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	<title>मंझार जैन मंदिर &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
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	<title>मंझार जैन मंदिर &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>मंझार जैन मंदिर में प्रवचन दे रहे हैं मुनि श्री : स्वाधीन बनने से होगा आत्मा का कल्याण &#8211; सुधासागर जी महाराज </title>
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		<pubDate>Mon, 13 Mar 2023 13:27:04 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[मंझार जैन मंदिर में मुनि श्री सुधा सागर जी महाराज, क्षुल्लक गंभीर सागर जी महाराज विगत एक माह से विराजमान हैं। अपने प्रवचन में मुनिश्री ने कहा कि महानुभाव पराधीन नहीं बनो। स्वाधीन बनो यही हमारी आत्मा का कल्याण करने वाला होगा। पढ़िए राजीव सिंघई मोनू की रिपोर्ट&#8230; टीकमगढ़। शहर के मध्य में स्थित मंझार [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>मंझार जैन मंदिर में मुनि श्री सुधा सागर जी महाराज, क्षुल्लक गंभीर सागर जी महाराज विगत एक माह से विराजमान हैं। अपने प्रवचन में मुनिश्री ने कहा कि महानुभाव पराधीन नहीं बनो। स्वाधीन बनो यही हमारी आत्मा का कल्याण करने वाला होगा। <span style="color: #ff0000;">पढ़िए राजीव सिंघई मोनू की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>टीकमगढ़।</strong> शहर के मध्य में स्थित मंझार जैन मंदिर में मुनि श्री सुधा सागर जी महाराज, क्षुल्लक गंभीर सागर जी महाराज विगत एक माह से विराजमान हैं। उनके सानिध्य में धर्म की गंगा बह रही है। हजारों लोग धर्म लाभ ले रहे हैं। मुनि श्री के सानिध्य में श्री 1008 पारसनाथ धाम पंचायती मंदिर का शिलान्यास संपन्न हो चुका है। तीन मंजिला मंदिर का पाषाण से निर्माण होगा। मंदिर में पाषाण से निर्मित चौबीसी भी बनाई जाएगी। सोमवार को प्रातः 8:30 मुनि श्री मंच पर विराजमान हुए।</p>
<p><strong>अपनी जिंदगी की डोर अपने हाथ में</strong></p>
<p>मुनि श्री के पाद प्रक्षालन एवं शास्त्र भेंट के बाद मुनि श्री के प्रवचन शुरू हुए। उन्होंने अपने प्रवचनों के माध्यम से कहा कि हर व्यक्ति यह चाहता है कि मेरे अंदर ऐसी शक्ति सामर्थ्य जाग जाए कि मुझे किसी के अधीन ना होना पड़े। मुनि श्री ने कहा कि आप लोगों को स्वाधीन बनना है किसी के पराधीन होकर अपना जीवन नहीं खपाना है। श्रेष्ठतम व्यक्ति वह नहीं है जिसके साथ दुनिया है। जिसके साथ जितने लोग हैं समझ लेना वह व्यक्ति उतना कमजोर है।</p>
<p>किसी भी तरफ से देखो, जितने ज्यादा लोग उसके आगे पीछे होंगे, समझ लेना यह कमजोर व्यक्ति की निशानी है। और यह बहुत बड़ी कमजोरी भी है।</p>
<p>मुनि श्री ने कहा कि जैसे राष्ट्रपति देश के सर्वोच्च पद वाला व्यक्ति होता है। उनकी सुरक्षा दूसरों के हाथ में होती है। वह अपनी सुरक्षा स्वयं नहीं कर सकते। तुम श्रावक लोग तो लाइसेंसी लेकर बंदूक रख सकते हो, राइफल रख सकते हो, डंडा भी अपनी सुरक्षा के लिए ले सकते हो। लेकिन राष्ट्रपति तो कोई लाइसेंसी बंदूक भी नहीं रख सकते। यानी अपनी जान बचाने के लिए भी अधिकार नहीं है। उनकी जान तो पुलिस वाले बचाएंगे, उनका प्रोटोकॉल बचाएगा। उनकी सुरक्षा में लगे सैनिक बचाएंगे। यह