<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>मधुबन &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<atom:link href="https://www.shreephaljainnews.com/tag/%E0%A4%AE%E0%A4%A7%E0%A5%81%E0%A4%AC%E0%A4%A8/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
	<lastBuildDate>Tue, 25 Nov 2025 10:10:34 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/09/cropped-shri-32x32.png</url>
	<title>मधुबन &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>मानव सेवा में अग्रणी दिगंबर जैन शाश्वत सम्मेद शिखर ट्रस्ट : जैन तीर्थ मधुबन ने शुरू किया जन कल्याणकारी कंबल वितरण अभियान </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/digambar_jain_shashwat_sammed_shikhar_trust_a_pioneer_in_human_service/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/digambar_jain_shashwat_sammed_shikhar_trust_a_pioneer_in_human_service/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 25 Nov 2025 10:10:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain Eternal Tirtharaj Sammed Shikhar Trust]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[jain samachar]]></category>
		<category><![CDATA[jain samaj]]></category>
		<category><![CDATA[Madhuban]]></category>
		<category><![CDATA[Office Administrator]]></category>
		<category><![CDATA[sammed shikhar ji]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[ऑफिस एडमिनिस्ट्रेटर]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन शाश्वत तीर्थराज सम्मेद शिखर ट्रस्ट]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[मधुबन]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[सम्मेदशिखर जी]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=95319</guid>

					<description><![CDATA[मधुबन में लगातार बढ़ती ठंड और हाड़ कंपाने वाली सर्दी को देखते हुए दिगंबर जैन शाश्वत तीर्थराज सम्मेद शिखर ट्रस्ट, मधुबन ने अपने मानवोपकारकारी कार्यों की श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए कंबल वितरण अभियान का शुभारंभ कर दिया है। सम्मेदशिखर जी से पढ़िए, यह खबर&#8230; सम्मेदशिखर जी। मधुबन में लगातार बढ़ती ठंड और हाड़ कंपाने [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>मधुबन में लगातार बढ़ती ठंड और हाड़ कंपाने वाली सर्दी को देखते हुए दिगंबर जैन शाश्वत तीर्थराज सम्मेद शिखर ट्रस्ट, मधुबन ने अपने मानवोपकारकारी कार्यों की श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए कंबल वितरण अभियान का शुभारंभ कर दिया है। <span style="color: #ff0000">सम्मेदशिखर जी से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>सम्मेदशिखर जी।</strong> मधुबन में लगातार बढ़ती ठंड और हाड़ कंपाने वाली सर्दी को देखते हुए दिगंबर जैन शाश्वत तीर्थराज सम्मेद शिखर ट्रस्ट, मधुबन ने अपने मानवोपकारकारी कार्यों की श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए कंबल वितरण अभियान का शुभारंभ कर दिया है। यह जनहितकारी सेवा कार्य ट्रस्ट के अध्यक्ष जंबूप्रसाद जैन (गाजियाबाद) एवं महामंत्री राजकुमार जैन अजमेरा (हजारीबाग) के मार्गदर्शन में शुरू हुआ। इस अवसर पर महामंत्री राजकुमार जैन अजमेरा ने कहा कि यह योजना अब पूर्ण रूप से क्रमबद्ध एवं निरंतर रूप से संचालित की जाएगी, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंदों तक ठंड से राहत पहुंचाई जा सके। इसके लिए ट्रस्ट के सभी अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं। प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी इस सेवा कार्य के दातार जगदीश जैन, पानीपत रहेंगे। यह मानवोपकारकारी प्रयास जैन धर्म के अहिंसा, करुणा और सेवा के सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ट्रस्ट का उद्देश्य सदैव सेवा ही धर्म की भावना से हर कार्य को करना है।</p>
