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	<title>मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>अहंकार और धन यहीं रह जाएंगे साथ जाएगा आपका स्वभाव : मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी को राजस्थान से आए भक्तों ने श्रीफल किया भेंट  </title>
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		<pubDate>Wed, 27 May 2026 13:23:25 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[अहंकार और धन यहीं धरे रह जाएंगे जो साथ जाएगा। वह है आपका शांत स्वभाव। हमें अपने स्वभाव की ओर लौटना है और दूसरों की मदद करने वाली आपकी नेक नियत को बनाना है। यह उद्गार आदिश्वर धाम सुभाषगंज मैदान में धर्मसभा में मुनि पुगंव श्री सुधासागरजी ने व्यक्त किए। अशोकनगर से पढ़िए, राजीव सिंघई [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>अहंकार और धन यहीं धरे रह जाएंगे जो साथ जाएगा। वह है आपका शांत स्वभाव। हमें अपने स्वभाव की ओर लौटना है और दूसरों की मदद करने वाली आपकी नेक नियत को बनाना है। यह उद्गार आदिश्वर धाम सुभाषगंज मैदान में धर्मसभा में मुनि पुगंव श्री सुधासागरजी ने व्यक्त किए। <span style="color: #ff0000">अशोकनगर से पढ़िए, राजीव सिंघई मोनू की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>अशोक नगर</strong>। अहंकार और धन यहीं धरे रह जाएंगे जो साथ जाएगा। वह है आपका शांत स्वभाव। हमें अपने स्वभाव की ओर लौटना है और दूसरों की मदद करने वाली आपकी नेक नियत को बनाना है। यह उद्गार आदिश्वर धाम सुभाषगंज मैदान में धर्मसभा में मुनि पुगंव श्री सुधासागरजी ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि यदि हम अपनी नियत साफ़ रखेंगे तो तरक्की अपने आप होगी। कुछ लोगों को लगता है कि ईमानदारी से जीवन नहीं चलता ईमानदारी यदि आपकी नियत में ही है तो आपकी उन्नति को कोई रोक नहीं सकता सरल स्वभावी हो ये शास्त्र के वचन है और शास्त्र में लिखी बातें कभी झूठी नहीं होती। बस फर्क होता है जो दिख रहा है। वह वास्तविक रूप में हैं या नहीं। यदि अंदर बाहर आपका स्वभाव एक सा है तो आपकी उन्नति प्रगति दिन दूनी रात चौगुनी होगी ही होगी। जीवन में पैसा नहीं व्यवहार कमाओ क्योंकि, श्मशान में चार करोड़ नहीं चार लोग छोड़ने जाएंगे। आप कितने ही धन दौलत संसाधन इकट्ठा कर लो ये यही पड़ा रह जाएगा। कुछ भी साथ जाने वाला नहीं है। ये जीवन की सच्चाई है फिर भी इंसान इस सच्चाई को जान बूझकर समझना नहीं चाहता या यूं कहें तो ज्यादा अच्छा होगा कि जानते हुए भी मानकर अपने जीवन की शैली में सुधार के प्रति रुचि नहीं ले रहा। एक दिन तो आपको सच्चाई का सामना करना ही होगा।</p>
<p><strong>एक-एक पल का हिसाब आपके वहीं खाते में होगा</strong></p>
<p>इस दौरान मुनि पुगंव श्री सुधासागरजी ने कहा कि धन साध्य नहीं साधन मात्र है। जब भी जिंदगी में सिद्धि मिलेगी साध्य से ही मिलेगी। साधन से नहीं साधन आपको बाहरी सुख दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि आपके ऐसो आराम वृद्धि कर सकता है लेकिन, भीतर सुख नहीं दे सकता अंतरंग सुख के लिए साधनों को छोड़कर साध्य की ओर ही आना होगा। संत बाहरी सुख में नहीं उलझते वे उलझनों को सुलझाते हुए अंतरंग साधना तपस्या की राह पर बढ़ते चले जाते हैं और अपने लक्ष्य की ओर धीरे-धीरे बढ़ते रहते हैं। आप कहेंगे महाराज आपने तो इतनी बड़ी बड़ी बाते कर ली ये तो हमारे समझ से भी परे है। ध्यान रखना जो बात आप सुन रहे हैं। वहीं संस्कार एक दिन आपको काम आएगा और आपका मार्गदर्शन करेगा। आपका समय व्यर्थ जाना बाला नहीं है। एक-एक पल का हिसाब आपके वहीं खाते में कर्म की व्यवस्था के अनुसार अपने आप लिखा जाएगा।</p>
