<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>महा शांतिधारा &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<atom:link href="https://www.shreephaljainnews.com/tag/%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BE-%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BE/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
	<lastBuildDate>Sun, 01 Mar 2026 08:50:01 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/09/cropped-shri-32x32.png</url>
	<title>महा शांतिधारा &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>राशि अनुसार महानुष्ठान कर जीवन के समस्त कष्टों का किया निवारण : सहस्त्रनाम पाठ 24 तीर्थंकरों की महा शांतिधारा में श्रद्धा-भक्ति, आराधना और पूजन किया  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/all_the_troubles_of_life_were_resolved_by_performing_rituals_according_to_the_zodiac_sign/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/all_the_troubles_of_life_were_resolved_by_performing_rituals_according_to_the_zodiac_sign/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Mar 2026 08:50:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[24 तीर्थंकर]]></category>
		<category><![CDATA[Arohan Foundation]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[indore]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[jain samachar]]></category>
		<category><![CDATA[jain samaj]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Maha Shantidhara of 24 Tirthankaras]]></category>
		<category><![CDATA[Ravi Pushya Yoga]]></category>
		<category><![CDATA[Sahasranaam Path]]></category>
		<category><![CDATA[Sarvartha Siddhiyoga]]></category>
		<category><![CDATA[Shri Digambar Jain Navgrah Jinalaya Atishay Kshetra Greater Baba]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Pride Day]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Pride Day Festival Committee]]></category>
		<category><![CDATA[आरोहण फाउंडेशन]]></category>
		<category><![CDATA[इंदौर]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[महा शांतिधारा]]></category>
		<category><![CDATA[रवि पुष्य योग]]></category>
		<category><![CDATA[श्री दिगंबर जैन नवग्रह जिनालय अतिशय क्षेत्र]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल गौरव दिवस]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल गौरव दिवस महोत्सव]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[सर्वार्थ सिद्धियोग]]></category>
		<category><![CDATA[सहस्त्रनाम पाठ]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=100949</guid>

					<description><![CDATA[श्रीफल गौरव दिवस पर नवग्रह शांति के लिए तथा ग्रह राशि परिवर्तन के प्रभाव से रक्षा के लिए विशेष अनुष्ठान किया गया। यह अनुष्ठान श्री दिगंबर जैन नवग्रह जिनालय अतिशय क्षेत्र ग्रेटर बाबा में रवि पुष्य योग और सर्वार्थ सिद्धियोग के अवसर पर रविवार को हुआ। यह कार्यक्रम पूर्ण भक्ति भाव से किया गया। इंदौर [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>श्रीफल गौरव दिवस पर नवग्रह शांति के लिए तथा ग्रह राशि परिवर्तन के प्रभाव से रक्षा के लिए विशेष अनुष्ठान किया गया। यह अनुष्ठान श्री दिगंबर जैन नवग्रह जिनालय अतिशय क्षेत्र ग्रेटर बाबा में रवि पुष्य योग और सर्वार्थ सिद्धियोग के अवसर पर रविवार को हुआ। यह कार्यक्रम पूर्ण भक्ति भाव से किया गया। <span style="color: #ff0000">इंदौर ब्यूरो से प्रीतम लखवाल की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> श्रीफल गौरव दिवस पर नवग्रह शांति के लिए तथा ग्रह राशि परिवर्तन के प्रभाव से रक्षा के लिए विशेष अनुष्ठान किया गया। यह अनुष्ठान श्री दिगंबर जैन नवग्रह जिनालय अतिशय क्षेत्र ग्रेटर बाबा में रवि पुष्य योग और सर्वार्थ सिद्धियोग के अवसर पर रविवार को हुआ। यह कार्यक्रम पूर्ण भक्ति भाव से किया गया। अतिशय क्षेत्र ग्रेटर बाबा में रविवार को श्रद्धा, भक्ति, आराधना की ऐसी धारा बही कि इसमें शामिल सभी भक्तगण सराबोर हो गए। यह कार्यक्रम रवि पुष्य नक्षत्र, स्थिर लग्न कुंभ और अमृत चौघड़िया में किया गया। श्रीफल जैन न्यूज संपादक रेखा संजय जैन ने बताया कि यह कार्यक्रम आचार्यश्री 108 वर्धमानसागर जी महाराज के पावन आशीर्वाद, अंतर्मुखी मुनिश्री 108 पूज्यसागर जी महाराज के सान्निध्य तथा जगतगुरु समत्व योगी स्वस्तिश्री चारुकीर्ति भट्टारक स्वामीजी श्रवणबेलगोला के विशेष मार्गदर्शन में किया गया। अनुष्ठान में विधानाचार्य पंडित नितेश जैन ने शांतिधारा, अभिषेक, शांतिपाठ सहित समस्त विधियां संपन्न करवाई। इस अवसर पर समाज श्रेष्ठी नरेंद्र वेद, टीके वेद, डीके जैन डीएसपी, संजय पापड़ीवाल, रेखा संजय जैन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन मौजूद रहे। रविवार को विशेष आयोजन में मुख्य पात्रों ने 1008 लौंग से सहस्त्रनाम एवं महाशांतिधारा को संपन्न किया।</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-100955" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260301-WA0004-300x135.jpg" alt="" width="300" height="135" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260301-WA0004-300x135.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260301-WA0004-1024x461.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260301-WA0004-768x346.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260301-WA0004-1536x691.jpg 1536w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260301-WA0004-990x446.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260301-WA0004-1320x594.jpg 1320w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260301-WA0004.jpg 1600w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<p><strong>राशियों में प्रभाव के लिए नक्षत्रों का बड़ा महत्व</strong></p>
<p>अंतर्मुखी मुनिश्री पूज्यसागर जी महाराज ने कहा कि यह पावन अनुष्ठान आने वाले अशुभ कर्मों के प्रभाव को कम करने तथा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। उन्होंने सभी राशियों के अनुसार नक्षत्रों का विशेष महत्व विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि 12 राशियों के अलग-अलग नक्षत्र हैं। एक राशि में सवा दो नक्षत्र हैं। हर राशि के लिए तीन भगवानों का पूजन का नियम है। राशि में गलत नक्षत्र अनुसार पूजा करने से उसका उचित फल नहीं मिलता। उन्होंने आगे कहा कि राशि एवं ग्रहों की शांति के उद्देश्य से यह विशेष अनुष्ठान संपन्न हुआ। फरवरी, मार्च और अप्रैल माह में अनेक ग्रहों का राशि परिवर्तन हो रहा है। उनके संभावित अशुभ प्रभावों से बचाव एवं ग्रह शांति के लिए यह दिव्य अनुष्ठान किया गया है। उन्होंने बताया कि अनुष्ठान का जीवन पर बहुत प्रभाव होता है। स्वास्थ्य लाभ, शीघ्र एवं मंगलमय विवाह, धन लाभ, अध्ययन में सफलता तथा वर्तमान में चल रही पारिवारिक या मानसिक उथल-पुथल से शांति और स्थिरता प्राप्ति के लिए यह अनुष्ठान कारगर और सकारात्मक फल प्रदान करने वाला साबित होगा।</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-100954" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260301-WA0003-300x135.jpg" alt="" width="300" height="135" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260301-WA0003-300x135.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260301-WA0003-1024x461.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260301-WA0003-768x346.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260301-WA0003-1536x691.jpg 1536w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260301-WA0003-990x446.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260301-WA0003-1320x594.jpg 1320w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260301-WA0003.jpg 1600w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<p><strong>कार्यक्रम के लिए राशि अनुसार रहा ड्रेस कोड </strong></p>
