<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>बाल संस्कार शिविर &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<atom:link href="https://www.shreephaljainnews.com/tag/%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B0/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
	<lastBuildDate>Wed, 10 Jun 2026 10:22:15 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=7.0.2</generator>

<image>
	<url>https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/09/cropped-shri-32x32.png</url>
	<title>बाल संस्कार शिविर &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>नन्हें-मुन्ने बच्चों के मनोहारी नृत्य से मंगलाचरण ने मन मोहा: शिविर समापन पर बांटे पुरस्कार और दिए गए सम्मान पत्र  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/mangalacharan_captivated_the_hearts_with_the_beautiful_dance_of_little_children/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/mangalacharan_captivated_the_hearts_with_the_beautiful_dance_of_little_children/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 10 Jun 2026 10:22:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[All India Jain Youth Federation]]></category>
		<category><![CDATA[Child Sanskar Camp]]></category>
		<category><![CDATA[closing]]></category>
		<category><![CDATA[Delhi]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[drama staging]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[jain samachar]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[Vishwasnagar]]></category>
		<category><![CDATA[World of Selfishness]]></category>
		<category><![CDATA[अखिल भारतीय जैन युवा फेडरेशन]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[नाटक मंचन]]></category>
		<category><![CDATA[बाल संस्कार शिविर]]></category>
		<category><![CDATA[विश्वासनगर]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[समापन]]></category>
		<category><![CDATA[स्वार्थ का संसार]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=107932</guid>

					<description><![CDATA[अखिल भारतीय जैन युवा फेडरेशन, विश्वासनगर दिल्ली द्वारा आयोजित बाल संस्कार शिविर का समापन बुधवार को हुआ। इस शिविर में 400 से अधिक शिविरार्थियों की सहभागिता रही। शिविर में संपूर्ण विश्वासनगर जैन संस्कारों और बाल ऊर्जा से भरापूरा रहा। समापन समारोह में अनेक गणमान्य अतिथियों, विद्वानों एवं समाजजनों की गरिमामयी उपस्थिति रही। बांसवाड़ा से पढ़िए, [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>अखिल भारतीय जैन युवा फेडरेशन, विश्वासनगर दिल्ली द्वारा आयोजित बाल संस्कार शिविर का समापन बुधवार को हुआ। इस शिविर में 400 से अधिक शिविरार्थियों की सहभागिता रही। शिविर में संपूर्ण विश्वासनगर जैन संस्कारों और बाल ऊर्जा से भरापूरा रहा। समापन समारोह में अनेक गणमान्य अतिथियों, विद्वानों एवं समाजजनों की गरिमामयी उपस्थिति रही। <span style="color: #ff0000">बांसवाड़ा से पढ़िए, सुरेशचंद्र गांधी की यह रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>बांसवाड़ा।</strong> अखिल भारतीय जैन युवा फेडरेशन, विश्वासनगर दिल्ली द्वारा आयोजित बाल संस्कार शिविर का समापन बुधवार को हुआ। इस शिविर में 400 से अधिक शिविरार्थियों की सहभागिता रही। शिविर में संपूर्ण विश्वासनगर जैन संस्कारों और बाल ऊर्जा से भरापूरा रहा। समापन समारोह में अनेक गणमान्य अतिथियों, विद्वानों एवं समाजजनों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का मंगलाचरण नन्हें-मुन्ने बच्चों के मनोहारी नृत्य से हुआ। जिसने सभी का मन मोह लिया। शिविरार्थियों ने स्वार्थ का संसार नामक प्रेरणादायक नाटक का प्रभावशाली मंचन कर उपस्थित जनसमूह को महत्वपूर्ण संदेश दिया। बाहर से पधारे विद्वान पं. अश्विन शास्त्री नानावटी ने प्रेरक उद्बोधन में वर्तमान समय में संस्कार शिविरों की आवश्यकता एवं महत्ता पर प्रकाश डाला तथा बताया कि ऐसे शिविर बच्चों के सर्वांगीण विकास और संस्कार निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।</p>
<p><strong>बच्चों के अनुशासन की सराहना </strong></p>
<p>कार्यक्रम में आमंत्रित सभी विद्वानों पंडित अमन खनियांधाना, वंशित कोटा, संयम खेड़ागढ़, मयंक, विवेक, तंदुल, निश्चल एवं विदुषियों में आत्मार्थी स्वाति, आत्मार्थी नमन, इशिका, अंशिका ने शिविरार्थियों को पुरस्कार एवं सम्मान प्रदान किए। शिविर में बच्चों द्वारा प्रदर्शित प्रतिभा, अनुशासन एवं संस्कारों की सभी ने मुक्त कंठ से सराहना की।</p>
<p><strong>शिविर प्रेरणादायक पहल हुआ सिद्ध </strong></p>
