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	<title>महरौनी &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<title>महरौनी &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>जैन विद्वत् परिषद् के महामंत्री बने संजीव जैन शास्त्री : इस मनोनयन ने महरौनी का बढ़ाया गौरव </title>
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		<pubDate>Sat, 11 Apr 2026 09:56:53 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[महरौनी नगर के लिए गौरव का विषय है कि शिक्षक एवं जैन दर्शनाचार्य संजीवकुमार जैन को अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन विद्वत् परिषद् के महामंत्री पद पर सर्वसम्मति से मनोनीत किया गया है। महरौनी से पढ़िए, यह खबर&#8230; महरौनी(ललितपुर)। महरौनी नगर के लिए गौरव का विषय है कि शिक्षक एवं जैन दर्शनाचार्य संजीवकुमार जैन को अखिल [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>महरौनी नगर के लिए गौरव का विषय है कि शिक्षक एवं जैन दर्शनाचार्य संजीवकुमार जैन को अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन विद्वत् परिषद् के महामंत्री पद पर सर्वसम्मति से मनोनीत किया गया है। <span style="color: #ff0000">महरौनी से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>महरौनी(ललितपुर)।</strong> महरौनी नगर के लिए गौरव का विषय है कि शिक्षक एवं जैन दर्शनाचार्य संजीवकुमार जैन को अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन विद्वत् परिषद् के महामंत्री पद पर सर्वसम्मति से मनोनीत किया गया है। यह चयन अहमदाबाद में आयोजित राष्ट्रीय विद्वत् संगोष्ठी के दौरान साधारण सभा में शताधिक विद्वानों की उपस्थिति में किया गया। इस अवसर पर आगामी तीन वर्षों के लिए नई कार्यकारिणी का गठन भी किया गया।</p>
<p><strong>कई राष्ट्रीय पुरस्कारों से हैं सम्मानित </strong></p>
<p>उल्लेखनीय है कि अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन विद्वत् परिषद् की स्थापना सन् 1944 में क्षुल्लक श्री गणेश प्रसाद जी वर्णी की प्रेरणा से हुई थी। यह संस्था देशभर के जैन विद्वानों की प्रतिनिधि संस्था के रूप में कार्य कर रही है। संजीव जैन शास्त्री महरौनी (ललितपुर) के निवासी हैं तथा जैन दर्शनाचार्य (स्वर्ण पदक) से सम्मानित हैं। उन्हें सन् 2003 एवं 2004 में दिल्ली सरकार ने संस्कृत प्रतिभा पुरस्कार से सम्मानित किया है। इसके अतिरिक्त उन्हें वीरचंद राघव गांधी अंतरराष्ट्रीय प्रतिभा पुरस्कार के अंतर्गत छात्रवृत्ति भी प्राप्त हुई है। वर्ष 2022 में श्री श्रमण संस्कृति संस्थान ने स्नातक पुरस्कार से सम्मानित किया। वर्तमान में वे उत्तरप्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत 200 विद्यालयों में संचालित ‘लीप प्रोजेक्ट’ की समिति के सदस्य भी हैं।</p>
<p><strong>विभिन्न संगठनों और समाजजनों ने बधाई दी </strong></p>
<p>यह चयन मुनि श्री प्रणुत सागर जी के मंगल सान्निध्य एवं परिषद् के तत्वावधान में हुआ। संजीवकुमार जैन के इस मनोनयन से क्षेत्र में हर्ष का वातावरण है तथा उन्हें दिगंबर जैन पंचायत समिति, श्री यशोदय तीर्थ कमेटी, श्री शांतिनाथ मंदिर कमेटी, श्री चंद्राप्रभु जिनालय कमेटी, श्री सर्वतोभद्र जैन सोशल ग्रुप सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों ने बधाइयां दीं।</p>
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		<title>महरौनी की बेटी सुस्मिता सिंघई बनीं समीक्षा अधिकारी : महरौनी दिगम्बर जैन समाज मे हर्ष व्याप्त, बधाइयों का लगा तांता </title>
