं वर्तमान में तीर्थंकर जैसी चर्या को कही देखना है तीर्थंकर स्वरूप को देखना है दर्शन करना है तो बुंदेलखंड चले जाओ आचार्य विद्यासागर महाराज विराजमान है। ऐसा सुना करता था वह आज भी याद है केवल उन शब्दों को सुनकर मन में श्रद्धा का भाव उत्पन्न हुआ शायद हम भी कभी ऐसा गुरु महाराज के दर्शन कर पाए लेकिन दर्शन करने के लिए बहुत कुछ निमित्त आवश्यक होते हैं ।यह तो उस बच्चे के भाव हैं कभी 11वीं 12वीं पढ़ रहा था और उस समय उसके मन में भाव आए। कुछ वर्ष के बाद में फिर एक भाव आया और अचानक से एक दिन एक स्वप्न दिखाई दिया उस स्वप्न में हमने दो आचार्य को बहुत हंसते देखा खिलखिलाते देखा ।आज भी वैसे हंसी हमारे मस्तक में घूमती है और उसमें आचार्य महाराज बड़ी प्रसन्न मुद्रा में हंस रहे थे।</p>
<p>एक आचार्य थे उनको मैं जानता था उनके संपर्क में आने लगा था दूसरे आचार्य के बारे में मैंने सुना यह कौन हो सकते हैं उस मंदिरमें कहीं गुरु महाराज की फोटो मिल गई थी याने मैंने कभी गुरु महाराज का फोटो भी नहीं देखा था और पहली बार गुरु महाराज ने हमें दर्शन दिया तो वह सपने में दर्शन दिया जब हमे दर्शन हो गया तो मेरा एक मित्र था धार्मिक था जिनका नाम सुकौशल था आज आचार्य महाराज के संघ में अभिनंदन सागर के नाम से जाने जाते हैं ।मुनि महाराज को जिनका मैंने दर्शन किया एक को तो जानता था दूसरे को नहीं जानता यह कौन हो सकते हैं नाम सुना है कभी फोटो नहीं देखी उन सुकौशल भाई साहब ने कहीं से फोटो लाकर दिखाई वह फोटो दिखाई तो दो शिखर के बीच में आचार्य महाराज बैठे हुए हैं रामटेक की वह फोटो ।</p>
<p>उस फोटो को देखने के बाद मैंने कहा यह तो वही है जिन्हें मैंने सपने में देखा। फोटो देखने के बाद हमें समझ में आया कि आचार्य महाराज ने मुझे स्वप्न में दर्शन दिया लेकिन उससे कोई ऐसा नहीं लगा कि उन्होंने स्वप्न में दर्शन क्यों दिया ।हम अपनी लौकिक पढ़ाई पढ़ रहे थे पढ़ते रहे लखनऊ चले गए सब कुछ चलता रहा लेकिन इस बीच कुछ ना कुछ ऐसे प्रसंग बनते गए कहीं ना कहीं दूसरी लाइन पर जाने प्रेरित करते गए ।उसी समय ये परिणाम निकला कि बीएससी कंप्लीट करने के बाद सीधे पहले उन आचार्य महाराज के पास पहुंच गए आचार्य पुष्पदंत महाराज के पास। एक साल वहां रहे फिर हमने वहां से मन बनाया तो हमें आचार्य महाराज के दर्शन करने हैं। हमारे मन में पहले से भावना थी दर्शन नहीं हो पा रहे थे। एक संघ से दूसरे संघ में आना कठिन कार्य होता है।</p>
<p>उस स्थिति में तरह-तरह की बहाने बनाकर कि मुझे तो बुंदेलखंड की यात्रा करनी है, तीर्थ के दर्शन करने हैं वहां से निकले और मन में भाव था मुझे एक बार अचार्य महाराज के दर्शन करने हैं पहली बार जब सपने में आचार्य महाराज के दर्शन किए थे तभी मन में भाव था जब भी आचार्य महाराज के दर्शन करूंगा मैं लेट जाऊंगा साष्टांग नमस्कार करूंगा। अपने मन में भाव आया आचार्य महाराज चाहे चल रहे हो, धूल हो ,कीचड़ हो मैं लेट जाऊंगा। मेरे भाव थे अतः प्रेरणा से भावना बनी जब 95 में आचार्य महाराज यहां कुंडलपुर में विराजमान थे तो यहां आया और मन में विकल्प थे एक संघ से दूसरे संघ में आना मेरे मन में भावना थी आचार्य महाराज के एक बार दर्शन करना है ।हम आये 52 नंबर का मंदिर है आदिनाथ भगवान का मंदिर आचार्य श्री वहीं बैठे थे उनका आसान लगा था लोगों से चर्चा कर रहे थे मैंने जैसे ही एंट्री ली मन में जो भाव था साष्टांग नमस्कार करूंगा केश लॉन्च करके आया था आचार्य महाराज के सामने लेट गया आचार्य महाराज ने देख लिया कोई ब्रह्मचारी आया है उसे समय किसी ने कोई रोक नहीं ।</p>