<p>शिविर का संयोजन पं. श्रेयांश शास्त्री ने किया। समापन समारोह में 600 साधर्मी बंधुओं की उपस्थिति रही, जिन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन कर कार्यक्रम को भव्यता प्रदान की। यह शिविर बालकों में धार्मिक, सांस्कृतिक एवं नैतिक संस्कारों के संवर्धन की दिशा में एक सफल एवं प्रेरणादायक पहल सिद्ध हुआ। ट्रस्ट के प्रधान अरविंद, कोषांध्यक्ष रुचिर, निर्देशक विवेक शास्त्री की उपस्थिति मे महामंत्री नीरज ने सबका आभार व्यक्त किया।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/mangalacharan_captivated_the_hearts_with_the_beautiful_dance_of_little_children/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बाल संस्कार शिविर का समापन : बालिका मंडल और युवाओं का किया सम्मान </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/girls_club_and_youth_were_honored/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/girls_club_and_youth_were_honored/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 26 Jun 2025 07:49:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Ambah]]></category>
		<category><![CDATA[Bal Sanskar Camp]]></category>
		<category><![CDATA[Closing Ceremony]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[Girl's Mandal]]></category>
		<category><![CDATA[Group Lesson and Cultural Activity]]></category>
		<category><![CDATA[Health Awareness]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[jain samachar]]></category>
		<category><![CDATA[jain samaj]]></category>
		<category><![CDATA[Moral Story]]></category>
		<category><![CDATA[religious education]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[yoga]]></category>
		<category><![CDATA[अंबाह]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[धार्मिक शिक्षा]]></category>
		<category><![CDATA[नैतिक कहानी]]></category>
		<category><![CDATA[बाल संस्कार शिविर]]></category>
		<category><![CDATA[बालिका मंडल]]></category>
		<category><![CDATA[योग]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[समापन समारोह]]></category>
		<category><![CDATA[सामूहिक पाठ और सांस्कृतिक गतिविधि]]></category>
		<category><![CDATA[स्वास्थ्य जागरूकता]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=83792</guid>

					<description><![CDATA[बालिका मंडल की ओर से आयोजित एक माह के बाल संस्कार शिविर का समापन हुआ। समापन समारोह में समाज के वरिष्ठजन, गणमान्य नागरिक और युवा बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभी ने शिविर की सफलता की सराहना की। अंबाह से अजय जैन की पढ़िए, यह खबर&#8230; अंबाह। बालिका मंडल की ओर से आयोजित एक माह [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>बालिका मंडल की ओर से आयोजित एक माह के बाल संस्कार शिविर का समापन हुआ। समापन समारोह में समाज के वरिष्ठजन, गणमान्य नागरिक और युवा बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभी ने शिविर की सफलता की सराहना की। <span style="color: #ff0000">अंबाह से अजय जैन की पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>अंबाह।</strong> बालिका मंडल की ओर से आयोजित एक माह के बाल संस्कार शिविर का समापन हुआ। समापन समारोह में समाज के वरिष्ठजन, गणमान्य नागरिक और युवा बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभी ने शिविर की सफलता की सराहना की। आयोजन में विशेष योगदान देने वालों को सम्मानित किया गया। समारोह में वरिष्ठ समाजसेवी अशोक जैन एडवोकेट, विमल जैन राजू, दिलीप जैन, सरस जैन और रजनी जैन विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी ने शिविर को सामाजिक, धार्मिक और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने वाला बताया। युवा समाजसेवी कपिल जैन को विशेष सम्मान मिला। उन्होंने शिविर में हर जिम्मेदारी निभाई। बालिका मंडल की पूरी टीम, युवा स्वयंसेवक, प्रशिक्षक और छात्राओं को भी सम्मान पत्र और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। अशोक जैन एडवोकेट ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में एकता, संस्कार और सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं।</p>
