<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>महाअर्चना विधान &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<atom:link href="https://www.shreephaljainnews.com/tag/%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%85%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9A%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%A8/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
	<lastBuildDate>Wed, 31 Dec 2025 11:41:22 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/09/cropped-shri-32x32.png</url>
	<title>महाअर्चना विधान &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के प्रथम दिन घट यात्रा एवं ध्वजारोहण : नूतन वर्ष पर दादा गुरु समाधि सम्राट की 31 और 1 जनवरी को होगा महाअर्चना विधान  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/on_the_first_day_of_the_panchkalyanak_pratishtha_festival_a_procession_with_sacred_vessels_and_lag_hoisting_/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/on_the_first_day_of_the_panchkalyanak_pratishtha_festival_a_procession_with_sacred_vessels_and_lag_hoisting_/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 31 Dec 2025 11:41:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar monk]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[jain monk]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Nun]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Maha Archana Vidhan]]></category>
		<category><![CDATA[Muni Shri Anukaran Sagar Ji]]></category>
		<category><![CDATA[Muni Shri Vinay Sagar Ji]]></category>
		<category><![CDATA[Panchkalyanak Pratishtha Mahotsav]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव]]></category>
		<category><![CDATA[महाअर्चना विधान]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि श्री अनुकरण सागर जी]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि श्री विनय सागर जी]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=97410</guid>

					<description><![CDATA[नगर एक अदभुत और पवित्र अयोध्या नगरी में 31 दिसम्बर को महामहोत्सव का आगाज हुआ। महाअर्चना विधान एवं एक शाम गुरु के नाम कार्यक्रम आयोजित होगा। भिंड से पढ़िए, सोनल जैन की यह खबर&#8230; भिंड। नगर एक अदभुत और पवित्र अयोध्या नगरी में 31 दिसम्बर को महामहोत्सव का आगाज हुआ। मुनि श्री विनय सागर जी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>नगर एक अदभुत और पवित्र अयोध्या नगरी में 31 दिसम्बर को महामहोत्सव का आगाज हुआ। महाअर्चना विधान एवं एक शाम गुरु के नाम कार्यक्रम आयोजित होगा। <span style="color: #ff0000">भिंड से पढ़िए, सोनल जैन की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>भिंड।</strong> नगर एक अदभुत और पवित्र अयोध्या नगरी में 31 दिसम्बर को महामहोत्सव का आगाज हुआ।</p>
<p>मुनि श्री विनय सागर जी एवं मुनि श्री अनुकरण सागर जी महाराज के मंगल सानिध्य में बुधवार को घट यात्रा की शुरुआत श्री 1008 आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर किला गेट से प्रारंभ हुई। बजरिया, गोल मार्किट, सदर बाजार, परेड चोरहा, लश्कर रोड होते हुए कार्यक्रम स्थल श्री 1008 महावीर कीर्ति स्तम्भ जैन मंदिर परिसर पहुंची। मुनि श्री विनय सागर जी महामुनिराज के मंत्रोच्चारण द्वारा ध्वजारोहण किया गया। 