<p><strong>110 डोली मजदूर लाभान्वित </strong></p>
<p>कार्यक्रम का शुभारंभ ट्रस्ट के प्रबंधक संजीव जैन, ऑफिस एडमिनिस्ट्रेटर ए सईदी तथा मुख्य स्वागतकर्ता गंगाधर महतो की उपस्थिति में किया गया। पहले चरण में निहारिका परिसर में 110 डोली मजदूरों को कंबल वितरित किए गए। इस अवसर पर निहारिका धर्मशाला में ठहरे कई श्रद्धालु भी उपस्थित रहे। पहले चरण के दातार महेश जैन परिवार, मुंबई रहे। कंबल पाकर सभी डोली मजदूर अत्यंत प्रसन्न दिखाई दिए और उन्होंने ट्रस्ट की भूरि-भूरि प्रशंसा की।</p>
<p><strong>ट्रस्ट के अन्य जनकल्याणकारी कार्य </strong></p>
<p>उल्लेखनीय है कि ट्रस्ट द्वारा इस क्षेत्र में समय-समय पर अनेक सामाजिक एवं लोककल्याणकारी गतिविधियां चलाई जाती हैं, जिनमें विकलांग शिविर, फ्री-कैंसर जांच शिविर, पौधरोपण कार्यक्रम, लॉकडाउन अवधि में राशन वितरण, खेलकूद के विविध आयोजन, पिछले पांच-छह वर्षों में ट्रस्ट द्वारा धर्मसम्मत जनकल्याण के कई प्रभावी कार्यक्रम चलाए गए हैं। निःशुल्क एंबुलेंस सेवा, डेड बॉडी फ्रिजर सेवा, जैन धर्म एवं देश के महापुरुषों पर आधारित बाल क्विज प्रतियोगिता, पूज्य आचार्यों के नाम पर खेल प्रतियोगिताएं, ग्रामीण विद्यालयों की छात्राओं को शैक्षणिक भ्रमण इन सेवाओं के माध्यम से ट्रस्ट को नई पहचान मिली है तथा जैन धर्म के अहिंसा और करुणा के सिद्धांतों का संदेश आसपास के आदिवासी एवं गैर-आदिवासी समाज तक पहुंचा है।</p>
<p><strong>अन्य संस्थानों के लिए भी प्रेरणास्रोत </strong></p>
<p>ट्रस्ट इस क्षेत्र में लगभग बीस वर्षों से निरंतर जनकल्याणकारी सेवाएं प्रदान कर रहा है। पूर्व में आयोजित विकलांग शिविर, आई-जांच शिविर एवं कैंसर प्री-डिटेक्शन कैम्प अत्यंत सफल रहे हैं और अन्य संस्थानों के लिए भी प्रेरणास्रोत बने हैं। पहले चरण के कार्यक्रम में अनूप जैन, शैलेंद्र जैन, मुकेश महतो, अशोक दास, रोबिन बनर्जी, पवन माली, धनकिशोर मोहली, कोलश्वर सहित अन्य कर्मचारीगण ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया। कोडरमा मीडिया प्रभारी जैन राजकुमार अजमेरा ने संकलन किया।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/digambar_jain_shashwat_sammed_shikhar_trust_a_pioneer_in_human_service/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>श्री सम्मेद शिखरजी में ‘ले छलांग!’ पुस्तक का विमोचन : झिझक से क्रियान्वयन तक-निडर उद्यमिता के लिए आपका रोडमैप </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/release_of_the_book_lechhalaang_at_shri_sammed_shikharji/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/release_of_the_book_lechhalaang_at_shri_sammed_shikharji/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 20 May 2025 10:00:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA['"Le Chhalaang!' From Hesitation to Execution-Your Roadmap to Fearless Entrepreneurship]]></category>
		<category><![CDATA[’“ले छलांग! ‘फ्रॉम हेजिटेशन टू एक्ज्यूक्यूशन-योर रोडमेप टू फियरलेस इंटरपिनर्शिप’]]></category>
		<category><![CDATA[Blue Ocean Steels]]></category>
		<category><![CDATA[Book Release]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[Hazaribagh]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[jain samachar]]></category>
		<category><![CDATA[jain samaj]]></category>