<p>बाल संस्कार शिविर बच्चों में नैतिकता और युवाओं में सेवा व जिम्मेदारी का भाव जगाता है। उन्होंने कहा, नई पीढ़ी ऐसे आयोजनों से जुड़ेगी तो समाज का भविष्य उज्ज्वल होगा। शिविर में धार्मिक शिक्षा, योग, स्वास्थ्य जागरूकता, नैतिक कहानियां, सामूहिक पाठ और सांस्कृतिक गतिविधियां हुईं। समापन पर बालिका मंडल की सदस्यों ने सभी अतिथियों, सहयोगियों और वरिष्ठजनों का आभार जताकर कहा कि भविष्य में भी समाज में संस्कार और एकता को बढ़ावा दिया जाएगा।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/girls_club_and_youth_were_honored/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>सवा सौ से अधिक बच्चों ने भगवान जिनेंद्र का किया पूजन: बाल संस्कार शिविर के तहत भक्ति में रमे बच्चे </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/more_than_125_children_worshipped_lord_jinendra/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/more_than_125_children_worshipped_lord_jinendra/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 16 Jun 2025 07:24:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA['Namo Arihantanam]]></category>
		<category><![CDATA[‘नमो अरिहंताणं]]></category>
		<category><![CDATA[Child Sanskar Camp]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[Girls Club]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Namo Siddhanam']]></category>
		<category><![CDATA[Shri Mahavir Jinalaya Complex]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[Toll Naka]]></category>
		<category><![CDATA[चुंगी नाका]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[नमो सिद्धाणं’]]></category>
		<category><![CDATA[बाल संस्कार शिविर]]></category>
		<category><![CDATA[बालिका मंडल]]></category>
		<category><![CDATA[श्री महावीर जिनालय परिसर]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=83118</guid>

					<description><![CDATA[चुंगी नाका स्थित श्री महावीर जिनालय परिसर में रविवार को बाल संस्कार शिविर में सवा सौ से अधिक बच्चों ने सामूहिक भगवान जिनेंद्र का पूजन किया। यह कार्यक्रम बालिका मंडल के तत्वावधान में किया गया। बच्चों की यह भक्ति देखकर सभी अभिभूत हो गए। अंबाह से पढ़िए, अजय जैन की यह खबर&#8230; अंबाह। चुंगी नाका [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>चुंगी नाका स्थित श्री महावीर जिनालय परिसर में रविवार को बाल संस्कार शिविर में सवा सौ से अधिक बच्चों ने सामूहिक भगवान जिनेंद्र का पूजन किया। यह कार्यक्रम बालिका मंडल के तत्वावधान में किया गया। बच्चों की यह भक्ति देखकर सभी अभिभूत हो गए। <span style="color: #ff0000">अंबाह से पढ़िए, अजय जैन की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>अंबाह।</strong> चुंगी नाका स्थित श्री महावीर जिनालय परिसर में रविवार सुबह एक दुर्लभ और भावविभोर कर देने वाला दृश्य देखने को मिला। जब छोटे-छोटे बच्चों ने सामूहिक रूप से जिनेंद्र भगवान का विधिवत पूजन किया। यह कार्यक्रम बालिका मंडल के तत्वावधान में बाल संस्कार शिविर में किया गया। इसमें 125 से अधिक बच्चों ने भाग लिया। आयोजन का उद्देश्य बच्चों को धर्म से जोड़ना और उनमें जैन संस्कृति व जिनवाणी के संस्कार विकसित करना था। सुबह 8 बजे जैसे ही बच्चों ने पूजा प्रारंभ की, मंदिर परिसर ‘नमो अरिहंताणं, नमो सिद्धाणं’ जैसे मंगलकारी मंत्रों की दिव्य गूंज से पावन हो गया। बच्चे पूरी श्रद्धा, अनुशासन और भक्ति के साथ पूजन में लीन दिखाई दिए। मंदिर में उपस्थित श्रद्धालु भी उस दृश्य को अपलक निहारते रहे। जब बालक-बालिकाओं की यह अनुशासित टोली भक्ति में रम गई। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि आने वाली पीढ़ी को धर्म और संस्कृति से जोड़ने की प्रेरणादायक मिसाल भी पेश करता है। शिविर में उपस्थित श्रद्धालुओं ने इस शिविर को अत्यंत सराहनीय और प्रेरणादायक बताया।</p>
<p>बालिका मंडल प्रमुख राजुल जैन ने कहा आज धर्म की रक्षा का सबसे सरल उपाय यही है कि हम बच्चों को मंदिर लाएं, पूजा कराएं और उन्हें धर्म का महत्व समझाएं। श्रीकृष्ण जैन ने कहा कि यह दृश्य वर्षों बाद देखने को मिला। जब जिनालय बाल स्वर से गूंज उठा। उन्होंने पूजन शिविर को धर्म, सेवा और संस्कारों का संगम बताया। मंदिर ट्रस्ट और आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं, सेवाभावी दाताओं एवं माता-पिता का आभार जताते हुए कहा कि इस आयोजन से यह सिद्ध हो गया है कि यदि प्रयास सतत और समर्पण से भरे हों, तो बच्चों को भी धर्म की धारा से सहजता से जोड़ा जा सकता है। राहुल जैन, कपिल जैन ने कहा पूजन शिविर ने यह प्रमाणित किया कि आज के डिजिटल युग में भी अगर दिशा और संस्कार मिलें, तो बालमन धर्म की गहराइयों में उतर सकता है।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/more_than_125_children_worshipped_lord_jinendra/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>संस्कारों से जुड़ते बच्चे बनें जीवन निर्माण की नींव : संस्कार किताबों में नहीं, जीवन के आचरण में होते हैं </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/children_connecting_with_rituals_become_the_foundation_of_life_building/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/children_connecting_with_rituals_become_the_foundation_of_life_building/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 14 Jun 2025 07:36:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Celibacy]]></category>