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		<pubDate>Mon, 06 Apr 2026 07:42:32 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जनपद की महरौनी नगर के लिए अत्यंत हर्ष और गर्व का विषय है कि अरविंद सिंघई की सुपुत्री एवं एडवोकेट अस्मिता सिंघई की बहन सुस्मिता सिंघई का चयन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित परीक्षा में समीक्षा अधिकारी पद पर हुआ है। ललितपुर से पढ़िए, यह खबर&#8230; ललितपुर। जनपद की महरौनी नगर के [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>जनपद की महरौनी नगर के लिए अत्यंत हर्ष और गर्व का विषय है कि अरविंद सिंघई की सुपुत्री एवं एडवोकेट अस्मिता सिंघई की बहन सुस्मिता सिंघई का चयन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित परीक्षा में समीक्षा अधिकारी पद पर हुआ है। <span style="color: #ff0000">ललितपुर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>ललितपुर।</strong> जनपद की महरौनी नगर के लिए अत्यंत हर्ष और गर्व का विषय है कि अरविंद सिंघई की सुपुत्री एवं एडवोकेट अस्मिता सिंघई की बहन सुस्मिता सिंघई का चयन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित परीक्षा में समीक्षा अधिकारी पद पर हुआ है। उन्होंने इस कठिन परीक्षा में 72वीं रैंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा, लगन और अथक परिश्रम का उत्कृष्ट परिचय दिया है। विशेष उल्लेखनीय बात यह है कि सुस्मिता सिंघई का चयन इससे पूर्व सहायक अध्यापक (जूनियर) तथा समाज कल्याण विभाग में ग्राम विकास अधिकारी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी हो चुका है, जो उनकी निरंतर सफलता और बहुमुखी प्रतिभा को दर्शाता है।</p>
<p><strong>ललितपुर जिले के लिए प्रेरणा स्रोत</strong></p>
<p>वर्तमान में सुस्मिता सिंघई मड़ावरा तहसील में लेखपाल के पद पर कार्यरत हैं। सीमित संसाधनों और व्यस्त कार्यशैली के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य के प्रति अडिग रहते हुए निरंतर प्रयास किया और अंततः यह बड़ी सफलता अर्जित की। उनकी यह उपलब्धि आज महरौनी नगर सहित पूरे ललितपुर जिले के लिए प्रेरणा स्रोत बन गई है। सुस्मिता की इस सफलता में उनके परिवार का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। परिवार के स्नेह, सहयोग और मार्गदर्शन ने उन्हें हर चुनौती में आगे बढ़ने का संबल दिया। उनकी बहन एडवोकेट अस्मिता सिंघई ने भी इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे पूरे परिवार के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया।</p>
<p><strong>सुष्मिता को बधाई</strong></p>
<p>महरौनी क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, मित्रों एवं शुभचिंतकों द्वारा सुस्मिता सिंघई को इस शानदार सफलता पर बधाइयाँ देकर उज्ज्वल भविष्य की कामनाएं की जा रही है।सुस्मिता सिंघई की यह सफलता यह सिद्ध करती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनत सच्ची हो और हौसले बुलंद हों, तो हर मंजिल प्राप्त की जा सकती है।</p>
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		<title>भक्ति, उल्लास और आस्था का संगम : भगवान महावीर जन्मकल्याणक पर निकली भव्य शोभायात्रा </title>
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		<pubDate>Mon, 30 Mar 2026 14:36:27 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[नगर में सोमवार को भगवान महावीर स्वामी के जन्मकल्याणक महोत्सव पर सकल दिगंबर जैन समाज द्वारा श्रद्धा एवं उल्लास के साथ भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मंगलाष्टक के साथ हुई, जिसके पश्चात अभिषेक एवं शांतिधारा विधिवत संपन्न हुई। तत्पश्चात श्री अजितनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर से आकर्षक श्रीजी विमान शोभायात्रा निकाली [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>नगर में सोमवार को भगवान महावीर स्वामी के जन्मकल्याणक महोत्सव पर सकल दिगंबर जैन समाज द्वारा श्रद्धा एवं उल्लास के साथ भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मंगलाष्टक के साथ हुई, जिसके पश्चात अभिषेक एवं शांतिधारा विधिवत संपन्न हुई। तत्पश्चात श्री अजितनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर से आकर्षक श्रीजी विमान शोभायात्रा निकाली गई। <span style="color: #ff0000">पढ़िए यह राजीव सिंघई की विशेष रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>महरौनी (ललितपुर)।