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	<title>मंगल आशीर्वाद &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<title>मंगल आशीर्वाद &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>आचार्य श्री सौरभ सागर जी महाराज का मिला आशीर्वाद: 25 दिवसीय 5100 किमी लंबी श्री नेमि गिरनार धर्म यात्रा को लेकर विश्व जैन संगठन का अभियान  </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 05 Jun 2026 11:53:29 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जैन तीर्थ वीरोदय, निर्माण विहार, दिल्ली में विराजमान आचार्यश्री सौरभ सागर जी महाराज के सानिध्य में 5 जून को आयोजित मंशा पूर्ण विधान में आचार्य श्री ने संगठन के पदाधिकारियों को गिरनार धर्म यात्रा की सफलता के लिए मंगल आशीर्वाद दिया और समस्त समाज से प्रतिदिन देव दर्शन और तीर्थंकरों के मोक्ष कल्याणक पर गिरनार [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>जैन तीर्थ वीरोदय, निर्माण विहार, दिल्ली में विराजमान आचार्यश्री सौरभ सागर जी महाराज के सानिध्य में 5 जून को आयोजित मंशा पूर्ण विधान में आचार्य श्री ने संगठन के पदाधिकारियों को गिरनार धर्म यात्रा की सफलता के लिए मंगल आशीर्वाद दिया और समस्त समाज से प्रतिदिन देव दर्शन और तीर्थंकरों के मोक्ष कल्याणक पर गिरनार जी और शिखर जी वंदना के लिए मार्गदर्शन दिया। <span style="color: #ff0000">नईदिल्ली से पढ़िए, आकाश जैन की यह रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>नईदिल्ली।</strong> जैन तीर्थ वीरोदय, निर्माण विहार, दिल्ली में विराजमान आचार्यश्री सौरभ सागर जी महाराज के सानिध्य में 5 जून को आयोजित मंशा पूर्ण विधान में आचार्य श्री ने संगठन के पदाधिकारियों को गिरनार धर्म यात्रा की सफलता के लिए मंगल आशीर्वाद दिया और समस्त समाज से प्रतिदिन देव दर्शन और तीर्थंकरों के मोक्ष कल्याणक पर गिरनार जी और शिखर जी वंदना के लिए मार्गदर्शन दिया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री संजय जैन ने लक्ष्मी नगर, शकरपुर एवं निर्माण विहार मंदिर कमेटियों से पूर्ववत गिरनार यात्रा से पूर्व जागरूकता के लिए रैली निकालने और समस्त समाज से आगामी 20 जुलाई को भगवान नेमीनाथ के मोक्ष कल्याणक पर गिरनार जी वंदना करने के लिए निवेदन किया।</p>
<p>भारतवर्षीय तीर्थ क्षेत्र कमेटी दिल्ली अंचल अध्यक्ष प्रद्युम्न जैन ने गुजरात तीर्थ क्षेत्र कमेटी द्वारा सभी जैन श्रद्धालुओं के गिरनार में रहने एवं भोजन आदि कीे पूर्ववत सुविधा दिए जाने की जानकारी दी। सभा में संगठन के सम्मानित सदस्य अनुज जैन (लक्ष्मी नगर), अभिषेक जैन पीएनबी, संगठन की लक्ष्मी नगर शाखा से अतुल जैन, अमित जैन उपस्थित रहें। प्रसिद्ध मंच संचालक सुरेंद्र जैन मिंटू ने संगठन द्वारा शिखर जी की पवित्रता के आंदोलन और गत वर्ष गिरनार धर्म पद यात्रा की जानकारी दी और सभी से यात्रा में सहयोग और सहभागिता करने की अपील की।</p>
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		<title>आचार्यश्री भारत भूषण जी ने नेमि गिरनार यात्रा के लिए दिया आशीर्वाद : आचार्य बोले- भगवान नेमिनाथ मोक्षस्थल पर उनकी भावनाओं को अपनी आत्मा तक पहुंचाना महान भाग्य उदय,  </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 24 May 2026 10:34:02 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[भगवान नेमीनाथ जी के मोक्ष कल्याणक पर गिरनार जी धर्मयात्रा जुलाई में प्रस्तावित है। इसकी तैयारियां की जा रही हैं। प्रचार-प्रसार और जनजागरण के लिए भ्रमण कार्य किया जा रहा है। विश्व जैन संगठन के मीडिया प्रभारी ने बताया कि आचार्य श्री भारत भूषण और आचार्य श्री विनिश्चय सागर जी ने गिरनार धर्म यात्रा की [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>भगवान नेमीनाथ जी के मोक्ष कल्याणक पर गिरनार जी धर्मयात्रा जुलाई में प्रस्तावित है। इसकी तैयारियां की जा रही हैं। प्रचार-प्रसार और जनजागरण के लिए भ्रमण कार्य किया जा रहा है। विश्व जैन संगठन के मीडिया प्रभारी ने बताया कि आचार्य श्री भारत भूषण और आचार्य श्री विनिश्चय सागर जी ने गिरनार धर्म यात्रा की सफलता के लिए मंगल आशीर्वाद दिया है। <span style="color: #ff0000">जलालाबाद से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>जलालाबाद।</strong> भगवान नेमीनाथ जी के मोक्ष कल्याणक पर गिरनार जी धर्मयात्रा जुलाई में प्रस्तावित है। इसकी तैयारियां की जा रही हैं। प्रचार-प्रसार और जनजागरण के लिए भ्रमण कार्य किया जा रहा है। विश्व जैन संगठन के मीडिया प्रभारी ने बताया कि आचार्य श्री भारत भूषण और आचार्य श्री विनिश्चय सागर जी ने गिरनार धर्म यात्रा की सफलता के लिए मंगल आशीर्वाद दिया है। वहीं जलालाबाद और टिकरौल में अतिशयकारी पार्श्वनाथ भगवान और शांतिनाथ भगवान से भी गिरनार धर्म यात्रा के लिए आशीर्वाद लिया गया है। विश्व जैन संगठन की ओर से बताया गया कि दिल्ली से गिरनार जी तक 25 जून को आरंभ होकर विभिन्न राज्यों से होकर 19 जुलाई को गिरनार जी पहुंचने वाली 25 दिवसीय 5100 किमी लंबी श्री नेमि गिरनार धर्म यात्रा की सफलता के लिए 23 मई को अतिशय क्षेत्र के दर्शन कर पूज्य संतों का मंगल आशीर्वाद और मार्गदर्शन लिया गया। रामपुर मनीहारन में ससंघ विराजमान आचार्य श्री भारत भूषण जी ने गिरनार धर्म यात्रा की सफलता के लिए विश्व जैन संगठन के सदस्यों और सहयोगियों को मंगल आशीर्वाद देते हुए समस्त समाज को भगवान नेमिनाथ के मोक्ष दिवस पर मोक्षस्थल गिरनार जी के दर्शन और चरण वंदन कर नेमि प्रभु की भावनाओं को अपनी आत्मा तक पहुंचाने के लिए महान भाग्य का उदय होना बताया।</p>