		<category><![CDATA[Child Sanskar Camp]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain Shantinath Temple]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[Guidance]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Non-possession श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[Non-stealing]]></category>
		<category><![CDATA[Nonviolence]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[Truth]]></category>
		<category><![CDATA[अचौर्य]]></category>
		<category><![CDATA[अपरिग्रह]]></category>
		<category><![CDATA[अहिंसा]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन शांतिनाथ मंदिर]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[बाल संस्कार शिविर]]></category>
		<category><![CDATA[ब्रह्मचर्य]]></category>
		<category><![CDATA[मार्गदर्शन]]></category>
		<category><![CDATA[सत्य]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=82965</guid>

					<description><![CDATA[श्री दिगंबर जैन शांतिनाथ मंदिर में बुधवार को बाल संस्कार शिविर हुआ। शिविर में बड़ी संख्या में बालक-बालिकाओं ने भाग लिया। बच्चों को धर्म, संस्कृति और जीवन मूल्यों की शिक्षा दी गई। शिविर का उद्देश्य बच्चों को नैतिकता और आत्मिक विकास से जोड़ना रहा। शिविर का मार्गदर्शन श्रेयांश शास्त्री और हर्षित जैन ने किया। अंबाह [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>श्री दिगंबर जैन शांतिनाथ मंदिर में बुधवार को बाल संस्कार शिविर हुआ। शिविर में बड़ी संख्या में बालक-बालिकाओं ने भाग लिया। बच्चों को धर्म, संस्कृति और जीवन मूल्यों की शिक्षा दी गई। शिविर का उद्देश्य बच्चों को नैतिकता और आत्मिक विकास से जोड़ना रहा। शिविर का मार्गदर्शन श्रेयांश शास्त्री और हर्षित जैन ने किया। <span style="color: #ff0000">अंबाह से अजय जैन की पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>अंबाह।</strong> श्री दिगंबर जैन शांतिनाथ मंदिर में बुधवार को बाल संस्कार शिविर हुआ। शिविर में बड़ी संख्या में बालक-बालिकाओं ने भाग लिया। बच्चों को धर्म, संस्कृति और जीवन मूल्यों की शिक्षा दी गई। शिविर का उद्देश्य बच्चों को नैतिकता और आत्मिक विकास से जोड़ना रहा। शिविर का मार्गदर्शन श्रेयांश शास्त्री और हर्षित जैन ने किया। दोनों ने सरल भाषा में जैन धर्म के मूल सिद्धांतों अहिंसा, सत्य, अचौर्य, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह का महत्व समझाया। श्रेयांश शास्त्री ने कहा संस्कार किताबों में नहीं, जीवन के आचरण में होते हैं। बाल्यकाल में श्रेष्ठ विचार और धार्मिक अनुशासन मिलें, तो वही बच्चे आगे चलकर समाज की रीढ़ बनते हैं। हर्षित जैन ने आत्मा की पवित्रता और संयम पर जोर दिया।</p>
<p>उन्होंने कहा, आज का बालक यदि धर्म को समझ ले, तो कल वह सुशिक्षित और सुसंस्कृत नागरिक बनेगा। यही जैन धर्म की आत्मा है। सोनम अमित जैन टकसारी ने बच्चों को फल और पुरस्कार दिए। उन्होंने कहा, जैन समाज की शक्ति मंदिरों में नहीं, उन बच्चों में है जो धर्म को जीवन का आधार बनाते हैं। संस्कार ही जीवन को वृक्ष बनाते हैं। शिविर में धार्मिक कहानियाँ, प्रश्नोत्तरी, भजन, सामूहिक पाठ और गतिविधियाँ कराई गईं।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/children_connecting_with_rituals_become_the_foundation_of_life_building/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>आचार्यश्री विशुद्ध सागर जी महाराज का पट्टाचार्य महोत्सव 27 अप्रैल से: 450 पिच्छी की उपस्थिति में होगा यह महोत्सव </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/acharya_shri_vishuddha_sagar_ji_maharajs_pattacharya_festival_from_27th_april/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/acharya_shri_vishuddha_sagar_ji_maharajs_pattacharya_festival_from_27th_april/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 09 Apr 2025 06:20:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[27 अप्रैल से]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Shri Adisagar Ji Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Shri Mahavir Kirti Ji Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Shri Sanmatisagar Ji Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Shri Vimal Sagar Ji Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Shri Viragsagar Ji]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Shri Vishuddha Sagar Ji Maharaj]]></category>