<p>अनुष्ठान के लिए राशि के अनुसार ड्रेस कोड तय किया गया था। भक्तों ने उसी अनुसार वस्त्र धारण कर अनुष्ठान में भाग लिया। ड्रेसकोड के अनुसार मेष राशि वालों के लिए लाल, वृषभ और तुला वालों के लिए सफेद, मिथुन और कन्या राशि वालों के लिए हरा, कर्क राशि वालों के लिए सफेद और क्रीम, सिंह राशि वाले पात्रों के लिए केसरिया व सुनहरा, वृश्चिक राशि वालों के लिए स्लेटी या भूरा, मकर और कुंभ राशि वालों के लिए काला और नीले रंग के वस्त्र पहनकर अनुष्ठान किया। कुंभ वालों के लिए विशेष विकल्प यह रहा कि वे घूसर या स्मोकी ग्रे रंग के वस्त्र में अनुष्ठान कर रहे थे। कार्यक्रम आयोजक श्रीफल गौरव दिवस महोत्सव समिति और संयोजक आरोहण फाउंडेशन रहा।</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-100953" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260301-WA0006-225x300.jpg" alt="" width="225" height="300" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260301-WA0006-225x300.jpg 225w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260301-WA0006-768x1024.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260301-WA0006-1152x1536.jpg 1152w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260301-WA0006-990x1320.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2026/03/IMG-20260301-WA0006.jpg 1200w" sizes="(max-width: 225px) 100vw, 225px" /></p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/all_the_troubles_of_life_were_resolved_by_performing_rituals_according_to_the_zodiac_sign/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>श्री शांतिनाथ महामंडल विधान से हुआ मंदिर निर्माण प्रारंभ : आदिश्वर धाम का तेजी से करवाया जाएगा कार्य  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/the_construction_of_the_temple_began_with_the_shri_shantinath_mahamandal_vidhan/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/the_construction_of_the_temple_began_with_the_shri_shantinath_mahamandal_vidhan/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 12 Feb 2026 13:41:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Adishvardham Subhashganj]]></category>
		<category><![CDATA[Bhaktamar Mandal Vidhan]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[jain samaj]]></category>
		<category><![CDATA[Kalashabhishek]]></category>
		<category><![CDATA[Maha Shantidhara]]></category>
		<category><![CDATA[Mangalashtak]]></category>
		<category><![CDATA[Shri Shantinath Mahamandal Vidhan]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[World Peace Mahayagya]]></category>
		<category><![CDATA[आदिश्वरधाम सुभाषगंज]]></category>
		<category><![CDATA[कलशाभिषेक]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[भक्तामर मंडल विधान]]></category>
		<category><![CDATA[मंगलाष्टक]]></category>
		<category><![CDATA[महा शांतिधारा]]></category>
		<category><![CDATA[विश्व शांति महायज्ञ]]></category>
		<category><![CDATA[श्री शांतिनाथ महामंडल विधान]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=99820</guid>