<p><strong>’संत सुधा सागर शुद्ध सात्विक भोजन शाला का होगा शुभारंभ</strong></p>
<p>धर्म सभा को संबोधित करते हुए जैन समाज के मंत्री विजय धुर्रा ने कहा कि नगर में एक संत सुधा सागर सात्विक भोजनशाला की स्थापना श्री दिगंबर जैन पंचायत कमेटी कर रही है। इसकी जानकारी बाद में दी जाएगी। आज हमारे बीच राजस्थान के बांसवाडा़, परतापुर, बागीदौरा, तलवाड़ा सहित पूरे अंचल की पैंतीस स्थानांे की कमेटी आई हैं। हम अपने नगर की ओर से आप सभी का अभिनंदन करते हैं। ये पहला मौका है जब रोज-रोज पूरे के पूरे अंचल की समाज एक सूत्र में बंधकर मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज के चातुर्मास के लिए प्रयास कर रही है। रविवार को भोपाल से 40 बसों और निजी वाहनों से भक्त आए थे। बीनागंज कुंभराज अंचल से भी भक्तों का बड़ा दल आया था।</p>
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		<title>वाहनों से 108 भक्त रविवार को जाएंगे श्रीफल भेंट करने : गांव के मंदिर वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर चल रही है तैयारियां </title>
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		<pubDate>Sat, 16 May 2026 04:56:31 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज के कदम बंगला चौराहे वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव के लिए बढ़ रहे हैं। शहर के सबसे प्राचीन गांव मन्दिर की वेदी प्रतिष्ठा करने का निवेदन लेकर श्री दिगम्बर जैन पंचायत कमेटी के पदाधिकारियों का दल श्रीफल भेंट करने पहुंचा। अशोकनगर से पढ़िए, राजीव सिंघई की यह खबर&#8230; अशोक नगर। मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज के कदम बंगला चौराहे वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव के लिए बढ़ रहे हैं। शहर के सबसे प्राचीन गांव मन्दिर की वेदी प्रतिष्ठा करने का निवेदन लेकर श्री दिगम्बर जैन पंचायत कमेटी के पदाधिकारियों का दल श्रीफल भेंट करने पहुंचा। <span style="color: #ff0000">अशोकनगर से पढ़िए, राजीव सिंघई की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>अशोक नगर।</strong> मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज के कदम बंगला चौराहे वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव के लिए बढ़ रहे हैं। शहर के सबसे प्राचीन गांव मन्दिर की वेदी प्रतिष्ठा करने का निवेदन लेकर श्री दिगम्बर जैन पंचायत कमेटी के पदाधिकारियों का दल श्रीफल भेंट करने पहुंचा। अशोक नगर के अध्यक्ष राकेश कांसल, महामंत्री राकेश अमरोद, कोषाध्यक्ष सुनील अखाई, संयोजक मनीष सिंघई के नेतृत्व में दल ने शुक्रवार दोपहर बहादुरपुर पहुंचकर मुनिपुगंव श्रीसुधासागर जी को श्रीफल भेंट किया और गांव मंदिर में चल रहे कार्य की प्रगति की जानकारी दी।</p>
<p><strong>समाज के प्रत्येक घर का प्रतिनिधित्व हो</strong></p>