		<category><![CDATA[Child Sanskar Camp]]></category>
		<category><![CDATA[Deshna Mandapam]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[from April 27]]></category>
		<category><![CDATA[Immersive Zone]]></category>
		<category><![CDATA[indore]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[jain samachar]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Pattacharya Festival]]></category>
		<category><![CDATA[Play Zone]]></category>
		<category><![CDATA[Projection Mapping]]></category>
		<category><![CDATA[Samavasaran]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[Sumatidham]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य श्री महावीर कीर्ति जी महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य श्री विमल सागर जी महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य श्री विरागसागर जी महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य श्री सन्मतिसागर जी महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्यश्री आदिसागर जी महाराज]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्यश्री विशुद्ध सागर जी]]></category>
		<category><![CDATA[इंदौर]]></category>
		<category><![CDATA[इमर्सिव जोन]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[देशना मंडपम]]></category>
		<category><![CDATA[पट्टाचार्य महोत्सव]]></category>
		<category><![CDATA[प्रोजेक्शन मेपिंग]]></category>
		<category><![CDATA[प्लेजोन]]></category>
		<category><![CDATA[बाल संस्कार शिविर]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[समवशरण]]></category>
		<category><![CDATA[सुमतिधाम]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=78622</guid>

					<description><![CDATA[इंदौर के इतिहास में पहली बार विशाल पट्टाचार्य महोत्सव होने जा रहा है। 27 अप्रैल से आरंभ होकर यह पांच दिवसीय कार्यक्रम 2 मई को पूर्ण होगा। इसमें देशभर के करीब 450 साधु-संत, साध्वियां और करीब 15 लाख श्रद्धालुुगण शामिल होंगे। इसके लिए तैयारियां की जा रही है। व्यवस्थाएं जुटाई जा रही हैं। इंदौर से [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>इंदौर के इतिहास में पहली बार विशाल पट्टाचार्य महोत्सव होने जा रहा है। 27 अप्रैल से आरंभ होकर यह पांच दिवसीय कार्यक्रम 2 मई को पूर्ण होगा। इसमें देशभर के करीब 450 साधु-संत, साध्वियां और करीब 15 लाख श्रद्धालुुगण शामिल होंगे। इसके लिए तैयारियां की जा रही है। व्यवस्थाएं जुटाई जा रही हैं। <span style="color: #ff0000">इंदौर से पढ़िए टीके वेद की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> आचार्यश्री आदिसागर जी महाराज की परंपरा में आचार्य श्री महावीर कीर्ति जी महाराज, आचार्य श्री विमल सागर जी महाराज, आचार्य श्री सन्मतिसागर जी महाराज एवं आचार्य श्री विरागसागर जी महाराज हुए। 3 जून 2024 को जालना महाराष्ट्र में पूर्ण चैतन्य अवस्था में आचार्य श्री विराग सागर जी महाराज ने अपने शिष्य आचार्य श्री विशुद्धसागर जी महाराज के लिए यह कहा कि हम चाहते हैं कि विशुद्धसागर जी महाराज का अपनी निःस्वार्थ भावना से, साधुओं में बिना राग द्वेष, प्रेम, वात्सल्य के साथ सभी का यथोचित ध्यान रखें। चर्या सभी श्रेष्ठ हों। बिना किसी जल्दबाजी के यह कार्यक्रम लगभग एक वर्ष बाद किया जा रहा है। इंदौर एवं जैन समाज में वात्सल्य और सेवा का कीर्तिमान बनाने वाले श्रेष्ठ श्रावक दंपत्ति ने स्व प्रेरणा से यह कार्यक्रम करने की भावना व्यक्त की। जिसे आचार्यश्री ने सहज स्वीकार कर यह दायित्व मनीष सपना गोधा गांधीनगर इंदौर को सौंपा। तभी से इस महोत्सव की तैयारियां की जा रही है तथा मनीष सपना गोधा दंपत्ति ने पूरे भारत वर्ष के सभी प्रमुख आचार्यों, श्रमणों को लगभग दो माह भ्रमण कर व्यक्तिगत निवेदन किया। इसमें देश भर के सभी संघों को बिना किसी भेदभाव के आमंत्रित किया गया। इसकी जो आमंत्रण पत्रिका बनी वह भी अविस्मरणीय और संग्रहणीय हो गई है। यह तय है कि समूचे भारत के इतिहास में इतने श्रमण और साध्वियां इसके पूर्व कभी एकत्रित नहीं हुए। लगभग 450 पिच्छी की उपस्थिति संभावित है।</p>
<p><strong><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-78625" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250409-WA0008.jpg" alt="" width="503" height="634" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250409-WA0008.jpg 503w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2025/04/IMG-20250409-WA0008-238x300.jpg 238w" sizes="(max-width: 503px) 100vw, 503px" />विशाल पांडाल में 25 हजार एक साथ बैठ सकेंगे</strong></p>