</strong> नगर में सोमवार को भगवान महावीर स्वामी के जन्मकल्याणक महोत्सव पर सकल दिगंबर जैन समाज द्वारा श्रद्धा एवं उल्लास के साथ भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मंगलाष्टक के साथ हुई, जिसके पश्चात अभिषेक एवं शांतिधारा विधिवत संपन्न हुई। तत्पश्चात श्री अजितनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर से आकर्षक श्रीजी विमान शोभायात्रा निकाली गई। तीन सुसज्जित विमानों के साथ निकली यह शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई इंद्रा चौराहा तक पहुंची, जहां श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर दिखाई दिया। शोभायात्रा में पुरुष सफेद वस्त्रों में तथा महिलाएं पीतवर्णी साड़ियों में सुसज्जित होकर शामिल हुईं। जगह-जगह हुई पुष्पवर्षा ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। नगरवासियों ने रंगोली सजाकर एवं आरती उतारकर शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया।</p>
<p><strong>इन्हें मिला सौभाग्य</strong></p>
<p>नगर पंचायत अध्यक्ष नीलम दुष्यंत बड़ौनिया ने परिवार सहित श्रीजी की आरती उतारी। वहीं युवा ब्राह्मण महामंडल के पदाधिकारियों ने पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया। शोभायात्रा के उपरांत मंदिर परिसर में भगवान महावीर का जन्मकल्याणक अभिषेक संपन्न हुआ। श्री चंद्रप्रभु जिनालय में भी अभिषेक, भक्तामर स्तोत्र पाठ, पालना झुलाने एवं आरती का आयोजन हुआ, जिसमें समाज के महिला-पुरुषों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम में शांतिधारा का सौभाग्य अभिनंदन चौधरी, ऋषभ कठरया, राजेंद्र पड़वा, महेंद्र पठा, प्रशांत सिंघई (वंटी) एवं सुनील डेवड़िया को प्राप्त हुआ। चंवर ढुलाने का सौभाग्य अनिल सिलौनिया को तथा आरती का सौभाग्य अखिल भारतीय महिला परिषद को मिला।</p>
<p><strong>इनका रहा सहयोग</strong></p>
<p>इस आयोजन को सफल बनाने में दिगंबर जैन पंचायत समिति, श्री यशोदय तीर्थ कमेटी, श्री चंद्रप्रभु जिनालय कमेटी, अखिल भारतीय महिला परिषद, श्री अजितनाथ युवा मंडल एवं व्यायामशाला समिति का विशेष सहयोग रहा। शोभायात्रा के दौरान यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्था नगर इंचार्ज निखिल मलिक के नेतृत्व में चाक-चौबंद रही।</p>
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		<title>महरौनी में दिगम्बर जैन पंचायत समिति के हुए चुनाव : नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने जताया आभार </title>
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		<pubDate>Mon, 16 Mar 2026 10:52:31 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[दिगम्बर जैन समाज की प्रमुख संस्था दिगम्बर जैन पंचायत समिति, महरौनी के चुनाव शांतिपूर्ण एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में हुए। चुनाव अधिकारी अरविंद मलैया एवं धन्यकुमार जैन के निर्देशन में पूरी चुनाव प्रक्रिया सफलतापूर्वक कराई गई। महरौनी से पढ़िए, यह खबर&#8230; महरौनी (ललितपुर)। दिगम्बर जैन समाज की प्रमुख संस्था दिगम्बर जैन पंचायत समिति, महरौनी के चुनाव [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>दिगम्बर जैन समाज की प्रमुख संस्था दिगम्बर जैन पंचायत समिति, महरौनी के चुनाव शांतिपूर्ण एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में हुए। चुनाव अधिकारी अरविंद मलैया एवं धन्यकुमार जैन के निर्देशन में पूरी चुनाव प्रक्रिया सफलतापूर्वक कराई गई। <span style="color: #ff0000">महरौनी से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>महरौनी (ललितपुर)</strong>। दिगम्बर जैन समाज की प्रमुख संस्था दिगम्बर जैन पंचायत समिति, महरौनी के चुनाव शांतिपूर्ण एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में हुए। चुनाव अधिकारी अरविंद मलैया एवं धन्यकुमार जैन के निर्देशन में पूरी चुनाव प्रक्रिया सफलतापूर्वक कराई गई। समाज के सदस्यों की सक्रिय भागीदारी के बीच हुए चुनाव में कई पदों पर रोचक मुकाबला देखने को मिला। परिणाम घोषित होते ही समाज में हर्ष का वातावरण बन गया। नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने समाज के सभी मतदाताओं, वरिष्ठजनों एवं समर्थकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए समाज की एकता, विकास तथा धार्मिक-सांस्कृतिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।</p>