31 दिसम्बर से 1 जनवरी तक गणचार्य श्री विराग सागर जी महामुनिराज की महाअर्चना विधान एवं एक शाम गुरु के नाम कार्यक्रम आयोजित होगा। कार्यक्रम में भिंड जिले की सामाजिक संस्था सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/on_the_first_day_of_the_panchkalyanak_pratishtha_festival_a_procession_with_sacred_vessels_and_lag_hoisting_/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>ऋषभ कथा एवं महाअर्चना विधान का आयोजन : ऋ षभ कथा कहानी नहीं, इससे जीवन की व्यथा बदलती है- आचार्य पुलक सागर  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/rishabh_katha_is_not_a_story_it_changes_the_agony_of_life_acharya_pulak_sagar/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/rishabh_katha_is_not_a_story_it_changes_the_agony_of_life_acharya_pulak_sagar/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 04 Oct 2024 15:52:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Shri Pulak Sagar]]></category>
		<category><![CDATA[Chaturmas]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[discourse]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Mahaarchana Vidhana श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[religious meeting]]></category>
		<category><![CDATA[Rishabh Katha]]></category>
		<category><![CDATA[Rishabhdev]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य श्री पुलक सागर]]></category>
		<category><![CDATA[ऋषभ कथा]]></category>
		<category><![CDATA[ऋषभदेव]]></category>
		<category><![CDATA[चातुर्मास]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सोसायटी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[धर्मसभा]]></category>
		<category><![CDATA[प्रवचन]]></category>
		<category><![CDATA[महाअर्चना विधान]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=67907</guid>

					<description><![CDATA[नगर में सकल दिगंबर जैन समाज द्वारा परम पूज्य राजकीय अतिथि आचार्य पुलक सागर जी महाराज के सानिध्य में श्री यशकीर्ति भट्टारक दिगंबर जैन गुरुकुल परिसर में भव्य ऋषभ कथा एवं महाअर्चना विधान का आयोजन किया गया। ऋषभ कथा के दूसरे दिन, विधानाचार्य सुधीर मार्तंड ने कहा कि यह कथा केवल एक कथा नहीं है, [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>नगर में सकल दिगंबर जैन समाज द्वारा परम पूज्य राजकीय अतिथि आचार्य पुलक सागर जी महाराज के सानिध्य में श्री यशकीर्ति भट्टारक दिगंबर जैन गुरुकुल परिसर में भव्य ऋषभ कथा एवं महाअर्चना विधान का आयोजन किया गया। ऋषभ कथा के दूसरे दिन, विधानाचार्य सुधीर मार्तंड ने कहा कि यह कथा केवल एक कथा नहीं है, बल्कि भगवान ऋषभदेव का जीवन चरित्र है। <span style="color: #ff0000">पढ़िए सचिन गंगावत की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>ऋषभदेव।</strong> नगर में सकल दिगंबर जैन समाज द्वारा परम पूज्य राजकीय अतिथि आचार्य पुलक सागर जी महाराज के सानिध्य में श्री यशकीर्ति भट्टारक दिगंबर जैन गुरुकुल परिसर में भव्य ऋषभ कथा एवं महाअर्चना विधान का आयोजन किया गया। ऋषभ कथा के दूसरे दिन, विधानाचार्य सुधीर मार्तंड ने कहा कि यह कथा केवल एक कथा नहीं है, बल्कि भगवान ऋषभदेव का जीवन चरित्र है। उन्होंने बताया कि जैन साहित्य में भी ऋषभदेव की पूजा की गई है। वेदों में ऋषभदेव को वृषभ कहा गया है, और इनकी उपासना कई नामों से की जाती है।</p>
<p>ऋग्वेद में तीर्थंकर के शरण में जाने की बात की गई है, जबकि भागवत महापुराण में ऋषभ को आदि दिगंबर कहा गया है। शिव पुराण और विष्णु पुराण में भी ऋषभदेव को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। विधानाचार्य ने आचार्य पुलक सागर जी से ऋषभ कथा के लिए निवेदन किया। गुरुदेव ने कथा वाचन के दौरान कहा कि जैसे एक दिया जलाने पर उसका प्रकाश सभी को मिलता है, वैसे ही समाज में एक प्रकाशवान व्यक्ति का योगदान सभी के लिए होता है। उन्होंने बताया कि अंधकार को मिटाने के लिए हमें और भी दीप जलाने की आवश्यकता है। गुरुदेव ने कहा, &#8220;ऋषभ कथा केवल कहानी नहीं है, बल्कि इससे हमें अपनी जीवन की व्यथा बदलनी है। तीर्थंकर के वंश में जन्मे लोग जो श्रेष्ठ बनना नहीं चाहते, उन्हें भी श्रेष्ठ बनाना है।&#8221;</p>