<p>इस कार्यक्रम के लिए जो मुख्य पांडाल बना है। उसे देशना मंडपम नाम दिया गया है। यह पूर्णतः वातानुकूलित होगा। इसमें एक साथ 25 हजार व्यक्तियों की बैठने की व्यवस्था रहेगी। श्रावकों के लिए 4 वातानुकूलित भोजनशाला होंगी। इसमें वीआइपी, सामान्य श्रावक, त्यागी वृत्ति, सोले के भोजन की अलग-अलग व्यवस्था रहेगी। श्रमणों और साध्वियों के लिए लगभग 400 चौकों की व्यवस्था की गई है। इच्छुक श्रावकों को ये चौके दिए गए है। अशुद्धि में जो माताजी रहेंगी, उनके लिए प्रथक व्यवस्था की गई हैं।</p>
<p><strong>सभी की ठहरने की अलग-अलग रहेगी व्यवस्था </strong></p>
<p>लगभग 40 एकड़ का विशाल पार्किंग होगा और 200 एकड़ भूमि में यह पूर्ण कार्यक्रम होगा। महोत्सव स्थल पर देश भी सभी प्रमुख सामाजिक संस्थाओं के वरिष्ठों को आमंत्रित किया गया है तथा उनके लिए पूर्ण व्यवस्थाएं की गई हैं। आचार्यो को सौभाग्य सदन में, मुनिसंघ आचार्य विमलसागर भवन में, आर्यिका माताजी आचार्य विराग सागर भवन में ठहरेंगे। इसके अलावा आचार्य श्री विरागसागर जी महाराज एवं आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के प्रकाशित ग्रंथों की भव्य प्रदर्शनी भी लगाई जा रही है। साथ ही बाल संस्कार शिविर, प्लेजोन, इमर्सिव जोन, समवशरण की रचना आदि भी रहेगी। प्रोजेक्शन मेपिंग के माध्यम से जैन आगम की सुंदर कहानियां, आदिनाथ गाथा, महावीर गाथा, सम्राट खारवेल गाथा, सांस्कृतिक कार्यक्रम, आधुनिक लेजर शो, ड्रोन शो भी दिखाया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय व्यक्ति प्राप्त स्वस्ति मेहुल जैन की भजन संध्या भी रखी गई है। इन कलाकारो की ख्याति इसलिए भी है कि देश के विश्वस्तरीय कार्यक्रम में यह अपनी प्रस्तुति दे चुके हैं।</p>
<p><strong>कार्यक्रम इस प्रकार रहेंगे</strong></p>
<p>27 अप्रैल को सुबह 6 बजे महावीर बाग से सुमतिधाम मंगल प्रवेश, सुबह 9 बजे प्रवचन देशना मंडपम में, आहारचर्या, सुबह 10.30 बजे, स्वाध्याय दोपहर 2.30बजे वात्सल्य मंडपम में, आचार्य भक्ति शाम 6 बजे आरती मंडपम में, आरती शाम 7.30 बजे आरती मंडपम में, प्रेजेक्शन मेपिंग 8 बजे आरती मंडपम में, लेजर शो, 8.30 बजे, सांस्कृतिक कार्यक्रम 9 बजे देशना मंडपम में होंगे। प्रोजेक्शन मेपिंग रात 11 बजे आरती मंडपम में होंगे। यह कार्यक्रम प्रतिदिन होंगे। इसके अलावा विशेष कार्यक्रमों में 27 अप्रैल को पत्रकार सम्मेलन, 28 अप्रैल को पूत्य गणाचार्य जी का पूजन, 29 अप्रैल को पूज्य आचार्यों को शास्त्र, सिंहासन और कमंडल भेंट, 30 अप्रैल को पट्टाचार्य महोत्सव, 1 मई को राष्ट्रीय संगोष्ठी तथा 2 मई को पूज्य गणाचार्य का जन्म जयंती समारोह किया जाएगा। इसके अलावा प्रतिदिन दोपहर में एक-एक सामाजिक संस्थाओं का गुरुदेव के सामने चर्चा, प्रतिनिधियों की सभा होगी। प्रवेश रजिस्ट्रेशन के आधार पर ही होगा। अभी तक लगभग 80 हजार लोग पंजीयन करवा चुके हैं। पांच दिवसीय कार्यक्रम में लगभग 15 लाख लोग शामिल होंगे।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/acharya_shri_vishuddha_sagar_ji_maharajs_pattacharya_festival_from_27th_april/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>स्वाध्याय भवन का हुआ शिलान्यास :  मोक्षमार्ग प्रशस्त हेतु स्वाध्याय भवन आवश्यक : पं. राजकुमार शास्त्री </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/foundation_stone_of_swadhyaya_bhawan_laid/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/foundation_stone_of_swadhyaya_bhawan_laid/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 08 Jun 2024 07:50:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Bal Sanskar Shivir]]></category>
		<category><![CDATA[Chaturmas]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[discourse]]></category>
		<category><![CDATA[Ghuwara श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Pilgrimage]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Tirthankara]]></category>
		<category><![CDATA[Lord Mahavira]]></category>
		<category><![CDATA[Mahavir Jinalay]]></category>
		<category><![CDATA[Pilgrimage]]></category>
		<category><![CDATA[Pilgrimage Site]]></category>
		<category><![CDATA[religious meeting]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Tirthankara]]></category>
		<category><![CDATA[घुवारा]]></category>
		<category><![CDATA[चातुर्मास]]></category>
		<category><![CDATA[जैन तीर्थ स्थल]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सोसायटी]]></category>
		<category><![CDATA[तीर्थ स्थल]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[धर्मसभा]]></category>
		<category><![CDATA[प्रवचन]]></category>
		<category><![CDATA[बाल संस्कार शिविर]]></category>
		<category><![CDATA[महावीर जिनालय]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=61716</guid>