<p><strong>गुजरात तीर्थ क्षेत्र कमेटी करेगी भोजन की व्यवस्था</strong></p>
<p>विश्व जैन संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय जैन ने सभी समाजजनों को 25 जून को दिल्ली से आरंभ होकर 19 जून को गिरनार जी पहुंचने वाली श्री नेमी गिरनार धर्म यात्रा से जुड़ने, सहयोग करने और 20 जुलाई को गिरनार वंदना के लिए निवेदन किया है और गुजरात तीर्थ क्षेत्र कमेटी द्वारा गिरनार आने वाले सभी श्रद्धालुओं के रहने भोजन की व्यवस्था किए जाने की सूचना दी। भारतवर्षीय दिगंबर तीर्थ क्षेत्र कमेटी के दिल्ली अंचल के अध्यक्ष प्रद्युम्न जैन ने 20 जुलाई को गुजरात पुलिस प्रशासन से गिरनार वंदना में सुरक्षा व्यवस्था किए जाने की मांग करते हुए संगठन की धर्म यात्रा में सहयोग करने का आश्वासन दिया। सभा में संगठन के सम्मानित सदस्य अनुज जैन लक्ष्मी नगर, दिल्ली, सहारनपुर शाखा अध्यक्ष अरिहंत जैन, मंत्री आयुष जैन, सदस्य विनीत जैन, आयुष जैन, निपुण जैन और अन्य सदस्य उपस्थित रहे।</p>
<p><strong>पदाधिकारियों का कमेटी ने किया स्वागत </strong></p>
<p>संगठन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने जलालाबाद से शामली की ओर ससंघ विहार कर रहे आचार्य श्री विनिश्चय सागर जी महाराज के दर्शन का गिरनार धर्म यात्रा के लिए मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया। शामली से मोहित जैन उपस्थित रहे। जलालाबाद में विराजमान अतिश्यकारी भगवान पार्श्वनाथ और टिकरौल में विराजमान भगवान पार्श्वनाथ और भगवान शांतिनाथ की प्राचीन प्रतिमाओं के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। जलालाबाद अतिशय क्षेत्र अध्यक्ष सुशील जैन और टिकरौल अध्यक्ष तुषार जैन ने कमेटी की ओर से सभी का स्वागत किया।</p>
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		<title>आचार्यश्री सुंदर सागर जी ने पारस जैन को अपने आशीष से किया उपकृत: तलवंडी कोटा में विराजित हैं आचार्य श्री  </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 17 Jun 2025 09:24:33 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[औद्योगिक नगरी कोटा के तलवंडी स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर में आचार्य श्री सुंदरसागर जी (14 पिच्छिका) ससंघ ने विगत 35 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी पारस जैन ‘पार्श्वमणि’ को प्रसन्न चित्र मुद्रा, धर्म प्रभावना के लिए मंगल आशीर्वाद प्रदान किया। इस अवसर पर बूंदी का गोठड़ा [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>औद्योगिक नगरी कोटा के तलवंडी स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर में आचार्य श्री सुंदरसागर जी (14 पिच्छिका) ससंघ ने विगत 35 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी पारस जैन ‘पार्श्वमणि’ को प्रसन्न चित्र मुद्रा, धर्म प्रभावना के लिए मंगल आशीर्वाद प्रदान किया। इस अवसर पर बूंदी का गोठड़ा दिगंबर जैन समाज के पदाधिकारी एवं युवा मंडल के सदस्य भी उपस्थित थे। <span style="color: #ff0000">कोटा से पढ़िए, विमल कमलेश जैन की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>कोटा।</strong> औद्योगिक नगरी कोटा के तलवंडी स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर में आचार्य श्री सुंदरसागर जी (14 पिच्छिका) ससंघ ने विगत 35 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी पारस जैन ‘पार्श्वमणि’ को प्रसन्न चित्र मुद्रा, धर्म प्रभावना के लिए मंगल आशीर्वाद प्रदान किया। इस अवसर पर बूंदी का गोठड़ा दिगंबर जैन समाज के पदाधिकारी एवं युवा मंडल के सदस्य भी उपस्थित थे। विदित है कि पारस जैन ‘पार्श्वमणि’ ने संपूर्ण भारत वर्ष की शिक्षण संस्थानों में ‘मेरी भावना’ को पढ़ाया जाए, शिक्षण संस्थानों में लागू किया जाए का मिशन चलाया हुआ है। मध्यप्रदेश सरकार ने कक्षा 7 हिंदी में प्रथम नंबर पर ‘मेरी भावना’ को रखकर पढ़ाना शुरू कर दिया है। पूर्ववर्ती मध्यप्रदेश सरकार की ओर से कुपोषण के शिकार मासूम बच्चों को अंडा देने जा रही थी, उसका भी अपनी प्रबल लेखनी से घोर विरोध किया था। अंत में वह प्रस्ताव पास नहीं हो पाया। पार्श्वमणी पत्रकार के पास विगत 35 वर्षों के अलग-अलग धार्मिक अनुष्ठानों, पंचकल्याण को आयोजनों की विशेष कवरेज फाइल भी उपलब्ध है।</p>
<p>आप जब अपनी सुरीली आवाज में भावपूर्ण प्रस्तुति भजनों की देते हैं तो श्रद्धालु भाव विभोर हो झूम लग जाते हैं। पार्श्वमणि का व्यक्तित्व चुंबकीय है एक बार जो इनके संपर्क में आ जाता है, इनका ही होकर रह जाता है। आपका जन्म पिता देव शास्त्र गुरु के भक्त स्वर्गीय विमलचंद जैन एवम धर्मनिष्ठ स्वर्गीय शांति देवी के घर आंगन में हुआ। आपकी दो सुयोग्य पुत्री खुशबू जैन, गतिमा जैन अध्ययनरत हैं। आपकी एक बहन विवाहित ममता जैन राजेंद्र जैन (अटरू वाले) कोटा में रहते हैं।</p>
