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	<title>बोली &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
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		<title>प्रथमाचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज के दिगंबर जैन समाज पर अनेक उपकार : मुनिद्वय की जन्म नगरी में आचार्य श्री शांति सागर स्तूप विराजित किए  </title>
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		<pubDate>Tue, 09 Dec 2025 16:22:33 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[कई नगरों में आचार्य शांति सागर जी की पाषाण और धातु की प्रतिमाएं विराजित हुई हैं। उनके शांति स्तूप भी विराजित किए गए हैं। प्रथमाचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज का दिगंबर मंदिरों, जिनवाणी, जिनधर्म और संस्कृति पर अनेक उपकार हैं। वर्तमान श्रमण परंपरा आचार्य श्री की देन है। समाज उनके उपकारों के ऋण से कभी [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>कई नगरों में आचार्य शांति सागर जी की पाषाण और धातु की प्रतिमाएं विराजित हुई हैं। उनके शांति स्तूप भी विराजित किए गए हैं। प्रथमाचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज का दिगंबर मंदिरों, जिनवाणी, जिनधर्म और संस्कृति पर अनेक उपकार हैं। वर्तमान श्रमण परंपरा आचार्य श्री की देन है। समाज उनके उपकारों के ऋण से कभी मुक्त नहीं हो सकता है। यह मंगल देशना आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ने प्रकट की। <span style="color: #ff0000">बोली से पढ़िए, राजेश पंचोलिया की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>बोली।</strong> प्रथमाचार्य श्री शांति सागर जी महाराज का आचार्य पद प्रतिस्थापना का शताब्दी महोत्सव पूरे देश में मनाया जा रहा है। अनेक नगरों में आचार्य शांति सागर जी की पाषाण और धातु की प्रतिमाएं विराजित हुई हैं। उनके शांति स्तूप भी विराजित किए गए हैं। प्रथमाचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज का दिगंबर मंदिरों, जिनवाणी, जिनधर्म और संस्कृति पर अनेक उपकार हैं। वर्तमान श्रमण परंपरा आचार्य श्री की देन है। समाज उनके उपकारों के ऋण से कभी मुक्त नहीं हो सकता है। यह मंगल देशना आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ने बोली में नूतन वेदी निर्माण के पूजन और आचार्य शांति सागर स्तूप के लोकार्पण के अवसर पर प्रकट की। आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महामुनिराज ससंघ का मंगलवार को दोपहर को 6.9 किमी मंगल विहार भोमिया मंदिर परिसर के लिए हुआ। श्री संघ का रात्रि विश्राम सिसोलाओं में हुआ। आचार्य संघ का बुधवार को 3.9 किमी विहार होकर संघ की आहार चर्या जामडोली में होगी। मुनि श्री हितेंद्र सागर जी एवं मुनि श्री भुवन सागर जी की जन्म नगरी बोली में अभूतपूर्व धर्म प्रभावना अंतर्गत श्रीजी की नूतन वेदी स्थापना, आचार्य श्री शांति सागर जी के स्तूप निर्माण के धर्म प्रभावना के मंगल कार्यक्रम हुए।</p>
<p><strong>यह समाजजन रहे पुण्यार्जक </strong></p>