<p><strong>निकाली गई शोभायात्रा</strong></p>
<p>कथा के पश्चात एक शोभायात्रा निकाली गई, जो मुख्य बाजारों से होती हुई भगवान के माता-पिता के निवास स्थान पहुंची। संगीतकार उमेश जैन ने बताया कि सायकल ऋषभ कथा का वाचन होगा, जिसके बाद आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। इस अवसर पर नगर सेठ राजमल कोठारी, समाज के अध्यक्ष भूपेंद्र कुमार वालावत, महामंत्री प्रदीप गनोडिया, सहमंत्री हेमंत भवरा, राजकुमार गांधी, तीर्थ रक्षा कमिटी के अध्यक्ष रमेश मेहता, महिला मंडल की सदस्यों, नवयुवक मंडल और सैकड़ों वरिष्ठजन उपस्थित रहे।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/rishabh_katha_is_not_a_story_it_changes_the_agony_of_life_acharya_pulak_sagar/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>3 अक्टूबर से शुरू होकर 12 अक्टूबर तक चलेगा आयोजन : ऋषभदेव में होगा भव्य ऋषभ कथा और महाअर्चना विधान कार्यक्रम </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/grand_rishabh_katha_and_mahaarchana_vidhan_program_will_be_held_in_rishabhdev/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/grand_rishabh_katha_and_mahaarchana_vidhan_program_will_be_held_in_rishabhdev/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 30 Sep 2024 17:23:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Shri Pulak Sagar Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[All India Pulak Manch श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[Chaturmas]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[discourse]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Mahaarchana Vidhan]]></category>
		<category><![CDATA[religious meeting]]></category>
		<category><![CDATA[Rishabh Katha]]></category>
		<category><![CDATA[Rishabhdev]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[अखिल भारतीय पुलक मंच]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य श्री पुलक सागर महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[ऋषभ कथा]]></category>
		<category><![CDATA[ऋषभदेव]]></category>
		<category><![CDATA[चातुर्मास]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सोसायटी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[धर्मसभा]]></category>
		<category><![CDATA[प्रवचन]]></category>
		<category><![CDATA[महाअर्चना विधान]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=67618</guid>

					<description><![CDATA[ नगर में सकल दिगंबर जैन समाज द्वारा आयोजित एवं परम पूज्य राजकीय अतिथि आचार्य पुलक सागर जी महाराज के सान्निध्य में, श्री यशकीर्ति भट्टारक दिगंबर जैन गुरुकुल परिसर में भव्य ऋषभ कथा एवं महाअर्चना विधान का आयोजन किया जा रहा है। अखिल भारतीय पुलक मंच के राष्ट्रीय सांस्कृतिक मंत्री बलवंत जैन &#8216;बल्लू&#8217; और जिनशरणम् ट्रस्ट [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong> नगर में सकल दिगंबर जैन समाज द्वारा आयोजित एवं परम पूज्य राजकीय अतिथि आचार्य पुलक सागर जी महाराज के सान्निध्य में, श्री यशकीर्ति भट्टारक दिगंबर जैन गुरुकुल परिसर में भव्य ऋषभ कथा एवं महाअर्चना विधान का आयोजन किया जा रहा है। अखिल भारतीय पुलक मंच के राष्ट्रीय सांस्कृतिक मंत्री बलवंत जैन &#8216;बल्लू&#8217; और जिनशरणम् ट्रस्ट के ट्रस्टी सुमेश वानावत ने बताया कि यह आयोजन 3 अक्टूबर से शुरू होकर 12 अक्टूबर तक चलेगा। <span style="color: #ff0000">पढ़िए सचिन गंगवात विशेष रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>ऋषभदेव।</strong> नगर में सकल दिगंबर जैन समाज द्वारा आयोजित एवं परम पूज्य राजकीय अतिथि आचार्य पुलक सागर जी महाराज के सान्निध्य में, श्री यशकीर्ति भट्टारक दिगंबर जैन गुरुकुल परिसर में भव्य ऋषभ कथा एवं महाअर्चना विधान का आयोजन किया जा रहा है। अखिल भारतीय पुलक मंच के राष्ट्रीय सांस्कृतिक मंत्री बलवंत जैन &#8216;बल्लू&#8217; और जिनशरणम् ट्रस्ट के ट्रस्टी सुमेश वानावत ने बताया कि यह आयोजन 3 अक्टूबर से शुरू होकर 12 अक्टूबर तक चलेगा।</p>