<p>जैन समाज के मंत्री विजय धुर्रा ने कहा कि आज की बैठक हम सब लोग गुरुदेव को निमंत्रण करने के लिए कर रहे हैं। सकल जैन समाज के प्रत्येक घर का प्रतिनिधित्व हो और शहर के सबसे प्राचीन मंदिर में भगवान अपने दिव्य आसन पर बैठकर भक्तों की भावनाओं के साथ इस संसारिक जीवन को सफल बनाने का आशीर्वाद दें। रविवार को पुनः बहादुरपुर प्रातः छः बजे अपनी भावनाओं को गुरु चरणों में रखने जा रहे हैं। इस दौरान महामंत्री राकेश अमरोद ने कहा कि महिला मंडल चाहें तो अलग से बस व्यवस्था की जाएगी। कोषाध्यक्ष सुनील अखाई ने कहा कि महिला मंडल के साथ युवा संगठन को भी इस यात्रा को यादगार बनाना है।</p>
<p><strong>पंद्रह बसों के नाम दातारों ने दिए</strong></p>
<p>कमेटी के मंत्री शैलेन्द्र श्रागर ने कहा कि 21 बसों के दातारों के सहयोग से व्यवस्था बनाकर इसको और भी आगे बढ़या जा सकता है। उपाध्यक्ष अजित वरोदिया ने कहा कि जैन मिलन समन्वय ग्रुप जैन युवा वर्ग के साथ जैन जागृति मंडल के मध्य कार्य का कर दिया जाए। जिससे सभी की यात्रा सुखद हो। इस दौरान पंचायत कमेटी के सदस्य नवीन, नीलेश टिकंल, नितिन बज हेमंत टडैया, अविनाश भोला, अक्षय अमरोद, नीलेश बड़कुल सहित अन्य प्रमुख जनों ने अपनी बात रखी।</p>
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		<title>मोजी बंधन करने वाले को रक्षा मंत्रों से किया वेष्टित : अष्टमूल गुणों सहित शब्द गामी मंत्रों से किया संस्कारित </title>
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		<pubDate>Tue, 12 May 2026 03:30:54 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[पहली बार चातुर्मास को छोड़कर मुंगावली में मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज ससंघ के सान्निध्य में भव्य मोजी बंधन समारोह किया गया। मुंगावली से पढ़िए, राजीव सिंघई मोनू की यह खबर&#8230; मुंगावली। पहली बार चातुर्मास को छोड़कर मुंगावली में मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज ससंघ के सान्निध्य में भव्य मोजी बंधन समारोह किया गया। जिसमें उल्लास के [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>पहली बार चातुर्मास को छोड़कर मुंगावली में मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज ससंघ के सान्निध्य में भव्य मोजी बंधन समारोह किया गया। <span style="color: #ff0000">मुंगावली से पढ़िए, राजीव सिंघई मोनू की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मुंगावली।</strong> पहली बार चातुर्मास को छोड़कर मुंगावली में मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज ससंघ के सान्निध्य में भव्य मोजी बंधन समारोह किया गया। जिसमें उल्लास के साथ सैकड़ों बच्चों को मुनि पुगंव श्री सुधासागरजी महाराज के साथ संघ में विराजमान 18 संतों ने विभिन्न मंत्रों को सभी के सिर पर एक साथ स्थापित कर संस्कारों का शंखनाद किया। इसके पहले समारोह का भव्य शुभारंभ दोपहर में आचार्य श्री का संगीत के साथ पूजन से हुआ। इसके बाद पूर्व दिशा के साथ उत्तर पश्चिम दक्षिण दिशाओं विराजमान जितने भी केवली भगवान पंच परमेष्ठि भगवान सहित सिद्ध क्षेत्र अतिशय क्षेत्र को साक्षी मान कर वंदना करते हुए सभी की अमृत स्नान करते शुद्धि की क्रिया की गई। इसके बाद नवतिलक की क्रिया की गई। वहीं सभी मोजी बंधन करने वाले को रक्षा मंत्रों से वेष्टित करते हुए आठों दिशाओं का वंदन किया गया। इसके बाद मुख्य पात्र राहुल अरविंदकुमार बजाज, दर्शन जैन, सुरेश कुमार ललितपुर, अलका जैन जबलपुर परिवार, प्रभादेवी गदियाना परिवार, कोषाध्यक्ष परिवार राहुल जैन मुंगावली को मुख्य यजमान के रूप में मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज के कर कमलों से सबसे पहले संस्कार कराने का सौभाग्य प्राप्त किया</p>