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		<title>विंध्य श्री माताजी के विहार में मानवता का अद्भुत उदाहरण: हृदयघात से पीड़ित को सुनाया णमोकार मंत्र </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 28 May 2025 09:03:06 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[बेदाखेड़ी में विहार के दौरान आर्यिका 105 विंध्यश्री माताजी ने एक हृदयघात से पीड़ित व्यक्ति की मदद कर उसे सकुशल अस्पताल पहुंचने में मदद की। पीड़ित बुजुर्ग को णमोकार मंत्र सुनाकर उन्हें अपना मंगल आशीर्वाद भी प्रदान किया। उनका यह वात्सल्य देख सभी ने कहा-संकट काल में पीड़ित मानव की सेवा से बड़ा कोई पुण्य [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>बेदाखेड़ी में विहार के दौरान आर्यिका 105 विंध्यश्री माताजी ने एक हृदयघात से पीड़ित व्यक्ति की मदद कर उसे सकुशल अस्पताल पहुंचने में मदद की। पीड़ित बुजुर्ग को णमोकार मंत्र सुनाकर उन्हें अपना मंगल आशीर्वाद भी प्रदान किया। उनका यह वात्सल्य देख सभी ने कहा-संकट काल में पीड़ित मानव की सेवा से बड़ा कोई पुण्य नहीं होता। <span style="color: #ff0000">बेदाखेड़ी से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>बेदाखेड़ी (आष्टा)।</strong> आचार्य श्री विराग सागर जी की शिष्या गणनी आर्यिका 105 विंध्य श्री माताजी का बेदाखेड़ी में (आष्टा एमपी के निकट) मंगल विहार चल रहा था, तभी एक अनोखी घटना घटित हुई। रास्ते में एक बाइक पर नवविवाहित जोड़ा और पीछे एक वयोवृद्ध दादाजी जा रहे थे। दादाजी को अचानक चलती गाड़ी पर अटैक आया। जो कि गाड़ी से गिरने को थे। इस दौरान पीछे चल रहे माताजी के संघ ने उन्हें देखा और तत्काल सहायता के लिए आगे आए। आष्टा दिगम्बर जैन पंचायत कमेटी के कोषाध्यक्ष निर्मलकुमार जैन (कोठरी) और ललित जैन धामन्दा और साथियों ने बाइक के पीछे दौड़ लगाकर दादाजी को उतारा और उन्हें नीचे लिटाकर सभी संभव प्रयास किए। माताजी ने उन्हें णमोकर मंत्र सुनाया और अपना आशीर्वाद दिया।</p>
<p>इस सहृदय करुणा और माताजी के आशीर्वाद से दादाजी को हृदयघात का सामना करने में मदद मिली और वे सकुशल हॉस्पिटल पहुंच गए। उन्होंने संघ का धन्यवाद और माताजी का आशीर्वाद लिया। इस घटना ने एक बार फिर जैन धर्म की मानवता और करुणा की भावना को प्रदर्शित किया है। माताजी के मंगल विहार में यह अद्भुत उदाहरण सभी के लिए अनुकरणीय और प्रेरणादायक है। संकट काल में पीड़ित मानव की सेवा से बड़ा कोई पुण्य नहीं होता। माताजी ने यह उदाहरण प्रस्तुत किया।</p>
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		<title>प्रथम बार 12 ऐलक दीक्षाएं संपन्न हुईः बड़े बाबा के दरबार में आचार्यश्री समय सागरजी महाराज के कर कमलों से  </title>
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		<pubDate>Mon, 31 Mar 2025 07:07:19 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[श्री विद्या सागरजी महाराज के शिष्य आचार्यश्री समय सागरजी महाराज के कर कमलो से प्रथम बार सिद्धक्षेत्र कुंडलपुर में बड़े बाबा के बड़े दरबार में एक भव्य समारोह में ऐलक दीक्षाएं प्रदान की गई। इस अवसर पर मुनिश्री चंद्र सागरजी महाराज द्वारा पूज्य आचार्यश्री विद्या सागरजी महाराज के कुछ संस्मरण सुनाते हुए कार्यक्रम की शुरुआत [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>श्री विद्या सागरजी महाराज के शिष्य आचार्यश्री समय सागरजी महाराज के कर कमलो से प्रथम बार सिद्धक्षेत्र कुंडलपुर में बड़े बाबा के बड़े दरबार में एक भव्य समारोह में ऐलक दीक्षाएं प्रदान की गई। इस अवसर पर मुनिश्री चंद्र सागरजी महाराज द्वारा पूज्य आचार्यश्री विद्या सागरजी महाराज के कुछ संस्मरण सुनाते हुए कार्यक्रम की शुरुआत हुई। <span style="color: #ff0000">पढ़िए कुंडलपुर से राजीव सिंघई की यह पूरी खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>कुंडलपुर (दमोह)।</strong> युग श्रेष्ठ संत शिरोमणि आचार्य गुरुवर श्री विद्या सागरजी महाराज के शिष्य परंपराचार्य विद्या शिरोमणि परम पूज्य आचार्यश्री समय सागरजी महाराज के कर कमलो से प्रथम बार सिद्धक्षेत्र कुंडलपुर में बड़े बाबा के बड़े दरबार में बड़े बाबा मंदिर परिसर में एक भव्य समारोह में 12 ऐलक दीक्षाएं प्रदान की गई। इस अवसर पर मुनिश्री चंद्र सागरजी महाराज द्वारा पूज्य आचार्यश्री विद्या सागरजी महाराज के कुछ संस्मरण सुनाते हुए कार्यक्रम की शुरुआत हुई।</p>
<p><strong>विभिन्न विधान सम्पन्न हुए</strong></p>
<p>चित्र अनावरण अमिताभ, अशोक चांवल, चंद्र कुमार सराफ अध्यक्ष कुंडलपुर क्षेत्र कमेटी, वीरेश सेठ, संतोष सिंघई, इंजी. आर के जैन महामंत्री आदि ने किया। दीप का दीपन कंवरलाल अशोक पाटनी आरके मार्बल परिवार द्वारा किया गया। आचार्यश्री का पाद प्रक्षालन अभय बनगांव परिवार द्वारा किया गया। शास्त्र अर्पण भामाशाह पाटनी परिवार ने किया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए निर्यापक श्रमण मुनिश्री संभव सागरजी महाराज ने कहा आज वह दिन सबके समक्ष उपस्थित हुआ है आचार्यश्री विद्या सागरजी महाराज के शिष्य आचार्यश्री समय सागरजी महाराज के द्वारा बड़े बाबाजी जो छोटे बाबा के आराध्य हैं जिनके पादमूल में यह दीक्षा कार्यक्रम संपन्न हो रहा है। आचार्यश्री ने भी बड़े बाबा के पादमूल में क्षुल्लक, ऐलक, आर्यिका दीक्षाएं दी थी उसी का अनुसरण करते हुए नववर्ष पर आचार्यश्री समय सागरजी आज दीक्षा प्रदान कर रहे हैं। सभी प्रतीक्षारत हैं कौनसा दृश्य उपस्थित हो रहा है, कौनसी दीक्षा होने जा रही है। अब क्षुल्लकजी नए स्वरूप में आएंगे आप देखेंगे।</p>
<p><strong><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-77916" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250331-WA0019.jpg" alt="" width="1512" height="1006" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250331-WA0019.jpg 1512w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250331-WA0019-300x200.jpg 300w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250331-WA0019-1024x681.jpg 1024w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250331-WA0019-768x511.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250331-WA0019-414x276.jpg 414w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250331-WA0019-470x313.jpg 470w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250331-WA0019-640x426.jpg 640w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250331-WA0019-130x86.jpg 130w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250331-WA0019-187x124.jpg 187w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250331-WA0019-990x659.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250331-WA0019-1320x878.jpg 1320w" sizes="(max-width: 1512px) 100vw, 1512px" />क्षुल्लक के उपरांत ऐलक पद आता है </strong></p>
<p>इस अवसर पर परम पूज्य आचार्यश्री समय सागरजी महाराज ने दीक्षा की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा सन् 2022 में बड़े बाबा के पंचकल्याणक गजरथ महामहोत्सव के पावन अवसर पर गुरुदेव ने क्षुल्लक दीक्षाएं प्रदान की थी। उनकी भावना काफी दिन से थी उनकी भावना को ध्यान रखते आचार्यश्री के आदेश संकेत का पालन करते हुए पवित्र पावन क्षेत्र कुंडलपुर में वह दृश्य आपके सामने आ रहा है। मेरी दीक्षा भी इसी क्रम से गुरुदेव ने प्रदान की थी। समय-समय पर योग्यता सामर्थ अनुसार मार्ग प्रदान किया जाता है। अभी 11 प्रतिमाएं यथावत है उनके पास जो गुरुदेव ने प्रदान की थी। क्षुल्लक के उपरांत ऐलक पद आता है। अभी तक दुपट्टा का उपयोग करते थे अब करपात्री बनेंगे अब आज से ऐलक पद पर रहेंगे।</p>
<p><strong>कटोरा लेकर आहार लेते थे अब कर पात्र में आहार लेंगे</strong></p>
<p>थोड़ा और समय उन्हें साधना के लिए दिया जा रहा है। अब दुपट्टा उतार कर कायोत्सर्ग कर दुपट्टे का प्रयोग नहीं करेंगे। मृदु वस्त्र के माध्यम से परिमार्जन करते थे। अब उनके हाथ में पिच्छिका संयोपकरण प्रदान किया जाएगा। अभी तक कटोरा लेकर आहार लेते थे अब कर पात्र में आहार लेंगे। अब ऐलक बनने के बाद नियमपूर्वक केशलोच करेंगे। जो नाम गुरुदेव ने प्रदान किए थे वही नाम उनके रहेंगे।</p>
<p><strong>बारह ऐलक महाराजों को पिच्छिका प्रदान की</strong></p>
<p>12 ऐलक महाराज को आचार्यश्री समय सागरजी महाराज के करकमलों से संयम उपकरण पिच्छिका प्रदान की गई। अब संयम उपकरण पिच्छिका से ही सभी परिमार्जन करेंगे। जिन क्षुल्लक महाराज को ऐलक दीक्षा प्रदान की गई उनके नाम क्रमशः ऐलक श्री औचित्य सागरजी, ऐलक श्री गहन सागरजी, ऐलक श्री कैवल्य सागरजी, ऐलक श्री सुदृढ़ सागरजी, ऐलक श्री समुचित सागरजी, ऐलक श्री उचित सागरजी, ऐलक श्री अथाह सागरजी, ऐलक श्री उत्साह सागरजी, ऐलक श्री अमाप सागरजी, ऐलक श्री उद्यम सागरजी, ऐलक श्री गरिष्ठ सागरजी, ऐलक श्री गौरव सागरजी महाराज।</p>
<p><strong>दीक्षा कार्यक्रम के साक्षी बनने का सौभाग्य </strong></p>
<p>पूज्य निर्यापक श्रमण मुनिश्री अभय सागरजी महाराज ससंघ सहित आचार्य संघ मंच पर विराजमान रहे। वाणी भूषण ब्रह्मचारी विनयभैया, ब्रह्मचारी संजीव भैया बड़ी संख्या में भैयाजी एवं दीदीजी की उपस्थिति थी। इस अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालु भक्तों ने देश के कोने-कोने से उपस्थित होकर दीक्षा कार्यक्रम के साक्षी बनने का सौभाग्य प्राप्त किया।</p>
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		<title>अंतरंग लक्ष्मी को प्राप्त करने का लक्ष्य प्रत्येक साधक का होता है-आचार्यश्री समय सागरजीः श्री आदिनाथ जी का जन्म एवं तप कल्याणक महोत्सव मनाया गया </title>