<p><strong>शोभायात्रा निकाली</strong></p>
<p>इस आयोजन के अंतर्गत कई पात्र तैयार किए गए हैं। इसी के तहत, आज समाज द्वारा गुरुकुल से बैंड-बाजे के साथ मुख्य पात्र भगवान के माता-पिता एवं इंद्र-इंद्राणी को उनके निवास पर निमंत्रण देने के लिए पहुंचे। भगवान के माता-पिता के रूप में रमेश चंद्र और लीला देवी कोठारी, बाहुबली इंद्र के रूप में बलवंत कुमार और सीमा देवी किकावत, सनत कुमार के रूप में रमेश कुमार और सुषमा पंचोली, युवराज ऋषभ के रूप में दिलीप कुमार और अंजना देवी भानावत, धनपति कुबेर के रूप में सुंदरलाल और लीला देवी भानावत, महेंद्र इंद्र के रूप में ऋषभ कुमार और गुणी देवी भवरा, ईशान इंद्र के रूप में चांदमल और नारंगी देवी पंचोली, सोधर्म इंद्र के रूप में सुंदरलाल और लीला देवी किकावत, और भरतेश्वर महाराज के रूप में सुमेश कुमार और मधु वानावत पात्र बने। शोभायात्रा नगर के मुख्य मार्ग से होती हुई पुनः गुरुकुल पहुंची, जहां आचार्य श्री पुलक सागर जी महाराज ने सभी इंद्र-इंद्राणी को आशीर्वाद दिया।</p>
<p><strong>गोद भराई हुई</strong></p>
<p>इसी अवसर पर दोपहर 2 बजे भगवान के माता-पिता की गोद भराई का आयोजन भी हुआ। समाज के पूर्व महामंत्री प्रकाश भानावत ने बताया कि भगवान के माता-पिता नाभि राय और मारू देवी के पात्र, रमेश चंद्र और लीला देवी कोठारी, ने सभी निमंत्रणकर्ताओं के घर जाकर गोद भराई करवाई। गुरुकुल ट्रस्ट के ट्रस्टी और धनपति कुबेर के पात्र सुंदरलाल भानावत एवं सनत इंद्र के पात्र रमेश पंचोली ने बताया कि रात 7 बजे गुरुकुल पंडाल में मुख्य पात्रों और सभी इंद्र-इंद्राणियों के मेहंदी लेखन का आयोजन भी किया गया।</p>
<p><strong>निकाली जाएगी घट यात्रा</strong></p>
<p>समाज के उपाध्यक्ष धनपाल भवरा ने बताया कि कल और परसों भगवान के माता की गोद भराई कार्यक्रम आयोजित होंगे। 3 अक्टूबर को केसरियाजी मंदिर से विशाल घट यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें सभी इंद्र-इंद्राणी बग्गियों में सवार होकर नगर के मुख्य रास्तों से होती हुई गुरुकुल परिसर पहुंचेंगे। यहां आचार्य पुलक सागर महाराज ऋषभ कथा का वाचन करेंगे एवं भगवान के गर्भ कल्याण का नाट्य रूपांतरण प्रस्तुत किया जाएगा। आयोजन के अन्य दिनों में भगवान के जन्म कल्याण, तप कल्याण, ज्ञान कल्याण एवं मोक्ष कल्याण के नाट्य रूपांतरण भी प्रस्तुत किए जाएंगे। बाद के दिनों में प्रतिष्ठाचार्य पंडित सुधीर मार्तंड के निर्देशन में महाअर्चना विधान की शांति धारा, अभिषेक एवं पूजा का आयोजन 181 इंद्र-इंद्राणियों द्वारा किया जाएगा। अंत में हवन द्वारा पूर्णाहुति दी जाएगी।</p>
<p><strong>ये रहे मौजूद</strong></p>
<p>महामंत्री प्रदीप जैन के अनुसार, कार्यक्रम की सभी तैयारियां पूर्ण हो चुकी हैं। इस अवसर पर समाज के नगर सेठ राजमल कोठारी, अध्यक्ष भूपेंद्र कुमार वालावत, महामंत्री प्रदीप गणोडिया, सहमंत्री हेमंत भवरा, महिला मंडल से मंजू भवरा, महालक्ष्मी पंचोली, नवयुवक मंडल के सदस्य, तीर्थ रक्षा कमेटी के अध्यक्ष रमेश मेहता, उपाध्यक्ष पवन गंगावत, सीतल भानावत, निलेश भानावत, लोकेश वानावत, ऋषि भानावत, शीतल मेहता, मुकेश भानावत, रिंकेश सुरवत, योगेश गंगावत, सचिन गणोडिया आदि वरिष्ठजन उपस्थित थे।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/grand_rishabh_katha_and_mahaarchana_vidhan_program_will_be_held_in_rishabhdev/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