					<description><![CDATA[आदिश्वरधाम सुभाषगंज में गुरुवार को श्री शांतिनाथ महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ सुभाषगंज जैन मंदिर के विधिवत निर्माण कार्य के शुभारंभ पर किया गया। मंडल विधान के प्रारंभ में मंगलाष्टक का पाठ जैन समाज के मंत्री शैलेंद्र श्रागर के मधुर भजनों के साथ हुआ। अशोकनगर से पढ़िए, राजीव सिंघई मोनू की यह खबर&#8230; अशोक [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>आदिश्वरधाम सुभाषगंज में गुरुवार को श्री शांतिनाथ महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ सुभाषगंज जैन मंदिर के विधिवत निर्माण कार्य के शुभारंभ पर किया गया। मंडल विधान के प्रारंभ में मंगलाष्टक का पाठ जैन समाज के मंत्री शैलेंद्र श्रागर के मधुर भजनों के साथ हुआ। <span style="color: #ff0000">अशोकनगर से पढ़िए, राजीव सिंघई मोनू की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>अशोक नगर।</strong> आदिश्वरधाम सुभाषगंज में गुरुवार को श्री शांतिनाथ महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ सुभाषगंज जैन मंदिर के विधिवत निर्माण कार्य के शुभारंभ पर किया गया। मंडल विधान के प्रारंभ में मंगलाष्टक का पाठ जैन समाज के मंत्री शैलेंद्र श्रागर के मधुर भजनों के साथ हुआ। इसके पहले भगवान का कलशाभिषेक कर जगत कल्याण की कामना के लिए महा शांतिधारा की गई। जिसका सौभाग्य जैन समाज अध्यक्ष राकेश कांसल परिवार राजकुमार कांसल विकास रिक्कू भारत महेश घमंडी उमेश सिघई सहित अन्य भक्तों को मिला। इस दौरान शैलेंद्र श्रागर ने कहा कि आज जगत कल्याण की कामना के लिए महा शांतिधारा करते हुए हम सब भावना बनाएं की सुभाषगंज मंदिर का निर्माण बहुत जल्दी पूरा हो।</p>
<p><strong>मुनिश्री के आशीर्वाद से हम मंदिर को बहुत तेजी से आगे बढ़ाएंगे</strong></p>
<p>इस दौरान जैन समाज के अध्यक्ष राकेश कांसल ने कहा कि जैसा कि आप सभी को विदित है कि मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी के आशीर्वाद और उनके मार्गदर्शन में हम आदिश्वरधाम सुभाषगंज मंदिर का हम निर्माण कार्य पूरे विधि-विधान के साथ प्रारंभ कर रहे हैं। मन्दिर निर्माण कार्य को बहुत तेजी से आगे बढ़ने के साथ ही सीघ पूरा करने की भावना सकल जैन समाज और हम सब का संकल्प है कि विशाल भव्य जिनालय में आदिश्वरधाम के बड़े बाबा बहुत जल्दी विराजमान होते हुए हम सब देखेंगे। इस भव्य अति भव्य जिन मंदिर को तीन खंडों में विभक्त कर प्रथम तल पर भगवान आदिनाथ की विशाल प्रतिमा को स्थापित किया जाएगा। इसके बाद दूसरे तल पर भगवान श्री मुनि सुव्रतनाथ स्वामी का समवशरण विराजमान किया जाएगा। वहीं तीसरी मंजिल पर भगवान श्री चंद्रप्रभु स्वामी भगवान, महावीर स्वामी, भगवानश्री शांतिनाथ स्वामी को विराजमान किया जाएगा।</p>
<p><strong>मंदिर निर्माण के साथ ही भक्तामर मंडल विधान रोज होगा </strong></p>
<p>इस दौरान जैन समाज के मंत्री विजय धुर्रा ने कहा किमुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज के आशीर्वाद से मंदिर निर्माण के साथ ही यहां प्रतिदिन श्री भक्तामर मंडल विधान किया जा रहा है। इसमें नगर के प्रत्येक परिवार को सौभाग्य प्राप्त होगा। जिनके नाम श्री भक्तामर मंडल विधान के लिए आ गये हैं। वे अपनी तारीख प्राप्त कर लें और आप सभी को इस विधान में अपने पूरे परिवार इष्ट मित्रों को लेकर रोज आना है। जैसे-जैसे मंदिर आकार लेता जाए हम सब की भक्ति भी बढ़ती रहे। इस दौरान जैन समाज अध्यक्ष राकेश कांसल महामंत्री, राकेश अमरोद, संयोजक उमेश सिंघई, शैलेंद्र श्रागर, मंत्री विजय धुर्रा, सचिन कांसल, महेश घमंडी, विकास भारत, राजकुमार कांसल, रिक्कू भारत, अशोक कक्का विशेष रूप से उपस्थित थे।</p>
<p><strong>मंडल पर श्रीफल के साथ किया गया अर्घ्य समर्पण</strong></p>
<p>श्री शांतिनाथ महामंडल विधान के दौरान सर्वप्रथम आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन जैन समाज संयोजक उमेश सिंघई, शैलेंद्र श्रागर, राजेश कांसल, महेश घमंडी ने किया। इस दौरान दौरान प्रमुख पात्रों की मंडल पर स्थापना की गई। इसके साथ ही एक मंत्र के साथ प्रथम वलय पूज्य में श्रीफल समर्पित किए गए। इसके बाद सभी भक्तों द्वारा भगवान की महा आराधना करते हुए नाचते-गाते हुए अर्घ्य का समर्पण किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में माता बहनों ने श्रीफल समर्पित किए।