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	<title>भगवान आदिनाथ मोक्ष कल्याणक &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
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	<title>भगवान आदिनाथ मोक्ष कल्याणक &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>पूज्य बड़े बाबा उच्चासन दिवस की स्मृति संजोए श्रद्धालु : अभिषेक, शांतिधारा कर बड़े बाबा चरणों में भक्तामर विधान किया </title>
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		<pubDate>Sat, 17 Jan 2026 05:31:46 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[भगवान आदिनाथ मोक्ष कल्याण एवं बड़े बाबा उच्चासन दिवस पर निर्वाण लाडू समर्पित करने देश के विभिन्न अंचलों से कुंडलपुर श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। अभिषेक, शांतिधारा कर बड़े बाबा चरणों में भक्तामर विधान किया। कुंडलपुर से पढ़िए, यह खबर&#8230; कुंडलपुर (दमोह)। सिद्धक्षेत्र कुंडलपुर में आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज, आचार्य श्री समय सागर जी महाराज [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>भगवान आदिनाथ मोक्ष कल्याण एवं बड़े बाबा उच्चासन दिवस पर निर्वाण लाडू समर्पित करने देश के विभिन्न अंचलों से कुंडलपुर श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। अभिषेक, शांतिधारा कर बड़े बाबा चरणों में भक्तामर विधान किया। <span style="color: #ff0000">कुंडलपुर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>कुंडलपुर (दमोह)।</strong> सिद्धक्षेत्र कुंडलपुर में आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज, आचार्य श्री समय सागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद से मुनि श्री पदम सागर जी महाराज ससंघ मंगल सानिध्य में 17 जनवरी को जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान श्री आदिनाथ जी का मोक्ष कल्याणक महोत्सव एवं इसी दिन 20 वर्ष पूर्व पूज्य बड़े बाबा पुराने मंदिर से गगन विहार कर नए मंदिर के उच्च आसन पर विराजमान होने के उन पलों की स्मृतियों को संजोए श्रद्धालु भक्त देश के विभिन्न अंचलों से कुण्डलपुर पहुंचे हैं।</p>
<p><strong>इन्होंने लिया अभिषेक, शांतिधारा का लाभ</strong></p>
<p>जयपुर राजस्थान से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालु भक्तों ने अभिषेक, शांतिधारा कर बड़े बाबा चरणों में भक्तामर विधान किया। इस अवसर पर प्रथम बड़े बाबा के चरणों में निर्वाण लाडू चढ़ाया, रिद्धि मंत्र कलश करने का सौभाग्य अनिल अमिता गोधा, विनोद, पदमा, राजेश, संगीता,विपिन, सिम्मी,नितिन, सुविता, अभिषेक, मोनिका, विशाल,अंकिता, वैभव,आदनि,आदित्य, इशिका, विहान और अर्हम गोधा युवेन गंगवाल परिवार जयपुर, सुशीलकुमार अर्पित आर्यश गोधा इंदौर, सुमत मनीष कुमार जयपुर मंजू मानसी बड़ जात्या राज गोधा, रीतेश अंकित रिशित गंगवाल जयपुर पुष्पा देवी अर्चना गुणमाला देवी सुनील लता मुकेश संगीता गोधा परिवार जयपुर सरोज जैन स्मृति में रोमिल प्रकाशचंद पूनम डॉ.निशि न्यू दिल्ली ,सुशील स्व पाचूलाल पहाड़िया जयपुर, विनोद मनोज संकेत संयम लोहड़े संभाजी नगर ,मुकेश राजमल सोगानी जयपुर ,शांति देवी महावीर एकता विधि अपेक्षा विहान सोगानी जयपुर, सुनील रीना विल्टीवाला जयपुर, ज्ञानचंद स्व गूजरमल सेठी परिवार जयपुर आदि ने सौभाग्य पाया।</p>
<p><strong>बड़े बाबा के चरणों में निर्वाण लाडू चढ़ाया</strong></p>