कहां तक सुरक्षित है। यह विचारणीय विषय है कि हम विचार करते हैं वह बड़ा आदमी है, इनके पास कितनी सुरक्षा है कितना बड़ा प्रोटोकॉल होगा। मुनि श्री ने कहा कि साइकिल चलाने वाले की जिंदगी स्वयं इसके हाथ में होती है लेकिन करोड़ों की कीमत वाली गाड़ी में बैठने वाली की जिंदगी दूसरों के हाथ में होती है। वह मालिक तो करोड़ों की गाड़ी का है लेकिन उसकी जिंदगी ड्राइवर के हाथ में होती है। मुनि श्री ने कहा कि भौतिकवाद की चकाचौंध तुम्हें पराधीन बनाती है और धर्म हमें स्वाधीन बनाता है।मुनिश्री ने कहा कि महानुभाव पराधीन नहीं बनो। स्वाधीन बनो यही हमारी आत्मा का कल्याण करने वाला होगा।</p>
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		<title>मंझार जैन मंदिर के नव निर्माण की तैयारी : सबसे पहले अपनी दृष्टि शुद्ध करो, क्रिया बाद में शुद्ध होगी </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 10 Mar 2023 13:32:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Discourse श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
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					<description><![CDATA[मंझार जैन मंदिर के नव निर्माण की तैयारी चल रही है। मुनि श्री सुधासागर महाराज ने इस मंदिर का नया नाम पारसनाथ धाम पंचायती मंदिर कर दिया है। पारसनाथ धाम मंदिर पाषाण से निर्मित होगा। यह मंदिर 3 मंजिला होगा और तीसरी मंजिल पर पाषाण की भव्य चौबीसी बनेगी।पढ़िए राजीव सिंघई की रिपोर्ट&#8230; टीकमगढ़। शहर [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>मंझार जैन मंदिर के नव निर्माण की तैयारी चल रही है। मुनि श्री सुधासागर महाराज ने इस मंदिर का नया नाम पारसनाथ धाम पंचायती मंदिर कर दिया है। पारसनाथ धाम मंदिर पाषाण से निर्मित होगा। यह मंदिर 3 मंजिला होगा और तीसरी मंजिल पर पाषाण की भव्य चौबीसी बनेगी।<span style="color: #ff0000;">पढ़िए राजीव सिंघई की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>टीकमगढ़।</strong> शहर के मध्य में स्थित पारसनाथ दिगंबर जैन मंझार मंदिर में निर्यापक मुनि श्री 108 सुधासागर जी महाराज एवं क्षुल्लक 105 गंभीर सागर जी महाराज विराजमान हैं। प्रतिदिन मुनि श्री के प्रवचन एवं शाम को जिज्ञासा समाधान का आयोजन किया जा रहा है। मंच संचालन अमित भैया जबलपुर द्वारा किया जा रहा है। मंझार जैन मंदिर के नव निर्माण की तैयारी चल रही है। मुनि श्री ने इस मंदिर का नया नाम पारसनाथ धाम पंचायती मंदिर कर दिया है। पारसनाथ धाम मंदिर पाषाण से निर्मित होगा। यह मंदिर 3 मंजिला होगा और तीसरी मंजिल पर पाषाण की भव्य चौबीसी बनेगी।</p>
<p><strong>सबसे पहले खुद को जानें</strong></p>
<p>शुक्रवार को मुनि श्री सुधासागर जी पारसनाथ धाम स्थित मंच पर विराजमान हुए। मुनि श्री के पाद प्रक्षालन एवं चित्र आनावरण एवं शास्त्र भेंट का कार्यक्रम संपन्न हुआ। मुनि श्री ने अपने प्रवचन में कहा कि जब कोई व्यक्ति दुनिया को जानने का इच्छुक होता है तो उसके पास कुछ सूत्र होना चाहिए जो उसे अच्छे बुरे रास्तों का ज्ञान करा सके। सबसे पहले उसे यह जानना जरूरी है कि मैं सही हूं या गलत। क्या हमारे पास सत्य को जानने की योग्यता है। जब स्वयं ही असत्य के रास्ते पर चल रहे हो तो सत्य को