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/the_construction_of_the_temple_began_with_the_shri_shantinath_mahamandal_vidhan/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>नव दीक्षित साधुओ की आहार चर्या देखने भक्तों की उमड़ी भीड़ : प्रतिदिन होगा श्री भक्तावर महा मंडल विधान  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/crowds_of_devotees_gathered_to_observe_the_diet_of_the_newly_initiated_monk/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/crowds_of_devotees_gathered_to_observe_the_diet_of_the_newly_initiated_monk/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 25 Nov 2025 08:11:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Darshanodaya Tirtha Thuvonji]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[gandhodak]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Maha Shantidhara]]></category>
		<category><![CDATA[Munishree Sudha Sagarji]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[World Peace Mahayagna]]></category>
		<category><![CDATA[गंधोदक]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[महा शांतिधारा]]></category>
		<category><![CDATA[मुनिश्री सुधा सागरजी]]></category>
		<category><![CDATA[विश्व शांति महायज्ञ]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=95299</guid>

					<description><![CDATA[मुनिश्री सुधा सागरजी ने कहा कि तुम्हें दुःखी देखा नहीं कि मैं दुःखी हो जाता हूं कि मेरा भक्त परेशान हो। वही विजय धुर्रा ने कहा कि असीम क़ालीन भक्तावर के रूप में भक्तों को एक रक्षा कवच मिला है। थूवोनजी से पढ़िए, राजीव सिंघई मोनू की यह खबर&#8230; थूवोनजी। तुम्हें दुःखी देखा नहीं कि [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>मुनिश्री सुधा सागरजी ने कहा कि तुम्हें दुःखी देखा नहीं कि मैं दुःखी हो जाता हूं कि मेरा भक्त परेशान हो। वही विजय धुर्रा ने कहा कि असीम क़ालीन भक्तावर के रूप में भक्तों को एक रक्षा कवच मिला है। <span style="color: #ff0000">थूवोनजी से पढ़िए, राजीव सिंघई मोनू की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>थूवोनजी।</strong> तुम्हें दुःखी देखा नहीं कि मैं दुःखी हो जाता हूं कि मेरा भक्त परेशान हो मेरा भक्त होकर ग़रीब है। भगवान इसकी कैसे भी गरीबी दूर करो। कुछ तो पुण्य का उदय रहता है कि छोटा सा बालक है अभी तो गोदी में ही है और उसे महाराज के दर्शन करने तुम लेकर आ गए तो मैं बहुत खुश होता हूं। यह उद्गार दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी में धर्मसभा में मुनिश्री सुधासागरजी महाराज ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि सोचता हूं कि ये जन्म-जन्म का धर्मात्मा है, अभी पैदा ही हुआ है और परिवार वाले तीर्थ क्षेत्र के दर्शन कराने ले आए गुरु महाराज के चरणों में लाकर समर्पित कर दिया। ऐसा सहयोग भी बहुत पुण्य के योग से मिलता है। धर्म कराने के तरीके हैं जिस-जिस के दान के पीछे पड़ूं तो समझ लेना कि उसका पैसा पुण्य के उदय से आया है। ड़ाकू और साधु की एक ही जाति है ड़ाकू को पता चले कि सेठ पर माल है ऐसे ही साधु को पता चले तो वह उसे दान के लिए प्रेरित करने लगता है साधु सोचते हैं कि मेरा भक्त इतना पुण्य आत्मा है सब कुछ करके भी दो पैसे बचे हैं तो आगे भी उसका भला होता रहें, इसलिए उसको दान की प्रेरणा दे देता है।</p>
<p><strong><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-95302" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/11/IMG-20251125-WA0015.jpg" alt="" width="642" height="839" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/11/IMG-20251125-WA0015.jpg 642w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/11/IMG-20251125-WA0015-230x300.jpg 230w" sizes="auto, (max-width: 642px) 100vw, 642px" />विश्व शांति महायज्ञ प्रतिदिन होंगी आहुतियां </strong></p>