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		<pubDate>Mon, 24 Mar 2025 07:31:31 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[कुण्डलपुर में प्रथम तीर्थंकर भगवान श्री आदिनाथ जी का जन्म एवं तप कल्याणक महोत्सव आचार्यश्री समय सागर महाराज ससंघ सानिध्य में मनाया गया। उन्होंने अपने प्रवचन में कहा कि आगम ग्रन्थों के आधार पर यह बात समझ में आ जाती है कि मोहनीय कर्म के क्षय फलस्वरुप अथवा चार घातिया कर्म के क्षय फलस्वरुप केवल [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>कुण्डलपुर में प्रथम तीर्थंकर भगवान श्री आदिनाथ जी का जन्म एवं तप कल्याणक महोत्सव आचार्यश्री समय सागर महाराज ससंघ सानिध्य में मनाया गया। उन्होंने अपने प्रवचन में कहा कि आगम ग्रन्थों के आधार पर यह बात समझ में आ जाती है कि मोहनीय कर्म के क्षय फलस्वरुप अथवा चार घातिया कर्म के क्षय फलस्वरुप केवल ज्ञान की उपलब्धि होती है। <span style="color: #ff0000">पढ़िए कुंडलपुर से राजीव सिंघई की यह पूरी खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>कुंडलपुर दमोह।</strong> सुप्रसिद्ध सिद्धक्षेत्र कुण्डलपुर में जैनधर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान श्री आदिनाथ जी का जन्म एवं तप कल्याणक महोत्सव विद्या शिरोमणि प.पू.आचार्यश्री समय सागरजी महाराज ससंघ सानिध्य में धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर प्रातः भक्तामर महामंडल विधान, श्री आदिनाथ विधान, पूज्य बड़े बाबा का अभिषेक, शांतिधारा, पूजन, विधान हुआ। बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तों ने पूज्य बड़े बाबा का चरणाभिषेक किया। शांतिधारा का वाचन परम पूज्य निर्यापक श्रमण मुनिश्री अभय सागरजी महाराज द्वारा किया गया। आचार्यश्री की पूजन हुई।</p>
<p><strong>कर्म के क्षय फलस्वरुप केवल ज्ञान की उपलब्धि</strong></p>
<p>इस अवसर पर प. पू. आचार्यश्री समय सागरजी महाराज ने मंगल प्रवचन देते हुए कहा महावीर जयंती तो पूरे भारतवर्ष में मनाई जाती है किंतु आज आदिनाथ भगवान की जन्म जयंती जन्म कल्याणक का यह पुनीत पावन अवसर आप लोगों को प्राप्त हुआ है। आज की तिथि में ही आदिनाथ भगवान का जन्म एवं तप कल्याणक दोनों अवसर आपको प्राप्त हो रहा है। वस्तुतः आगम ग्रन्थों के आधार पर यह बात समझ में आ जाती है कि मोहनीय कर्म के क्षय फलस्वरुप अथवा चार घातिया कर्म के क्षय फलस्वरुप केवल ज्ञान की उपलब्धि होती है। किंतु केवली कई प्रकार के होते हैं उनमें सामान्य केवली का भी वर्णन मिलता है और तीर्थंकर केवली का भी वर्णन मिलता है। दोनों में अंतरंग दृष्टि से देखेंगे कर्मक्षय की दृष्टि से देखेंगे तो केवल ज्ञान में कोई भी अंतर नहीं है। केवल ज्ञान की दृष्टि से कोई भी अंतर नहीं पाया जाता। क्योंकि क्षायिक ज्ञान माना जाता।</p>
<p><strong>उदय के फलस्वरुप समोशरण की रचना </strong></p>
<p>अंत चतुष्टय की प्राप्ति सामान्य केवली हो तीर्थंकर केवली हो सबको प्राप्त हो चुका है। विशेषता यह है तीर्थंकर प्रकृति के वंध के फलस्वरुप जो की केवली और श्रुतकेवली के पादमूल में ही तीर्थंकर प्रकृति का वंध षोडसकारण भावना के माध्यम से होता है। ज्यो ही मोहिनी कर्म का क्षय हो जाता है तेरहवे गुण स्थान में तीर्थंकर प्रकृति का उदय हो जाता है। उस उदय के फलस्वरुप समोशरण की रचना होती है।</p>
<p><strong>अमूर्त आत्मतत्व को प्राप्त करने महान आत्माएं हुई हैं </strong></p>
<p>आप लोग सुबह उठ जाते हैं स्नानादि से निवृत होकर अपने आप को आईना में देखते हैं आईना का क्या मायना है आईना अर्थात दर्पण होता उसमें अपना चेहरा देखते जब आप बाहर निकलते सारे लोग आपका चेहरा देखते। मैं अच्छा लगू फोटो निकालते फोटो में क्या आ रहा है आपका चेहरा शरीर वस्त्राभूषण आदि फोटो में आ रहा है। किंतु जो परमात्म तत्व है जो आत्मतत्व है वह उसे कैमरे में नहीं आ सकता। क्योंकि वह अमूर्त आत्मतत्व है और अमूर्त आत्मतत्व को प्राप्त करने जो महान आत्माएं हुई हैं। उन्होंने मोक्ष मार्ग पर आरुण होकर रत्नात्रय के माध्यम से शरीर से आत्मतत्व को पृथक कर लिया है। इसका अनंतसुख का अनुभव प्रतिपल प्रति समय करते रहते हैं। वापस इस धरती पर कभी आएंगे नहीं। निर्वाण का लाभ प्राप्त हो जाता है।</p>
<p><strong>बिना पुरुषार्थ के कोई भी वस्तु उपलब्ध नहीं हो सकती</strong></p>
<p>लोक के अग्रभाग पर जाकर विराजमान होते हैं। साधना का फल है अंतरंग लक्ष्मी को प्राप्त करने का लक्ष्य प्रत्येक साधक का होता है। उस लक्ष्य को प्राप्त करने ही गुरुदेव ने हम लोगों को मार्ग प्रशस्त किया है। उस मार्ग पर आरुण होकर अपनी साधना को उन्होंने पूर्ण कर लिया है। हम लोगों के लिए प्रतिफल यही संबोधन रहा है चतुर्विध संघ के लिए। मनुष्य पर्याय बहुत दुर्लभ मानी जाती है इस पर्याय को सार्थक करने जो सच्चे देव शास्त्र गुरु की साधना में लग जाता है। निश्चित रूप से अल्प समय में वह घड़ी आएगी वह पूर्णतः मोक्ष मार्ग के योग्य सामग्री को प्राप्त करके साधना के माध्यम से आत्मनिधि को प्राप्त करने का प्रयास कर सकता है। बिना पुरुषार्थ के कोई भी वस्तु उपलब्ध नहीं हो सकती। निरंतर निरपेक्ष भाव के साथ भगवान की गुरु की साधना करने के लिए क्षण मिले। आज का जन्म कल्याणक और तप कल्याण का दिन है केवल ज्ञान प्राप्त करने का एकमात्र लक्ष्य होना चाहिए।</p>
<p><strong>रिद्धिकलश करने का सौभाग्य महानुभावों को प्राप्त हुआ</strong></p>