					<description><![CDATA[महावीर जिनालय में चल रहे चतुर्थ बाल संस्कार एवं युगल शिविर के अवसर पर प्रसिद्ध समाजसेवी, स्वाध्यायी मास्टर चंद्रभान जैन नन्ना जी की स्मृति में स्वाध्याय भवन का शिलान्यास समारोह सैकड़ों महानुभावों की उपस्थिति में संपन्न हुआ। समारोह की अध्यक्षता वयोवृद्ध शीलचंद्र जी बारौ ने की। पढ़िए रत्नेश जैन रागी की रिपोर्ट&#8230; घुवारा। यहां के [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>महावीर जिनालय में चल रहे चतुर्थ बाल संस्कार एवं युगल शिविर के अवसर पर प्रसिद्ध समाजसेवी, स्वाध्यायी मास्टर चंद्रभान जैन नन्ना जी की स्मृति में स्वाध्याय भवन का शिलान्यास समारोह सैकड़ों महानुभावों की उपस्थिति में संपन्न हुआ। समारोह की अध्यक्षता वयोवृद्ध शीलचंद्र जी बारौ ने की।<span style="color: #ff0000"> पढ़िए रत्नेश जैन रागी की रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>घुवारा।</strong> यहां के महावीर जिनालय में चल रहे चतुर्थ बाल संस्कार एवं युगल शिविर के अवसर पर प्रसिद्ध समाजसेवी, स्वाध्यायी मास्टर चंद्रभान जैन नन्ना जी की स्मृति में स्वाध्याय भवन का शिलान्यास समारोह सैकड़ों महानुभावों की उपस्थिति में संपन्न हुआ। समारोह की अध्यक्षता वयोवृद्ध शीलचंद्र जी बारौ ने की तथा पं. राजकुमार शास्त्री उदयपुर के मुख्य आतिथ्य में डॉ. गुलाबचंद, निर्मल बारौ, सनत कुटौरा, दिनेश अमरमऊ के विशिष्ट आतिथ्य में पं. निलेश शास्त्री, पं. पीयूष शास्त्री द्वारा विधि विधान पूर्वक संपन्न कराया गया। शिलान्यासकर्ता ऋषि जैन, अनय जैन, शैलु जैन सुनवाहा वालों द्वारा एवं निर्माण सहयोग अशोक कुमार , आलोक दाऊ, अरविंद कुमार परिवार द्वारा शिलान्यास किया गया। सभा में उपस्थित सैकड़ों महिलाएं एवं पुरुष वर्ग को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि पं. राजकुमार शास्त्री ने स्वाध्याय भवन की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मोक्ष मार्ग प्राप्ति के लिए जिनमंदिर और स्वाध्याय भवन बहुत ही आवश्यक है।</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-61719" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/06/WhatsApp-Image-2024-06-08-at-1.18.02-PM.jpeg" alt="" width="1200" height="1600" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/06/WhatsApp-Image-2024-06-08-at-1.18.02-PM.jpeg 1200w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/06/WhatsApp-Image-2024-06-08-at-1.18.02-PM-225x300.jpeg 225w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/06/WhatsApp-Image-2024-06-08-at-1.18.02-PM-768x1024.jpeg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/06/WhatsApp-Image-2024-06-08-at-1.18.02-PM-1152x1536.jpeg 1152w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/06/WhatsApp-Image-2024-06-08-at-1.18.02-PM-990x1320.jpeg 990w" sizes="(max-width: 1200px) 100vw, 1200px" />जिस तरह लौकिक जीवन में स्वाध्याय और शिक्षा के लिए अस्पताल एवं विद्यालय आवश्यक है, उसी प्रकार मोक्ष मार्ग प्राप्त करने के लिए स्वाध्याय भवन आवश्यक है। इस अवसर पर प्रमुख रूप से प्रमोद ,उत्तमचंद जैन, अमन जैन ,राजाराम बारौ, सुनील जैन आदि का सहयोग रहा। सेठ उदयचंद जैन, संतोष पाटन, शैलेश जैन, पदमचंद जैन, सेठ मुन्नी लाल,नरेंद्र कुमार की गरिमामयी उपस्थिति में कार्यक्रम संपन्न हुआ। महिला वर्ग के रूप में कुमारी प्रशंसा जैन, अनुभूति जैन, मानसी जैन, श्रेया जैन, सरोज जैन तथा हर्षित शास्त्री का विशेष सहयोग प्राप्त रहा। संपूर्ण सभा का संचालन युवा विद्वान नीलेश शास्त्री द्वारा किया गया।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/foundation_stone_of_swadhyaya_bhawan_laid/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>अहिंसा-करुणा के संकल्प से हुआ शिविर का समापन : 2100 बच्चों ने सीखे जैनत्व के संस्कार </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/2100_children_learned_the_rites_of_jainism/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/2100_children_learned_the_rites_of_jainism/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 09 May 2023 12:14:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Bal Sanskar Camp श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[Camp]]></category>
		<category><![CDATA[Digamber Jain]]></category>
		<category><![CDATA[indore]]></category>
		<category><![CDATA[jain dharm]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain religion]]></category>
		<category><![CDATA[Jainism]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[Young Jain Study Group]]></category>