<p>उनके चरणों को छुआ मुंह उठाकर देखने लगा।आचार्य महाराज ने कहा क्यों ब्रह्मचारी कहां से आए हो मेरे मन में जो नेगेटिव भाव थे यहां के बारे में आ रहे थे सब घुल गए दिल बाग बाग हो गया। मुझे लगा दुनिया की जन्नत मिल गई हो ।उस समय आचार्य महाराज के इतना बोलने पर मन खुश हो गया ।आचार्य महाराज ने बोलना शुरू किया कुछ मैंने भी बोलना शुरू कर दिया। पहले दर्शन में आचार्य महाराज ने पूरा परिचय पूछ लिया ।उस समय जब भी घंटी बजती थी सभी मुनि महाराज मंदिर से यहां आ जाते थे सभी महाराज को तब देखकर लगता था चौथे काल के मुनि महाराज के दर्शन हो रहे हो ।मन में विचार आया अब आगे का मार्ग आचार्य श्री के ही संघ में रहकर ही तय करूंगा ।अब आचार्य महाराज को छोड़कर नहीं जाऊंगा और किसी को गुरु नहीं बनाऊंगा और मैं इन्हीं का होकर रह गया ।कुंडलपुर की स्मृतियां आज भी घूमती रहती हैं।</p>
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		<title>अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजन अर्हं ध्यान योग शिविर: समवशरण दिगंबर जैन मंदिर में हुआ संपन्न </title>
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		<pubDate>Wed, 21 Jun 2023 14:26:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
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					<description><![CDATA[अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर तीन दिवसीय ध्यान योग शिविर का आयोजन समवशरण दिगंबर जैन मंदिर श्राविकाश्रम में 19 से 21 जून को प्रातः 5.30 से 6:30 बजे तक किया गया। पढ़िए संजीव जैन संजीवनी की रिपोर्ट&#8230; इंदौर। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर तीन दिवसीय ध्यान योग शिविर का आयोजन समवशरण दिगंबर जैन [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर तीन दिवसीय ध्यान योग शिविर का आयोजन समवशरण दिगंबर जैन मंदिर श्राविकाश्रम में 19 से 21 जून को प्रातः 5.30 से 6:30 बजे तक किया गया। <span style="color: #ff0000;">पढ़िए संजीव जैन संजीवनी की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
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<p><strong>इंदौर।</strong> अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर तीन दिवसीय ध्यान योग शिविर का आयोजन समवशरण दिगंबर जैन मंदिर श्राविकाश्रम में 19 से 21 जून को प्रातः 5.30 से 6:30 बजे तक किया गया। इस अवसर पर आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के प्रभावक शिष्य मुनि श्री प्रणम्य सागर जी द्वारा प्रणीत अर्हं ध्यान योग आयोजित किया गया।</p>
<p>इस शिविर में बच्चे, महिलाएं, पुरुषों ने बड़ी संख्या में भागीदारी की एवं योग की बारीकियों को समझा। शिविरार्थियों को प्रशिक्षण डॉ. रजनी दीदी, सीमा काला एवं अर्हं ध्यान योग टीम द्वारा दिया गया। शिविर संयोजक रानी दोशी, अक्षय अजमेरा एवं अजित जैन थे। तुकोगंज जैन समाज, समवशरण मंदिर ट्रस्ट, समवशरण ग्रुप, महिला मंडल एवं बहुमंडल ने संपूर्ण योग शिविर को संचालित किया।</p>
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