<p>इस अवसर पर प्रथम अभिषेक, शांतिधारा, रिद्धिकलश करने का सौभाग्य अंशुल जैन, न्यायाधीश अशोक जैन, गुना जबलपुर, अनिल ज्ञानचंद फिरोजपुर, किरीट हर्ष कोमल मुंबई, विकास राखी दुर्गापुर, नेमीचंद संतोष भीलवाड़ा, हर्षित महेश बम्होरी राजकुमार नीरज तेंदूखेड़ा, वैभव नमन नवीन ध्रूव रेवाड़ी, डॉ मानकचंद्र शीलचंद जबलपुर, राकेश ईशान डिंडोरी, हर्ष शुभम टूंडला ,तुषार अक्षय सर्वेश कन्नौज को प्राप्त हुआ। आचार्य संघ की आहार चर्या संपन्न हुई। दोपहर में विद्या भवन में मुनिश्री विनीत सागरजी महाराज के मंगल प्रवचन हुए। सायंकाल भक्तामर दीप अर्चना एवं पूज्य बड़े बाबा की संगीतमय महाआरती हुई।</p>
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		<title>भगवान आदिनाथ का जन्म कल्याणक मनाया जाएगाः बड़वानी के भगवान नेमीनाथ से आदिनाथ के चरणों तक भव्य ऐतिहासिक पदयात्रा </title>
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		<pubDate>Sun, 23 Mar 2025 03:59:09 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभ देव का जन्म कल्याणक विराग सागरजी महाराज के मूल संघ के परम पूज्य गणधर श्रमण विवर्धन सागरजी एवं प्रवर्तक श्रमण मुनिश्री विश्व नायक सागरजी महाराज संघ एवं गणिनि आर्यिका विशिष्ट श्री माताजी ससंघ कुल 25 साधु संघ के मंगल आशीर्वाद से एक भव्य विशाल पद यात्रा आदिनाथ भगवान [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभ देव का जन्म कल्याणक विराग सागरजी महाराज के मूल संघ के परम पूज्य गणधर श्रमण विवर्धन सागरजी एवं प्रवर्तक श्रमण मुनिश्री विश्व नायक सागरजी महाराज संघ एवं गणिनि आर्यिका विशिष्ट श्री माताजी ससंघ कुल 25 साधु संघ के मंगल आशीर्वाद से एक भव्य विशाल पद यात्रा आदिनाथ भगवान के चरणों तक बावनगजा सिद्धक्षेत्र पर जाएगी। <span style="color: #ff0000">पढ़िए धामनोद से दीपक प्रधान की यह पूरी खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>बड़वानी</strong>। जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभ देव का जन्म कल्याणक माघ कृष्ण नवमी को दिनांक 23 मार्च 2025 को है। इस अवसर पर दिगंबर जैन युवा संघ द्वारा परम पूज्य राष्ट्र उन्नायक भारत गौरव गणाचार्य विराग सागरजी महाराज के मूल संघ के परम पूज्य गणधर श्रमण विवर्धन सागरजी एवं प्रवर्तक श्रमण मुनिश्री विश्व नायक सागरजी महाराज संघ एवं गणिनि आर्यिका विशिष्ट श्री माताजी ससंघ कुल 25 साधु संघ के मंगल आशीर्वाद से बड़वानी स्थित दिगंबर जैन मंदिर के नेमीनाथ भगवान के चरणों से एक भव्य विशाल पदयात्रा विश्व की प्रथम सबसे बड़े आदिनाथ भगवान के चरणों तक बावनगजा सिद्धक्षेत्र पर जाएगी।</p>
<p><strong>भजनों एवं नारे ढोल-ढमाकों के साथ पदयात्रा निकलेगी </strong></p>
<p>पूरे निमाड़, मालवा से जैन धर्म के श्रावक-श्राविका आयेंगे। पूरे पदयात्रा में जैन धर्म के भगवान आदिनाथ के भजनों एवं नारे ढोल-ढमाकों के साथ निकलेगी। सिद्ध क्षेत्र बावनगजाजी पर चतुर्विध संघ के सानिध्य में भगवान आदिनाथ के चरणों में अभिषेक और शांतिधारा संपन्न होगी। मुनिश्री विवर्धन सागरजी और गणिनी आर्यिकाश्री विशिष्ट श्री माताजी के मंगल आशीर्वाद प्रवचन होंगे। तलहटी में मुनिसंघ की आहारचर्या संम्पन्न होगी एवं क्षेत्र के आस-पास के ग्रामीणों को भोजन प्रसाद का आयोजन चंदादेवी, नेमीचंदजी संजय कुमार जैन, धामनोद परिवार द्वारा कराया जाएगा।</p>
<p><strong><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-77266" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250323-WA0015.jpg" alt="" width="540" height="1200" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250323-WA0015.jpg 540w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250323-WA0015-135x300.jpg 135w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/03/IMG-20250323-WA0015-461x1024.jpg 461w" sizes="(max-width: 540px) 100vw, 540px" />27 मुनियों को आहार दान, पूजन, अभिषेक का धर्मलाभ </strong></p>
<p>बावनगजा ट्रस्ट के अध्यक्ष विनोद दोशी ने संपूर्ण निमाड़, मालवा, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान के श्रावकों से इस महान पुण्य कार्य और पदयात्रा में शामिल होकर सफल बनाने की अपील की है। साथ ही ट्रस्ट कमेटी द्वारा भव्य ऐतिहासिक पदयात्रा का स्वागत सम्मान भी क्षेत्र पर किया जाएगा। बड़वानी के युवावर्ग इस पल को ऐतिहासिक बनाने के लिए जोर-शोर से भिड़े हुए है और सभी से अपील की है कि इस पदयात्रा में शामिल हो कर भगवान आदिनाथ के सिद्ध भूमि में दर्शन, चतुर्विध संघ के दर्शन, 27 मुनियों को आहार दान, पूजन, अभिषेक आदि का धर्मलाभ लेने की अपील की ।</p>
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		<title>प्रांतों के सैकड़ों ज्योतिष विद्वान सम्मिलितः दिल्ली में ग्वालियर के ज्योतिषाचार्य डॉ. हुकुमचंद जैन हुए सम्मानित </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/astrologer_dr_hukumchand_jain_honored_in_delhi/</link>