		<category><![CDATA[इंदौर]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सोसायटी]]></category>
		<category><![CDATA[जैनत्व]]></category>
		<category><![CDATA[बाल संस्कार शिविर]]></category>
		<category><![CDATA[यंग जैन स्टडी ग्रुप]]></category>
		<category><![CDATA[शिविर]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=43766</guid>

					<description><![CDATA[यंग जैन स्टडी ग्रुप के पं. प्रकाश छाबड़ा द्वारा आयोजित 8वें बाल संस्कार शिविर का समापन सन्मति जैन स्कूल में हुआ। सात लेवल में विभाजित 50 कक्षाओं में डिजिटल सामग्री के माध्यम से जैन दर्शन के अनुयोगों का अध्ययन अनेक विद्वानों ने कक्षाओं में कराया। पढ़िए राजेन्द्र जैन &#8216;महावीर&#8217; की रिपोर्ट&#8230; इंदौर। यंग जैन स्टडी ग्रुप [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>यंग जैन स्टडी ग्रुप के पं. प्रकाश छाबड़ा द्वारा आयोजित 8वें बाल संस्कार शिविर का समापन सन्मति जैन स्कूल में हुआ। सात लेवल में विभाजित 50 कक्षाओं में डिजिटल सामग्री के माध्यम से जैन दर्शन के अनुयोगों का अध्ययन अनेक विद्वानों ने कक्षाओं में कराया।</strong><span style="color: #ff0000;"><strong> पढ़िए राजेन्द्र जैन &#8216;महावीर&#8217; की रिपोर्ट&#8230;</strong></span></p>
<hr />
<p><strong>इंदौर।</strong> यंग जैन स्टडी ग्रुप के पं. प्रकाश छाबड़ा द्वारा आयोजित 8वें बाल संस्कार शिविर का समापन सन्मति जैन स्कूल में हुआ। सुव्यवस्थित, समयबद्धता के साथ आधुनिक तकनीक के उपयोग से संचालित इस शिविर में एक मई से 8 मई तक 2100 बच्चों ने प्रातः पूजन कर अष्ट द्रव्यों को चढ़ाया, वहीं उनका अर्थ भी समझा। सात लेवल में विभाजित 50 कक्षाओं में डिजिटल सामग्री के माध्यम से जैन दर्शन के अनुयोगों का अध्ययन अनेक विद्वानों ने कक्षाओं में कराया।</p>
<p>पं. प्रकाश छाबड़ा, जो कि अमेरिकी कम्पनी माइक्रोसाफ्ट वर्ल्ड में साफ्टवेयर इंजीनियर रहे हैं, ने बताया कि संस्कार शिविर में आने वाले बच्चे न केवल जैनत्व सीखते हैं बल्कि वे अपने जीवन में अहिंसा-दया, करुणा, क्षमा के साथ विनयशीलता और जीवन जीने की कला भी सीखते हैं। आधुनिक संसाधनों के प्रयोग से जीवन में आ रहे परिवर्तन को सकारात्मक ढंग से उपयोग करने की कला भी शिविर में सिखाई गई है। प्रत्येक कार्य करने का नहीं का कारण बच्चों को तथ्यों के साथ बताने से बच्चे उसे स्वीकार कर जीवन में लागू करते हैं।</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-43771" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-09-at-5.40.35-PM.jpeg" alt="" width="577" height="1280" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-09-at-5.40.35-PM.jpeg 577w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-09-at-5.40.35-PM-135x300.jpeg 135w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-09-at-5.40.35-PM-462x1024.jpeg 462w" sizes="(max-width: 577px) 100vw, 577px" /><br />
<strong>इनका रहा सहयोग</strong><br />
आठ दिवसीय शिविर में पं. रतनलालजी शास्त्रि, सांसद शंकर लालवानी, पंकज संघवी, अतिरिक्त कलेक्टर सपना जैन, डिप्टी कमिशनर अनुराग जैन, सोनाली जैन, जिला कमान्डेंट सुमत जैन, अतिरिक्त कमिश्नर वीरेन्द्र जैन, वरिष्ठ अधिवक्ता वीर कुमार जैन सेल टेक्स आफिसर आलोक जैन, वरिष्ठ समाजसेवी किरण जैन, अर्पित, मोहिनी जैन, सुनील जैन (अरिहंत केपिटल), अमित कासलीवाल, राजकुमार पाटोदी, राकेश विनायका, विपुल झल, दिलीप डोसी, प्रदीप बड़जात्या, राहुल पटेल, अभीजीत जैन, सुनील शाह, दिलीप गोवा, मनोज गोधा, नेम लुहाड़िया, संजय जैन बड़नगर, अशोक बड़जाता, कैलाश वेद, एम.के.जैन, अविनाश सेठी, विजित-नव्य रामावत, प्रभा मनीष गोधा, नवीन- शिवानी गोवा, आनंद अनिता गोधा, राजेश लारेल, ज्ञानेश जैन, सुनील जैन, राजेश जैन, महेश अग्निहोत्री, राजकुमार शाह, प्रीतेश जैन, निलेश पाटोदी, रीतेश, आशीष डोसी, राजकुमार जैन, राजेश वेद, राजकुमार बड़जात्या मुकेश व सौरभ जैन, सुनील वल, अजय मिटा जैन, अखिलेश जैन, निलेश पाटोदी, जयश्री टोंग्या आदि वरिष्ठजनों ने शिविर का अवलोकन कर प्रसन्नता व्यक्त की। अनेक कार्यकर्ताओं ने मिलकर आयोजन को सफल बनाया। प. प्रकाश छाबड़ा ने बताया कि जैनत्व के संस्कार भारतीय संस्कृति को सुदृढ़ बनाते हैं। एक संस्कारी बालक देश का जिम्मेदार नागरिक बनता है, इसलिए ऐसे शिविर अत्यन्त आवश्यक है, जो प्रतिवर्ष आयोजित किए जाएं। शिविर में सम्मिलित छात्र शिविरार्थियों के पंजीयन से लेकर उनके आने-जाने आदि समस्त कार्यों का रिकार्ड डिजिटल रूप से रखा जाता है। उल्लेखनीय है कि अभी तक दस हजार से अधिक विद्यार्थी जैनत्व सीख चुके हैं व जैन जीवन पद्धति का प्रयोग अपनी जीवन शैली में कर रहे हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/2100_children_learned_the_rites_of_jainism/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