<p>मनोज सोगानी ने बताया कि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के सानिध्य में आचार्य श्री शांति सागर जी का स्तूप बड़े मंदिर में पदमकुमार जितेंद्र कुमार वेद बोली पुण्यार्जक परिवार द्वारा विराजित किए गए। बड़े मंदिर में श्री अजीतनाथ भगवान की नूतन वेदी का निर्माण पूजन सुनीता शाह, गजेंद्र, मनोज मीनू शाह परिवार बोली जयपुर ने किया। श्री शांतिनाथ, श्री कुंथुनाथ, श्री अर्ह नाथ की नूतन वेदी के निर्माण का पूजन हेमलता वेद ने किया। इसी प्रकार श्री मुनि मुनिसुव्रतनाथ मंदिर रवासा में आचार्य श्री शांति सागर जी का स्तूप मनोज, संजीव राजीव सोगानी परिवार ने स्थापित किया। वर्ष 2022 में आचार्यश्री के शिष्य मुनि श्री श्रेयस सागर जी की अनायास समाधि बोली में 19 दिसंबर 2022 को हुई थी। वर्षों पूर्व निर्मित समाधि स्थल पर उनके चरणों की स्थापना की गई।</p>
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		<title>पंच कल्याणक महा महोत्सव इससे होती है पुण्य की प्राप्ति : आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने बोली में मुनियों की जन्म स्थली को पुण्यधरा बताया  </title>
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		<pubDate>Sun, 23 Nov 2025 14:08:10 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[पंच कल्याणक प्रतिष्ठा सामान्य कार्यक्रम नहीं होकर महा महोत्सव होता है। जिसमें नर को नारायण, पाषाण को भगवान बनाया जाता है। पंचकल्याणक कार्यक्रम से संस्कार प्राप्त होते हैं तथा सभी को पुण्य की प्राप्ति होती है। यह मंगल देशना आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ने मुनि श्री हितेंद्र सागर जी, मुनिश्री भुवनसागर जी की [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>पंच कल्याणक प्रतिष्ठा सामान्य कार्यक्रम नहीं होकर महा महोत्सव होता है। जिसमें नर को नारायण, पाषाण को भगवान बनाया जाता है। पंचकल्याणक कार्यक्रम से संस्कार प्राप्त होते हैं तथा सभी को पुण्य की प्राप्ति होती है। यह मंगल देशना आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ने मुनि श्री हितेंद्र सागर जी, मुनिश्री भुवनसागर जी की जन्मस्थली बोली नगर में प्रवेश के अवसर दी। <span style="color: #ff0000">बोली से पढ़िए, राजेश पंचोलिया की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>बोली।</strong> पंच कल्याणक प्रतिष्ठा सामान्य कार्यक्रम नहीं होकर महा महोत्सव होता है। जिसमें नर को नारायण, पाषाण को भगवान बनाया जाता है। पंचकल्याणक कार्यक्रम से संस्कार प्राप्त होते हैं तथा सभी को पुण्य की प्राप्ति होती है। यह मंगल देशना आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ने मुनि श्री हितेंद्र सागर जी, मुनिश्री भुवनसागर जी की जन्मस्थली बोली नगर में प्रवेश के अवसर दी। उन्होंने कहा कि नगर के मूल नायक सिर्फ पारसनाथ भगवान का आशीर्वाद सेवा भक्ति का फल था कि यहां के धर्मात्मा जीव को पारसनाथ भगवान के पंचकल्याणक में साधु परमेष्ठी बनने का सौभाग्य मिला। आपके नगर के सुरेश चंद शाह दीक्षा लेकर मुनि श्री भुवन सागर जी बने। इसके पूर्व इनके गृहस्थ अवस्था के पुत्र महेंद्र भी मुनि श्री हितेंद्र सागर जी होकर संघ में विद्यमान हैं।</p>
<p><strong>पंच कल्याणक प्रतिष्ठा 28 नवंबर से </strong></p>