<p>इस दौरान क्षेत्र कमेटी के प्रचार मंत्री विजय धुर्रा ने कहा कि मुनि श्री सुधासागरजी महाराज ने दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी आने वाले भक्तों के लिए असीम क़ालीन भक्तामर के रूप में एक ऐसा रक्षा कवच प्रदान किया है, जो आपकी रक्षा घर के बाहर रहने पर करेगा। गुरु ने कहा था कि जब आप घर से बाहर रहते हैं तो ये जो विधान कर रहे हैं। यही आपके लिए सुरक्षा चक्र का कार्य करेगा। ऐसे असीम क़ालीन भक्तामर महामंडल विधान का महा मंगल कलश अजयकुमार विजयकुमार कटारिया जयपुर एवं विधान कलश श्राविका शिरोमणि सुशीला पाटनी आरके मार्वल किशनगढ़ ने स्थापित किया।</p>
<p><strong>प्रमुख पात्र बनकर भक्तों ने की शांतिधारा</strong></p>
<p>इस दौरान जगत कल्याण की कामना के लिए शांतिधारा के पात्रों का चयन प्रतिष्ठा चार्य प्रदीप भइया ने करते हुए कहा कि दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी के खड़े बाबा का महाभिषेक करने वाले पात्रों को एक साथ चार लाभ मिल रहे हैं। ऐसे परिवार का नाम गुरु मुख से होगा। परिवार जनों के नाम शांतिधारा में आ रहे हैं। उन्हें गंधोदक से परिपूर्णित रजत कलश एवं खड़े बाबा का विशाल चित्र सम्मान स्वरूप कमेटी द्वारा भेंट किया जा रहा है। महा शांतिधारा करने का सौभाग्य संदीप गोधा मकराना, संजय जैन नेयेडा, शीला विनोदकुमार मुज्जफरनगर, ज्ञानेंद्र गदिया, सूरज सहित अन्य भक्तों को मिला। इनका सम्मान थूवोनजी अध्यक्ष अशोक जैन टींगू, मिल उपाध्यक्ष धर्मेंद्र रोकड़िया, संजीव श्रागर, धर्मेंद्र रोकड़िया, संजीव जैन, महामंत्री मनोज भैसरवास, कोषाध्यक्ष प्रमोद मंगल, दीप मंत्री शैलेंद्र दद्दा, राजेंद्र हलवाई, प्रदीप रानी, जैन समाज अध्यक्ष राकेश कांसल, महामंत्री राकेश अमरोद, कोषाध्यक्ष सुनील अखाई, उपाध्यक्ष अजीत बरोदिया, प्रदीप तारई, राजेंद्र अमन, मंत्री शैलेंद्र श्रागर, मंत्री विजय धुर्रा, मीडिया प्रभारी अरविंद कचनार सहित अन्य प्रमुखजनों ने अभिनंदन किया।</p>
<p><strong>बचें हुए पैसे को धर्म कार्य में लगा कर यश कीर्ति अर्जित करें </strong></p>
<p>उन्होंने कहा कि बचे हुए पैसे को धर्म कार्य में लगा कर यश कीर्ति अर्जित करें, ये जो पैसा बचा है, जो किसी ना किसी धर्म के वृक्ष पर लगा हुआ फल है। बचे हुए पैसे से पाप मत करना। वो तुम्हारे महान पुण्य का फल है। जाओ ये तुम्हारे जन्म-जन्म के पुण्य का फल है। मेरे भक्त के पास पैसा बढ़ता है। मेरे भक्त का व्यापार बढ़ता है तो मेरा सीना छप्पन इंच का हो जाता है। ये जन्म-जन्म का पुण्यात्मा है तो आज संपन्नता की जिंदगी जी रहे। अब आपको आगे इसे आगे बनाए रखने के लिए सतत् पुरुषार्थ करते रहना चाहिए।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/crowds_of_devotees_gathered_to_observe_the_diet_of_the_newly_initiated_monk/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>अकाट्य श्रद्धा से परमात्मा बनना संभव: क्षुल्लक श्री महोदय सागर जी ने धर्मसभा में बताया श्रद्धा का महत्व  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/it_is_possible_to_become_god_with_irrefutable_faith/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/it_is_possible_to_become_god_with_irrefutable_faith/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 21 Jul 2025 08:57:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Chhadhaala]]></category>
		<category><![CDATA[class teaching]]></category>
		<category><![CDATA[Dhariavad]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[Ishtopadesh Granth]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Jal Abhishek]]></category>
		<category><![CDATA[Kshullak Shri Sir Sagar Ji]]></category>
		<category><![CDATA[Maha Shantidhara]]></category>
		<category><![CDATA[panchamrit abhishek]]></category>
		<category><![CDATA[Religious Assembly]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[इष्टोपदेश ग्रंथ]]></category>
		<category><![CDATA[कक्षा शिक्षण]]></category>
		<category><![CDATA[क्षुल्लक श्री महोदय सागर]]></category>
		<category><![CDATA[छहढाला]]></category>
		<category><![CDATA[जलाभिषेक]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[धरियावद]]></category>