		<category><![CDATA[jharkhand]]></category>
		<category><![CDATA[Madhuban]]></category>
		<category><![CDATA[Pilgrimage Shri Sammed Shikharji]]></category>
		<category><![CDATA[Shri Digambar Jain Shashwat Tirthraj Sammedshikhar Trust]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[झारखंड]]></category>
		<category><![CDATA[तीर्थस्थल श्री सम्मेद शिखरजी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[पुस्तक विमोचन]]></category>
		<category><![CDATA[ब्लू ओशीन स्टील्स]]></category>
		<category><![CDATA[मधुबन]]></category>
		<category><![CDATA[श्री दिगंबर जैन शाश्वत तीर्थराज सम्मेदशिखर ट्रस्ट]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[हजारीबाग]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=81207</guid>

					<description><![CDATA[जैन धर्म के पवित्र तीर्थस्थल श्री सम्मेद शिखरजी, मधुबन में ऐतिहासिक और प्रेरणादायी आयोजन हुआ। श्री दिगंबर जैन शाश्वत तीर्थराज सम्मेदशिखर ट्रस्ट, मधुबन के तत्वावधान में डॉ. पंकज जैन की पुस्तक ’“ले छलांग! ‘फ्रॉम हेजिटेशन टू एक्ज्यूक्यूशन-योर रोडमेप टू फियरलेस इंटरपिनर्शिप’ का विमोचन किया गया। इस अवसर पर विभिन्न प्रांतों और शहरों से आए समाजजन [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>जैन धर्म के पवित्र तीर्थस्थल श्री सम्मेद शिखरजी, मधुबन में ऐतिहासिक और प्रेरणादायी आयोजन हुआ। श्री दिगंबर जैन शाश्वत तीर्थराज सम्मेदशिखर ट्रस्ट, मधुबन के तत्वावधान में डॉ. पंकज जैन की पुस्तक ’“ले छलांग! ‘फ्रॉम हेजिटेशन टू एक्ज्यूक्यूशन-योर रोडमेप टू फियरलेस इंटरपिनर्शिप’ का विमोचन किया गया। इस अवसर पर विभिन्न प्रांतों और शहरों से आए समाजजन और विद्धान मौजूद रहे। <span style="color: #ff0000">मधुबन से पढ़िए, यह खबर&#8230; </span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मधुबन (झारखंड) /कोडरमा।</strong> जैन धर्म के पवित्र तीर्थस्थल श्री सम्मेद शिखरजी, मधुबन में ऐतिहासिक और प्रेरणादायी आयोजन हुआ। श्री दिगंबर जैन शाश्वत तीर्थराज सम्मेदशिखर ट्रस्ट, मधुबन के तत्वावधान में डॉ. पंकज जैन की पुस्तक ’“ले छलांग! ‘फ्रॉम हेजिटेशन टू एक्ज्यूक्यूशन- योर रोडमेप टू फियरलेस इंटरपिनर्शिप’ का विमोचन राजकुमार जैन अजमेरा, हजारीबाग ने किया। श्री सम्मेदशिखरजी जो एक सुदूरवर्ती गांवों से घिरा क्षेत्र है। यहां का पावन वातावरण इस विमोचन समारोह को और भी विशेष बनाता है। डॉ. जैन को इस पुस्तक के लिए जैन धर्म के कई गुरुओं, मुनि महाराज और आर्यिका माता जी का आशीर्वाद प्राप्त है। जो पुस्तक की आध्यात्मिक और सामाजिक महत्ता को और बढ़ाता है। आयोजकों का मानना है कि यह तीर्थस्थल न केवल आध्यात्मिक शांति का केंद्र है। बल्कि प्रेरणा, ज्ञान और सामाजिक-आर्थिक विकास का स्रोत भी है। इस आयोजन के माध्यम से यह स्पष्ट और प्रेरक संदेश है कि डर को त्यागें, आत्मविश्वास के साथ कदम बढ़ाएं और अपने सपनों को साकार करें।</p>
<p>जानकारी के अनुसार पुस्तक के लेखक डॉ. पंकज जैन, हजारीबाग, झारखंड निवासी और ब्लू ओशीन स्टील्स के सह-संस्थापक हैं, जो भारत की सबसे तेजी से उभरती विशेष स्टील सप्लाई चेन मैनेजमेंट कंपनियों में से एक है। 33 वर्षों के अनुभव के साथ उन्होंने 18$ स्टील प्लांट्स को जोड़ने वाला एक अभिनव सप्लाई चेन मॉडल विकसित किया है। सस्टेनेबिलिटी में पीएचडी डॉ. जैन ने नेतृत्व को लाभ के बजाय उत्तरदायित्व से जोड़ने की अनूठी दृष्टि प्रस्तुत की है। उन्होंने 260 से अधिक वर्कशॉप्स आयोजित कीं। 10 हजार से अधिक प्रोफेशनल्स को प्रशिक्षित किया और आईआईटी, कॉर्पाेरेट्स और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर 150 से अधिक प्रेरक भाषण दिए। “ले छलांग!” न केवल उद्यमिता की मार्गदर्शक है, बल्कि आत्मिक और वैचारिक जागरण का सशक्त माध्यम भी है।</p>