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		<pubDate>Fri, 21 Mar 2025 17:52:12 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[अखिल भारतीय जैन ज्योतिषाचार्य परिषद द्वारा भारत की राजधानी दिल्ली में दो दिवसीय ज्योतिष महाकुंभ का आयोजन किया गया। जिसमें नगर गौरव ज्योतिषाचार्य डॉ. हुकुमचंद जैन को दिल्ली में आयोजित ज्योतिष सम्मेलन में सम्मानित किया गया। पढ़िए ग्वालियर से मनोज जैन नायक की यह पूरी खबर&#8230; ग्वालियर। ज्योतिष के माध्यम से जनसेवा के क्षेत्र में [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>अखिल भारतीय जैन ज्योतिषाचार्य परिषद द्वारा भारत की राजधानी दिल्ली में दो दिवसीय ज्योतिष महाकुंभ का आयोजन किया गया। जिसमें नगर गौरव ज्योतिषाचार्य डॉ. हुकुमचंद जैन को दिल्ली में आयोजित ज्योतिष सम्मेलन में सम्मानित किया गया। <span style="color: #ff0000">पढ़िए ग्वालियर से मनोज जैन नायक की यह पूरी खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>ग्वालियर।</strong> ज्योतिष के माध्यम से जनसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने पर नगर गौरव ज्योतिषाचार्य डॉ. हुकुमचंद जैन को दिल्ली में आयोजित ज्योतिष सम्मेलन में सम्मानित किया गया। अखिल भारतीय जैन ज्योतिषाचार्य परिषद द्वारा भारत की राजधानी दिल्ली में दो दिवसीय ज्योतिष महाकुंभ का आयोजन किया गया। संस्था के संस्थापक रवि जैन गुरुजी की अध्यक्षता एवं बालयोगी जैनाचार्य श्री सौभाग्य सागरजी एवं जैनाचार्य श्री श्रुत सागरजी के मंगल आशीर्वाद एवं पावन सानिध्य में 18 व 19 मार्च 2025 को ग्रीन पार्क एवं कुंद कुंद भारती में संपन्न हुआ।</p>
<p><strong>प्रांतों के सैकड़ों ज्योतिष विद्वान सम्मिलित </strong></p>
<p>अखिल भारतीय ज्योतिषाचार्य अधिवेशन में दिल्ली, उत्तरप्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्यप्रदेश, राजस्थान आदि प्रांतों के सैकड़ों ज्योतिष विद्वान सम्मिलित हुए। मध्यप्रदेश के ग्वालियर से ज्योतिषाचार्य डॉ. हुकुमचंद जैन ने अधिवेशन में सम्मिलित होकर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया। जैन के उद्बोधन की सभी ने सराहना की।</p>
<p><strong>अनेक जटिल मुद्दों पर भविष्यवाणी करते रहे हैं </strong></p>
<p>इस अवसर पर ग्रीन पार्क समिति एवं कुंद कुंद भारती ट्रस्ट ने ज्योतिष के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने पर ज्योतिषाचार्य डॉ. हुकुमचंद जैन को शॉल, श्रीफल, मणिमाला एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। ज्ञातव्य हो कि ज्योतिषाचार्य जैन विगत 26 वर्षों से लगातार ज्योतिष के क्षेत्र में कार्य करते हुए ज्योतिष के माध्यम से अनेक जटिल मुद्दों पर भविष्यवाणी करते रहे हैं, जो अक्सर कर समय समय पर सत्य सिद्ध हुई है।</p>
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		<title>19 को भक्तामर अर्चना के साथ जैन मित्र मंडल का होली मिलन समारोहः समाज के श्रावक श्रेष्ठियों का होगा सम्मान </title>
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		<pubDate>Mon, 17 Mar 2025 11:27:15 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जैन मित्र मंडल द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक एवं सामाजिक आयोजनों के साथ होली मिलन समारोह का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें भक्तांबर अर्चना की जाएगी। श्रद्धा, निष्ठा और समर्पण की भावना के साथ सामाजिक एकता, सद्भावना, वात्सल्य और हर्षाेल्लास का प्रतीक रंगों का पर्व होली एक विशेष आयोजन के साथ मनाया जाएगा। पढ़िए मुरैना से [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>जैन मित्र मंडल द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक एवं सामाजिक आयोजनों के साथ होली मिलन समारोह का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें भक्तांबर अर्चना की जाएगी। श्रद्धा, निष्ठा और समर्पण की भावना के साथ सामाजिक एकता, सद्भावना, वात्सल्य और हर्षाेल्लास का प्रतीक रंगों का पर्व होली एक विशेष आयोजन के साथ मनाया जाएगा। <span style="color: #ff0000">पढ़िए मुरैना से मनोज जैन नायक की यह पूरी खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>मुरैना।</strong> जैन समाज की सेवाभावी संस्था जैन मित्र मंडल द्वारा 19 मार्च को विभिन्न सांस्कृतिक एवं सामाजिक आयोजनों के साथ होली मिलन समारोह का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें 48 दीपकों के साथ भक्तांबर अर्चना की जाएगी। जैन मित्र मंडल के मुख्य संयोजक सतेंद्र जैन (खनेता वाले) द्वारा प्रदत्त जानकारी के अनुसार श्रद्धा, निष्ठा और समर्पण की भावना के साथ सामाजिक एकता, सद्भावना, वात्सल्य और हर्षाेल्लास का प्रतीक रंगों का पर्व होली एक विशेष आयोजन के साथ मनाया जाएगा। जैन मित्र मंडल ने इस आयोजन को भव्यता प्रदान करने हेतु निर्मल जैन भंडारी (अम्बाह वाले) को संयोजक मनोनीत किया है।</p>
<p><strong>श्रावक श्रेष्ठियों को सम्मानित किया जायेगा </strong></p>
<p>होली मिलन समारोह के संयोजक निर्मल जैन भंडारी (अम्बाह वाले) ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम में समाज के गणमान्य श्रावक श्रेष्ठियों को आमंत्रित किया गया है। कार्यक्रम के दौरान श्री सिद्धक्षेत्र सोनागिरी के नवनियुक्त अध्यक्ष योगेश जैन, खतौली वाले दिल्ली, जैन समाज मुरार के नवनिर्वाचित अध्यक्ष दिनेश जैन नायक, ऐसाह वाले मुरार, जैसवाल जैन, धर्मशाला सोनागिरी के अध्यक्ष प्रतिष्ठाचार्य अजीत जैन शास्त्री सहित अन्य श्रावक श्रेष्ठियों को सम्मानित किया जायेगा। समारोह में सम्मिलित होने बाबत ग्वालियर के संयुक्त कलेक्टर संजीव जैन, डिप्टी कलेक्टर वंदना जैन, सीएसपी रोबिन जैन, कैट अध्यक्ष भूपेंद्र जैन, टिकटोली के अध्यक्ष राजेंद्र भंडारी, मंत्री ओमप्रकाश जैन, अतिशय मित्र मंडल जौरा सहित अनेक श्रावक-श्रेष्ठियों को आमंत्रित किया गया है।</p>