<p><strong>मौजी बंधन के दौरान यह क्रियाएं हुई</strong></p>
<p>इस दौरान पंच नमस्कार मंत्र के साथ ही चतारी दंडक के साथ ही सम्यक दर्शन के आठों अंग की स्थिति, क्रिया,</p>
<p>सम्य दर्शन, सम्यक ज्ञान, सम्यक चारित्र के संस्कार स्थपित किए। सत्वतत्व सम्राज्य पद ग्रहण करवाया। वात्सल्य एवं प्रभावना, परम निर्माण पद ग्रहणकर अष्ट मद रहित अष्टमूल गुणों सहित शब्द गामी मंत्रों से संस्कारित किया गया। साथ ही परम निर्माण पद ग्रहण ग्रहण स्वहा अपने हाथों से केशर से एक-एक बीज मंत्र की मस्तक पर स्थापित किया। मयूर पिच्छिका से आशीर्वाद दिया।</p>
<p><strong>जब संघ भैया जी को भी किया गया मोजी बंधन संस्कार से संस्कारित</strong></p>
<p>मध्यप्रदेश महासभा संयोजक विजय धुर्रा ने बताया कि पहली बार संघ में विराजमान घर छोड़कर आए हुए सभी बाल ब्रह्मचारी भाईयों को भी मोजी बंधन समारोह में मुख्य यजमानों के बाद एक-एक कर मंच पर मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज ने अपने कर कमलों से भक्तों की तालियों एवं जय जयकार के बीच संस्कारित किया। इस दौरान सभी के मस्तक पर केशर से लेखन करते हुए मंत्रोच्चार किया गया।</p>
<p><strong>भेंट और पुरस्कार में मिली चीज को बेचना नहीं है</strong></p>
<p>इसके पहले आज सुबह धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि पुगंव श्री सुधासागरजी महाराज ने कहा कि</p>
<p>कहीं से भी भेंट मिले उसे स्वीकार करने में संकोच नहीं करना चाहिए। भेंट एक सम्मान है जब आप लोग ससुराल जाते हैं तो आपकी सासु मां कुछ देती है। उसे आप लोग लेते हैं या वह हेकड़ी दिखाकर सौ रुपए के नोट को वापस कर देते हैं। ये राशि सम्मान निधि कहलाती है। आप इसको वसीयत बनाकर रख सकते हैं। रखना ही चाहिए है। भेंट और पुरस्कार में मिली चीज को बेचना नहीं है। उसका सदुपयोग करना वह सीख पूज्य पुरुष देते हैं। उसे खर्च मत करना,उसे सुरक्षित कर लेना।</p>
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		<title>श्रीमद् पंच कल्याणक महोत्सव में निकलेगी गजरथ की फेरी : सवा करोड़ मंत्रो के साथ आहुतियां समर्पित की जाएगी </title>
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		<pubDate>Mon, 15 Dec 2025 07:43:24 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज ससंघ के सान्निध्य एवं प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप भैया, मुकेश भैया के निर्देशन में चल रहे श्री मद् जिनेंद्र पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महा महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ में प्रातः काल भगवान के तप कल्याणक का महा पूजन हुआ। अशोक नगर से पढ़िए, यह खबर&#8230; अशोक नगर। मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज ससंघ के [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज ससंघ के सान्निध्य एवं प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप भैया, मुकेश भैया के निर्देशन में चल रहे श्री मद् जिनेंद्र पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महा महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ में प्रातः काल भगवान के तप कल्याणक का महा पूजन हुआ। <span style="color: #ff0000">अशोक नगर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