कैसे जान सकते हो। मुनि श्री ने कहा कि जो स्वयं विक्षिप्त है, वह दुनिया को कैसे जान सकता है। जो स्वयं ही असमर्थ है, वह समर्थवान का साथ कैसे दे सकता है। अंधा व्यक्ति प्रकाश के स्वरूप को जान नहीं सकता। बहरा व्यक्ति शब्दों का आनंद नहीं जान सकता। लंगड़ा व्यक्ति पहाड़ के रास्तों को नहीं बता सकता। पर्वत का रास्ता नहीं बता सकता। मुनि श्री ने कहा कि यहां अंधा व्यक्ति प्रकाश का वर्णन कर रहा है, विकलांग व्यक्ति पर्वत का रास्ता बता रहा है, नशे में रहने वाला व्यक्ति सदमार्ग का रास्ता बता रहा है। सबका स्वरूप क्या है, वह बता रहा है। सबको जानने के पहले अपनी आंखों का ऑपरेशन कराओ। कम से कम सूर्य को देख सको। सूर्य के प्रकाश का आनंद ले सको इसलिए सबसे पहले जैनागम में सम्यक दृष्टि बतलाया गया है, सम्यक ज्ञानी बाद में। सबसे पहले अपनी दृष्टि शुद्ध करो, क्रिया बाद में शुद्ध होगी। पहले अपनी सोच बदलो तुम्हें क्या करना है, क्या नहीं करना है। यह बाद में बात कही गई है। यह देखो तुम्हें कौन से रास्ते पर चलना है। हम उन रास्तों पर चल रहे हैं, यहां मंजिल ही नहीं होती है। इसी कारण से हम संसार सागर में भटक रहे हैं।</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-39785" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/03/IMG-20230310-WA0032.jpg" alt="" width="1600" height="900" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/03/IMG-20230310-WA0032.jpg 1600w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/03/IMG-20230310-WA0032-300x168.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/03/IMG-20230310-WA0032-1024x576.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/03/IMG-20230310-WA0032-768x432.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/03/IMG-20230310-WA0032-1536x864.jpg 1536w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/03/IMG-20230310-WA0032-990x557.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/03/IMG-20230310-WA0032-1320x743.jpg 1320w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/03/IMG-20230310-WA0032-470x264.jpg 470w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/03/IMG-20230310-WA0032-640x360.jpg 640w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/03/IMG-20230310-WA0032-215x120.jpg 215w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/03/IMG-20230310-WA0032-414x232.jpg 414w" sizes="(max-width: 1600px) 100vw, 1600px" /></p>
<p><strong>मंगल विहार जारी </strong></p>
<p>आचार्य भगवन विद्यासागर जी महामुनि राज के परम शिष्य ओजस्वी एवं प्रखर वक्ता मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज ससंघ विहार नौगांव से अतिशय क्षेत्र बंधा जी के लिए चल रहा है। मुनि संघ का चातुर्मास विश्व प्रसिद्ध पर्यटक स्थल खजुराहो में संपन्न हुआ था। मुनि संघ की 15 मार्च को अतिशय क्षेत्र बंधा जी में आगवानी की संभावना है। शुक्रवार को मुनि संघ का रात्रि विश्राम सिमरा खुर्द में होगा। रविवार को मुनि संघ की मंगल आगवानी चंदेरा समाज द्वारा की जाएगी।</p>
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