<p><strong>होली मिलन समारोह का आयोजन </strong></p>
<p>जैन मित्र मंडल की ओर से एडवोकेट धर्मेंद्र जैन द्वारा प्रदत्त जानकारी के अनुसार गोपाल दिगंबर जैन सिद्धांत संस्कृत महाविद्यालय के पूर्व मंत्री पवन जैन के प्रतिष्ठान ऋषभ इंटर प्राइजेज के प्रांगण में 19 मार्च को दोपहर में आयोजित होली मिलन समारोह का आयोजन समाज में एकता, भाईचारे एवं एकजुटता की भावना को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। समारोह में बाहर से आए हुए श्रावक श्रेष्ठियों का सम्मान किया जाएगा।</p>
<p><strong>48 दीपकों द्वारा श्री भक्तामर की महा अर्चना </strong></p>
<p>समारोह के दौरान 48 दीपकों द्वारा श्री भक्तामर की महा अर्चना की जाएगी। रंगों के त्यौहार होली के महत्व पर अतिथियों द्वारा प्रकाश डाला जायेगा। कार्यक्रम के समापन पर सभीजन एक दूसरे को गुलाल लगाकर होली मिलन समारोह का शुभारंभ करेंगे। सभी लोग आपस में गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं देते हुए एक दूसरे के उज्वल भविष्य की कामना करेंगे। सभी आमंत्रित साधर्मी बंधुओं के लिए आवास, स्वल्पाहार एवं भोजनादि की समुचित व्यवस्था जैन मित्र मंडल द्वारा की गई है।</p>
<p><strong>श्री सम्मेद शिखरजी की यात्रा प्रस्तावित </strong></p>
<p>होली मिलन समारोह में ही श्री सम्मेद शिखरजी यात्रा के संदर्भ में विचार-विमर्श हो सकता है। ज्ञातव्य हो कि जैन मित्र मंडल मुरैना द्वारा वर्ष 2025 में सप्तम पट्टाचार्य श्री ज्ञेय सागरजी के मंगल आशीर्वाद एवं स्वस्तिधाम प्रणेत्री गणिनी आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण माताजी की प्रेरणा एवं निर्देशन में 1008 श्रावकों को श्री सम्मेद शिखरजी की यात्रा कराना प्रस्तावित है। समारोह के दौरान इस यात्रा की रूपरेखा भी बन सकती है।</p>
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		<title>वेदी प्रतिष्ठा कार्यक्रम की तैयारियॉ जोर-शोर सेः गुरु सानिध्य में होंगे विभिन्न कार्यक्रम  </title>
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		<pubDate>Mon, 10 Mar 2025 16:26:14 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[किसी भी धार्मिक, सामाजिक, मांगलिक कार्यक्रम की सफलता आपसी सामंजस्य और एकता से ही संभव है। खरगोन जैन मंदिर कार्यक्रम की तैयारियां जोर-शोर से चल रही है। यहॉ आचार्य विशुद्ध सागरजी ससंघ के सानिध्य में तथा प्रतिष्ठाचार्य धर्मचंद शास्त्री के कुशल मार्गदर्शन में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे। पढ़िए खरगोन से अजय पंचोलिया की यह पूरी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>किसी भी धार्मिक, सामाजिक, मांगलिक कार्यक्रम की सफलता आपसी सामंजस्य और एकता से ही संभव है। खरगोन जैन मंदिर कार्यक्रम की तैयारियां जोर-शोर से चल रही है। यहॉ आचार्य विशुद्ध सागरजी ससंघ के सानिध्य में तथा प्रतिष्ठाचार्य धर्मचंद शास्त्री के कुशल मार्गदर्शन में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे। <span style="color: #ff0000">पढ़िए खरगोन से अजय पंचोलिया की यह पूरी खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>खरगोन।</strong> किसी भी धार्मिक, सामाजिक, मांगलिक कार्यक्रम की सफलता आपसी सामंजस्य और एकता से ही संभव है। खरगोन जैन मंदिर, वेदी प्रतिष्ठा कार्यक्रम की तैयारियां जोर शोर से चल रही है। जितेंद्र जैन, डेविड जैन के अनुसार एक तरफ जहां संतों का शैलाब आने वाला है वहीं दूसरी तरफ भक्तों की अपार भीड़ के आने की सूचना और तैयारियां है।</p>
<p><strong>गुरु सानिध्य में होंगे विभिन्न कार्यक्रम </strong></p>
<p>आचार्य विशुद्ध सागरजी ससंघ के सानिध्य में तथा प्रतिष्ठाचार्य धर्मचंद शास्त्री के कुशल मार्गदर्शन में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे। श्रावक श्रेष्ठी लोकेंद्र जैन अरुण धनोते ने बताया कि इस बाबत समस्त इंद्र इंद्राणी सहित मुख्य पात्रों का चयन हो चुका है। निमाड़ प्रांत के सभी भक्तों ने उत्साह पूर्वक बढ़-चढकर बोलियों में हिस्सा लिया है। मुनिभक्त विजय जैन, प्रदीप जैन ने बताया कि गुरुदेव विशुद्ध सागरजी की मधुर वाणी और आध्यात्मिक जीवन का ही परिणाम हैं कि कार्यक्रम में अपने आप स्वेच्छा से भक्त जुड़ते जा रहे हैं।</p>
<p><strong>पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं का समाज से संपर्क</strong></p>
<p>कमेटी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता नियमित रूप से कार्यक्रम की सूचना और जानकारी लेकर दूरदराज शहरों में समाज जनों से संपर्क कर रहे है। चिंतामन जैन, अजय शाह, कैलाश जटाले, गुलाबराव मंडलोई, शशि जैन, प्रणय जैन, दीपक जैन, मीना जैन,रीना जैन, नेहा जैन, सीमा जैन, छाया जैन सहित समस्त महिला मंडल कार्यक्रम की भव्य तैयारियां कर भक्तों के खरगोन पधारने के लिए अनुग्रह निवेदन किया है।</p>
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