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<p><strong>अशोक नगर।</strong> मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज ससंघ के सान्निध्य एवं प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप भैया, मुकेश भैया के निर्देशन में चल रहे श्री मद् जिनेंद्र पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महा महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ में प्रातः काल भगवान के तप कल्याणक का महा पूजन हुआ। मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज ससंघ के सान्निध्य में महामुनि आदि सागर जी की पडगाहन विधि की गई।आज महा मुनि राज की आहार चार्य हो रही है। आज से ही दान तीर्थ का प्रवर्तन हुआ था। जब स्वयं भरत चक्रवर्ती ने राजा सोम श्रेयांस के दान की प्रशंसा करते हुए उनका हस्तिनापुर पहुंच कर बहुमान किया था।</p>
<p>मुझे याद आ गया वो पल जब आचार्य श्री को आहार देने अभाना का दृश्य आचार्य श्री के करकमलों में ग्रास रखा। आठ दिन के त्याग में तीन चार ग्रास लिए। आचार्य श्री ने क्या देखा उनकी दृष्टि में क्या चमत्कार मेरे समान वह दृश्य आज तक मेरी आंखों में झलक रहा है। आठ दिन से आगे नियम लिया ही हर समय आनंद उमड़ता मन आनंद से भरा रहता। इस समय इस पंचम काल में मुनि पद में जो आनंद है उसका कहना ही क्या। चतुर्थ काल जंगलों में मुनि महाराज को शेर खा जाये तो पता नहीं आज तो संत शाला में मच्छर भी नहीं आ सकता। कमेटी ने जालियां लगा रखी है। आज संयम लेने का सबसे अच्छा मौका है। आज महा मुनि को केवल ज्ञान की प्राप्ति हो गई। अब उन्ही से दिव्य ध्वनि सुनने को मिल रही है। इस दौरान जैन समाज के मंत्री विजय धुर्रा ने कहा कि मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज ससंघ के सान्निध्य में चल रहे विश्व शांति महायज्ञ में सवा करोड़ मंत्रो के साथ आहुति समर्पित की जाएगी। इसके बाद दोपहर में भगवान जिनेन्द्र देव की भव्य अति भव्य गजरथ यात्रा की सात फेरियां पूरे अयोध्या नगरी की होगी। जहां बेदी पर प्रभु विराजमान हैं। इस भव्य शोभायात्रा में सबसे आगे आगे मुनि संघ के साथ गजरथ और अन्य रथ बैन्ड वाज़े इन्द्र इन्द्रणी सहित मुख्य पात्र रथों पर सवार होकर चलेंगे। जैन समाज अध्यक्ष राकेश कांसल, उपाध्यक्ष अजित वरोदिया, प्रदीप तारई, राजेन्द्र अमन, महामंत्री राकेश अमरोद, कोषाध्यक्ष सुनील अखाई, मंत्री शैलेन्द्र श्रागर, मंत्री विजय धुर्रा, मंत्री संजीव भारिल्य, मीडिया प्रभारी अरविंद कचनार, ऑडिटर संजय केटी संयोजक मनोज रन्नौद, उमेश सिंघई, मनीष सिंघई, श्रेयांस घैला, थूवोनजी अध्यक्ष अशोक जैन टींगू मिल महामंत्री मनोज भैसरवास ने सभी से सभी कार्यक्रमों में शामिल होने का निवेदन किया है।</p>
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<p><strong> पुण्य का छट्टा भाग सीमा पर सैनिकों को मिलता है</strong></p>