<p><strong>‘ले छलांग!’ डर और हिचकिचाहट को दूर करने का प्रभावी माध्यम</strong></p>
<p>विमोचन समारोह मुख्य अतिथि राजकुमार जैन अजमेरा रहे। राजकुमार जैन अजमेरा, जो श्री दिगंबर जैन शाश्वत तीर्थराज सम्मेद शिखर ट्रस्ट, मधुबन के महामंत्री हैं। श्री सम्मेदशिखरजी में अनेक जनकल्याणकारी कार्यों से जुड़े हैं। वे भारत वर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थ क्षेत्र कमेटी, श्रीसेवातन, गुणायतन न्यास, सम्मदानचल विकास समिति जैसी संस्थाओं के साथ-साथ झारखंड की विभिन्न व्यापारिक और धार्मिक संस्थाओं में सक्रिय योगदान दे रहे हैं। उनके प्रेरक उद्बोधन ने उपस्थित श्रोताओं में उद्यमिता और समाज सेवा के प्रति नया जोश और उत्साह जगाया। साथ ही राजकुमार जैन अजमेरा के ओजस्वी विचारों ने उपस्थित जनसमूह को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ‘हमने कई अवसरों पर देखा और अनुभव किया है कि श्री सम्मेदशिखरजी के सुदूरवर्ती गांवों के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है।</p>
<p>ये युवा अपनी क्षमताओं से किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल कर सकते हैं, किंतु कुछ में आत्मविश्वास की कमी के कारण वे अपनी पूर्ण क्षमता का उपयोग नहीं कर पाते। ऐसे युवाओं के लिए ‘ले छलांग!’ पुस्तक क्रांतिकारी और प्रेरणादायी साधन है। इसी कारण आज यह आयोजन को इस क्षेत्र में करना मकसद रहा है।’ जैन ने कहा कि ‘मेरा दृढ़ विश्वास है कि यह पुस्तक श्री सम्मेदशिखरजी ही नहीं देश और विश्व भर के उन युवाओं के लिए एक आदर्श मार्गदर्शक सिद्ध होगी, जो उद्यमिता की राह पर कदम रखना चाहते हैं। ‘ले छलांग!’ डर और हिचकिचाहट को दूर करने का प्रभावी माध्यम है। यह पुस्तक व्यावहारिक रणनीतियों और स्पष्ट रोडमैप के माध्यम से उद्यमियों को आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ने की प्रेरणा प्रदान करती है।</p>
<p><strong>‘सरल और सुंदर शब्दों में लिखी गई कृति’</strong></p>
<p>विमोचन समारोह में उपस्थित श्रोताओं ने डॉ. जैन के अनुभवों और ‘ले छलांग!’ के संदेश से गहरी प्रेरणा ग्रहण करते हुए पुस्तक की शैली की सराहना की श्रोताओं ने एक सुर में कहा कि ‘सरल और सुंदर शब्दों में लिखी गई यह कृति न केवल पढ़ने में आसान है, बल्कि हर व्यक्ति के लिए प्रेरणा का स्रोत है।’ इस आयोजन ने यह सिद्ध किया कि तीर्थस्थल केवल धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए प्रेरणा के जीवंत केंद्र भी हैं। श्री दिगंबर जैन शाश्वत तीर्थराज सम्मेद शिखर ट्रस्ट, मधुबन सभी उद्यमियों, समाजसेवियों और प्रेरणा की तलाश में रहने वाले व्यक्तियों, विशेष रूप से सुदूर क्षेत्रों के युवाओं को ‘ले छलांग!’ पढ़ने और इसके संदेश को आत्मसात करने के लिए हार्दिक आमंत्रण देता है। वर्तमान में पुस्तक इंग्लिश भाषा में उपलब्ध है। जल्द ही हिन्दी भाषा में भी पुस्तक उपलब्ध की जाएगी। इस अवसर पर मधुबन की विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों सहित देश-विदेश से आए अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/release_of_the_book_lechhalaang_at_shri_sammed_shikharji/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>मुनि संघ के स्वागत बाद हुई धर्मसभा : जैनों के विश्व प्रसिद्ध तीर्थ स्थल मधुबन में साधु संतों का भव्य मंगल प्रवेश </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/the_grand_auspicious_entry_of_saints_and_sages_in_madhuban/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/the_grand_auspicious_entry_of_saints_and_sages_in_madhuban/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 19 May 2025 06:39:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Aryika Ratna Drunmati Mataji]]></category>