<p>आचार्यश्री ने कहा कि 3 वर्ष पूर्व दिसंबर माह में संघ का बोली आगमन हुआ था तब अनायास संघ के मुनि श्री श्रेयस सागर जी की समाधि हुई। लोकेश गजराज टोंक के अनुसार आचार्य श्री ने आगे बताया कि 3 वर्ष पूर्व पीपल्दा के प्राचीन मंदिर की स्थिति देखकर बहुत पीड़ा हुई थी। संघ के आशीर्वाद और प्रेरणा से 3 वर्षों में नया मंदिर बनकर तैयार हो गया है। जिसकी पंच कल्याणक प्रतिष्ठा 28 नवंबर से 2 दिसंबर तक होगी। पंच कल्याणक कार्यक्रम संपूर्ण सवाई माधोपुर जिले का हैं सभी को शक्ति और भक्ति अनुसार योगदान देना चाहिए।</p>
<p><strong>मुनि श्री हितेंद्र सागर जी ने बचपन की अनेक यादें साझा की </strong></p>
<p>आचार्यश्री ने कहा कि 900 वर्ष से ज्यादा प्राचीन मंदिर का जीर्णोद्धार कर नवीन मंदिर की प्रतिष्ठा हमारे द्वारा कराई गई। अनेकों प्रतिष्ठा में यह पहली बार होगी। आचार्य श्री के प्रवचन के पूर्व मुनि श्री भुवन सागर जी एवं मुनि श्री हितेंद्र सागर जी के प्रवचन हुए। मुनि श्री हितेंद्र सागर जी ने बचपन की अनेक यादें संस्मरण को साझा कर बताया कि श्री भुवन सागर जी महाराज को वैराग्य का बीजारोपण प्रथम पट्टाचार्य श्री वीरसागर जी के दर्शन से हुआ। वह धरा पुण्यशाली होती है, जहां साधु परमेष्ठी का जन्म होता है। सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान, सम्यक चारित्र को धारण करने से मोक्ष मार्ग मिलता है।</p>
<p><strong>मंगलाचरण महिला मंडल ने किया </strong></p>
<p>समाज अध्यक्ष बाबूलाल शाह सुनीता शाह एवं महेश मित्तल ने बताया कि आचार्य श्री संघ के प्रवचन के पूर्व श्री पारसनाथ भगवान एवं आचार्य श्री शांति सागर जी तथा सभी पूर्वाचार्य के चित्र का अनावरण कर दीप प्रज्वलन का सौभाग्य बाहर से आए अतिथियों एवं मंदिर समिति ने किया। मंगलाचरण महिला मंडल द्वारा प्रस्तुत किया गया। आचार्य श्री के चरण प्रक्षालन और जिनवाणी भेंट का सौभाग्य को प्राप्त हुआ। आहार चर्या के बाद दोपहर को आचार्य श्री संघ का पीपल्दा के लिए 7 किमी मंगल विहार कर रात्रि विश्राम हंसराज मीणा के मकान के पास हुआ। 24 नवंबर को संघ की आहार चर्या यही होगी।</p>
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		<title>आचार्यश्री वर्धमानसागर जी ससंघ का मंगल प्रवेश को लेकर उत्साह: पीपल्दा गांव में श्रीमज्जिनेंद्र जिन बिंब पंच कल्याणक प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की चल रही तैयारी  </title>
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		<pubDate>Sun, 23 Nov 2025 08:54:16 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[सवाई माधोपुर जिले के मित्रपुरा तहसील स्थित पीपल्दा गांव में श्रीमज्जिनेंद्र जिन बिंब पंच कल्याणक प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ससंघ सान्निध्य में 28 नवंबर से 2 दिसंबर तक आयोजित होगा। आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का संघ सहित धार्मिक कार्यक्रम के लिए मंगल विहार चल रहा है। बोली से पढ़िए, राजेश [&#8230;]]]></description>
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<p><strong>सवाई माधोपुर जिले के मित्रपुरा तहसील स्थित पीपल्दा गांव में श्रीमज्जिनेंद्र जिन बिंब पंच कल्याणक प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ससंघ सान्निध्य में 28 नवंबर से 2 दिसंबर तक आयोजित होगा। आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का संघ सहित धार्मिक कार्यक्रम के लिए मंगल विहार चल रहा है। <span style="color: #ff0000">बोली से पढ़िए, राजेश पंचोलिया की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>बोली।