<p>18 जनवरी को पूज्य बड़े बाबा उच्चासन दिवस की स्मृति संजोए हुए उपकाशी हटा से पैदल चलकर बड़े बाबा चरणों में सैकड़ो श्रद्धालु भक्त पहुंचेंगे। 17 जनवरी को प्रातः पूज्य मुनि श्री पदमसागर जी महाराज ससंघ सानिध्य में भक्तामर महामंडल विधान, पूज्य बड़े बाबा का अभिषेक, शांति धारा मुनिश्री के आशीष वचन एवं पूज्य बड़े बाबा के चरणों में निर्वाण लाडू चढ़ाया गया ।दोपहर में मुनि संघ सानिध्य में मुनि श्री के प्रवचन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए।इस अवसर पर मिष्ठान वितरण किया गया कुंडलपुर क्षेत्र कमेटी की बैठक भी की गई है। सायंकाल पूज्य बड़े बाबा मंदिर में भक्तामर दीप अर्चना एवं पूज्य बड़े बाबा की संगीतमय महाआरती होगी।</p>
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		<title>बावनगजा मेला अखंड जैनत्व एकता और वात्सल्य का प्रतीकः आचार्य श्री विप्रणत सागर जी के सानिध्य में हुए विधान चढ़ाया निर्वाण लाडु </title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 28 Jan 2025 13:56:56 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[84 फीट उत्तुंग भगवान आदिनाथ का मस्तकाभिषेक किया गया। आचार्य विप्रणत सागर जी महाराज के सानिध्य में निर्वाण लाडू चढ़ाया गया। इस अवसर पर आचार्य श्री विप्रणत सागर जी ने धर्मसभा को संबोधित किया। इस दौरान निमाड़ अंचल और मालवांचल से बड़ी संख्या में जैन श्रद्धालुगण बावनगजा पहुंचे थे। पढ़िए बड़वानी बावनगजा से दीपक प्रधान [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>84 फीट उत्तुंग भगवान आदिनाथ का मस्तकाभिषेक किया गया। आचार्य विप्रणत सागर जी महाराज के सानिध्य में निर्वाण लाडू चढ़ाया गया। इस अवसर पर आचार्य श्री विप्रणत सागर जी ने धर्मसभा को संबोधित किया। इस दौरान निमाड़ अंचल और मालवांचल से बड़ी संख्या में जैन श्रद्धालुगण बावनगजा पहुंचे थे। <span style="color: #ff0000">पढ़िए बड़वानी बावनगजा से दीपक प्रधान की यह विशेष रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>बड़वानी।</strong> जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर आदिम ब्रह्मा आदि तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव का मोक्ष कल्याणक दिगंबर जैन सिद्ध क्षेत्र बावनगजा जी में मनाया गया। यहां पर दो दिवसीय मेले का आयोजन किया गया है। यहां विराजित आचार्य श्री विप्रणत सागर जी महाराज ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि बावनगजा का ये मेला कोई धार्मिक, साहित्यिक या संस्कृतिक मेला नहीं है। ये मेला तो अखंड जैनत्व की एकता और वात्सल्य का प्रतीक है। आचार्य श्री ने काव्य शैली में धर्मसभा में सभी श्रावकों को रोमांचित कर नव चेतना से भर दिया। आचार्य श्री ने कहा कि जो एक बार भगवान आदिनाथ का नाम दिल और श्रद्धा पूर्वक ले लेता है। उसे 64 पुण्य तीर्थ के दर्शन करने का पुण्य लाभ मिलता है। उन्होंने कहा कि मौनी अमावस्या का प्रवर्तन भी आदिनाथ भगवान के बाद हुआ। भगवान आदिनाथ के मोक्ष के बाद भरत चक्रवर्ती को भी आंसू आ गए थे। वो इसलिए कि अब में किस के दर्शन करूंगा। कैसे समवशरण में धर्म वाणी श्रवण करूंगा। कौन मेरी धार्मिक जिज्ञासा को पूर्ण करेगा। आज आदिनाथ भगवान हमारे बीच होते तो हमें भी उनके दर्शन करने और उनके समवशरण में बैठने का सौभाग्य प्राप्त होता और देशना सुनने का सौभाग्य प्राप्त होता। समाज का अच्छा प्रतिनिधि राजनीति में होता था अब वो शून्य सा है।</p>