		<category><![CDATA[Chaturmas]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[discourse]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Jharkhand श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[Koderma]]></category>
		<category><![CDATA[Madhuban]]></category>
		<category><![CDATA[Mangal Pravesh]]></category>
		<category><![CDATA[Muni Shri Atul Sagar Ji]]></category>
		<category><![CDATA[Muni Shri Pujya Sagar Ji.]]></category>
		<category><![CDATA[Muni Shri Samta Sagar]]></category>
		<category><![CDATA[religious meeting]]></category>
		<category><![CDATA[sammed shikhar]]></category>
		<category><![CDATA[Senior Aryika Ratna Gurumati Mataji]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[आर्यिकारत्न दृणमति माताजी]]></category>
		<category><![CDATA[कोडरमा]]></category>
		<category><![CDATA[चातुर्मास]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सोसायटी]]></category>
		<category><![CDATA[ज्येष्ठ आर्यिकारत्न गुरुमति माताजी]]></category>
		<category><![CDATA[झारखंड]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[धर्मसभा]]></category>
		<category><![CDATA[प्रवचन]]></category>
		<category><![CDATA[मंगल प्रवेश]]></category>
		<category><![CDATA[मधुबन]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि श्री अतुल सागर जी]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि श्री पूज्य सागर जी]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि श्री समता सागर]]></category>
		<category><![CDATA[सम्मेद शिखर]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=81095</guid>

					<description><![CDATA[जीवन में कोई तीर्थ हो पाए या न हो पाए, एक बार सम्मेदशिखर की बंदना कर लेना जरूरी है, उपरोक्त उद्गार निर्यापक श्रमण मुनि श्री समतासागर महाराज ने गुणायतन परिसर के आचार्य विद्यासागर सभागृह में अपने आगमन पर व्यक्त किए। प्रातःकाल सी. आर. पी. केंप से मुनिसंघ का भव्य मंगल प्रवेश प्रारंभ हुआ। पढ़िए राजकुमार [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>जीवन में कोई तीर्थ हो पाए या न हो पाए, एक बार सम्मेदशिखर की बंदना कर लेना जरूरी है, उपरोक्त उद्गार निर्यापक श्रमण मुनि श्री समतासागर महाराज ने गुणायतन परिसर के आचार्य विद्यासागर सभागृह में अपने आगमन पर व्यक्त किए। प्रातःकाल सी. आर. पी. केंप से मुनिसंघ का भव्य मंगल प्रवेश प्रारंभ हुआ। <span style="color: #ff0000">पढ़िए राजकुमार जैन की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मधुबन/कोडरमा।</strong> जीवन में कोई तीर्थ हो पाए या न हो पाए, एक बार सम्मेदशिखर की बंदना कर लेना जरूरी है, उपरोक्त उद्गार निर्यापक श्रमण मुनि श्री समतासागर महाराज ने गुणायतन परिसर के आचार्य विद्यासागर सभागृह में अपने आगमन पर व्यक्त किए। राष्ट्रीय प्रवक्ता अविनाश जैन विद्यावाणी और वीरेन्द्र जैन (मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, गुणायतन) ने बताया कि प्रातःकाल सी. आर. पी. केंप से मुनिसंघ का भव्य मंगल प्रवेश प्रारंभ हुआ। &#8220;सिद्धायतन&#8221; पर श्री सम्मेद शिखर में विराजमान संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागरजी महामुनिराज के शिष्य मुनि श्री पूज्य सागर जी, मुनि श्री अतुल सागर जी, ज्येष्ठ आर्यिकारत्न गुरुमति माताजी, आर्यिकारत्न दृणमति माताजी सहित समस्त 42 माताजी एवं क्षेत्र पर विराजमान समस्त मुनिसंघ और आर्यिका संघ ने मुनि श्री को नमोस्तु कर त्रयवार परिक्रमा की।</p>
