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	<title>मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
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		<title>कल्प वृक्ष रूप हैं स्वामी रविन्द्रकीर्ति जी: कर्मठता से बने कर्मयोगी  </title>
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		<pubDate>Mon, 26 May 2025 15:26:14 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[ब्र. रवीन्द्रकुमार जी, जिन्होंने कभी भी किसी भी व्यक्ति को अपने द्वार से निराश नहीं लौटाया। हर व्यक्ति को साथ लेकर चलना एवं हर कार्य को विधिवत पूर्व निर्धारित योजना अनुसार करना ये विशेषता रही है, भाई जी की कार्यशैली अत्यन्त सरल है, जो कठिन से कठिन से कार्य को सरल बना देती है। अयोध्या [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>ब्र. रवीन्द्रकुमार जी, जिन्होंने कभी भी किसी भी व्यक्ति को अपने द्वार से निराश नहीं लौटाया। हर व्यक्ति को साथ लेकर चलना एवं हर कार्य को विधिवत पूर्व निर्धारित योजना अनुसार करना ये विशेषता रही है, भाई जी की कार्यशैली अत्यन्त सरल है, जो कठिन से कठिन से कार्य को सरल बना देती है। <span style="color: #ff0000">अयोध्या से पढ़िए अभिषेक़ पाटिल की , यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>अयोध्या।</strong> ब्र. रवीन्द्रकुमार जी, जिन्होंने कभी भी किसी भी व्यक्ति को अपने द्वार से निराश नहीं लौटाया। हर व्यक्ति को साथ लेकर चलना एवं हर कार्य को विधिवत पूर्व निर्धारित योजना अनुसार करना ये विशेषता रही है, भाई जी की कार्यशैली अत्यन्त सरल है, जो कठिन से कठिन से कार्य को सरल बना देती है। माताजी के अपूर्व स्नेह व प्रेम से सिंचित वह छोटा-सा बालक जो कभी त्याग और संयम का मतलब नहीं समझता था, लेकिन माताजी ने जिसकी प्रतिभा को पहचान कर अपनी चुम्बकीय शक्तियों द्वारा संसाररूपी सागर से खींचकर तराश कर ऐसा व्यक्तित्व प्रदान किया। दिगम्बर जैन समाज के अंदर जो भी प्रोजेक्ट बनता है, जो सबन पहले परामर्श करके कमेटी माता जी के पास आती है, क्योंकि माताजी के प्रोजेक्ट कभी अधूरे नहीं रहते हैं। अभी कुछ समय पूर्व ही देश के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द माताजी के जन्मदिवस पर आयोजित विश्वशांति अहिंसा सम्मेलन में भाग लेने के लिए पहुँचे एवं स्वयं स्वामीजी के कंधे पर हाथ रखकर कहने लग गए, कि वाकई आपने कमाल कर दिया है। एकदम नवीन नगरी जैसी बसा दी है।</p>
<p>यह प्रतिमा देश एवं विदेश में विश्वशांति का संदेश सदैव प्रसारित करती रहेगी। पूर्व राष्ट्रपति ने हैलीकाप्टर से प्रतिमा के दर्शन किए एवं राष्ट्रपति भवन से उस प्रतिमा का फोटो ट्विटर पर दिया गया। इसी क्रम में राजधानी दिल्ली के दिल कनॉट पैलेस में चक्रवर्ती भरत ज्ञानस्थली तीर्थ का निर्माण किया एवं यहां पर आपकी देखरेख में भगवान भरत स्वामी की 31 फीट उत्तुंग प्रतिमा विराजमान की गई एवं उसका अद्भुत पंचकल्याणक किया गया।</p>
<p><strong>अयोध्या तीर्थ का विकास चल रहा है जिसमें अनेक उपलब्धियां हो रहीं हैं</strong></p>
<p>माताजी के दिल्ली प्रवास के मध्य अनेक राजनेताओं का आगमन हुआ एवं सबसे बड़ी उपलब्धि पूज्य ज्ञानमती माताजी का आपके निर्देशन में राष्ट्रपति भवन में आपका निमंत्रण स्वयं राष्ट्रपति द्वारा हुआ। राष्ट्रपति भवन के इतिहास में यह पहली बार हुआ कि किसी जैन संत का आगमन राष्टपति भवन में हुआ। सभी प्रोटोकॉल को तोड़कर स्वयं पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने माताजी की आगवानी की एवं सभा का आयोजन किया। यह भी आपके जीवन में एक अभूतपूर्व उपलब्धि है। इसी श्रृखंला में पुनः आपके कुशल निर्देशन में अयोध्या तीर्थ का विकास चल रहा है। जिसमें अनेक उपलब्धियां हो रहीं हैं। मई 2023 में अंतर्राष्ट्रीय पंचकल्याणक का आयोजन किया गया। जिसमें भगवान भरत स्वामी की 31 फीट की प्रतिमा विराजमान की गई एवं सारे देश से लगभग 4000-4500 लोगों की उपस्थिति में विशाल कार्यक्रम हुआ। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का आगमन हुआ एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी का आगमन हुआ एवं पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ जी कोविंद लगभग 100 लोगों के साथ अयोध्या पधारे एवं जैन मंदिर दो दिवसीय प्रवास करके सुखद अनुभूति की यह सब आपकी कार्यकुशलता का परिचायक है। ऐसे कर्मठ व्यक्तित्व का जन्मदिवस हम सभी श्रुतपंचमी ज्ञान के इस महान पर्व के साथ मना रहे हैं।</p>
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