<p><strong>हम सभी एकता के सूत्र में बंधेंगे</strong></p>
<p>आचार्यश्री ने कहा कि भगवान ने अष्ट कर्म का नाश कर मोक्ष को प्राप्त कर लिए उनको तो खुशी प्राप्त हो गई पर हमें दुख है क्योंकि, अगर वो होते तो हमें धर्म सभा श्रवण करने को मिलती। बावनगजा को सिद्ध क्षेत्र का गौरव प्राप्त है ये अतिशय सिद्ध भूमि है। आज इस दिन सभी नियम ले लो। हम को खंड खंड हो रहे हैं। हम सभी एकता के सूत्र में बंधेंगे। मेला इसलिए होता है कि हम सभी एक सूत्र में बंधे रहे और एक जुट होकर राजनीति में भी अपना दखल रखकर भाग लें। पहले हमारे समाज का अच्छा प्रतिनिधि राजनीति में होता था अब वो शून्य सा है। आचार्यश्री ने कहा कि मोक्ष कल्याणक पर हमें अभिषेक करना है। जिन धर्म की रक्षा के लिए सच्चा जैन बनना है।</p>
<p><strong><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-73262" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/01/IMG-20250128-WA0065.jpg" alt="" width="897" height="1600" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/01/IMG-20250128-WA0065.jpg 897w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/01/IMG-20250128-WA0065-168x300.jpg 168w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/01/IMG-20250128-WA0065-574x1024.jpg 574w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/01/IMG-20250128-WA0065-768x1370.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/01/IMG-20250128-WA0065-861x1536.jpg 861w" sizes="(max-width: 897px) 100vw, 897px" />धर्म की रक्षा के लिए सदा आगे रहो</strong></p>
<p>समाज के व्यक्ति के लिए हमारे दिल में ममत्व का भाव उमड़ना चाहिए। जय जिनेन्द्र करना सम्यक दर्शन का सातवां अंग है। वात्सल्य और तभी जिन धर्म की प्रभावना कर पाओगे। जैन धर्म की प्रभावना के लिए एकजुट हो जाओ। धर्म की रक्षा के लिए सदा आगे रहो। आचार्य श्री ने कहा कि समाज जन को नसीहत दी कि अपने नाम के आगे जैन ही लिखें। साथ ही मंदिर में धर्मनीति करिए राजनीति नहीं। धर्म में राजनीति आती है तो धर्म बिगड़ जाता है और राजनीति में धर्म आ जाता है तो राजनीति सुधर जाती है।</p>
<p><strong>सभी अपने नाम के आगे जैन ही लिखें</strong></p>
<p>इस अवसर पर नीति आयोग की सदस्य अर्चना जैन ने कहा कि आगामी महा मस्तकाभिषेक के लिए मैं मुनिपुंगव सुधा सागर जी से जीर्णाेद्धार की स्वीकृति का प्रयास कर क्षेत्र पर लाने का प्रयास करूंगी और उन्होंने समस्त उपस्थित जैन श्रावकों से अपील की है कि सभी अपने नाम के आगे जैन ही लिखें। जिससे हमारी सही जनसंख्या मालूम हो। इस अवसर पर वन एवं पर्यावरण सचिव मप्र शासन हीरालाल जी पाटीदार ने भी आचार्य संघ को श्रीफल भेंटकर आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने पौधरोपण करने और स्टॉप डेम की स्वीकृति प्रदान की। ट्रस्ट अध्यक्ष विनोद दोशी ने साधारण सभा को संचालित कर कार्यों की समीक्षा की और आगामी योजनाओं को बताया। उसके पूर्व प्रातः आचार्य श्री के सानिध्य और पंडित मौसम जी शास्त्री के मंत्रोच्चार से ध्वजारोहण हुआ और आचार्य श्री की आहार चर्या हुई।</p>
<p><strong>चित्र अनावरण कर दीप प्रज्वलन हुआ</strong></p>