<p><strong>शोभायात्रा में उमड़े लोग</strong></p>
<p>इसके बाद शोभायात्रा जुलूस प्रारंभ हुआ, जिसमें शिखरजी जैन समाज और हजारीबाग, गिरीडीह, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र से आए श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ मुनि संघ की भव्य मंगल अगवानी की। इस अवसर पर शिखर जी महिला मंडल अपनी विशेष पोषाक में उपस्थित थीं, वहीं आदिवासी महिलाओं ने आदिवासी पोशाक में नृत्य करते हुए मुनिसंघ की भव्य मंगल अगवानी की। स्थान-स्थान पर श्रद्धालुओं ने रंगोली से चौक पूरा किया और मुनिसंघ का पाद प्रक्षालन कर मंगल आरती उतारी। शोभायात्रा कार्यक्रम स्थल गुणायतन परिसर में पहुंची और धर्मसभा में परिवर्तित हो गई।</p>
<p>मुनि श्री समतासागर महाराज की स्मृतियां</p>
<p>इस अवसर पर मुनि श्री समतासागर महाराज ने अपनी 42 वर्ष पुरानी स्मृतियों को ताजा करते हुए कहा कि इस सिद्धभूमि पर गुरुवर आचार्य श्री के साथ जनवरी 1983 में एक छोटे से साधक के रूप में उपस्थित हुआ था। 10 फरवरी को मेरी ऐलक दीक्षा गुरुवर के करकमलों से संपन्न हुई थी। ग्रीष्मकालीन बाचना के लिए आचार्य गुरुदेव ईसरी गए, जहां पर क्षु. सिद्धांत सागर महाराज की समाधि हुई और गुरुवर के साथ संघ का चातुर्मास हुआ। 25 सितंबर 1983 को पांच मुनि दीक्षा संपन्न हुई, जिसमें मुनि श्री सुधासागर, मुनि समतासागर, मुनि स्वभाव सागर, मुनि सरलसागर और मुनि समाधि सागर महाराज थे।</p>
<p><strong>श्री सम्मेद शिखर तीर्थ का महत्व</strong></p>
<p>मुनि श्री ने कहा कि मैं &#8220;ईसरी&#8221; को श्री सम्मेद शिखर का अलग हिस्सा नहीं मानता। भगवान अजितनाथ और संभवनाथ स्वामी के समय का विस्तार यह क्षेत्र ईसरी तक फैला हुआ था, अतः यह भी सम्मेदशिखर जी का ही एक हिस्सा है। मुनि श्री ने उस समय की यादों को ताजा करते हुए कहा कि आज जो आर्यिका गुरुमति के रूप में आर्यिकाओं की प्रधान हैं, वह भी उस समय एक वहन के रूप में साधना कर रही थीं, जो आज विशाल आर्यिका संघ को साथ लेकर सभी को पुण्यार्जन करा रही हैं। मुनि श्री ने कहा कि सम्मेदशिखर यात्रा की भावना का श्रेय ऐलक श्री निश्चय सागर महाराज को भी है। उनके मन में इस यात्रा को करने का बहुत भाव था और जब हम लोग चंद्रगिरी में आचार्य गुरुदेव विद्यासागरजी महाराज का स्मृति दिवस मना रहे थे, तो हमने यह भाव वहां उपस्थित सभी महाराज और आर्यिका संघ के सामने रखा। हम सभी ने श्री सम्मेदशिखर तीर्थवंदना का लक्ष्य रखा और छत्तीसगढ़ राज्य को लांघते हुए झारखंड में प्रवेश किया। प्रारंभ में प्रचंड गर्मी को देखते हुए लगा कि आगे तो बढ़ गए लेकिन मौसम का ख्याल नहीं रखा, लेकिन गुरुदेव का ऐसा आशीर्वाद था कि कोरवा जसपुर आते-आते मौसम भी अनुकूल हो गया। कभी धूप, कभी छांव, कभी आंधी, कभी तूफान का वातावरण मिला।</p>
<p><strong>गुरुदेव के आशीर्वाद का प्रभाव</strong></p>
<p>मुनि श्री ने कहा कि सम्मेदशिखर में जब हमारा मंगलप्रवेश हुआ, तो वही शीतल वातावरण दिखाई दिया। यह सब गुरूदेव के आशीर्वाद का फल था। उन्होंने गुणायतन तीर्थ और मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज की प्रशंसा करते हुए कहा कि गुरुदेव के आशीर्वाद से हम सभी का मन कटनी चातुर्मास के उपरांत ही बन गया था, लेकिन उनके स्वास्थ्य प्रतिकूल होने से हम लोग जीवंत शिखर तीर्थ बंदना के लिए डोंगरगढ़ पहुंच गए थे। मुनि श्री ने कहा कि भले ही शिखर जी की बंदना देर से हुई, लेकिन जीवंत तीर्थ गुरुदेव बंदना का अवसर हमें मिल गया।</p>
<p><strong>साधुओं का स्वागत और आशीर्वाद</strong></p>