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<p>इस दौरान मुनिश्री ने कहा कि मैं पहले भी कह चुका हूं कि आज जो आप धर्म कर रहे हैं। शांति से यज्ञ-हवन कर रहे हैं। इसमें सीमा पर बैठ सैनिकों का सबसे ज्यादा योगदान है। उन्हें भी इन महोत्सवों का छः भाग पुण्य का मिलता है। शादी में भी चमत्कार शास्त्रों में आया है। मैनासुन्दरी ने माता-पिता के पसंद से शादी को चाहती तो मना कर सकती थी लेकिन, नहीं माता-पिता, संसार के कार्य वहीं करना जो माता पिता कह देगा। जो मां खिलाने की इच्छा होगी। माताओं से कहना है कि अपने बेटे की इच्छा से नहीं है अपनी इच्छा से करना। आप को भारत में जन्म लेने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।</p>
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		<title>1008 कलशों से दर्शनोदय के खड़े बाबा का महा मस्तिकाभिषेक: चक्रवर्ती की भव्य रजत रथयात्रा का थूवोनजी में किया भव्य स्वागत  </title>
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		<pubDate>Tue, 04 Nov 2025 13:43:15 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[चक्रवर्ती रथयात्रा, रजत विमान, देव शास्त्र गुरु यात्रा का मंगलवार को सुबह दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी पहुंचने पर अंचल से पहुंचे हजारों भक्तों ने कमेटी के साथ भव्य स्वागत किया। इसके बाद खड़े बाबा भगवान आदिनाथ स्वामी का 1008 कलशों से महामस्तिकाभिषेक किया गया। अशोकनगर से पढ़िए, राजीव सिंघई मोनू की यह खबर&#8230; अशोक नगर। अशोक [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>चक्रवर्ती रथयात्रा, रजत विमान, देव शास्त्र गुरु यात्रा का मंगलवार को सुबह दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी पहुंचने पर अंचल से पहुंचे हजारों भक्तों ने कमेटी के साथ भव्य स्वागत किया। इसके बाद खड़े बाबा भगवान आदिनाथ स्वामी का 1008 कलशों से महामस्तिकाभिषेक किया गया। <span style="color: #ff0000">अशोकनगर से पढ़िए, राजीव सिंघई मोनू की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
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<p><strong>अशोक नगर।</strong> अशोक नगर से दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी के लिए मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज, क्षुल्लक श्री गंभीर सागर जी महाराज, क्षुल्लक श्री वरिष्ठ सागर जी महाराज, क्षुल्लक श्री विदेह सागर जी महाराज ससंघ के सान्निध्य एवं प्रतिष्ठाचार्य बाल ब्रह्मचारी प्रदीप भैया, मुकेश भैया के निर्देशन में चल रही चक्रवर्ती रथयात्रा, रजत विमान, देव शास्त्र गुरु यात्रा का मंगलवार को सुबह दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी पहुंचने पर अंचल से पहुंचे हजारों भक्तों ने कमेटी के साथ भव्य स्वागत किया। इसके बाद खड़े बाबा भगवान आदिनाथ स्वामी का 1008 कलशों से महामस्तिकाभिषेक किया गया। जिसका सौभाग्य क्षेत्र कमेटी के अध्यक्ष अशोक जैन टींगू मिल एवं विकास कुमार आनंद जैन ठौरा परिवार कोटा को मिला।</p>
<p><strong>रथयात्रा का ग्रामीण क्षेत्र में भी हुआ भव्य स्वागत</strong></p>