<p><strong>यह पदाधिकारी चुने गए हैं</strong></p>
<p>घोषित परिणामों के अनुसार अध्यक्ष पद पर पवन मोदी निर्वाचित हुए। उपाध्यक्ष पद पर ऋषभ सिंघई एवं अंकित चौधरी, मंत्री पद पर पंकज सिंघई, उपमंत्री पद पर सामंत भायजी, कोषाध्यक्ष पद पर अनिल सिलोनिया, निर्माण मंत्री पद पर सुनील डेवड़िया तथा सांस्कृतिक मंत्री पद पर नितिन शास्त्री को सफलता मिली। इसके अतिरिक्त ऑडिटर पद पर प्रवीण सिंघई एवं मनोज पवैया चुने गए। वहीं श्री चंद्रप्रभ जिनालय के लिए संयोजक पद पर नरेंद्र मलैया तथा व्यवस्थापक पद पर ऋषभ मलैया को जिम्मेदारी सौंपी गई। नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने कहा कि वे समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को नई गति देंगे तथा समाज की एकता और प्रगति के लिए समर्पित भाव से कार्य करेंगे।</p>
<p><strong>इनका रहा सहयोग </strong></p>
<p>चुनाव को निर्विवाद एवं सफलतापूर्वक संपन्न कराने में अरविंद एडवोकेट, राजेश जैन (शिक्षक), सत्येंद्र जैन, जितेंद्र जैन, दीपक जैन, अभिषेक जैन, अमित जैन, अंतिम जैन (ललितपुर) सहित संतोष गुप्ता, संजय गुप्ता, संजीव पटेरिया, डी.एल. यादव, देवेंद्र सिंह, मनोज शर्मा, बृजेश नायक, अजित जैन, वंदना चौकसे, रिंकी असाटी, रिंकी शुक्ला, सीता सिंह, सीता यादव, अवधेश तिवारी, विजय ताम्रकार, विवेक खरे, आकाश गुप्ता, देवेंद्र कुमार, राजेश रूरया, राजेंद्र नागल, दिनेश कुशवाहा, बालकिशन, रामकिशोर निरंजन, राजेश दीक्षित, निशांत सिंह, राजेश झा, बृजेश श्रीवास्तव, बृजेश सेन, सुनील जैन सहित शिक्षक संघ के अनेक सदस्यों का सहयोग रहा। चुनाव के दौरान पुलिस प्रशासन की व्यवस्था भी चाक-चौबंद रही, जिससे मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से हो सकी।</p>
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		<title>नवागढ़ जैन महोत्सव का तीन दिवसीय भक्ति आयोजन : तीर्थ की महिमा ने बढ़ाई श्रद्धा की धारा </title>
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		<pubDate>Sun, 22 Feb 2026 14:41:00 +0000</pubDate>
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<p><strong>महरौनी तहसील के प्राचीन अतिशय क्षेत्र नवागढ़ जैन तीर्थ में तीन दिनों तक चले भक्ति-आध्यात्मिक महोत्सव का रविवार को समापन हुआ। 20 फरवरी से चल रहे कार्यक्रम में स्थानीय सहित दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने भाग लेकर कार्यक्रम को ऐतिहासिक श्रद्धा-परंपरा के रूप में सफल बनाया। <span style="color: #ff0000">महरौनी से पढ़िए, राजीव सिंघई मोनू की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>महरौनी (ललितपुर)</strong>। महरौनी तहसील के प्राचीन अतिशय क्षेत्र नवागढ़ जैन तीर्थ में तीन दिनों तक चले भक्ति-आध्यात्मिक महोत्सव का रविवार को भव्य समापन हुआ। 20 फरवरी से चल रहे कार्यक्रम में स्थानीय सहित दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने भाग लेकर कार्यक्रम को ऐतिहासिक श्रद्धा-परंपरा के रूप में सफल बनाया।</p>
<p>नवागढ़ जैन तीर्थ पौराणिक व ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल है, जहाँ भगवान अरहनाथ की प्राचीन मूर्ति भूमिगत कक्ष में संरक्षित है और यह अपने अटूट विश्वास, चमत्कारों एवं धार्मिक महत्ता के लिए स्पष्ट रूप से प्रसिद्ध है। यह भारत का एकमात्र तीर्थ स्थल है, जहाँ 12वीं सदी की अत्यंत कलात्मक जीवन-आकार प्रतिमा गर्भगृह में स्थापित है, जिसे श्रद्धालु अत्यंत श्रद्धा के साथ पूजते हैं। समापन दिवस पर मूलनायक अरनाथ का महामस्ताभिषेक, शांतिधारा, अभिषेक, पूजा एवं विधान का भव्य आयोजन हुआ।</p>