<p>मुनि श्री ने कहा कि इस तीर्थ बंदना में कदम से कदम मिलाकर चलने वालों को आशीर्वाद प्रदान करते हुए कहा कि बाहर जंगलों में जो लोग विहार कराते हैं, उन्हें असीम पुण्य मिलता है। उन्होंने आहार-विहार में जिन परिवारों ने आकर चौका लगाया और आहार-विहार में सहयोग किया, उन सभी को ढेर सारे आशीर्वाद दिए।</p>
<p>इस अवसर पर मुनि श्री पवित्र सागर महाराज ने कहा, &#8220;वर्षों से विछड़े जब पंछी आपस में मिलते हैं, धरती, सूरज, चांद और सितारे भी सब अपने हो जाते हैं।&#8221; मुनि श्री पवित्र सागर महाराज ने कहा कि गुरु आज्ञा का पालन कैसे होता है, यह समतासागर जी से सीखा जा सकता है।</p>
<p><strong>गुणायतन में धर्म साधना का केंद्र</strong></p>
<p>आर्यिकारत्न गुरुमति माताजी ने कहा कि मुनि श्री के सानिध्य में श्री सम्मेदशिखर तीर्थवंदना का भाव चंद्रगिरी तीर्थ पर बना और गुरुदेव के आशीर्वाद से यह कठिन यात्रा सरलता से हो गई। उन्होंने कहा कि यह आत्मा अनंत गुणों का आयतन है और गुणायतन अपने नाम के अनुरूप धर्म साधना का केंद्र बन गया है।</p>
<p><strong>साधु संतों का स्वागत और सम्मान</strong></p>
<p>इस अवसर पर गुणायतन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद काला (कोलकाता) ने मुनिसंघ की भव्य मंगल अगवानी में आए समस्त अतिथियों का आभार व्यक्त किया, जबकि महामंत्री अशोक पांडया ने संचालन किया। इस अवसर पर गुणायतन के सी.ई.ओ. सुभाष जैन, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी वीरेन्द्र जैन, शेलेन्द्र जैन, कपूर चंद्र जैन (कोटा), सुरेंद्र कुमार जैन (सिद्धायतन) सहित समस्त पदाधिकारी एवं संघस्थ बाल ब्र. ब्र. अनूप भैया (विदिशा), रिंकू भैया (अशोक नगर), ब्र. शेलेष, ब्र. राजेश (तीर्थवंदना में सहयोगी), अन्ना भैया (पुसद), गोल्डी सिंघई (कटनी), प्रवक्ता अविनाश जैन (विदिशा), जम्बू सेठी (खातेगांव), सिलवानी, बम्हौरी, और साथ चल रहे समस्त वंधुओं का गुणायतन परिवार द्वारा अंगवस्त्र, तिलक और सम्मान पत्र के साथ सम्मान किया गया। दोपहर 2:30 बजे मुनिसंघ ने ऊपर पहाड़ पर जाने का निर्णय लिया और रात्रि विश्राम डाक बंगला पर कर 19 मई सोमवार को पहाड़ की बंदना की जाएगी।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/the_grand_auspicious_entry_of_saints_and_sages_in_madhuban/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>जैन समाज के बंटने पर व्यक्त की पीड़ा : पारस नाथ तीर्थ क्षेत्र मधुबन को धार्मिक तीर्थ क्षेत्र ही नहीं, शिक्षा का तीर्थ भी बनना चाहिए- अनिल जैन </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/anguish_expressed_over_division_of_jain_community/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/anguish_expressed_over_division_of_jain_community/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 08 Feb 2024 09:03:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Chaturmas]]></category>
		<category><![CDATA[Dharmasabha]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[discourse]]></category>
		<category><![CDATA[indore]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Unity श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[Madhuban]]></category>
		<category><![CDATA[Parasnath Teerth Kshetra]]></category>
		<category><![CDATA[religious meeting]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Varsha Yoga]]></category>
		<category><![CDATA[इंदौर]]></category>
		<category><![CDATA[चातुर्मास]]></category>
		<category><![CDATA[जैन एकता]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सोसायटी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[धर्मसभा]]></category>