		<category><![CDATA[धर्मसभा]]></category>
		<category><![CDATA[पंचामृत अभिषेक]]></category>
		<category><![CDATA[महा शांतिधारा]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=85564</guid>

					<description><![CDATA[क्षुल्लक द्वय श्री महोदय सागर जी, क्षुल्लक श्री पुण्योदय सागर जी महाराज ससंघ सान्निध्य में प्रतिदिन प्रातः श्रीजी का जलाभिषेक पंचामृत अभिषेक, महा शांतिधारा छहढाला कक्षा शिक्षण, इष्टोपदेश ग्रंथ पर प्रवचन, सायंकल श्रीजी देव शास्त्र गुरु की आरती, भक्ति, जिनदर्शन क्यों? कैसे! पर विवेचना, प्रश्नमंच, पुरस्कार वितरण के कार्यक्रम प्रतिदिन हो रहे हैं। धरियावद से [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>क्षुल्लक द्वय श्री महोदय सागर जी, क्षुल्लक श्री पुण्योदय सागर जी महाराज ससंघ सान्निध्य में प्रतिदिन प्रातः श्रीजी का जलाभिषेक पंचामृत अभिषेक, महा शांतिधारा छहढाला कक्षा शिक्षण, इष्टोपदेश ग्रंथ पर प्रवचन, सायंकल श्रीजी देव शास्त्र गुरु की आरती, भक्ति, जिनदर्शन क्यों? कैसे! पर विवेचना, प्रश्नमंच, पुरस्कार वितरण के कार्यक्रम प्रतिदिन हो रहे हैं। <span style="color: #ff0000">धरियावद से पढ़िए, श्रीफल साथी अशोककुमार जेतावत की यह खबर&#8230;.</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>धरियावद।</strong> श्रद्धा वह है, जो कभी देखा न हो, सुना न हो, फिर भी विश्वास किया जाता है। श्रद्धा की भाषा, परिभाषा, बोल कुछ नहीं होते हैं, वह तो हमारे हृदय से प्रगट होती है। श्रद्धा देखी नहीं है, सुनी होती है पर वर्तमान में हमारी तो श्रद्धा तो कांच के प्याले की तरह होती है। थोड़ा सा धक्का लगे तो टूट जाती है। यह प्रबोधन क्षुल्लक श्री महोदय सागर जी महाराज ने रविवार को श्री चंद्रप्रभ दिगंबर जैन मंदिर में धर्मसभा को संबोधित करते हुए दिया। क्षुल्लक श्री महोदय सागर जी ने कहा कि आप मंदिर में वेदी पर द्रव्य चढ़ाते हैं, पर अपने मन के श्रद्धा की वेदी पर द्रव्य न चढ़ाने से वह अनमोल नहीं बन पाता है, वह निष्फल ही रहता है। अतः अकाट्य श्रद्धा का होना जरूरी है, तभी वह द्रव्य चढ़ाना सार्थक हो पता है। प्रभु के दरबार में पहले विश्वास करो फिर इस्तेमाल करो वाला फॉर्मूला (सिद्धांत) चलता है, न कि पहले इस्तेमाल करो फिर विश्वास करो वाला।</p>
<p><strong>दुनिया के सारे काम में दिखावा करें तो चलेगा </strong></p>
<p>क्षुल्लक श्री महोदय सागर जी ने कहा कि जिसने अपने जीवन में श्रद्धा रूपी स्टैंड डाल दिया तो चाहे उसका जीवन रहे ना रहे, पर धर्म सदा जीवित रहेगा। श्रद्धा और श्रद्धेय के बीच में कोई तत्व नहीं रहता है। श्रद्धा किसी के वास्ते नहीं रहती है, वह अपना रास्ता स्वयं बना लेती है। उसे किसी माइल स्टोन की आवश्यकता नहीं रहती है। आजकल मंदिरों भीड़ बढ़ रही है, पर श्रद्धा घट रही है। मंदिर में प्रतिमाएं बढ़ रही है, पर भक्त कम हो रहे हैं। हमारे अंतरंग में निश्चल, दृढ़ निर्मल होकर अकाट्य श्रद्धा करने से परमात्मा तक बन सकते हैं। हमें भक्तिपूर्वक, भावपूर्वक जिनेंद्र भगवान के जिन मंदिर में आना चाहिए। दिखावे के लिए नहीं आना चाहिए। दुनिया के सारे काम में दिखावा करें तो चलेगा पर जिनेंद्र भगवान के दरबार में आकर दिखावा करने वालों को फूटी कौड़ी भी मिलने वाली नहीं है। अतः हमारे अंतरंग में श्रद्धा का अकाट्य श्रीफल चढ़ाना चाहिए।</p>
<p><strong>धार्मिक प्रश्नोत्तरी क्विज प्रतियोगिता जारी </strong></p>
<p>क्षुल्लक द्वय श्री महोदय सागर जी, क्षुल्लक श्री पुण्योदय सागर जी महाराज ससंघ सान्निध्य में प्रतिदिन प्रातः श्रीजी का जलाभिषेक पंचामृत अभिषेक, महा शांतिधारा छहढाला कक्षा शिक्षण, इष्टोपदेश ग्रंथ पर प्रवचन, सायंकल श्रीजी देव शास्त्र गुरु की आरती, भक्ति, जिनदर्शन क्यों? कैसे! पर विवेचना, प्रश्नमंच, पुरस्कार वितरण के कार्यक्रम प्रतिदिन हो रहे हैं। साथ ही प्रत्येक रविवार को रात्रि 8 बजे से एंड्रॉयड मोबाइल पर कंप्यूटराइज्ड धार्मिक प्रश्नोत्तरी क्विज प्रतियोगिता भी हो रही है।