<p>इसके बाद पूज्य संत मुनिश्री समत्व सागर जी और मुनिश्री सौम्य सागर जी ससंघ द्वारा धर्मचर्चा और मंगल प्रवचन भी पेश किए गए। जिनमें जीवन में सदाचार, साधना एवं संयम के महत्व पर बल दिया गया। श्रद्धालुओं द्वारा किए गए कलश अभिषेक, आरती और भजन-कीर्तन ने पूरा वातावरण श्रद्धा एवं भक्ति से परिपूर्ण कर दिया। आयोजन के दौरान विशेष रूप से प्रभात फेरी, भजन संध्या और साधु-संतों के प्रवचन कार्यक्रम भी किए गए। स्थानीय आयोजन समिति के संयोजकों ने कहा कि तीर्थ की महिमा एवं इतिहास ने इंसानों के मन में आध्यात्मिक जागृति पैदा की है और यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए स्मरणीय बनकर रहेगा। महोत्सव के समापन अवसर पर प्रतिष्ठाचार्य जय निशांत ने सभी भक्तों तथा सहयोगियों का धन्यवाद किया गया।</p>
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		<title>शरदपूर्णिमा पर लगाया जाएगा रक्तदान शिविर : महरौनी में रक्त की जीवन में महत्ता बताते जनजागरण भी होगा  </title>
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		<pubDate>Thu, 18 Sep 2025 12:32:57 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज के जन्म कल्याणक शरदपूर्णिमा के पावन अवसर पर सकल दिगंबर जैन समाज, महरौनी की ओर से विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर आगामी 7 अक्टूबर को सुधासागर मार्केट में लगाया जाएगा। महरौनी से पढ़िए, राजीव सिंघई मोनू की यह खबर&#8230; महरौनी। आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज के [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज के जन्म कल्याणक शरदपूर्णिमा के पावन अवसर पर सकल दिगंबर जैन समाज, महरौनी की ओर से विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर आगामी 7 अक्टूबर को सुधासागर मार्केट में लगाया जाएगा। <span style="color: #ff0000">महरौनी से पढ़िए, राजीव सिंघई मोनू की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>महरौनी।</strong> आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज के जन्म कल्याणक शरदपूर्णिमा के पावन अवसर पर सकल दिगंबर जैन समाज, महरौनी की ओर से विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर आगामी 7 अक्टूबर को सुधासागर मार्केट में लगाया जाएगा। आयोजकों ने बताया कि रक्तदान-महादान है और इससे अनगिनत ज़िंदगी बचाई जा सकती है। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए इस शिविर का आयोजन किया जा रहा है।</p>
<p>समाज के युवाओं और प्रबुद्ध नागरिकों से विशेष अपील की गई है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर रक्तदान जैसे महान और पुण्यदायी कार्य में सहभागी बनें। आयोजकों ने बताया कि शिविर के लिए आशीष बड़कुल, गौरव कठरया, अभिषेक लौडुआ, राजीव सिंघई मोनू, राजा चौधरी, मयंक बाजा, सामंत भायजी से संपर्क किया जा सकता है। इस शिविर का संचालन इशनिका मेमोरियल फाउंडेशन, टीकमगढ़ के सहयोग से किया जाएगा। शिविर के आयोजक सकल दिगंबर जैन समाज महरौनी हैं।</p>
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		<title>महरौनी में दशलक्षण महापर्व का भव्य समापन : भगवान जिनेन्द्र की शोभायात्रा और क्षमावाणी पर्व में श्रद्धालु हुए भाव-विभोर </title>
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		<pubDate>Sun, 07 Sep 2025 16:08:15 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[महरौनी में दशलक्षण महापर्व का भव्य समापन भगवान जिनेन्द्र की विमान शोभायात्रा, अभिषेक-पूजन और क्षमावाणी पर्व के साथ सम्पन्न हुआ। पढ़िए राजीव सिंघई की पूरी रिपोर्ट… महरौनी। दशलक्षण महापर्व के समापन अवसर पर रविवार को भगवान जिनेन्द्र की भव्य विमान शोभायात्रा नगर में निकाली गई। शोभायात्रा श्री अजितनाथ बड़ा जैन मंदिर से प्रारंभ होकर मुख्य [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>महरौनी में दशलक्षण महापर्व का भव्य समापन भगवान जिनेन्द्र की विमान शोभायात्रा, अभिषेक-पूजन और क्षमावाणी पर्व के साथ सम्पन्न हुआ। <span style="color: #ff0000">पढ़िए राजीव सिंघई की पूरी रिपोर्ट…</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>महरौनी।</strong> दशलक्षण महापर्व के समापन अवसर पर रविवार को भगवान जिनेन्द्र की भव्य विमान शोभायात्रा नगर में निकाली गई। शोभायात्रा श्री अजितनाथ बड़ा जैन मंदिर से प्रारंभ होकर मुख्य मार्गों से होती हुई श्री यशोदय तीर्थ पहुँची। मार्ग में द्वार-द्वार भगवान जिनेन्द्र की आरती हुई, जिससे श्रद्धालुओं के हृदय में भक्ति की गहरी अनुभूति जागृत हुई।</p>