		<category><![CDATA[पारसनाथ तीर्थ क्षेत्र]]></category>
		<category><![CDATA[प्रवचन]]></category>
		<category><![CDATA[मधुबन]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=55422</guid>

					<description><![CDATA[नगर के अनिल कुमार जैन ने पीड़ा व्यक्त की है कि समाज की सबसे बड़ी सच्चाई ये है कि हम कई टुकड़ों में बांट दिए गए हैं या बंटे हुए है।अखिल भारतीय या अखिल राज्य स्तरीय कोई संगठन नहीं है, जो सभी जैन समाज का प्रतिनिधित्व करता हो। पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट&#8230; अनिल कुमार जैन [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>नगर के अनिल कुमार जैन ने पीड़ा व्यक्त की है कि समाज की सबसे बड़ी सच्चाई ये है कि हम कई टुकड़ों में बांट दिए गए हैं या बंटे हुए है।अखिल भारतीय या अखिल राज्य स्तरीय कोई संगठन नहीं है, जो सभी जैन समाज का प्रतिनिधित्व करता हो। <span style="color: #ff0000">पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p>अनिल कुमार जैन ने पीड़ा व्यक्त की है कि समाज की सबसे बड़ी सच्चाई ये है कि हम कई टुकड़ों में बांट दिए गए हैं या बंटे हुए है।अखिल भारतीय या अखिल राज्य स्तरीय कोई संगठन नहीं है, जो सभी जैन समाज का प्रतिनिधित्व करता हो। समाज को जोड़ने के लिए, जैन धर्म मजबूत हो, समाज कल्याण मे अग्रणी भूमिका निभाए, के लिए मैं प्रयासरत हूं। मैंने केंद्र सरकार और राज्य सरकार से पत्राचार किया है। हम जैनी अखिल भारतीय जैन यूनिवर्सिटी ऑफ एक्सीलेंस खोलना चाहते हैं। सरकार भी चाहती है शिक्षा के क्षेत्र में निवेश हो। वो अनुदान देने को भी तैयार है। लेकिन असली समस्या है कि जैन समाज में पत्राचार किससे करे? किस एड्रेस पर करे? उनके सवाल, पत्र का जवाब कौन देगा</p>
<p><strong>एकता की जरूरत</strong></p>
<p>उन्होंने कहा कि मुझे लगता है अब समय आ गया है। जिला स्तरीय, राज्य स्तरीय, अखिल भारतीय स्तरीय जैनों का प्रतिनिधि मण्डल होना चाहिए। वैसे मैं अच्छी तरह जानता हूं कि अभी के जैन को मरना मंजूर है पर झुकना मंजूर नहीं है। जैन समाज को एक करने का मतलब है जिंदा मेंढक को तराजू पर तौलना। लेकिन समय की जरूरत, मांग को समझते हुए आपसी सहमति, एकता की बहुत जरुरत है। आज ईसाई मिशनरियों से सीखने की जरुरत है। कैसे समाज कल्याण कर वो पूरे विश्व में फैल गए हैं। चर्च छोटा, स्कूल- कॉलेज बड़ा बनाते हैं।समस्या वहां भी होगी पर एक बात वो समझते हैं कि लड़ाई आपस में हो। लेकिन जब बाहर से हो तो हम सब एक हैं। क्या हम जैनी हर मंदिर के पंच कल्याणक के साथ एक जैन विद्यालय का शिलान्यास समारोह संपन्न नहीं कर सकते हैं? आज मुस्लिम समाज मस्जिद के साथ मदरसा बनाते हैं। बहुत ही अच्छा काम है। क्या हम जैनी सचमुच नासमझ हैं। इतने उदाहरण पड़े हैं। देखकर, पढ़कर हम लोग क्यों नहीं बदल रहे हैं?</p>
<p>शुरुआत कैसे करना चाहिए? पहले अपने में करो सुधार, फिर दूसरे को बताओ अपने विचार</p>
<p>पारसनाथ में एक उच्च स्तरीय जैन यूनिवर्सिटी ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना करनी है।</p>
<p>1. इसके लिए एक गवर्निंग बॉडी बनानी होगी। जिसमें झारखण्ड जैन समाज के प्रबुद्ध लोग होंगे।</p>
<p>2. वर्किंग कमेटी बनानी होगी। जो उस यूनिवर्सिटी का संचालन करे। उसकी रूप रेखा तैयार करे।</p>
<p>3. एक ऑफिस एड्रेसहोना चाहिए। जहां लोग मिल सकें। पत्राचार कर सकें।</p>
<p>सरकार तैयार है पर क्या हम सचमुच एकजुट होने को तैयार हैं? जुड़ेगा जैन समाज तो आगे बढ़ेगा जैन समाज। नहीं तो अपना अस्तित्व समाप्त कर लेगा जैन समाज।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/anguish_expressed_over_division_of_jain_community/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