<p>इसके पहले चक्रवर्ती की भव्य रथयात्रा रजत रथयात्रा का प्रातः काल की बेला में दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी में भव्य प्रवेश हुआ। जहां इस दौरान थूवोनजी अध्यक्ष अशोक जैन टींगू मिल, उपाध्यक्ष धर्मेन्द्र रोकड़िया, संजीव श्रागर, धर्मेंद्र रोकड़िया, संजीव जैन, महामंत्री मनोज भैसरवास, कोषाध्यक्ष प्रमोद मंगलदीप, मंत्री शैलेंद्र दद्दा राजेंद्र हलवाई, प्रदीप रानी जैन, समाज अध्यक्ष राकेश कांसल, महामंत्री राकेश अमरोद, कोषाध्यक्ष सुनील अखाई, उपाध्यक्ष अजीत बरोदिया, प्रदीप तारई, राजेंद्र अमन, मंत्री शैलेंद्र श्रागर, मंत्री विजय धुर्रा, मीडिया प्रभारी अरविंद कचनार, यात्रा संयोजक नितिन बज, नीलेश बड़कुल, कपिल मिर्ची, विपिन सिंघई उपस्थित रहे। इस विशाल रथयात्रा का ग्रामीण जन अपने द्वार पर गोबर से लीपकर चौक पूर कर पाद प्रक्षालन की प्रतीक्षा कर रहे थे। इनको सौभाग्य प्राप्त हुआ।</p>
<p><strong><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-93738" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/11/IMG-20251104-WA0034.jpg" alt="" width="1280" height="863" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/11/IMG-20251104-WA0034.jpg 1280w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/11/IMG-20251104-WA0034-300x202.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/11/IMG-20251104-WA0034-1024x690.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/11/IMG-20251104-WA0034-768x518.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/11/IMG-20251104-WA0034-990x667.jpg 990w" sizes="(max-width: 1280px) 100vw, 1280px" />अधिकारी और राजनेता भी रहे मौजूद </strong></p>
<p>इस अवसर पर प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप भैया ने कहा कि अशोकनगर वालों को इस रथयात्रा को चलाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ लेकिन, पूरे अंचल के भक्तों ने अपने नगरों से रथों के साथ बैंडबाजे सहित भाग लेकर खुशियों को बढ़ा रहे थे। इस दौरान जैन समाज के मंत्री विजय धुर्रा ने कहा कि इस रथयात्रा के प्रारंभ कलेक्टर आदित्यसिंह, एसपी राजीव मिश्रा, पूर्व मंत्री ब्रजेंद्र सिंह यादव, नपं अध्यक्ष नीरज मनोरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष अजयसिंह यादव सहित अन्य प्रमुख जनों ने अभिनंदन किया।</p>
<p><strong>सत इंद्रों से पूजित होने पर बड़े बाबा का अतिशय बढ़ेगा- मुनि श्री सुधासागरजी </strong></p>
<p>इसके पहले विशाल धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि पुगंव श्री सुधासागरजी महाराज ने कहा कि इतनी विशाल चक्रवर्ती रजत रथयात्रा लेकर आप लोग आए। इससे भगवान को कुछ भी नहीं होगा। सत इंद्रों से पूजित हो जाने पर भगवान का अतिशय तो बढ़ेगा ही आप सभी भक्त लोगांे के भंडार भरेंगे।</p>
<p><strong>आज भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भौतिकता से मुक्त  </strong></p>
<p>इसके पहले शाम को ललोई ग्राम में रजत रथ पदयात्रा का पड़ाव हुआ। जहां विशाल किसान सभा को संबोधित करते हुए मुनिश्री सुधासागरजी महाराज ने कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है। ग्रामीण व्यवस्था कल भी साफ सुथरी थी, आज भी यहां भौतिकता हावी नहीं हुई। यदि हम सब मिलकर अपने देश को व्यसनों से मुक्त करने में सफल हो गए तो भारत को विश्व महा शक्ति बनने में समय नहीं लगेगा क्योंकि, हमारे पास युवा शक्ति बहुत है। प्रकृति संसाधनों भरपूर है। सब कुछ होते हुए यदि व्यक्ति व्यसनों में चला जाता है तो कार्य क्षमता समाप्त हो जाती है। हमें अपने राष्ट्र के निर्माण में योगदान के लिए आगे आना होगा।</p>
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