<p><strong>डांडिया ने शोभायात्रा को और भी आकर्षक बनाया </strong></p>
<p>शोभायात्रा में मुनिश्री गुरूदत्त सागर और मुनिश्री मेघदत्त सागर शामिल रहे। इस अवसर पर श्रावक जनों ने मुनिश्री का पादप्रक्षालन कर धर्मानंद पाया। यात्रा के दौरान भक्ति संगीत पर युवा और बच्चे नृत्य करते रहे, वहीं बालिकाओं ने डांडिया नृत्य प्रस्तुत कर शोभायात्रा को और भी आकर्षक बना दिया। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही और जन-जन ने भक्ति भाव से यात्रा का स्वागत किया।</p>
<p><strong>क्षमावाणी पर्व का महत्व बताया </strong></p>
<p>श्री यशोदय तीर्थ पहुँचने पर भगवान जिनेन्द्र का अभिषेक-पूजन संपन्न हुआ। इसी अवसर पर क्षमावाणी पर्व भी मनाया गया। मुनिश्री गुरूदत्त और मुनिश्री मेघदत्त ने अपने प्रवचन में क्षमावाणी पर्व का महत्व बताते हुए कहा कि क्षमा केवल दूसरों की भूल को माफ करना नहीं है, बल्कि अपने मन को शुद्ध और आत्मा को निर्मल बनाना भी क्षमा का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि जब हृदय में क्षमा का भाव जागता है, तब द्वेष और क्रोध की दीवारें टूट जाती हैं और जीवन में परमात्मा का प्रकाश उतरता है।</p>
<p>पूरे आयोजन में नगर के श्रद्धालु, बच्चे और युवा बड़ी संख्या में सम्मिलित हुए। भगवान जिनेन्द्र की महिमा का गुणगान करते हुए भक्तों ने भक्ति और उल्लास का अनुपम दृश्य प्रस्तुत किया। इस अवसर पर ध्वजारोहण का सौभाग्य राजा चौधरी और संतोष सराफ (इंदौर) को प्राप्त हुआ। वहीं भगवान का अभिषेक करने का पुण्य आनंद सराफ, ऋषभ कठरया, अरविंद मलैया, प्रशांत सिंघई वंटी, डॉ. राजकुमार पारौल, हेमंत सिंघई, शिखर सिलौनया और राजू मलैया आदि को मिला।</p>
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		<title>महरौनी में दशलक्षण महापर्व का भव्य समापन : दस धर्मों की साधना और भक्ति से गूंजा नगर </title>
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		<pubDate>Sun, 07 Sep 2025 08:38:23 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[महरौनी के श्री अजित नाथ बड़ा जैन मंदिर में भाद्रपद शुक्ल पंचमी से शुरू हुआ दशलक्षण महापर्व आज ब्रह्मचर्य धर्म के साथ सम्पन्न हुआ। दस दिनों तक नगर में भक्ति, संयम और धर्म-भावना का अद्भुत उत्साह देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने दसों धर्मों की साधना में भाग लिया और जीवन में इन्हें अपनाने का संकल्प [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>महरौनी के श्री अजित नाथ बड़ा जैन मंदिर में भाद्रपद शुक्ल पंचमी से शुरू हुआ दशलक्षण महापर्व आज ब्रह्मचर्य धर्म के साथ सम्पन्न हुआ। दस दिनों तक नगर में भक्ति, संयम और धर्म-भावना का अद्भुत उत्साह देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने दसों धर्मों की साधना में भाग लिया और जीवन में इन्हें अपनाने का संकल्प लिया। <span style="color: #ff0000">पढ़िए राजीव सिंघई की पूरी रिपोर्ट…</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>महरौनी।</strong> श्री अजित नाथ बड़ा जैन मंदिर में भाद्रपद शुक्ल पंचमी से आरंभ हुआ दशलक्षण महापर्व आज ब्रह्मचर्य धर्म के साथ श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में सम्पन्न हुआ। दस दिनों तक नगर में भक्ति, संयम और धर्म-भावना का अद्भुत उत्साह देखने को मिला। मंदिर प्रांगणों में प्रतिदिन प्रातःकालीन पूजन, सामूहिक प्रतिक्रमण और प्रवचन का आयोजन हुआ, जिससे श्रद्धालुओं ने आत्मा की शुद्धि और मोक्ष के पथ का अनुभव किया।</p>
<p>समापन अवसर पर मुनिश्री गुरूदत्तसागर जी महाराज एवं मुनिश्री मेघदत्तसागर जी महाराज ने प्रवचन देते हुए कहा कि दशलक्षण महापर्व केवल पर्व नहीं, बल्कि आत्मा की जागृति और साधना का माध्यम है। उन्होंने बताया कि दसों धर्म आपस में जुड़े हुए हैं और क्रमिक रूप से आत्मा को पवित्र बनाते हैं।</p>