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/it_is_possible_to_become_god_with_irrefutable_faith/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>भगवान बाहुबली का 22वाँ प्रतिस्थापना महोत्सवः निर्वाण लाड़ू 15 फ़रवरी को चढ़ाया जायेगा </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/22nd_pratisthapana_mahotsav_nirvan_ladoo_of_lord_bahubali_will_be_offered_on_15th_february/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/22nd_pratisthapana_mahotsav_nirvan_ladoo_of_lord_bahubali_will_be_offered_on_15th_february/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 13 Feb 2025 12:06:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[108 Vardhman Sagarji]]></category>
		<category><![CDATA[108 वर्द्धमान सागरजी]]></category>
		<category><![CDATA[15 February]]></category>
		<category><![CDATA[15 फरवरी]]></category>
		<category><![CDATA[bhagwan bahubali]]></category>
		<category><![CDATA[Charnabhishek]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[Indore श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Maha Shantidhara]]></category>
		<category><![CDATA[Nirwan Ladoo]]></category>
		<category><![CDATA[Podanpuram]]></category>
		<category><![CDATA[Pratisthapana Mahotsav]]></category>
		<category><![CDATA[Sanawad]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Siddhachal]]></category>
		<category><![CDATA[इंदौर]]></category>
		<category><![CDATA[चरणाभिषेक]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[निर्वाण लाडू]]></category>
		<category><![CDATA[पोदनपुरम्]]></category>
		<category><![CDATA[प्रतिस्थापना महोत्सव]]></category>
		<category><![CDATA[भगवान बाहुबली]]></category>
		<category><![CDATA[महा शांतिधारा]]></category>
		<category><![CDATA[सनावद]]></category>
		<category><![CDATA[सिद्धाचल]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=74469</guid>

					<description><![CDATA[परम पूज्य वात्सल्य वारिधी पंचम पट्टाधीश, सनावद नगर, गौरव आचार्य श्री 108 वर्धमान सागरजी महाराज के आशीर्वाद से निर्मित हुवे दिगंबर जैन श्री क्षैत्र सिद्धाचल, पोदनपुरम् में भगवान बाहुबली का 22वाँ प्रतिस्थापना महोत्सव एवं भगवान बाहुबली को निर्वाण लाड़ू शनिवार को चढ़ाया जायेगा। पढ़िए सन्मति जैन काका से सनावद की यह पूरी खबर&#8230; भगवान बाहुबली [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>परम पूज्य वात्सल्य वारिधी पंचम पट्टाधीश, सनावद नगर, गौरव आचार्य श्री 108 वर्धमान सागरजी महाराज के आशीर्वाद से निर्मित हुवे दिगंबर जैन श्री क्षैत्र सिद्धाचल, पोदनपुरम् में भगवान बाहुबली का 22वाँ प्रतिस्थापना महोत्सव एवं भगवान बाहुबली को निर्वाण लाड़ू शनिवार को चढ़ाया जायेगा। <span style="color: #ff0000">पढ़िए सन्मति जैन काका से सनावद की यह पूरी खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p>भगवान बाहुबली का 22वाँ प्रतिस्थापना महोत्सवः निर्वाण लाड़ू 15 फ़रवरी को चढ़ाया जायेगा</p>
<p>सनावद। दिगंबर जैन श्री क्षैत्र सिद्धाचल, पोदनपुरम् में भगवान बाहुबली का 22वाँ प्रतिस्थापना महोत्सव एवं भगवान बाहुबली को निर्वाण लाड़ू 15 फरवरी शनिवार को चढ़ाया जायेगा। सनावद से 3 किलोमीटर दूर स्थित परम पूज्य वात्सल्य वारिधी पंचम पट्टाधीश, सनावद नगर, गौरव आचार्य श्री 108 वर्धमान सागरजी महाराज के आशीर्वाद से यह निर्मित हुआ है। जिसके अंतर्गत सुबह 9.15 बजे भगवान बाहुबली का चरणाभिषेक, महाशांति धारा एवं 9.30 बजे भगवान बाहुबली का महापूजन पश्चात 9.45 बजे निर्वाण लाड़ू चढ़ाया जायेगा। वारिश जैन, संदीप जैन, विशाल सोनू जैन ने सभी समाजजनों से समस्त कार्यक्रमों में उपस्थित होकर धर्म लाभ लेने का आग्रह किया है।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/22nd_pratisthapana_mahotsav_nirvan_ladoo_of_lord_bahubali_will_be_offered_on_15th_february/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