</strong> सवाई माधोपुर जिले के मित्रपुरा तहसील स्थित पीपल्दा गांव में श्रीमज्जिनेंद्र जिन बिंब पंच कल्याणक प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ससंघ सान्निध्य में 28 नवंबर से 2 दिसंबर तक आयोजित होगा। आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का संघ सहित धार्मिक कार्यक्रम के लिए मंगल विहार चल रहा है। आचार्य श्री का मुनि श्री हितेंद्रसागर जी, मुनि श्री चिंतनसागर जी, मुनि श्री भुवनसागर जी, आर्यिका श्री विन्रममति, आर्यिका श्री प्रणत मति, आर्यिका श्री निर्माेहमति जी 6 साधुओं के साथ मंगल प्रवेश 25 से 26 नवंबर को संभावित है। संघ की अगवानी सकल दिगंबर जैन समाज पीपलदा, पंच कल्याणक समिति एवं सौधर्म इंद्र तथा अन्य इंद्र करेंगे।</p>
<p><strong>कार्यक्रम की सफलता के लिए समितियां गठित </strong></p>
<p>सवाईमाधोपुर जिले के अनेक निकट नगरों के सहयोग से पंच कल्याणक कार्यक्रम के लिए सकल दिगंबर जैन समाज पीपलदा की ओर से कार्यक्रम की सफलता के लिए विभिन्न समितियां का गठन किया गया है। पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव समिति के अध्यक्ष मनोज जैन सोगानी तथा सकल जैन समाज के अध्यक्ष बजरंगलाल महाजन ने बताया कि पंचकल्याणक समिति में उपाध्यक्ष विमलकुमार सिंघल, महामंत्री योगेश सिंघल, सहमंत्री विमल सिंघल, कोषाध्यक्ष शंभू दयाल गुप्ता और प्रचार मंत्री गोपाल सिंघल को बनाया गया है।</p>
<p><strong>व्यवस्था के लिए संयोजक बनाए</strong></p>
<p>पंचकल्याण कार्यक्रम के लिए विभिन्न व्यवस्था भोजन व्यवस्था ,मंच सम्मान ,साधु आहार,पेयजल, टेंट-लाइट, यातायात, आवास, पूजन सामग्री, चिकित्सा सुविधा, प्रचार समिति आदि का गठन कर संयोजक मनोनीत किए गए। समाज के महामंत्री ओम प्रकाश सिंघल, कोषाध्यक्ष राजेंद्र सिंघल, ओमप्रकाश बजाज ने बताया कि बोली, टोंक निवाई, लाखनपुर, मित्रपुरा, सवाईमाधोपुर,लालसोट, चौथ का वरवाडा, खिरनी, भाड़ोती, गंगापुर सिटी, परटाना आदि नगरों से समाजजन भी तन-मन-धन से सहयोग कर रहे हैं।</p>
<p><strong>इंद्र परिवार का हुआ चयन </strong></p>
<p>पंच कल्याणक में मुख्य रूप से विधि नायक चंद्रप्रभु, श्री पद्मप्रभु, श्री शांतिनाथ, श्री महावीर स्वामी सहित अनेक भगवानों के साथ देवी श्री पद्मावती और धर्मेंद्र धरणेंद, यक्ष-यक्षिणों की प्रतिमा भी विराजित होंगी। पंच कल्याणक महोत्सव समिति के अध्यक्ष मनोज जैन सोगानी ने बताया कि पंच कल्याणक के लिए सौधर्म इंद्र समर कंठाली जैन, पूर्वा कंठाली, भगवान के माता पिता, कुबेर इंद्र, महा यज्ञनायक, ईशान, ब्रह्म इंद्र सहित अन्य इंद्र परिवार का चयन हो गया है।</p>
<p><strong>इनको भी मिला इंद्र बनने का सौभाग्य </strong></p>
<p>भगवान के माता-पिता शांति देवी प्रदीप कुमार वेद, कुबेर रजत, महिमा बोहरा आनंदपुर, कालू, महायज्ञ नायक मीना, दीपक प्रधान धामनोद मध्यप्रदेश, यज्ञ नायक राजेंद्र प्रीति पीपल्दा, ईशान इंद्र ओम शांति सिंघल, सनत इंद्र रमेश संतोष सिंघल पीपल्दा, माहेंद्र इंद्र सुबोध छाबड़ा राजनंदगांव, ब्रह्म इंद्र रामपाल कंचन देवी चवरिया निवाई सहित अनेक इंद्र बने हैं। आगंतुकों के आवास और भोजन की समुचित व्यवस्था की गई है।</p>
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