<p>दस धर्मों में क्षमा धर्म वैर और द्वेष को मिटाकर मन में शांति और सौहार्द की नींव रखता है। मार्दव धर्म अहंकार को गलाकर विनम्रता और नम्रता का संदेश देता है। आर्जव धर्म जीवन में सीधापन और सच्चाई स्थापित कर आत्मा को निर्मल बनाता है। शौच धर्म बाहरी और अंतरंग पवित्रता से मन और शरीर दोनों को शुद्ध करता है। सत्य धर्म वाणी और व्यवहार में सच्चाई का पालन कर जीवन को आधार प्रदान करता है। संयम धर्म इंद्रियों पर नियंत्रण और इच्छाओं का संयम कर आत्मबल और मानसिक स्थिरता देता है। तप धर्म कठोर साधना और आत्मसंयम से कर्मों का क्षय कर आत्मा को शक्तिशाली बनाता है। त्याग धर्म लोभ और आसक्ति को त्याग कर उदारता और दान की भावना जगाता है। आकिंचन्य धर्म वस्तुओं के मोह और लालसा से मुक्ति दिलाकर आत्मा को स्वतंत्र बनाता है। और अंततः ब्रह्मचर्य धर्म इंद्रियों और मन की विजय कर आत्मा को परम पवित्रता और मोक्ष के मार्ग की ओर अग्रसर करता है।</p>
<p><strong>जीवन में धर्मों को अपनाने का संकल्प </strong></p>
<p>मुनिश्रियों ने कहा कि ये सभी धर्म अलग-अलग प्रतीत होते हैं, लेकिन वास्तव में यह एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं और मिलकर आत्मा को पूर्णता की ओर ले जाते हैं। भक्तिभाव और प्रवचनों के माध्यम से श्रद्धालुओं ने जीवन में इन धर्मों को अपनाने का संकल्प लिया।</p>
<p>समापन अवसर पर क्षमाबाणी मनाया गया, मंगलाचरण गूंजा और सामूहिक संकल्प लिया गया कि अहिंसा, संयम, सत्य और सदाचार को जीवन में अपनाया जाएगा। नगर के वरिष्ठजनों और कार्यकर्ताओं ने आयोजन की सफलता पर हर्ष व्यक्त किया। सांध्यकालीन वेला में जलविहार शोभायात्रा निकाली गयी, जिसका समापन बड़ा जैन मंदिर में हुआ। यहां भगवान जिनेन्द्र का अभिषेक एवं शांति धारा हुई। पांडुशिला पर भगवान जिनेन्द्र की स्थापना करने का सौभाग्य ऋषभ कठरया, कोमल जैन, राजेश पाय और नीलेश सराफ को प्राप्त हुआ। शांतिधारा करने का सौभाग्य सुनील गढोली, अंकित चौधरी और राहुल जैन सागर को प्राप्त हुआ। चमर ढुलाने का सौभाग्य राहुल जैन आनंद सराफ और महाआरती का सौभाग्य अंगूरी लौडुआ और अशोक पाय को प्राप्त हुआ।</p>
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		<title>मोक्ष प्राप्ति के लिए संयम पहली सीढ़ी: मुनिश्री गुरुदत्त सागरजी ने उत्तम संयम धर्म की महिमा का किया बखान  </title>
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		<pubDate>Wed, 03 Sep 2025 10:55:35 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[श्री अजितनाथ दिगंबर जैन मंदिर में चल रहे दशलक्षण महापर्व के छठवें दिन मंगलवार को उत्तम संयम धर्म की महिमा पर धर्मसभा हुई। इस अवसर पर प्रवचन देते हुए मुनि श्री गुरु दत्त सागरजी ने कहा कि संयम का अर्थ है अपने मन, इंद्रियों और इच्छाओं पर स्वैच्छिक रूप से नियंत्रण रखना। महरौनी से पढ़िए, [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>श्री अजितनाथ दिगंबर जैन मंदिर में चल रहे दशलक्षण महापर्व के छठवें दिन मंगलवार को उत्तम संयम धर्म की महिमा पर धर्मसभा हुई। इस अवसर पर प्रवचन देते हुए मुनि श्री गुरु दत्त सागरजी ने कहा कि संयम का अर्थ है अपने मन, इंद्रियों और इच्छाओं पर स्वैच्छिक रूप से नियंत्रण रखना। <span style="color: #ff0000">महरौनी से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>महरौनी।</strong> श्री अजितनाथ दिगंबर जैन मंदिर में चल रहे दशलक्षण महापर्व के छठवें दिन मंगलवार को उत्तम संयम धर्म की महिमा पर धर्मसभा हुई। इस अवसर पर प्रवचन देते हुए मुनि श्री गुरु दत्त सागरजी ने कहा कि संयम का अर्थ है अपने मन, इंद्रियों और इच्छाओं पर स्वैच्छिक रूप से नियंत्रण रखना तथा अनुशासित जीवन जीना। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति संयम का पालन करता है, वह मन, वचन और काय से अपनी गतिविधियों और मानसिक उत्तेजनाओं पर काबू रखता है। इंद्रियों के विषयों से ध्यान हटाकर आत्मा में स्थिरता लाने का पुरुषार्थ करता है। यही कारण है कि जैन दर्शन के अनुसार मोक्ष प्राप्ति के लिए संयम को पहली सीढ़ी माना गया है।</p>