<p>इसके बाद आचार्य संघ को सम्मान सहित मंच पर विराजित किया गया। जहां अर्चना जैन नीति आयोग सदस्य और ट्रस्ट सदस्यों द्वारा भगवान आदिनाथ की तस्वीर का चित्र अनावरण कर दीप प्रज्वलन किया। गुरुकुल के बच्चों द्वारा मंगलाचरण प्रस्तुत किया गया। संचालन विपुल गंगवाल ने किया और बोलियों का संचालन मौसम जी शास्त्री ने किया।</p>
<p><strong>पुण्यार्जक परिवार का सम्मान किया</strong></p>
<p>युवासंघ बड़वानी ने आचार्य श्री के पाद प्रक्षालन का सौभाग्य प्राप्त किया। शास्त्र भेंट नीति आयोग की सदस्य अर्चना जैन ने किया और जितने भी पुण्यार्जक परिवार थे उनका सम्मान किया गया। पश्चात तलहटी से बड़े बाबा तक बैंडबाजे,ढोल ताशे और जिन धर्म ध्वजा के साथ घट और शोभा यात्रा निकाली गई। जहां भगवान के प्रथम अभिषेक करने का सौभाग्य निर्मल मोहनलाल राणापुर परिवार को प्राप्त हुआ तो द्वितीय कलश करने का सौभाग्य शैफाली सौरभ टोंग्या परिवार इंदौर को मिला। प्रथम शांति धारा शेखर जुगल किशोर पाटनी, अंजड़ और द्वितीय शांतिधारा दिलीप रश्मि बाकलीवाल बड़नगर इंदौर को प्राप्त हुए। निर्वाण लाडू चढ़ाने का सौभाग्य शेखर जुगल पाटनी अंजड़ परिवार को प्राप्त हुआ और भगवान के शुद्ध जल के 1008 कलश से अभिषेक हुए।</p>
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		<title>दिगंबर जैन समाज ने मनाया आदिनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणकः संध्या बेला में भक्तामर विधान दीपयज्ञ हुआ </title>
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		<pubDate>Tue, 28 Jan 2025 12:39:53 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ का मोक्ष कल्याणक मनाया। समाजजनों ने निर्वाण लाडु चढ़ाकर आराधना की। इससे पहले स्वर्ण कलश से प्रथम अभिषेक किया गया। शांतिधारा हुई। आदिनाथ भगवान का मंडल विधान किया गया। शाम को भक्तामर विधान दीपयज्ञ रखा गया। पढ़िए अकलेरा (राजस्थान) से इस्लाम अहमद की खबर&#8230; अकलेरा (राजस्थान)। श्री आदिनाथ [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ का मोक्ष कल्याणक मनाया। समाजजनों ने निर्वाण लाडु चढ़ाकर आराधना की। इससे पहले स्वर्ण कलश से प्रथम अभिषेक किया गया। शांतिधारा हुई। आदिनाथ भगवान का मंडल विधान किया गया। शाम को भक्तामर विधान दीपयज्ञ रखा गया। <span style="color: #ff0000">पढ़िए अकलेरा (राजस्थान) से इस्लाम अहमद की खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>अकलेरा (राजस्थान)।</strong> श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर पर सकल दिगंबर जैन समाज ने जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक मनाया। जैन समाज के प्रवक्ता लोकेश ने बताया कि माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को जैन धर्म के प्रथम तीर्खंकर आदिनाथ भगवान का निर्वाण हुआ था। जिसे मोक्ष कल्याणक पर्व के रूप में मनाया जाता है। अकलेरा नगर के सभी दिगंबर जैन समाज के लोग इस अवसर पर मंदिरजी में मौजूद रहे। भगवान आदिनाथ का मोक्ष कल्याणक पूरे भक्तिभाव के साथ मनाया गया। मंदिर जी में मूल नायक भगवान का अभिषेक करने के लिए समाजजन एकत्र हुए। शांतिधारा कर निर्वाण लाडु चढ़ाया गया।</p>
<p><strong>निर्वाण लाडु चढ़ाया अभिषेक किया</strong></p>
<p>मोक्ष कल्याणक के अवसर पर मंगलवार को जैन मंदिर के मूलनायक आदिनाथ भगवान का स्वर्णकलशों से प्रथम अभिषेक एवं शांतिधारा समाज बंधुओं ने की। इसके बाद आदिनाथ मंडल विधान किया गया और निर्वाण लाडू चढ़ाया गया। संध्या बेला में भक्तामर विधान दीपयज्ञ का आयोजन रखा गया।</p>
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