<p><strong>संयम आत्मा का सहज गुण </strong></p>
<p>मुनि श्री मेघदत्त सागरजी ने कहा कि संयम आत्मा का सहज गुण है, जो आध्यात्मिक साधनाओं के लिए अनिवार्य है। संयम से व्यक्ति न केवल शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहता है, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त करता है। उन्होंने समझाया कि जिस प्रकार गाड़ी में ब्रेक गति को नियंत्रित करता है, उसी प्रकार संयम भी सांसारिक जीवन को संतुलित और नियंत्रित करने में मदद करता है। शाम को मुनि श्री के सानिध्य एवं रश्मि मलैया के मार्गदर्शन में सीता की अग्नि परीक्षा नाटक का दो दिवसीय मंचन हुआ। जिसे श्रद्धालुओं ने खूब सराहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की गरिमामयी उपस्थिति रही।</p>
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		<title>मुनि श्री गुरुदत्त सागर जी ने कहा सत्य आत्मा की अभिव्यक्ति : उत्तम सत्य धर्म पर मुनियों का मिला मार्गदर्शन और ज्ञान   </title>
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		<pubDate>Mon, 01 Sep 2025 16:08:04 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[श्री अजितनाथ दिगंबर जैन मंदिर में चल रहे दशलक्षण महापर्व के पांचवें दिन सोमवार को उत्तम सत्य धर्म पर मुनिश्री गुरुदत्त सागर ने कहा कि सत्य का अर्थ है, हमेशा सच बोलना, सत्य के मार्ग पर चलना और ऐसे शब्दों से बचना जो दूसरों को ठेस पहुंचाएं। महरौनी। श्री अजितनाथ दिगंबर जैन मंदिर में चल [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>श्री अजितनाथ दिगंबर जैन मंदिर में चल रहे दशलक्षण महापर्व के पांचवें दिन सोमवार को उत्तम सत्य धर्म पर मुनिश्री गुरुदत्त सागर ने कहा कि सत्य का अर्थ है, हमेशा सच बोलना, सत्य के मार्ग पर चलना और ऐसे शब्दों से बचना जो दूसरों को ठेस पहुंचाएं।</strong></p>
<hr />
<p><strong>महरौनी।</strong> श्री अजितनाथ दिगंबर जैन मंदिर में चल रहे दशलक्षण महापर्व के पांचवें दिन सोमवार को उत्तम सत्य धर्म पर हुई धर्मसभा में मुनिश्री गुरुदत्त सागर ने श्रद्धालुओं से कहा कि सत्य का अर्थ है, हमेशा सच बोलना, सत्य के मार्ग पर चलना और ऐसे शब्दों से बचना जो दूसरों को ठेस पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि जो साधक अपनी वाणी पर संयम रखते हुए सत्य धर्म का पालन करता है, उसे न केवल मानसिक शांति और आनंद मिलता है, बल्कि उसे समाज और परलोक दोनों में ही राजा हरिश्चंद्र के समान सम्मान प्राप्त होता है। सत्यनिष्ठ व्यक्ति कभी दुखी नहीं होता, जबकि झूठ बोलने वाले की सदा निंदा होती है।</p>
<p><strong>सत्य केवल शब्द नहीं</strong></p>
<p>मुनिश्री मेघदत्त सागरजी ने कहा कि सत्य केवल शब्द नहीं है, बल्कि आत्मा की अभिव्यक्ति है। सत्य में वह शक्ति है जो मन को शांत करता है, संबंधों को मजबूत करता है और आत्मा को ईश्वर के समीप लाता है। उन्होंने बताया कि हमें कठोर वचनों से बचना चाहिए और प्रिय एवं सत्य वचन बोलना चाहिए। पराई निंदा और असत्य से सदैव वचन बचना आवश्यक है, क्योंकि जब विचार, वाणी और कर्म में एकरूपता आती है, तभी वास्तविक सत्य धर्म का पालन होता है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएँ उपस्थित रहे।</p>
<p><strong>उपस्थित प्रमुख जनों में यह थे</strong></p>
<p>इस अवसर पर कोमलचंद सिंघई, अनिल मिठया, प्रमोद सिंघई, प्रकाशचंद्र सिंघई, प्रसन्न कुमार सिंघई, ऋषभ कठरया, पवन मोदी, ऋषभ सिंघई, प्रदीप चौधरी, प्रशांत सिंघई, प्रवीण सिंघई, हेमंत सिंघई, जिनेश्वर बुखारिया, शिखरचंद मिठया, सुनील मोदी, प्रमोद चौधरी, अजित कठरया, पुष्पेंद्र चौधरी, आशीष मोदी, अक्षय खजांची, अभिनंदन सिंघई, पवन जैन (पार्षद), सत्येंद्र सिंघई, ऋषभ मैगुंवा, अभिषेक सिंघई, महेंद्र बाबा, शैलेंद्र गुढ़ा, आमोद चौधरी, राकेश सतभैया, नीलेश सराफ, आकरष बड़कुल, राजू कठरया, रमेश भायजी, अंकुर कठरया, नमन लौंडुआ, अर्पित बड़कुल, वीर मिठया, अनुपम सिंघई, सुनील सतभैया, अनिल लौंडुआ, शानू, अजय बड़कुल आदि शामिल रहे।</p>
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